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Eshan KhanEshan KhanFollow27 Aug 2024, 03:53 am

झांसी में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव रहे मुख्य अतिथि

Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बुंदेलखंड की शान, पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व ब्लाक प्रमुख कैलाश यादव, राजेंद्र सिंह यादव, गोकुल दुबे, नरेश यादव बब्बा, चंद्र प्रकाश मिश्रा और अरविंद वशिष्ठ सहित कई सम्मानित नेता भी उपस्थित रहे। सभी का जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर जबलपुर और भोपाल से आए सिंगर्स ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।

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Dalai Lama का Leh के Devachan Campus दौरा: शिक्षा और शांति के लिए आशीर्वाद

Aram Pora, Ganderbal, Leh, Ladakh | 9 August 2026: The Mahabodhi International Meditation Centre (MIMC), Leh, was blessed with the historic and deeply auspicious visit of His Holiness the 14th Dalai Lama to its Devachan Campus today. His Holiness’s visit holds special significance as it comes 32 years after his first historic visit to the campus in 1994, when he inaugurated and blessed the Devachan Campus at a time when Mahabodhi was still largely a dream and a vision for the future. Today, His Holiness returned to the same campus, blessing its continued journey of education, healthcare, meditation, humanitarian service, environmental responsibility, world peace, and universal compassion. The programme began with a reverential welcome to His Holiness by Ven. Bhikkhu Sanghasena, Founder and Spiritual Director of MIMC, along with monks, nuns, students, staff, volunteers, and members of the Mahabodhi family. As a mark of deep reverence and gratitude, Ven. Bhikkhu Sanghasena offered traditional offerings to His Holiness, followed by his address to His Holiness and the gathering. He recalled the historic beginning of the Devachan Campus and expressed profound gratitude for His Holiness’s continued blessings and guidance over the past more than three decades. Ven. Bhikkhu Sanghasena highlighted the guiding principles of Mahabodhi, particularly “Meditation in Action and Compassion in Action,” inspired by His Holiness’s teachings on compassion, wisdom, non-violence, universal responsibility, and the fundamental understanding that we are all one human family.
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खोखसाहा नहर पर जुगाड़ पुल से बच्चों के स्कूल जाना जोखिम भरा

Saharsa, Bihar:खबर सहरसा से है जहाँ सौरबाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पश्चिमी पंचायत के भगवान पुर स्थित खोखसाहा गांव में नहर पर बना जुगाड़ पुल बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहा है. नहर पर बिजली के खम्भे से बने जुगाड़ पुल से आवागमन करना लोगों की मजबूरी बन गई है. ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए आवाजाही का एक मात्र सहारा बिजली के खम्भे से बना यह पुल है. बच्चे और शिक्षक जान जोखिम में डालकर पुल पार करके स्कूल जाने पर मजबूर हैं. लोगों के बीच डर बना रहता है कि पुल पार करते समय बच्चों के साथ कोई बड़ी घटना ना हो जाए. इसको लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता और जिला प्रशासन से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है. यहाँ पुल बन जाने से छात्रों को नजदीक के NPS विद्यालय खोखसाहा जाने में सुविधाएं मिलेंगी और आसपास के गांव के लोगों को भी शहर आने-जाने में काफी सहूलियत होगी.
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बिलासपुर बस अड्डे पर पानी की कमी से यात्रियों को भारी परेशानी

Bilaspur, Chhattisgarh:स्लग- पानी की किल्लत से जूझ रहा बिलासपुर का बस अड्डा, पिछले चार दिनों से पीने के पानी व शौचालय में पानी की कमी से परेशान है राहगीर तो रोजाना काफी संख्या में बस अड्डा आते हैं यात्री, पानी की समस्या को दूर करने की लोगों ने विभाग से करी अपील तो अड्डा प्रभारी ने संबंधित कार्यवाही का दिया आश्वासन. गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश का केंद्र बिंदू बिलासपुर शहर के बस अड्डे पर रोजाना शिमला, धर्मशाला व कुल्लू, मनाली जाने वाले काफी संख्या में यात्री बसों का इंतजार करते हैं, ऐसे में पीने के लिए स्वच्छ जल की उपलब्धता ना होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं बसों के चालकों व परिचालकों को भी पानी की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। दूसरी ओर बस अड्डे पर यात्रियों के लिए बनाई गई शौचालय सुविधा भी पानी की कमी के चलते प्रभावित है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पानी की किल्लत को दूर करने के लिए शौचालय संचालक को अन्य स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है या फिर टैंकर के सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चार दिनों से बस अड्डा बिलासपुर में पानी की कमी देखने को मिल रही है जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने जलशक्ति विभाग व बस अड्डा प्रबंधन से पानी की उचित व्यवस्था करने की अपील की है। वहीं इस बावत बस अड्डा प्रभारी फिरोज खान का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया था और चैकिंग के दौरान पता चला कि पाइप जाम होने की वजह से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिसके समाधान के लिए पाइप बदलवाने व डिस्पेंसरी के पास से पानी का कनेक्शन लेने की बात विभाग द्वारा कही गयी है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को बता दिया गया है और जल्द ही कोई उचित समाधान निकाला जाएगा ताकि पानी की कमी से निपटा जा सके。
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सहरसा के स्कूल में तीन कमरों में 350 बच्चे, बरामदा पढ़ाई— दावों पर सवाल

Saharsa, Bihar:एंकर - एक तरफ सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षा को लेकर बड़े - बड़े दावे करती है, लेकिन दूसरी तरफ सरकार के इन दावों की हकीकत कुछ और ही है. इसकी पड़ताल के लिए जब zee मिडिया की टीम सहरसा मुख्यालय के महावीर चौक स्थित मध्य विद्यालय पश्चिम स्कूल reached तो वहाँ के हालात कुछ और ही थे. तीन कमरों में चल रहे इस स्कूल में करीब साढ़े तीन सौ बच्चे नामांकित है, लेकिन बच्चों को बैठने तक के लिए जगह नहीं हैं, एक कमरे में दो - दो ब्लैक बोर्ड और दो - दो कक्षाओं की एक साथ पढ़ाई कराई जाती है एक कमरे में दो शिक्षक एक दूसरे के विपरीत बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं कौन क्या पढा रहा है यह बच्चो के समझ मे नही आ रहा, वहीं छोटे छोटे नौनिहाल बच्चे इस भीषण गर्मी में स्कूल के बरामदे पर बैठकर पढ़ने को विवश हैं. स्कूल में भवन की कमी रहने से एक कमरे में चौथी और पांचवी क्लास को पढ़ाया जाता है जबकि छठी और सातवीं क्लास के बच्चों को भी इसी तरह एक ही कमरे में दो दो ब्लैक बोर्ड लगाकर पढ़ाया जाता है.ऐसे में बच्चे क्या शिक्षा ग्रहण करते होंगे यह आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं, ऐसा नहीं है कि स्कूल प्रसासन द्वारा विभाग को अवगत नहीं कराया गया है, पिछले कई सालों से स्कूल प्रसासन विभाग को लिखित सूचना दी है लेकिन विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं तक रेंग रही है. स्कूल का जायजा लिया जी मिडिया संवाददाता विशाल ने.
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आशोक कीर्तनियार के हस्तक्षेप से 30 मिनट में भू-अधिकार लौटे, पूर्व सैनिक को जमीन मिली

Kolkata, West Bengal:রাজ্যের খাদ্যমন্ত্রী অশোক কীর্তনীয়ার হস্তক্ষেপে মাত্র ৩০ মিনিটের ব্যবধানে মিটে গেল দীর্ঘদিন ধরে ঝুলে থাকা জমির জট! ভুয়ো নথি দেখিয়ে খাস জমি দখলের অভিযোগ উঠেছিল এক দুষ্কৃতীর বিরুদ্ধে। তবে মন্ত্রীর নজর পড়তেই আধ ঘণ্টার মধ্যে নড়েচড়ে বসল ভূমি রাজস্ব দপ্তর। দ্রুত সংশোধন করা হলো রেকর্ডের ভুল এবং জমি ফিরিয়ে দেওয়া হলো তাঁর প্রকৃত মালিক— এক অবসরপ্রাপ্ত সেনাকর্মীকে। ঘটনাটি ঘটেছে বাগদা থানার মণ্ডপঘাটা এলাকায়। বাগদার মণ্ডপঘাটার বাসিন্দা প্রাক্তন সেনা‌কর্মী গোকুলচন্দ্র মজুমদার সেনা থেকে অবসর নেওয়ার পর সরকার কর্তৃক শিঙ্গি গ্রামে প্রায় পাঁচ বিঘা জমি পান। অভিযোগ, রাজ্যে তৃণমূল সরকার ক্ষমতায় আসার পর থেকেই রাজনৈতিক প্রভাব খাটিয়ে গোকুলবাবুর পরিবারকে ওই জমিতে ঢুকতে বাধা দেওয়া হতো। স্থানীয় তৃণমূল নেতাদের মদতে ওই পাঁচ বিঘা জমির মধ্যে প্রায় দেড় বিঘা জমি সম্পূর্ণ জবরদখল করে নেয় ঝড়ু বিশ্বাস নামের এক ব্যক্তি। শুধু দখলই নয়, টাকার বিনিময়ে জাল কাগজপত্র তৈরি করে জমিটি নিজের নামে রেকর্ডও করিয়ে নেয় সে। বহু চেষ্টা করেও যখন জমি উদ্ধার সম্ভব হচ্ছিল না, তখন বিষয়টি নিয়ে খাদ্যমন্ত্রী অশোক কীর্তনীয়ার দ্বারস্থ হয় সেনাকর্মীর পরিবার । মন্ত্রী খবর পাওয়া মাত্রই বিষয়টি গুরুত্ব সহকারে দেখেন এবং ভূমি রাজস্ব দপ্তরের ওপর চাপ সৃষ্টি হয়। মন্ত্রীর বার্তা পাওয়ার মাত্র ৩০ মিনিটের ব্যবধানে বিএলএলআরও (BL&LRO) আধিকারিকরা পুরো রেকর্ডের ভোল বদলে দেন। বেআইনি দখলদারের নাম কেটে জমিটি পুনারায় গোকুলচন্দ্র মজুমদারের নামেই রেকর্ড করে ফিরিয়ে দেওয়া হয়। প্রতারিত সেনা‌কর্মীর পরিবারের স্পষ্ট অভিযোগ, এতদিন ধরে স্থানীয় তৃণমূল নেতাদের প্রত্যক্ষ সহযোগিতাতেই জোরপূর্বক জমি দখল এবং পরবর্তীতে ভুয়ো নথি বানিয়ে বেআইনিভাবে রেকর্ডের খেলা চলছিল। তবে অবশেষে মন্ত্রীর হস্তক্ষেপে নিজেদের জমি ফিরে পাওয়ায় স্বস্তির নিঃশ্বাস ফেলেছে সেনা‌কর্মীর পরিবার。
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दरभंगा की भावना कंठ पहली भारतीय महिला टॉप गन फाइटर पायलट बन गईं

Darbhanga, Bihar:दरभंगा की बेटी भावना कंठ ने रचा इतिहास, ‘टॉप गन’ बनने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर पायलट दरभंगा। घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव की बेटी और भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट भावना कंठ ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर मिथिलांचल का नाम रोशन किया है। उन्होंने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) में 20 सप्ताह का प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस उपलब्धि के साथ वह इस स्तर का प्रशिक्षण हासिल करने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी हैं। FCL को भारतीय वायुसेना के कठिन एडवांस्ड कॉम्बैट कोर्स में माना जाता है। इसमें हवाई युद्ध की रणनीति, मिशन प्लानिंग और जटिल युद्धक परिस्थितियों में नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी कारण इस स्तर के प्रशिक्षित पायलटों को आम बोलचाल में ‘टॉप गन’ कहा जाता है। भावना कंठ इससे पहले भी देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। वर्ष 2016 में वह भारत की शुरुआती महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुईं और 2019 में लड़ाकू विमान से दिन के समय कॉम्बैट मिशन के लिए योग्यता हासिल की। भावना की उपलब्धि से बाउर गांव समेत पूरे मिथिलांचल में खुशी का माहौल है। उनके दादा नरेंद्र कुमार दास उर्फ बच्चन ने कहा कि भावना ने प्रारम्भिक शिक्षा गांव के सरकारी विद्यालय से हासिल की थी और बचपन से ही प्रतिभाशाली थीं। उनकी चाची किरण देवी ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि भावना ने अपनी मेहनत से पूरे गांव और बिहार का मान बढ़ाया है।
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74 साल की कृष्णा बम की 42 साल चली डाक कांवड़ यात्रा पर भक्तों की भीड़

Naya Chak, Bihar:एंकर - सावन की सोमवारी से ठीक एक दिन पहले अगर सुल्तानगंज की कच्ची कांवड़िया पथ पर एक चेहरा नजर न आए, तो मानिए श्रावणी मेले की तस्वीर कुछ अधूरी सी है... ये चेहरा कृष्णा बम का। उम्र 74 साल, लेकिन जोश और उत्साह 24 साल का... कदमों में रफ्तार और दिल में सिर्फ महादेव। सुल्तानगंज से देवघर तक लाखों श्रद्धालुओं के बीच कृष्णा बम का इंतजार हर साल बेसब्री से होता है। आज एक बार फिर जैसे ही वह नमामि गंगे घाट पहुँचीं, श्रद्धालुओं में उन्हें देखने और उनके साथ तस्वीर लेने की होड़ मच गई। उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई, गंगाजल उठाया और फिर निकल पड़ीं बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जल चढ़ाने। कृष्णा बम की ये यात्रा कोई एक-दो साल पुरानी नहीं, बल्कि 42 साल से लगातार जारी है। यानी चार दशक से भी ज्यादा वक्त से सुल्तानगंज की गंगा से जल लेकर वह डाक बम के रुप में करीब 105 किलोमीटर की दूरी तय कर देवघर पहुंचती हैं। रास्ते में श्रद्धालु उनके पैर छूने को बेताब दिखते हैं, तो कई लोग उनकी एक झलक पाने के लिए इंतजार करते नजर आते हैं। प्रशासन भी रास्ते की सुरक्षा और सुविधाओं का खास ख्याल रखता है। 74 की उम्र में भी कृष्णा बम की ऊर्जा देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। महादेव के प्रति ऐसी आस्था कि हजारों किलोमीटर पैदल चलकर कई ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों में जल चढ़ा चुकी हैं। साथ ही, साइकिल से भी हजारों किलोमीटर की धार्मिक यात्राएं कर चुकी हैं। सबसे पहले उन्होंने 1974 में मुजफ्फरपुर के पहलेजा घाट से डाक कर उठाया और बाबा गरीब नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया था; 1986 तक वहां जलार्पण किया, इससे पहले 1982 से सुल्तानगंज से देवघर डाक कंवर की यात्रा शुरू कर दी थी जो अब तक अनवरत जारी है। वह हरिद्वार से देवघर के लिए पैदल यात्रा कर चुकी हैं और गंगोत्री से रामेश्वरम की 85 दिनों की पैदल यात्रा की थी; तीन बार वे साइकिल से मुजफ्फरपुर से वैष्णो देवी भी जा चुकी हैं। कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर चुकी हैं, पाकिस्तान जाकर कटासराज जी महाराज महादेव मंदिर समेत कई शक्तिपीठ के दर्शन कर चुकी हैं। कृष्णा बम के लिए यह सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि महादेव के प्रति समर्पण है... यही वजह है कि हर साल सावन में सुल्तानगंज से देवघर तक उनकी कहानी खुद एक आकर्षण बन जाती है। आज बाबा बैद्यनाथ के दरबार की ओर रवाना होने से पहले कृष्णा बम ने Zee Media से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि 42 साल बाद भी उनके कदम क्यों नहीं रुकते और आखिर महादेव की भक्ति उन्हें इतनी ताकत कहां से देती है।
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भाटी ने ट्री प्रोटेक्शन एक्ट समेत मुद्दों पर सरकार को घेरा

Jodhpur, Rajasthan:सर्किट हाउस में आमजन से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ट्री प्रोटेक्शन एक्ट, लोहावट भंवरी देवी हत्याकांड, ओबीसी आरक्षण, UCC, निकाय और छात्रसंघ चुनाव सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। भाटी ने कहा कि बीकानेर में 36 कौमों के आंदोलन और विशेष रूप से बिश्नोई समाज के आंदोलन के बाद सरकार ने सदन में जल्द ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लाने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब एक साल बीतने के बावजूद कानून नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए। राजस्थान के पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए मजबूत कानून जरूरी है। उन्होंने मांग की कि एक्ट का नाम मां अमृता देवी ट्री प्रोटेक्शन एक्ट रखा जाए। लोहावट के भंंवरी देवी हत्याकांड पर भाटी ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को न्याय के लिए भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है, यह बेहद गंभीर स्थिति है। उन्होंने पीड़ित परिवार और आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहने की बात कही। राजनीतिक भविष्य पर भाटी ने कहा कि वे न कांग्रेस में जा रहे हैं और न भाजपा में। वे जनता के साथ हैं और आगे भी जनता जो आदेश देगी, उसी के अनुसार चलेंगे। निकाय चुनाव में भी जनता के साथ रहने की बात कही। ओबीसी आरक्षण पर उन्होंने कहा कि कई ओबीसी समुदायों को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा। सरकार और विपक्ष को मिलकर इन समुदायों की आवाज उठानी चाहिए। UCC पर भाटी ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। वहीं छात्रसंघ चुनाव की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव नई पीढ़ी को राजनीति में आने का अवसर देते हैं। उन्होंने सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की और छात्र नेताओं के साथ खड़े रहने की बात कही।
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विजयपुर में CEO के साथ गाली-गलौच पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर विजयपुर में जनपद पंचायत CEO के साथ गाली-गलौच के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। मामले में अभी तक भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस विधायक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है विधायक मुकेश मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में आमजन के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों का भी शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह विजयपुर जनपद CEO के साथ गाली-गलौच की गई, वह निंदनीय है। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विधायक का कहना है कि यदि सरकारी अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार होता है और अब तक कार्रवाई नहीं होती, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
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नरसिंहपुर में 48 घंटे से भारी बारिश, जलजमाव से यातायात बुरी तरह प्रभावित

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले में बीते 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आफत मचा दी है। दो दिनों से जारी झमाझम बारिश की वजह से शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर जल स्तर इतना बढ़ गया है कि प्रशासन के दावों की पोल पूरी तरह से खुल चुकी है। ​हालत यह हो गई है कि आम जनता तो दूर, अब अधिकारियों की गाड़ियां भी पानी में समा रही हैं। ताजा मामला गोटेगांव से सामने आया है, जहां गश्ती पर निकले गोटेगांव SDOP की गाड़ी उफनते पानी के बीच फंस गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके बाद आनन-फानन में ट्रैक्टर की मदद से काफी मशक्कत के बाद गाड़ी को खींचकर बाहर निकाला गया। बारिश के इस तांडव से न सिर्फ सड़कों पर पानी भरा है, बल्कि कई निचले इलाकों और रिहाइशी बस्तियों में भी जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। जगह-जगह पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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बेतिया के चौमुखा में बुलाही पुल ध्वस्त, दो पंचायतों का संपर्क बाधित

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां योगापट्टी के चौमुखा में बुलाही पुल ध्वस्त हो गया है। चौमुखा मंगलपुर पंचायत को जोड़ने वाला पुल ध्वस्त हो गया है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल का दोनों तरफ का एप्रोच पथ ध्वस्त हो गया है। दो पंचायतों का सड़क संपर्क भंग हो गया है। गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीण बोरा में बालू भर पानी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। तीन महीने पहले ही पुल का निर्माण हुआ था। दोनों तरफ का एप्रोच पथ ध्वस्त हो गया है। पुल का पाया भी क्षतिग्रस्त हो गया है। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर से दियारे इलाके में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बड़हरवा मदारपुर चौमुखा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है जिससे ग्रामीण परेशान हैं। मुखिया मुकेंद्र यादव ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि क्षतिग्रस्त सड़क को अविलंब मरम्मत किया जाय ताकि लोगों का आवागमन बहाल हो सके।
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असम में बाढ़ से 99 मौत, बोकाजान में 200+ घर जलमग्न, संडे बाजार डूबा

Guwahati, Assam:पूरे असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो चुकी है बोकाजान में बाढ़ का कहर: 200+ घर जलमग्न, लाहोरिजान संडे बाजार डूबा कार्बी आंगलोंग। कार्बी आंगलोंग जिले के बोकाजान विधानसभा क्षेत्र में पिछले 12 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। धनरी नदी और उसकी सहयोगी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने से महकमे के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। इसके साथ ही हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि भी बाढ़ की चपेट में आ गई है。 लाहोरिजान सबसे ज्यादा प्रभावित जानकारी के अनुसार सबसे बुरी स्थिति सीमावर्ती क्षेत्र लाहोरिजान की है। कल देर रात अचानक पानी बढ़ने से लाहोरिजान का प्रसिद्ध संडे बाजार और आसपास के 100 से अधिक घर पानी में डूब गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते पूरा बाजार उसकी चपेट में आ गया。 लोग घर का सामान छोड़कर जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए। लाहोरिजान रेलवे टनल के पास पानी का तेज बहाव देखकर ही रूह कांप जाती है। यहां एक बस भी बहाव में फंस गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सड़क, पुल और स्कूल भी डूबे केवल लाहोरिजान ही नहीं, बलिपथार, जपराजान और देओपानी इलाकों में भी पहाड़ों से आए पानी ने तबाही मचाई है। राष्ट्रीय राजमार्ग NH-39 सहित कई घरों, दुकानों और स्कूलों में पानी भर गया है। देर रात अचानक पानी गांव में घुसने से लोगों के बीच अफरातफरी मच गई。 देओपानी अंचल में बाढ़ के पानी से 50 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही कई मुर्गी फार्म और पालतू पशुओं की भी पानी में डूबने से मौत हो गई。 200+ घर क्षतिग्रस्त, एक युवक की मौत अनाधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बोकाजान विधानसभा क्षेत्र के लाहोरिजान, देओपानी और जपराजान में 200 से अधिक घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भरा हुआ है। बाढ़ से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में लगी फसलें नष्ट हो गई हैं। कई दुकानें और स्कूल भी पानी में डूब गए हैं。 लाहोरिजान इलाके में पानी के तेज बहाव से सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसी बीच लाहोरिजान के बासबारी इलाके में बाढ़ के पानी में बह जाने से 23 वर्षीय एक युवक की मौत की सूचना है। खबर लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। राहत कार्य जारी, 48 घंटे और बारिश की चेतावनी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महकमा प्रशासन और SDRF की टीम बाढ़ पीड़ितों को निकालने और राहत कार्य में जुटी हुई है। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर बनाए जा रहे हैं。 मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.
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