icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
284001
Eshan KhanEshan KhanFollow25 Nov 2024, 02:00 pm

शिवाकांत की शानदार हैट्रिक : इंजीनियरिंग और सतीश के ऑलराउंडर प्रदर्शन से ऑपरेटिंग फाइनल में पहुंची

Jhansi Rly. Settl, Uttar Pradesh:झांसी सीनियर रेलवे इंस्टिट्यूट के तत्वावधान में रेलवे की अंतर विभागीय T-20 लेदर बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता में आज पहला सेमीफाइनल मैच ऑपरेटिंग और आरसीएनके की टीमों के बीच खेला गया जिसमें ऑपरेटिंग ने 224 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया जिसमें अमित मिश्रा ने शानदार 50 रन फुरकान ने 39 रन और सतीश ने 28 रन की पारी खेली आरसीएनके की तरफ से राजेन्द्र मीणा ने 2 और राज बहादुर ने 1 विकेट लिया 225 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीएनके 70 रन पर ही ढेर हो गई जिसमें राजेंद्र मीणा ने 24 रन का योगदान दिया l
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

AISA के Gen Z अभियान के तहत यूपी में जन-जागरूकता यात्रा की शुरुआत

Lucknow, Uttar Pradesh:लेफ्ट स्टूडेंट यूनियन संगठन AISA gen z राइजिंग अभियान यूपी चैप्टर के तहत प्रदेश में gen z महा जुटान यात्रा शुरू करने जा रहा है। 9 सितंबर प्रयागराज से यात्रा शुरू होकर 18 सितंबर मेरठ में खत्म होगी 17 सितंबर को लखनऊ में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे। लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान aisa के राष्ट्रीय महासचिव प्रसनजीत कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में छात्रों के मुद्दों को उठाने के लिये दिल्ली जैसा ही माहौल बनाना पड़ेगा यूपी में सीएम योगी की कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि पहले भी छात्र इकट्ठा होते रहे हैं आगे भी होंगे जंतर मंतर जैसी स्थिति बनानी पड़ेगी। सरकार किसी की भी हो छात्रों को अपने हक के आंदोलन करना पड़ा है。
0
0
Report

उत्तरी दिल्ली में तेज बारिश से गर्मी घटने की उम्मीद, जलभराव का खतरा

New Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली में शुरू हुई बारिश, उमस भरी गर्मी से राहत की उम्मीद उत्तरी दिल्ली में दोपहर होते-होते मौसम ने करवट ली और कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। बुराड़ी, वजीराबाद, संगम विहार, तिमारपुर और सिविल लाइंस इलाके में बारिश के बाद मौसम सुहावना होने की उम्मीद है。 लगातार उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिलने की संभावना है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने और गर्मी का असर कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है। स्थानीय लोगों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है。
0
0
Report
Advertisement

25 साल का कब्जा टूटा, कोर्ट के आदेश पर दुकान खाली—मंजूरुल हक को मिला कब्जा

VKVasim KhanFollowJust now
Muhammadabad, Uttar Pradesh:मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। करीब 25 वर्षों से चले आ रहे दुकान विवाद में मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए दुकान खाली कराकर मोहल्ला शेखवाड़ा निवासी मंजूरुल हक को कब्जा दिलाया। मंजूरुल हक के अनुसार, दुकान पर करीब 25 वर्षों से महमूद आलम कब्जा किए हुए थे। उनका आरोप है कि इस दौरान किराया और बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया। उनके मुताबिक करीब दो लाख रुपये का बिजली बिल उन्होंने स्वयं जमा किया। मंजूरुल हक ने बताया कि महमूद आलम की ओर से मुकदमा किए जाने के बाद भी उन्होंने कई बार प्रेमपूर्वक कहा कि “मुकदमा वापस ले लीजिए और मेरी संपत्ति मुझे दे दीजिए, ताकि मामला शांतिपूर्ण ढंग से खत्म हो जाए।” लेकिन उनके अनुसार उनकी बात नहीं मानी गई और विवाद चलता रहा। मंजूरुल हक का आरोप है कि महमूद आलम, प्रेमचंद वर्मा आदि की ओर से मुकदमेबाजी के कारण उन्हें मानसिक परेशानी हुई और उनके मान-सम्मान को भी ठेस पहुंची। आखिरकार मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकान खाली कराकर मंजूरुल हक को कब्जा दिलाया। करीब 25 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संपत्ति का कब्जा मिलने पर उन्होंने राहत जताई और न्यायालय के आदेश पर संतोष व्यक्त किया।
0
0
Report

जयपुर से डिग्घीपुरी: आस्था के विशाल लक्खी पदयात्रा की शुरुआत

Jaipur, Rajasthan:जयपुर से डिग्गीपुरी तक आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है...कल्याणधणी के जयकारों से छोटी काशी गूंज रही है... कोई नंगे पैर चल रहा है तो कोई कनक दंडवत करते हुए 24 कोस की दूरी तय कर रहा है...61 साल पहले महज 30-35 श्रद्धालुओं से शुरू हुई डिग्गी कल्याणजी की पदयात्रा आज लक्खी पदयात्रा बन चुकी है...भगवा और पंचरंगे ध्वज, भजन-कीर्तन, सजीव झांकियां और जगह-जगह सेवा शिविर... देखिए आस्था के इस विराट कारवां पर हमारी ये खास रिपोर्ट... जयपुर से डिग्गीपुरी तक आस्था का कारवां बढ़ते चला...चौड़ा रास्ता स्थित ताडकेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए... हाथों में भगवा और पंचरंगे ध्वज...जूबां पर कल्याणधणी का नाम... और आंखों में डिग्गीपुरी पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन की ललक...कोई नंगे पैर, कोई कनक दंडवत...ये सिर्फ पैदल चलने की यात्रा नहीं... ये आस्था और संकल्प की यात्रा है...कोई नंगे पैर डिग्गी की ओर बढ़ रहा है...तो कोई जमीन पर दंडवत करते हुए अपनी मनोकामना पूरी होने का संकल्प निभा रहा है...बच्चे हों या बुजुर्ग...महिलाएं हों या युवा... हर उम्र के श्रद्धालु कल्याणधणी की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं....डिग्गी पदयात्रा का इतिहास करीब छह दशक पुराना है...1965 में चौड़ा रास्ता निवासी रामेश्वरलाल शर्मा ने करीब 30-35 श्रद्धालुओं के साथ इस यात्रा की शुरुआत की थी....कल्याणजी महाराज से पुत्र प्राप्ति की मन्नत पूरी होने के बाद शुरू हुई ये यात्रा... आज लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुकी है...24 कोस की इस यात्रा में अब हर साल आस्था का कारवां बढ़ता जा रहा है...डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, विधायक बालमुकुन्दाचार्य, विधायक अमीन कागजी ने भी ध्वज की पूजा अर्चना की पठन-शोभाव: श्रद्धालु यात्रा में बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां खास आकर्षण बनीं...शिव-पार्वती से लेकर राधा-कृष्ण तक... झांकियों में भक्ति के अलग-अलग रंग देखने को मिले...जयपुर से डिग्गीपुरी तक श्रद्धालु पांच दिन में करीब 24 कोس का सफर तय करेंगे... आज इस यात्रा का ठहराव मदरामपुरा में होगा...फिर 19 अगस्त हरसूलिया, 20 अगस्त फागी, 21 अगस्त चौसला, और 22 अगस्त को श्रद्धालु पहुंचेंगे डिग्गीपुरी...डिग्गी पहुंचकर कल्याणजी महाराज के दर्शन होंगे... साथ ही गंगोत्री से लाए गए गंगाजल से ठाकुरजी का अभिषेक भी किया जाएगा....पदयात्रियों की सेवा के लिए जयपुर से डिग्गी तक पूरा मार्ग सेवा शिविरों से सजा है...कहीं भोजन... कहीं पानी... कहीं चाय... तो कहीं फल और अन्य जरूरी सुविधाएं...कई जगह 50 से 100 मीटर के अंतराल पर भंडारे नजर आ रहे हैं...खास बात ये कि सेवा में स्थानीय लोग और श्रद्धालु खुद आगे बढ़कर जुटे हैं...डिग्गी पदयात्रा के इतिहास में 1981 की बाढ़ का प्रसंग आज भी श्रद्धालुओं के जेहन में है...मासी और बांडी नदियों में तेज बहाव के बावजूद श्रद्धालु डिग्गी की ओर बढ़ते रहे...उस दौरान आठ श्रद्धालुओं के बहने की घटना भी सामने आई...लेकिन मुश्किलें भी आस्था को डिगा नहीं सकीं...समय के साथ कल्याणजी महाराज के प्रति लोगों की आस्था और मजबूत होती गई... कुल लक्ष्य: 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचकर श्रद्धालु कल्याणजी महाराज के दर्शन करेंगे... दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
0
0
Report
Advertisement

360 परिवारों को आवासीय पट्टे, नया सवेरा से कंजर समुदाय बदला तस्वीर

Kota, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ पुलिस की 'नया सवेरा' पहल से बदली कंजर डेरों की तस्वीर, 360 परिवारों को मिले आवासीय पट्टे आईजी हरेंद्र महावर के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ पुनर्वास कार्यक्रम रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा से अपराध दर में आई ऐतिहासिक कमी। झालावाड़। जिला पुलिस द्वारा कंजर समुदाय को अपराध विमुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए संचालित विशेष अभियान "नया सवेरा" के अंतर्गत एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) हरेंद्र कुमार महावर के मुख्य आतिथ्य, जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तथा आरटीएम अध्यक्ष रोहित अरोड़ा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में 360 भूमिहीन लाभार्थियों को आवासीय पट्टे आवंटित किए गए (283 वितरित एवं 77 प्रक्रियाधीन), जिससे अब इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा。
0
0
Report

कुलदीप कुमार के गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के डीसीपी कार्यालय के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का धरना

Noida, Uttar Pradesh:पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में हुई सफाई कर्मी अनिल की हत्या के बाद से ही आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार लगातार परिजनों के साथ मिलकर सरकार से एक करोड़ मुआवजा राशि और परिवार के सदस्य को स्थाई सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं आज भी कुलदीप कुमार ने लोगों से अपील की थी कि अनिल की हत्या के लिए न्याय और मांग पूरी करने के लिए सभी लोग लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में इकट्ठा हो लेकिन आज सुबह ही कुलदीप कुमार को उनके घर से उठा लिया गया आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि शादी वर्दी में पहुंचे लोगों ने कुलदीप कुमार को सुबह लगभग चार से पांच बजे के बीच घर से उठाया और अज्ञात जगह ले गई अब ना तो पुलिस बता रही है कि विधायक कहां है और किसने उसे गिरफ्तार किया है या उठाया है कोई जानकारी पुलिस की तरफ से नहीं दी जा रही है जिसके बाद से पिछले 4 घंटे से लगातार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पूर्वी दिल्ली के डीसी पी ऑफिस के बाहर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और कुलदीप कुमार को छोड़ने की मांग कर रहे हैं कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक कुलदीप कुमार को छोड़ नहीं जाता वह डीसीपी ऑफिस से नहीं हटने वाले कार्यकर्ता डीसीपी ऑफिस के में गेट पर बैठे कर लगातार पुलिस और दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं कार्यकर्ताओं में काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद है
0
0
Report
Advertisement

पंढरपुर से मुक्ताईनगर: संत मुक्ताई पालखी का भव्य स्वागत, 1300 किमी यात्रा पूरी

Jalgaon, Maharashtra:आदिशक्ती संत मुक्ताई पालखीचे मुक्ताईनगर मध्ये भव्य स्वागत Anch - पंढरपूर येथील आषाढी वारीसाठी गेलेली संत मुक्ताई पालखी आज मुक्ताईनगर येथील नवीन मंदिरात दाखल झाली असून पालखीचे मुक्ताईनगर शहरात भव्य स्वागत करण्यात आले. यावेळी पुष्पवृष्टी करत विठू नामाचा गजर करून शहरातून भव्य मिरवणूक काढण्यात आली. नवीन मंदिरापासून कोथळी येथील - समाधी मंदिरापर्यंत भव्य शोभायात्रा काढण्यात आली असून या शोभायात्रेत संत ज्ञानेश्वर, मुक्ताबाई यांच्यासह त्यांच्या भावंडांचा जिवंत देखावा देखील सादर करण्यात आला. या परतवारीच्या आगमनानिमित्त वारकरी दिंडी स्पर्धेचे देखील आयोजन करण्यात आले आहे. आदिशक्ती मुक्ताई च्या जुन्या मंदिरात पालखीचे आगमन झाल्यानंतर सोहळ्याचे प्रमुख रविद्र महाराज हरणे यांच्या काल्याच्या कीर्तनाने पालखी सोहळ्याची सांगता करण्यात आली आदिशक्ती मुक्ताई च्या पालखीच्या स्वागतासाठी हजारो भाविक आज मुक्ताईनगर मध्ये दाखल झालेले आहे. तापी तीर ते भीमा तीर जाणारा मुक्ताई पालखी सोहळा 24 जूनला मुक्ताईनगर येथून रवाना झाला होता. 22 जुलैला पांडुरंगांचे दर्शन घेऊन पालखी सोहळ्याने 28 जुलै पुन्हा मुक्ताईनगरकडे परतीचा प्रवास सुरू केला होता... एकंदरीत मुक्ताई मंदिर पंढरपूर पुन्हा मुक्ताई मंदिर असा एकूण प्रवास तेराशे किलोमीटर पायी चालून आज मूळ समाधी स्थानी आगमन होणार आहे.. या संपूर्ण परिस्थितीचा आढावा घेतला आमचे प्रतिनिधी वाल्मीक जोशी यांनी. बाईट रवींद्र हरणे महाराज पालखी प्रमुख अध्यक्ष..
0
0
Report

बारामती सड़क हालत सुधार और वित्तीय संकट पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग

Rui, Maharashtra:बारामती सुप्रिया सुळे बाईट *ऑन_शक्तीपीठ महामार्ग* शक्तीपीठ महामार्गाला प्रचंड विरोध आहे स्थानिक लोकांना सोबत घेऊन चर्चा केली पाहिजे.. शक्ती पिठावर प्रचंड खर्च होत आहे महाराष्ट्राची आर्थिक परिस्थिती अतिशय गंभीर आहे. सर्व गोष्टींचा विचार करून सरकारने निर्णय घ्यावा. शक्तिपीठ करत असताना महाराष्ट्रातील सर्व रस्त्यांची काय परिस्थिती आहे हे मी सांगायला नको. राज्यातील लहान मुलांचे मी मनःपूर्वक आभार मानते ज्या पद्धतीने ती मुलं तंत्रज्ञानाचा उपयोग करून रस्त्यांचे व्हिडिओ पाठवत आहेत आजच मला एक मेसेज आला की खड्ड्यामुळे मुलीचा अपघात झाला. नाशिक मध्ये दररोज आंदोलने सुरू आहेत. या सर्व भागात नव्हे तर राज्यात खड्ड्यात रस्ता की रस्त्यात खड्डा ही परिस्थिती आहे. आहे ते दुरुस्त करा पुढे कशाला नवीन नवीन रस्ते बांधता. राज्याची आर्थिक परिस्थिती नाजूक आहे. महाराष्ट्र सरकारने पूर्वी आहेत ते रस्ते नीट करावेत आणि त्यानंतर एवढा मोठा घाट घालावा. *ऑन_ठेकेदारांचं मुंबईतील आंदोलन* हा विषय अतिशय गंभीर आहे एकीकडे शक्तीपीठला हजारो करोडोंचा खर्च करत आहात आणि ज्यांनी कामे पूर्ण केले आहेत ते मेरिट वर आहेत त्यांना निधी देत नाही. त्यांच्यासाठी या सरकारकडे निधी नाही. *मला समजत नाही की महाराष्ट्रात सरकारचं आर्थिक धोरण नक्की कोणत्या दिशेने चालल आहे. अतिशय चिंताजनक आहे.* *ऑन_अभिजीत दिपके यांच्या आंदोलनानंतर राज्य सरकारचा जीआर शाळांमध्ये शूटिंग करण्यास मज्जाव* ही लोकशाही आहे दडपशाही नाही या निर्णयाचा मी जाहीर निषेध करतो. आपल्याला मनमोकळे श्वास घेण्याचा बोलण्याचा अधिकार डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर यांनी त्यांच्या संविधानाच्या माध्यमातून दिला आहे. अशी चोरी लपवण्याचा हा अतिशय दुर्दैवी प्रयत्न सुरू आहेत त्याचा मी निषेध करते प्रत्येकाने व्हिडिओ काढावेत आणि तक्रार द्यावी हे सरकारचे चुकीचे धोरण आहे हा अन्याय आहे. तेही नवीन पिढीच्या शिक्षणाबद्दल आमच्या मुलांनी जर वास्तव समोर आणलं आणि तो जर गुन्हा असेल तर मी स्वतः तो गुन्हा करेल आणि मग आम्हाला या सरकारने जेलमध्ये टाकावे. *ऑन_एस आय आर YADI मुदत संपली* पहिल्यांदा एक्सटेन्शन केलं होतं आता एक्सटेन्शन झाला आहे. ज्यांची नावे राहिलेली आहेत त्यांना दोन महिन्याचा कालावधी दिला आहे. तुम्ही सांगू शकता मला नाव घालायचा आहे किंवा चूक झाली आहे तर ते दुरुस्ती करू शकता. सर्वांनी मिळून पुढचे दोन महिने प्रयत्न केले पाहिजेत. माझ्या बारामती लोकसभा मतदारसंघाचा मी अनुभव सांगते, अनेक लोकांची नावे दोन ठिकाणी आलेले आहेत, काही ठिकाणी प्रश्नचिन्ह झाले आहेत. पुढचे दोन महिने राष्ट्रवादी काँग्रेस पक्ष शरद पवार आमचे सर्व पदाधिकारी कार्यकर्ते या कामासाठी काम करतील. *ऑन_16 ऑक्टोंबर पंतप्रधान नरेंद्र मोदी बारामती निमंत्रण राष्ट्रवादी काँग्रेस शरदचंद्र पवार पक्ष एनडीए सोबत जाणार चर्चा* आमची चर्चा बारा वर्षे चालते त्यामुळे बारा वर्षे आम्ही जाणार असे तुमचे सर्व चॅनल वाले दाखवतात. त्यामुळे बारा वर्षे ही चर्चा चालू आहे आणखी तीन वर्षे चालू दे काही हरकत नाही. आणखीन तीन वर्षे चालू दे तुम्हालाही तुमचा चैनल चालवायचा आहे. *माझ्या माहितीनुसार आमचा पक्ष हा आज विरोधी पक्षात आहे. गेले बारा वर्षे आम्ही विरोधी पक्षात आहोत, मायबाप जनतेचे प्रश्न सोडवण्यासाठी आम्ही पूर्ण निष्ठेने काम करत आहोत. *ऑन_16 ऑक्टोबर मोदी बारामती* मोदीजींना पत्र लिहिलं आहे प्रोग्राम कसा असेल तीच तारीख का एखादा दिवस पुढे मागे होईल त्या सर्वांचा फॉलो आम्ही घेत आहोत त्या कन्फर्मेशनच पत्र आल्यावर कळवू.
0
0
Report
Advertisement

खूँटी में पुलिया नहीं, नाले के पार बच्चों की स्कूल राह मुश्किल

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - पुलिया के अभाव में नाले से होकर ग्रामीण व विद्यार्थी गुजरने को मजबूर। ग्रामीण बताते हैं कि नाले में पुलिया बन जाने से आवागमन में काफी सुविधा होगी। डड़गामा गाँव से तिरला सिम्बुकेल जानेवाली कच्ची सड़क और नाले में पुल नहीं रहने के कारण जैसे तैसे पानी से होकर आवागमन करते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि नाले में अगर पुलिया बन जाती तो आवागमन में काफी सुविधा होगी। जनप्रतिनिधि केवल वोट मांगते हैं लेकिन विकास की सच्चाई है कि पानी से गुजरना पड़ रहा है। इसी लिए बाँस का पुल बनाकर उससे चढ़कर बच्चे विद्यालय आवागमन करते हैं। यही मात्र नहीं अगर पुल बन जाए तो खूँटी जिला व प्रखंड मुख्यालय भी आवागमन में दूरी कम हो जाती है।
0
0
Report

शादी के नाम पर ठगी: लुटेरी दुल्हन ने विनोद के घर लाखों लूटे

Hapur, Uttar Pradesh:शादी के नाम पर ठगी और 'लुटेरी दुल्हन' का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हापुड़ जिले के सिंभावली थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम लिसड़ी (भगवतीपुर) निवासी विनोद कुमार के घर शहनाइयों की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि नई नवेली दुल्हन पूरे घर को लाखों की चपत लगाकर रात के अंधेरे में रफूचक्कर हो गई. ​पीड़ित विनोद कुमार के अनुसार, करीब तीन महीने पहले उसकी मुलाकात हल्द्वानी निवासी पंडित राकेश शास्त्री से हुई थी. पंडित ने एक गरीब परिवार की लड़की से शादी का झांसा दिया और 14 अगस्त को रामपुर के एक शिव मंदिर में सीमा नाम की महिला से शादी करवा दी. ​शादी के नाम पर पंडित के कहने पर लड़की की मां को एक लाख रुपए नकद दिलवाए गए. इसके अलावा विनोद ने अपनी नई नवेली पत्नी को सोने का मंगलसूत्र, चांदी का हार, पाजेब और सैम्पिल जैसे कीमती आभूषण भी दिए. ​शादी के बाद दुल्हन को लेकर विनोद अपने घर आ गया. लेकिन यह खुशी महज एक दिन की ही थी. शादी की दूसरी ही रात (15-16 अगस्त की दरमियानी रात करीब 2 बजे) जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, दुल्हन सीमा घर का ताला खोलकर सारे जेवरात और नकदी समेटकर फरार हो गई. ​गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में महिला काले सूट-सलवार और लाल चुनरी ओढ़े चुपचाप अंधेरे में भागती हुई साफ नजर आ रही है. बताया जा रहा है कि ​सुबह जब परिजनों की आंख खुली तो घर से दुल्हन और कीमती सामान दोनों गायब थे. काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं लगा, तो पीड़ित विनोद कुमार ने सिंभावली थाने पहुंचकर नामजद तहरीर दी और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई. इस घटना के बाद से ​घर में नई बहू के आने की खुशियां मना रहा परिवार अब खुद को पूरी तरह ठगा और बेबस महसूस कर रहा है. पाई-पाई जोड़कर शादी के लिए जुटाए गए पैसे और जीवनभर की जमा-पूंजी एक ही झटके में लुट जाने से पीड़ित परिवार लाचार खड़ा है. ​सिंभावली थाना पुलिस ने मामले में गुमशुदगी व ठगी की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है. पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ शादी कराने वाले कथित बिचौलिए और दुल्हन के नेटवर्क की तलाश में जुट गई है. ऐसे मे ​यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है. किसी अनजान बिचौलिए के मीठे झांसे में आकर जल्दबाजी में शादी का फैसला न लें. बाइट - विनोद, पीड़ित पति
0
0
Report

प्रतापगढ़ जिला प्रमुख की कुर्सी: परिवारों की दबदबा और लॉटरी-आरक्षण का असर

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिला प्रमुख की कुर्सी सिर्फ जिला परिषद की राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रतापगढ़ की ग्रामीण राजनीति में ताकत, संगठन और राजनीतिक प्रभाव का बड़ा केंद्र मानी जाती है। इस बार आरक्षण की लॉटरी में प्रतापगढ़ जिला प्रमुख का पद एसटी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद सबसे ज्यादा दिलचस्पी इस बात को लेकर है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दल आखिर किस चेहरे पर दांव लगाएंगे। आरक्षण ने संभावित दावेदारों का दायरा जरूर सीमित किया है, लेकिन प्रतापगढ़ की अब तक की राजनीतिक परंपरा को देखें तो इस बार भी दावेदारी सामान्य राजनीतिक कार्यकर्ता के बजाय किसी मजबूत राजनीतिक परिवार से सामने आने की संभावना ज्यादा दिखाई दे रही है। प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख की राजनीति का पिछला इतिहास भी इसी ओर इशारा करता है। जिले के गठन के बाद से जिला प्रमुख की कुर्सी पर पहुंचने वाले प्रमुख चेहरों में राजनीतिक परिवारों का प्रभाव साफ दिखाई देता है। प्रतापगढ़ जिले प्रमुख के लिए रिकॉर्ड के आधार पर बद्रीलाल पाटीदार एक ऐसा अलग चेहरा रहे, जो किसी प्रमुख विधायक या मंत्री की पत्नी के रूप में इस राजनीतिक समीकरण में फिट नहीं बैठते। 2014 के रिकॉर्ड में वे प्रतापगढ़ के जिला प्रमुख के रूप में दर्ज हैं। इसके बाद जिला प्रमुख की राजनीति फिर से दो बड़े मीणा राजनीतिक परिवारों के बीच दिखाई लगाने लगी। एक तरफ भाजपा की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले पूर्व मंत्री, सात बार विधायक और एक बार सांसद रहे नंदलाल मीणा का परिवार, तो दूसरी तरफ कांग्रेस से जुड़े पूर्व विधायक रामलाल मीणा का परिवार। नंदलाल मीणा की पत्नी सुमित्रा मीणा चित्तौड़गढ़ की जिला प्रमुख रह चुकी थीं और बाद में उनकी पुत्रवधू सारिका मीणा प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख बनीं। यानी जिला बनने से पहले चित्तौड़गढ़ की जिला प्रमुख की कुर्सी से शुरू हुआ राजनीतिक परिवार का यह प्रभाव, प्रतापगढ़ जिला बनने के बाद भी खत्म नहीं हुआ। प्रतापगढ़ 26 जनवरी 2008 को राजस्थान का 33वां जिला बना और इसके लिए चित्तौड़गढ़, उदयपुर और बांसवाड़ा के हिस्सों को मिलाया गया था। प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख की सियासत में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा और रामलाल मीणा परिवारों की होती रही है। नंदलाल मीणा लंबे समय तक भाजपा की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे। उनके राजनीतिक जीवन में सात बार विधायक, एक बार सांसद और मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएं रही हैं। उनकी पत्नी सुमित्रा मीणा चित्तौड़गढ़ की जिला प्रमुख रहीं और बाद में परिवार की अगली पीढ़ी की बहू सारिका मीणा प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख बनीं। सारिका मीणा 2015 के जिला प्रमुख चुनाव में भाजपा की ओर से प्रतापगढ़ जिला प्रमुख चुनी गई थीं। उस समय जारी चुनाव परिणामों में प्रतापगढ़ के लिए सारिका मीणा का नाम भाजपा की जिला प्रमुख के रूप में दर्ज है। दूसरी तरफ कांग्रेस की राजनीति में रामलाल मीणा का परिवार जिला प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचा। 2020 के चुनाव के बाद इंदिरा देवी मीणा जिला प्रमुख बनीं और कई वर्षों तक इस पद पर रहीं। बाद के वर्षों के समाचारों में भी उन्हें प्रतापगढ़ जिला प्रमुख के रूप में दर्ज किया गया है। यही वजह है कि प्रतापगढ़ में जिला प्रमुख की राजनीति को केवल जिला परिषद के सदस्यों की संख्या और पार्टी के बहुमत के गणित से नहीं देखा जाता। यहां उम्मीदवार के पीछे खड़ा राजनीतिक परिवार, विधानसभा चुनाव की ताकत, संगठन में पकड़ और जिला परिषद सदस्यों के साथ संबंध भी बड़ा फैक्टर बनता है। पिछले जिला प्रमुख चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मुकाबला भी एक तरह से दो राजनीतिक परिवारों के बीच दिखाई दिया। कांग्रेस की ओर से इंदिरा देवी मीणा और भाजपा खेमे से सारिका मीणा का नाम सामने आया। इंदिरा देवी, पूर्व विधायक रामलाल मीणा की पत्नी हैं, जबकि सारिका मीणा भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे नंदलाल मीणा की पुत्रवधू और वर्तमान राजस्व मंत्री हेमंत मीणा की पत्नी हैं। हेमंत मीणा 2023 में भाजपा के प्रत्याशी रहे और उनके चुनावी हलफनामे में सारिका मीणा और संगीता मीणा दोनों का पत्नी के रूप में उल्लेख दर्ज है। इंदिरा देवी मीणा के पक्ष में जिला परिषद के कुल 17 सदनों में से 10 वोट पड़े थे, जबकि कांग्रेस के पास आठ सदस्य होने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त समर्थन मिला। यही वह चुनाव था, जिसने प्रतापगढ़ की जिला प्रमुख की राजनीति में क्रॉस वोटिंग और व्यक्तिगत राजनीतिक प्रभाव को भी बड़ा मुद्दा बना दिया। अब 2026 की लॉटरी ने इस राजनीतिक कहानी को फिर से रोचक मोड़ दे दिया है। प्रतापगढ़ जिला प्रमुख का पद एसटी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद पुरुष नेताओं के बजाय उनके परिवार की महिला सदस्यों की ओर राजनीतिक नजरें जाना स्वाभाविक है। इससे उन परिवारों को फायदा हो सकता है जिनके पास पहले से संगठन, पंचायत स्तर की राजनीति और जिला परिषद के सदस्यों के साथ मजबूत राजनीतिक संपर्क हैं। वहीं कांग्रेस खेमे में पूर्व विधायक रामलाल मीणा की पत्नी इंदिरा देवी मीणा का नाम एक बार फिर चर्चा में बताया जा रहा है। इंदिरा देवी पहले जिला प्रमुख रह चुकी हैं और जिला परिषद की राजनीति का उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव भी है। उनके कार्यकाल के दौरान भी रामलाल मीणा के साथ उनकी राजनीतिक सक्रियता लगातार दिखाई देती रही। हालांकि इन नामों को फिलहाल चर्चा और संभावित दावेदारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अंतिम उम्मीदवार का फैसला पार्टी नेतृत्व, जिला परिषद के सदस्यों के समीकरण और चुनाव से पहले बनने वाले राजनीतिक गठजोड़ पर निर्भर करेगा। पूर्व मंत्री नंदलाल मीणा के दौर में भाजपा के उप जिला प्रमुख रहे रामलाल, फिर कांग्रेस से विधायक बने: प्रतापगढ़ की राजनीति में पूर्व विधायक रामलाल मीणा का राजनीतिक सफर भी जिला प्रमुख की मौजूदा राजनीति के समीकरणों को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार रामलाल मीणा 2009 से 2014 तक प्रतापगढ़ जिला परिषद के उप जिला प्रमुख रहे। उस समय वे भाजपा से जुड़े हुए थे और यह दौर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं तत्कालीन प्रभावशाली राजनेता नंदलाल मीणा के राजनीतिक प्रभाव का दौर था। राजस्थानलिंक के राजनीतिक प्रोफाइल में भी रामलाल मीणा का कार्यकाल 2009-2014 उप जिला प्रमुख, जिला परिषद प्रतापगढ़ दर्ज है। यानी जिस राजनीतिक दौर में नंदलाल मीणा भाजपा की प्रतापगढ़ की राजनीति में सबसे मजबूत चेहरों में शामिल थे, उसी दौर में रामलाल मीणा भाजपा के टिकट पर जिला परिषद की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बाद में राजनीतिक मतभेदों के चलते रामलाल मीणा भाजपा से अलग हुए और किरोड़ी लाल मीणा के साथ जुड़ गए। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजस्थान जन पार्टी (राजपा) के टिकट पर प्रतापगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद जब किरोड़ी लाल मीणा फिर भाजपा में लौटे तो रामलाल मीणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें प्रतापगढ़ विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में रामलाल मीणा ने भाजपा प्रत्याशी को 16,680 मतों के अंतर से हराकर पहली बार विधायक बनने में सफलता हासिल की। उपलब्ध राजनीतिक रिकॉर्ड के अनुसार 2018-23 के दौरान वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। यही राजनीतिक सफर प्रतापगढ़ की राजनीति में एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखता है—जिस व्यक्ति ने नंदलाल मीणा के भाजपा के प्रभाव वाले दौर में भाजपा से जिला परिषद के उप जिला प्रमुख के रूप में राजनीति शुरू की, वही बाद में भाजपा छोड़कर अलग राजनीतिक रास्ते पर गया और अंततः कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंचा। इसी वजह से आज जब जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए फिर से नंदलाल मीणा परिवार और रामलाल मीणा परिवार के नाम राजनीतिक चर्चाओं में हैं, तो दोनों परिवारों के बीच की यह पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी प्रतापगढ़ की सियासत को और दिलचस्प बना देती है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top