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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow24 Jan 2025, 10:52 am

Jhansi: बुंदेलखंड की महिला पत्रकारों को मिला हेलमेट, आयोजित हुआ कार्यक्रम

Jhansi, Uttar Pradesh:

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2025 के तहत बुंदेलखंड की महिला पत्रकारों को पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी के केशव कुमार चौधरी के द्वारा हेलमेट प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संयोजन ट्रैफिक चीफ वार्डन कुमारी प्रगति शर्मा और ट्रैफिक वार्डन दीप शिखा शर्मा ने किया। इस अवसर पर महिला पत्रकारों ज्योति, काजल, सृष्टि, सरिता सोनी, संगीता रायकवार, जौली खान, अलका चौबे, सबा खान और सोनिया पांडे का सम्मान किया गया। संयोजक प्रगति शर्मा ने डीआईजी झांसी को स्मृति चिन्ह भेंट कर धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात स्नेहा तिवारी और टीआई उमाकांत ओझा विकेश बाबू भी उपस्थित रहे।

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सरदारशहर में कच्चे बस स्टैंड के मुद्दे पर आंदोलन तेज, समाधान की मांग

Churu, Rajasthan:सरदारशहर। सरदारशहर में दो मोर्चों पर आंदोलन, बस ऑपरेटर और हाथ ठेला संचालक आमने-सामने; व्यापार एवं उद्योग संघ ने बस ऑपरेटरों को दिया समर्थन, 5 दिन से हजारों यात्री परेशान, प्रशासन पूरी तरह से फेल सरदारशहर कच्चा बस स्टैंड की व्यवस्था और हाथ ठेला संचालकों को हटाने के विवाद को लेकर सरदारशहर में आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर निजी बस ऑपरेटर कई 5 दिनों से कच्चा बस स्टैंड पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरने पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर हाथ ठेला संचालकों ने भी नगर परिषद के बाहर धरना शुरू कर दिया है। जिसके चलते सरदारशहर के 210 गांव के और आसपास के तहसीलों के यात्री पूरी तरह से परेशान नजर आ रहे हैं वही स्कूल कॉलेज आने जाने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पक्षों की ओर से आंदोलन तेज होने के चलते प्रशासन के सामने समाधान निकालने की चुनौती बढ़ गई है। निजी बस ऑपरेटर यूनियन की ओर से कच्चा बस स्टैंड पर पांच बस ऑपरेटर पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बस ऑपरेटरों का कहना है कि प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका मुख्य मुद्दा कच्चा बस स्टैंड की व्यवस्था में सुधार और हाथ ठेला संचालकों से जुड़ा विवाद है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि कच्चा बस स्टैंड पर अव्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। उनका आरोप है कि आवारा पशुओं के कारण कई बार यात्री घायल हुए हैं और पूर्व में हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। बस ऑपरेटरों ने यात्रियों और विद्यार्थियों को हो रही परेशानी पर खेद जताते हुए प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। निजी बस ऑपरेटरों के आंदोलन को अब सरदारशहर व्यापार एवं उद्योग संघ का भी समर्थन मिल गया है। व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष शिवरतन सराफ एवं मंत्री अशोक हरचंदानी निजी बस ऑपरेटरों के धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। व्यापार एवं उद्योग संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर की परिवहन व्यवस्था और कच्चा बस स्टैंड से जुड़ा यह मामला जल्द सुलझना चाहिए, ताकि आम यात्रियों, व्यापारियों और शहरवासियों को हो रही परेशानी समाप्त हो सके। वहीं दूसरी ओर हाथ ठेला संचालकों ने विकास मंच के बैनर तले नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर रखा है। विकास मंच प्रमुख राजेंद्र राजपुरोहित अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। इसके अलावा शुक्रवार सुबह से 10 हाथ ठेला संचालक भी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। राजेंद्र राजपुरोहित का कहना है कि गरीब हाथ ठेला संचालकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की वजह से इन लोगों को कच्चा बस स्टैंड से हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि इन ठेला संचालकों की रोजी-रोटी इसी काम से चलती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने ठेला संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। एक तरफ निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल से 210 से अधिक गांवों, आसपास की तहसीलों और शहर के हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर हाथ ठेला संचालक भी धरने और आमरण अनशन ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब व्यापार एवं उद्योग संघ के बस ऑपरेटरों के समर्थन में आने के बाद आंदोलन को और मजबूती मिलने की संभावना है। वहीं हाथ ठेला संचालक भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने दोनों पक्षों को साथ लेकर इस विवाद का स्थायी समाधान निकालना बड़ी चुनौती बन गया है। 5 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन पूरी तरह से निष्क्रिय नजर आ रहा है। बाइट- राजेंद्र कुमार सारण, बस ऑपरेटर सफेद शर्ट पहन रखा है बाइट- राजेंद्र राजपुरोहित, अध्यक्ष, विकास मंच काली टी-शर्ट पहन रखी है।
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8.70 करोड़ के टेंडर विवाद ने कपूरथला की राजनीति गर्मा दी

Kapurthala, Punjab:8.70 करोड़ के नगर निगम टेंडर पर कपूरथला में सियासत गरमाई राणा गुरजीत सिंह ने विधानसभा में उठाया था टेंडर प्रक्रिया का मुद्दा, प्रशासन ने किया रद्द कपूरथला। कपूरथला नगर निगम के करीब 8 करोड़ 70 लाख रुपये के विकास कार्यों के टेंडर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया को लेकर कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पंजाब विधानसभा के सेशन में मामला उठाते हुए इसमें पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर उक्त टेंडर को रद्द किए जाने की कार्रवाई सामने आई है। टेंडर रद्द होने के बाद अब यह मामला कपूरथला की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है। AAP, अकाली दल और भाजपा ने टेंडर रद्द होने को बताया दुर्भाग्यपूर्ण टेंडर रद्द किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा से जुड़े नेताओं की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं। इन राजनीतिक दलों ने प्रशासन के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे कपूरथला शहर के विकास कार्यों में देरी हो सकती है। इन नेताओं का कहना है कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों से जुड़े टेंडर को रद्द करने की बजाय यदि प्रक्रिया में कोई तकनीकी या प्रशासनिक कमी थी तो उसे नियमों के अनुसार दूर किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से शहर के विकास की रफ्तार प्रभावित होगी। कांग्रेस ने प्रशासन के फैसले का किया स्वागत दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने टेंडर रद्द करने के प्रशासनिक अधिकारियों के फैसले का स्वागत किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठाए गए थे, उनके मद्देनजर प्रशासन द्वारा लिया गया फैसला पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी विकास कार्यों में सबसे जरूरी बात पारदर्शिता और सरकारी पैसे की सुरक्षा है। उनका कहना है कि यदि किसी टेंडर प्रक्रिया में संदेह या अनियमितता की स्थिति बनती है तो उसे रद्द करके दोबारा नियमों के अनुसार प्रक्रिया शुरू करना बेहतर है। इससे लोगों के पैसे का नुकसान नहीं होगा और भविष्य में विकास कार्य अधिक पारदर्शी तरीके से करवाए जा सकेंगे। विकास कार्य रोकने के आरोप पर आमने-सामने राजनीतिक दल जहां कांग्रेस नेताओं का कहना है कि टेंडर रद्द होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी पैसे की सुरक्षा होगी, वहीं AAP, अकाली दल और भाजपा से जुड़े नेताओं का आरोप है कि इस फैसले से शहर के विकास कार्यों में देरी होगी। विरोधी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी नगर निगम के विकास कार्यों को रोकना चाहती है और विधायक राणा गुरजीत सिंह अपने कांग्रेसकार्यकर्ताओं के माध्यम से शिकायतें करवाकर शहर के विकास में रुकावट पैदा कर रहे हैं। इन आरोपों के विपरीत कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर नियमों और पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जा सकता। सरकारी मेडिकल कॉलेज के कार्य को लेकर भी उठे सवाल मामले को लेकर सामने आए राजनीतिक बयानों में कपूरथला में चल रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का भी जिक्र किया गया है। संबंधित राजनीतिक बयान में यह आशंका जताई गई कि जिस तरह शिकायतों और अदालती मामलों के कारण विकास कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है, उसी तरह मेडिकल कॉलेज के काम को लेकर भी शिकायतों के माध्यम से रुकावट पैदा होने की स्थिति पर सवाल उठते हैं। इस दौरान यह शक भी जाहिर किया गया कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामले में कहीं न कहीं विधायक राणा गुरजीत सिंह की राजनीतिक भूमिका हो सकती है। हालांकि यह एक राजनीतिक आरोप और आशंका है तथा इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राणा गुरजीत सिंह ने विधानसभा में उठाया था मामला विधायक राणा गुरजीत सिंह ने विधानसभा में नगर निगम के इस टेंडर का मुद्दा उठाते हुए इसकी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल किए थे। उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद प्रशासनिक स्तर पर टेंडर रद्द किए जाने की कार्रवाई सामने आई। विधायक के पक्ष का कहना है कि सरकारी धन से होने वाले करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में नियमों और पारदर्शिता का पालन होना जरूरी है। यदि टेंडर प्रक्रिया में कोई अनियमितता या कमी है तो उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म ने आरोपों को किया खारिज दूसरी ओर, टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी फर्म न तो फर्जी है और न ही टेंडर हासिल करने के लिए किसी नियम का उल्लंघन किया गया। फर्म के प्रतिनिधियों के अनुसार टेंडर प्राप्त करने के लिए निर्धारित सभी जरूरी शर्तें पूरी की गई थीं। इनमें फर्म की आर्थिक क्षमता, कंपनी की पृष्ठभूमि तथा टेंडर से संबंधित अन्य सभी निर्धारित शर्तें शामिल थीं। फर्म का कहना है कि सभी जरूरी दस्तावेज और पात्रता पूरी करने के बाद ही उन्हें टेंडर मिला था। राणा गुरजीत सिंह हमें और हमारी फर्म को अच्छी तरह जानते हैं : फर्म टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म के प्रतिनिधियों ने विधायक राणा गुरजीत सिंह द्वारा शिकायत किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राणा गुरजीत सिंह उन्हें और उनकी फर्म को अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए उनकी फर्म के खिलाफ शिकायत किया जाना उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। फर्म का कहना है कि यदि उन्होंने टेंडर की सभी निर्धारित शर्तें पूरी की थीं और नियमों के अनुसार टेंडर प्राप्त किया था तो शिकायत के आधार पर टेंडर रद्द किया जाना उचित नहीं है। टेंडर रद्द करने के फैसले को अदालत में चुनौती देगी फर्म फर्म ने कहा है कि वह टेंडर रद्द किए जाने के फैसले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। फर्म के प्रतिनिधियों के अनुसार उनके पास अपनी पात्रता, आर्थिक क्षमता, कंपनी की पृष्ठभूमि और टेंडर प्रक्रिया में जमा करवाए गए दस्तावेजों से संबंधित रिकॉर्ड मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। अब प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर नजर करीब 8.70 करोड़ रुपये के इस टेंडर को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ मामला कानूनी रूप भी ले सकता है। एक ओर राणा गुरजीत सिंह की ओर से टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए और कांग्रेस नेताओं ने टेंडर रद्द करने के प्रशासनिक फैसले का स्वागत किया है। दूसरी ओर AAP, अकाली दल और भाजपा ने टेंडर रद्द होने को विकास की दृष्टि से दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। वहीं, टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म ने अपनी पात्रता और सभी जरूरी शर्तें पूरी करने का दावा करते हुए प्रशासन के फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अब पूरे मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन ने टेंडर रद्द करने का फैसला किन आधारों पर लिया, टेंडर प्रक्रिया में कौन-कौन सी आपत्तियां सामने आईं और अदालत में फर्म की ओर से क्या दस्तावेज पेश किए जाते हैं। साथ ही सरकारी मेडिकल कॉलेज के कार्य को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्षों का क्या रुख सामने आता है, इस पर भी नजर रहेगी
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मुंबई-गोवा मार्ग पर क्रेटा ने Kia कार को टक्कर; सरपंच घायल, चार फरार

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी..मुंबई-गोवा महामार्गावर खेड तालुक्यातील भरणे गवळवाडी येथे भीषण अपघाताची घटना घडली आहे. मुंबईहून गोव्याच्या दिशेने जाणाऱ्या क्रेटा कारने पुढे जात असलेल्या Kia कारला पाठीमागून जोरदार धडक दिली. या धडकेनंतर Kia कार रस्त्याच्या बाजूला पलटी झाली. या अपघातात कर्टेल गावचे सरपंच दिनेश चव्हाण किरकोळ जखमी झाले आहेत. अपघातानंतर Kia कारमध्ये चालक अडकून पडला होता. घटनेची माहिती मिळताच स्थानिकांनी तत्काळ घटनास्थळी धाव घेत मदतकार्य सुरू केले आणि कारमध्ये अडकलेल्या चालकाची सुखरूप सुटका केली. दरम्यान, अपघातानंतर Kia कारमधील चौघांनी घटनास्थळावरून पलायन केल्याची माहिती समोर आली आहे. या घटनेमुळे मुंबई-गोवा महामार्गावर काही काळ वाहतुकीचा खोळंबा निर्माण झाला होता. अपघाताबाबत पुढील तपास सुरू आहे.
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झांसी के मऊरानीपुर में बेरहमी से पिटाई, वायरल वीडियो के बाद आरोपित दबंग

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला पुरानी बैलाई से मारपीट का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, बताया जा रहा है कि इलाके के दबंग युवक एक लड़के को बाइक पर बिठाकर सुनसान जगह पर ले गए, वहां ले जाकर उसे अर्धनग्न किया, फिर उसकी बेरहमी से बेल्टों से कई युवकों ने जमकर पिटाई की और पीड़ित लड़के से मार मार कर बुलवाया कि बोलो विकास ठाकुर और आदित्य बाबा बाप है और हाथ उठाना पाप है, इस दौरान पिटाई करने वाले दबंग युवकों ने मारपीट करने का वीडियो रिकॉर्ड कराया और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जिसमें साफ नजर आ रहा है कि किस तरह एक लड़के को घेर कर कई लोग बेल्टों से पिटाई कर रहे हैं। वहीं पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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गोरखपुर के सरयू नदी में कक्षा 12 की छात्रा ने दी छलांग, तलाश जारी

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर से इस वक्त की बड़ी खबर बोली जा रही है। बड़हलगंज में सरयू नदी से जुड़ी सनसनीखेज घटना सामने आई है। मौसी के घर से अपने घर लौट रही कक्षा 12 की 17 वर्षीय छात्रा ने बड़हलगंज-दोहरीघाट पुल से सरयू नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ नाविक, आपदा मित्र और गोताखोर नदी में उतर गए। लेकिन सरयू के तेज बहाव ने तलाश अभियान को मुश्किल बना दिया। देर शाम तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल सका। सबसे अहम बात ये है कि नदी से छात्रा का बैग बरामद हुआ है। बैग में कपड़े, एक सिमकार्ड और टूटा हुआ मोबाइल फोन मिला है। अब पुलिस छात्रा के नदी में छलांग लगाने की वजह तलाश रही है। परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस छात्रा के नदी में छलांग लगाने की वजह पता करने में जुटी है। उसके मोबाइल और बरामद सामान की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गोताखोरों की मदद से छात्रा की तलाश जारी है और घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल सरयू का तेज बहाव रेस्क्यू टीम के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। एक तरफ नदी में छात्रा की तलाश जारी है, तो दूसरी तरफ परिवार की उम्मीदें टिकी हुई हैं कि आस्था का कोई सुराग मिल जाए। अब सवाल यही है—आखिर पुल पर पहुंचने के बाद छात्रा ने सरयू में छलांग क्यों लगाई? पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाश रही है।
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रायबरेली: एक रात में पांच आभूषण दुकानों की चोरी, पुलिस ने एक और चोर दबोचा

Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर.. रायबरेली मे एक ही रात पांच आभूषण की दुकानों से चोरी मामले मे आज फिर पुलिस को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कल जहाँ मुठभेड़ के बाद पांच चोरों को गिरफ्तार किया था वहीं आज फिर एक चोर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। कल मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों के पैर मे गोली भी लगी थी। सीतापुर के रहने वाले सभी बदमाशों के कब्ज़े से पुलिस ने चोरी गये सभी आभूषण बरामद कर लिए थे। वहीं आज गिरफ्तार बदमाश भी सितापुर का रहने वाला है और पुलिस ने उसके कब्ज़े से साढ़े नौ सौ ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किये हैं। मामला मिल एरिया थाना इलाके का है जहाँ तकिया चौराहे स्थित आभूषण की पांच दुकानों पर एक ही रात चोरी कर इन बदमाशों ने पुलिस को चुनौती दी थी।
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बगहा में फर्जी प्रमाणपत्र से पंचायत शिक्षक भर्ती, दो शिक्षकों पर प्राथमिकी

Bagaha, Bihar:बगहा नगर थाना में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर पंचायत शिक्षक के पद पर नियुक्ति पाने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। डिग्री जाँच के दौरान हुए खुलासे के बाद हड़कंप मचा है। सरकार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए गंभीर है और शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया जारी है जबकि फर्जी प्रमाणपत्रों पर नौकरी पाने वालों की पहचान की जा रही है। आरोप है कि फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वालों की पहचान के बाद दोनों शिक्षक और शिक्षिका अनुपस्थित बताए जा रहे हैं, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। पूरे प्रकरण की गहन जांच हो रही है। जाली प्रमाणपत्र के सहारे सरकारी नौकरी पाने की चर्चा तेज है और केस दर्ज होने के बाद खलबली मची है। बगहा-1 प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवका टोला, बड़गांव के पंचायत शिक्षक राजेश प्रसाद यादव और राजकीय मध्य विद्यालय बड़गांव की पंचायत शिक्षिका शांति मिश्रा पर फर्जी मध्यमा (संस्कृत) अंकपत्र और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जांच के दौरान दोनों शिक्षकों के प्रमाण पत्र बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना से सत्यापन कराया गया, और बोर्ड के 3 अगस्त 2023 के सत्यापन प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि अंकपत्र बोर्ड द्वारा निर्गत नहीं किए गए थे, अतः वे फर्जी पाए गए। इसके बाद निगरानी ब्यूरो ने उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। वर्ष 2005 और 2006 में नियोजन के समय इन दोनों ने कथित रूप से कूटरचित प्रमाण पत्रों को वास्तविक बताकर सरकारी सेवा प्राप्त की। जांच रिपोर्ट में इसे संज्ञेय अपराध माना गया है और अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बगहा 1 प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि प्रमाण पत्रों की जाँच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभागीय कार्रवाई और पुलिस जांच समानांतर रूप से जारी है। दोनों आरोपितों के घर से गायब होने की सूचना मिल रही है औरPolice उनकी तलाश कर रही है। ऐसे जाली प्रणाम पत्रों पर नौकरी देने वालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई के लिए तैयार है।
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सहारनपुर में हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, कांवड़ियों का उत्साह बढ़ा

Saharanpur, Uttar Pradesh:हेलीकॉप्टर से बरसे फूल तो गूंज उठा सहारनपुर, ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से भक्तिमय हुआ कांवड़ मार्ग श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के बीच शनिवार को सहारनपुर में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और डीआईजी अभिषेक सिंह ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया। आसमान से फूल बरसते ही कांवड़ मार्ग ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। हेलीकॉप्टर ने सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरी और घंटाघर, गागलहेड़ी तथा राकेश केमिकल सहित कांवड़ मार्ग के प्रमुख क्षेत्रों में पहुंचकर शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा की। अचानक आसमान से फूलों की बारिश होते देख कांवड़ियों में खासा उत्साह नजर आया। शिवभक्तों ने हाथ उठाकर प्रशासन का अभivar्ादन किया और इस पहल की सराहना की। इस दौरान मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी शिवालयों में साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत रखी जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन की ओर से विभिन्न राज्यों से हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों का अभिवादन करते हुए उनकी यात्रा के सकुशल और सुरक्षित संपन्न होने की कामना की गई। वहीं, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद से लगातार कांवड़ मार्गों और शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के चलते कांवड़ियों को सुरक्षा के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कांवड़ियों ने भी सहारनपुर में की गई व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की।
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करनाल के जुंडला के पास बस-कार भिड़ंत: चालक की मौत, 6 घायल

Karnal, Haryana:करनाल के जुंडला के पास बड़ा हादसा: निजी बस और गाड़ी आमने-सामने टकराई। ओवर टेक करने के चलते हादसा हुआ। गाड़ी और बस में भयानक टक्कर। गाड़ी के परखच्चे उड़े; चालक की मौत हो गई; बस में सवार छह लोग घायल। गाड़ी चालक को कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी से निकाला गया, लेकिन तब तक जान चली गई। दोनों वाहन सड़क के किनारे उतर गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि निजी बस करनाल से असंध की ओर जा रही थी और गाड़ी चालक असंध की ओर जा रहा था; दोनों का एक्सीडेंट हो गया। मृतक के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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इटावा में तालाब में डूबकर 15 वर्षीय छात्र की मौत, जांच जारी

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा जनपद में तलाब में नहाने गया 15 वर्षीय छात्र की तलाब में डूबने से मौत परिजनों में कोहराम मचा पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है। इटावा जनपद के थाना इकदिल इलाके के चितभवन गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब गांव के रहने वाले 15 वर्षीय छात्र जो कि तालाब में नहाते समय डूब गया काफी देर तक खोजबीन के बाद जब छात्र अंश त्रिपाठी तालाब को तलाब से बाहर निकालकर परिजन आनन फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टर ने परीक्षण के दौरान मृत घोषित करते हुए शव को शव गृह में रखाया है, घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और जिन्होंने बताया कि जब छात्र अपने साथी के साथ में तालाब में नहा रहा था उसी समय डूब गया अन्य साथियों ने घर पर आकर सूचना दी उसके बाद खोजबीन की गई, इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस जांच में जुटी है।
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झाड़-फूंक के बहाने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म: ईंट-भट्ठे पर रहने वाला तांत्रिक हिरासत में

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई के सवायजपुर थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और हैवानियत की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां बीमारी के इलाज और झाड़-फूंक के नाम पर एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तांत्रिक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन पड़ताल कर रही है। मूल रूप से कासगंज जिले का रहने वाला पीड़ित परिवार फिलहाल गाजियाबाद में रहकर नौकरी करता है। पिछले कुछ दिनों से उनकी 16 वर्षीय बेटी की तबीयत अचानक खराब रहने लगी थी और उसे बार-बार चक्कर आ रहे थे। परिजनों ने इसे भूत-बाधा या ऊपरी चक्कर समझ लिया। गाजियाबाद में ही नौकरी करने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें हरदोई के भगत Ram tiirth के बारे में बताया। आरोपी रामतीर्थ मूल रूप से जैतपुर (थाना सवायजपुर) का निवासी है, जो सवायजपुर क्षेत्र के घोड़ीधर गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे पर चौकीदार है और वहीं झाड़-फूंक का काम करता है। झाड़-फूंक के बहाने आरोपी ने परिवार को ईंट-भट्ठे पर बुलाया। 6 अगस्त की शाम करीब 6 बजे बेबस पिता अपनी 16 वर्षीय बेटी को लेकर घोड़ीधर पहुँचा। आरोपी ने पहले कुछ देर सामान्य पूजा-पाठ की। इसके बाद रात करीब 10 बजे उसने पिता से कहा कि आगे की विशेष पूजा अकेले में होगी और उन्हें आधे घंटे तक कमरे के अंदर न आने की हिदायत देकर बाहर भेज दिया। आरोप है कि कमरे में अकेला पाकर तांत्रिक ने झाड़-फूंक के नाम पर 16 वर्षीय किशोरी को कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिससे वह बेसुध हो गई है। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। होश आने पर पीड़िता ने जब खुद को अस्त-व्यस्त हालत में पाया, तो शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर पिता अंदर पहुँचा। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगा, जिसके बाद पिता-पुत्री रात में ही वहाँ से निकल गए। माँ के हरदोई पहुँचने पर परिजनों ने सवायजपुर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पीड़िता को डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेजा है और आरोपी तांत्रिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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पोरबंदर के सर्वोदय वन प्रोजेक्ट पर गुणवत्ता समेत भारी विवाद

Porbandar, Gujarat:પોરબંદરના દરિયાકિનારે નિર્માણ પામી રહેલા રાજ્ય સરકારના 25મા સાંસ્કૃતિક વન એટલે કે 'સર્વોદય વન' પ્રોજેક્ટની કામગીરી હાલ વિવાદોના વંટોળમાં ઘેરાઈ છે.સાઇલિયલ મીડિયામાં વાયરલ થયેલા વીડિયોમાં પેવર બ્લોક,બાંધકામના પાયા અને વિવિધ નિર્માણ કાર્યોમાં અત્યંત અતિશીષ્ટ નબળી ગુણવત્તાનું મટીરીયલ વપરાતું હોવાના આક્ષેપો કરવામાં આવ્યા છે.સ્થાનિકોનો આક્ષેપ છે કે બાંધકામમાં યોગ્ય પ્રમાણમાં સિમેન્ટ અને લોખંડનો ઉપયોગ કરવાને બદલે દરિયાની ખારી રેતી વાપરવામાં આવી રહી છે,જેના કારણે બ્લોક અને બાંધકામ હાથથી જ તૂટી રહ્યા છે.સરkari નાણાંનો દુરૂપયોગ થઈ રહ્યો હોવાનું કહી સ્થાનિકોમાં ભારે રોષ જોવા મળ્યો છે. આ કામગીરીને લઇને સોશિયલ મીડિયાના માધ્યમથી વાયરલ કરનાર દિનેશ ભુતિયા દ્વારા શું કરવામાં આવ્યા છે આક્ષેપો. સર્વોદય વનની આ કામગીરીને લઇને કરવામાં આવેલા આક્ષેપો અને વિવાદ સામે પોરબંદર વન વિભાગના સામાજીક વનીકરણના આર.એફ ઓએ આ સમગ્ર પ્રોજેક્ટ તથા આક્ષેપો અંગે જણાવ્યું હતું કે, સર્વોદય વન પ્રોજેક્ટ અંદાજે 20 કરોડના ખર્ચે 14 હેક્ટર વિસ્તારમાં આકાર લઇ રહ્યો છે. તેમાં ગાંધીજીના વિચારો, કૃષ્ણ-સુદામા વાટિકા, મુિશન લાઈફ અને બરડા વનકુંજ સહિતના અનેક આકર્ષણો ઊભા કરાઈ રહ્યા છે. કામગરીની ગુણવત્તા અંગે સ્પષ્ટતા આપતા તેઓ જણાવ્યું કે, કોઈ પણ સીમેન્ટ કે આરસીસી બાંધકામને મજબૂતી પકડવામાં ક્યોરિંગ માટે 10 થી 12 દિવસનો સમય લાગતો હોય છે. પ્રોજેક્ટમાં નિયમ મુજબ રોયલ્ટીવાળી જ રેતી વાપરવામાં આવી રહી છે અને દરિયાની રેતી ચોરી કરવાનો આક્ષેપ ત્રદં પાયાવિહોણો છે. આર.એફ.ફો,સામાજીક વનીકરણ,વન વિભાગ પોરબંદર રૂપિયા 20 કરોડના જંગી ખર્ચે બની રહેલો આ પ્રોજેક્ટ પોરબંદર માટે પ્રવાસન અને સાંસ્કૃતિક દૃષ્ટિએ અત્યંત મહત્ત્વનો છે. ત્યારે વાયરલ વીડિયો અને ગુણવત્તા સામે ઊભા થયેલા સવાલો બાદ હવે આ સમગ્ર معاملાની તટસ્થ અને ઉચ્ચસ્તરીય તપાસ કરવામાં આવે તે જરૂરી છે. સરકારના નાણાનો સદુપયોગ થાય અને વનની કામગીરી મજબૂત અને टिकાઉ બને તે માટે ઉચ્ચ અધિકારીઓ દ્વારા સ્થળ તપાસ કરી યોગ્ય કાર્યવાહી કરવામાં આવે તે જરૂરી છે.
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