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मेरठ पिटाई मामला: 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, डीआईजी जांच संभालेंगे

मेरठ: नेता दिग्विजय भाटी पिटाई मामले में बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ सहित 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर मेरठ, 21 अगस्त 2026 — मेरठ के चर्चित नेता दिग्विजय भाटी पिटाई प्रकरण में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ सहित 8 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इससे दो दिन पहले ही एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय को हटाया जा चुका है। अब पूरे प्रकरण की जांच सहारनपुर डीआईजी अभिषेक सिंह कर रहे हैं। कौन-कौन हुए लाइन हाजिर: 1. निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ 2. उप निरीक्षक मुलायम सिंह 3. हेड कांस्टेबल हरि ओम 4. कांस्टेबल मुकेश कुमार 5. हेड कांस्टेबल श्याम बाबू 6. कांस्टेबल सुमित कुमार 7. महिला कांस्टेबल नीलम लौर 8. ड्राइवर ललित कुमार जानकारी के मुताबिक दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया था कि 19 अगस्त को एसएसपी कार्यालय में वाद-विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। मामले के तूल पकड़ने और राजनीतिक दबाव के बाद एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने जांच डीआईजी सहारनपुर को सौंपी थी。 डीआईजी अभिषेक सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。
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महराजगंज में डीएम ने छात्रों से संवाद कर विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा

Maharajganj, Uttar Pradesh:विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जिलों में अधिकारियों द्वारा छात्र संवाद व कार्यशालाओं का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहुंचकर विद्यार्थियों से उनके करियर और समस्याओं को लेकर सीधा संवाद कर रहे हैं। इसी के तहत महराजगंज जिले के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल जिला मुख्यालय स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने नवी कक्षा की छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान डीएम ने न केवल विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और करियर बनाने के कई अहम गुरुमंत्र भी दिए। वी/ओ- छात्राओं के बीच पहुंचे जिलाधिकारी ने संवाद के माध्यम से क्लासरूम में उनके पढ़ाई के माहौल सिलेवाल, करियर सहित कई अन्य विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से उनके शिक्षण कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं की भी जानकारी ली और अपने शैक्षिक जीवन के अनुभव को भी साझा किया। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के स्कूल और कॉलेज में जाकर छात्र-छात्राओं के साथ उनके करियर और समस्याओं को लेकर संवाद कर रहे हैं जिसका उद्देश्य है कि वह जीवन में आगे बढ़कर अपने करियर में कुछ बेहतर और अच्छा कर सके। बाईट- गौरव सिंह, सोगरवाल, जिलाधिकारी महराजगंज वी/ओ- वहीं जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर छात्राएं बेहद उत्साहित नजर आई उनका कहना था कि इस तरह के संवाद से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे मार्गदर्शन मिलना भी एक बड़ा अवसर है बाईट- प्रीति वर्मा, छात्रा बाईट- मुस्कान कनौजिया, छात्रा बाईट- काजल जायसवाल, छात्रा बाईट- रागिनी, छात्रा बाईट- अंशा रावत, छात्रा
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गढ़वा में पुलिस ने प्रदर्शन रोका, नारेबाजी के बाद स्थिति शांत

Narayanpur, Jharkhand:गढ़वा में छात्रों के प्रदर्शन को पुलिस ने रोका, सरकार विरोधी नारेबाजी के बाद शांत कराया गया मामला। करीब 50 छात्र जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले जुटे थे, पुतला दहन के लिए निकल रहे थे। मजिस्ट्रेट ने रोक दिया और पुतला दहन की अनुमति नहीं दी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और 'हेमंत सरकार मुर्दाबाद' के नारे लगाए। एक JMएम नेता ने भी नारों पर आपत्ति जताते हुए भड़क गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन की ओर से पुतला दहन नहीं कराया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर शांत कराया और किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ। बाद में प्रदर्शनकारी छात्र वापस लौट गए। प्रशासन की सक्रियता से स्थिति बिगड़ने से पहले ही शांत हो गई।
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गया के बाजारों में राखियों की धूम, 50-400 रुपये तक की खास रेंज

Gaya, Bihar:रक्षाबंधन पर गया में भाई की कलाई सजेगी खास राखियों से,मोती, रुद्राक्ष, स्टोन, जरकन, मेटल, अमेरिकन डायमंड और ब्रेसलेट,म्यूजिकल लाइट तक नई रेंज रक्षाबंधन को लेकर बिहार समेत पूरे गया जिले के बाजारों में राखियों की रौनक बढ़ गई है. जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड मुख्यालय और गांव-कस्बों तक सड़क किनारे अस्थायी स्टॉल, गिफ्ट दुकानों और शोरूम में राखियों की नई-नई डिजाइन सज गई हैं.प्रमुख बाजारों में बहनों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मोती, रुद्राक्ष, स्टोन, जरकन, मेटल, अमेरिकन डायमंड और ब्रेसलेट राखियों की विस्तृत रेंज उपलब्ध है. इस बार रुद्राक्ष और फैंसी डिजाइन वाली राखियों की मांग भी बढ़ी है.दिल्ली, कोलकाता समेत दूसरे शहरों से मंगाई गई राखियां बाजार की शोभा बढ़ा रही हैं. दुकानदारों के अनुसार बच्चों में कार्टून कैरेक्टर वाली राखियों के साथ म्यूजिकल लाइट राखी विशेष आकर्षण बनी हुई है. रंग-बिरंगी रोशनी के साथ रक्षाबंधन की धुन बजाने वाली ये राखियां 50 से 150 रुपये तक में उपलब्ध हैं.बाजार में सामान्य डिजाइन की राखियां 50 से 150 रुपये तक मिल रही हैं, जबकि अमेरिकन डायमंड और स्टोन राखियों की कीमत 40 से 400 रुपये तक है. ब्रेसलेट राखियाँ 150 से 300 रुपये तक में उपलब्ध हैं. कारोबारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार राखियों की कीमत में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है. भाभी के लिए विशेष राखी और पूजा थाली भी बाजार में उपलब्ध है. बाइट:- राजेश कुमार, दुकानदार बाइट:- मधु वर्णवाल, ग्राहक बाइट:- नीतू कुमारी, ग्राहक
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खूंटी में टीवी मरीजों के बढ़ते मामले से भय, शराब भट्ठियों पर रोक की मांग

Khunti, Jharkhand:खूँटी नगर पंचायत क्षेत्र में टीवी मरीजों की बढ़ते मामले ने वार्ड 12 अंतर्गत खूँटीटोला बस्ती के लोगों को भयभीत कर दिया है. जिसमें एक ही मजदूर परिवार के दो निज भाईयों की टीवी के कारण दो माह के अंदर मौत हो गयी है. जिसके बाद से मुहल्ले के लोगों में इन दिनों भय का माहौल सता रहा है. मुहल्ले में कई लोग टीवी मरीज पाये जाने की आशंका सता रहा हैं. जिसका कारण शराब की भठ्ठी को बताया जा रहा है. टीवी मरीज भट्ठी में शराब पीते हैं. उसी बर्तन में सभी लोग पीछे हैं. साथ में बैठते हैं. वहीं मुहल्ले में शराब भट्ठी चलने से लोगों में संदेह है कि एक ही कटोरे गिलास में शराब पीने के कारण लोगों में भी टीवी फेल सकता है. इसी को देखते हुए मुहल्ले में टीवी जाँच के लिए शिविर लगाया गया था. जिसमें कुछ अच्छे लोगों ने जाँच कराया लेकिन शराब पीनेवाले टीवी जाँच नहीं कराए और भाग गये. इससे अभी ट्यूबरक्लोसिस फैलने की ग्रामीणों के बीच आशंका बनी हुई है. मृतकों की माँ ने बताया कि उनके दो बेटे की टीवी के कारण मौत हो गई. दोनों मजदूरी करते थे और मुहल्ले के भट्ठियों में शराब पीते थे. एक दवा भी खाता था लेकिन वह भी छोड़ दिया था. दो माह में दो बेटों की मौत का गम सता रहा है. पड़ोसी मुहल्लेवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि खूंटीटोला मुहल्ले में और भी टीवी पेशेंट होने की आशंका है. यह दो लोगों की मौत हो चुकी है. और जिसका कारण मुहल्ले में शराब की भट्टी है. कृष्णा लोहरा ने बताया कि मधुर परिवार के लोग यहां रहते हैं और भत्ते में शराब पीते हैं एक ही बर्तन में पीने से टीवी मरीज बढ़ रहे हैं. मुहल्ले की स्वास्थ्य सहिया ने बताई कि मोहल्ले में टीवी पेशेंट पाए जाने के बाद यहां शिविर लगाया गया था लेकिन शिविर में शराब पीने वाले लोग जांच नहीं कराई और भाग गये अगर जांच किया जाए तो और भी टीवी पेशेंट मिल सकते हैं. क्योंकि अभी हाल ही में दो लोगों की मौत टीवी के कारण हो चुकी है. बता दे कि अभी खूंटी ओला मुहल्ले में टीवी मरीज के मौत के बाद भय का माहौल है. जिसके कारण लोग दूर-दूर रह रहे हैं वहीं शराब की भट्टी को बंद करने और शराबियों पर टीवी जांच करने की मांग की जा रही है. अगर भट्टी बंद नहीं होता है तो कहीं एन एक लोग टीवी के घातक बीमारी से ग्रसित होने की आशंका है.
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पोते के जन्म की खुशी मातम बनी, हाईवा हादसे में दादी की मौत

Samastipur, Bihar:पोते के जन्म की खुशी मातम में बदलीं, हाईवा की चपेट में दादी की मौत। नवजात पोते को देखने बहू के मायके गए थे दंपती, लौटते समय हादसा। समस्तीपुर में पोते के जन्म की खुशी परिवार में पूरी तरह मना भी नहीं था कि सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। शुक्रवार की देर रात को मुसरीघरारी चौराहे पर हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार अनीता देवी (40) की मौत हो गई, जबकि उनके पति मनोज पासवान घायल हो गए। उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर निवासी मनोज पासवान अपनी पत्नी अनीता देवी के साथ दो दिन पहले जन्मे पोते को देखने पूसा के श्रीरामपुर गए थे। शुक्रवार को दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान मुसरीघरारी चौराहे पर उनकी बाइक हाईवा की चपेट में आ गई। गंभीर रूप से घायल अनीता देवी को निजी अस्पताल से सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवा के चालक और खलासी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने वाहन जब्त कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अनीता की मौत की खबर मिलते ही सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। कुछ घंटे पहले तक पोते के जन्म की खुशी मनाने वाली दादी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
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झरिया पुनर्वास: जमीन अधिकारों को लेकर ग्रामीण-प्रशासन में तेज टकराव

Dhanbad, Jharkhand:झरिया कतरास और केंदुआडीह क्षेत्र में भू-धसान से प्रभावित परिवारों को विस्थापित कर बैलगड़िया स्थित JRDA टाउनशिप में बसाने की तैयारी तेज है। जिला प्रशासन की ओर से आवास निर्माण और विस्थापित परिवारों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वहीं, बैलगड़िया के ग्रामीण अपनी जमीन के अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि BCCL की मुकुंदा ओपन कास्ट परियोजना के लिए वर्ष 1984,85 में 16 गांवों की जमीन रैयतों से अधिग्रहित की गई थी। उस समय करीब 300 परिवारों को नियोजन और मुआवजा दिया गया, लेकिन 600 से अधिक रैयत आज भी जमीन के बदले नियोजन या मुआवजे से वंचित हैं। रमेश राही, भाजपा नेता ग्रामीणों का कहना है कि अब झरिया पुनर्वास योजना के तहत एक तरफ बसाया जा रहा और दूसरी तरफ हम लोगों की जमीन छीना जा रहा हैं,केंद्र सरकार की ओर से झरिया पुनर्वास के लिए राज्य सरकार को करीब छह हजार करोड़ रुपये का बजट दिए जाने के बाद बैलगड़िया में तेजी से आवास निर्माण और जमीन चिह्नित करने का काम चल रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे राज्य सरकार तथा BCCL के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जीतलाल सिंह , पूर्व मुखिया रैयत रैयतों का दावा है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन उपायुक्त और सरकार के भू राजस्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता में बैठक में यह तय हुआ था कि BCCL अथवा JRDA द्वारा उपयोग में नहीं लाई गई उस जमीन को रैयतों को वापस किया जाएगा। ग्रामीणों का या भी कहना है कि उस फैसले पर रैयतों ने भी सहमति जताई थी।ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक BCCL और राज्य सरकार उचित मुआवजा एवं नियोजन नहीं देती, तब तक वे अपनी जमीन नहीं देंगे। उनका कहना है कि प्रशासन को यदि जमीन चाहिए तो पहले रैयतों के अधिकारों का समाधान करना होगा, अन्यथा वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। गौतम सिंह , रैयत वहीं जिला प्रशासन की योजना झरिया, कतरास और केंदुआडीह के भू-धसान प्रभावित परिवारों को बैलगड़िया टाउनशिप में बसाने की है। ऐसे में पुनर्वास की प्रक्रिया और जमीन के अधिकार को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है。
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87 लाख के शिक्षकों के आवासीय भवन में बदहाली: उत्तरकाशी में सरकारी लापरवाही पर बड़ा सवाल

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:स्लग-87 लाख रुपए की लागत से बना भवन महज तीन साल में खंडहर विभाग की लापरवाही पर सवाल उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में सरकारी संपत्ति तीन साल में खंडहर कैसे बन गई यह हम तस्वीरों में देख सकते हैं राजकीय इंटर कॉलेज मुस्टिकसौड़ में तीन साल पहले शिक्षकों के लिए 87 लाख रुपए की लागत से बनाए गए आवासीय भवन आज बदहाली के आंसू रो रहा है और भवन महज तीन साल में खंडहर में तब्दील हो गया। झाड़ियां, गंदगी और टूटे दरवाजे-खिड़कियां सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं आखिर 87 लाख रुपये खर्च करने के बाद इस भवन का उपयोग क्यों नहीं हुआ-एक रिपोर्ट तस्वीरें उत्तरकाशी के राजकीय इंटर कॉलेज मुस्टिकसौड़ की हैं। शिक्षकों के आवासीय भवन के लिए वर्ष 2022 में 87 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई और वर्ष 2023 में भवन बनकर तैयार हो गया। निर्माण के बाद इसे शिक्षा विभाग को हैंड ओवर किए जाने की बात कही गई। लेकिन आज यही भवन सरकारी सिस्टम की लापरवाही का आईना बना हुआ है। भवन के चारों तरफ झाड़ियां और घास उग आई हैं। कमरों के दरवाजे-खिड़कियां टूटे पड़े हैं, पंखे उखड़े हुए हैं और नल की टोंटियां तक गायब हैं। कई कमरों में गंदगी का अंबार है। यानि जिस भवन पर 87 लाख रुपये खर्च किए गए, उसका रखरखाव तक नहीं हो सका। विभाग का कहना है यह भवन शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यालय को सौंप दिया गया था, जबकि राजकीय इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य का कहना है कि उन्हें न तो कोई एनओसी मिली और न ही भवन का हैंड ओवर हुआ। बाइट 01 चित्रा नौटियाल प्रधानाचार्य निर्माण निगम चंबा ने वर्ष 2023 में भवन का निर्माण पूरा किया था। सीमांत क्षेत्र के विकास के लिए स्वीकृत 87 लाख रुपए की राशि से बनी सरकारी संपत्ति आज उपयोग के बजाय बदहाली का उदाहरण बन गई है। ग्रामीण भी सरकारी धन की बर्बादी से हैरान है। स्थानीय क्षेत्र पंचायत सदस्य और पूर्व प्रधान ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। बाइट 02 शंकर गुसाईं क्षेत्र पंचायत सदस्य बाइट 02 सत्यनारायण सेमवाल पूर्व प्रधान अब सवाल सिर्फ एक भवन की बदहाली का नहीं, बल्कि सरकारी धन, निर्माण की गुणवत्ता, हैंडओवर प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने का है। तीन साल में खंडहर बने इस 87 लाख के शिक्षकों के आवासीय भवन पर अब शिक्षा विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्था को जवाब देना होगा—आखिर सरकारी धन की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है।
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खूँटी में जमीन कब्ज़ी को लेकर दो पक्षों में मारपीट, 6 गिरफ्तार

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - जमीन विवाद में दो पक्षों में मारपीट, एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष का एक घायल, थाने में मामला दर्ज (अपडेट)। खूँटी जिले में जमीन विवाद की बड़ी घटना सामने आई है जिसमें कल दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और खूनी संघर्ष हुई। घटना खूँटी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलहाथी मौजा की है। जिसमें कथित जमीन मालिक और दूसरा खरीदार पक्ष के साथ आपस में मारपीट हुई जिसमें जमीन मालिक पर डंडा , लाठी और बंदूक के कुंदा से मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। जिसमें लालधारी सिंह के पुत्र सुरेंद्र सिंह, बलिंदर सिंह और श्याम सिंह के सिर पर और छाती में गंभीर प्रहार किए जाने का मामला सामने आया है। सुरेंद्र सिंह की स्थिति गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए रेफर किए जा रहा है। वहीं दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को भी चोट लगी है। घटना के बाद पुलिस मारपीट करने वालों में 6 लोगों को पकड़ी है। वहीं दोनों ही पक्षों ने खूँटी थाने में केस दर्ज कराया है। जिसमें जमीन मालिक पक्ष के द्वारा विनय महतो, राहूल राम, आशीष राम, राहुल कश्यप, महावीर राम, दशरथ राम, उमाशंकर साहू, पंकज साहू, सहित 25-30 लोगों पर मामला दर्ज कराया गया। इनके उपर डंडा, हथियार, बंदूक होने की बात कही गयी। वहीं दूसरे जमीन खरीदार पक्ष के द्वारा कथित जमीन मालिक कहे जाने वाले पक्ष सुरेंद्र सिंह, बलिंदर सिंह और श्याम सिंह के ऊपर हथियार चलाने का मामला दर्ज कराया गया। कथित जमीन मालिक बलिंदर सिंह ने बताया कि उनकी जमीन किसी और के द्वारा बिक्री कर दी गयी है और वे लोग आज जबरन हमारी जमीन पर कब्जा करने के लिए जेसीबी चला रहे थे जिन्हें मना किए जाने पर मारपीट पर उतारू हो गए और जानलेवा हमला किया। बलिंदर सिंह की माँ ने बताया कि यह जमीन हमारी है लेकिन कोई और जमीन को भेज देने बात कहा गया तभी आज कुछ लोगों के द्वारा जमीन पर चढ़ाई किया गया और मेरे बेटों के साथ मारपीट की गई। जमीन खरीदार पक्ष में राँची जिले के डिम्बा गांव निवासी उमाशंकर साहू ने बताया कि करिश्मा कुमारी दीपिका देवी और सोनी कुमारी के नाम से एक ही डिड में जमीन खरीदे हैं। जहां आज जेसीबी चला कर प्लाटिंग करने गए थे वहां पर सुरेंद्र सिंह बलिंदर सिंह और श्याम सिंह के द्वारा जानलेवा हमला किया गया। हम लोगों ने बीच बचाव किया जिसमें अपने हाथ में चोट आ गई है। गुमला जिले के भरनो प्रखंड के कोइंनजारी गाँव निवासी पंकज साहू ने बताया कि यह जमीन हमने खरीदा है जिसमें इसका कोई हक नहीं बनता है जो यह मामला तक गया था लेकिन इसपर हमलोग सही थे। अगर इनका जमीन था तो इनको थाना आना चाहिए था ना कि जमीन पर लड़ाई करने जाना था। थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जमीन विवाद का मामला आया है जो बेलहाती गांव मौजा में घटना हुई है जिसमें दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है उसमें पूछताछ के लिए कुछ लोगों को लाकर राखे हैं। ईश्वर अनुसंधान चल रहा है।
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व्यस्त सड़क पर युवकों में मारपीट, कुछ देर मची अफरा-तफरी

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Muhammadabad Gohna, Uttar Pradesh:व्यस्त सड़क पर युवकों में मारपीट, कुछ देर मची अफरा-तफरी मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे लाइफ लाइन अस्पताल और छप्पन भोग के पास व्यस्त सड़क पर कुछ युवक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते युवकों के बीच सड़क पर ही कहासुनी के बाद हाथापाई होने लगी, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि उक्त स्थान पर शाम के समय काफी चहल-पहल रहती है। इसी दौरान युवकों के आपस में झगड़ने से राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों का ध्यान मौके की ओर चला गया। हालांकि, युवकों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
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शिरूर में नरभक्षक बिबट को वन विभाग ने पकड़ा, ग्रामीणों में राहत

Shirur, Maharashtra:शिरूर तालुक्यातून एक मोठी आणि दिलासादायक बातमी समोर येतेय. इनामगाव, मांडवगण आणि पिंपळसुटी परिसरात गेल्या दोन वर्षांपासून दहशत माजवणाऱ्या नरभक्षक बिबट्याला वन विभागाने अखेर जेरबंद केलं आहे. गेल्या दोन वर्षांत या बिबट्याने लहान मुलं आणि वयोवृद्धांवर जीवघेणे हल्ले करून मोठी दहशत निर्माण केली होती. वन विभागाच्या पथकाने तांत्रिक तपास आणि सापळा रचून या बिबट्याला पकडलं आहे. विशेष म्हणजे, बिबट्याच्या पायाच्या दोन तुटलेल्या बोटांच्या खुणांवरून हाच तो नरभक्षक बिबट्या असल्याची खात्री वन विभागाने केली आहे. या कारवाईमुळे परिसरातील ग्रामस्थांनी अखेर सुटकेचा निश्वास टाकला आहे.या बिबट्या ची रवानगी माणिकडोह बिबट निवारण केंद्रात करण्यात आलीय...
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