icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
284002
Praveen BhargavPraveen BhargavFollow26 Jan 2025, 01:52 pm

Jhansi: रक्सा में व्यापार मंडल ने 76वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया

Jhansi, Uttar Pradesh:

76वां गणतंत्र दिवस रक्सा के व्यापार मंडल द्वारा धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल कुमार राय और भाजपा मंडल अध्यक्ष रवि राजपूत ने व्यापार मंडल कार्यालय में ध्वजारोहण किया। मंडल अध्यक्ष रवि राजपूत ने व्यापारियों को संविधान के बारे में जानकारी देते हुए उनका नाम संदेश पढ़ा। इस दौरान राजेंद्र राजपूत, प्रधान रक्सा, राममिलन यादव, प्रधान कोटखेरा, भूपेंद्र सिंह परमार, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, सुनील खरे, राजेंद्र विश्वारी, ब्रजेश तिवारी, पंकज सावला और चरण सिंह चौहान को व्यापार मंडल ने शाल और श्रीफल देकर स्वागत किया।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बरसाती नहर में तीन मासूम बेटियां डूब गईं, इलाके में मातम

Kushinagar, Uttar Pradesh:बरसाती नहर में समाईं तीन मासूम बेटियां कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियां बरसाती नहर में डूब गईं। घटना के बाद पूरे इलाक़े में हड़कम्प मच गया है। एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं तलाश अभियान चला रही हैं। बता दे कि बीते दिन 4 बजे के करीब नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बभनौली सिधरिया बरसाती नहर में एक दर्दनाक हादसा हो गया। घास काटकर घर लौट रही तीन मासूम बच्चियां अचानक नहर में डूब गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए, बरसाती नहर में डूबी बच्चियों की पहचान 10 वर्षीय सपना, 12 वर्षीय कुंचन और 8 वर्षीय छोटी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चियाँ एक ही परिवार की हैं और दो सगे भाइयों की बेटियाँ हैं। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँच गई। एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और स्टीमर की मदद से ड्रेन में बच्चियों की तलाश की जा रही है। स्थानीय विधायक मनीष जायसवाल भी घटनास्थल पर पहुँचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। फिलहाल एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन जारी है और पूरे इलाके की निगाहें रेस्क्यू अभियान पर टिकी हैं。
0
0
Report
Advertisement

हिंदी: इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच: 2013 के प्रधानाचार्यों की नियुक्तियाँ रद्द नहीं होंगी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने वर्ष 2013 में सहायता प्राप्त अशासकीय इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने 2013 के विज्ञापन के आधार पर चयनित प्रधानाचार्यों की नियुक्ति रद्द करने के एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया है। इससे चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने व्यावसायिक, आश्रित तथा कृषि, संस्कृत, उर्दू, राजकीय, सहायता प्राप्त और अशासकीय इंटर कॉलेजों से संबंधित अलग-अलग अपीलों पर संयुक्त सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। खंडपीठ ने कहा कि चयनित प्रधानाचार्य दिसंबर 2022 से लगातार कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्तियों को रद्द करना उचित नहीं होगा और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया। क्या है मामला? उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2013 में प्रधानाचार्यों के तीन पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। एकल पीठ के समक्ष दायर याचिका में वर्ष 2023 में कहा गया कि चयन प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करती है और नियुक्तियाँ निरस्त की जाएं। एकल पीठ ने नियुक्तियाँ रद्द करने के साथ नई चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ चयनित प्रधानाचार्यों और अन्य पक्षों ने खंडपीठ में अपील दायर की। खंडपीठ ने माना कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, चयनित अभ्यर्थी लंबे समय से कार्यरत हैं और इस स्थिति में नियुक्तियाँ निरस्त करना न्यायसंगत नहीं होगा। इसलिए एकल पीठ का आदेश रद्द करते हुए चयनित प्रधानाचार्यों को राहत प्रदान की गई।
0
0
Report

पूर्वांचल-बुंदेलखंड में डेटा सेंटर नीति: निवेश पर दोगुनी छूट, संतुलित विकास के लक्ष्य

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ प्रदेश को एआई और डीप टेक का हब बनाने की दिशा में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने तेजी से काम शुरू किया है। राज्य के सभी हिस्सों में औद्योगिक विकास का संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से नई डेटा सेंटर नीति लागू की जा रही है। इसमें पूर्वांचल और बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास पर विशेष फोकस किया गया है। नई नीति के तहत इन क्षेत्रों में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को पश्चिमांचल और मध्यांचल की तुलना में दोगुनी रियायतें दी जाएंगी। प्रमुख रियायतें पूर्वांचल और बुंदेलखंड में सरकारी अभिकरण से भूमि लीज या खरीदने पर सर्किल रेट में 50% की छूट मिलेगी। पश्चिमांचल और मध्यांचल में यह छूट 25% होगी। डेटा सेंटर स्थापित होने के बाद संबंधित प्राधिकरण चरणबद्ध तरीके से भूमि सब्सिडی का समायोजन करेगा। भूमि सब्सिडी डेटा सेंटर के साथ स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों पर भी लागू होगी, बशर्ते किसी अन्य केंद्रीय या राज्य योजना के तहत भूमि सब्सिडी न ली गई हो。 सरकारी प्राधिकरण से खरीदी गई भूमि के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% की छूट दी जाएगी। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना, डेटा सेंटर उद्योग का विस्तार करना और संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
0
0
Report
Advertisement

चढ़ावा चोरी मामले में SIT की नई निगरानी, 100 से अधिक नोटिस जारी

Noida, Uttar Pradesh:चढ़ावा चोरी मामला नई SIT की निगरानी में जांच शुरू पूछताछ के लिए करीब १०० से जायदा लोगों को भेजा नोटिस* समिति के सदस्य डीआईजी सोमेन बर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. गौरव ग्रोवर मामले की बारीकी से जांच की निगराणी कर रहे हैं चढ़ावा चोरी की जांच के क्रम में जेल में बंद आठ आरोपितों के अलावा पुलिस ने आरोपितों के सगे संबंधियों को नोटिस भेजा बैंक के लोगो जो भी भेजा गया नोटिस मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड से भी पूछताछ नोटिस भेज कर लोगों को बुला कर पूछताछ की जा रही है। इसमें भूमि के प्रपत्रों के अलावा आरोपितों के कनेक्शन में रहने वाले संदिग्धों की संपत्ति व बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। एक सीए से भी पूछताछ हुई है।
0
0
Report

छबड़ा के नागेश्वर पहाड़ी मंदिर में शिवलिंग प्राकट्य से आस्था का केंद्र बना

Baran, Rajasthan:छबड़ा में नागेश्वर पहाड़ी मन्दिर पर स्थित है चमत्कारिक मन्दिर 1985 में खुदाई के दौरान निकला था शिवलिंग बारां जिले के छबड़ा कस्बे की नागेश्वर पहाड़ी पर भगवान भोलेनाथ का एक चमत्कारिक मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां साक्षात शिवलिंग प्रकट हुआ था, जिसके बाद यह स्थान धीरे-धीरे भव्य शिव मंदिर के रूप में विकसित हुआ। पूर्व नागेश्वर पहाड़ी मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन भार्गव ओर राहुल सिंघवी समाज सेवी ने बताया कि आज जहां विशाल शिव मंदिर है, वहां कभी घना जंगल और पहाड़ी हुआ करती थी। उस समय पहाड़ी पर केवल हनुमान जी का एक छोटा चबूतरा था। यहा 6 फीट की खुदाई में निकला था शिवलिंग 22 अगस्त 1985 को यहां हनुमान मंदिर की नींव की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान लगभग 6 फीट की गहराई पर एक शिवलिंग प्राप्त हुआ। शिवलिंग निकलने की खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। इसके बाद हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े। श्रद्धा और आस्था के चलते धीरे-धीरे यहीं भोलेनाथ का मंदिर स्थापित कर दिया गया। सावन और महाशिवरात्रि पर लगता है मेला मंदिर समिति के अनुसार सावन मास और महाशिवरात्रि पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इन दिनों मंदिर को फूलों से सजाया जाता है और भजन, जला अभिषेक, जागरण व विशेष अनुष्ठान होते हैं। किशन भार्गव ओर समाज सेवी राहुल सिंधवी ने बताया कि सावन और महाशिवरात्रि के दिन यहां श्रद्धालुओं का दिनभर तांता लगा रहता है। दूर-दराज से लोग मन्नत मांगने और जलाभिषेक करने आते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि नागेश्वर पहाड़ी का यह शिवलिंग स्वयंभू है और यहां मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं। इसी आस्था के कारण छबड़ा और आसपास के जिलों में यह मंदिर विशेष महत्व रखता है।
0
0
Report
Advertisement

बोकारो के संथालडीह कुरा गांव में विशाल कोबरा रेस्क्यू; सुरक्षा सलाह दी गई

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के संथालडीह कुरा गांव में विशाल कोबरा निकलने से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने वन विभाग और BSL के सर्प मित्र को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सर्प मित्र ने सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया। साथ ही ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। ये तस्वीरें बोकारो के संथालडीह कुरा गांव की हैं जहां अचानक एक विशालकाय कोबरा निकला। सांप को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जहरीले कोबरा घर के आंगन में बने मिट्टी के चूल्हे के अंदर घुस गया। लोगों ने तत्काल वन विभाग और BSL के सर्प मित्र M.P. पांडे को सूचना दी। सर्प मित्र ने मौके पर पहुंचकर बिना नुकसान पहुंचाए कोबरा को सुरक्षित घर से रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक किया कि सांपों की पर्यावरण में भूमिका क्या है, सर्पदंश से कैसे बचें और काटने पर क्या करें। उन्होंने कहा कि झाड़-फूंक या काटने के स्थान को चीरना-चूसना नहीं करना है; तुरंत अस्पताल ले जाना है। इसके बाद वन विभाग के फॉरेस्टर रुद्र प्रताप सिंह, रतन राय और निताय महतो की मौजूदगी में सांप को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। बाइट: M.P. पांडे, सर्प मित्र, BSL
0
0
Report
Advertisement

धोम डैम से 4966 क्यूसेक विसर्ग, कृष्णा नदी किनारे महागणपती मंदिर घिरा

Satara, Maharashtra:साताऱ्यास पश्चिम भागात घाटमाथ्यावर पडत असलेल्या मुसळधार पावसामुळे धरणांच्या पाणीपातळीत झपाट्याने वाढ होत आहे. ही पाणीपातळी नियंत्रित करण्यासाठी धोम डॅमातून 4966 क्यूसेकचा विसर्ग कृष्णा नदी पात्रात करण्यात आला आहे. यामुळे वाय येथील कृष्णा नदीच्या तीरावर असणाऱ्या महागणपती मंदिराला वेढा पडला असून कृष्णा नदी लगत असणाऱ्या गावांना सतर्कतेचा इशारा देण्यात आला आहे. धोम डहरन सध्या 89 टक्के भरले आहे. परिसरात सुरू असलेला पाऊस आणि विसर्ग यामुळे कृष्णा नदी दुथडी भरून वाहत असून महागणपती मंदिराला पडलेल्या वेढ्याचे ड्रोनच्या माध्यमातून विश्वजित साळुंखे यांनी टिपलेले हे दृश्य.
0
0
Report

कवाई में अडानी पावर प्लांट से रोजगार-विकास की उम्मीद टूटी, प्रदूषण बढ़ा

Baran, Rajasthan:कवाई में अडानी पावर प्लांट से टूटा लोगों का भरोसा, ना रोजगार मिला ओर क्षेत्र का विकास, बारां जिले के कवाई में लगा हजारों करोड़ के अडानी पावर प्लांट क्षेत्र के लोगों के लिए विकास की उम्मीद लेकर आया था, लेकिन आज वही अडानी पावर प्लांट क्षेत्र के लिए परेशानी का सबब बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है रोजगार मिला नहीं, विकास हुआ नहीं, मिला तो सिर्फ प्रदूषण और कंपनी की मनमानी स्थानीय लोगों ने बताया कि अडानी पावर प्लांट प्रबंधन हर साल सीएसआर के नाम पर 5 करोड़ से अधिक की राशि खर्च दिखाता है, लेकिन वह राशि कहां खर्च होती है, इसका हिसाब किसी को नहीं पता। न गांव में विकास दिखता है, न युवाओं को रोजगार。 कवाई पंचायत के सरपंच प्रशासक चंपालाल चंदेल का कहना है, विकास तो दूर की बात है, प्लांट से क्षेत्र में विनाश हो रहा है। राख की समस्या, पानी , गंदगी की समस्या, खेती बर्बाद हो रही है। कंपनी सुनने को तैयार नहीं है। ओर प्रदूषण का दंश लोग झेल रहे हैं समाजसेवी तरुण मीणा ने कहा, लोगों को उम्मीद थी प्लांट लगेगा तो हमारे बच्चों को रोजगार मिलेगा, क्षेत्र का विकास होगा। लेकिन रोजगार तो दूर की बात है। सीएसआर के करोड़ों रुपयों से अधिकारियों के कार्यालय चमकाए जा रहे हैं और नेताओं का भला किया जा रहा है। आम आदमी आज भी बेरोजगार भटक रहा है。 ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप दमन का है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई अडानी पावर प्लांट के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे शांति भंग के नाम पर बंद करके जेल भेज दिया जाता है बाइट- चंपालाल चंदेल (प्रशासक) सरपंच कवाई बाइट- तरूण मीणा समाजसेवी
0
0
Report

नीमकाथाना में शाहपुरा-चिड़ावा रोड चौड़ीकरण: 186 अतिक्रमण हटाने की तैयारी

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के नीमकाथाना में शाहपुरा-चिड़ावा रोड चौड़ीकरण के अंतर्गत खेतड़ी रोड से सिरोही नदी तक अतिक्रमण हटाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंची है। इससे लगभग 186 अतिक्रमणकारी प्रभावित होंगे। प्रशासन द्वारा सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब 3 और 4 अगस्त को अतिक्रमण हटाने का प्रस्तावित कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। कई दुकानदार एवं मकान मालिक कार्रवाई से पहले ही स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने में जुट गए हैं ताकि नुकसान कम हो सके। चिन्हित सीमा में बने अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। निर्धारित समय तक स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आमजन को राहत मिलेगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top