icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
284001
Praveen BhargavPraveen BhargavFollow29 Jan 2025, 05:28 pm

झांसीः मनस्विनी सामाजिक संस्था ने मौनी अमावस्या पर वस्त्र और मिष्ठान का किया वितरण

Jhansi, Uttar Pradesh:

मनस्विनी संस्था ने मौनी अमावस्या के शुभ पर्व पर चार्टर अध्यक्ष रजनी गुप्ता और कल्पना सेठ की संयुक्त अध्यक्षता में सखी के हनुमान मंदिर पर वस्त्र और मिष्ठान वितरण किया। रजनी गुप्ता ने बताया इस दिन मौन रहने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या पर पूर्वजों की पूजा और तर्पण करने से सुख-शांति और आशीर्वाद मिलता। निर्धन बुजुर्गों को गर्म कपड़े, महिलाओं को साड़ियां, बच्चों को गर्म और सादा कपड़े सहित मिष्ठान, बिस्किट्स और चॉकलेट वितरित किए गए।कोषाध्यक्ष संयोगिता सेन ने बच्चों के साथ केक काटकर शादी की वर्षगांठ भी मनाई। कार्यक्रम मे संयोगिता सेन, रेनू शुक्ला, प्रियंका सरावगी, नीलम गुप्ता, मोनिका गुप्ता, आकांक्षा मलैया और रचना सोनी उपस्थित रहीं। सभी ने राम धुन गाई। सचिव निधि नगरिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

अमृतधारा जलप्रपात में भीड़ तेज, सुरक्षा और सुविधाओं पर सवाल

SASARWAR ALIJust now
Muju, Jeonbuk State:छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध अमृतधारा जलप्रपात बारिश का मौसम शुरू होते ही पर्यटकों से गुलजार हो गया है। एमसीबी व कोरिया और सरगुजा जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। नेशनल हाईवे 43 तिरालिस से आठ किलोमीटर अंदर यह जलप्रपात स्थित है जहां काफी ऊँचाई से पानी गिरता है। रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में यहां भारी भीड़ देखी जा रही है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बावजूद जलप्रपात क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हसदेव नदी पर बने इस जलप्रपात में अब तक कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ पर्यटकों की जान भी जा चुकी है। इन हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सावधानी को लेकर जगह-जगह बोर्ड भी लगाए हैं पर पर्यटक इसे नजरअंदाज़ कर रहे हैं, पर्यटक सेल्फी लेतेे नजर आए। संवेदनशील स्थलों पर न तो सुरक्षा बैरिकेटिंग है और न ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जबकि यहाँ पुलिस सहायता केंद्र खोला गया है जो हमेशा बंद रहता है। गोताखोर, लाइफगार्ड, प्राथमिक उपचार केंद्र और आपदा राहत दल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी यहां उपलब्ध नहीं हैं। पर्यटकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अमृतधारा जलप्रपात में पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि होने वाले हादसों को रोका जा सके और पर्यटक सुरक्षित वातावरण में इस प्राकृतिक स्थल का आनंद ले सकें। मध्यप्रदेश से पहुंचे पर्यटक अमृत धारा जलप्रपात की तारीफ की। उन्होंने कहा मध्यप्रदेश के भेड़ाघाट से काम नहीं है यहां का नजारा।
0
0
Report

PHED में VRS उलझन: चीफ इंजीनियरों की स्वैच्छिक रिटायरमेंट अस्वीकृत

Jaipur, Rajasthan:PHED में VRS मुश्किल-चीफ इंजीनियर्स का स्वैच्छिक सेवानिवृति निरस्त, भ्रष्टाचार मामले में ACB में 17A का प्रकरण विचाराधीन आशीष चौहान, जयपुर- PHED में चीफ इंजीनियर्स के VRS सरकार ने नामंजूर कर दिए. मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के निर्देश के बाद VRS की अनुमति नहीं दी गई. इससे पहले भी चीफ इंजीनियर्स ने VRS के लिए आवेदन किए थे, लेकिन उन्हें मनचाहा रिटायरमेंट नहीं मिल पाया. यानी PHED में VRS मिलना बहुत मुश्किल है.. आखिरकार स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति क्यों नहीं मिल पा रही PHED में देखे इस खास रिपोर्ट में! VRS तो मुश्किल है- पानी वाले महकमे में इंजीनियर्स को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मिलना मुश्किल हो गया है. सरकार ने दो चीफ इंजीनियर्स की सीट संभाल रहे राजसिंह चौधरी और मुकेश बंसल का VRS नामंजूर कर दिया है. एडिशनल चीफ इंजीनियर राजसिंह चौधरी पर 17A का प्रकरण विचाराधीन है.ACB में भ्रष्टाचार के मामले में पूर्वानुमोदन प्रकरण विचाराधीन है. जिस कारण उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं मिल पाई है. अभी PHED ने राजसिंह चौधरी ने केस चलाने की मंजूरी नहीं दी है. ACB ने भ्रष्टाचार के एक मामले में जलदाय विभाग से अनुमति मांग रखी है. जब PHED अनुमति देगा तब भी मामले की जांच शुरू होगी. इन्ही कारणों के चलते राजसिंह चौधरी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं मिल पाई. वहीं चीफ इंजीनियर प्रशासक का काम संभाल रहे मुकेश बंसल का VRS भी नामंजूर कर दिया. उनके वीआरएस आवेदन निरस्त करने का कारण इंजीनियर्स की कमी बताया. संयुक्त सचिव अरविंद सारस्वत ने इस संबंध में आदेश जारी किए. रिटायरमेंट के लिए इतना समय बाकी- चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर काबिज दो एडिशनल चीफ इंजीनियर राजसिंह चौधरी और मुकेश बंसल ने करीब 3 महीने पहले वीआरएस के लिए आवेदन किया था. राज सिंह चौधरी का अगले साल मार्च और मुकेश बंसल का 5 साल बाद रिटायरमेंट है. फिलहाल अतिरिक्त सचिव और मुख्य अभियंता संदीप शर्मा, जोधपुर चीफ इंजीनियर देवराज सोलंकी, और तकनीकी चीफ इंजीनियर नीरज माथुर ही चीफ इंजीनियर है. बाकी 8 चीफ इंजीनियर्स की कुर्सियां अतिरिक्त चार्ज पर चल रही है. कई इंजीनियर्स लेना चाहते थे VRS- जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार के बाद कई इंजीनियर्स ने VRS के अप्लाई किया था. कई इंजीनियर्स वीआरएस लेना चाहते थे. लेकिन उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं मिल पाई. क्योंकि उनके खिलाफ ACB में केस चल रहे थे. नियमों के तहत कोई केस पेंडिंग चल रहा है तो उन्हें VRS नहीं दिया जा सकता. इसलिए मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के निर्देश के बाद VRS को नामंजूर किया गया. नोट- इस खबर की फीड OFC से स्लग से भेजी गई है।
0
0
Report

PHED के मुख्य इंजीनियरों का VRS नामंजूर: भ्रष्टाचार केस रोक रहा सेवानिवृत्ति

Jaipur, Rajasthan:PHED में चीफ इंजीनियर्स के VRS को सरकार ने नामंजूर कर दिए. मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के निर्देश के बाद VRS की अनुमति नहीं दी गई. इससे पहले भी चीफ इंजीनियर्स ने VRS के लिए आवेदन किए थे, लेकिन उन्हें मनचाहा रिटायरमेंट नहीं मिल पाया. यानी पीएचईडी में VRS मिलना बहुत मुश्किल है. VRS तो मुश्किल है- पानी वाले महकमे में इंजीनियर्स को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मिलना मुश्किल हो गया है. सरकार ने दो चीफ इंजीनियर्स की सीट संभाल रहे राजसिंह चौधरी और मुकेश बंसल का VRS नामंजूर कर दिया है. एडिशनल चीफ इंजीनियर राजसिंह चौधरी पर 17A का प्रकरण विचाराधीन है. ACB में भ्रष्टाचार के मामले में पूर्वानुमोदन प्रकरण विचाराधीन है. जिस कारण उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं मिल पाई है. अभी पीएचईडी ने राजसिंह चौधरी ने केस चलाने की मंजूरी नहीं दी है. ACB ने भ्रष्टाचार के एक मामले में जलदाय विभाग से अनुमति मांग रखी है. जब पीएचईडी अनुमति देगा तब भी मामले की जांच शुरू होगी. इन्ही कारणों के चलते राजसिंह चौधरी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं मिल पाई. वहीं चीफ इंजीनियर प्रशासक का काम संभाल रहे मुकेश बंसल का VRS भी नामंजूर कर दिया. उनके वीआरएस आवेदन निरस्त करने का कारण इंजीनियर्स की कमी बताया. संयुक्त सचिव अरविंद सारस्वत ने इस संबंध में आदेश जारी किए. रिटायरमेंट के लिए इतना समय बाकी- चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर काबिज दो एडिशनल चीफ इंजीनियर राजसिंह चौधरी और मुकेश बंसल ने करीब 3 महीने पहले वीआरएस के लिए आवेदन किया था. राज सिंह चौधरी का अगले साल मार्च और मुकेश बंसल का 5 साल बाद रिटायरमेंट है. फिलहाल अतिरिक्त सचिव और मुख्य अभियंता संदीप शर्मा, जोधपुर चीफ इंजीनियर देवराज सोलंकी, और तकनीकी चीफ इंजीनियर नीरज माथुर ही चीफ इंजीनियर है. बाकी 8 चीफ इंजीनियर्स की कुर्सियां अतिरिक्त चार्ज पर चल रही है. कई इंजीनियर्स लेना चाहते थे VRS- जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार के बाद कई इंजीनियर्स ने VRS के अप्लाई किया था. कई इंजीनियर्स वीआरएस लेना चाहते थे. लेकिन उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति नहीं मिल पाई. क्योंकि उनके खिलाफ एसीबी में केस चल रहे थे. नियमों के तहत कोई केस पेंडिंग चल रहा है तो उन्हें वीआरएस नहीं दिया जा सकता. इसलिए मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के निर्देश के बाद वीआरएस को नामंजूर किया गया.
0
0
Report
Advertisement

90% भराव से बांगो बांध के गेट खुलने की आशंका, निचले इलाके हो सकते हैं प्रभावित

Korba, Chhattisgarh:कोरबा और आसपास के ऊपरी जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते मिनीमाता बांगो जलाशय में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांध में जलभराव कूल क्षमता के करीब 90% तक पहुँच चुका है। ताज़ा स्थिति के मद्देनजर जल संसाधन विभाग ने आसपास के लोगों और हसदेव नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है। दरसल हसदेव नदी मे बने इस मिनीमाता बांगो जलाशय की कुल जलभराव क्षमता 359.66 मीटर है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 358.03 मीटर तक पहुंच गया है। इसका मतलब बांध में करीब 2613.57 मिलियन घन मीटर पानी जमा है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जलाशय करीब 89.55 से 90 प्रतिशत तक भर चुका है। लगातार बारिश के कारण अगर बांध में पानी की आवक इसी तरह बढ़ती रही, तो बांगो बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। बांध से करीब 34 ग्राम पंचायतें प्रभावित हो सकती हैं। इन क्षेत्रों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।
0
0
Report

घाटीवाले बालाजी मंदिर में नकाबपोशों का धावा, पुजारी जागते ही पत्थरबाजी

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित घाटीवाले बालाजी मंदिर में रविवार रात आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने चोरी का प्रयास किया। बदमाश मंदिर परिसर में घुसे और वहाँ रखी गदा को उठाकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। पुजारी के जागने पर बदमाशों ने गाली-गलौच करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी और मौके से फरार हो गए। वारदात के दौरान बदमाशों ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों को कपड़े से ढकने का प्रयास किया, ताकि उनकी पहचान सामने नहीं आ सके। हालांकि चोरी के प्रयास से जुड़ी गतिविधियां कैमरों में कैद हो गईं। सभी बदमाशों ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। पुजारी के जागने और विरोध करने पर बदमाशों ने पत्थर फेंके और इसके बाद मौके से भाग निकले। घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि घाटीवाले बालाजी मंदिर में पहले भी चोरी की वारदात हो चुकी है। पूर्व में बदमाश मंदिर का दानपात्र चोरी कर ले गए थे। इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए मजबूत दानपात्र लगाया था। इसके बावजूद बदमाशों ने एक बार फिर मंदिर को निशाना बनाकर चोरी का प्रयास किया। मंदिर में बार-बार चोरी के प्रयास से श्रद्धालुओं और प्रबंधन में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस को प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान में जुटी है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की है।
0
0
Report
Advertisement

चूरू में हर घर तिरंगा यात्रा देशभक्ति से गूंज उठा शहर

Churu, Rajasthan:चूरू. विधान सभा-चूरू लोकेशन—चूरू. हर घर तिरंगा अभियान के तहत चूरू जिले मुख्यालय पर भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा के द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो वीरगति स्मारक पर जाकर सम्पन्न हुई। शहर में निकली सुंदर और भव्य तिरंगा यात्रा में अधिकारी, बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं, खिलाड़ी, सरकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में शहरवासी उत्साह के साथ शामिल हुए। तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए निकली, हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए लोगों में देशभक्ति का खासा जुनून देखने को मिला। पूरे यात्रा मार्ग पर भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयकारे गूंजते रहे। लोगों ने राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान शहर का माहौल पूरी तरह देशभक्ति से ओत-प्रोत नजर आया। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने अभियान के माध्यम से आमजन को हर घर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
0
0
Report

दमोह में महापुरुषों की प्रतिमाओं से अवैध कब्जा, बरसात में बुलडोजर चला

Damoh, Madhya Pradesh:महापुरुषों की मूर्तियां लगाकर जमीन पर हो रहा था कब्जा, भरी बारिश में चला बुलडोजर.. एंकर/ आम तौर पर महापुरुषों की प्रतिमायें आस्था और श्रद्धा का विषय होती है जिनके सामने जाकर लोग उनके योगदान को याद कर उनसे सीख लेते है और खास तौर पर आने वाली पीढ़ी उनसे उनके योगदान से परिचित रहे इसके लिए देश दुनिया में प्रतिमाएँ स्थापित की जाती है लेकिन महापुरुषों की प्रतिमाएं जमीन पर कब्जा करने का जरिया बन जाएं तो भला आप क्या कहेंगे? आपको अजीब लग रहा होगा लेकिन एमपी के दमोह में एक शख्स कुछ ऐसा ही कर रहा है जहां महापुरुषों की मूर्तियां लगाकर लोगों का रास्ता बंद करना और उनकी कीमती जमीनों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। दमोह जिला प्रशासन को जब ऐसी शिकायतें बड़ी संख्या में मिली तो प्रशासन अब एक्टिव मोड में आया है और जब अफसरों ने खुद हालात देखे तो हैरान रह गए। दरअसल शहर के बालाकोट रोड पर सागर बायपास के पास के रहवासीयों ने कलेक्टर को शिकायत की कि यहां सुरेश सीटू छाबड़ा नाम का शख्स जमीन पर कब्जा कर रखे है सिर्फ सरकारी जमीन ही नहीं बल्कि लोगों की निजी जमीन पर भी कब्जा जमाए है और कब्जे का तरीका भी ऐसा कि आम आदमी तो ठीक प्रशासन भी कब्जा बेदखल करने में सो बार सोचेगा क्योंकि कब्जे के लिए देश के महानायकों का इस्तेमाल किया गया है। इन प्रतिमाओं के निर्माण में भारी भरकम रकम खर्च होती लेकिन इस शख्स ने दिमाग लगाया और ये मूर्तिया प्लास्टिक, फाइबर की बनवाई और यहां लगवा दी, अब इन मूर्तियों को भला कौन हटाए क्योंकि आम तौर पर ऐसा करने पर लोगों का आक्रोश सामने आता है और ये बड़ी मुश्किल प्रशासन के सामने थी लेकिन प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया और बाकायदा प्रतिमाओं का सम्मान करते हुए यहां के अवैध कब्जों को जमीदोज किया गया है और अब इन प्रतिमाओं को विधिवत निकालने की तैयारी की जा रही है ताकि प्लास्टिक की इन मूर्तियों को सम्मान सहित निकाला जा सके। प्रशासन की ये बुलडोजर कार्यवाही भरी बरसात में हुई जब आसमान से पानी गिर रहा था और बुलडोजर अवैध कब्जों को हटाने में जुटा था और लाखों की कीमत वाली जमीन मुक्त कराई गई है, इस कार्यवाही से लोगों की निजी जमीन को मुक्त हुई है साथ ही 150 से ज्यादा परिवारों को भी राहत मिली है जब उन्हें रास्ता मिलेगा। इस मामले में कार्यवाही के दौरान कब्जाधारी सुरेश छाबड़ा गायब रहा वहीं अब प्रशासन महापुरुषों की प्रतिमाओं को बिना अनुमति के लगाने और उनका गलत इस्तेमाल करने के मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कह रहा है।
0
0
Report

टोंक DST ने 7 लाख कीमत की स्मैक बरामद, दो गिरफ्तार

Tonk, Rajasthan:टोंक DST की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 7 लाख की स्मैक बरामद टोंक जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ टोंक DST टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर टोंक थाना क्षेत्र के ढोला खेड़ा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से करीब 34 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार DST टीम ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ढोला खेड़ा क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को पकड़ा गया और उनके कब्जे से स्मैक बरामद की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ सदर टोंक थाने में NDPS एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर स्मैक की खरीद-फरोख्त और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी मादक पदार्थ कहां से लेकर आए थे और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महबूब उर्फ मोटा पुत्र शहजादा, उम्र 37 वर्ष, निवासी संतोष नगर, थाना सदर टोंक तथा सोहेल उर्फ मलिंगा पुत्र चांद का, उम्र 19 वर्ष, निवासी भगत सिंह कॉलोनी, थाना निवाई के रूप में हुई है। टोंक DST टीम ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नशे के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी。
0
0
Report
Advertisement

वाशी सेक्टर-26 में पुनर्विकास साइट पर क्रेन सीधे मुख्य सड़क पर गिर गई; हताहत नहीं

Navi Mumbai, Maharashtra:वाशी सेक्टर-26, कोपरी पेट्रोल पंपाजवळ पुनर्विकासाच्या कामादरम्यान क्रेन थेट मुख्य रस्त्यावर कोसळली. शासकीय इमारतीच्या पुनर्विकासाचे काम सुरू असताना रस्त्यावर उभ्या कंटेनर वर कोसळली भलिमोठी क्रेन. सुदैवाने या दुर्घटनेत कोणतीही जीवितहानी झाली नाही, नागरिकांच्या सुरक्षिततेचा प्रश्न गंभीर. बांधकामस्थळी आवश्यक सुरक्षा उपाययोजना करण्यात आल्या होत्या का, क्रेनची तांत्रिक तपासणी व फिटनेस प्रमाणपत्र वैध होते का असे प्रश्न उपस्थित होत आहेत. संबंधित कंत्राटदार आणि अधिकाऱ्यांवर देखिल कारवाई करण्याची मागणी.
0
0
Report

अजिंठा लेणी संरक्षण संकट: छत टपक रही, यूनेस्को निर्देश लागू

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:जगाच्या पाठीवर महाराष्ट्रांची ओळख निर्माण करणाऱ्या अजिंठा लेण्यांच्या संवर्धन व्यवस्थेचे अक्षरशः वाभाडे काढणारे चित्र समोर आले आहे. हजारो वर्षांपूर्वी कलाकारांनी दगड, छतांवर साकारलेले कलावैभव जपण्याची जबाबदारी असलेल्या यंत्रणेसमोर पावसाचे पाणी रोखण्यासाठी प्लास्टिकच्या बादल्या ठेवण्याची वेळ आली आहे. छत गळत असून, झिरपणारे पाणी थेट लेणीच्या दालनात पडते. पाणी जमिनीवर पडू नये म्हणून ठिकठिकाणी बादल्या ठेवण्यात आल्या आहेत. लेणी क्रमांक-१७, लेणी क्रमांक-१६, लेणी क्रमांक-१ येथील प्रवेशद्वारातील छतावर गळती लागली आहे. त्याखाली जागोजागी बादल्या ठेवल्या आहेत. पावसाचे पाणी झिरपून पेंटिंगवर येणारे संकट दूर व्हावे, म्हणून यूनेस्कोने काही सूचना भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभागाला केल्या. त्यानुसार छत्रपती संभाजीनगर भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग प्रयत्नशील आहे. दरम्यान एका व्यक्तीला चालता येईल, अशा आकाराच्या ड्रेनचे नूतनीकरणही करण्यात आले. नियमितपणे संवर्धनाचे काम केले जttar असल्याचे भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभागाच्या अधिकाऱ्यांनी सांगितले. मात्र या प्रकारामुळे पर्यटकांमध्ये प्रशासनाविरोधात तीव्र नाराजी पसरली आहे...
0
0
Report

औरैया जनपद के यमुना नदी किनारे स्थापित ऐतिहासिक प्राचीन देवकली मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

Ashwani bajpaiAshwani bajpaiFollow6m ago
Auraiya, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग न्यूज औरैया - जनपद औरैया के सबसे ऐतिहासिक व प्राचीन देवकली मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ा , बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे , जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया , डीएम और एसपी ने श्रद्धालुओं को सुरक्षा और सुगम दर्शन का भरोसा दिलाया , प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहीं।
0
0
Report
Advertisement

सावन में बाबा भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक, कांवड़ियों और महापौर का समागम

Mandi, Himachal Pradesh:मंडी के ऐतिहासिक बाबा भूतनाथ मंदिर में सावन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने बाबा भूतनाथ का गंगाजल से अभिषेक किया। इस दौरान मंडी की महापौर भी कांवड़ियों के साथ मंदिर पहुंचीं और उन्होंने बाबा भूतनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। सावन के चलते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। हर-हर महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की。
0
0
Report

हरिद्वार से 425 किमी 43 घंटे में भूरासर पहुंचे 61 शिवभक्त कांवड़ यात्रा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं सावन के दूसरे सोमवार पर भूरासर में गूंजा बम-बम भोले हरिद्वार से 425 किमी नॉन-स्टॉप चले 61 कांवड़िए 43 घंटे में पैदल सफर तय कर भूरासर पहुंचे शिवभक्त पहली बार हर की पौड़ी से कांवड़ में गंगाजल लेकर पहुंचे 61 श्रद्धालु सुबह 7 बजे गांव पहुंचते ही नाचते-गाते कांवड़ियों का भव्य स्वागत माला, भगवा दुपट्टा और तिलक लगाकर कांवड़ियों का किया अभिनंदन कांवड़ियों ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद सरपंच रोशन मांजू के नेतृत्व में हुआ कांवड़ियों का स्वागत सावन के दूसरे सोमवार को झुंझुनूं जिले के शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। इसी बीच जिला मुख्यालय से सटे भूरासर गांव में 61 शिवभक्तों ने अनूठी कांवड़ यात्रा निकालकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। भूरासर और बास भूरासर गांव के नवयुवक मंडल से जुड़े 61 शिवभक्त पहली बार हरिद्वार की हर की पौड़ी से कांवड़ में गंगाजल लेकर भूरासर पहुंचे। इस कांवड़ यात्रा की खास बात यह रही कि शिवभक्तों ने करीब 425 किलोमीटर का सफर बिना रुके और बिना थके 43 घंटे में नॉन-स्टॉप पैदल तय किया। शनिवार Twoपहर करीब 12 बजे हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर कांवड़िए भूरासर के लिए रवाना हुए और सोमवार सुबह करीब 7 बजे गांव पहुंचे। सुबह गांव में कांवड़ियों के पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो गया। कांवड़िए नाचते-गाते और बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए गांव में दाखिल हुए। ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी कांवड़ियों के स्वागत के लिए मंदिर पहुंचीं। गांव के लोगों ने पुष्पमाला पहनाकर और जयकारों के साथ कांवड़ियों का स्वागत किया। पहली बार निकली इस कांवड़ यात्रा के सफल आयोजन से भूरासर में पूरे दिन उत्सव और भक्ति का माहौल बना रहा। गांव पहुंचने पर सरपंच रोशन मांजू के नेतृत्व में कांवड़ियों का माला पहनाकर, भगवा दुपट्टा ओढ़ाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद कांवड़ियों ने अपने से बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। झुंझुनूं शहर से भूरासर तक भी ग्रामीण और कांवड़िए डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए गांव पहुंचे। इस दौरान पूरा गांव ‘बम-बम भोले’ और भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। कांवड़िए भूरासर गांव के गैस प्लांट वाले बालाजी मंदिर के समीप स्थित शिवालय पहुंचे, जहां विधिविधान से भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया गया। पहली बार आयोजित इस कांवड़ यात्रा को लेकर ग्रामीणों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश मांजू ने बताया कि 61 शिवभक्तों के उत्साह को देखकर हर कोई अभिभूत था। करीब 425 किलोमीटर का सफर 43 घंटे में पूरा करने के बावजूद कांवड़ियों के उत्साह में कोई कमी नहीं थी। गांव पहुंचने के बाद भी कांवड़िए पूरे जोश के साथ धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए।कांवड़ यात्रा और स्वागत की व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए होशियार सिंह मांजू, अनुराग सैन, अजय फगेड़िया, इंद्राज मांजू, शीशराम मांजू, सुरेश मेघवाल, राकेश मांजू, विद्याधर गोदारा, शिवप्रसाद कस्वां, नीरज डांगी, मुकेश मांजू, वीरेंद्र मांजू, अनिल गुर्जर और रामनिवास मांजू सहित ग्रामीणों ने सरपंच रोशन मांजू का आभार जताया। नवयुवक मंडल बास भूरासर के कार्यकर्ताओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग के लिए सरपंच का धन्यवाद किया। सरपंच रोशन मांजू ने कहा कि गांव में धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वे हमेशा ग्रामीणों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव में सामाजिक और धार्मिक एकजुटता को मजबूती मिलती है। बाइट 01 : राकेश मांजू, सामाजिक कार्यकर्ता (गले में माला नहीं) बाइट 02 : कांवड़ लेकर आए शिवभक्त (गले में माला) बाइट 03 : कांवड़ लेकर आए शिवभक्त (गले में माला)
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top