icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

गोंडा में यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा सफल, नकलमुक्त और सुरक्षा पुख्ता

Gonda, Uttar Pradesh:जहां गोंडा जिले में यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज सोमवार देर शाम 5 बजे सकुशल संपन्न हो गई है। इन तीन दिन के अंदर 14 परीक्षा केंद्र पर छह पाली में 33120 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी जहां पर 26505 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है जबकि 6615 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। आज सोमवार को आयोजित परीक्षा के अगर दोनों पाली की बात करें तो प्रथम पाली में 4427 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है जबकि 1093 परीक्षार्थियों में परीक्षा छोड़ दी है सेकंड पाली में 4473 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है 1047 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी है। कई सुरक्षा व्यवस्था के बीच उत्तर पुस्तिका और बचे हुए प्रश्न पत्र जमा कराए जा रहे हैं। तीन दिवसीय इस परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक इंतजाम किए गए थे लगातार सभी परीक्षा केंद्र की सीसीटीवी कैमरा से निगरानी की जा रही थी सभी परीक्षा केंद्र की आईजी देवी पाटन रेंज अमित पाठक, गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, गोंडा डीएम प्रियंका निरंजन और अलग-अलग पुलिस अधिकारियों सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट द्वारा भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा था। इसी सख्ती का असर दिखा कि गोंडा जिले की किसी भी परीक्षा केंद्र पर इन तीन दिन के अंदर कोई भी मुन्ना भाई या कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया है गोंडा जिले में नकल विहीन सकुशल ढंग से यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा संपन्न हो गई है। गोंडा जिले के 14 परीक्षा केंद्र पर कहीं भी किसी भी परीक्षार्थी के कोई भी कलावा नहीं कटवाया गए हैं ना ही किसी के मंगलसूत्र उतरवाय गए है ना ही किसी मुस्लिम महिलाओं के उनके कोई धर्म से जुड़ी चीज उतरवाए गए रहे हैं जिससे उनके भावनाओं को ठेस पहुंचे। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराए जाने के लिए 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 14 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, दो एडिशनल एसपी, 3 सीओ, 40 निरीक्षक, 101 उप निरीक्षक सहित 450 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
0
0
Report

ग्रेटर नोएडा के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण हटाकर 25 हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सोमवार को बिसरख के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कालोनाइजर डूब क्षेत्र में बाउंड्री बनाकर अवैध प्लॉटिंग करने की कोशिश कर रहे थे। करीब 25 हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा है कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित एरिया में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण करने की इजाजत नहीं है। ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। उन्होंने अपील की है कि अवैध कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित एरिया में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण की टीम अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। सोमवार को प्राधिकरण के वर्क सर्किल तीन के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर, प्रबंधक प्रशांत समाधिया और टीम ने बिसरख के डूब क्षेत्र के खसरा संख्या 333 और 334 की जमीन पर अतिक्रमण को ढहा दिया। करीब 25 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया। कालोनी काट रहे कालोनाइजरों को दोबारा अवैध निर्माण करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे पहले वर्क सर्किल तीन की तरफ से विगत दिनों तिलपता, रोजा याकूबपुर खेड़ा चौगानपुर, चिपियाना बुजुर्ग में भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
0
0
Report
Advertisement

हजारीबाग के दंदाहा नदी में तीनों शव मिलने पर हत्या की आशंका, जांच जारी

Hazaribagh, Jharkhand:हजारीबाग मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दंदाहा नदी से सोमवार को तीन शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में दो युवतियां और एक युवक शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।\nमिली जानकारी के अनुसार, तीनों युवक-युवतियां 23 अप्रैल से लापता थे। तीनो आपस में मौसेरे भाई बहन लगते थे , परिजनों द्वारा उनकी गुमशुदगी को लेकर मुफस्सिल थाना में आवेदन भी दिया गया था। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया था, जिसके बाद आज अचानक दंदाहा नदी में तीनों के शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया।\nपरिजनों ने इस पूरे मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला साधारण नहीं है और तीनों की मौत के पीछे साजिश हो सकती है।\nइधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।घटना के बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।\nबाइट : अहमद , मृतक लड़की का मामा
0
0
Report

बिरसा मुंडा मामला: बीजेपी सरकार पर हमला, परिवार को मुआवजा-नौकरी की मांग

Ranchi, Jharkhand:रांची हाल ही में रांची के धुर्वा स्थित जगरनाथपुर मंदिर में सुरक्षा कर्मी की हत्या के मामले में , मृतक बिरसा मुंडा के परिजनों से मिलने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, रांची की मेयर रोशनी खलको , अमर बाउरी सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता जागरमथपुर मंदिर स्थित मृतक बिरसा मुंडा के आवास पहुंचे और परिजनों से पूरी जानकारी ली। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने घटना को लेकर कहा एक नर फिर राज्य की सरकार ने अपने चल चरित्र को बताने का काम किया है कि राज्य में चलने वाली सरकार एक संवेदनहीन सरकार है, पीड़ित के परिजनों से मिलने आज तक राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा है। ये परिवार आज लाचार और बेबस है। राज्य की सरकार कहती है आदिवासियों की सरकार है और राजधानी में इस तरह की हत्या हो रही है। अपराधियों की समानान्तर सरकार चल रही है अपराधियों को प्रशासन से भय नहीं है ।कानून व्यवस्था फोकस प्वाइंट नहीं है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मांग किया परिजनों को राज्य सरकार सरकारी नौकरी दे और 50 लाख रुपए मुआवजा मिले。
0
0
Report
Advertisement
0
0
Report
Advertisement

सारण में 9 मेगा प्रोजेक्ट्स से ट्रांसपोर्ट हब बनने की तैयारी

Chapra, Bihar:RAKESH /CHHAPRABसारण में 9 मेगा प्रोजेक्ट्स से विकास की रफ्तार तेज, छपरा को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की तैयारी__ सारण जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक साथ कई बड़ी परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। करीब हजारों करोड़ रुपये की लागत से चल रही 9 सड़क और पुल परियोजनाएं आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदलने वाली हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से जहां यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, वहीं छपरा को बिहार के प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना से बेहतर संपर्क के लिए जेपी सेतु के समानांतर एक नया 6-लेन पुल बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 2635.89 करोड़ रुपये है। इस पुल के बन जाने से छपरा और पटना के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा। इसके अलावा, शेरपुर-दिघवारा रिंग रोड परियोजना को भी अहम माना जा रहा है। यह रिंग रोड छपरा शहर के चारों ओर वैकल्पिक मार्ग तैयार करेगा, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम होगा। वहीं, राम-जानकी पथ (एनएच-227) के निर्माण से मशरख समेत आसपास के क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। जिले के कई इलाकों में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए रिविलगंज, गड़खा, अमनौर और परसा में बायपास निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इन बायपास के बन जाने से भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे जाम की समस्या में काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। इधर, इन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से भू-धारकों को मुआवजा भुगतान के लिए विभिन्न अंचलों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, सोनपुर अंचल में 7 मई से 27 मई, दिघवारा में 27 अप्रैल से 20 मई, जबकि मांझी अंचल में 7 मई से 27 मई तक कैंप लगाए जाएंगे। वहीं, रिविलगंज और गड़खा में भी मई महीने के दौरान अलग-अलग तिथियों पर भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन ने भू-धारकों से अपील की है कि वे कैंप में उपस्थित होकर अपने वंशावली, लगान रसीद, आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ लाएं, ताकि भुगतान प्रक्रिया में कोई देरी न हो। इन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि अगर योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो इससे न केवल ट्रैफिक की समस्या दूर होगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हालांकि, कुछ लोगों ने मुआवजा वितरण और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन से पारदर्शिता बनाए रखने की मांग भी की है। कुल मिलाकर, ये सभी परियोजनाएं सारण जिले के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। अब सबकी नजर इनके समय पर पूरा होने पर टिकी है।
0
0
Report

बांदा में गर्मी और स्मार्ट मीटर के विरोध पर महिलाओं का जबरदस्त प्रदर्शन

Banda, Uttar Pradesh:बांदा में स्मार्ट मीटर के विरोध में आज महिलाएं हाथ में बेलन लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और नारेबाजी करके विरोध जताया है। महिलाओं का आरोप है कि भीषण गर्मी के बीच स्मार्ट मीटर लगा करके बिजली बिल का बड़ा बोझ हम लोगों के ऊपर डाला जा रहा है सरकार तुरंत इन स्मार्ट मीटर को हटवाये नहीं तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। आदर्श सैकड़ा महिलाएं हाथ में बेलन लेकर प्रदर्शन करते हुए पहुंची। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि भीषण महंगाई के बीच में स्मार्ट मीटर के बिल का भार जनता पर डालना न्यायोचित नहीं है हम लोग विद्युत बिल नहीं भर पाएंगे ऐसे में लाइट काट दी जाती है जिससे हम लोगों को भारी परेशानी होती है। हम महिलाएं मांग करती हैं कि जल्द से जल्द यह स्मार्ट मीटर हटाया जाए। अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाती है तो हम उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया है कि हीट वेव के चलते किसी का भी स्मार्ट मीटर या बिल बकाया हो तो उसकी लाइट ना काटी जाए। अभी स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों के बीच भ्रांतियां हैं जिनको जल्द दूर किया जाएगा और लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाएगा। बाइट - महिला प्रदर्शनकारी बाइट - पुष्पा गोस्वामी (महिला प्रदर्शनकारी)
0
0
Report
Advertisement

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 33 करोड़ रुपये की किताब खरीद घोटाला: राजभवन ने मांगा स्पष्टीकरण

Jaunpur, Uttar Pradesh:पूर्वांचल विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में आया, पुस्ताक खरीद को लेकर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वर्ष 2017 से 2022 के बीच करीब 33 करोड़ 29 लाख रुपये की खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी उजागर हुई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नौ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण तलब किया है। स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तकों की खरीद को लेकर शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हुई। शिकायतकर्ता उद्देश्य सिंह ने राजभवन और कुलपति को भेजे गए पत्र के आधार पर विश्वविद्यालय ने अपनी आख्या प्रस्तुत की, जिसमें कई अहम खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि पुस्तक खरीद के दौरान न तो निर्धारित टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई और न ही अधिक छूट प्राप्त करने के लिए कोई प्रतिस्पर्धी प्रयास किया गया। विश्वविद्यालय ने खुद स्वीकार किया कि 10 प्रतिशत से अधिक छूट हासिल करने के लिए कोई पहल नहीं की गई। पुस्तकालय समिति की बैठकों में भी इस संबंध में कोई प्रस्ताव दर्ज नहीं मिला। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि करोड़ों रुपये की खरीद से पहले वित्त समिति और कार्य परिषद से बजट प्रस्ताव पारित ही नहीं कराया गया। कई मामलों में वित्त समिति को इस खर्च की जानकारी तक नहीं थी। जानकारी के अनुसार खरीदी गई पुस्तकों का न तो उचित रिकॉर्ड तैयार किया गया और न ही बारकोडिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। नियमानुसार पुस्तकों को सॉफ्टवेयर में दर्ज करना अनिवार्य होता है, जिसका पालन नहीं किया गया। कोविड-19 महामारी के दौरान विश्वविद्यालय बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में किताबों की खरीद की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कई पुस्तकें बिना आवश्यकता के खरीदी गईं और उनकी उपयोगिता का आकलन नहीं किया गया, जिससे विद्यार्थियों तक इनका लाभ भी नहीं पहुंच सका। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में इन खामियों को स्वीकार करते हुए सभी बिंदुओं पर जवाब तैयार कर राजभवन को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई राजभवन के निर्देशों पर निर्भर करेगी। मामले की जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि इस तरह का मामला सामने आया है राज भवन से रिपोर्ट मांगी है और जिस पर आरोप लगा है उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। वहीं शिकायत कर्ता उद्देश्य सिंह ने बताया कि जांचकर्ता विशेष कार्याधिकारी सुदीप बैनर्जी और हिमानी चौधरी ने जांच में पाया है कि विश्वविद्यालय में घोटाले हुए हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि यह 33 करोड़ का नहीं बल्कि यह मामला सही मायने में 50 करोड़ है। इसमें आरोपी मानस पांडेय द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अपने पिता और स्वयं की लिखी किताबें खरीदी गईं। सबसे बड़ी बात यह है इस मामले की जांच 2022 से चल रही है लेकिन राजभवन और विश्वविद्यालय इस मामले की लीपापोती की कोशिश की रही है। कोशिश यह हो रही है कि दोषियों को बचाया जाए। बाइट: उद्देश्य सिंह, शिकायतकर्ता बाइट डॉ वंदना सिंह कुलपति
0
0
Report

उज्जैन में मेगा कॉम्बिंग: 600+ पुलिस बल ने 680 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन में मेगा कॉम्बिंग गश्त: 600+ पुलिस बल की कार्रवाई, 680 से ज्यादा आरोपियों पर शिकंजा 185 स्थाई और 110 गिरफ्तारी वारंट तामील, 6 इनामी आरोपी गिरफ्तार; रातभर चली सघन कार्रवाई से थानों में बढ़ी हलचल उज्जैन जिले में अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 25 अप्रैल की रात 11 बजे से 26 अप्रैल की सुबह तक जिलेभर में मेगा कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया, जिसमें 600 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान एक साथ मैदान में उतरे。 पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान पूरे जिले के थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी गई। कार्रवाई की मॉनिटरिंग खुद वरिष्ठ अधिकारियों ने की, वहीं संवेदनशील इलाकों में विशेष टीमों का गठन कर सघन चेकिंग की गई。 अभियान के दौरान पुलिस ने 185 से अधिक स्थाई वारंट और 110 गिरफ्तारी वारंट तामील कर फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 6 इनामी आरोपियों को भी धर दबोचा गया, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे。 पुलिस टीमों ने 320 निगरानी बदमाशों की घर-घर जाकर जांच की और करीब 250 चिन्हित अपराधियों का भौतिक सत्यापन किया। वहीं 50 संपत्ति संबंधी अपराधियों पर भी नजर रखी गई。 रात्रिकालीन गश्त के दौरान अवैध हथियार लेकर घूम रहे आरोपियों के खिलाफ 3 आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज किए गए। इसके साथ ही 10 वसूली वारंटों की तामील और यातायात नियम तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई की गई。 इस सघन अभियान का असर यह रहा कि जिलेभर में अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ा है और आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top