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Eshan KhanEshan KhanFollow27 Nov 2024, 02:54 pm
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जालौन में बारिश से चंदकुआं चौराहा तालाब बना, नगरपालिका दावों की पोल खुली

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में थोड़ी देर की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, नगर पालिका की जल निकासी की व्यवस्था के दावों की खुली पोल, थोड़ी देर की लगातार बारिश में चंदकुआं चौराहा बना तालाब, प्राचीन भूतेश्वर मंदिर और घर-दुकानों व क्लीनिक में घुसा पानी, भूतेश्वर मंदिर में भरे पानी के बीच आरती करते नजर आए पुजारी व श्रद्धालु, राहगीरों, वाहन चालकों और रेहड़ी दुकानदारों को उठानी पड़ी परेशानी, नालों की नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी उठे गंभीर सवाल, जालौन के कोंच नगरपालिका क्षेत्र के चंदकुआं चौराहे का मामला।
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हिसार में धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध, प्रदर्शन पर रोक

Hisar, Haryana:ह हिसार, 15 अगस्त। जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त महेंद्र पाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए हिसार शहर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लागू किए हैं। यह आदेश 15 अगस्त से आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार हाल ही में हिसार में हुई एक घटना के संबंध में मृतक के परिजनों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन और टोल प्लाजा बंद करने के आह्वान के मद्देनजर कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। सार्वजनिक एवं सरकारी संपत्ति की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए विभिन्न प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनके तहत हिसार में किसी भी स्थान पर चार या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। हिसार शहर में 200 मीटर के दायरे तक सड़कों के दोनों ओर वाहनों के खड़े करने पर रोक रहेगी। लाठी, डंडा, तलवार, गंडासा तथा अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। खुले रूप में पेट्रोल, डीजल या अन्य ज्वलनशील पदार्थों को बोतल, कैन अथवा अन्य पात्रों में लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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दमोह झरना हादसा: तेज बहाव में 2 युवक सुरक्षित, पहाड़ी पर 100 लोग निकाले गए

Dholpur, Rajasthan:दमोह झरना देखने गए 2 युवक तेज बहाव में फंसे, सकुशल रेस्क्यू, पहाड़ी पर फंसे 100 लोग भी सुरक्षित सरमथुरा सरमथुरा उपखंड के दमोह झरना में शनिवार दोपहर तेज बारिश के कारण 2 युवक दमोह झरने को जाने वाले नाले के तेज बहाव में फंस गए। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया। इसी दौरान झरने के पास पहाड़ी पर फंसे करीब 100 पर्यटकों और ग्रामीणों को भी स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा। घटना में किसी को चोट नहीं आई। प्रशासन ने मौसम साफ होने तक दमोह क्षेत्र में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है और लोगों से बरसात में झरने पर न जाने की अपील की है। युवक वापसी में फंसे तेज बहाव में दोपहर करीब 3 बजे जिले के 2 युवक दमोह झरना घूमकर लौट रहे थे। इसी बीच अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पहाड़ों से आने वाले पानी से दमोह झरने को जाने वाले नाले का बहाव एकदम बढ़ गया। जिस रास्ते से युवक गुजर रहे थे, वही पानी उफान पर आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि दोनों बीच में फंस गए और आगे-पीछे नहीं जा सके। युवकों ने परिजनों को फोन कर जानकारी दी, जिसके बाद 100 नंबर पर सूचना दी गई। एक घंटे में हुआ दोनों का रेस्क्यू सूचना मिलते ही सरमथुरा थाना पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रस्सियों और अन्य संसाधनों की मदद से टीम ने करीब एक घंटे में दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात रही कि दोनों को कोई चोट नहीं आई। रेस्क्यू के दौरान ही पता चला कि झरने के पास पहाड़ी पर करीब 100 लोग भी फंसे गए हैं। ग्रामीणों ने निकाले पहाड़ी पर फंसे 100 लोग पहाड़ी पर फंसे लोगों का रास्ता फिसलन भरा होने के कारण बंद हो गया था। इस पर स्थानीय ग्रामीणों ने आगे आकर मदद की। ग्रामीणों ने रस्सियों और लकड़ियों के सहारे सभी 100 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। प्रशासन ने की घरों में रहने की अपील थाना प्रभारी कैलाश सामरी ने कहा बरसात में दमोह जाना जान जोखिम में डालना है। इस समय दमोह के नाम से भ्रमित न हों। रास्ते फिसलन भरे हैं और अचानक बाढ़ आ जाती है। प्रशासन की अनुमति के बिना पर्यटन स्थल पर न जाएं। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि मौसम साफ होने तक दमोह में प्रवेश बंद रहेगा। वन विभाग गश्त कर रहा है। स्थानीय लोगों ने रास्ते पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की मांग की है।
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DM ने मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों-स्टूडेंट्स से किया सीधा संवाद, परखी मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था, प्रिंसिपल ने बताईं डॉक्टरों की समस्याएं!

ATAlok TripathiFollow10m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:

गाजीपुर में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला अचानक निरीक्षण पर निकले और जिला अस्पताल, NRC सेंटर, ट्रॉमा सेंटर और वन स्टॉप सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम के अचानक पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल रही। निरीक्षण के दौरान डीएम ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से भी सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और संतुष्टि जानी।

इसके बाद जिलाधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स से सीधे संवाद किया। डीएम ने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि किसी भी तरह की परेशानी हो तो उसे सीधे प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. आनंद मिश्रा के मुताबिक, डॉक्टरों और स्टूडेंट्स की प्रमुख समस्याएं सड़क की खराब स्थिति, पर्याप्त लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी थीं।

वहीं, ट्रॉमा सेंटर के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने डीएम को वहां मौजूद कमियों से अवगत कराया। डीएम ने बेसिक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ट्रॉमा सेंटर को जल्द शुरू करने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए।

वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान भी डीएम ने कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों से भी बातचीत की। प्राचार्य के मुताबिक, मरीजों की ओर से किसी बड़ी नकारात्मक शिकायत की बात सामने नहीं आई और अधिकांश मरीज व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए।

डीएम ने मेडिकल कॉलेज की सकारात्मक गतिविधियों को भी सामने लाने पर जोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉलेज की अच्छी पहल और उपलब्धियों की जानकारी भी नियमित रूप से साझा की जाए।

कुल मिलाकर जिलाधिकारी का यह दौरा अचानक निरीक्षण से लेकर डॉक्टरों, स्टूडेंट्स और मरीजों से सीधे संवाद तक केंद्रित रहा।

वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गाजीपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़े और मेडिकल कॉलेज में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले।

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जयपुर की तीज माता की सवारी अमेरिका तक पहुंची; 175 लोक कलाकारों ने रंग जमाया

Jaipur, Rajasthan:त्रिपोलिया गेट से निकली तीज माता की शाही सवारी, जयपुर से अमेरिका तक पहुंचा तीज का रंग जयपुर-तीज के लोकगीतों और जयकारों के बीच शनिवार शाम जयपुर में तीज माता की भव्य शाही सवारी निकली। सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी में पूर्व राजपरिवार की महिला सदस्यों ने तीज माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद तीज माता की पालकी शाही लवाजमे के साथ त्रिपोलिया गेट पहुंची, जहां पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने आरती की。 छोटी चौपड़ पर दिया कुमारी और मंजू शर्मा ने की महाआरती त्रिपोलिया गेट से शाही सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। छोटी चौपड़ पर तीज माता की महाआरती राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी और जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने की। इसके बाद सवारी गणगौरी बाजार की ओर बढ़ी。 175 लोक कलाकारों ने बिखेरा राजस्थान का लोक रंग शाही सवारी में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 175 लोक कलाकारों ने राजस्थान की लोक संस्कृति की झलक पेश की। कच्ची घोड़ी, कालबेलिया, चरी, घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया जैसी लोक विधाओं ने माहौल को रंगीन बना दिया। घोड़ों और ऊंटों से सजे शाही लवाजमे ने सवारी की राजसी भव्यता बढ़ाई। शौर्य सेवा संगठन की बालिकाओं ने तलवारबाजी का प्रदर्शन कर राजस्थान की वीर परंपरा और महिला शक्ति का संदेश दिया。 गणगौरी बाजार में पुष्पवर्षा छोटी चौपड़ पर महाआरती के बाद गणगौरी बाजार में जयपुर व्यापार महासंघ की ओर से तीज माता पर पुष्पवर्षा की गई। जेल बैंड और आरएसी बैंड की प्रस्तुतियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शाही सवारी गणगौरी बाजार होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंची, जहाँ कला मेले और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियाँ हुईं。 13 जगहों पर एलईडी स्क्रीन से लाइव दर्शन तीज माता की शाही सवारी का 13 प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए लाइव प्रसारण किया गया। अजमेरी गेट, न्यू गेट, सरावगी मेंशन, मोती डूंगरी, त्रिमूर्ति सर्किल, रामबाग सर्किल, एसएमएस स्टेडियम, महाराजा कॉलेज, बिरला मंदिर, राजस्थान विश्वविद्यालय, राजस्थान कॉलेज, ओटीएस चौराहा और जवाहर सिटी स्थित पत्रिका गेट पर लोगों ने शाही सवारी के लाइव दर्शन کیے। अमेरिका तक पहुंचा जयपुर की तीज का उत्सव इस बार जयपुर की तीज का रंग सात समंदर पार भी पहुंचा। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के डिजिटल माध्यम से उत्तर अमेरिका में बसे प्रवासी राजस्थानियों ने भी शाही सवारी का लाइव प्रसारण देखा। पर्यटन विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सवारी की लाइव स्ट्रीमिंग की गई। दिल्ली से आए सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने जयपुर में तीज उत्सव का अनुभव किया और इसकी झलकियां डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा कीं। आसमान से हुई पुष्पवर्षा शाही सवारी के दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा भी की गई। सवारी के मार्ग में महलों, अटारियों, झरोखों और हवेलियों से तीज माता की पालकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी सवारी देखने की विशेष व्यवस्थाएं की गईं। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि तीज जयपुर की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें आस्था के साथ लोककला, संगीत, शौर्य और राजसी विरासत का संगम दिखाई देता है। डिजिटल माध्यम के जरिए इस बार जयपुर की यह परंपरा देश के साथ विदेशों में बसे राजस्थानियों तक भी पहुंची।
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जयपुर की तीज माता की राजसी सवारी दुनियाभर में छाई

Jaipur, Rajasthan:त्रिपोलिया गेट से निकली तीज माता की शाही सवारी, जयपुर से अमेरिका तक पहुंचा तीज का रंग जयपुर- तीज के लोकगीतों और जयकारों के बीच जयपुर में तीज माता की भव्य शाही सवारी निकली। सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी में पूर्व राजपरिवार की महिला सदस्यों ने तीज माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद तीज माता की पालकी शाही लवाजमे के साथ त्रिपोलिया गेट पहुंची, जहां पूर्व राजपरिवार के सदस्य पद्मनाभ सिंह ने आरती की। छोटी चौपड़ पर दिया कुमारी और मंजू शर्मा ने की महाआरती त्रिपोलिया गेट से शाही सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। छोटी चौपड़ पर तीज माता की महाआरती राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी और जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने की। इसके बाद सवारी गणगौरी बाजार की ओर बढ़ी。 175 लोक कलाकारों ने बिखेरा राजस्थान का लोक रंग शाही सवारी में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 175 लोक कलाकारों ने राजस्थान की लोक संस्कृति की झलक पेश की। कच्ची घोड़ी, कालबेलिया, चरी, घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया जैसी लोक विधाओं ने माहौल को रंगीन बना दिया。 बाइट-पद्मनाभ सिंह,सदस्य,पूर्व राजपरिवार,जयपुर घोड़ों और ऊंटों से सजे शाही लवाजमे ने सवारी की राजसी भव्यता बढ़ाई। शौर्य सेवा संगठन की बालिकाओं ने तलवारबाजी का प्रदर्शन कर राजस्थान की वीर परंपरा और महिला शक्ति का संदेश दिया。 गणगौरी बाजार में पुष्पवर्षा छोटी चौपड़ पर महाआरती के बाद गणगौरी बाजार में जयपुर व्यापार महासंघ की ओर से तीज माता पर पुष्पवर्षा की गई। जेल बैंड और आरएसी बैंड की प्रस्तुतियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शाही सवारी गणगौरी बाजार होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंची, जहां कला मेले और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां हुईं。 13 जगहों पर एलईडी स्क्रीन से लाइव दर्शन तीज माता की शाही सवारी का 13 प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए लाइव प्रसारण किया गया। अजमेरी गेट, न्यू गेट, सरावगी मेंशन, मोती डूंगरी, त्रिमूर्ति सर्किल, रामबाग सर्किल, एसएमएस स्टेडियम, महाराजा कॉलेज, बिरला मंदिर, राजस्थान विश्वविद्यालय, राजस्थान कॉलेज, ओटीएस चौराहा और जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर लोगों ने शाही सवारी के लाइव दर्शन किए。 अमेरिका तक पहुंचा जयपुर की तीज का उत्सव इस बार जयपुर की तीज का रंग सात समंदर पार भी पहुंचा। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA) के डिजिटल माध्यम से उत्तर अमेरिका में बसे प्रवासी राजस्थानियों ने भी शाही सवारी का लाइव प्रसारण देखा。 पर्यटन विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सवारी की लाइव स्ट्रीमिंग की गई। दिल्ली से आए सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने जयपुर में तीज उत्सव का अनुभव किया और इसकी झलकियां डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा कीं। आसमान से हुई पुष्पवर्षा शाही सवारी के दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा भी की गई। सवारी के मार्ग में महलों, अटारियों, झरोखों और हवेलियों से तीज माता की पालकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी सवारी देखने की विशेष व्यवस्थाएं की गईं。 पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि तीज जयपुर की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जिसमें आस्था के साथ लोककला, संगीत, शौर्य और राजसी विरासत का संगम दिखाई देता है। डिजिटल माध्यम के जरिए इस बार जयपुर की यह परंपरा देश के साथ विदेशों में बसे राजस्थानियों तक भी पहुंची。 feed injust by Tvu
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