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Eshan KhanEshan KhanFollow17 Oct 2024, 05:04 pm
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20 साल पुराने 5 बम मिलने पर पुलिस-आर्मी ने डिफ्यूज़ कर दी राहत

Sagar, Madhya Pradesh:सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बमोरी बीका इलाके में पेड़ के नीचे 20 साल पुराने 5 बम मिले से हड़कंप मच गया। बमोरी बीका के सरपंच ने सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह ठाकुर को सूचना दी थी कि गांव के पास एक पेड़ के नीचे बम जैसी 5 वस्तुएं पड़ी हैं। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आर्मी यूनिट को सूचना दी गई। आर्मी की डिस्पोजल एक्सपर्ट टीम के साथ मौके पर जाकर जांच की गई तो वह बम की कैप निकली जिसमें कुल 5 कैप मिले थे, आर्मी टीम के अनुसार 4 बम पहले से ही डिफ्यूज थे, एक पीस संदिग्ध था जिसमें विस्फोटक होने की आशंका थी। आर्मी टीम के अनुसार यह सभी बम करीब 20 साल पुराने थे, जिन्हें सुरक्षित तरीके से डिस्पोज कर दिया गया है। वहीं थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि यह इलाका फायरिंग रेंज के पास है। फायरिंग के दौरान बचा हुआ अवशेष इस तरह मिल जाता है। पिछले डेढ़ महीने पहले भी इस तरह का पुराना एम्युनिशन मिला था। यह नया एम्युनिशन नहीं है। सामान्य रूप से इनमें विस्फोट की संभावना नहीं होती है, क्योंकि इनका मैकेनिज्म काफी सुरक्षित होता है और हाई एक्सप्लोसिव विशेष रूप से ऑपरेट होने पर ही ब्लास्ट होता है। फिलहाल बचे हुए बम को डिफ्यूज़ किया गया है तो वही क्षेत्र के लोगो ने राहत की सांस ली।
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समस्तीपुर में प्रसाद खाने से 30 से अधिक बीमार, स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर के बिथान थाना क्षेत्र के उजान गांव में पूजा का प्रसाद खाने के बाद 30 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया। बीमारों में 10 बच्चे और 8 महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जाता है कि सत्यनारायण भगवान के पूजा के बाद सभी लोगों ने खाया था प्रसाद ,जिसके बाद अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद आनन-फानन में सभी को बिथान और हसनपुर पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और प्रसाद से लोगों के बीमार होने की वजह की जांच शुरू कर दी है। दरअसल, उजान गांव में राम सकल यादव के घर उनके पोते के मुंडन संस्कार के मौके पर सत्यनारायण भगवान की पूजा का आयोजन किया गया था। पूजा समाप्त होने के बाद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद खाने के कुछ ही देर बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले उमेश यादव को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। इसके बाद शंकर यादव, शंभू यादव समेत कई अन्य लोगों की तबीयत खराब हो गई। देखते ही देखते गांव के कई घरों से लोगों के बीमार होने की सूचना सामने आने लगी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। बिथान और हसनपुर पीएचसी में डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया।फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।इधर, बड़ी संख्या में लोगों के अचानक बीमार पड़ने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई। टीम गांव पहुंचकर बीमार लोगों और उनके परिजनों से जानकारी जुटा रही है। प्रसाद के नमूने और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
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छठ तालाब में डूबने से युवक मौत, चतरा में 4 लाख मुआवजे की घोषणा

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा शहर से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है। धगरटोली मोहल्ले के रहने वाले एक युवक की छठ तालाब में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। हादसे की सूचना मिलते ही सदर थाने के एएसआई परवीन सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और युवाओं की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव तालाब से बाहर निकाल लिया गया। मृतक की पहचान धगरटोली निवासी स्वर्गीय सरयू मुंडा के बेटे शशि मुंडा के रूप में हुई है। घटनास्थल पर पहुंचे एसडीओ जहूर आलम ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को आपदा प्रबंधन के तहत 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि प्रथम दृष्टया सुरक्षित लगने वाले इस घाट पर यह दर्दनाक हादसा आखिर किन परिस्थितियों में हुआ।
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पामगढ़ देव पब्लिक स्कूल में टीसी-रिजल्ट नाम पर पैसे लेने के आरोप वायरल

Taga, Chhattisgarh:जांजगीर चांपा जिले से शिक्षा व्यवस्था और निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो भवतरा स्थित देव पब्लिक स्कूल से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में विद्यालय से जुड़े कुछ दावे और तस्वीरें सामने आने की बात कही जा रही है, जिनमें टीसी और रिजल्ट देने के नाम पर कथित तौर पर पैसे लिए जाने के आरोप लगाये जा रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर निजी विद्यालयों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा कितनी नियमित निगराणी और जांच की जाती है। जिले के पामगढ़ ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम भवतरा स्थित देव पब्लिक स्कूल से जुड़ा यह मामला इन दिनों चर्चा में है। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी निजी विद्यालय में नियमों का उल्लंघन कर मनमानी या अनियमितता की जा रही है, तो शिक्षा विभाग को मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, वायरल वीडियो को लेकर पामगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली गई। बीईओ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत कराने और नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षा विभाग क्या कार्रवाई करता है और क्या विद्यालय प्रबंधन से इस संबंध में जवाब मांगा जाता है। फिलहाल, वायरल वीडियो ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और निजी विद्यालयों की निगरानी को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी。
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बेगूसराय सदर अस्पताल में इलाज व्यवस्था सवालों के घेरे में

Begusarai, Bihar:बेगूसराय सदर अस्पताल एक बार फिर इलाज की व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन आरोप है कि इमरजेंसी में उचित इलाज और बेड उपलब्ध कराने के बजाय उसे अस्पताल के बाहर बरामदे में बैठा दिया गया। इतना ही नहीं, युवक को लगाया गया सलाइन का बोतल भी बरामदे की खिड़की में टांग दिया गया। इस पूरे मामले का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बेगूसराय सदर अस्पताल की हैं, जहां सड़क दुर्घटना में घायल पवन कुमार इलाज के लिए पहुंचे थे। पवन कुमार चकिया थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पवन कुमार को पहले बरौनी पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप है कि सदर अस्पताल पहुंचने के बाद इमरजेंसी में उनका समुचित इलाज नहीं किया गया। घायल युवक को बेड उपलब्ध कराने के बजाय अस्पताल के बाहर बरामदे में बैठा दिया गया और सलाइन की बोतल खिड़की में टांग दी गई। घायल पवन कुमार का आरोप है कि वह गंभीर रूप से घायल थे और उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद थी, लेकिन सदर अस्पताल में उन्हें न तो बेड मिला और न ही डॉक्टरों ने सही तरीके से इलाज किया। काफी देर तक उन्हें बरामदे में ही बैठकर सलाइन चढ़वाना पड़ा। पवन कुमार के मुताबिक, लोग सदर अस्पताल में बेहतर इलाज की बात कहते हैं, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उससे वह काफी परेशान हैं। वहीं, इस पूरे मामले की तस्वीरें सामने आने के बाद सदर अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों के इलाज को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में अब तक क्या स्पष्टीकरण दिया गया है, यह स्पष्ट नहीं है। फिलहाल सवाल यह है कि अगर गंभीर रूप से घायल मरीज को अस्पताल में बेड तक उपलब्ध नहीं कराया जाएगा और सलाइन बरामदे की खिड़की में टांगकर चढ़ाई जाएगी, तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावे कितने सही हैं। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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यवतमळ के किसानों पर अगस्त में बारिश की कमी से फसलें संकट, कीट नुकसान बढ़ा

Yavatmal, Maharashtra:यवतमाळ जिल्ह्यातील शेतकऱ्यांवर पुन्हा चिंतेचे ढग दाटले आहे, ऑगस्ट महिन्यात पाऊस गायब झाल्याने पिकांवर ताण निर्माण झाला आहे. कापूस आणि सोयाबीन पिकांवर मावा, तुडतुडे या किडींचा प्रादुर्भाव वाढला आहे. पाऊस नसल्याने त्यावर कीटकनाशकांची फवारणी देखील उपयोगी नाही. हिरवीगार उभी पिके चिमली आहेत, सोयाबीनची शेंगा आणि फुले वाळू लागली आहे. पिके माना टाकत असल्याने शेतकरी त्यांना जगविण्याची धडपड करीत आहे. जिल्ह्यात तब्बल ८ लाख ६७ हजार ९९० हेक्टरवर कापूस, सोयाबीन, तूर, ऊस, कडधान्ये, फळपिके आणि भाजीपाल्याची लागवड झाली. जूनमध्ये पावसाची तूट राहिली, जुलैमध्ये ती तूट भरून निघाली असली तरी ऑगस्ट मध्ये पडलेला पावसाचा खंड शेती आणि शेतकऱ्यांसाठी धोक्याचा ठरत आहे.
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मराठवाडा में बुवाई क्षेत्र में भारी कमी, मानसून असमानता से फसल पर असर

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:मराठवाड्यात मागील वर्षाच्या तुलनेत सरासरी २ लाख १७ हजार ४८१ हेक्टरने पेरणी क्षेत्र घटले आहे. २०२० ते २०२४ या काळात विभागात ४९ लाख ७२ हजार ७२९ हेक्टरवर खरीप हंगामातील पिकांची पेरणी झाली. २०२५ साली ४८ लाख १८ हजार ४५६ हेक्टरवर पेरणी झाली. गेल्या वर्षीच सुमारे १ लाख ५४ हजार हेक्टर क्षेत्र पेरणीविना होते. तर यंदा २ लाख १७हजार ४८१ हेक्टर क्षेत्र पेरणीविना राहिले आहे. याला पावसाचा लहरीपणा, मान्सूनचा बदललेला पॅटर्न, अतिवृष्टी तर कधी पावसाचा खंड कारणीभूत असल्याचे सांगण्यात येतंय.. गेल्या २२ दिवसांपासून मराठवाड्यात पाऊस नाही. २०२३ साली देखील विभागात ऑगस्ट महिन्यात पावसाचा खंड होता. त्यावर्षी २० टक्के पाऊस कमी झाला. यंदा देखील तशी परिस्थिती निर्माण झालेली आहे. मागील सहा वर्षांत एक-दोन वर्ष वगळता कोणत्याही वर्षी १०० टक्के पेरणी झाली नसल्याचे अहवालातून दिसते आहे.
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जिले में हाईवे सुरक्षा: संयुक्त निरीक्षण के बाद अतिक्रमण हटाने के उपाय तय

Dholpur, Rajasthan:सड़क सुरक्षा समिति के इतिहास में पहली बार, जिला कलक्टर सहित सभी अधिकारी एक ही मिनी ट्रैवलर में बैठकर निकले हाईवे निरीक्षण पर NH-44, NH-123 और NH-11B का 5 घंटे तक निरीक्षण, मनियां में अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर धौलपुर जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी सड़क सुरक्षा को लेकर एक्शन मोड में नजर आए। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बाद जिला कलेक्टर ने समिति के सभी पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को साथ लेकर जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों का मौके पर निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ राजमार्ग संख्या-44, राष्ट्रीय राजमार्ग-123 एवं 11वीं के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेते हुए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, ब्लैक स्पॉट, अवैध अतिक्रमण, सड़क किनारे संचालित दुकानों तथा हाईवे से जुड़ने वाले संपर्क मार्गों की स्थिति का निरीक्षण किया。 *एक ही मिनी ट्रैवलर में अधिकारियों ने किया निरीक्षण* सड़क सुरक्षा समिति के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला कि जिला कलक्टर सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही मिनी ट्रैवलर में सवार होकर संयुक्त रूप से हाईवे का निरीक्षण करने निकले। इससे अधिकारियों ने एक साथ मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया तथा विभिन्न स्थानों पर सामने आ रही समस्याओं पर तत्काल चर्चा कर समाधान के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। *ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश* निरीक्षण के दौरान ब्लैक स्पॉट को लेकर जिला कलेक्टर ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थानों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जहां आवश्यक हो वहां उचित संकेतक, चेतावनी बोर्ड, रोड मार्किंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही ऐसे स्थानों पर सड़क उपयोगकर्ताओं को पहले से सावधान करने के लिए पर्याप्त विजिबिलिटी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। *हाईवे पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं* जिला कलक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाईवे की सीमा में किए गए किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए। मनियां में निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को मौके पर ही ध्वस्त कराया गया। हाईवे किनारे अवैध रूप से संचालित दुकानों एवं अन्य गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। *अवैध सर्विस सेंटरों पर कार्रवाई* मनियां क्षेत्र में हाईवे किनारे अवैध रूप से संचालित वाहनों के सर्विस सेंटरों को लेकर भी जिला कलेक्टर ने नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्थानों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वाहनों की मरम्मत अथवा अन्य गतिविधियों के कारण हाईवे पर यातायात बाधित न हो और सड़क दुर्घटना की स्थिति पैदा न हो। *यूरिया की दुकान और अवैध कांटो को हटाने के निर्देश* निरीक्षण के दौरान हाईवे पर यूरिया की बिक्री के लिए किए गए अवैध अतिक्रमण को भी जिला कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार हाईवे किनारे संचालित अवैध कांटों को बंद कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि राजमार्ग की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। *संपर्क मार्गों पर विजिबिलिटी बनाए रखने पर जोर* गांवों से राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाली सड़कों के निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने विशेष रूप से विजिबिलिटी पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि हाईवे से जुड़ने वाले प्रत्येक संपर्क मार्ग के दोनों ओर पर्याप्त दृश्यता होनी चाहिए, ताकि वाहन चालकों को मुख्य राजमार्ग पर आने-जाने वाले वाहनों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। संपर्क मार्गों के मुहानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध दुकान, निर्माण सामग्री अथवा अन्य बाधा नहीं होनी चाहिए। *आवारा पशुओं की समस्या पर भी गंभीरता* जिला कलेक्टर ने हाईवे पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर आवारा पशुओं का जमावड़ा दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकता है, इसलिए संबंधित स्थानीय निकाय एवं अन्य विभाग समन्वय स्थापित कर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। *सड़क सुरक्षा को लेकर विभागों में समन्वय जरूरी* जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल चालान और कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान, सड़क की तकनीकी कमियों को दूर करना, संकेतक एवं रोड मार्किंग, अतिक्रमण हटाना, यातायात नियमों की पालना तथा आमजन में जागरूकता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए। लगभग 5 घंटे सभी अधिकारियों ने एक साथ जिले से गुजरने वाले तीनों राष्ट्रीय राजमार्गों का निरीक्षण किया और वहां की भौतिक स्थिति का अवलोकन किया। सड़क सुरक्षा समिति के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त निरीक्षण था。 निरीक्षण के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग मधुसूदन राव, एनएचएआई के अधिकारी सहित सड़क सुरक्षा समिति के अन्य पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे
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तेज़ रफ्तार बोलेरो से परिवार के चार लोगों की मौत, जयपुर-भीलवाड़ा हाईवे पर हंगामा

Dudu, Rajasthan:दूदू (जयपुर) रफ़्तार का कहर... बोलेरो ने सास ससुर और दो बहुओं को कुचला, एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. मुआवजे की मांग को लेकर जयपुर-भीलवाड़ा मेगा हाईवे पर जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए. सुबह दो बजे तक धरना चला. धरनास्थल पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झडप. एसडीएम बलबीर सिंह चौधरी और एएसपी शिवलाल बैरवा की समझाइश पर माने ग्रामीण. मृतक सड़क किनारे मूंग की फसल सुखाने का कर रहे थे काम, बेकाबू बोलेरो ने मारी टक्कर. तेज रफ्तार के कारण चारों महिला-पुरुष करीब 20 फीट तक हवा में उछलकर दूर खेत में जा गिरे. हादसे में सास ससुर और दो बहुओं की दर्दनाक मौत हो गई, मृतकों की पहचान पति पत्नी सत्यनारायण, मनमौज सहित अमृता और शिमला के रूप में हुई.
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