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Eshan KhanEshan KhanFollow13 Aug 2024, 08:24 am
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शामली में धर्मांतरण मामला: युवक-युवती पुलिस हिरासत में, जांच जारी

RKRavi KantJust now
Noida, Uttar Pradesh:आयुष मालिक के बाद शामली जिले में एक और धर्मांतरण का मामला सामने आया है। एक मां का आरोप है कि उसके बेटे को मुस्लिम लड़की ने धर्म परिवर्तन कर दिया है। मां रो-रो कर कह रही हैं कि मेरे बेटे को वापस दिला दो; लड़की को उसके मां-बाप के पास भिजवा दो। डॉली अपने बेटे को वापस लाने के लिए पुलिस से और राजपूत समाज के साथ बैठ कर विनती कर रही है; उसका इकलौता बेटा मुस्लिम बन गया है। डॉली का दावा है कि उसका बेटा नमाज पढ़ता था, कलमा पढ़ता था; उसने खुद अपनी आँखों से देखा है; लड़के ने दीवार पर कलमा लिखा रखा है; उसके कमरे से इस्लामिक किताबें मिलीं; लड़की ने संपत्ति के लालच में उसे मुस्लिम बना दिया। लड़की की मां डॉली की बाइट। राजपूत बहुल गांव भाऊखेड़ा के लोगों का कहना है कि कार्तिक राजपूत समाज का लड़का है; उसे बहला-फुसला कर मुस्लिम बना दिया। हम उसे वापस लाएंगे। गांव वालों की बाइट। हिन्दू संगठन के यशवीर महाराज भी इस मामले में पुलिस से जांच की मांग कर रहे हैं। बाइट यशवीर महाराज। मामला सामने आने के बाद शामली पुलिस ने लड़का कार्तिक और लड़की अलीशा को बरामद किया है; 2025 में कार्तिक और अलीशा भाग गए थे; अलीशा उस वक्त नाबालिग थीं, जिसके चलते कार्तिक गिरफ्तार भी हुआ था। जेल से छूटने के बाद दोनों फिर भाग कर शादी कर ली; अब दोनों बालिग हैं। वही कार्तिक अपने घर वाले के आरोप को गलत बता रहा है; कार्तिक कह रहा है कि वो मुस्लिम धर्म नहीं अपनाया। बाइट कार्तिक; बाइट अलीशा; ऑडियो क्लिप। जिसने अलीशा कह रही है कि तुम्हारे बेटे को मुस्लिम बना दिया है। वीडियो दीवारों पर इस्लाम लिखा हुआ। हालांकिए अब पुलिस जांच कर रही है कि क्या अलीशा और उसके घरवाले उसका धर्म परिवर्तन कराया है या नहीं; दोनों पुलिस हिरासत में हैं।
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बैतूल: वन विभाग ने आदिवासी किसान की राजस्व भूमि पर अतिक्रमण के आरोप

Betul, Madhya Pradesh:एंकर - अभी तक आपने किसानों द्वारा फॉरेस्ट की जमीन पर कब्जा करने के ही मामले देखे होंगे, लेकिन बैतूल जिले में वन विभाग ने ही आदिवासी किसान की राजस्व भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है. बैतूल जिले के ग्राम महुपानी से एक बार फिर वन विभाग के कर्मचारियों की दबंगई का मामला सामने आया है. यहां एक आदिवासी किसान से पैसे मांगने और पैसे नहीं देने पर उसकी निजी कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने और पौधारोपण के नाम पर गड्ढे खुदवाने का गंभीर आरोप लगा है. महुपानी निवासी पीड़ित किसान संतुलाल काकोडिया और मंतुलाल काकोडिया का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन, जिसका खसरा नंबर 597 और रकबा 1.408 हेक्टेयर है जिस पर वन विभाग के अधिकारियों ने जबरदस्ती प्लांटेशन का काम शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि यह जमीन उनके पिता ने साल 1970 में खरीदी थी और आज भी राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज है. आरोप है कि ताप्ती रेंज के कार्यवाहक रेंजर दयानंद डेहरिया और बीट गार्ड लेखराज धाकड़ ने जमीन को बचाने के लिए किसान से दो लाख रुपये की मांग की थी. जब किसान ने पैसे देने से इनकार किया, तो उसके खेत में जबरन पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदवा दिए गए. पोल गाड़कर ज़मीन कब्ज़ा करने की तैयारी की जा रही है. पीड़ितों किसान का कहना है कि बीट गार्ड ने उनसे अपनी ही ज़मीन बचाने के लिए दो लाख रुपए मांगे थे. जब पैसे नहीं दिए तो बीट गार्ड ने उनकी जमीन में गड्ढे खुदवा दिए. उन्होंने कई बार विरोध किया और जमीन को अपनी निजी कृषि भूमि बताया, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई. पड़ोसियों का भी कहना है कि यह जमीन पूरी तरह राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है और पटवारी द्वारा कई बार सीमांकन कर जमीन किसानों को सौंपी जा चुकी है, इसके बावजूद वन विभाग जबरन कब्जा कर रहा है. मामले के तूल पकड़ने के बाद दक्षिण वन मंडल के डीएफओ ने जांच का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा है कि वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और रिश्वत मांगने के आरोपों की भी अलग से जांच होगी. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच के बाद आदिवासी किसान को न्याय मिलेगा या फिर दबंग आदिवासी किसानों को इसी तरह से प्रताड़ित करते रहेंगे.
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गोंडा के तरबगंज में बालू से चपेट में आकर 18 वर्षीय छात्रा की मौत

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले में तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीपुर पहाड़ी बंधा मार्ग पर दुर्जनपुर घाट के पास पर आज बृहस्पतिवार दोपहर 2:00 बजे के करीब हुए एक सड़क हादसे में सिलाई कोचिंग पढ़कर के लौट रही एक 18 वर्षीय छात्रा की बालू खाली करके जा रहे ट्रक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई है। तत्काल स्थानीय लोगों द्वारा एंबुलेंस के माध्यम से 18 वर्षीय सरिता साहू को लेकर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरबगंज पहुंचे जहां डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया था इसके बाद परिवार के लोग गोंडा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे यहां पर भी डॉक्टर द्वारा मृत घोषित कर दिया गया है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची तरबगंज थाने की पुलिस द्वारा 18 वर्षीय मृतक का छात्रा सरिता साहू के शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज पूरे मामले को लेकर के जहां शुरू कर दिए है। तो वही पीड़ित झुरहे साहू द्वारा तरबगंज थाने में तहरीर देकर बालू खाली करके वापस जा रहे ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है मुकदमा दर्ज करके पूरे मामले को लेकर के पुलिस जांच कर रही है। दरअसल मृतका छात्रा सरिता साहू तरबगंज थाना क्षेत्र के किंधौरा गांव की रहने वाली है उसने अभी इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। प्रतिदिन इसी तरीके से वह साइकिल से दुर्जनपुर बाजार जाकर के कोचिंग में पढ़ाई करती थी और फिर कोचिंग में 2 घंटा पढ़ाई करने के बाद इसी तरीके से वह अपने साइकिल से घर जाती थी। लेकिन आज कोचिंग से पढ़ कर वापस जाते समय वह घर नहीं पहुंची और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मृतक सरिता साहू सिलाई की कोचिंग करने के लिए जाती थी जहां पर वह सिलाई की पढ़ाई करके और सिलाई सीखती थी सरिता साहू की सड़क हादसे में मौत होने के बाद परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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Kanpur Dehat: महिलाओं का शराब ठेका विरोध, प्रशासन ने ठेका दूसरी जगह शिफ्ट करने का आश्वासन दिया

AKAlok KumarJust now
Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:कानपुर देहात गांव के पास शराब ठेके का विरोध, महिलाओं ने काटा जमकर हंगामा शराब ठेके पर ग्रामीण महिलाओं का विरोध प्रदर्शन。 बड़ी संख्या में महिलाओं ने ठेके पर पहुंचकर किया हंगामा。 गांव के पास शराब ठेका होने पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी。 महिलाओं का आरोप—ठेका निर्धारित समय से पहले खुलता है और देर रात तक संचालित रहता है。 बच्चों तक को शराब बेचे जाने का भी लगाया आरोप。 प्रदर्शन की सूचना पर तहसील प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची。 अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया。 जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया。 अधिकारियों ने जल्द ठेके को दूसरी जगह शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया。 आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त, लेकिन ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग सिकंदरा थाना क्षेत्र अलमपुर गांव का मामला
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गड्ढों से यातायात प्रभावित, NHI ने तुरंत मरम्मत शुरू की

Shamli, Uttar Pradesh:दिल्ली देहरादून नेशनल हाईवे पर गड्ढे: दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर गड्डों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जहां एक युवक वीडियो में नेशनल हाईवे पर गड्ढे दिखाते हुए और अपनी गाड़ी में हुए नुकसान की बात कह रहा है, वह वीडियो सभी चीजें दिखाते हुए वायरल कर दी गई है। बीते दो दिन पहले मामूली बरसात के कारण हुए गड्ढ़ों के मामले में एनएचआइ विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारिश की वजह से कुछ जगह सड़क धस गई है, जिसे सूचना मिलने पर पहले की तरह दुरुस्त किया जा रहा है। दिल्ली से बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर से देहरादून जाने वाले नेशनल हाईवे का उद्घाटन कुछ दिनों पहले पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा किया गया था। हल्की बूंदाबांदी के चलते कुछ जगह गड्ढे हो गए हैं जहां बरसात के पानी की वजह से सड़क धंस गई है, जिससे हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों की गाड़ियों में नुकसान हो रहा है। कुछ गाड़ियों के एलॉय व्हील भी टूट गए हैं। वायरल वीडियो के संज्ञान लेते हुए NHI विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गड्ढों को ठीक करने का कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया। NHI विभाग के स्थानीय अधिकारी शिवम कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के कारण कुछ जगह सड़क में गड्ढे हो गए हैं; सूचना मिलते ही उनको भरने और यातायात सुचारू रूप से चलने का कार्य तेजी से किया जा रहा है और जल्द अन्य जगह चेकिंग होगी ताकि भविष्य में ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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आकाशीय बिजली गिरने से छह किसान जख्मी, इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रिफर

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में खेत पर काम कर रहे लोगों पर गिरी आकाशीय बिजली,6 किसान झुलसे,मेडिकल कॉलेज रिफर हरदोई के पाली थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से खेत में खीरे की गुड़ाई कर रहे छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दरियापुर गांव निवासी उमेश पुत्र रघुराज के खेत में खीरे की गुड़ाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। तभी आकाशीय बिजली खेत के में गिर गई, जिसकी चपेट में आकर उमेश, सचिन पुत्र उमेश, हंसू पुत्र वीरपाल, शेरू पुत्र रविंद्र, नीरज पुत्र राजकुमार तथा कोमल पुत्री उमेश गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायल दरियापुर गांव के निवासी हैं।घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सभी घायलों को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ले जाया गया।अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।अपनों की हालत देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिससे अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि सभी घायलों की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली।
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3 अगस्त को फैसला: दिल्ली कोर्ट में ब्रजभूषण-तोमर केस की अंतिम सुनवाई

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। गोंडा जिले के कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद व भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर पर महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन शोषण मामले से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। 3 अगस्त को इस पूरे मामले को लेकर के दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अपना फैसला सुनाया जाएगा आज सुनवाई के दौरान कोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। आज बृहस्पतिवार को दोपहर 3:00 दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इस पूरे प्रकरण को लेकर के अंतिम सुनवाई हुई है शिकायतकर्ता पहलवानों की तरफ से अंतिम दलीलें अपनी कोर्ट में दी गई है। अंतिम दलील शिकायतकर्ता पहलवानों की तरफ से पूरी होने के बाद राउज एवेन्यू द्वारा इस पूरे मामले में अपना फैसला रिजर्व रख लिया गया है और अब 3 अगस्त को इस पूरे मामले को लेकर के राज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अपना फाइनल फैसला सुनाया जाएगा। यानि की 3 अगस्त को इस पूरे मामले में कोर्ट का फाइनल फैसला आ जाएगा आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर कोर्ट में पेश हुए जहां उनकी मौजूदगी में ही शिकायतकर्ता पहलवानों की तरफ से अपनी अंतिम दलील दी गई है। बीते 30 जून को भी कोर्ट में सुनवाई हुई थी जहां पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा अपनी अंतिम दलील देते हुए सभी आरोपों से इनकार करते हुए अपने आप को निर्दोष बताया गया था। बृजभूषण शरण सिंह की दलील पूरी होने के बाद कल एक जुलाई से शिकायतकर्ता पहलवानों की अंतिम दलील शुरू हुई थी जो आज 2 जुलाई को अंतिम दलील पूरी हो गई है।
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बागपत पुलिस ने फर्जी कार लूट स्कीम से बीमा लाभ की साजिश पकड़ी

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत पुलिस ने कार लूट की झूठी कहानी रचकर बीमा क्लेम और आर्थिक लाभ लेने की साजिश का पर्दाफाश किया है। जिस युवक ने अपनी कार लूटे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने फर्जी लूट की कहानी रचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, रमाला थाना क्षेत्र के अशरफाबाद थल गांव निवासी इमरान और कुर्बान ने आर्थिक तंगी के चलते अपनी कार की फर्जी लूट की योजना बनाई। दोनों ने पुलिस में कार लूट की शिकायत दर्ज कराई ताकि बीमा क्लेम हासिल कर सकें और लोगों की सहानुभति भी मिल सके। जांच के दौरान पुलिस को शिकायत पर शक हुआ, जिसके बाद साक्ष्य जुटाए गए। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पूरी साजिश कबूल कर ली। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में कार लूट का वादी ही झूठी लूट का मुख्य साजिशकर्ता निकला。
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कुएं से नदी किनारे कृषि विद्युत कनेक्शन, ठेकेदारों की मनमानी से किसानों में आक्रोश

Noida, Uttar Pradesh:जिला भीलवाड़ा लोकेशन –जहाजपुर बिना शिफ्टिंग प्रक्रिया कुएं के कनेक्शन को नदी किनारे लगाया एवीवीएनएल अधिकारियों की शह ठेकेदारों की मनमानी। जहाजपुर ग्राम बिहाड़ा में कृषि विद्युत कनेक्शनों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि उन्होंने कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए निर्धारित डिमांड राशि काफी पहले जमा करा दी, लेकिन आज तक उन्हें कनेक्शन जारी नहीं किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों की कथित मनमानी के चलते एक कृषि विद्युत कनेक्शन नदी किनारे स्थापित कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि एक कुएं पर स्वीकृत कृषि विद्युत कनेक्शन को नियमानुसार शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही नदी किनारे स्थापित कर दिया गया। इससे विभागीय नियमों की अनदेखी होने के साथ-साथ निगम को लाखों रुपये के राजस्व की चपत लगने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं, जिससे ठेकेदारों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इस संबंध में एवीवीएनएल के एक्सईएन ए.पी. नागर ने बताया कि, "यह मामला मेरे संज्ञान में पहले ही आ चुका था। मैंने संबंधित एईएन को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। अब मैं इस संबंध में एईएन को दोबारा रिमाइंडर जारी करूंगा, ताकि जांच रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त हो सके और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की सके।"
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रायगढ़ पुलिस की प्रताड़ना: हाई कोर्ट ने नार्को-एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट पर रोक लगाई

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर । हत्या के एक मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ रायगढ़ की पुलिस ने एक किसान और एक महिला को लगातार प्रताड़ित किया। पूछताछ के नाम पर 18 दिनों तक थाने बुलाया। अब नार्कों व पॉलीग्रॉफ टेस्ट के लिए मजबूर किया जा रहा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले और कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है, बगैर सहमति किसी व्यक्ति को नाकों व पॉलीग्रॉफ टेस्ट के लिए पुलिस मजबूर नहीं कर सकती।याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने नार्को,पॉलीग्रॉफ सहित अन्य साइंटिफिक टेस्ट पर रोक लगा दी है। पुलिस को बगैर सहमति ऐसा ना करने हिदायत दी है।छत्तीसगढ़ रायगढ़ के चक्रधरनगर पुलिस ने हत्या व साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) व 238 (A) के तहत एफआईआर कर जांच शुरू किया है। पुलिस ने संदेह के आधार पर लक्ष्मीनारायण पटेल कृषक निवासी ग्राम बेहरापाली व अर्थना भगत ग्राम महापल्ली को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को चुनौती देते हुए दोनों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में बताया है, उन दोनों का नाम FIR में नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई सबूत है। 16 जून 2026 को की गई जांच रिपोर्ट से साफ है। उन दोनों को जांच के नाम पर पुलिस लगातार परेशान और प्रताड़ित कर रही है।याचिकाकर्ताओं के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत कोई नोटिस भी पुलिस ने जारी नहीं किया है। जांच के नाम पर बीते 18 दिनों तक लगातार पुलिस धाने तलब किया गया। लंबे समय तक हिरासत में रखा गया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार सुपुर्दनामा पर दबाव डालकर पुलिस ने हस्ताक्षर भी करा लिया है। बिना किसी कानूनी पड़ताल के मोबाइल की भी जब्ती पुलिस ने बना ली है।याचिकाकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, बगैर न्यायिक मंजूरी और उनकी सहमति के बिना ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ़ और नाकों एनालिसिस टेस्ट के लिए 20 जून को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में 22 जून 2026 और 23 जून 2026 को रायपुर में पेश होने के लिए मजबूर किया। नाकों व पॉलीग्राफ टेस्ट पर हाई कोर्ट की रोक याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई।डिवीजन बेंच ने साफ कहा है, जांच एजेंसी याचिकाकर्ताओं को नार्को-एनालिसिस, पॉलीग्रा फएग्जामिनेशन, ब्रेन इलेक्ट्रिकल एक्टिवेशन प्रोफाइल BEAP टेस्ट, या किसी दूसरी ऐसी ही साइंटिफिक जांच तकनीक से गुजरने के लिए मजबूर नहीं करेगी। अगर ऐसे टेस्ट का प्रस्ताव है, तो वे सिर्फ याचिकाकर्ता की मर्जी से, जानकारी के साथ और साफ़ सहमति से ही किए जा सकते हैं।
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साकीनाका में खुले मैनहोल से असलम शेख की मौत, सुरक्षा व्यवस्था सवाल

Mumbai, Maharashtra:मुंबई के साकीनाका इलाके में स्थित खैरानी रोड पर सोमवार को लापरवाही की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई। 61 वर्षीय असलम शेख की एक खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। जानकारी के मुताबिक, मौके पर मैनह hole में लोहे की जाली लगाने का काम चल रहा था। आरोप है कि काम कर रहे कर्मचारियों ने सुरक्षा के बुनियादी नियमों की अनदेखी करते हुए मैनहोल को खुला छोड़ दिया था। इतना ही नहीं, वहां किसी तरह की बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा भी नहीं लगाया गया था। कर्मचारी मैनह hole के पास ही मौजूद थे, लेकिन खुले गड्ढे को सुरक्षित करने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए。 इसी दौरान 61 वर्षीय असलम शेख वहां से गुजर रहे थे। खुले मैनहोल का अंदाजा न होने के कारण वह सीधे उसमें गिर गए। हादसे के बाद उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनकी मौत हो गई。 स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मैनहोल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई होती या चेतावनी के लिए संकेतक लगाए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था। इस घटना ने एक बार फिर बीएमसी द्वारा सड़क पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
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हरियाणा हिसार में नशा तस्करों के खिलाफ छापेमारी, 53 किलो डोडा पोस्त बरामद

Hisar, Haryana:हरियाणा पुलिस ने हिसार में नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 किलो 240 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया है, जिसे तस्कर एक स्विफ्ट कार में ले जा रहे थे। हिसार के रायपुर रेलवे पुल के निकट एंटी नार्कोटिक्स सेल द्वारा की गई नाकाबंदी के दौरान, पुलिस टीम को देखकर तीन संदिग्ध तस्कर अपनी कार छोड़कर खेतों की ओर फरार हो गए। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें तीन कट्टों में नशीला पदार्थ पाया गया, जिसे जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि कार राजस्थान के करौली जिले में पंजीकृत है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार और पुलिस 'नशामुक्त हरियाणा' के संकल्प को पूरा करने के लिए दृढ़ है, जिसके तहत नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को जागरूक करने और उन्हें खेल गतिविधियों से जोड़ने का काम भी निरंतर जारी है।
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तबादलों में सीएमओ की पारदर्शी हरी झंडी, मंत्रियों की डिजायर पूरी

Jaipur, Rajasthan:तबादलों पर सीएमओ देगा हरी झंडी मंत्री लिस्ट तैयार कर भिजवायेंगे सीएमओ एक से ज्यादा डिजायर वालों पर निगाह भजनलाल सरकार तबाददलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सीएमओ की तबादला प्रक्रिया पर पूरी नजर है मंत्रियों को तबादला सूची जारी करने से पहले सीएमओ से हरी झंडी लेनी होगी एक से ज्यादा डिजायर तो सीएमओ भेजनी होगी सूची मंत्र्यों के यहां तबादलों के तलबगारों की लंबी कतारें हैं सब अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर पसंदीदा जगह पाने के लिए बेकरार हैं मंत्रियों के बंगलों पर भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सीएमओ की पूरी तबादला प्रक्रिया पर पैनी नजर है भ्रष्टाचार मुक्त और पूर्ण पारदर्शिता के साथ तबादले हों,,इसके लिए सीएमओ ने खास हिदायतें दी हैं जो अधिकारी कर्मचारी एक ही जगह बरसों से जमे बैठे हैं और फिर से यथावत बने रहने के लिए अपनी ऊंची पहुंच का इस्तेमाल कर रहे हैं उन्हें इस बार की तबादला सूचियों में निराश होना पड़ सकता है ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का दावा है कि ट्रांसफर में जुगाड़ नहीं चलेगा न ही कोई रसूख जो बेहतर काम कर रहे हैं उन्हें बेहतर पोस्टिंग दी जायेगी उन्हेांने महकमें में पूरी पारदर्शिता के साथ तबादला प्रक्रिया का दावा किया हीरालाल नागर ने कहा कि तबादलों में न तो किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त होगी और न ही भ्रष्टाचार होने दिया जायेगा जिनको अपने घर के पास पोस्टिंग चाहिए वो उनसे सीधे आकर मिल सकते हैं अगर उनका परफोरमेंस ठीक है तो उन्हें ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले करने में कोई झिझक नहीं है कई अधिकारी कर्मचारी एक से ज्यादा डिजायर करा कर हर हाल में तबादलों के लिए चौतरफा दबाव बनाने की कोशिश करते हैं ऐसी डिजायर पर फैसला सीएमओ ही करेगा यूडीएच मंत्री ने भी माना सीएमओ ने मांगी जानकारियाँ पूरी जांच पड़ताल के बाद ही होंगे तबादले जो भी जानकारी मांगी जायेगी सीएमओ भेजेंगे यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के विभाग में सैंकड़ों कर्मचारी इधर से उधर होने के लिए जी जान लगा रहे हैं नगर पालिकाओं से लेकर नगर परिषदों तक और नगर निगमों से लेकर यूआईटी तक में कर्मचारी अपनी पसंदीदा पोस्टिंग पाने के लिए नेताओं की डिजायर के अंबार लगा रहे हैं जयपुर विकास प्राधिकरण से लेकर कोटा ,भरतपुर अजमेर जोधपुर के विकास प्राधिकरण में कर्मचारियों की मलाईदार पोस्टिंग पर निगाहें टिकी हैं मंत्रियों से लेकर विधायकों तक की अनुशंषायें कराई जा रही हैं कई कर्मचारी अधिकारी पांच पांच छह छह डिजायर तक करा कर पसंदीदा पेास्ट पर तबादले के लिए मंत्री पर दबाव तक बनाने की कोशिश कर रहे हैं सीएमओ से आये एक फरमान ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये रखने का एक तरह से रास्ता खोल दिया है तबादला सूचियां तैयार कर पहले सीएमओ भेजी जायेंगी फिर हरी झंडी मिलने पर ट्रांसफर लिस्ट जारी होगी ताकि भ्रष्टाचार की कहीं गुंजाइश ही न रहे मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीएमओं की इस पहल को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बेहतरीन कदम करार दिया है सरकार सावधान नहीं देना चाहती विपक्ष को कोई मौका सरकार चाहे किसी की भी हो तबादलों को लेकर विपक्ष हमेशा सरकार पर हमलावर रहता है तबादला उद्योग पनपने तक के आरोप लगाये जाते हैं इसलिए भजनलाल सरकार इस बार विपक्ष को किसी भी तरह का कोई मौका नहीं देना चाहती इसलिए पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया पर पैनी निगाह है सीएमओ एक्टिव है और मंत्रियों की भारी भरकम तबादला सूचियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है जहां संदेह है वहाँ सीएमओ ने ट्रांसफर लिस्ट से जुड़ी फाइल भी तलब करने का फैसला किया है बहरहाल तबादलों के लिए सरकार ने पांच जुलाई की डेडलाइन तय की है पर जिस तरह से कर्मचारियों का राजधानी की सड़कों पर सैलाब उमड़ रहा है,उससे साफ है कि सरकार ऐन वक्त पर तबादलों की समय सीमा बढा भी सकती है समय नहीं बढा तो बैक डेट में भी कुछ दिन सूचियां आती रहेंगी पर सबसे बड़ा सवाल पारदर्शिता का है इसलिए सरकार का हर महकमा पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ ट्रांसफर की प्रक्रिया को अंजाम देने में जुटा है
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रामगढ़ चौक के किसानों को मूंग बीज योजना से बड़ा नुकसान, मुआवजे की मांग

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड से किसानों की परेशानी की बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी योजना के तहत मिले मूंग के बीज से खेती करने वाले किसानों का आरोप है कि पूरी फसल बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि फसल में न फल लगा और न ही दाना आया। अब किसान मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं यह हाल है सूबे के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के क्षेत्र का। देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट। लखीसराय के रामगढ़ चौक में सरकारी योजना के तहत मिले मूंग के बीज ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि अप्रैल में कृषि विभाग से मिले बीज से बोई गई फसल जुलाई आते-आते पूरी तरह बर्बाद हो गई। अब किसान आर्थिक संकट में हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। तस्वीरें रामगढ़ चौक प्रखंड की हैं, जहां खेतों में खड़ी मूंग की फसल किसानों की मेहनत का मजाक बनकर रह गई है। किसानों का कहना है कि सरकारी योजना के تحت अप्रैल महीने में एमएच-1142 किस्म का मूंग बीज दिया गया था। दावा किया गया था कि इससे प्रति हेक्टेयर 8 से 10 क्विंटल तक उत्पादन होगा और यह रोग प्रतिरोधी भी होगा। लेकिन किसानों का आरोप है कि फसल में न फल आया और न ही दाना। देखते ही देखते पूरी फसल पीली पड़ गई और बर्बाद हो गई। किसानों ने सरकारी बीज पर भरोसा किया, लेकिन पूरी फसल खराब हो गई। अब हमारी लागत भी डूब गई और कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया। किसानों का कहना है कि उन्होंने पहले मौखिक रूप से कृषि विभाग को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाइट- महेश कुमार सिंह, किसान। बाइट- टनटन पांडेय, किसान। बाइट- राजकुमार महतो, किसान। बाइट- मिश्री महतो, किसान। वहीं प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा का कहना है कि बीज बिहार बीज निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था और इसकी जिम्मेदारी निगम की है। सरकारी योजना के तहत किसानों को बेहतर उत्पादन का सपना दिखाया गया था, लेकिन अब वही किसान अपनी लागत और मेहनत दोनों गंवाने का दर्द झेल रहे हैं। सवाल यह है कि अगर जांच में बीज की गुणवत्ता खराब पाई जाती है तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा और किसानों को उनका मुआवजा कब मिलेगा? लखीसराय से राज किशोर मधुकर की रिपोर्ट।
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