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Amir SohailAmir SohailFollow28 Sept 2024, 03:17 am
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फलोदी के अस्पताल में बिजली गुल, प्रसव समय नवजातों को खतरा

Jodhpur, Rajasthan:एक तरफ तो राजस्थान सरकार जननी सुरक्षा, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के अनेक कार्यक्रम, अभियान चलाकर कई योजनाओं को धरातल पर लागू कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सही मॉनिटरिंग के अभाव में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फलोदी के बाप कस्बे में स्थित सरकारी हॉस्पिटल में शुक्रवार देर रात को अचानक तेज आंधी आने से बिजली चली गई। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज लोहिया ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेज कर पीड़ा व्यक्त करते बताया कि सीएचसी बाप में संस्थागत प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं प्रसव के दौरान नवजात शिशुओं को भयंकर आंधी, गर्मी में हाथ पंखी से हवा देनी पड़ रही है। प्रसुताओं से बातचीत करने पर बताया कि नवजात शिशु गर्मी से बहुत परेशान होते है। शुक्रवार रात्रि मामूली आंधी के बाद रात 3 बजे से शनिवार सुबह सात बजे सुबह तक विद्युत व्यवस्था ठप्प रही। प्रसूताओं के वार्ड में लाइट नहीं होने से मोबाइल की टॉर्च जलाकर उजाला कर नवजात बच्चों को प्रसुताओं द्वारा हाथ पंखे से या कपड़े से हवा देकर राहत पहुंचाने का जतन प्रसुताओं के साथ आए परिजनों ने किया। ऐसा नहीं है कि अस्पताल परिसर में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है जनरेटर है लेकिन वो खराब बताया जा रहा है। सूचना पर जागरूक नागरिकों रात्री ड्यूटी के कार्मिक से पूछा तो जनरेटर खराब होना बताया। यहाँ तक कि किसी अधिकारी ने विद्युत विभाग को खबर तक नहीं दी कि 3 बजे से लाइट हॉस्पिटल की बंद है। ज्ञात रहे एमरजेंसी वार्ड में इन्वेटर लगा होने के कारण रात्रि में ड्यूटी करने वाले कार्मिक को कोई परेशानी नहीं होती वे आराम से नींद लेते रहे। हाल ही में बीकानेर में एक साथ कई प्रसुताओं की मौत का मामला गरमाया हुआ है जिसपर गंभीर चिंतन चल रहा है। फिर भी बाप के चिकित्सा विभाग प्रसुताओं, नवजात शिशुओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है。
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SMS अस्पताल में संविदा नर्सिंग कर्मियों का प्रदर्शन जारी, लिखित आदेश की मांग

Jaipur, Rajasthan:SMS अस्पताल में संविदा नर्सिंग कर्मी दीपक सुसाइड मामले को लेकर नर्सिंग कर्मियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। गेट नंबर-3 पर आक्रोश सभा कर कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। इसके बाद पैदल march करते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज पहुंचे। नर्सिंग कर्मियों का आरोप है कि देर रात प्रशासन के साथ हुई वार्ता में मांगों को लेकर केवल मौखिक सहमति दी गई, लेकिन कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि हटाए गए संविदा कर्मियों को अभी तक सेवा में वापस नहीं लिया गया है। आरोप है कि प्रशासन की ओर से नई पोस्ट जनरेट करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बहाली को लेकर कोई ठोस आदेश नहीं मिला। नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन और मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि कल महिला चिकित्सालय में भी धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
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दयालबंद मधुबन में शराब दुकान बंदी की मांग पर महिलाओं का प्रदर्शन

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर के दयालबंद स्थित मधुबन में संचालित शराब भट्टी को लेकर महिलाओं का गुस्सा आज खुलकर सामने आ गया। शराब दुकान खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और दुकान बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं के विरोध के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। दयालबंद के मधुबन इलाके में स्थित शराब दुकान के खिलाफ लंबे समय से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही थी। नाराजगी उस समय आंदोलन में बदल गई जब बड़ी संख्या में महिलाएं शराब दुकान के बाहर एकत्रित होकर उसके स्थायी बंद की मांग करने लगीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है और आसपास रहने वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि शराब भट्टी के आसपास आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। नशे की हालत में लोग हंगामा करते हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मौके पर आबकारी विभाग के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास किया और उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि महिलाएं दुकान बंद करने की मांग पर अड़ी रहीं और क्षेत्र से शराब भट्टी हटाने की मांग दोहराती रहीं।
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चिल्फी घाटी में भारी मशीन गिरने से NH-30 पर जाम, यातायात बाधित

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा जिले की चिल्फी घाटी में एक बार फिर यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। जबलपुर की ओर से आ रहे एक ट्रक में फैक्ट्री की भारी-भरकम मशीन ले जाई जा रही थी, तभी चिल्फी घाटी के नाग मोड़ी के पास अचानक मशीन ट्रक से गिरकर बीच सड़क पर आ गई। मशीन गिरने के बाद NH-30 रायपुर-जबलपुर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले 12 घंटे से ज्यादा समय से जाम की स्थिति बनी हुई है। सूचना मिलते ही चिल्फी पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क से मशीन हटाने की कवायद शुरू कर दी है, लेकिन भारी मशीन होने के कारण यातायात बहाल करने में समय लग रहा है। चिल्फी घाटी में आए दिन इस तरह की जाम की स्थिति बनती रहती है, जिससे यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और मार्ग को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
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बिहार में कंगन जाँच: पारदर्शिता और विकास मुद्दों पर बहस तेज

Patna, Bihar:जेडीयू प्रवक्ता ने कहा देखिए, सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। जब किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में महंगे उपहार दिए जाने को लेकर विविध प्रकार के दावे और सवाल सामने आते हैं, तो तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक और स्वाभाविक हो जाती है। यह किसी पर आरोप लगाने का विषय नहीं है, बल्कि सच सामने लाने की प्रक्रिया है। यदि गहनों की कीमत, उनकी खरीद का स्रोत, भुगतान के माध्यम और कर (टैक्स) संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं, तो संबंधित एजेंसियों को इसकी जांच कर सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए। लोकतंत्र में पारदर्शिता ही सबसे बड़ा आधार है। इसलिए पारदर्शिता से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें जनता के समक्ष रखा जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम या आशंका की स्थिति न रहे। वहीं बीजेपी प्रवक्ता ने कहा हम कलाकारों का पूरा सम्मान करते हैं। उनका सम्मान हमारे लिए सर्वोपरि है। लेकिन यहाँ प्रश्न कलाकारों के सम्मान का नहीं, बल्कि उन्हें दिए गए महंगे आभूषण का है, जिसे श्रीमती राबड़ी देवी ने उपहार स्वरूप प्रदान किया। जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के परिवार पर वर्षों से आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, तब पारदर्शिता और जवाबदेही के तहत यह बताना उनका नैतिक दायित्व बनता है कि यह महंगा कंगन कहाँ से आया, इसकी खरीद कैसे हुई और इसका स्रोत क्या है। कलाकारों के लिए महंगे उपहारों से अधिक महत्वपूर्ण उनके हित में किए जाने वाले कार्य हैं, जिन पर NDA सरकार लगातार काम कर रही है. लेकिन राबड़ी देवी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतना महंगा उपहार देने के लिए उनके पास यह आभूषण कहाँ से आया। सामान्यतः कोई व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी गई वस्तु उपहार में देने से पहले कई बार सोचता है। ऐसे में यदि इतना मूल्यवान उपहार दिया गया है, तो उसके स्रोत और वैधता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। इसलिए यह विषय पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़ा है, और इसकी निष्पक्ष जांच होना स्वाभाविक है ताकि तथ्य जनता के सामने स्पष्ट हो सकें। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा बिहार के वास्तविक चुनावी मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश लगातार की जा रही है। एनडीए के नेता उन विवादों को उछालने में लगे हैं। उनका जनता की मूल समस्याओं से कोई सीधा सरोकार नहीं है। पहले बंगला विवाद, फिर सुरक्षा विवाद और अब कंगन को लेकर नया विवाद खड़ा किया गया है। सवाल ये है कि इन मुद्दों की आम जनता के जीवन में आखिर क्या अहमियत है? जनता जानना चाहती है कि बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और बिहार के विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा कब होगी। सुषमा प्रकरण हो, नीट परीक्षा का मामला हो, सिविल सेवा अभ्यर्थियों की समस्याएँ हों या बिहार की बेटियों को न्याय दिलाने का प्रश्न—इन गंभीर मुद्दों पर कई नेता मौन क्यों हो जाते हैं؟ वहीं राजद प्रवक्ता ने कहा आप लोगों की राजनीति का स्तर इतना नीचे गिर गया है कि अब किसी कलाकार को दिए गए सम्मान और उपहार पर भी राजनीति की जा रही है। छोटे-छोटे विवाद खड़े किए जा रहे हैं। बिहार के असली मुद्दों पर बात कीजिए। प्राकृतिक आपदा राहत कोष के उपयोग पर सवाल हैं। लोग समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, कई जनहित के मुद्दे लंबित हैं। इन विषयों पर चर्चा करने के बजाय जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे छोटे-छोटे विवाद खड़े किए जा रहे हैं। बिहार की जनता सब देख रही है और समझ रही है। कौन वास्तविक मुद्दों पर बात कर रहा है और कौन भटकाने की कोशिश कर रहा है। किसी कलाकार का सम्मान करना गलत नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी हमेशा कलाकारों, साहित्यकारों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों का सम्मान करते रहे हैं।
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सीकर: खाटूश्यामजी धरना के साथ मशाल जुलूस, आरोपियों की गिरफ्तारी पर नाराज़गी

Sikar, Rajasthan:सीकर मशाल जुलूस निकाला सीकर के खाटूश्यामजी में 26 मई को युवक करण कुमावत पर हुए हमले के मामले में आज पांचवे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। कल शाम को धरने पर बैठे लोगों ने मशाल जुलूस निकाला। जो कलेक्ट्रेट के बाहर धरना स्थल से रवाना होकर कल्याण सर्किल,तापड़िया बगीची होते हुए वापस धरना स्थल पहुंचा। मसाल जुलूस के दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस में शामिल शिवभगवान ने बताया कि 26 मई को युवक करण कुमावत पर जालनेवा हमला हुआ था। इस घटना के बाद हमने एसपी को ज्ञापन दिया और 1 जून को खाटूश्यामजी में 3 घंटे तक सांकेतिक भी दिया। लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने के चलते 5 दिन पहले सीकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना शुरू किया। लेकिन पुलिस अभी तक मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आज हमारे प्रतिनिधि मंडल के द्वारा प्रदेश के गृहमंत्री जवाहर सिंह से भी मुलाकात की गई। तब उन्होंने भी आश्वासन दिया कि मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारकर लिया जाएगा। जब भी मामले को लेकर सीकर एसपी प्रवीण नायक से बात करते हैं तो वह एक ही जवाब देते हैं कि चार टीम लगी हुई है और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन कई आरोपी अभी फरार हैं। ऐसे में अब हमें पुलिस पर भरोसा रहा ही नहीं है। जब तक सभी आरोपियों गिरफ्तार नहीं होंगे तब तक धरना जारी रहेगा। हालांकि आज सीकर की खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने युवक करण कुमावत से मारपीट के मामले में फरार चल रहे आरोपी राकेश जांगिड़ को सपोर्ट करने वाले आरोपी सुभाष बिदावत को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद आरोपी सुभाष घटना के मुख्य आरोपी राकेश जांगिड़ को अपनी बाइक से गोविंदगढ़ तक छोड़कर आया और अपने मोबाइल से उसकी परिचित लोगों से बात करवाई। इसके अलावा अपने फोन पे पर पैसे मंगवा कर राकेश को दिए। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में की
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पेसा नियमावली को लेकर ग्राम प्रधान महासभा ने मंत्री से मुलाकात की

Ranchi, Jharkhand:: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से सरायकेला-खरसावाँ के ग्राम प्रधान महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर आभार व्यक्त किया। साथ ही पेसा नियमावली को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने हेतु विभागीय स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की और ग्राम प्रधानों के चयन संबंधी अपनी मांगों एवं शंकाओं से अवगत कराया। मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी न्यायसंगत मांगों, सुझावों एवं शंकाओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली का उद्देश्य झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकार प्रदान करना, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और स्वशासन की व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं और ग्राम स्वशासन की परंपरा से है। राज्य सरकार का उद्देश्य पारंपरिक ग्राम सभाओं को केवल सशक्त बनाना ही नहीं, बल्कि जनजातीय समुदाय को उनके अधिकारों, परंपराओं और स्वशासन की भावना के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
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होटल और लॉज संचालकों को ई-विजिटर पोर्टल से जोड़ने की कवायद तेज, ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य

Pratapgarh, Rajasthan:हेडर/हेडलाईन : होटल और लॉज संचालकों को ई-विजिटर पोर्टल से जोड़ने की कवायद तेज, ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य एंकर/इंट्रो : जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा होटलों एवं लॉज में ठहरने वाले आगंतुकों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने ई-विजिटर पोर्टल के क्रियान्वयन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में पुलिस लाइन स्थित पुलिस सभागार में जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा की मौजूदगी में जिले के समस्त होटल और लॉज संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में होटलों में ठहरने वाले यात्रियों की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अनिवार्य एंट्री करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में पुलिस अधिकारियों ने होटल एवं लॉज संचालकों को राजस्थान सरकार और गृह विभाग के निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा ई-विजिटर पोर्टल लागू किया गया है, जिसके तहत सभी आगंतुकों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाना आवश्यक है। संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से evisitor.rajasthan.gov.in/evisitor पोर्टल पर प्रत्येक आगंतुक की ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करें। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी होटल एवं लॉज संचालक आगामी दो दिनों के भीतर अपनी एसएसओ आईडी संबंधित थाना अधिकारी को उपलब्ध कराएं, ताकि आगंतुकों की नियमित ऑनलाइन एंट्री की जा सके। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी होटल या लॉज में बिना एंट्री के कोई व्यक्ति ठहरता है और भविष्य में कोई घटना या दुर्घटना होती है, तो संबंधित संचालक की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। बैठक के दौरान होटलों में अवैध गतिविधियों की रोकथाम, अवैध शराब की बिक्री, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, अनधिकृत रूप से ठहरने वाले यात्रियों की जानकारी और सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने संचालकों से अपील की कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें तथा प्रत्येक आगंतुक का सत्यापन और रिकॉर्ड संधारण पूरी गंभीरता के साथ करें। पुलिस प्रशासन کا मानना है कि ई-विजिटर पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन से अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। बैठक में मौजूद होटल एवं लॉज संचालकों ने भी पुलिस प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और आगंतुकों की ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
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PBM अस्पताल में प्रसूताओं की हालत गंभीर, दो मरीज चिंताग्रस्त, तीन स्थिर

Bikaner, Rajasthan:पीबीएम अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला, एक और महिला की हालत बिगड़ने से बढ़ी चिंता, पांच प्रसूताओं का पीबीएम अस्पताल में उपचार जारी, कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. परमिंदर सिरोही ने दी जानकारी, कहा- प्रीति की हालत पहले से ही गंभीर बनी हुई है, शारदा को मिर्गी का दौरा पड़ने के बाद वेंटिलेटर पर लिया गया, सिटी स्कैन रिपोर्ट में ब्लीडिंग आने की हुई पुष्टि, शारदा की आंखों की रोशनी को लेकर फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी बताया, अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रीति और शारदा की स्थिति गंभीर बनी हुई है, अन्य तीन प्रसूताओं में से दो की हालत स्थिर बताई गई, दो मरीजों को जल्द डिस्चार्ज किए जाने की संभावना, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में जारी है उपचार। Intro - पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है अब इस मामले में एक और महिला की हालत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है अस्पताल प्रशासन के अनुसार दो प्रसूताओं की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, जबकि अन्य मरीजों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। पीबीएम अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. परमिंदर सिरोही ने बताया कि अस्पताल में भर्ती पांच प्रसूताओं का लगातार उपचार किया जा रहा है इनमें प्रीति की हालत पहले से ही गंभीर बनी हुई है जबकि शारदा की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। डॉ. परमिंदर सिरोही के अनुसार शारदा को मिर्गी का दौरा पड़ने के बाद तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर लिया गया। जांच के दौरान सिटी स्कैन रिपोर्ट में ब्लीडिंग की पुष्टि हुई है हालांकि उनकी आंखों की रोशनी को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रीति और शारदा की स्थिति गंभीर बनी हुई है और दोनों का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जा रहा है वहीं अन्य तीन मरीजों में से दो की हालत स्थिर है और यदि सुधार जारी रहा तो उन्हें जल्द अस्पताल से छुट्टी भी दी जा सकती है। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत का मामला लगातार चिंता का विषय बना हुआ है एक ओर जहाँ दो मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है, वहीं अस्पताल प्रशासन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी और उपचार में जुटी हुई है अब सभी की निगाहें मरीजों के स्वास्थ्य में होने वाले सुधार और जांच रिपोर्टों पर टिकी हैं।
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हिंगलाज माता मंदिर से भावेश का लापता होना: खोज दल ड्रोन और डॉग स्क्वायड के साथ जुटा

Sikar, Rajasthan:जिला सीकर नीमकाथाना हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने गया 5 वर्षीय बालक भावेश लापता हो गया है। लापता होने का मामला कल से चर्चा में है। वन विभाग के कर्मचारी, पुलिस और ग्रामीण खोज में लगे हुए हैं। ड्रोन कैमरे की मदद से खोज जारी है, लेकिन अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। आज डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची है। भावेश अपने परिजनों के साथ मंदिर दर्शन के लिए गया था, तभी अचानक लापता हो गया। प्रशासन और इलाके के लोग खोज अभियान में जुटे हैं और भावेश के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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139 कार्टन शराब घोटाला: निस्तारण में गड़बड़ी, ठेकेदार को बेचने का आरोप

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के धोलापानी थाना क्षेत्र में सामने आए शराब घोटाले ने पूरे पुलिस और आबकारी महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पाँच पुराने आबकारी मामलों में जब्त की गई 139 कार्टन शराब को नियमानुसार नष्ट करने के बजाय कथित रूप से चोरी-छिपे ठेकेदार को बेच दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब एसपी बी. आदित्य को इसकी गोपनीय सूचना मिली और मौके पर पहुंची टीम ने पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दीं। कार्रवाई के बाद मालखाना प्रभारी हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि आबकारी निरीक्षक की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। प्रतापगढ़ जिले के धोलापानी थाना परिसर में जब्त शराब के निस्तारण में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र में आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज पाँच पुराने मामलों में जब्त शराब को न्यायालय के आदेश के बाद नियमानुसार नष्ट किया जाना था. इनमें प्रकरण संख्या 22/2014, 01/2024, 12/2021, 14/2021 और 75/2023 शामिल थे. नियमों के अनुसार 10 जून को छोटीसादड़ी के आबकारी निरीक्षक सुरेश कुमार धाकड़ की मौजूदगी में शराब नष्ट करने की कार्रवाई की जानी थी. इसके लिए थाना परिसर के पीछे खुले स्थान पर जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खोदकर शराब नष्ट करने की प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार किया गया. आबकारी निरीक्षक द्वारा मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई गई तथा कागजों में शराब नष्ट होना दर्शा दिया गया. लेकिन आरोप है कि पूरी शराब नष्ट नहीं की गई। जांच में सामने आया कि 139 कार्टन शराब में से बड़ी मात्रा को कथित रूप से एक फिक्सर के माध्यम से ठेकेदार को बेच दिया गया। आरोपों के अनुसार करीब 106 कार्टन शराब और 33 कार्टन बीयर को वाहन में भरकर थाना परिसर से बाहर भेज दिया गया। यह शराब विभिन्न ब्रांडों की थी, जिसकी बाजार में अच्छी कीमत बताई जा रही है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एसपी बी. आदित्य को गोपनीय सूचना मिली कि जब्त शराब के निस्तारण में गड़बड़ी हुई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन को ट्रैक किया और जब्त शराब बरामद कर वापस थाना परिसर लाया गया। इसके बाद नियमानुसार पूरी 139 कार्टन शराब को नष्ट करवाया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शराब निस्तारण की कार्रवाई के समय मालखाना प्रभारी हेड कांस्टेबल सोहनलाल और कांस्टेबल अंबालाल की महत्वपूर्ण भूमिका थी। प्रथम दृष्टया लापरवाही और मिलीभगत के आरोपों के चलते दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसपी बी. आदित्य ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि जब्त माल के निस्तारण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। वहीं आबकारी निरीक्षक सुरेश कुमार धाकड़ ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनकी भूमिका केवल शराब निस्तारण की प्रक्रिया की निगरानी तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि यदि शराब बेची गई है तो यह उनकी जानकारी के बिना हुआ है। धाकड़ ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस थाना परिसर में रखी जब्त शराब को पुलिस की जानकारी के बिना आखिर कैसे बाहर ले जाया जा सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब को बेचने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे, शराब किस ठेकेदार तक पहुंचाई गई और इस पूरे खेल से किसे कितना आर्थिक लाभ हुआ। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पूरे मामले में आबकारी निरीक्षक सुरेश कुमार धाकड़ ने कैमरे के सामने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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