284135
झांसी में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुल्क बढ़ाने पर पार्षदों का आक्रोश
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का मासिक शुल्क चालीस रुपये से बढ़ाकर सौ रुपये करने पर क्षेत्रवासियों और पार्षदों में आक्रोश फैल गया है। पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर शुल्क को कम करने की मांग की है। वार्ड नंबर 55 के भाजपा पार्षद सुनील नैनवानी और अन्य नेताओं ने कहा कि कई वार्ड पिछड़े क्षेत्रों में हैं, जहां आर्थिक स्थिति कमजोर है। उन्होंने मांग की है कि शुल्क वृद्धि को वापस लिया जाए, ताकि गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
प्रेमी ने साथी के साथ मिलकर अपनी प्रेमिका की चाकुओं से गोदकर की निर्मम हत्या
Deoria, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग देवरिया.... ▶️ प्रेम-प्रसंग में युवती की निर्मम हत्या ▶️ प्रेमी और उसके साथी ने मिलकर युवती की हत्या की ▶️ मिलने के बहाने बुलाकर वारदात को दिया अंजाम ▶️ कई सालों से दोनों के बीच चल रहा था प्रेम-प्रसंग ▶️ हत्या के बाद इलाके में सनसनी, परिजनों में कोहराम ▶️ पुलिस ने प्रेमी और उसके साथी को हिरासत में लिया ▶️ पूछताछ के आधार पर जांच-पड़ताल तेज ▶️ रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के नौतन हथियागढ़ गांव का मामला0
0
Report
दुकान के बरामदे में सो रहे अधेड़ की ह"त्या, जांच में जुटी पुलिस
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में बेखौफ बदमाशों ने एक अधेड़ की सिर पर भारी वस्तु से वार कर निर्मम हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब अधेड़ दुकान के बरामदे में सो रहा था। सुबह जब लोगों ने शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दरअसल मामला करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि नेवादा गांव निवासी रामबचन ठाकुर हरदासपुर गांव में बनी दुकानों के बरामदे में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब आसपास के लोगों की नजर शव पर पड़ी तो इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने मामले की पुष्टि की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के पीछे की वजह व आरोपियों की तलाश में जुट गई है।0
0
Report
सूरजपुर में अधजली छात्रा: प्रेमी से मिलने के बाद हालत नाजुक, मंत्री ने निर्देश दिए
Surajpur, Chhattisgarh:सूरजपुर अधजली अवस्था में सड़क किनारे छात्रा के मिलने का मामला.इलाज़ के दौरान छात्रा की मौत.पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े.मामले की जाँच कर कार्रवाई के लिए SP को दिए निर्देश.प्रेमी से मिलने के बाद 95% जली हुई हालत में कल मिली थी छात्रा.आग में झुलसने का कारण अब तक नहीं चल सका पता.पुलिस और फोरेंसिक की टीम कर रही मामले की जाँच.विश्रामपुर थाना क्षेत्र के पासिंग नाला का मामला0
0
Report
Advertisement
चीन में एस्केलेटर से सीधे समुद्री ओशनैरियम पहुंची यात्रा, 15,000 से अधिक जीव देखें
Noida, Uttar Pradesh:In China, there’s an escalator that takes visitors straight into an oceanarium. Underwater, you can see more than 15,000 marine animals and even watch aqua shows with dolphins and sea lions!0
0
Report
मथुरा में ओलावृष्टि-बारिश से फसलें चौपट, किसान मुआवजे की आस में
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा: ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद, मुआवजे की आस में अन्नदाता मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पिछले दिनों हुई भारी ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी और कटी रखी फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कुदरत की मार से फसलें जमींदोज मथुरा के विभिन्न ब्लॉकों और ग्रामीण इलाकों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों ने गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। किसानों का कहना है कि साल भर की मेहनत और लागत चंद घंटों में मिट्टी में मिल गई। * गेहूं: तेज हवा और बारिश से फसल खेतों में बिछ गई है。 * सरसों: पककर तैयार सरसों की फलियां ओलों की मार से टूटकर गिर गई हैं。 * सब्जियां: बेमौसम बारिश ने सब्जियों की खेती को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकारी मुआवजे का इंतजार फसलें बर्बाद होने के बाद अब जिले का किसान पूरी तरह सरकारी मदद पर निर्भर है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है。 > "कर्ज लेकर फसल उगाई थी, लेकिन कुदरत ने सब छीन लिया। अब सरकार से ही उम्मीद है कि वो हमारे नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द सहायता राशि प्रदान करे।" — स्थानीय किसान प्रशासनिक रुख राजस्व विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील की गई है कि यदि उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया है, तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर इसकी सूचना संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को दें, ताकि क्लेम की प्रक्रिया शुरू की जा सके। मथुरा का किसान फिलहाल आसमान की ओर देख रहा है—कल तक जो बारिश अमृत थी, आज वही उनके लिए आफत बनकर बरसी है। अब देखना यह है कि सरकारी तंत्र कितनी जल्दी इन किसानों के जख्मों पर मरहम लगा पाता है。0
0
Report
पेंसिल्वेनिया की हाईवे पर पायलट ने इंजन समस्या के कारण आपात लैंडिंग की
Noida, Uttar Pradesh:Pilot makes emergency landing right on a highway in Pennsylvania The reason was engine trouble detected shortly after takeoff. According to CBS News, the 65-year-old pilot and his 34-year-old passenger were not injured.0
0
Report
Advertisement
सिंगापुर उच्चायुक्त का कुशीनगर भ्रमण: महापरिनिर्वाण स्थल देखे, एयरपोर्ट पर निवेश संकेत
Noida, Uttar Pradesh:सिंगापुर उच्चायुक्त ने कुशीनगर में किया भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल का भृमण भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल, रामाभर स्तूप, माथा कुँवर श्र Shrine व थाई टेम्पल का किया भ्रमण सीएम से मिलने के बाद वन्दे भारत से की लखनऊ से गोरखपुर की यात्रा कुशीनगर एयरपोर्ट का भी किया अवलोकन, उत्तर प्रदेश और कुशीनगर में निवेश के नए द्वार खोलेगा सिंगापुर कनेक्टिविटी की दृष्टि से कुशीनगर एयरपोर्ट है बेहतर व मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर: सिंगापुर उच्चायुक्त जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने किया उच्चायुक्त का स्वागत0
0
Report
बेमेतरा में अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, कई वाहन जब्त
Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले में अवैध रेत उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई हुई है। जी मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त टीम ने छापेमारी कर कई वाहन जब्त किए हैं। थानखम्हरिया क्षेत्र के कुरदा और जेवरा गांव में कार्रवाई करते हुए 1 जेसीबी, 2 हाईवा और 1 मजदा वाहन को जब्त किया गया है। सभी वाहनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें बेरला थाना में सुरक्षित रखा गया है। जी मीडिया में खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध उत्खनन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।0
0
Report
6–9 अप्रैल: जयपुर-भरतपुर में आंधी-बारिश से मौसम बदलेगा
Noida, Uttar Pradesh:प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम का मिज़ाज 6 से 8 अप्रैल तक तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट 7 अप्रैल को सबसे ज्यादा दिखेगा असर तेज हवाएं, मेघगर्जन और बारिश की संभावना आज जयपुर और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश बाकी जगह मौसम रहेगा शुष्क 6 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय कई जिलों में आंधी और बारिश के आसार 8 अप्रैल को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश 9 अप्रैल से मौसम होगा साफ0
0
Report
Advertisement
अजय राय: कांग्रेस सबके साथ, BJP पर डेटा चोरी का आरोप
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: महिला आरक्षण बिल पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, "कांग्रेस सबको बराबरी की नज़र से देखती है। कांग्रेस ने हमेशा सबको साथ लेकर चलने की बात कही है..." ममता बनर्जी के बयान पर उन्होंने कहा, "BJP जो डेटा इकट्ठा कर रही है, उसमें आप देख सकते हैं कि लोगों के साथ कितने बैंक फ्रॉड हो रहे हैं। BJP डेटा चुरा रही है और लोगों को परेशान किया जा रहा है।"0
0
Report
मैहर के अस्पताल में एक्सपायर्ड दवाइयों की लापरवाही, परिजनों की सचेतना ने दुर्घटना टाली
Maihar, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सिविल अस्पताल में एक मासूम बच्चे को एक्सपायरी डेट की दवाइयां दे दी गईं। समय रहते परिजनों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। मामला सिविल अस्पताल अमरपाटन का है, जहां करौंदी छापना निवासी संदीप साकेत अपने 6 वर्षीय बेटे समीर को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर द्वारा जांच के बाद दवाइयां लिखी गईं, लेकिन अस्पताल में मौजूद फार्मासिस्ट की लापरवाही के चलते उन्हें एक्सपायरी डेट की दवाइयां थमा दी गईं। संदीप साकेत की सतर्कता ने यहां बड़ी भूमिका निभाई। दवाइयों पर एक्सपायरी डेट स्पष्ट नहीं दिख रही थी, जिससे उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने दवा की जानकारी गूगल पर जांची, जिसमें पता चला कि दवा फरवरी 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी है, जबकि वर्तमान तारीख 4 अप्रैल 2026 है। गनीमत रही कि परिजनों ने बच्चे को वह दवा नहीं दी, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। पीड़ित पिता ने मामले की शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। अस्पताल में इस तरह की लापरवाही स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर समय रहते परिजन जागरूक न होते, तो यह मामला गंभीर हो सकता था। फिलहाल देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदारों पर कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं।0
0
Report
उन्नाव में ओलावृष्टि सेफसल नुकसान का सर्वे शुरू, प्रशासन ने आकलन का काम तेज किया
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव \n\nZee media की खबर का बड़ा असर।\n\n बारिश ओलावृष्टि का नुकसान के आकलन को जमीन पर उतरा प्रशासन।\n\nDM गौरांग राठी के निर्देश पर किया जा रहा है सर्वे।\n\nADM सुशील गोंड ने तीन गांव का किया सर्वे।\n\n तीन कैटेगरी में फसलों के नुकसान का किया जा रहा सर्वे।\n\nएसडीएम तहसीलदार और लेखपालों को दिन नुकसान के आकलन के निर्देश।\n\n सभी तहसीलों के अफसर को जमीन पर उतरने के निर्देश।\n\n कल उन्नाव में कई जगह हुई थी ओलावृष्टि।\n\nZee media ने प्रमुखता से किसानों के नुकसान की दिखाई थी खबर।0
0
Report
Advertisement
मोदी की प्रेरणा से असम के मजदूर पहली बार अयोध्या पहुंचे, दर्शन किए
Ayodhya, Uttar Pradesh:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से असम के डिब्रूगढ़ के मनोहरी चाय बागान के 30 श्रमिकों का दल पहली बार अयोध्या पहुंचा। इस दल में 25 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल रहे, जिनके लिए यह यात्रा किसी सपने के सच होने से कम नहीं थी। श्रद्धालुओं ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी उनके चाय बागान पहुंचे थे, तब उन्होंने पूछा था कि क्या उन्होंने कभी काशी और अयोध्या का दर्शन किया है। जब जवाब ‘नहीं’ में मिला, तो प्रधानमंत्री ने उन्हें इन पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए प्रेरित किया। उसी प्रेरणा के चलते यह दल अब अयोध्या पहुंच सका। सुबह करीब 6 बजे अयोध्या पहुंचने पर कारसेवक पुरम में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में स्नान किया और फिर हनुमानगढ़ी, नागेश्वर नाथ मंदिर, दशरथ महल, कनक भवन और राम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने अपनी इस यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि अयोध्या में उन्हें बेहद बेहतर व्यवस्था और सुविधाएं मिलीं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि उन श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक अनुभव भी साबित हुई, जिन्होंने पहली बार अपने जीवन में अयोध्या धाम के दर्शन किए।0
0
Report
हांसी के समाधा मंदिर का लटकता बरगद: आस्था और विज्ञान का अद्भुत संगम
Hansi, Haryana:अनिल बंसल, पंकज कुमार, विकास सिंह (भक्तों की), हांसी SD महिला महाविद्यालय प्रोफेसर एवं प्राचार्य सुरेश गुप्ता हांसी हांसी जिला के समधा मंदिर परिसर में स्थित बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज नाम से प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर आस्था का प्रतीक माना जाता यह बरगद का पेड़ वास्तव में चमत्कार नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक घटना सदियों पुराना यह पेड़ हवा में लटका हुआ दिखता,पेड़ की टहनियां फिर भी हरी पेड़ के नीचे के हिस्सा मिट्टी में गहराई से धंसे हुआ सुख चुका एक खास बात हो इसको अगर हिलाओगे तो यह पेड़ हिलता भी लोग इस पेड़ को बहुत पवित्र मान रहे मान्यता है कि यह बाबा जगन्नाथपुरी की तपस्या का स्थान था यह अद्भुत पेड़ जो लोगों के लिए चमत्कार बना हुआ यह पेड़ न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण यह पेड़ हमें प्रकृति की अद्भुत शक्ति का एहसास कराता है मान्यता यह भी मंदिर में जोहड़ से होते है चर्म रोग ठीक प्रोफेसर बोले वैज्ञानिक दृष्टि से बरगद के पेड़ की टहनियां दूसरे बरगद के पेड़ से जुड़ी हुई हवा में झुकता यह पेड़ अपनी जरूरत के अनुसार पोषक तत्व और नमी आसपास के पेड़ों और वातावरण से प्राप्त कर लेता हरियाणा के हांसी जिला के प्रसिद्ध प्राचीन समाधा मंदिर परिसर में बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज की तपस्या स्थली आस्था ओर विश्वास का प्रमुख आकर्षण केंद है। यहा मौजूद एक अनोखा बरगद का पेड़ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विशेष आकर्षण का विषय बना हुआ है। यह पेड़ देखने में ऐसा प्रतीत होता है मानो हवा में लटका हुआ हो। इसकी ऊपरी टहनियां आज भी हरी-भरी हैं, जबकि नीचे का हिस्सा पूरा सूख चुका है। पेड़ की जड़ें न होने के बावजूद हरा हैं। एक खास बात यह कि अगर आप इस पेड़ को हिलाओगे तो यह पेड़ हिलता भी है। भारत देश अनेकों ऋषि-मुनियों रहा है। भारत देश के हर कोने में रहस्य और अनोखी कहानियां भरी हुई है। यहां कई ऐसी जगहें हैं, जिनके रहस्य आज भी अनसुलझे है। कभी-कभी किसी किले की दबी कहानी सामने आती है तो कभी किसी मंदिर का चमत्कारिक इतिहास सुनाई देता है। ऐसे ही एक हांसी के समाधा मंदिर की कहानी है, जो अपने लटकते पेड़ के लिए प्रसिद्ध है। दरअसल टूटे हुए इस पेड़ के साथ कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इस पेड़ को अक्षय वट वृक्ष या बड़का पेड़ के नाम से जाना जाता है। आपको बता दे कि इस अद्भुत स्वरूप के कारण लोग इसे चमत्कार मानते हैं और बड़ी श्रद्धा के साथ इसकी पूजा करते हैं। जो भी बाबा से सच्चे मन से मांगता है। बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज उसकी हर मुरीद पूरी करते है। मान्यता के अनुसार, यह स्थान बाबा जगन्नाथ पुरी महाराज की तपस्या स्थली रहा है। इसलिए इस पेड़ को बेहद पवित्र माना जाता है। श्रद्धालु यहां आकर मन्नतें मांगते हैं और अपनी आस्था प्रकट करते हैं।यह अनोखा पेड़ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि प्रकृति की अद्भुत संरachaना और जीवन शक्ति का भी शानदार उदाहरण है, जो लोगों को आश्चर्यचकित जरूर करता है। ऐसी मान्यता है कि सन 1586 ईसवी में जगन्नाथ पुरी बाबा इस मंदिर में आए थे। लोगों का मानना है कि वो इस पेड़ के नीचे तपस्या करते थे। और उन्होंने यहीं पर समाधि भी ली। इसलिए लोग इस पेड़ को चमत्कारी समझते हैं। इसके चारों ओर लाल कलावा बांध कर पूजा करते करते हैं। इस हवा में लटकते पेड़ का आशीर्वाद लेने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इसके साथ लगते जोहड़ से चर्म रोग ठीक होते है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि प्रकृति की एक अनोखी प्रक्रिया है। यहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में एक अनोखा पेड़ है। जो हवा में लटका हुआ दिखाई देता है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इस पेड़ की कोई भी जड़ जमीन से नहीं जुड़ी है। और ये हवा में झूल रहा है। हमारी इस पेड़ से गहरी आस्था है। यह पवित्र बरगद का पेड़ है। हम इसकी पूजा करने के लिए आते है।पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाबा जगन्नाथपुरी जी इसी पेड़ के नीचे तपस्या करते थे। यही उन्होंने समाधि ली थी। हांसी SD कॉलेज प्रोफेसर एवं प्राचार्य सुरेश गुप्ता ने बताया कि हांसी के समाधा मंदिर परिसर में स्थित यह अनोखा बरगद का पेड़ हवा में झूलता हुआ दिखाई देता है। इसके प्रति लोगों की गहरी आस्था जरूर है। हवा में झूलते हुए इस बरगद की टहनियां पास के दूसरे बरगद के पेड़ की टहनियों से जुड़ी हुई हैं। इसी कारण यह पेड़ अपनी जरूरत के अनुसार पोषक तत्व और नमी आसपास के पेड़ों और वातावरण से प्राप्त कर लेता। वैज्ञानिक दृष्टि से इसे पेड़ों के बीच प्राकृतिक सह-अस्तित्व माना जा सकता है, जहां जड़ें, शाखाएं और हवा में फैली जटाएं मिलकर एक तरह का सपोर्ट सिस्टम बना देती हैं। यही वजह है कि नीचे का हिस्सा सूखने के बावजूद पेड़ की ऊपरी टहनियां हरी-भरी बनी हुई हैं। अगर यह दूसरे पेड़ की टहनियां से जुड़ा नहीं होता तो यह हरा भी नहीं होता। इसके हरा रहने का वैज्ञानिक कारण यही है कि इसकी अपनी जरूरत की सारे पोषक तत्व मिल जाते है। इस तरह यह पेड़ यह दिखाता है कि प्रकृति में जीवित रहने के कई अनोखे तरीके होते हैं। जहां एक ओर लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर यह वैज्ञानिक रूप से पेड़ों की जीवन क्षमता और अनुकूलन का शानदार उदाहरण है.0
0
Report
CM विष्णुदेव साय का दावा: बंगाल में बीजेपी मजबूत, ममता बनर्जी पर बड़ा हमला
Begun, Rajasthan:रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान अपने विधानसभा क्षेत्र जा रहे है. कई कार्यक्रम मे शामिल होंगे.. बंगाल चुनाव को लेकर कहा- बंगाल मे बीजेपी की अच्छी स्थिति है.. चार विधानसभा में बीजेपी प्रत्याशी के नामंकन मे शामिल हुआ.. ऐतिहासिक रैली थी.. पश्चिम बंगाल मे ममता बनर्जी ने कुछ नहीं किया.. लोगो को रोजगार नहीं मिला, बेटी , महिलाए सुरक्षित नहीं है.. ममता बनर्जी ने किसी भी केंद्रीय योजना का लाभ नहीं दिया.. गुंडारज है पश्चिम बंगाल मे.. लालू राज को ममता पीछे छोड़ दिया है.. बाइट- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री0
0
Report
Advertisement
