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Jhansi284001

माताटीला बांध से छोड़ा गया कुल 02 लाख क्यूसेक पानी, जलभराव पर जिलाधिकारी की चेतावनी

Sept 12, 2024 05:23:56
Jhansi, Uttar Pradesh

झांसी जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जनपद के समस्त आमजन से अपील करते हुए कहा कि जनपद एंव प्रदेश में हो रही लगातार बारिश के कारण राजघाट एवं माता टीला डैम से पानी छोड़ा जा रहा है। जिस कारण नदियां उफान पर हैं, इसके दृष्टिगत नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीण किसी भी दशा में नदी के मध्य टापू पर ना जाएं और ना ही नदी के किनारे किसी भी तरह की गतिविधि करें। उन्होंने आह्वान किया कि आप सभी सुरक्षित रहें और लोगों को भी सुरक्षित रहने की सलाह दें। 

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Dec 30, 2025 05:05:13
Kolkata, West Bengal:

ABID Interiors 2026 hosts its 35th edition in Kolkata, showcasing interior design innovation, materials, and technology to over 80,000 visitors…Kolkata is all set to witness a landmark moment in India’s interior design journey as ABID announced the 35th edition of ABID Interiors 2026. The event is all set to take place from 9th to 12th January, 2026, at Biswa Bangla Mela Prangan in Kolkata…ABID Interiors was established by the interior design fraternity. Now the event stands as one of the oldest, most respected interior exhibitions in the country. For over three and a half decades, the exhibition has grown in scale and credibility. The two qualities that define ABID Interiors are professional depth and cultural relevance. The event is planned and organized by professionals and reflects a combination of intent and innovation along with market reality. The company claims its practitioner-led ethics has attracted manufacturers, designers, and architects year after year…The 35th edition of ABID Interiors is celebrating leadership. This marks a milestone in their journey. ABID Interiors 2026 is aimed as an organized meeting of ideas, craftsmanship and technology. It is offering participants and visitors an experience that goes beyond display…ABID’s landmark 35th edition exhibition serves as a powerful meeting ground for those who influence how spaces are imagined, designed, built, and ultimately lived in. Hosted by the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals, this is more than a showcase—it’s a participative platform where ideas take shape and collaborations begin. Professionals travel from across India and around the globe, creating a dynamic exchange of insights, innovation, and global perspectives. With over 80,000 visitors expected, the scale and impact are impossible to ignore. Attendees gain direct access to 10,000+ trade designers sharing creative inspiration, 15,000+ builders and contractors exploring practical, site-ready solutions, 5,000+ architects discovering new materials and technologies, and 50,000+ homeowners seeking informed, confident choices for quality living spaces.

ABID Interiors claims it offers something unique and valuable for manufacturers and brands, which is engagement, with an informed, committed and professional interior designing community. The exhibition helps in creating meaningful, long-term relationships and genuine feedback. These are crucial elements for evolving the interior designing economy…As ABID steps into its 35th year, the exhibition stays rooted in a core belief, that true design excellence flourishes when it is shaped, supported, and advanced by the fraternity itself…ABID Interiors 2026 is not merely another date on the industry calendar. It stands as a benchmark for evolving practices and a unified declaration of purpose from the interior design community…Over the years, the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals exhibition has earned its reputation as a premier national platform, uniting design professionals, leading brands, and forward-thinking innovators from across India. The 35th edition is backed by a strong roster of industry leaders, with Kerovit by Kajaria Bathware and Birla Opus coming on board as Platinum Sponsors, reflecting their commitment to innovation and design excellence. Adding further strength to the event’s industry support are Omacme, Greenply, and Havells as Gold Sponsors, reinforcing ABID Interiors’ position as a cornerstone of the design ecosystem.

 

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ACAshish Chauhan
Jan 05, 2026 07:32:36
Jaipur, Rajasthan:पानी में आईटी से रुकेगा भ्रष्टाचार:50 करोड की लागत से बनेगा सॉफ्टवेयर,सरकार को भेजा प्रस्ताव जयपुर-PHED में पानी के प्रोजेक्ट्स में नए-नए भ्रष्टाचार सामने आते है.गडबडी और घोटालों पर लगाम लगाने के लिए सरकार आईटी का सहारा लेगी.जल्द ही पीएचईडी प्रोजेक्ट्स पर मॉनिटरिंग के लिए सॉफ्टवेयर डेवलप करेगा.आखिरकार जल महकमे में आईटी सिस्टम से कैसे रुकेगा भ्रष्टाचार,देखे इस खास रिपोर्ट में! घोटालों पर आईटी सिस्टम से लगाम लगेगी- राजस्थान में जलदाय महकमे में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार आईटी सिस्मट डवलव करेगी.50 करोड की लागत से सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा,जिससे प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग सीधे दफ्तर से होगी.किस इंजीनियर के एरिए में किस कॉन्ट्रेक्टर ने कितना काम कितना,कितना बाकी रहा,इसकी मॉनिटरिंग हो पाएगी.पाइप लाइन चोरी को पकड़ा आईटी सिस्टम तुरंत पकड़ लेगा.वहीं प्रोजेक्ट्स के कार्यों में गुणवत्ता से खिलवाड़ भी पूरा सिस्टम रोक पाएगा.इसके साथ साथ कहां कहां पाइप लाइन डल रही है,कौनसे पाइप डले,इसकी पूरी जानकारी सिस्टम के जरिए मॉनिटर होगी.उच्च अफसर अपने दफ्तर से पूरी मॉनिटरिंग कर पाएंगे.जलदाय विभाग ने वित्त विभाग को इस सॉफ्टवेयर का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है.प्रस्ताव की मंजूरी के बाद जल्द ही IT सिस्टम लागू होगा. किस किस तरह की गड़बड़ी रूकेगी? इंजीनियर्स और ठेकेदारों के गठजोड़ के कारण कई जगह ऐसा हुआ कि पाइप लाइन डाली ही नहीं गई और पैमेंट करोडों का उठा लिया.केसिंग पाइपों की मोटाई कम पाई जाती है.बोरिंग में घटिया क्वालिटी के पाइपों का इस्तेमाल किए जाते है.टंकी निर्माण में डिजाइन बदलकर कम लोहा लगाकर क्वालिटी से खिलवाड़ किया जाता है.इससे एक ही प्रोजेक्ट्स में इंजीनियर्स और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकार को करोडों का चूना लगता है.शाहपुरा से पावटा के बीच भी शिकायत सामने आई थी कि 16 किलोमीटर की पाइप लाइन के बीच में K9 की जगह K7 की लाइन डाली गई.यदि ऐसी शिकायतों में हर 500 मीटर पर पाइप लाइन खोदे,तब जाकर पूरी कहानी सामने आए. इन मुख्य प्रोजेक्ट्स पर नजर- 5 हजार करोड के अमृत 2.0,5 हजार करोड का शहरी जल जीवन मिशन और बाकी बचे हुए जल जीवन मिशन में करोड़ों के प्रोजेक्ट्स पर सरकार की नजर है. आईटी सिस्टम से लगेगी लगाम- ऐसे में यदि आईटी सिस्टम डवलव होगा तो हर प्रोजेक्ट्स की डिटेल और उसकी लोकेशन साफ्टवेयर में अपडेट होगी,जिससे ऐसे गडबडी और घोटालों पर लगाम लगेगी,ताकि सरकार को लगाए जा रहे करोड़ों के चूने पर लगाम लगेगी.
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DRDamodar Raigar
Jan 05, 2026 07:32:21
Jaipur, Rajasthan:जयपुर के आमेर महल क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहने से कोहरे की आगोश में दृश्य दिख रहे हैं। ठंडी हवाओं के बीच देशी—विदेशी पर्यटक आमेर महल का भ्रमण कर रहे हैं और महल से आमेर की वादियाँ को शूट कर रहे हैं। हाथी सफारी का लुत्फ भी देखा जा रहा है। दिवान—ए—आम, दिवान—ए—खास, शीश महल, मानसिंह महल और गणेशपोल पर पर्यटक सेल्फी लेकर आमेर की वादियों को यादगार बना रहे हैं। खासतौर पर आमेर फोर्ट में अलसुबह विदेशी पर्यटकों का विजिट और हाथी सफारी का रोमांच नजर आ रहा है। कोहरा छाने से आमजन का जनजीवन प्रभावित हुआ और सुबह के समय कम दृश्यता के कारण वाहनों को आवागमन में परेशानी भी देखी गई। ठंड बढ़ने के चलते आमेर क्षेत्र में लोग जगह-जगह अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। सुबह और देर शाम के समय ठिठुरन ज्यादा महसूस हो रही है। लोगों का मानना है कि इस सीजन में पहली बार सर्दी का वास्तविक अहसास हुआ है। आने वाले दिनों में तापमान गिरने पर आमेर क्षेत्र के आसपास बर्फ जमने की तस्वीर सामने आ सकती है।
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ACAshish Chauhan
Jan 05, 2026 07:31:26
Jaipur, Rajasthan:पानी में आईटी से रुकेगा भ्रष्टाचार:50 करोड की लागत से बनेगा सॉफ्टवेयर, सरकार को भेजा प्रस्ताव जयपुर- PHED में पानी के प्रोजेक्ट्स में नए-नए भ्रष्टाचार सामने आते है. गड़बड़ी और घोटालों पर लगाम लगाने के लिए सरकार आईटी का सहारा लेगी. जल्द ही पीएचईडी प्रोजेक्ट्स पर मॉनिटरिंग के लिए सॉफ्टवेयर डेवलप करेगा. आखिरकार जल महकमे में आईटी सिस्टम से कैसे रुकेगा भ्रष्टाचार,देखे इस खास रिपोर्ट में! घोटालों पर आईटी सिस्टम से लगाम लगेगी- राजस्थान में जलदाय महकमे में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार आईटी सिस्टम विकसित करेगी.50 करोड की लागत से सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा,जिससे प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग सीधे दफ्तर से होगी. किस इंजीनियर के एरिया में किस कॉन्ट्रैक्टर ने कितना काम कितना, कितना बाकी रहा, इसकी मॉनिटरिंग हो पाएगी. पाइप लाइन चोरी को पकड़ा आईटी सिस्टम तुरंत पकड़ लेगा. वहीं प्रोजेक्ट्स के कार्यों में गुणवत्ता से खिलवाड़ भी पूरा सिस्टम रोक पाएगा. इसके साथ साथ कहां कहां पाइप लाइन डल रही है, कौनसे पाइप डले, इसकी पूरी जानकारी सिस्टम के जरिए मॉनिटर होगी. उच्च अधिकारी अपने दफ्तर से पूरी मॉनिटरिंग कर पाएंगे. जलदाय विभाग ने वित्त विभाग को इस सॉफ्टवेयर का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है. प्रस्ताव की मंजूरी के बाद जल्द ही IT सिस्टम लागू होगा. किस किस तरह की गड़बड़ी रूкеगी? इंजीनियर्स और ठेकेदारों के गठजोड़ के कारण कई जगह ऐसा हुआ कि पाइप लाइन डाली ही नहीं गई और पैमेंट करोडों का उठा लिया. केसिंग पाइपों की मोटाई कम पाई जाती है. बोरिंग में घटिया क्वालिटी के पाइपों का इस्तेमाल किए जाते है. टंकी निर्माण में डिजाइन बदलकर कम लोहा लगाकर क्वालिटी से खिलवाड़ किया जाता है. इससे एक ही प्रोजेक्ट्स में इंजीनियर्स और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकार को करोडों का चूना लगता है. शाहपुरा से पावटा के बीच भी शिकायत सामने आई थी कि 16 किलोमीटर की पाइप लाइन के बीच में K9 की जगह K7 की लाइन डाली गई. यदि ऐसी शिकायतों में हर 500 मीटर पर पाइप लाइन खोदे, तब जाकर पूरी कहानी सामने आए. इन मुख्य प्रोजेक्ट्स पर नजर- 5 हजार करोड के अमृत 2.0,5 हजार करोड का शहरी जल जीवन मिशन और बाकी बचे हुए जल जीवन मिशन में करोड़ों के प्रोजेक्ट्स पर सरकार की नजर है. आईटी सिस्टम से लगेगी लगाम- ऐसे में यदि आईटी सिस्टम डवलव होगा तो हर प्रोजेक्ट्स की डिटेल और उसकी लोकेशन साफ्टवेयर में अपडेट होगी,जिससे ऐसे गडबडी और घोटालों पर लगाम लगेगी,ताकि सरकार को लगाए जा रहे करोड़ों के चूने पर लगाम लगेगी.
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JGJugal Gandhi
Jan 05, 2026 07:18:59
Alwar, Rajasthan:अलवर जिला अस्पताल के आईसीयू बाथरूम की छत से मसाला, बड़ा हादसा टला — मरीज किए शिफ्ट अलवर जिला अस्पताल के मेडिकल आईसीयू में उस समय हड़कंप मच गया, जब आईसीयू से जुड़े बाथरूम की छत के लेंटर के नीचे का चूना अचानक गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय बाथरूम के अंदर न तो कोई मरीज था और न ही स्टाफ, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन मौके पर पहुंच गया। एहतियातन मेडिकल आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों को तुरंत दूसरी आईसीयू में सुरक्षित रूप से शिफ्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि छत पहले ठीक हालत में दिखाई दे रही थी, ऐसे में अचानक चूना गिरने की घटना से सभी हैरान हैं। अस्पताल प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
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MPMAHESH PARIHAR1
Jan 05, 2026 07:18:30
Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ जिले के झालरापाटन थाना पुलिस ने बीते दिनों शहर के सूर्य मंदिर इलाके में देर शाम को चौथ वसूली की मांग करते हुए एक व्यक्ति के साथ मारपीट के मामले में आरोपी शाहरुख और सन्नाटा को गिरफ्तार किया है। मामले में जानकारी देते हुए झालरापाटन थाना अधिकारी अलका विश्नोई ने बताया की गत 2 जनवरी की रात्रि को झालावाड़ निवासी एक व्यक्ति घर लौट रहा था। इस दौरान सूर्य मंदिर के पास झालावाड़ निवासी बदमाश शाहरुख उर्फ सन्नाटा ने उससे शराब पीने के लिए राशि की मांग की। जब उसने पैसे देने से मना कर दिया, तो शाहरुख ने उसके साथ मारपीट की और उसके बाद कार लेकर वहां से फरार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था जिसके बाद कार्रवाई کرتے हुए आरोपी शाहरुख को पुलिस ने झालावाड़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी शाहरुख आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ गैंगरेप, चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के भी कई प्रकरण दर्ज हैं।
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NSNitesh Saini
Jan 05, 2026 07:17:43
Sundar Nagar, Himachal Pradesh:लोकेशन मंडी : स्लग : भारी बर्फबारी के चलते कमरूनाग मंदिर के कपाट बंद, अब अप्रैल माह में होंगे दर्शन मंडी - एंकर : मंडी जिला के आस्था के प्रमुख केंद्र और हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शुमार बड़ा देव कमरूनाग मंदिर के कपाट भारी बर्फबारी के चलते बंद कर दिए गए हैं। मंदिर समिति द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब श्रद्धालु और पर्यटक अप्रैल माह में ही देव कमरूनाग के दर्शन कर सकेंगे। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है और मंदिर परिसर सहित आसपास के मार्ग पूरी तरह से बर्फ से ढक गए हैं। जानकारी के अनुसार बीते कुछ दिनों से कमरूनाग क्षेत्र में लगातार हिमपात हो रहा है, जिससे मंदिर तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग और सीढ़ियां अत्यधिक फिसलन भरी हो गई हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से मंदिर के कपाट अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया। समिति का कहना है कि खराब मौसम के चलते दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जान-माल का खतरा हो सकता है। मंदिर समिति की ओर से जारी फरमान में स्पष्ट किया गया है कि कपाट बंद रहने की अवधि के दौरान यदि कोई श्रद्धालु या पर्यटक कमरूनाग मंदिर तक पहुंचने का प्रयास करता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं की होगी। इस दौरान मंदिर समिति अथवा प्रशासन किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी वहन नहीं करेगा। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। गौरतलब है कि हर वर्ष सर्दियों के मौसम में अत्यधिक बर्फबारी के चलते देव कमरूनाग मंदिर के कपाट करीब चार माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना भी स्थगित रहती है। बर्फ पिघलने और मौसम सामान्य होने के बाद अप्रैल माह में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के कपाट पुनः खोल दिए जाते हैं। देव कमरूनाग को मंडी जिला का सबसे बड़ा देवता माना जाता है और इन्हें वर्षा के देवता के रूप में विशेष श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। मान्यता है कि देव कमरूनाग की कृपा से क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है, जिससे किसानों और बागवानों की फसलों को लाभ मिलता है। दूर-दराज से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और पवित्र झील में सिक्के अर्पित कर मनोकामनाएं मांगते हैं। मंदिर समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बर्फबारी के मौसम में जोखिम भरी यात्रा न करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। अप्रैल माह में कपाट खुलने के बाद दर्शन को लेकर विधिवत सूचना सार्वजनिक की जाएगी।
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ASArvind Singh
Jan 05, 2026 07:17:06
Sawai Madhopur, Rajasthan:सवाई माधोपुर स्थित रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में लगातार हिंसक वन्यजीवों का मूवमेंट देखने को मिलता है, विशेषकर इन दिनों जिला मुख्यालय के पुराने शहरी क्षेत्र के रामलीला मैदान, 72 सीडी स्कूल, चुड़ैला बालाजी सहित आसपास के इलाके में लेपर्ड का मूवमेंट देखने को मिल रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगो में भय व्याप्त है और लोग डरे हुए हैं। स्थानीय लोगो की मांग पर वन विभाग द्वारा लेपर्ड को पकड़ने के लिये बीती रात 72 सीडी स्कूल परिसर में पिंजरा लगाया गया है। साथ ही वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगो से सतर्क रहने की अपील भी की है। पिंजरा लगाने के साथ ही वन विभाग की टीम इलाके में गश्त कर रही है और लेपर्ड के मूवमेंट पर नजर भी रख रही है। इलाके में लेपर्ड का मूवमेंट होने से स्थानीय लोग विशेषकर रात के समय घरों से बाहर निकलने में काँप रहे हैं, लोगों में लेपर्ड के मूवमेंट को लेकर डर का माहौल है। गौरतलब है कि विगत दिनों पुराने शहर के आंटीला बालाजी क्षेत्र में लेपर्ड के हमले में एक आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई थी, जिसके बाद वन विभाग द्वारा इलाके में पिंजरा लगाकर लेपर्ड को पकड़ा गया ओर फिर रणथम्भौर के दूसरे इलाके में छोड़ा गया है, लेकिन एक बार फिर शहरी क्षेत्र के आसपास लेपर्ड का मूवमेंट नजर आ रहा है, ऐसे में वन विभाग द्वारा लेपर्ड को पकड़ने के लिए 72 सीडी स्कूल क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया है, अब यह देखने वाली बात है कि लेपर्ड वन विभाग के पिंजरे में कब तक कैद हो पाता है。
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OBOrin Basu
Jan 05, 2026 07:16:30
Noida, Uttar Pradesh:निवाई के देवरी गांव में खुदाई के दौरान मिली रहस्यमय देग, खजाने की अटकलों से मचा हड़कंप निवाई टोंक निवाई के देवरी गांव में खुदाई के दौरान मिली रहस्यमय देग, खजाने की अटकलों से मचा हड़कंप एंकर...निवाई की ग्राम पंचायत सींदड़ा के गांव देवरी में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब खेतों के समीप स्थित चरागाह भूमि में खुदाई के दौरान एक सिल्वर देग मिलने की सूचना सामने आई। देग मिलने की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हो गए और खजाना मिलने की अटकलें लगाई जाने लगीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सांय करीब चार बजे कुछ ग्रामीणों ने चरागाह भूमि में ताजा गुलाब की पत्तियां बिखरी हुई और एक जोड़ी चप्पल पड़ी देखी। इस पर ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने गांव में इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए तथा सरपंच रामसहाय मीणा को बुलाया गया。 सरपंच द्वारा निवाई पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आशंका जताई कि उक्त स्थान पर कोई लाश दबी हो सकती है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी मशीन मंगवाकर खुदाई करवाई गई। खुदाई के दौरान वहां से एक सिल्वर देग बरामद हुई। देग निकलते ही ग्रामीणों में खजाना मिलने की चर्चा तेज हो गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए थानाधिकारी घासीराम, तहसीलदार नरेश गुर्जर, भू-अभिलेख अधिकारी सहित पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस व प्रशासन ने बरामद सिल्वर देग को अपने कब्जे में लेकर निवाई थाने पहुंचाया। बाद में प्रशासन ने देग को उप कोष अधिकारी कार्यालय, निवाई में सुरक्षित रखवाकर सील करवा दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार देग को पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा नियमानुसार खोला जाएगा और इसकी जांच की जाएगी।
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VBVIJAY BHARDWAJ
Jan 05, 2026 07:15:48
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिला के घुमारवीं शहर के समीप सड़क किनारे लगे जगह-जगह कूड़े का ढेर बना परेशानी का सबब तो पार्किंग स्थल पर वाहन खड़े होने से लोगों को आने जाने में हो रही असुविधा को लेकर नगर परिषद घुमारवीं द्वारा किस तरह के उठाये जा रहे कदम. घुमारवीं शहर के साथ लगते मेला ग्राउंड को जाने वाली सड़क के किनारे, पेयजल भंडारण टैंकों के बिल्कुल समीप रोजाना सड़ी-गली सब्जियां और खाने-पीने का कचरा खुलेआम फेंका जा रहा है। इसी स्थान से बहने वाली सीरखड्ड के माध्यम से नगर परिषद घुमारवीं सहित आसपास के दर्जनों गांवों को पेयजल की आपूर्ति होती है। ऐसे में शहर के कचरे का गंदा पानी सीधे लोगों के नलों तक पहुंच रहा है। उपमंडल अधिकारी और तहसील कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित यह अवैध डंपिंग स्थल के बावजूद न तो कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई हो रही है और न ही गंदगी हटाने की कोई ठोस व्यवस्था की जा रही है। नतीजतन सारा कचरा बहकर सीरखड्ड के पानी को दूषित कर रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है. वहीं मरहोल और सोई गांव की ओर जाने वाला यह प्रमुख मार्ग बदबू और गंदगी का अड्डा बन चुका है और लोगों को यहाँ से गुजरते समय बदबू के कारण नाक पर रूमाल रखकर निकलना पड़ता है। हालात यह हैं कि शहर से बाहर जाने वाले लगभग हर मार्ग पर कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत और पेयजल पर पड़ रहा है। हालांकि नगर परिषद घुमारवीं के अधिकारी पहले भी लोगों से सहयोग की अपील कर चुके हैं, लेकिन केवल अपीलों तक सीमित रहने से हालात नहीं सुधर रहे है. वहीं दूसरी ओर घुमारवीं शहर में आम लोगों के सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क किनारे फुटपाथ का निर्माण किया गया है ताकि पैदल चलने वालों को किसी प्रकार की दुर्घटना का सामना ना करने पड़े मगर हालात कुछ और ही नजर आ रहे हैं. घुमारवीं शहर के अधिकांश फुटपाथ पर वाहनों की अवैध पार्किंग ने पैदल चलने वाले लोगों के आने जाने में कठिनाई पैदा कर दी है और लोगों मजबूरन व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ रहा है. वहीं वाहन चालक सुरक्षित स्थानों व पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा करने की बजाए फुटपाथ पर घंटों गाड़ी पार्क करते हैं जिसका खामियाजा पैदल चलने वालों को भुगतना पड़ रहा है. वहीं इस समस्या के बावत नगर परिषद घुमारवीं के कार्यकारी अधिकारी खेम चंद वर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन को फुटपाथ से वाहनों को हटाने के लिए अनुरोध किया गया है और आने वाले समय में वाहन चालक फुटपाथ ही अपने वाहन खड़े करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए वाहन जब्त कर लिए जाएँगे. वहीं कूड़े की समस्या को लेकर खेम चंद वर्मा ने कहा कि नगर परिषद द्वारा रोजाना कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी भेजी जाती है मगर कुछ शरारती लोग जानबूझ कर खुले में कूड़ा फेंकने का काम करते हैं जिनपर पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी और लापरवाह लोगों के चालान काटते हुए सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी.
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