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ASAbdul SattarFollow16 Jun 2024, 11:57 am

झांसी के बडेरा में 19 लोग मानसिक रूप से कमजोर पाए गए, श्रम विभाग व स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटी

Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी के मोठ तहसील क्षेत्र के ग्राम बडेरा में 19 लोगों की संदिग्ध हालत में मौजूदगी का पता चला है। इनमें अधिकांश लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे हैं। ये सभी लोग दूसरे शहरों के निवासी हैं। आशंका है कि इन्हें बंधुआ मजदूरी कराने के लिए यहां रखा गया है। प्रशासन की टीमें यहां हर मामले की जांच कर रही है। बता दें कि गांव के एक व्यक्ति ने गांव में बंधुआ मजदूर की तरह लोगों से काम कराए जाने की शिकायत की। जिस पर तहसील विभाग, श्रम, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोगों की जांच कराई।

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जबलपुर डैम क्रूज़ पलटने से यात्रियों में दहशत; बचाव जारी

Noida, Uttar Pradesh:जबलपुर (मध्य प्रदेश): महेश पटेल (क्रूज़ पायलट) बार्गी डैम क्रूज़ पलट गया। मैं ५ बजकर ६ मिनट पर निकला था, तब तूफान नहीं थी। वह लगभग २२–२५ मिनट के बाद तेज हवाएं चलने लगीं। सबको लाइफ जैकेट दी गई, पर कुछ लोग नीचे डांस कर रहे थे और उन्होंने नहीं पहना था। हवा तेज होने से पानी भर गया और क्रूज़ पलट गया। मैंने ३ दिन से खाना नहीं खाया और मुझे नींद नहीं आती; बहुत पछतावा होता है। बच्चे रो रहे थे, निचे वाले केबिन वालों को बचाने के लिए समय नहीं बच पाया। लगभग ४०–४५ मिनट की राइड होती है। मैनटेनेंस हर सोमवार को चेक होता है। मौसम अलर्ट की जानकारी नहीं थी। यह कुदरती मार थी; मैंने सोचा किसी कोने में शायद क्रूज़ चली जायेगी, लेकिन नहीं हो पाया। लगभग ५–७ मिनट में क्रूज़ में पानी भर गया और बचाव का मौका नहीं मिला। मैं सबसे बाद में निकला, ३५–३६ लोग सवार थे, छोटे बच्चों को छोड़कर। छोटे बच्चों की गिनती नहीं होती। मेरे दो बच्चे हैं; मेरी पत्नी और माँ हैं। मुझे तीस साल हो गए क्रूज़ चलते हुए। एक क्रूज़ सुरक्षा के लिए चलता है, पर उस दिन नहीं गई।
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बारात जा रहे चचेरे भाइयों सड़क हादसे में मौत, दूल्हे की खुशियाँ शोक में बदली

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर जिले के सरायरंजन थाना क्षेत्र के गंगसारा मोड़ के पास देर रात ट्रक की ठोकर से बारात जा रहे दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि एक अन्य चचेरा भाई जख्मी हो गया, जिसका उपचार शहर के निजी अस्पताल में चल रहा है। मृतक दोनों के चचेरे भाई की रात शादी होनी थी। मृतक की पहचान दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के बुलाकीपुर गांव निवासी कमल महतो के पुत्र संदीप कुमार और राम प्रसाद महतो के पुत्र विपिन कुमार के रूप में की गई है, जबकि जख्मी रामवृक्ष महतो के पुत्र विजेंद्र कुमार बताए गए हैं। तीनों एक ही बुलेट बाइक से बारात जंदाहा जा रहा था। संदीप के भाई प्रदीप कुमार ने बताया कि रात उनके चचेरे भाई गोपाल की शादी जंदाहा में होनी थी, जिसको लेकर 10–12 चार चक्का वाहन से बाराती जंदाहा पहुंचे थे। उन्होंने अपने भाई को भी चार चक्का से चलने को बोला था, लेकिन वह नहीं गया। बाद में पता चला कि उनका भाई संदीप, चचेरा भाई विपिन और विजेंद्र एक ही बुलेट बाइक से बारात जाने के लिए निकला है। विपिन बुलेट चला रहा था और उसने helmet पहन रखा था। जब बारात जंदाहा पहुंची तो जानकारी मिली कि इनके भाइयों का एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद बाराती वापस लौट आए और घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर देखा कि उनके भाई संदीप और विपिन की मौत हो चुकी है जबकि विजेंद्र गंभीर रूप से जख्मी है। जख्मी विजेंद्र ने बताया कि एक ट्रक ने पीछे से उन लोगों को धक्का मार दिया था और फरार हो गया है। इसके बाद तीनों को घटनास्थल से उठाकर रात करीब 3:00 बजे सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने विपिन और संदीप को मृत घोषित कर दिया। जबकि विजेंद्र को पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि सड़क हादसे से पूर्व वरमाला की प्रक्रिया हो गई थी, जिस कारण दूल्हा को वहीं छोड़ दिया गया और बाराती वापस लौट आए। मौत की खबर मिलने से शादी भी नहीं पाई जा सकी, खुशी का माहौल मातम में बदल गया। लोगों ने बताया कि मृतक दोनों मजदूरी करते थे। एएसपी संजय पांडे ने बताया कि ट्रक की ठोकर से दोनों युवकों की मौत हुई है जबकि तीसरा घायल है; तीनों आपस में चचेरे भाई हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना को लेकर अज्ञात ट्रक व चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
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समरानियां उप जिला अस्पताल बदहाली: आदिवासी क्षेत्र के मरीज भगवान भरोसे

Baran, Rajasthan:उप जिला चिकित्सालय समरानियां की व्यवस्था बदहाल आदिवासी क्षेत्र की चिकित्सा भगवान भरोसे ​बारां जिलें का महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्रों में शुमार उप जिला चिकित्सालय समरानियां इस समय बदहाली के दौर से गुजर रहा है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहाँ के ग्रामीण पूरी तरह से इसी अस्पताल पर निर्भर हैं, लेकिन वर्तमान अव्यवस्थाओं ने चिकित्सा सेवाओं को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।कहने को उप जिला चिकित्सालय है लेकिन यहां ना कोई आपरेशन की सुविधा है नहीं डिलेवरी की सुविधा ​अस्पताल में चिकित्सकों की भारी लापरवाही सामने आई है। ड्यूटी पर तैनात चार चिकित्सकों में से दो चिकित्सक मौके से नदारद पाए गए। चिकित्सकों की इस अनुपस्थिति के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, वहीं कई मरीज बिना इलाज के ही लौटने को मजबूर हैं। ​अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भर्ती वार्डों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जहाँ मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए साफ-सफाई की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, वहाँ फैली यह गंदगी नई बीमारियों को न्योता दे रही है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे तीमारदारों और मरीजों का वार्ड में रुकना दूभर हो गया है। ​हैरानी की बात यह है कि मौके पर मौजूद चिकित्सा कर्मी भी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक बिना एप्रन पहने ही मरीजों का इलाज करते नजर आए। चिकित्सा प्रोटोकॉल की यह अनदेखी अस्पताल की गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े करती है। ​क्षेत्र की जनता का आरोप है कि इन तमाम समस्याओं के बावजूद जिम्मेदार उच्च अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिकायतों के बाद भी धरातल पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब नींद से जागता है और कब इस आदिवासी क्षेत्र के मरीजों को उचित और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाती हैं।
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राजस्थान मंत्री ने जनगणना के पहले चरण का पंजीकरण डिजिटल तरीके से किया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगीराम पटेल ने डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए जनगणना के प्रथम चरण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने स्व-गणना प्रक्रिया के तहत अपने और अपने परिवार का विवरण डिजिटल माध्यम से दर्ज किया。 इस प्रक्रिया के दौरान मंत्री पटेल ने अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर पोर्टल पर पूछे गए सभी आवश्यक सवालों के जवाब दिए और सफलतापूर्वक पंजीकरण पूर्ण किया। अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने संदेश दिया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से यह कार्य अब और भी सुगम और पारदर्शी हो गया है। पंजीकरण के पश्चात मीडिया से रूबरू होते हुए मंत्री जोगीराम पटेल ने कहा की राजस्थान में जनगणना का कार्य प्रारম্ভ हुआ है और प्रथम चरण का कार्य आज से शुरू हो गया है। मैंने स्वयं ने भी स्व-गणना के तहत अपनी गणना का कार्य पूरा किया है। मैं समस्त राजस्थान प्रदेशवासियों और विशेषकर जोधपुर वासियों से विनम्रता से अपील करता हूं कि इस राष्ट्रीय कार्य में अपना पूर्ण सहयोग दें। जनगणना से प्राप्त डेटा हमारे प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिए आधार स्तंभ होता है। आइए, हम सब इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें。 मंत्री पटेल ने जोर देकर कहा कि सटीक जनगणना डेटा से ही सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचता है। उन्होंने जनता को प्रोत्साहित किया कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में प्रशासन की मदद करें। बाइट जोगाराम पटेल संसदीय कार्य मंत्री
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झारखंड: जामताड़ा के पाकडीह में 7 साल से बंद पेयजल योजना की पोल

Jamtara, Jharkhand:झारखंड के जामताड़ा से एक बड़ी लापरवाही की तस्वीर सामने आई है… जहां सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना ज़मीन पर दम तोड़ती नजर आ रही है। गांव में लगाया गया सोलर पानी टंकी पिछले 7 सालों से बंद पड़ा है… और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। ये तस्वीरें जामताड़ा प्रखंड क्षेत्र के पाकडीह गांव की हैं… जहां पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा लगाई गई सोलर पानी टंकी अब सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। ग्रामीणों के मुताबिक… यह पानी टंकी करीब 7 साल पहले लगाई गई थी… लेकिन महज 6 महीने चलने के बाद ही बंद हो गई… और तब से आज तक इसकी कोई मरम्मत नहीं की गई। ग्रामीण रियाजउल अंसारी ने कहा कि पानी टंकी लगने के बाद 6 महीना तक ठीक चला… उसके बाद खराब हो गया… कई बार शिकायत किए लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। गर्मी के इस मौसम में हालात और भी बदतर हो गए हैं। गांव के लोग सिर्फ एक चापाकल के सहारे पानी पीने को मजबूर हैं मुशर्रफ अंसारी ने कहा कि गर्मी आ गया है… एक ही चापाकल है… बहुत परेशानी हो रही है… प्रशासन से मांग है कि इसे जल्द चालू किया जाए…”ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और विभाग को इसकी जानकारी दी गई… लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई… जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता है… “सरकार जहां एक ओर हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का दावा करती है… वहीं जामताड़ा के पाकडीह गांव की ये तस्वीरें उन दावों की पोल खोलती नजर आती हैं… अब देखना ये होगा कि प्रशासन कब तक इस ओर ध्यान देता है।
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काशीपुर में नवजात शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

Jaspur, Uttarakhand:काशीपुर में शुक्रवार शाम एक नवजात का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, शाम करीब छह बजे डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि बाजपुर रोड स्थित प्रिया मॉल के पास झाड़ियों में एक नवजात का शव पाया गया। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पुलिस को प्रिया मॉल के पीछे रेलवे पटरी के पास झाड़ियों में एक बैगनुमा थैले के अंदर नवजात का शव मिला। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम सुशीला तिवारी अस्पताल के माध्यम से कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को वहां कौन और किन परिस्थितियों में छोड़कर गया।
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CBI ने UAE से आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह को भारत लौटाया; जाल का पर्दाफाश

Noida, Uttar Pradesh:CBI ने एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में हरियाणा पुलिस के वांछित आरोपी आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह को UAE से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में बाकी एजेंसी की भी मदद CBI को मिली.... क्या है मामला? आलोक कुमार के खिलाफ हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज मामला में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने जैसे गंभीर आरोप हैं। जांच में सामने आया कि वह एक संगठित गिरोह का मुख्य साजिशकर्ता था, जो फर्जी पहचान और गलत पते के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने का काम करता था।...यह गिरोह खासतौर पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को नई पहचान दिलाकर पासपोर्ट बनवाने में मदद करता था, आलोक कुमार इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने और लोगों के इमिग्रेशन को मैनेज करने में अहम भूमिका निभा रहा था। कैसे हुई गिरफ्तारी? हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर CBI ने इंटरपोल के जरिए आरोपी के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया। इसके बाद आरोपी का लोकेशन यूएई में ट्रेस किया गया और वहां की एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। भारत की ओर से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की गई, और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यूएई सरकार ने आरोपी को भारत भेजने की मंजूरी दे दी। भारत में क्या हुआ? आरोपी 1 मई 2026 को मुंबई पहुंचा, जहां उसे हरियाणा पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अब उससे पूछताछ कर पूरे फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है。
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