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जालौन में केला खरीदते समय अधेड़ व्यक्ति से 50 हजार रुपये की टप्पेवाजी
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में एक अधेड़ व्यक्ति के साथ 50 हजार रुपये की टप्पेवाजी का मामला सामने आया है। व्यक्ति ने स्टेट बैंक से पैसे निकालकर बाजार में केला खरीदने के दौरान अज्ञात टप्पेवाज द्वारा उसके बैग से पैसे चुरा लिए गए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है, और पुलिस आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है। यह घटना उरई कोतवाली क्षेत्र के नगर में हुई।
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गलत दिशा से ट्रैक्टर टकराकर बाइक आग, दो युवक गंभीर घायल
Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर-छतरपुर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा हो गया। गलत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर से बाइक टकरा गई, जिसके बाद बाइक में आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ब्रजपुरा और मौराहा गाँव के बीच फोरलेन पर हुआ। महिंद्रा एजेंसी के पास तेज रफ्तार बाइक गलत साइड से आ रहे ट्रैक्टर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों युवक बाइक में फंस गए और बाइक में आग लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को बाइक से बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि एक युवक के पैर में गंभीर चोट आई है और शरीर से काफी खून बह रहा था। दोनों को NHAI की एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की पहचान निवाड़ी जिले के ग्राम सकेरा निवासी के रूप में हुई है। दोनों मैहर माता के दर्शन करने जा रहे थे।0
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नवसारी के गांव में नवरात्रि वेशभूषा विवाद, शराब की बोतलों की तस्वीरें वायरल
Navsari, Gujarat:નવસારીના આંતલિતા ગામે નવરાત્રિ મહોત્સવમાં વેશભૂષા હરીફાઈને લઈ વિવાદ ધાર્મિક ઉજવણી દરમિયાન યુવાનોએ દારૂડિયાનો વેશ ધારણ કર્યાના આક્ષેપ વેશભૂષાને લઈ ધાર્મિક આસ્થાને ઠેસ પહોંચાડાઈ હોવાની ચર્ચા દારૂની બોટલ અને ફરસાણનાંppi પડીકાં લટકાવેલીા યુવાનના ફોટો-વીડિયો વાયરલ સોશિયલ મીડિયામાં વાયરલ તસવીરોને પગલે સમગ્ર મામલે સવાલો ઉઠ્યા વાયરલ તસવીરો અને વીડિયોની હકીકત જાણવા બીલીમોરा પોલીસેઉ તપાસ હાથ ધરી વાયરલ દૃશ્યોની વાસ્તવિકતા અને સમગ્ર ઘટનાની તપાસ બાદ સ્પષ્ટતા થશે વાયરલ તસવીરોમાં દેખાતું લાલ પ્રવાહી વિદેશી દારૂ જ હોવાની પુષ્ટિ નથી ઝી 24 કલાક આ વાયરલ ફોટો-વીડિયોની સ્વતંત્ર રીતે પુષ્ટિ કરતું નથી0
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CM भजनलाल शर्मा ने खेड़ली में डिजिटल जनसंवाद कर योजनाओं की जानकारी दी
Sonkhar Rural, Rajasthan:खेड़ली के लाभार्थियों से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया डिजिटल जनसंवाद, योजनाओं की दी जानकारी खेड़ली (अलवर)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को खेड़ली क्षेत्र के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसंवाद किया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, आगामी कार्यक्रमों तथा विकास कार्यों की जानकारी दी। संवाद में शामिल लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से सीधे जुड़कर अपनी भागीदारी निभाई। खेड़ली के पंचायती मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, कृषक साथी और कृषि विकास योजना सहित विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पंचायत समिति चुनाव प्रभारी आंचल अवाना, नगरपालिका चेयरमैन पवान जैन चौधरी, मंडल अध्यक्ष शीलेंद्र चौहान सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान करीब सात लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ जनसंवाद में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मौजूद भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पंचायत समिति चुनाव प्रभारी आंचल अवाना ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और लाभार्थियों से संवाद को लेकर जानकारी दी। बाइट: आंचल अवाना, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा एवं पंचायत समिति चुनाव प्रभारी, खेड़ली।0
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जोधपुर दशहरा: 60 फीट रावण दहन से रामलीला मैदान रोशन
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर में इस बार भव्य होगा दशहरा महोत्सव - अहंकार रूपी रावण के दहन के साथ गूंजेगा जय श्रीराम - 60 फीट के रावण की नाभि में लगेगा अग्निबाण, मुंह और आंखों से बरसेंगे अंगारे - मेघनाद, कुंभकर्ण, शूर्पणखा और ताड़का के पुतलों का भी होगा दहन -आतिशबाजी से जगमगाएगा रामलीला मैदान जोधपुर। असत्य पर सत्य की विजय, अधर्म पर धर्म की जीत और अहंकार के अंत का प्रतीक विजयादशमी पर्व इस बार जोधपुर में भव्य और आकर्षक अंदाज में मनाया जाएगा। नगर निगम की ओर से दशहरा महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को रामलीला मैदान में करीब 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रावण के साथ उसके परिजनों के पुतले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। नाभि में अग्निबाण लगते ही रावण के हाथ में थामी चकरी घूमेगी और मुंह व आंखों से अंगारे बरसेंगे। इसके बाद मनमोहक आतिशबाजी आसमान को रोशन करेगी। रामलीला मैदान में आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर प्रसन्न चंद मेहता ने बताया कि दशहरे को यादगार बनाने के लिए नगर निगम की ओर से विशेष तैयारियां की गई हैं। रावण के पुतले को पारंपरिक अंदाज में धोती, ज особ जोधपुरी अचकन, सिल्क की धोती और जूतियां पहनाई गई हैं। वहीं मेघनाद, कुंभकर्ण, शूर्पणखा और ताड़का के पुतले भी तैयार किए गए हैं। पहले रावण के परिजनों के पुतलों का दहन होगा और इसके बाद गोधूलि बेला में अहंकार के प्रतीक रावण का दहन किया जाएगा। मेहरानगढ़ से विधिवत पूजा के बाद निकलेगी रामरथ यात्रा आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि मंगलवार सुबह 11 बजे नगर निगम के अधिकारी और पूर्व राजपरिवार के सदस्य मेहरानगढ़ दुर्ग पहुंचकर प्रभु श्रीराम और मां चामुंडा की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद निर्धारित मुहूर्त में विधिवत पूजा के साथ राज व्यास श्रीराम की सवारी रवाना करेंगे। रामरथ यात्रा के आगे शहर के अखाड़ा दलों के कार्यकर्ता हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए चलेंगे। यात्रा मार्ग में आने वाले मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी तथा नगर निगम की ओर से भेंट राशि भी अर्पित की जाएगी। रामलीला मैदान पहुंचने पर अखाड़ा दलों के प्रभारियों का नगर निगम की ओर से सम्मान किया जाएगा। इस दौरान शहर की पारंपरिक संस्कृति, धार्मिक आस्था और शौर्य प्रदर्शन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।0
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जोधपुर में बंगाली समाज की दुर्गा पूजा: महा अष्टमी का भव्य उत्सव
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। बंगाली समाज की ओर से कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड 9 सेक्टर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में दुर्गा पूजा में सोमवार सुबह 6:00 बजे महा अष्टमी पूजा शुरू किया गया। बंगाली समाज की ओर से बताया गया कि महा अष्टमी पूजा मां दुर्गा के आठवें रूप मां गौरी का पूजा कोलकाता से आए हुए पंडित शिबु मिश्र द्वारा सुबह से शुरू हो कर शाम 4:00 बजे तक चला। महा अष्टमी पूजा के पश्चात पुष्पांजलि किया गया। पुष्पांजलि के पश्चात मां दुर्गा के सहपरिवार शिवाजी बच्चे गणेश, लक्ष्मी, कार्तिकेय, सरस्वती, जी का पूजा किया गया एवं शस्त्र पूजा किया गया। अष्टमी पूजा के दौरान मां दुर्गा को महाभोग चड़ाए गया व महाप्रसादी का आयोजन किया गया है। प्रसादी का सभी श्रद्धालुओं द्वारा लाभ लिया गया। महा अष्टमी पूजा में समाज बंधुओ व माताओं बहनों मौजूद थे। पूजा में समाज की महिलाओं द्वारा उलू व बंगाल के प्रसिद्ध ढाक के थाप से पंडाल मंत्रमुग्ध हो उठा। पूजा के दौरान पंडाल में लगे दुर्गा माता की जयकारें। समाज बंधुओ एवं महिलाओं द्वारा धुनुची नित्य किया गया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम 7:00 बजे से शुरू होकर मध्य रात्रि तक चलेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बंगाल की मशहूर कलाकारों एवं समाज के बच्चों और जोधपुर के लोकल कलाकारों ने भी कार्यक्रम करेंगे। मंगलवार को महानवमी पूजा एवं कुमारी पूजा किया जाएगा।0
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Alwar पंचायत चुनाव: कांग्रेस प्रचार तेज किया, जितेंद्र सिंह व टीकाराम जूली ने मोर्चा संभाला
Alwar, Rajasthan:पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने झोंकी ताकत, जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली ने संभाला मोर्चा अलवर। पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान को तेज कर दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रामगढ़ के बगड़ तिराहे पर जनसभा कर चुनाव प्रचार का आगाज किया। इसके बाद दोनों नेता विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में सभाओं और जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। प्रथम चरण के मतदान से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता ने जिले में चुनावी माहौल को और गर्मा दिया है। जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली शीतल, बड़ौदा मेव, खेरली, कठूमर और रैणी सहित विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाएं कर ग्रामीण मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं। इन सभाओं में गांवों के विकास, स्थानीय समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। कांग्रेस नेता भाजपा पर निशाना साधते हुए उसके वादों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर होने का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही, कांग्रेस की ओर से ग्रामीण विकास को लेकर अपनी योजनाओं और पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों को भी मतदाताओं के सामने रखा जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि गांवों का वास्तविक विकास कांग्रेस ही कर सकती है, जबकि भाजपा केवल जुमलेबाजी करती है। उन्होंने पंचायत चुनाव में कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए कहा कि अलवर जिले में कांग्रेस के जिला प्रमुख और प्रधान बनेंगे। दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं से पूरी सक्रियता के साथ चुनाव प्रचार में जुटने और ग्रामीण मतदाताओं तक कांग्रेस की नीतियों एवं विचारों को पहुंचाने का आह्वान किया। प्रथम चरण के मतदान से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क करना पार्टी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर ग्रामीण मतदाताओं को साधने और अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। अब इन जनसभाओं और जनसंपर्क अभियानों का मतदाताओं पर कितना असर पड़ता है, यह चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।0
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चित्तौड़गढ़ के कपासन Ramleela: आठवें दिन रामेश्वरम स्थापना और लंका दहन
Begun, Rajasthan:एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन में नगर पालिका मंडल की ओर से आयोजित नौ दिवसीय रामलीला के आठवें दिन रामेश्वरम स्थापना, लंका दहन और लक्ष्मण शक्ति प्रसंगों کا मंचन किया गया। विधायक अर्जुनलाल जीनगर की मौजूदगी में श्री बजरंग रामलीला बाडसर, चूरू के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। देर रात तक चले कार्यक्रम में सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे। अधिशाषी अधिकारी खेमराज सिंह गुर्जर ने आयोजन की जानकारी दी। नगर पालिका अध्यक्ष सरोज देवी बारेगामा ने बताया कि मंगलवार को रावण वध, रामजी का राजतिलक और रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद बारेगामा भी मौजूद रहे।0
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पंचायती राज से बड़े राजनीतिक सफर की कहानी: गांव से संसद तक
Jaipur, Rajasthan:एंकर-गांव की चौपाल से शुरू हुई सियासत...और मंजिल बनी विधानसभा से लेकर संसद तक। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव सिर्फ गांव की सरकार नहीं चुनते, बल्कि बड़े नेताओं की सियासी पौध भी तैयार करते हैं। जयपुर के रामचरण बोहरा जिला प्रमुख से सांसद बने, तो शांति धारीवाल जिला प्रमुख से मंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। कई नेताओं ने सरपंच और प्रधान रहते हुए राजनीति का ककहरा सीखा और फिर विधायक बने। अब पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियों के बीच देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट...कैसे गांव की छोटी सरकार बनी बड़े सियासी सफर की पहली सीढ़ी। वीओ-1- पंचायतीराज चुनाव की सरगर्मियों के बीच गांवों की चौपाल से लेकर सियासी गलियारों तक चुनावी चर्चाएं तेज हैं। पंचायतीराज चुनाव सिर्फ गांव की सरकार चुनने का जरिया नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में नए नेतृत्व को आगे लाने का मंच भी रहे हैं। राजस्थान की राजनीति में कई ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने कभी सरपंच, प्रधान, पंचायत समिति या जिला परिषद सदस्य के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया और बाद में विधानसभा, लोकसभा और मंत्रिमंडल तक पहुँचें। जयपुर से लेकर कोटा, बूंदी और चूरूं, सीकर तक ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है। इनमें कोई जिला प्रमुख से सांसद बना तो कोई सरपंच से विधायक। दिलचस्प यह भी है कि कुछ नेताओं ने विधायक और मंत्री बनने के बाद भी पंचायत की राजनीति से नाता नहीं तोड़ा। वहीं जिला प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहने के बावजूद कुछ नेताओं को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। जयपुर जिला परिषद की बात करें तो जयपुर जिला परिषद का गठन 1959 में हुआ था। 67 साल के इतिहास में अब तक 10 जिला प्रमुख बने हैं। इनमें रामचरण बोहरा और सहदेव शर्मा ऐसे प्रमुख नाम हैं, जिन्होंने जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के बाद बड़ी चुनावी राजनीति में भी पहचान बनाई। रामचरण बोहरा वर्ष 1995 से 2000 तक जयपुर के जिला प्रमुख रहे। इसके बाद उन्होंने लोकसभा की राजनीति में कदम रखा और लगातार दो बार जयपुर शहर से सांसद चुने गए। इसी तरह सहदेव शर्मा जिला प्रमुख रहे और चार बार विधायक का चुनाव जीतकर विधानसभा तक पहुंचे। हालांकि जयपुर जिला प्रमुख की कुर्सी सभी नेताओं के लिए विधानसभा तक पहुंचने का रास्ता नहीं बन सकी। पूर्व जिला प्रमुख मधु शर्मा ने आमेर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सकीं। इसी तरह पूर्व जिला प्रमुख दिवगंत हजारीलाल नागर ने भी विधानसभा चुनाव लड़ा, मगर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जयपुर जिला परिषद के सदस्य रहे बाबूलाल नागर और अशोक तंवर भी बाद में विधानसभा तक पहुंचे। इस तरह जयपुर जिला परिषद ने प्रदेश की राजनीति को कई ऐसे चेहरे दिए, जिन्होंने ग्रामीण राजनीति से आगे बढ़कर विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। जयपुर जिला परिषद के इतिहास में वर्ष 2021 का चुनाव राजनीतिक घटनाक्रम के कारण चर्चा में रहा। कांग्रेस के टिकट पर वार्ड संख्या 17 से जिला परिषद सदस्य चुनी गईं रमा देवी चौपड़ा जिला प्रमुख के चुनाव से पहले भाजपा खेमे में चली गईं। उस समय 51 सदस्यीय जिला परिषद में कांग्रेस के 27 सदस्य थे। इसके बावजूद जिला प्रमुख के चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई और भाजपा ने जिला प्रमुख का पद हासिल कर लिया। वॉक थ्रू--दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर अब तक ये रहे जयपुर जिला प्रमुख नारायण चतुर्वेदी- अक्टूबर 1959 से अक्टूबर 1964 सहदेव शर्मा- नवंबर 1964 से अगस्त 1977 तक सुरेश शर्मा - 1980 से 1983 तक भगवान सहाय शर्मा- 1984 से 1991 तक रामचरण बोहरा- 15 फरवरी 1995 से फरवरी 2000 तक मधु शर्मा- 11 फरवरी 2000 से 10 फरवरी 2005 तक रामगोपाल गार्ड- 11 फरवरी 2005 से 10 फरवरी 2010 तक हजारीलाल नागर- 10 फरवरी 2010 से 6 फरवरी 2015 तक मूलंचद मीना- 7 फरवरी 2015 से 6 फरवरी 2020 तक रमादेवी चौपडा- 6 सितंबर 2021 से 5 सितंबर 2026 तक वीओ-2- पंचायतीराज की राजनीति में कोटा का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। नगेंद्र बाला पहली महिला जिला प्रमुख के रूप में जानी जाती हैं। इसके बाद वे दो बार विधानसभा पहुंचीं। कोटा उत्तर से विधायक रहे शांति धारीवाल ने कोटा जिला प्रमुख बने। जिला प्रमुख बनने के दो साल बाद ही 1984 में धारीवाल कोटा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद वे विधानसभा पहुंचे और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। कोटा के दिवंगत कांग्रेस नेता भरत सिंह कुंदनपुर की राजनीतिक यात्रा अलग रही। उन्होंने गांव की राजनीति से शुरुआत की। वे तीन बार कुंदनपुर ग्राम पंचायत के सरपंच और करीब 10 साल तक सांगोद पंचायत समिति के प्रधान रहे। इसके बाद चार बार विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में ग्रामीण विकास, पंचायतीराज तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री रहे। लेकिन मंत्री और विधायक जैसे पदों पर रहने के बाद भी गांव की राजनीति से उनका जुड़ाव बना रहा। वर्ष 2014 में उन्होंने कुंदनपुर ग्राम पंचायत से पंच का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस तरह उनका राजनीतिक सफर सरपंच से मंत्री और फिर वापस पंच तक पहुंचा। कोटा जिले की पीपल्दा विधानसभा सीट से जुड़े कई नेताओं ने भी पंचायतीराज संस्थाओं से राजनीतिक सफर शुरू किया। पूर्व विधायक और सांसद रामनारायण मीणा ने सरपंच पद से राजनीति की शुरुआत की थी। वे आगे चलकर विधानसभा उपाध्यक्ष भी बने। वहीं चेतन पटेल वर्ष 2021 में पीपल्दा पंचायत समिति से निर्दलीय सदस्य चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बने। पूर्व विधायक विद्या शंकर नंदवाना वर्ष 1987 से 1989 तक भांडाहेड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच रहे। इसके बाद जिला परिषद सदस्य रहे और जिला प्रमुख बने। इसी तरह पूर्व विधायक प्रेमचंद नागर भी पंचायत की राजनीति से आगे बढ़े। वे बोरदा ग्राम पंचायत में पांच साल और तलाव ग्राम पंचायत में तीन साल तक सरपंच रहे। पंचायत समिति सदस्य की जिम्मेदारी भी संभाली और बाद में विधानसभा पहुंचे। हिण्डौली से विधायक रहे अशोक चांदना ने भी पंचायतीराज संस्थाओं से चुनावी राजनीति की शुरुआत की। वे वर्ष 2010 में अजमेर जिला परिषद के सदस्य बने थे। इसके बाद विधानसभा पहुंचे और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे। वहीं पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल वर्ष 2004 से 2008 तक जिला परिषद सदस्य रहीं। इसके बाद विधानसभा चुनाव का टिकट मिला। वे दो बार रामगंजमंडी और एक बार केशवरायपाटन से विधायक चुनी गईं। चूरू के भाजपा विधायक हरलाल सहारण का राजनीतिक सफर भी स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं से जुड़ा रहा है। वे चूरू पंचायत समिति के प्रधान और इसके बाद जिला प्रमुख रहे। बाद में विधानसभा तक पहुंचे। बाहरहाल, राजस्थान में चल रहे पंचायतीराज चुनावों ने एक बार फिर ग्रामीण नेतृत्व को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं। गांव की समस्याओं, स्थानीय विकास और जनप्रतिनिधित्व से जुड़ी यह चुनावी राजनीति नए चेहरों को सार्वजनिक जीवन में आगे आने का अवसर देती है। पिछले दशकों के राजनीतिक सफर बताते हैं कि राजस्थान में पंचायत की राजनीति सिर्फ सरपंच, प्रधान या जिला प्रमुख के पद तक सीमित नहीं रही। कई नेताओं ने इसी अनुभव के आधार पर विधानसभा और संसद तक का सफर तय किया।0
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लखनऊ में पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 13 लाख रुपये बरामद
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 13 लाख रुपये बरामद लखनऊ में कारोबारी को निशाना बनाने के लिए पहले उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार आरोपी नवनीत सिंह को पीड़ित सुदर्शन घोष के कारोबार और आर्थिक स्थिति की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर गिरोह ने वारदात की साजिश रची。 12 सितंबर को कारोबारी के कार्यालय के पास आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर उसे गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद कारोबारी को डराकर उसके परिवार से फिरौती की रकम मंगाने का दबाव बनाया गया。 वीओ- पुलिस के मुताबिक, अपहरण के दौरान आरोपियों ने कारोबारी से उसकी पत्नी को फोन करवाया और रकम नहीं देने पर जान-माल की धमकी दी। बाद में कारोबारी के ड्राइवर के जरिए 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कारोबारी को शहीद पथ के पास छोड़ दिया गया। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में चले गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे。 मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी थी। बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही थी। इसी कार्रवाई में 19 अक्टूबर को कृष्णानगर पुलिस और दक्षिणी जोन की सर्विलांस सेल ने पंकज भूषण कुमार और नवनीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 लाख 34 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर अगली वारदात की तलाश में दोबारा लखनऊ आए थे। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की गई है।0
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लखनऊ में फर्जी पुलिस रौब से ठग गिरोह का पर्दाफाश: 13 लाख व सोना-चांदी माँगा गया
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में वर्दी का रौब दिखाकर वसूली करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक एंटीक कारोबारी को अगवा किया और फिर उसकी रिहाई के बदले 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर वसूल लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में जाकर छिप गए। 25-25 हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 34 हजार 500 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह की नजर ऐसे लोगों पर रहती थी, जिनके पास बड़ी रकम और कीमती सामान होने की जानकारी मिलती थी। लखनऊ में कारोबारी को निशाना बनाने के लिए पहले उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार आरोपी नवनीत सिंह को पीड़ित सुदर्शन घोष के कारोबार और आर्थिक स्थिति की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर गिरोह ने वारदात की साजिश रची। 12 सितंबर को कारोबारी के कार्यालय के पास आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर उसे गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद कारोबारी को डराकर उसके परिवार से फिरौती की रकम मंगाने का दबाव बनाया गया।- पुलिस के मुताबिक, अपहरण के दौरान आरोपियों ने कारोबारी से उसकी पत्नी को फोन करवाया और रकम नहीं देने पर जान-माल की धमकी दी। बाद में कारोबारी के ड्राइवर के जरिए 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कारोबारी को शहीद पथ के पास छोड़ दिया गया। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में चले गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी थी। बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही थी। इसी कार्रवाई में 19 अक्टूबर को कृष्णानगर पुलिस और दक्षिणी जोन की सर्विलांस सेल ने पंकज भूषण कुमार और नवनीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 लाख 34 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर अगली वारदात की तलाश में दोबारा लखनऊ आए थे। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की गई है。0
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संकट मोचन धाम में 25वां हवन-पूजन, विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
Unnao, Uttar Pradesh:शुक्लागंज, उन्नाव। नेहरू नगर स्थित सिद्धपीठ श्री संकट मोचन धाम में नौ दिनों तक मां दुर्गा के भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के बाद नवमी के अवसर पर 25वां हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मां दुर्गा के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति के अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने बताया कि धाम में नौ दिनों तक मां दुर्गा की प्रतिमा का श्रृंगार, हवन-पूजन, भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नवमी के दिन हवन-पूजन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दौरान अवध राज सिंह, श्रीकांत मिश्रा, एशियाई दुबे, सुरेश मिश्रा, संतोष शुक्ला, शिव प्रकाश, मनोज डीसी शुक्ल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।0
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युवा मराठा नेता मनोज जरांगे के नारायण गढ़ के दसरे मेळावे से सियासी हलचल
Jalna, Maharashtra:जालना : मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल उद्या नारायण गडावर दसरा मेळावा करेंगे। साथ ही सावरगांव घाट में पंकजा मुंडे के समर्थित दसरा मेळावा भी निर्धारित है। उद्यान मेळावे को लेकर जरांगे के भाषण से राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना है। बिड जिले में नारायण गड के दसरा मेळावों की तैयारी चल रही है। मराठा आंदोलन के समर्थकों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए आज की कवरेज खास है। नारायण गड पर जरांगे के भाषण के आगे बिड जिले के अन्य हिस्सों में भी प्रतिक्रियाओं पर निगाह है। नारायण गड में दसरा मेळावों के लिए चाकचौबंद व्यवस्था की जा रही है ताकि समर्थक और नागरिक सुरक्षित रहें। साथ ही सावरगांव घाट पर पंकजा मुंडे के मेळावे की तैयारी भी तेज है और वहां भी हजारों लोगों की मौजूदگی की संभावना है। बीड जिले में दुष्काळ के बावजूद इन कार्यक्रमों की रूपरेखा स्पष्ट है और दोनों नेताओं के भाषण से राज्य की राजनीतिक दिशा तय होगी।0
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रातलम में 51 फीट रावण दहन, क्या पूरा जलेगा?
Ratlam, Madhya Pradesh:रातलम मे रावण DAHAN कल होना है 51 फ़ीट का रावण DAHAN होगा, लेक़िन इस बार क्या रावण पूरा जलेगा, क्यो पिछले साल लोगो कक रॉवन दहन मे मायूसी मिली ठी रावन पूरा नहज जला था0
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पिथौरागढ़ में तेज रफ्तार ड्राइविंग पर सवाल, टक्कर का वीडियो वायरल
Pithoragarh, Uttarakhand:पिथौरागढ़ में ओवरस्पीड और रैश ड्राइविंग पर सवाल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा टक्कर का वीडियोपिथौरागढ़ में तेज रफ्तार का एक और मामला सामने आया है। बीती रात बिन क्षेत्र में एक बाइक और बुलेट के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, देखते ही देखते तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में टक्कर के बाद दोनों वाहनों की बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत देखी जा सकती है। गौरतलब है कि पिथौरागढ़ में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। पुलिस की ओर से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जाति है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सड़क सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी पर सवाल खड़े करती हैं। अब सवाल यह है कि आखिर सड़कों पर तेज रफ्तार और रैश ड्राइविंग करने वालों पर प्रभावी अंकुश कब लगेगा? यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नियमित चेकिंग बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों पर लगाम लगाई जा सके। सड़क पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार का शौक किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। इसलिए सावधानी से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।0
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