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NH-45 पर तेज ट्रक से गायों की मौत; 8 गायें मरीं, आरोपी गिरफ्तार

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में NH-45 पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर बैठी गायों को बेरहमी से रौंद दिया है। इस भीषण हादसे में 8 गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 45 की है। हैरानी की बात यह है कि जिस ट्रक ने इन गायों को कुचला, वह खुद भी 6 भैंसों को लादकर ले जा रहा था। ​घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय गौ सेवक तुरंत मौके पर पहुंच गए और घटना को लेकर भारी आक्रोश जताया। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर पुलिस पहुंची और मोर्चा संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और ट्रक को जब्त कर लिया गया है। फिलहाल, सभी मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जिसके बाद उन्हें ससम्मान दफनाया जाएगा। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है。 वन टू वन गौ सेवक और थाना प्रभारी के साथ मौके पर
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बैतूल के घोड़ाडोंगरी में गोवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी में कथित गोवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राष्ट्रीय हिंदू सेना की सूचना के बाद पुलिस ने करीब 30 किलोमीटर तक पीछा कर एक टाटा इंडिका कार को घेराबंदी कर पकड़ लिया। संगठन और पुलिस का दावा है कि कार में पांच गायों को रस्सियों से बांधकर बेहद क्रूर तरीके से भरा गया था। हालांकि नाकाबंदी के दौरान वाहन में सवार कथित आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने वाहन जब्त कर गोवंश को सुरक्षित गौशाला पहुंचाया, उनका उपचार कराया और मामले में एफआईआर दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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बरही में बाघ की दस्तक, ग्रामीणों में हड़कंप; वन विभाग अलर्ट

Katni, Madhya Pradesh:कटनी के बरही तहसील क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर है... ग्राम कोयलारी में देर शाम बाघ नजर आना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. बाघ को देखते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया. बरही वन परिक्षेत्र से सटे ग्राम कोयलारी में शेर की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. सड़क किनारे बसे गांव में शेर देर शाम दिखाई दिया और रात तक उसकी मौजूदगी की सूचना सामने आती रही. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी. बाघ को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने के लिए वन अमला लगातार प्रयास कर रहा है. आसपास के इलाकों में भी वन विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
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काशीपुर के मदरसे: पंजीकरण न मिलने पर दो को सील, जांच जारी

Jaspur, Uttarakhand:काशीपुर में मदरसों पर प्रशासन का शिकंजा, दो मदरसों को सील किया गया. पुलिस, अल्पसंख्यक और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालित दो मदरसों को सील कर दिया है. इसके साथ ही क्षेत्र में चल रहे अन्य मदरसों के अभिलेखों की भी जांच की जा रही है. प्रशासन की टीम ने विजयनगर नई बस्ती स्थित मोहम्मद हनीफ सिद्दीकी पूर्व माध्यमिक विद्यालय और वार्ड नंबर 27 कटोराताल के जामिया अरबिया कमर उलूम मदरसा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया. उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि मदरसों की जाँच के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है. टीम काशीपुर क्षेत्र में संचालित मदरसों के अभिलेखों की जांच कर रही है. SDM के मुताबिक शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक विभाग से मदरसों के पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है. जांच में जो मदरसे संबंधित विभागों में पंजीकृत नहीं पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में बुधवार को काशीपुर में दो मदरसों को सील किया गया है. प्रशासन की जांच आगे भी जारी रहेगी और अन्य मदरसों के अभिलेख भी खंगाले जाएंगे.
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पटना स्वच्छ हवा सर्वेक्षण 2026 में 16वें स्थान पर, वार्ड-9 व 43 को पुरस्कार

Patna, Bihar:पटना से पर्यावरण को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में पटना ने देश के बड़े शहरों को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों की रैंकिंग में पटना को 16वां स्थान मिला है और शहर को 178 अंक हासिल हुए हैं। खास बात यह है कि पिछले साल पटना 27वें स्थान पर था। यानी इस बार शहर की रैंकिंग में 11 पायदान का सुधार हुआ है। पटना ने स्वच्छ हवा के मामले में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कई बड़े शहरों को पीछे छोड़ा है। इस बार स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पहली बार वार्ड स्तर पर भी मूल्यांकन किया गया। इसमें पटना नगर निगम के वार्ड-9 और वार्ड-43 ने बेहतर प्रदर्शन किया। दोनों वार्डों को मिलाकर 40 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली है। इस राशि का इस्तेमाल वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण सुधार के कामों में किया जाएगा। यानि पटना की तस्वीर सिर्फ शहर की रैंकिंग में ही नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर भी बदल रही है। स्वच्छ हवा की दिशा में बढ़ते कदम राजधानी को स्वच्छ, हरा-भरा और स्वस्थ शहर बनाने की उम्मीद बढ़ा रहे हैं।
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किशुनपुर में बोलेनो कार ने खड़ी ट्रक से टकराई, एक की मौत, दो घायल

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा : शहर के किशुनपुर मोहल्ले में गुरुवार की सुबह को दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा किशुनपुर में लखन मिस्त्री के घर के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक में बोलेनो कार के जोरदार टकराने से हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेनो सवार किशुनपुर निवासी सरयू राणा के 28 वर्षीय पुत्र बसंत राणा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बसंत राणा बोलेनो कार से बधार की ओर से आ रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार अनियंत्रित होकर जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। हादसे में उपेंद्र राणा और रामदेव राणा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया। दोनों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस सड़क किनारे खड़े ट्रक की पहचान करने के साथ ही दुर्घटना के कारणों की भी जांच कर रही है.
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कवर्धा में 22 दिन से आंदोलन: शेष 1600 आरक्षक पदों के लिए सेकंड लिस्ट मांग

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा में पुलिस आरक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का आंदोलन 22वें दिन भी जारीकवर्धा में पुलिस आरक्षक भर्ती के शेष बचे 1600 पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी है। अभ्यर्थी लगातार राजीव गांधी पार्क में धरना देकर अपनी मांग बुलंद कर रहे हैं। आंदोलनरत अभ्यर्थियों की एक ही मांग है कि पुलिस आरक्षक भर्ती के शेष 1600 रिक्त पदों के लिए जल्द से जल्द सेकंड लिस्ट जारी की जाए。 अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक शासन द्वारा शेष पदों पर भर्ती के लिए सेकंड लिस्ट जारी नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। लगातार 22 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद मांग पूरी नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बनी हुई है। अब सभी की निगाहें शासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं。
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पूर्वांचल में कुर्मी वोट के लिए दो सगी बहनें आमने-सामने: 2027 का दिलचस्प मुकाबला

Prayagraj, Uttar Pradesh:पूर्वांचल के सियासी संग्राम में आमने सामने होंगी दो सगी बहनें, कुर्मी वोट साधने के लिए दो बहनों के बीच पूर्वांचल में होगी सियासी जंग, एनडीए के लिए केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया तो विपक्ष के साथ होंगी पल्लवी पटेल, पूर्वांचल के दस जिलों की 35 कुर्मी बाहुल्य सीटों पर है दोनों बहनों की नज़र। पूर्वांचल की सियासत में 2027 में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है...कुर्मी वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करने के लिए दो बहनें आमने सामने होने वाली हैं। एक तरफ एनडीए की सहयोगी अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल हैं तो दूसरी तरफ उनकी सगी बहन अपना दल कमेरावादी की नेता एवं सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल हैं। एक बहन सत्ता के साथ खड़ी है, तो दूसरी विपक्षी खेमे में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटी हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में कुर्मी मतदाताओं को साधने की कोशिशें अभी से तेज हो गई हैं। पूर्वांचल की सियासत में कुर्मी मतदाताओं की भूमिका लंबे समय से अहम मानी जाती है। यही वजह है कि अब इस वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दो बहनों के बीच सियासी मुकाबला होने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ हैं और केंद्र की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। तो वहीं पल्लवी पटेल विपक्षी राजनीति का हिस्सा हैं और लगातार सरकार के खिलाफ मुखर नजर आती हैं। दोनों बहनों की सियासी राह भले ही अलग हो चुकी है, लेकिन नजर दोनों बहनों की पूर्वांचल की सियासी जमीन पर है। पूर्वांचल के जिन 10 जिलों में दोनों बहनें सियासी तौर पर सक्रिय हैं वहां की करीब 35 विधानसभा सीटों पर कुर्मी मतदाताओं की अहम भूमिका है। कहा जाता है इन दस जिलों की 35 सीटों पर कुर्मी मतदाता जिस भी प्रत्याशी के साथ चले गए उसका सदन पहुंचना लगभग तय माना जाता है। इसी को देखते हुए केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और उनकी बहन पल्लवी पटेल अभी से ही अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की कवायद में जुट गईं हैं। पूर्वांचल की सियासत में पिछड़ों की राजनीति को क़रीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार अनंत राम कुशवाहा का कहना है कि दोनों बहनें पूर्वांचल में ही सक्रिय हैं, दोनों की नज़र कुर्मी मतदाताओं पर है। 2027 के चुनाव में दोनों बहनों के सामने अपनी सियासी प्रतिष्ठा ही नहीं बल्कि सोने लाल पटेल की विरासत का असली सियासी वारिस साबित करने की भी चुनौती है। फिलहाल सियासी जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि 2027 के चुनाव में कुर्मी समाज का झुकाव किस तरफ जाता है। क्या अनुप्रिया पटेल एनडीए के साथ अपने प्रभाव को और मजबूत कर पाएंगी ? या पल्लवी पटेल विपक्ष के साथ कुर्मी वोटरों के बीच अपनी नई सियासी जमीन तैयार करेंगी ? बाइट -- अनंत राम कुशवाहा, वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक विश्लेषक
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BRICS के विस्तार पर बहस तेज, 11 सदस्य, सदस्यता पर बहस जारी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: ब्रिक्स (BRICS) के विस्तार पर अपनी राय रखते हुए, JNU के प्रोफ़ेसर (चीनी अध्ययन) श्रीकांत कोंडापल्ली कहते हैं, "... 2009 में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करके ब्रिक्स का विस्तार किया गया। 2006 से यह BRIC था और फिर 2009 में BRICS बन गया। 2024 में छह सदस्यों को शामिल किया गया, जिनमें से अर्जेंटीना अपने घरेलू राजनीतिक मुद्दों के कारण शामिल नहीं हो सका। 2025 में, पिछले साल इंडोनेशिया शामिल हुआ। इस तरह ब्रिक्स में 11 सदस्य हो गए। इसके 10 पार्टनर भी हैं... तीन साल पहले, रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने बताया था कि 41 देशों ने ब्रिक्स की सदस्यता के लिए आवेदन किया है। तो यह काफी बड़ी संख्या है। और अगर 41 सदस्यों को शामिल किया जाता है, तो यह संयुक्त राष्ट्र की महासभा का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा... आज ब्रिक्स 'ग्लोबल साउथ' पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक अंतर-महाद्वीपीय संगठन भी बन गया है। कुछ देशों का तर्क है कि हमें और सदस्यों को शामिल करना चाहिए। लेकिन एक बहुपक्षीय समूह में, आप किसी को सदस्य बनने से मना नहीं कर सकते। एक बार जब आप सदस्य बन जाते हैं, तो आपको मोटे तौर पर चार्टर का पालन करना होता है। ब्रिक्स का कोई चार्टर नहीं है। यह अंतर-सरकारी नेताओं की बैठक है, वे कुछ घोषणाएं करते हैं, और अगले एक साल तक उन पर काम करते हैं, और फिर एक और शिखर सम्मेलन होता है... कुछ देश सुझाव देते हैं कि पाकिस्तान, तुर्की, वियतनाम या अन्य देशों को सदस्यता दी जानी चाहिए। युगांडा, नाइजीरिया, मैक्सिको जैसे देशों को ब्रिक्स का हिस्सा बनाने का प्रस्ताव है। पिछले साल ही भारत और पाकिस्तान के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान संघर्ष हुआ था, जिसमें तुर्की ने पाकिस्तान को हथियार सप्लाई किए थे। इसलिए अगर किसी अन्य सदस्य देश द्वारा सदस्यता का मुद्दा उठाया जाता है, तो स्थिति वास्तव में समस्याग्रस्त हो सकती है। दूसरा मुद्दा यह है कि क्या इस पर नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में चर्चा की जानी चाहिए या हम इस पहलू को कुछ समय के लिए टाल दें। अभी तक, कोई आम सहमति नहीं बनी है। जहां तक ​​UAE-ईरान संघर्ष की बात है, तो वह एक अटका हुआ मुद्दा है। लेकिन इस पर तर्क यह है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के लिए ब्रिक्स जिम्मेदार नहीं है। यह अमेरिका-इजरायल-ईरान का संघर्ष है…
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गड्ढे के झटके से जिंदा बचे मरीज, ऋषिकेश में हड़कंप

Rishikesh, Uttarakhand:हरिद्वार के ऋषिकेश में एक अजीबो-गरीब वाकया सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। श्यामपुर फाटक के पास एक गहरे गड्ढे में एंबुलेंस के उछलने से मरीज के जीवन के संकेत उभर आए। अस्पताल से मल्टी-ऑर्गन डैमेज के मरीज को लेकर परिजन घर लौट रहे थे; परिजनों को लगा कि मरीज की सांसें थम चुकी हैं, इसलिए शव वाहन बुक कर लिया गया था। लेकिन गड्ढे के कारण एंबुलेंस को झटका लगा और मरीज ने आंखें खोल दीं। इसके बाद शहर में चर्चा फैल गई कि सड़क के गड्ढे ने मुर्दे को जिंदा कर दिया। एम्स ऋषिकेश ने स्पष्ट किया कि मरीज को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित नहीं किया गया था; मरीज की हालत बेहद गंभीर है और उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार मल्टी-ऑर्गन डैमेज का मतलब सीधे तौर पर मृत्यु नहीं होता।
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बेगूसराय में बाढ़ की आपदा: घरों में पानी, राहत की मांग तेज

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में बाढ़ का कहर अब भी जारी है। गंगा के जलस्तर में भले ही थोड़ी कमी आई हो, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नगर निगम क्षेत्र के सिहमा स्थित वार्ड नंबर 18 में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है। हालात ऐसे हैं कि लोग अपने ही घरों में चौकी डालकर रहने को मजबूर हैं। वहीं कई परिवार पानी के बीच तंबू लगाकर किसी तरह जिंदगी गुजार रहे हैं। करीब 500 घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की बात सामने आ रही है, जबकि हजारों लोग प्रभावित हैं। बाढ़ की भयावह तस्वीरों ने प्रशासनिक इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीरें बेगूसराय के नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 18 की हैं, जहां बाढ़ ने लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। घरों के अंदर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जिसके कारण लोगों को चौकी के ऊपर बैठकर और सोकर समय गुजारना पड़ रहा है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनके घर पानी से घिर चुके हैं और वे घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। वहीं कुछ लोग पानी के बीच तंबू लगाकर किसी तरह अपना और अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 18 में करीब 500 घर बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं और हजारों लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि गंगा के जलस्तर में थोड़ा कमी जरूर आई है, लेकिन इलाके में अब भी बाढ़ का पानी फैला हुआ है और लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती बनी हुई है। बाढ़ के पानी ने लोगों के घर, सड़क और आसपास के इलाकों को जलमग्न कर दिया है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई दिनों से वे पानी के बीच रहने को मजबूर हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान तथा जरूरी सुविधाओं की जरूरत है। इसी दौरान हमारे संवाददाता जितेंद्र कुमार ने नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 18 का जायजा लिया। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों ने जी मीडिया के कैमरे के सामने अपना दर्द बयां किया और बाढ़ के कारण हो रही परेशानियों को बताया। बेगूसराय के सिहमा स्थित वार्ड नंबर 18 में बाढ़ की तस्वीरें साफ बता रही हैं कि पानी भले ही थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन लोगों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है। घरों में पानी और चारों तरफ फैली बाढ़ के बीच लोग किसी तरह अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। जरूरत है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत और जरूरी सुविधाएं जल्द से जल्द पहुंचाई जाएं。
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झारखंड में मोदी जन्मदिन पर एक माह चलेगा सेवा-समर्पण अभियान

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित करने की तैयारी में । सेवा और संकल्प अभियान के तहत जन कल्याण से जुड़े कार्यक्रम होगें आयोजित ... विरोधियों ने साधा निशाना झारखंड में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प सभी। के तहत एक माह तक कार्यक्रमों की श्रृंखला के जरिए जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। केंद्र सरकार की उपलब्धियां, योजनाओं और पीएम मोदी के जनसेवा संदेश को गांव गांव ,घर घर ,जन जन तक पहुंचाने में जुटेंगे बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता तो विरोधी तंज कसने और निशाना साधने की तैयारी में हैं 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प मनाने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता केके गुप्ता ने कहा कि मुख्य रूप से सेवा को माध्यम बनाया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के बीच जिस तरीके से 25 वर्षों तक काम किया है इस को हम अभियान बनाकर आगे बढ़ रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए तंज कसा है। बीजेपी जिस तरीके की राजनीतिक दल है सेवा उनकी डिक्शनरी में नहीं है और कोई संकल्प नाम की चीज भी नहीं। और अगर संकल्प है भी तो सिर्फ सत्ता हथियाना। क्योंकि अगर सेवा की भावना होती तो आज देश की यह हालत नहीं होती चारों ओर बेरोजगारी महंगाई और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर भी देश पीछे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज देश 25 वर्ष पीछे चला गया इधर बीजेपी के सेवा और संकल्प अभियान पर कांग्रेस ने भी कटाक्ष किया है। कांग्रेस नेता किशोर शाह देव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने नेताओं का महिमा मंडल करने में माहिर है वह भले ही इस सेवा और संकल्प का अभियान बना ले लेकिन हालत किसी से छुपी नहीं हैं।बेरोजगारी महंगाई चरम पर है,रुपया का वैल्यू गिर गया है। विदेश के आगे भारत झुकने पर मजबूर है और यह लोग माहिमामंडल कर रहे हैं
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