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Hardoi241001

Hardoi - मोबाइल शॉप में चोरी की घटना, सीसीटीवी में कैद

Jan 19, 2025 08:46:02
Hardoi, Uttar Pradesh

हरदोई-चोर की करतूत सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद,चोर ने मोबाइल चोरी की घटना को दिया अंजाम,लगभग 18000 रुपए का मोबाइल किया चोरी,मां पूर्णागिरि मोबाइल शॉप से मोबाइल किया चोरी,नगर में चोरी की घटनाओं पर नहीं लग रहा अंकुश,शाहाबाद कोतवाली के मौलागंज का मामला । 

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Jan 30, 2026 15:52:54
Pilibhit, Uttar Pradesh:तस्वीरे गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के ग्रह जनपद पीलीभीत से आई है यहां पूरनपुर तहसील स्थित चीनी मिल पर किसानों ने गन्ना राज्यमंत्री का पुतला फूंक कर बीते 6 दिनों से बन्द पड़ी चीनी मिल को चालू करवा कर गन्ने की तौल करायेजाने की मांग की है, किसानों का आरोप है कि किसान बीते कई दिनों से मिल के बाहर गन्ने से लदी टैक्टर ट्रालियां लेकर लाइनों में खड़े है लेकिन किसानो के गन्ने की तौल नही हो पा रही है। यदि दो दिनों के भीतर किसानो की सुनवाई नही हुई तो फैक्ट्री के बाहर किसान बड़ी संख्या में आंदोलन करेंगे। गन्ना किसान हरजिन्दर का आरोप है पिछले चार पांच दिनो से चीनी मिल बन्द है,यहां स्थाई जीएम नियुक्त नही है, यहां कोई अधिकारी सुनने को तैयार नही है, पिछले 6 दिनों से ट्रालियों की लाइनें लगी हुई है, कोई राजनैतिक व्यक्ति नेता सुनने को तैयार नही है, गन्ना किसान परेशान है,,
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Jan 30, 2026 15:52:49
Partawal, Uttar Pradesh:महराजगंज, 30 जनवरी 2025। संयुक्त सचिव, सहकारिता विभाग, भारत सरकार एवं विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के विशेष रोल प्रेक्षक सिद्धार्थ जैन, आईएएस ने शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र पनियरा के अंतर्गत विकास खंड परतावल में मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई हेतु निर्धारित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विशेष रोल प्रेक्षक ने सुनवाई प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण की सुनवाई पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शुचितापूर्ण तरीके से की जाए। उन्होंने सुनवाई स्थल पर उपस्थित मतदाताओं से संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों एवं सुझावों की जानकारी भी ली। प्रेक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा हेल्प डेस्क के माध्यम से प्रत्येक आवेदक को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके उपरांत विशेष रोल प्रेक्षक द्वारा जनपद में एसआईआर के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने डिस्ट्रिक्ट कॉन्टैक्ट सेंटर का निरीक्षण कर प्राप्त शिकायतों, उन पर की गई कार्यवाही तथा लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। अंत में विशेष रोल प्रेक्षक ने जनपद की पाँचों विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में सभी ईआरओ द्वारा विधानसभा-वार अब तक की प्रगति से अवगत कराया गया। वहीं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एसआईआर प्रक्रिया में जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए सतत संवाद एवं बेहतर समन्वय की सराहना की। इस अवसर पर विशेष रोल प्रेक्षक श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की मंशा शुद्ध, त्रुटिरहित एवं समावेशी निर्वाचक नामावली तैयार करना है, जिसके लिए प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं गहन पर्यवेक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ईआरओ को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करते हुए गुणवत्तापूर्ण नामावली तैयार की जाए तथा राजनीतिक दलों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से एसआईआर प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग का अनुरोध किया। इस दौरान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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SSSHARVAN SHARMA
Jan 30, 2026 15:49:24
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली झ झाडखेड़ी में श्मशान घाट से म्रतक की अस्थियां उठाए जाने का मामला से तनाव का माहौल है।वही परिजनों में भारी आक्रोश है।वही पीड़ितों के साथ अब साधु संत भी कार्यवही की मांग कर रहे हैं जबकि पीड़ित ने इस संबंध में कोतवाली कैराना में तहरीर देकर आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।हालाकि पुलिस अभी कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बच रहे है। आप को बता दे कि जनपद की कैराना कोतवाली क्षेत्र के गाव झारखेड़ी निवासी मिथुन का निधन हो गया था ।जिसका अंतिम संस्कार हिन्दू रीतिरिवाज के अनुसार किया गया।वही श्मशान घाट से कुछ लोगों द्वारा उनकी अस्थियां ही उठा ली है।म्रतक के पीड़ित बेटे गोपाल ने बताया कि, उसके पिता मिथन सिंह का निधन 29 जनवरी को हुआ था। उसी दिन परिजनों द्वारा गांव के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 30 जनवरी को जब गोपाल अपने परिजनों एवं ग्रामीणों के साथ अस्थि संग्रह के लिए श्मशान घाट पहुंचा, तो वहां अस्थियां अस्त-व्यस्त अवस्था में पाई गईं।ग्रामीणों के अनुसार, 29 जनवरी की सुबह लगभग 11 बजे कलसूम पत्नी शब्बीर अपने कुछ साथियों के साथ श्मशान घाट पहुंचे और वहां रखी अस्थियां जबरन उठाकर साथ ले गईं। आरोप है कि ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद अस्थियां वापस नहीं की गईं। घटना से पीड़ित परिवार सदमे में है। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक की अस्थियों के साथ की गई हरकत से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। गांव में आक्रोश का माहौल है तथा किसी भी समय अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। पीड़ित ने पुलिस से आरोपितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने एवं अस्थियां बरामद कराकर सौंपने की मांग की है, ताकि वह अपने पिता की अस्थियों को विसर्जित कर सके। वही घटना के बाद ग्राम ऊंचागांव के महाराज डॉ. योगी गौतम नाथ सैकड़ों ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंचे और कैराना पुलिस से मुलाकात कर शीघ्र खुलासा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।वहीं इस मामले में मामला दो समुदाय का होने के चलते पुलिस अभी कुछ भी कैमरे के सामने बोलने से बच रही है।
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ACAshish Chaturvedi
Jan 30, 2026 15:47:12
Karauli, Rajasthan:पॉजिटिव सोच की मिसाल बनी सिंघानिया गांव की बुजुर्ग महिला रामप्यारी देवी। जिला करौली। शिक्षा के लिए एक अनोखी मिसाल सामने आई है। 80 साल की रामप्यारी देवी ने अपने जीवनभर के जमा किए गए 6 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने बेचकर सरकारी स्कूल में कक्षा-कक्ष निर्माण करवाने का फैसला लिया है। गांव सिंघनिया में शिक्षा के प्रति त्याग और समर्पण की यह कहानी प्रेरणा बन गई है। रामप्यारी देवी ने अपने निजी आभूषण बेचकर गांव के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नया कमरा बनवाने का संकल्प लिया है। रामप्यारी का जीवन संघर्षों से भरा रहा। विवाह के कुछ समय बाद ही पति से तलाक हो गया और तब से वह अपने पीहर में रह रही हैं। लेकिन कठिनाइयों के बावजूद उनका सपना यही रहा कि गांव का कोई भी बच्चा, चाहे बेटी हो या बेटा, शिक्षा से वंचित न रहे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूरा गांव स्कूल परिसर में मौजूद था, उसी दौरान रामप्यारी देवी ने सैकड़ों लोगों के सामने 6 लाख रुपए की लागत से कक्षा-कक्ष निर्माण की घोषणा कर सभी को भावुक कर दिया। अगले ही दिन उन्होंने गांव के पंच-पटेल और ग्रामिणों को साथ लेकर बाजार जाकर अपने सोने-चांदी के गहने बेच दिए और पूरी राशि स्कूल निर्माण के लिए सौंप दी। रामप्यारी देवी का कहना है कि उनके बचपन में स्कूल नहीं थे, इसलिए वह पढ़ नहीं पाई। आज सरकार ने अच्छे इंतज़ाम किए हैं, वह चाहती है कि उनके गांव का कोई भी बच्चा पढ़ाई से पीछे न रहे। स्कूल में बैठने के लिए कमरे हों, यही उनका सपना है। रामप्यारी देवी की इस पहल से गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों और स्कूल प्रशासन ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान बताया है। जहां एक ओर लोग अपने गहने सहेजकर रखते हैं, वहीं सिंघनिया की रामप्यारी देवी ने उन्हें बेचकर भविष्य गढ़ने की नींव रख दी।
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RKRishikesh Kumar
Jan 30, 2026 15:46:59
CHANDI, Harnaut, Bihar:देश की राजनीति में महात्मा गाँधी के विचारों और आदर्शों का अक्सर उल्लेख किया जाता है। हर दल अपने-अपने हिसाब से गाँधीवाद को अपनाने और उनके नाम पर राजनीति करने से पीछे नहीं रहता, लेकिन जब बात महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने की आती है, तो वही राजनीतिक दल और जिम्मेदार विभाग पूरी तरह खामोश नजर आते हैं। 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि के अवसर पर बिहारशरीफ स्थित गाँधी पार्क में उनकी प्रतिमा पर न तो श्रद्धा के फूल चढ़ाए गए और न ही किसी प्रकार का स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह स्थिति तब है, जब यह पार्क वन एवं पर्यावरण विभाग के अधीन आता है। इसके बावजूद विभाग की ओर से गाँधी जी को याद करने का कोई औपचारिक प्रयास नहीं किया गया। बिहारशरीफ नगर निगम प्रशासन भी कोई प्रयास नहीं किया.स्थानीय नागरिकों का कहना है कि साल भर गाँधी जी के नाम पर भाषण देने और उनके सिद्धांतों की दुहाई देने वाले नेता और अधिकारी आज उन्हें पूरी तरह भूल गए। न कोई साफ-सफाई की व्यवस्था दिखी, न कोई माल्यार्पण और न ही दो शब्दों की श्रद्धांजलि। इससे यह सवाल उठता है कि क्या गाँधी केवल राजनीतिक मंचों तक ही सीमित रह गए हैं? गाँधी पार्क में पसरी उदासीनता यह दर्शाती है कि राष्ट्रपिता के प्रति सम्मान केवल कागजों और बयानों तक सिमट कर रह गया है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने इस उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार विभागों से जवाबदेही तय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भी उन्हें याद नहीं किया जाता, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता है, बल्कि राष्ट्र के मूल्यों के प्रति भी एक गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.
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NMNitesh Mishra
Jan 30, 2026 15:46:38
Dhanbad, Jharkhand:केंद्र सरकार के द्वारा UGC कानून लाने के बाद स्वर्ण समाज मे भारी आक्रोश देखा जा रहा है।स्वर्ण समाज के लोग इसे वापस लेने की माँग केंद्र सरकार से कर रहे।हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस कानून पर रोक लगा केंद्र सरकार से जवाब माँगा है।लेकिन स्वर्ण समाज UGC कानून को वापस लेने पर अड़ गये है।धनबाद में भी स्वर्ण समाज इसे लेकर विरोध कर रहे है।स्वर्ण समाज ने डुमरा स्थित राजबाड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में बैठक कर UGC कानून का विरोध कर चरणबद्ध आंदोलन करने की रणनीति बनाया।बैठक की अध्यक्षता पप्पू सिंह ने किया।विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक शामिल लोगों ने केंद्र सरकार के प्रति विरोध जताते हुए UGC कानून को स्वर्ण समाज के लिये खतरा बताया।जिला मुख्यालय में एक विशाल जनसभा का आयोजन का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्र सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती।यह संघर्ष शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा।बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि इसे काला कानून मानते है।वही भाजपा पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि UGC का विरोध कोई मुद्दा नहीं है।अगर कही गलती हुई है तो सुप्रीम कोर्ट ने ठीक करने का निर्देश दिया है।इसे बिना वजह तूल दिया जा रहा है。
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KCKumar Chandan
Jan 30, 2026 15:46:20
Ranchi, Jharkhand:झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 30-35 किमी की दूरी पर ओरमांझी ब्लॉक में आदर्श गांव है, गांव नशा मुक्ति, जल संरक्षण, और आत्मनिर्भरता के लिए जाना जाता है. ग्रामीणों ने श्रमदान के दम पर शराबबंदी, जंगल की रक्षा, जैविक खेती, और पशुपालन को अपनाया है. इस गांव में गांव के लोगों ने ही पूरी तरह से नशा मुक्ति को अपनाया है. नशा मुक्ति में यहां की महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया , जिसके कारण गांव पूरी तरह से नशा मुक्त हुआ. राजधानी रांची से लगभग 45 से 50 किलो मीटर की दूरी पर अवस्थित आरा केरम गांव ... गांव में प्रवेश करते ही आपको गांव की तस्वीर समझ में आ जाएगा... पहाड़ की गोद में बसे इस गांव में कभी लोग जीवन यापन के लिए संघर्ष करते थे, जंगल से लकड़ी काट कर लाते थे और उसी को बेच कर किसी तरह जीवन का गुजारा होता था. आज गांव की तस्वीर बदली हुई है , गांव खुशहाल है , आरा केरम का कोई भी व्यक्ति काम और रोजगार की तलाश में पलायन नहीं करता। इस गांव में पूरी तरह से नशा बैन है। गांव के बाहर ही बोर्ड लगा है जिस पर स्पष्ट लिखा है ... इस गांव में श्रमदान अनिवार्य है नशा बंदी है लोटा बंदी है यानि खुले में शौच मुक्त गांव है चराई बंदी है यानि गांव में खुले में जानवर चराई के लिए नहीं छोड़ सकते हैं कुल्हाड़ी बंदी है यानि बेवजह पेड़ नहीं काट सकते साथ ही नशा बंदी का पालन नहीं करने पर गांव में जुर्माना का प्रावधान है। इस गांव में लोग के जीवन यापन के मुख्य जरिया खेती है और गांव के लोग आधुनिक तरीके से खेती करते हैं। इस गांव में बच्चों के पढ़ाई के लिए भी ग्राम सभा ने हॉस्टल का इंतजाम किया है, जहां 50 से 60 बच्चे रह कर पढ़ाई करते हैं, इस हॉस्टल में शिक्षकों की भी व्यवस्था है , जो बच्चों को पढ़ाते हैं. गांव में जो स्कूल है उसमें सरकार की तरफ से शिक्षक तो नियुक्त हैं ही , अलग से भी इस स्कूल को लिए 4 प्राइवेट शिक्षकों का इंतजाम ग्राम सभा ने किया है । इन शिक्षकों को भुगतान भी ग्राम सभा की तरफ से किया जाता है. गांव के ही बाबू राम गोप बताते हैं , आरा केरम गांव की स्थिति 2016 से पहले बहुत खराब था, पहाड़ की तराई में गांव बसा है और जंगल की लकड़ी पर ही जीवन यापन निर्भर था । तब गांव के लोगों ने वन पर्यावरण के लिए एक समिति बनाया था जो जंगल की निगरानी करता था। फिर 2016 में गांव के लोगों ने ग्राम सभा को मजबूत कर गांव के नियम में बदलाव किया। पहले गांव के लोग किसी भी त्यौहार में एक महीने तक लगे रहते थे और उस दौरान नशा पान भी खूब करते थे , तब गांव वालों ने तय किया एक ही दिन पर्व मनाया जाएगा और अब गांव को नशा मुक्त कर दिया गया है, नशा बंदी से गांव में विकास हुआ है । नशा से निगेटिव सोच आता था और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर कुछ भी नहीं सोचते थे। इसके साथ ही श्रम दान, लोटा बंदी , हर व्यक्ति शौचालय में ही शौच जाते हैं। चराई बंदी है, गांव में पानी की व्यवस्था किया गया इसके लिए पहाड़ से निकलने वाले पानी को गांव तक लाया , जल संचयन का इंतजाम किया। जगह जगह वर्ष जल पानी को भी रोकने का काम किया जिससे जल स्तर अच्छा हुआ और अब गांव के लोग एक फसल की जगह तीन फसल की बुआई करते हैं।इससे गांव के लोग आत्मनिर्भर बन रहे गांव संवर्धि की तरफ जा रहा, बाहर भी लोग काम के लिए नहीं जाते हैं। गांव के लोग नशा बंदी के बाद स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी ध्यान दे रहे हैं. गांव के ही रामदास महतो बताते हैं अब गांव ने कोई नशा पान नहीं कर रहा उसका फर्क दिखता है, गांव में लोग अपने बाल बच्चों के पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं , रहन सहन बदला है। गांव भी खुशहाल है। यहाँ के बच्चे जो पढ़ाई से पिछड़ गए वो अब खेती बड़ी में ध्यान दे रहे हैं। रामदास महतो बताते हैं वो 10 एकड़ में खेती करते हैं और एक एकड़ में कम से कम तीन से चार लाख आता है , अगर मौसम साथ दिया उचित कीमत मिला तो एक एकड़ में पांच लाख तक भी आता है। गांव के कन्हैया खरवाड़ बताते हैं , खेती करते हैं डेढ़ एकड़ में खेती करते हैं और उससे अच्छा जीवन यापन चलता है, कहीं बाहर जाने से अच्छा है। गांव में कोई नशा नहीं करता है अगर कोई नियम का पालन नहीं करता है तो जुर्माना का प्रावधान है। गांव के ग्राम प्रधान भी बताते हैं हमारा गांव दूसरे गांव से बहुत आगे निकल चुका है और ये गांव सरकार को भी दिशा निर्देश देते हैं। साप्ताहिक ग्राम सभा इस गांव में होता है और हर काम का निर्णय ग्राम सभा में ही होता है। ग्राम सभा की सात समिति है सब की जिम्मेदारी है। गांव की तारा मुनि मुंडा बताती है इस गांव में कहीं हड़िया दारू नहीं बनता है और गांव के लोग शराब नहीं पीते हैं। शराब पीने वाले को डांट मिलता है। पुरुष पी कर आने पर घर में झगड़ा करता था अब शराब बंदी है। सब चाहता है बंदी रहे, इससे गांव का विकास भी हो रहा है. गांव की ही जयंती देवी बताती हैं इस गांव में कोई पीटा खाता नहीं है, यह गांव नशा मुक्त है, इस गांव में कहीं बनता भी नहीं है। गांव के रामलखन पाहन बताते हैं पहले बाहर काम करने जाते थे अब गांव में ही काम मिलता है यहीं रहते हैं , खेती करते हैं। रंजीत बेदिया भी बताते हैं गांव में ही काम करते हैं यहां श्रमदान लोग करते हैं, पहाड़ के पानी को रोक कर सिंचाई के लिए लाते हैं, खेती में इस्तेमाल करना है। अर्जुन खरवार बताते हैं गांव में इतनी खेती होती है बाहर जाने का जरुरत नहीं पड़ता है। गांव के लिए कई नियम बने हैं सब को पालन करना होता है।
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PKPrashant Kumar
Jan 30, 2026 15:46:02
Munger, Bihar:बजट से बिहार को बड़ी उम्मीद, विकसित भारत में योगदान के लिए स्पेशल पैकेज की मांग: जमुई सांसद मुंगेर: एक फरवरी को प्रस्तुत होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर बिहार में खासा उत्साह और उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। जमुई सांसद अरुण भारती ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में बिहार की अहम भूमिका हो सकती है। इसके लिए बिहार को विशेष पैकेज दिया जाना आवश्यक है, ताकि राज्य अपने विकास की गति को और तेज कर सके। उन्होंने कहा कि पिछले दो केंद्रीय बजटों में बिहार को मिले सहयोग से राज्य के विकास को नई दिशा मिली है। बुनियादी ढांचे, सड़क, रेल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसी कड़ी में आने वाले बजट से भी बिहार को स्पेशल पैकेज मिलने की अपेक्षा है, जिससे राज्य जीडीपी ग्रोथ के मामले में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। सांसद ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर उत्पन्न आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की जिम्मेदारी वित्त मंत्री के कंधों पर है। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि यह बजट न केवल भारत को आगे ले जाएगा, बल्कि बिहार के विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।
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DDDeepak Dwivedi
Jan 30, 2026 15:45:27
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ANAJAY NATH
Jan 30, 2026 15:45:18
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