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IHIslam HashmiFollow28 Dec 2024, 11:13 am

हरदोईः टड़ियावां के थाना समाधान दिवस पर 18 शिकायतों में 4 का मौके पर किया गया निस्तारण

Atwa Kataiyn, Uttar Pradesh:

हरदोई के थाना कोतवाली टड़ियावां परिसर में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन नायबतहसीलदार और थानाध्यक्ष टड़ियावां की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। समाधान दिवस में कुल 18 शिकायतें मिली जिसमें राजस्व से संबंधित 14 और पुलिस से संबंधित 4 शिकायतें हैं। राजस्व विभाग की एक और पुलिस से संबंधित तीन शिकायत का मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं राजस्व विभाग से संबंधित अन्य फरियादियों की शिकायतों का समाधान न हो पाने के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा। टड़ियावां नायब तहदीलदार ने शेष 13 शिकायतों को जनसुनवाई कर राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा सामंजस बनाकर उन्हें जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए। एसओ अमित सिंह ने चौकी प्रभारियों, हल्का और बीट प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

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अनंतनाग में जमीयत अहले हदीस का अज़मत-ए-सहाबा सम्मेलन प्रशासन की निगरानी में

Noida, Uttar Pradesh:जमीयत अहले हदीस ने अनंतनाग के वीरि गांव में ‘अज़मत-ए-सहाबा’ कॉन्फ्रेंस आयोजित की। जमीयत अहले हदीस जम्मू-कश्मीर ने दक्षिण क Kashmir के अनंतनाग ज़िले में “अज़मत-ए-सहाबा” (यानी पैगंबर मुहम्मद के साथियों की महानता) नाम से एक धार्मिक कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। यह कार्यक्रम अनंतनाग की बिजबेहारा तहसील के वीरि गांव (जिसे वीरगाम भी कहा जाता है) के स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुआ। इस सभा में पैगंबर मुहम्मद और उनके साथियों की महानता और उनकी शिक्षाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही, अहले हदीस परंपरा के तहत इस्लामी इतिहास, धर्मशास्त्र और संबंधित विषयों पर भाषण दिए गए। संगठन से जुड़े स्थानीय और अन्य विद्वानों ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। वक्ताओं में वीरि गांव के प्रमुख स्थानीय अहले हदीस विद्वान मौलाना मुश्ताक अहमद वीरी भी शामिल थे, जो दशकों से इस इलाके में जमीयत की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। जमीयत अहले हदीस जम्मू-कश्मीर एक सलाफी/अहले हदीस धार्मिक संगठन है जिसका मुख्यालय श्रीनगर में है। यह मुख्य रूप से दावत (इस्लाम का प्रचार-प्रसार), इस्लामी शिक्षा और संबंधित गतिविधियों में लगा हुआ है। यह पूरे क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज चलाता है और धार्मिक कॉन्फ्रेंस आयोजित करता है। इलाके के पुलिस प्रमुख और अन्य अधिकारियों सहित पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का दौरा किया। इससे पता चलता है कि स्थानीय प्रशासन को इस सभा के बारे में जानकारी थी। कश्मीर में इस समूह द्वारा आयोजित नियमित धार्मिक कार्यक्रम आमतौर पर ज़रूरी मंज़ूरी मिलने के बाद ही होते हैं। ऐसी कोई खबर नहीं है कि यह कॉन्फ्रेंस बिना मंज़ूरी के आयोजित की गई हो या इसमें कोई आधिकारिक बाधा आई हो। ज़िले के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रशासन की पूर्व मंज़ूरी के बिना ऐसी सभाएं नहीं होती हैं। इस कार्यक्रम की कवरेज मुख्य रूप से संगठन के सोशल मीडिया और फेसबुक वीडियो तक ही सीमित रही, जिनमें इसके धार्मिक विषय पर ज़ोर दिया गया। मौलाना मुश्ताक अहमद वीरी को पहले भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, जिसमें युवाओं को भड़काने के आरोप में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में लिया जाना शामिल है — इनमें से कुछ हिरासत आदेशों को बाद में हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग पुलिस ने कॉन्फ्रेंस में उनके भाषण और अन्य गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "अभी तक 'अज़मती सहाबा' सम्मेलन से जुड़ी किसी भी राष्ट्र-विरोधी गतिविधि, देशद्रोही सामग्री या भड़काऊ भाषण की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह सहाबा (पैगंबर के साथियों) से जुड़े विषयों पर केंद्रित एक सामान्य धार्मिक सम्मेलन था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि स्थानीय ज़िला प्रशासन ने पुलिस रिकॉर्ड के लिए पूरे भाषणों की रिकॉर्डिंग की थी, जबकि सार्वजनिक मीडिया कवरेज सीमित रहा।" संक्षेप में, यह कार्यक्रम अनंतनाग में 'जमीयत अहले हदीस' द्वारा आयोजित एक पारंपरिक धार्मिक सभा थी, जो पैगंबर (PBUH) के साथियों की महानता के विषय पर केंद्रित थी। इसमें स्थानीय विद्वान मौलाना मुश्ताक अहमद वीरी शामिल थे और यह कार्यक्रम प्रशासन की निगरानी में आयोजित किया गया था
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नेपाल त्रासदी के बीच गंडक नदी जलस्तर बढ़ा, बिहार में सतर्कता बढ़ी

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Bagaha, Bihar:नेपाल से निकलने वाली नारायणी गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने को लेकर अलर्ट के बाद जहाँ रविवार शाम नदी का जलस्तर 1.80 लाख क्यूसेक पार कर गया लिहाजा सूचना पर आनन-फानन में वाल्मीकिनगर के जेडीयू सांसद सुनील कुमार और बगहा SDM चांदनी कुमारी गंडक बराज पहुंचे। SDM के साथ सांसद ने बांध का निरीक्षण किया वहीं नदी के जलस्तर को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश नेपाल में आई आपदा के कारण केंद्र और राज्य सरकार नेपाल के साथ खड़ा है और घटना पर गहरी संवेदना है। दरअसल रविवार को वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से लगातार जलस्तर में वृद्धि की सूचना पर SDM और MP पहुंचे। हालांकि अब देर रात से नदी के जलस्तर और डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है क्योंकि अभी 1 लाख 31 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। जिसके बाद निचले इलाकों में थोड़ा दिक्कत आ सकती है लिहाजा प्रशासन अलर्ट मोड में माइकिंग कर तैयारी में जुटा है, तभी तो सांसद सुनील कुमार ने जिले वासियों को भरोसा दिलाया है कि आपदा की हर घड़ी से निपट लिया जाएगा, घबराएं नहीं, सजग रहें। बताया जा रहा है कि नेपाल की त्रिशूली नदी में आए उफान के बाद गंडक नदी का जलस्तर 1 लाख 80 हजार क्यूसेक तक बढ़ा था लेकिन अब जलस्तर में कमी आई है। आज पांचवें दिन सुबह से ही गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है; दोपहर 2 बजे ही डेढ़ लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। शाम में जलस्तर बढ़कर 1.80 लाख पहुंचा लेकिन अब घटकर 1.31 लाख हो गया है। यहीं वजह है कि सांसद सुनील कुमार के साथ SDM चांदनी कुमारी वाल्मीकिनगर पहुंचे। दोनों ने एक साथ गंडक बराज नियंत्रण कक्ष समेत नदी के जलस्तर का जायजा लिया। सांसद ने कहा कि नेपाल में हुई त्रासदी से लोग भयभीत हुए लेकिन बिहार सरकार और भारत सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ नेपाल के साथ खड़ा है और पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन चुस्त-दुरुस्त होकर 24 घंटे मॉनिटरिंग में जुटा है। JDU सांसद सुनील कुमार ने कहा कि ईश्वर पर भरोसा है, हम लोग इस कठिन दौर से जल्द निकलेंगे, भरोसा रखिए, घबराइए नहीं, सजग और सतर्क रहें, यहां कुछ नहीं होगा। बाइट- सुनील कुमार, जेडीयू सांसद, 01 वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र बिहार
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दयालबंद में भाई-विवाद के बाद युवक टावर पर चढ़ा, दो घंटे बाद नीचे उतरा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के दयालबंद में उस समय हड़कंप मच गया, जब भाई से विवाद के बाद नाराज एक युवक घर से निकलकर बिजली के टावर पर जा चढ़ा। युवक को ऊंचाई पर बैठा देखकर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। करीब दो घंटे तक मोहल्लेवासी उसे समझाकर नीचे उतरने के लिए मनाते रहे, लेकिन वह टावर से नीचे आने को तैयार नहीं हुआ। दो युवकों ने बातचीत कर किसी तरह उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद पुलिस युवक को थाने लेकर गई और पूछताछ के बाद उसे परिजन के हवाले कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार दयालबंद स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे रहने वाले कुंदन केसरी का किसी बात को लेकर अपने भाई से विवाद हो गया। विवाद के बाद कुंदन काफी नाराज हो गया और घर से कुछ दूर वह नदी किनारे गुरुनानक स्कूल के पास स्थित बिजली के टावर पर चढ़ गया। युवक को टावर पर चढ़ा देखकर आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद मोहल्लेवासी मौके पर पहुंचे गए और कुंदन को नीचे उतरने के लिए समझाने लगे। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग लगातार उससे बातचीत कर उसे नीचे आने के लिए मनाते रहे, लेकिन वह काफी देर तक टावर पर ही बैठा रहा। करीब दो घंटे तक समझाइश का दौर चलता रहा। इस दौरान लोगों की चिंता बढ़ती जा रही थी। बाद में मोहल्ले के दो युवकों ने कुंदन से बातचीत की और उसे भरोसे में लेकर किसी तरह टावर से नीचे उतार लिया। उसके नीचे उतरते ही लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने युवक से पूछताछ कर विवाद और टावर पर चढ़ने के कारणों की जानकारी ली। पूछताछ के बाद पुलिस ने युवक को उसके परिजन के सुपुर्द कर दिया।
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युवाओं की रंजिश में दिनदहाड़े गोलीबारी, गांव में दहशत

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग युवाओं की रंजिश मे दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग से दहशत फैसले मे दो पक्षों में विवाद के बाद हुई कई राउंड फायरिंग कई महीने पूर्व युवकों के दो गुटों के बीच में हुआ था विवाद विवाद के फैसले के लिए इकट्ठा हुए थे दोनों पक्षों के युवा फैसले के दौरान दोनों पक्षों मे फिर शुरू हो गया विवाद युवकों का फायरिंग करते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल गोलियों की तड़तडाहट सुनकर घरों में दुबके ग्रामीण फायरिंग करते हुए भाग रहे दो युवकों को ग्रामीणों ने दबोचा पुलिस ने गांव से दोनों पक्षों के चार युवकों को लिया हिरासत मे फायरिंग में इस्तेमाल हथियार भी बरामद जांच में जुटी पुलिस सुचना पर एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक पहुँचे मौके पर थाना भोपा क्षेत्र के सिताबपूरी गांव का है मामला
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वाल्मीकिनगर में बाढ़: प्रशासन ने इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया

Bagaha, Bihar:नेपाल में सैलाब के बाद फल्ड रिटर्न्स टू में रविवार को इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बराज़ से 1 लाख 80 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी में उफ़ान आ गया लिहाजा आस पास के निचले औऱ दियारा के इलाकों समेत चकदहवा झंडू टोला बीन टोली औऱ कान्हा टोला में बाढ़ का पानी प्रवेश क़र गया हालांकि नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव के बीच अगले कुछ घंटे में पानी उतरने की भी संभावना है बावजूद इसके प्रशासन नें एहतियात के तौर पर निचले इलाकों को खाली क़र लोगों को सुरक्षित औऱ ऊँचे स्थानों पर पहुंचा दिया है वहीं अब सामुदायिक किचन की तैयारी चल रहीं है ताकि विस्थापित लोगों को आपदा की इस घड़ी में कोई दिक्क़त न हो । बता दें की वाल्मीकिनगर के भेड़िहारी मध्य विद्यालय प्रांगण में राहत शिविर पहले से बनाया गया है जहाँ बाढ़ पीड़ित या निचले इलाकों से विस्थापित लोगों को रहने सहने भोजन पानी औऱ दवाई की पूरी व्यवस्था ख़ुद डीएम तरनजोत सिंह के नेतृत्व में किया गया है जिसकी निगरानी बगहा SDM चांदनी कुमारी औऱ सीओ वसीम अकरम दल बल के साथ क़र रहें हैं वहीं SSB बाढ़ पीड़ित या निचले हिस्से से लोगो को शिफ्ट करने की कवायद में जुटी है ।
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जमुई के पतनेश्वर नदी में डूबे मजदूर की खोज में प्रशासनिक देरी पर आक्रोश

Jamui, Bihar:जमुई जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र के पतनेश्वर मंदिर के समीप रविवार की शाम किउल नदी में स्नान करने के दौरान एक मजदूर गहरे पानी में डूब गया। लापता मजदूर की पहचान सदर थाना क्षेत्र के अगहरा निवासी मुन्ना मांझी (32) के रूप में हुई है। घटना शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। दरअसल, गेस्ट हाउस की सीढ़ी की ढलाई का काम खत्म करने के बाद मुन्ना अपने बहनोई शंकर मांझी के साथ नदी में स्नान करने गया था, जहां कुछ देर बाद वह अचानक लापता हो गया।बताया जाता है कि दोनों साला-बहनोई नदी में स्नान कर रहे थे। इसके बाद शंकर मांझी नदी से बाहर निकल आया। जब उसने पीछे मुड़कर देखा तो मुन्ना कहीं दिखाई नहीं दिया। आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने शोर मचाया। शोर सुनकर अन्य मजदूर भी मौके पर पहुंचे और नदी में मुन्ना की तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। लिहाजा, मजदूरों ने इसकी सूचना संवेदक के मुंशी को दी और मुंशी ने मलयपुर थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी।सूचना मिलते ही मलयपुर थाना की प्रभारी थानाध्यक्ष स्वाति कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और वरीय अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। वहीं एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम को भी सूचना दिए जाने की बात प्रशासन की ओर से कही गई है।लेकिन बहरहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी रात में मुन्ना की तलाश के लिए कोई ठोस अभियान क्यों नहीं चलाया गया? परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम तत्काल नहीं पहुंच पा रही थी तो प्रशासन स्थानीय गोताखोरों की मदद ले सकता था। रात में रोशनी की व्यवस्था कर नदी में तलाश शुरू कराई जा सकती थी। मगर ऐसा कोई प्रयास नजर नहीं आया।एक तरफ किउल नदी की गहराई में मुन्ना की जिंदगी या उसकी लाश का कोई पता नहीं है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस पत्नी का सुहाग उजड़ने की आशंका में आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं, जिस मां की ममता अपने बेटे के लिए घटनास्थल पर तड़प रही है और जिस परिवार के सिर से पिता का साया उठने की आशंका ने पूरी जिंदगी को हिलाकर रख दिया है, उस परिवार पर इस वक्त क्या गुजर रही होगी, इसका अंदाजा शायद वही लगा सकता है जिसने अपना कोई अपना खोया हो।मुन्ना की मां चिंता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा काम करने के लिए पतनेश्वर आया था। काम खत्म करने के बाद वह नदी में स्नान करने गया और गहरे पानी में डूब गया। घटना करीब पांच बजे की है, लेकिन देर रात तक उसकी तलाश के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से अपने बेटे को जल्द से जल्द खोजकर निकालने की गुहार लगाई है।लिहाजा सवाल सिर्फ एक मजदूर के नदी में डूबने का नहीं, बल्कि उसके बाद उसे खोजने के लिए किए गए प्रयासों का भी है। अगर प्रशासनिक पदाधिकारियों को उस मां की ममता, उस पत्नी के सुहाग और उस परिवार की चिंता सताती, तो शायद रात में ही स्थानीय गोताखोरों की मदद से मुन्ना को जिंदा या मुर्दा तलाशने का प्रयास शुरू किया जाता। लेकिन रात बढ़ती गई और तलाश अभियान शुरू होने की उम्मीद भी धुंधली होती गई।स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद प्रशासनिक पदाधिकारी मौके से चले गए और रात में नदी के किनारे कोई प्रभावी खोजबीन अभियान नजर नहीं आया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर एक मजदूर की जिंदगी की कीमत कितनी है? क्या एनडीआरएफ या एसडीआरएफ टीम के आने तक उसके परिवार को यूं ही इंतजार करने के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए था?वहीं बरहट अंचलाधिकारी मयंक कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को सूचना दी गई है। टीम के पहुंचते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए मजदूर की तलाश कराई जाएगी।इस संबंध में मलयपुर थाना की प्रभारी थानाध्यक्ष स्वाति कुमारी ने कहा कि अभी घटना की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो पाई है। एनडीआरएफ टीम के आने तथा मामले की पुष्टि के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।बहरहाल, किउल नदी की गहराई में मुन्ना का कोई सुराग नहीं है और दूसरी ओर उसके परिजन पूरी रात इस उम्मीद में बैठे हैं कि शायद उनका बेटा जिंदा मिल जाए। लेकिन प्रशासन की ओर से रात में खोजबीन नहीं होने को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है।बाइट— चिंता देवी, लापता मजदूर की मां
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हाईप्रोफाइल मर्डर पर नया खुलासा: धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या का सच क्या है?

Noida, Uttar Pradesh:हाईप्रोफाइल मर्डर। धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या कर दी गई है। दुबग्गा के पास एक नहर में उनका शव मिला है। बताया जा रहा है कि फॉर्च्यूनर गाड़ी में ही गोली मारकर उनकी हत्या की गई। धीरेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे और लखनऊ के PGI इलाके में रह रहे थे। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है। प्रथम दृष्टया पुलिस जमीनी विवाद में हत्या किया जाना मान रही है पुलिस ड्राइवर और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है सूत्रों का दावा कुछ और भी लोग इस हत्याकांड के पीछे हैं इस हाई प्रोफाइल मर्डर से किसे फायदा होगा इस बात की पड़ताल की जा रही है प्रॉपर्टी के विवाद में हत्या का पहले से ही अंदाजा
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कानपुर में देवरों ने साली की गोली मारकर हत्या, विवाद का बदला

Kanpur, Uttar Pradesh:कैंट थाना क्षेत्र के शक्ति चौराहे के पास रविवार की शाम आपसी विवाद के बाद पति को मारे गए थप्पड़ का बदला लेने पहुंचे देवरो ने बीच-बचाव कर रही साली चांदनी को गोली मारकर हत्या कर दी। इलाके में हुई इस वारदात में मृतका की बड़ी बहन सरोजनी निषाद ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2020 में उन्नाव के गंगाघाट निवासी संतोष से उसकी शादी हुई थी और प्रताड़ना के चलते वह दो साल से मायके में रह रही थी, जबकि 2024 से दोनों का कोर्ट में केस चल रहा है। रविवार शाम करीब पांच बजे संतोष ससुराल आया था और विवाद के दौरान सरोजनी द्वारा उसे तमाचा मारे जाने के बाद वह धमकी देकर चला गया था। तमाचे का बदला लेने के लिए करीब दो घंटे बाद संतोष का भाई विनोद अपने दिल साथियों के साथ बाइक से तमंचे के साथ घर पहुंचा और हंगामा करते हुए पूछा कि उसके भाई को थप्पड़ किसने मारा है। विरोध करने और बीच-बचाव करने आगे आई सरोजनी की छोटी बहन चांदनी को संतोष ने पेट ने नीचे कमर के पास तमंचा सटाकर गोली मार दी, जिससे उसकी तीन वर्षीय बेटी के सामने ही वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए और परिजन घायल युवती को केपीएम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कैंट पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं, तथा शुरुआती जांच में पति-पत्नी के विवाद के बाद बदले की बात सामने आने पर पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
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Highway potholes endanger lives as Bolero-bike collision leaves uncle-nephew seriously injured

Ramgarh, Dohli, Rajasthan:हाईवे के गड्ढों ने डाली जान जोखिम में, बोलेरो-बाइक भिड़ंत में चाचा-भतीजा गंभीर अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में अलवर-दिल्ली हाईवे पर रविवार देर शाम करीब 8 बजे बीजवा गांव के पास बोलेरो और बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले रामगढ़ उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए अलवर रेफर कर दिया गया। घायलों में सोनू उर्फ शेर सिंह की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार नौगांवा थाना क्षेत्र के सम्मन बास निवासी सोनू उर्फ शेर सिंह पुत्र जसराम मेघवाल और सीताराम पुत्र मोहनलाल मेघवाल बाइक से रामगढ़ से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बीजवा गांव के पास सामने से आ रही बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के दौरान वहां से गुजर रहे ऋतुराज और ऋतिक स्वामी ने घायलों को सड़क पर पड़ा देखा। दोनों ने तत्काल अपनी कार रोकी और घायलों को कार से रामगढ़ उपजिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पंकज अग्रवाल ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर दोनों को अलवर रेफर कर दिया गया। घायलों के परिजन सुरेश कुमार ने बताया कि सोनू और सीताराम बाइक से अपने गांव सम्मन बास जा रहे थे। बीजवा के पास बोलेरो की टक्कर से यह हादसा हुआ। सूचना मिलने पर रामगढ़ थाना अधिकारी अजीत बडसरा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हादसे में शामिल बोलेरो और क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस के अनुसार घायल पक्ष की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हाईवे की खराब हालत पर ग्रामीणों में आक्रोश हादसे के बाद ग्रामीणों ने हाईवे की खराब स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि बीजवा गांव के पास सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहनों से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत कर गड्ढों को जल्द भरने की मांग की है。 बाइट: सुरेश कुमार, घायलों के परिजन
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अलवर में निजी एंबुलेंस पलटी, चालक फरार; विद्युत पोल टूटने से इलाके में खतरा

Alwar, Rajasthan:अलवर में अनियंत्रित एंबुलेंस डिवाइडर से टकराकर पलटी, चालक फरार अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार रात नंगली सर्किल से एसएमडी सर्किल की ओर जाने वाले मार्ग पर एक प्राइवेट एंबुलेंस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर लगे रोड लाइट के विद्युत पोल से टकराकर पलट गई। हादसा किसी अन्य वाहन को बचाने के प्रयास में होने की बात सामने आ रही है। टक्कर इतनी तेज थी कि विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गया और एंबुलेंस सड़क के बीचोंबीच पलट गई। हालांकि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद एंबुलेंस संचालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। विद्युत पोल टूटने से बिजली के तार सड़क पर फैल गए, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर खतरे की स्थिति बनी रही। एंबुलेंस पलटने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मशक्कत कर एंबुलेंस को सीधा किया। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने सड़क पर फैले बिजली के तारों और क्षतिग्रस्त विद्युत पोल की सूचना संबंधित विभाग को दी। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों और एंबुलेंस संचालक के मौके से फरार होने की जानकारी जुटा रही है।
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700 किलोमीटर पैदल यात्रा: विष्णुगिरी महाराज का उत्साहभरा संदेश

Sawai Madhopur, Rajasthan:आस्था और संकल्प के आगे सैकड़ों किलोमीटर की दूरी भी छोटी नजर आती है। बामनवास उपखंड में संत विष्णुगिरी महाराज ने एक बार फिर लंबी पैदल यात्रा शुरू कर श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया है। महाराज ने रिवाली स्थित चतुर्भुज महाराज मंदिर से जैसलमेर स्थित रामदेव द्वार के लिए पैदल यात्रा का शुभारंभ किया। विष्णुगिरी महाराज करीब 700 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर जैसलमेर पहुंचेंगे। यात्रा में लगभग 15 दिन का समय लगने का अनुमान है। लंबी दूरी के बावजूद महाराज के चेहरे पर उत्साह और आस्था का भाव नजर आया। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों और कस्बों में श्रद्धालुओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। इससे पूर्व भी क्षेत्र में हरिद्वार से करीब 650 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर यात्रा बामनवास पहुंची थी। उस दौरान स्थानीय निवासियों ने जगह-जगह पुष्पमालाओं और आतिशबाजी के साथ उनका ऐतिहासिक स्वागत किया था.
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