icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
241121
IHIslam HashmiFollow28 Dec 2024, 11:13 am

हरदोईः टड़ियावां के थाना समाधान दिवस पर 18 शिकायतों में 4 का मौके पर किया गया निस्तारण

Atwa Kataiyn, Uttar Pradesh:

हरदोई के थाना कोतवाली टड़ियावां परिसर में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन नायबतहसीलदार और थानाध्यक्ष टड़ियावां की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। समाधान दिवस में कुल 18 शिकायतें मिली जिसमें राजस्व से संबंधित 14 और पुलिस से संबंधित 4 शिकायतें हैं। राजस्व विभाग की एक और पुलिस से संबंधित तीन शिकायत का मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं राजस्व विभाग से संबंधित अन्य फरियादियों की शिकायतों का समाधान न हो पाने के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा। टड़ियावां नायब तहदीलदार ने शेष 13 शिकायतों को जनसुनवाई कर राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा सामंजस बनाकर उन्हें जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए। एसओ अमित सिंह ने चौकी प्रभारियों, हल्का और बीट प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बैतूल के खोमई पुलिया: 19 साल से नहीं बनी, ग्रामीणों को जोखिम

Betul, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के खोमई ग्राम पंचायत से एक तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों की हकीकत बयान करती है। अड़ना नदी पर बनी पुलिया साल 2007 की बाढ़ में बह गई थी, लेकिन करीब 19 साल बीत जाने के बाद भी इसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। यह पुलिया सिर्फ एक रास्ता नहीं बल्कि महाराष्ट्र जाने का एकमात्र जरिया है। इसी रास्ते से रोजाना मजदूर, किसान और मरीज अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं। बारिश के मौसम में अड़ना नदी उफान पर आ जाती है और यह रास्ता खतरनाक हो जाता है। ग्रामीणों ने मजबूरी में चंदा इकट्ठा करके पुलिया पर अस्थायी सड़क बनाकर गुजरना शुरू किया है, लेकिन हर बार यह कोशिश भी जोखिमभरी होती है। बाढ़ के पानी में लोग बह चुके हैं और हाल ही में एक पिकअप वाहन भी इसी रास्ते से गुजरते समय नदी में बह गया, जो खतरे की गंभीरता को दर्शाता है। गांव और आसपास के किसानों के खेत नदी के उस पार हैं, इसलिए उन्हें रोज इसी खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है। मरीजों के लिए भी यही रास्ता जीवन और मौत के बीच का फासला बन जाता है, क्योंकि इलाज के लिए उन्हें महाराष्ट्र जाना पड़ता है। बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ जाने पर लोग घंटों दोनों ओर फँसे रहते हैं और उनके पास सुरक्षित विकल्प नहीं होता। ग्रामीण स्थानीय अधिकारियों, कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों से पुलिया के निर्माण की मांग कर चुके हैं, पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आज स्थिति ऐसी है कि 19 साल बाद भी लोग नदी पार करने को मजबूर हैं। कुल सवाल यही है कि कब तक ग्रामीण ऐसे खतरे के बीच जीते रहेंगे और कब इस पुलिया का निर्माण होगा।
0
0
Report

JPSC 14वीं परीक्षा: पूर्व अध्यक्ष ख्यांगते ने नियम अनुसार प्रक्रिया, इस्तीफे का कारण स्पष्ट

Ranchi, Jharkhand:14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच जारी है... इसी बीच पहली बार पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कट-ऑफ, OMR, ब्लैकलिस्टेड कंपनी, अपने इस्तीफे और आयोग की कार्यप्रणाली पर खुलकर अपनी बात रखी। नियमों के तहत हुई प्रक्रिया...... 14वीं जेपीएससी परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते ने कहा कि आयोग ने रूल्स ऑफ प्रोसीजर-2002 और नोटिफिकेशन के मुताबिक ही पूरी प्रक्रिया अपनाई। हालांकि उन्होंने माना कि मौजूदा नियमों में कई सुधार की जरूरत है और वे खुद इस दिशा में काम कर रहे थे। कट-ऑफ पर सफाई...... कट-ऑफ जारी नहीं करने के आरोपों पर ख्यांगते ने साफ कहा कि प्रिलिम्स परीक्षा के बाद कट-ऑफ जारी करने का कोई नियम या सरकारी गाइडलाइन नहीं है। नियमों के मुताबिक इंटरव्यू के बाद अंतिम परिणाम जारी होने पर ही कट-ऑफ सार्वजनिक करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि कम पदों पर ज्यादा अभ्यर्थी होने के कारण प्रिलिम्स केवल एक स्क्रीनिंग परीक्षा होती है। OMR विवाद पर जवाब..... OMR शीट जारी नहीं करने और उसमें बदलाव के आरोपों पर पूर्व चेयरमैन ने कहा कि यह पूरा मामला फिलहाल जांच के दायरे में है। इसलिए इस पर अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा और जांच एजेंसियां ही सच्चाई सामने लाएंगी। सिग्नेचर नियम पर सफाई..... ख्यांगते ने कहा कि परीक्षा परिणाम से जुड़ी प्रक्रिया में रूल्स ऑफ प्रोसीजर के अनुसार केवल अंतिम परिणाम जारी करते समय ही हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है। उससे पहले के चरणों में हस्ताक्षर का कोई प्रावधान नहीं है। इस्तीफा क्यों दिया? एल. ख्यांगते ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष होने के नाते उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी। जब परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे तो उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया। उन्होंने बताया कि अपने इस्तीफे में भी उन्होंने यही वजह दर्ज की थी ताकि जांच किसी दबाव या संदेह के बिना हो सके। बलैकलिस्टेड कंपनी पर जवाब..... परीक्षा कराने वाली एजेंसी को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि जिस कंपनी को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, उसकी ब्लैकलिस्ट की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इसलिए उस आधार पर उसे अयोग्य नहीं माना जा सकता। विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया..... अपने इस्तीफे पर हो रही राजनीतिक बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि कौन खुश है और कौन नाराज, इस पर टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। उन्हें जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। JPSC में सुधार की जरूरत....... पूर्व चेयरमैन ने कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला था, तब करीब 9 महीने से आयोग में अध्यक्ष नहीं था और पहले भी आयोग विवादों में रहा था। उनकी प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को समयबद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना थी। उन्होंने बताया कि कुछ बदलाव किए गए, लेकिन अभी भी रूल्स ऑफ प्रोसीजर में व्यापक सुधार की जरूरत है। एक करोड रुपए में पोस्ट बेचे जाने के सवाल पर कहा यह भरोसा करने जैसा नहीं..... झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन 14वि की परीक्षा में यह भी आरोप लगारहे हैं की सीड्स को करोड़ों रुपए में बेचे गए थे इस मामले पर पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह यकीन करना आसान नहीं कि जैसा हुआ है लेकिन सभी चीज जांच के दायरे में हैं जांच होगी तो दोषियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए 121 एल ख्यांगते,पूर्व अध्यक्ष,jpsc
0
0
Report
Advertisement

रायगढ़ में बिजली बिल- स्मार्ट मीटर के विरोध पर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव

Darogapara, Chhattisgarh:बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने रायगढ़ में जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला, जिसमें जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, जिससे कुछ देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन में विधायक उमेश पटेल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने राज्य सरकार पर बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के जरिए आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं प्रदर्शन के दौरान डीजे की धुन पर NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साह के साथ नाचते-गाते भी नजर आए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
0
0
Report

गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने मांग पर संतों का ज्ञापन पीएम तक

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र :पूरे भारतवर्ष में गौ रक्षा सम्मान आह्वान अभियान के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री गवर्नर के नाम एक ज्ञापन सभी जिला उपायुक्तों को सोपा गया है ताकि गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित किया जाए ! इस अभियान के तहत धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में भी एक ज्ञापन संतो के मार्गदर्शन में जिला उपयुक्त को सोपा गया ! आज के इस ज्ञापन का नेतृत्व जिला कुरुक्षेत्र गौ रक्षा सम्मान आह्वान अभियान के प्रमुख संयोजक संत राजेंद्र पुरी जी(जग ज्योति दरबार)के नेतृत्व में मोहन नगर चौंक से पथ प्रदर्शन जिला उपायुक्त कार्यालय तक किया गया! विभिन्न मठ मंदिरों,अखाड़ों के संतों का नेतृत्व संत राजेंद्र पुरी जी ने किया व सभी गोरक्षकों को संबोधित करते हुए संत रजिंदर पूरी जी ने बताया कि धर्म नगरी कुरुक्षेत्र में 5 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी , राष्ट्रपति, हरियाणा के मुख्यमंत्री व गवर्नर को सौंपे गए ! जिस में सरकार से मांग की गई कि जल्द से जल्द गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए, सभी संत तब तक आराम से नहीं बैठेंगे जब तक गौ माता को राष्ट्र माता घोषित नहीं किया जाता !उन्होंने कहा कि सर्व संत समाज व लोगो की भावनाएं साथ जुडी हुई है गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए संत किसी भी हद तक जा सकते है !अन्य कई संतों ने भी अपनी मुखवानी से गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने का समर्थन किया ! आज के पथ प्रदर्शन में प्रमुख संतों में संत विशाल दास (कोतवाल खड़दर्शन साधु समाज हरियाणा) संत जनार्दन दास ,स्वामी हरिओम दास परिवार्जक (वात्सल्य वाटिका) संत रघुनाथ सिंह , संत अवधेशानंद (नगली वाली कुटिया ),संत गोपाल दास, स्वामी लक्ष्मी नारायण पुरी जी (स्थानेश्वर महादेव मंदिर) देवी शरण (बड़ा उखाडा) ब्राह्म मुनि जी( बड़ा अखाड़ा), संत विजय दास जी ,संत श्रीशिव चेतन पुरी जी, साध्वी मोक्षिता जी
0
0
Report
Advertisement

नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में गलत पैर की सर्जरी, जांच की मांग

Nuh, Haryana:नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही का आरोप: संक्रमित पैर की बजाय स्वस्थ पैर का ऑपरेशन, जांच और कार्रवाई की उठी मांग। नूंह जिले के शहीद राजा हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक चार वर्षीय बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की टीम ने संक्रमण से प्रभावित पैर की बजाय उसके स्वस्थ पैर का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का कहना है कि गलती का पता चलने के बाद बच्चे को दोबारा ऑपरेशन थिएटर ले जाकर सही पैर की सर्जरी की गई। मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन से शिकायत की गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई है। गांव मेवली निवासी आरिफ ने मेडिकल कॉलेज के निदेशक को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि उनके चार वर्षीय बेटे साद के बाएं पैर में संक्रमण, सूजन और मवाद की समस्या थी। 20 जुलाई को वह बच्चे को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने और हड्डी रोग विभाग में परामर्श लेने की सलाह दी। शिकायत के अनुसार, 23 जुलाई को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर बच्चे को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया। आरिफ का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले उन्होंने डॉक्टर पवन और उनकी टीम को स्पष्ट रूप से बताया था कि संक्रमण बच्चे के बाएं पैर में है। इसके बावजूद ऑपरेशन के दौरान कथित तौर पर दाएं, स्वस्थ पैर की सर्जरी कर दी गई। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद जब बच्चे को वार्ड में लाया गया तो उन्होंने देखा कि जिस पैर में कोई संक्रमण नहीं था, उसी पर ऑपरेशन किया गया। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टरों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बच्चे को दोबारा ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर इस बार संक्रमित बाएं पैर का ऑपरेशन किया। पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले को गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए डॉक्टर पवन और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, विभागीय जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के निदेशक को लिखित शिकायत सौंप दी गई है। इस मामले पर नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक छोटे बच्चे के ऑपरेशन में इस प्रकार की लापरवाही पूरे मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज की पेयजल टंकी में मृत बंदर मिलने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं और अब यह संस्थान इलाज की बजाय रेफर करने वाला मेडिकल कॉलेज बनकर रह गया है। आफताब अहमद ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने पीड़ित बच्चे को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग की, ताकि भविष्य में उसके इलाज और देखभाल में किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं हरियाणा सरकार के मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला है तो उन्हें लिखित रूप में जानकारी दी जाए, जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सरकार की ओर से होने वाली जांच तथा संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है.
0
0
Report

आरा में बेहोश मिली महिला, पुलिस-पूर्व विधायक के सहयोग से इलाज शुरू

Mumbai, Maharashtra:आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र स्थित पावरगंज अंडरपास के निकट कल देर शाम एक महिला के बेहोशी की हालत में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। महिला को अचेत अवस्था में झाड़ियों के पास पाया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, अगिआंव के पूर्व विधायक मनोज मंजिल इस मार्ग से पैदल गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर झाड़ियों में पड़ी महिला पर चली। उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाते हुए स्थानीय नवादा थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर पूर्व विधायक के सहयोग से महिला को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। महिला की पहचान उसके पास से बरामद आधार कार्ड के आधार पर हुई है। वह पंजाब के लुधियाना जिले के चंडीगढ़ रोड स्थित पुलिस कॉलोनी, सेक्टर नंबर 32 (ए) की निवासी बताई जा रही है। महिला की पहचान सुमित रंजन की 32 वर्षीया पत्नी शिवानी सिंह के रूप में हुई है। पूर्व विधायक मनोज मंजिल ने बताया कि जब उन्होंने महिला को देखा, तो उसके पास ही उसका पर्स भी पड़ा हुआ था। घटनास्थल से मिले पर्स में सिंदूर की डिब्बी और अन्य निजी सामान मिलने से इस मामले में प्रेम-प्रसंग होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, चंडीगढ़ की रहने वाली यह महिला आरा तक कैसे पहुंची और किन परिस्थितियों में वहां बेहोश हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल, नवादा थाना पुलिस महिला की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के होश में आने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम और उसके यहां पहुंचने के कारणों का वास्तविक खुलासा हो सकेगा।
0
0
Report

रतलाम के कल्याण केदारेश्वर महादेव पर सावन में हरियाली और सुरक्षा का अनोखा संगम

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में मानसून की दस्तक के साथ प्रकृति ने जैसे फिर से हरियाली की चादर ओढ़ ली है। जिले के पहाड़ी और प्राकृतिक क्षेत्र इन दिनों अपनी पूरी खूबसूरती के साथ लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन्हीं मनमोहक स्थलों में शामिल है प्राचीन धार्मिक स्थल कल्याण केदारेश्वर महादेव, जहां आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सावन माह शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही यहां बढ़ने लगी है। एक ओर श्रद्धालु प्राचीन कल्याण केदारेश्वर शिवलिंग के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद ले रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रकृति प्रेमी हर-भरी वादियों, पहाड़ों और झरनों की सुंदरता को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच सीढ़ियों से होकर गुफानुमा स्थान तक पहुंचने का रोमांच, पहाड़ी से गिरता झरना और चारों ओर फैली हरियाली यहां आने वाले हर व्यक्ति का मन मोह लेती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति ने इस स्थान को विशेष रूप से सजाया हो। सावन के दौरान यह क्षेत्र धार्मिक महत्व के साथ-साथ लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट भी बन जाता है, जहां परिवार और बच्चे प्रकृति के बीच यादगार पल बिताते नजर आते हैं। हालांकि प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है। पिकनिक स्पॉट पर पुलिस जवान तैनात हैं, जो असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ-साथ लोगों को खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेने से रोक रहे हैं। झरनों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की लगातार समझाइश दी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना न हो। आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और सुरक्षा का यह संगम कल्याण केदारेश्वर को सावन के मौसम में रतलाम के सबसे आकर्षक स्थलों में शामिल कर देता है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचकर प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद ले रहे हैं।
0
0
Report
Advertisement

सीतामढ़ी में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग से स्कूल फर्नीचर, पीएम मोदी ने की सराहना

Sitamarhi, Bihar:सीतामढ़ी जिले की एक अनोखी पर्यावरणीय पहल की गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात'कार्यक्रम में सीतामढ़ी जिले की उस पहल की सराहना की है, जिसमें सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल कर बच्चों के लिए उपयोगी स्कूली सामग्री तैयार की जा रही है। प्रधानमंत्री की इस प्रशंसा के बाद जिला प्रशासन बेहद उत्साहित है और इस अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी में जुट गया है। सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी, रुन्नीसैदपुर और रीगा प्रखंडों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक को रिसाइक्लिंग कर स्कूलों में उपयोग होने वाली बेंच डेस्क सामग्रियां तैयार की जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निस्तारण करने के साथ-साथ उसे उपयोगी उत्पादों में बदलकर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। जिलाधिकारी रिची पांडे ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। इस अभियान को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए इसे आय के स्रोत के रूप में विकसित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्राम पंचायतों, सरकारी स्कूलों और निजी विद्यालयों से भी अपील की जाएगी कि वे रिसाइक्ल किए गए इन उत्पादों की खरीद कर उनका उपयोग करें, ताकि इस अभियान को और मजबूती मिल सके तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिले।
0
0
Report

बरवा स्कूल में शिक्षक-शिक्षिका के आपत्तिजनक व्यवहार से लोगों में हंगामा

Bettiah, Bihar:बेतिया से बड़ी खबर है जहां शिक्षा के मंदिर स्कूल को एक शिक्षक और शिक्षिका ने तार तार कर दिया है आरोप है शिक्षक और शिक्षिका को छात्रों ने आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा है। जिसके बाद छात्र और अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया है सूचना पर पुलिस और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी स्कूल पहुंच मामले की जांच कर रहे है। नरकटियागंज के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बरवा में आज स्कूल में पढ़ाई शुरू होने के बाद शिक्षक शिक्षिका एक कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में देखे गए जिसके बाद स्कूल में बवाल हो गया अभिभावक पहुंच गए और जमकर हंगामा किए पुलिस ने आरोपी शिक्षक और शिक्षिका को बाहर निकाला प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार स्कूल के बच्चों से पूछताछ की है बीईओ ने बताया कि दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है जो आरोप लगा है वह शिक्षा के मंदिर को तार तार कर दिया है। बीईईओ ने बताया कि सिर्फ आरोपी शिक्षक शिक्षिका पर ही कार्रवाई नहीं की जाएगी स्कूल के सभी शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी यह घटना शर्मसार कर रही है जांच में पता चला स्कूल में इसके पहले भी दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था उस समय पंचायती से मामला दबा दिया गया था उस समय भी स्कूल के किसी शिक्षक ने वरीय पदाधिकारी को जानकारी नहीं दी जिसके वजह से स्कूल सभी शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी वही इस मामले में शिक्षक रामप्रवेश पासवान और शिक्षिका गीतांजलि कुमारी ने इस पूरे मामले को बेबुनियाद बताया है दोनो का कहना है स्थानीय लोग राजनीति से हमलोग को फसाना चाहते है इस घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है शिक्षा के मंदिर में शिक्षा देने आए शिक्षकों की ऐसी हरकत से गुरु जी नाम का शब्द भी तार तार हो गया है।
0
0
Report
0
0
Report
Advertisement

महिला आयोग की सदस्य का दावा: देश में पुरुष आयोग की जरूरत नहीं

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत पहुंचीं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने जनसुनवाई कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने पुरुष आयोग की मांग पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज भी देश में पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर अत्याचार के मामले कहीं अधिक हैं, इसलिए पुरुष आयोग की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में साइको प्रवृत्ति की महिलाओं द्वारा अपने पतियों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर खूब दिखाया जाता है। लेकिन महिलाओं की हत्या और उनके साथ होने वाले अत्याचारों के हजारों मामले उतनी प्रमुखता से सामने नहीं आते। मीनाक्षी भराला ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध आज भी गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि एक लड़की के साथ 30 लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटना होती है, तो ऐसे अपराधों की गंभीरता को देखते हुए महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए आयोग की आवश्यकता स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि समाज का ध्यान महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने पर होना चाहिए।
0
0
Report

महोबा में गौमाता को राष्ट्रमाता के दर्जे की मांग को लेकर प्रदर्शन

Mahoba, Uttar Pradesh:एंकर- महोबा में आज सैकड़ों गौसेवकों द्वारा गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। गौ-माता को साथ मे लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे गौसेवकों ने नारेबाजी करते हुए महामहिम राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री सहित राज्यपाल को संबोधित 30 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंप गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की वकालत की है। वी/ओ-गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए पूरे देश मे गौसेवाकं द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा। महोबा मुख्यालय में भी गौसेवकों द्वारा आज गौ-माता को साथ में लेकर जोरदार प्रदर्शन करते हुए गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की माँग की गईं। इस दौरान गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो के नारे लगाते हुए महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। गौसेवकों ने बताया कि गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और सरकार से केंद्रीय गौ मंत्रालय की स्थापना सहित 30 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री सहित राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन भेजा गया है। जिसमे प्रमुख बिंदु गाय माता को गौमाता का दर्जा दिलाना, गाय की सुरक्षा एवं संरक्षा,इसके अलावा पशु अस्पताल की व्यवस्था कराने जैसी मांगे प्रमुख हैं,यह अभियान अनवरत चलता रहेगा जब तक मांगे पूरी नही होगी। आज दूसरे चरण में ज्ञापन सौंपने का दूसरा चरण है जिसमे महोबा जिले से लगभग दो लाख हस्ताक्षर कर ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया है। बाईट- महंत देवीचरण दास (गौसेवक) बाईट-वेदप्रकाश नायक (गौसेवक)
0
0
Report

insurance challans पर Mobile Magistrate के ऐतिहासिक निर्णय पर SRTC कर्मचारियों का स्वागत

Srinagar, Uttarakhand:SRTC Workers' Union Welcomes Mobile Magistrate's Historic Judgment on Insurance Challans Srinagar, Chairman of the Jammu & Kashmir Road Transport Corporation (SRTC) Workers' Union, Wajahat Durani, today addressed a press conference at the SRTC office in Srinagar, welcoming what he described as a historic judgment delivered by the Mobile Magistrate, Kashmir Province, Shabir Ahmad Malik. Speaking to the media, Durani said that the court, through a consolidated judgment, disposed of 40 applications seeking the dismissal of insurance-related challans, observing that all the applications were based on the same legal grounds and involved the same cause of action. He expressed gratitude to Mobile Magistrate Shabir Ahmad Malik for the judgment and appreciated the efforts of SRTC Advocate Ms. Naziya Hassan for effectively presenting the legal case before the court. Durani said the judgment has brought significant relief to the Jammu & Kashmir SRTC and its employees. According to him, the decision makes it clear that SRTC buses will not be issued insurance challans under the circumstances covered by the court's ruling. Calling the verdict a landmark decision, Durani said it would benefit the Corporation and its workforce while ensuring clarity regarding the legal position on insurance-related challans involving SRTC buses. He also hoped that the judgment would help prevent unnecessary legal disputes in the future and thanked all those who supported the Corporation throughout the legal proceedings.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top