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Kamlesh KumarKamlesh KumarFollow10 Jan 2025, 04:47 pm
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जबलपुर में नाग पंचमी पर सपेरों के ठिकाने पर दबिश, 12 सपेरे पकड़े

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर में वन विभाग की टीम ने नाग पंचमी के मौके पर सपेरों पर कार्रवाई करते हुए इन्हें पकड़ा है वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत इन पर कार्रवाई की गई है। डीएफओ अपूर्व शर्मा ने बताया कि नाग पंचमी के मौके पर वन विभाग की टीम अलर्ट रहती है कि सपेरे शहर में ना घुस पाए और यदि वह प्रवेश करते भी है तो उनके ऊपर कारवाई की जाती है। इसी को लेकर जबलपुर के अलग-अलग इलाकों में वन विभाग और सर्पमित्रों की टीमों ने मिलकर अभियान चलाया जिसमें की लगभग 12 सपेरों को अब तक पकड़ा गया है और उनके पास से जो सर्प मिले हैं उनका इलाज कराया जाएगा और इलाज करने के बाद सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया जाएगा
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शाहजहांपुर में भारी बरसात से मकान गिरा, चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:नाम शिव कुमार लोकेशन शाहजहांपुर शाहजहांपुर में भारी बरसात के चलते बड़ा हादसा हो गया। यहाँ लिंटर समेत पूरा पक्का मकान ढह गया। हादसें में लिंटर के मलबे के नीचे दबने से चाचा भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है। घायल महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद मौके पर पुलिस और राजस्व की टीम ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। पूरी घटना थाना पुवायां क्षेत्र के मुड़िया कुरमियात गांव की है। बताया जा रहा है कि पड़ोसी की भारी भरकम कच्ची दीवार अरविंद के मकान पर गिर पड़ी, जिससे उसका हाल ही में बना मकान और दीवारें भरभराकर गिर पड़ी। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त मकान के अंदर चाचा राजन और उसका 3 साल का भतीजा अरव और बच्चे की मां काजल घर में सोई हुई थी। लिंटर गिरने से चाचा भतीजे की मौके पर मलवे में दबकर मौत हो गई, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मलवे को हटाकर सभी को बाहर निकाला गया। घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। सूचना के बाद मौके पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पहुंची जो मामले की जांच कर रही है। फिलहाल घटना के बाद से पूरे गांव में गमगीन माहौल है।
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हरदा के किसान खाद वितरण बाधित, स्टॉक नहीं दिखने से कठिनाई

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा में खाद के लिए किसानों की परेशानी, गोदाम में खाद होने के बावजूद वितरण नहीं हरदा। जिले में किसानों को खाद के लिए लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खाद गोदामों में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को इसका वितरण नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि खाद लेने के लिए वे गोदामों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन PoS मशीन में खाद का स्टॉक उपलब्ध नहीं दिखने के कारण उन्हें खाद नहीं दी जा रही। इसके चलते किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि PoS मशीन में स्टॉक की समस्या को तत्काल दूर कर खाद का वितरण सुचारु कराया जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और फसलों प्रभावित न हों।
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रतलाम: यूरिया वितरण शुरू होने की उम्मीद में किसान कतार में

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में आज से खाद वितरण शुरू होने की उम्मीद लगाए किसान सुबह से ही MP एग्रो और शासकीय खाद वितरण गोदाम के बाहर पहुंच गए। यहां किसानों ने अपने नाम के कागज के टुकड़े रखकर कतार बनाई और यूरिया मिलने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों को उम्मीद थी कि केंद्र खुलते ही उन्हें यूरिया मिल सकेगा, लेकिन आधा दिन बीत जाने के बाद भी वितरण केंद्र के शटर नहीं खुले। बताया जा रहा है कि फिलहाल खाद वितरण का आदेश नहीं मिला है। अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही शासन स्तर से आदेश प्राप्त होगा, यूरिया का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। ऐसे में किसान सुबह से इंतजार में बैठे हैं और उन्हें वितरण शुरू होने का इंतजार है। अब देखना होगा कि आदेश कब मिलता है और किसानों को यूरिया के लिए और कितना इंतजार करना पड़ता है。
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रीवा में आपात सेवाओं पर सवाल: दो घंटे देरी से एंबुलेंस, शिक्षक की मौत

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा के गंगेव जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बुड़बा में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का मामला सामने आया है। अचानक सांस लेने में तकलीफ होने पर शिक्षक कमलेश कोल के परिजनों ने 108 एंबुलेंस के लिए सूचना दी, लेकिन आरोप है कि पहली बार में एंबुलेंस उपलब्ध ही नहीं हो सकी और करीब दो घंटे की देरी के बाद किसी तरह एंबुलेंस पहुंची। हालत बिगड़ने के बाद परिजन शिक्षक को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन यहां भी उन्हें तत्काल स्ट्रेचर तक नहीं मिला। मजबूर परिजनों ने हाथों को ही स्ट्रेचर बना लिया और चार लोग शिक्षक को हाथों पर उठाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इलाज में देरी के बीच शिक्षक कमलेश कोल की मौत हो गई। कमलेश कोल शासकीय प्राथमिक शाला गोदरी नंबर-2 में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर 108 एंबुलेंस मिला? जाती और अस्पताल पहुंचने के बाद तत्काल उपचार व जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो शायद शिक्षक की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने रीवा की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—आखिर आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए दो घंटे इंतजार क्यों करना पड़ा और अस्पताल पहुंचने के बाद स्ट्रेचर तक क्यों नहीं मिला? अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। पूरे मामले को लेकर मेडिकल ऑफिसर का कहना है हमारे पास जब मरीज आया तो पहले से अमृत अवस्था में था मैंने बढ़ाने का पूरा प्रयास किया लेकिन असफल रहा...
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कानूनी अड़चनें दूर होते ही शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया अंतिम रूप लेगी

Noida, Uttar Pradesh:कानूनी अड़चनों से अटकी शिक्षकों की तबादला नीति, इस बार प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद : महिपाल ढांडा फतेहाबाद। हरियाणा में शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित तबादला नीति को लेकर चल रही लंबी प्रतीक्षा के बीच शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा है कि तबादला प्रक्रिया में देरी सरकार की ओर नहीं, बल्कि बार-बार सामने आ रही कानूनी अड़चनों के चलते हो रही है। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी ओर से पूरी तैयारी कर चुका है और इस बार तबादला प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। फतेхाबाद स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के लिए पहुंचे शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने शिक्षकों से तबादले को लेकर वादा किया था और उनकी भी इच्छा थी कि एक घोषणा के साथ ही तबादलों की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक भी यह सोच रहे होंगे कि उनसे किया गया वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ढांडा ने कहा कि विभाग ने अपनी ओर से पूरी ईमानदारी और गंभीरता के साथ तैयारी की, लेकिन जब कोई मामला अदालत में पहुंच जाता है तो कानूनी प्रक्रिया के कारण कई बार सरकार के हाथ भी बंध जाते हैं। अदालत की ओर से किसी बिंदु पर सुधार के निर्देश मिलने के बाद पूरी प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ता है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के तबादलों को लेकर शिक्षा विभाग अब तक तीन बार अपनी ओर से पूरी तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि कोर्ट की ओर से किसी प्रक्रिया में बदलाव या सुधार के निर्देश दिए जाने के बाद पूरी तबादला प्रक्रिया को दोबारा तैयार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि एक बार इस पूरी प्रक्रिया को पूरी करने में करीब 108 से 109 दिन तक का समय लग जाता है। जब विभाग सभी औपचारिकताएं पूरी कर दोबारा अदालत में जाता है तो कई बार कोई नया बिंदु सामने आ जाता है। इसके बाद पूरी प्रक्रिया को फिर से शुरू करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा शिक्षकों के हित में तबादला प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की है। इस संबंध में विभाग लगातार काम कर रहा है। महिपाल ढांडा ने शिक्षकों को निराश न होने का संदेश देते हुए कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार तबादला प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से प्रक्रिया पूरी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है और कानूनी अड़चनों का समाधान होने के बाद तबादलों का रास्ता साफ होने की उम्मीद है。
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14 वर्षीय पंकज के लापता मामले में Zee मीडिया की खबर से परिवार मिला

New Delhi, Delhi:ZEE मीडिया की खबर का बड़ा असर हुआ है। कांवड़ लेने निकले 14 साल के पंकज के लापता होने की खबर सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। मेरठ में हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती पंकज को यूपी पुलिस ने उसके परिवार से मिलाने में अहम भूमिका निभाई। करीब 10 दिन बाद परिवार अपने बच्चे को दिल्ली वापस लेकर आया। वीओ 1 तस्वीरों में हाथों में पोस्टर लिए ये लोग अपने 14 साल के मासूम पंकज की तलाश कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि पंकज कांवड़ लेने के लिए निकला था, लेकिन अचानक लापता हो गया। परिजन कांवड़ शिविरों से लेकर अलग-अलग जगहों पर बच्चे को तलाशते रहे और दिल्ली के बुराड़ी थाना पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई। वाकथरु / नसीम अहमद वीओ 2 इसी बीच पंकज के साथ मेरठ इलाके में सड़क हादसा हुआ। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं। घायल हालत में यूपी पुलिस ने पंकज को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ। करीब सात दिन बाद पंकज को होश आया, लेकिन उसे अपने परिवार का पूरा मोबाइल नंबर याद नहीं था। उसे सिर्फ परिवार के मोबाइल नंबर के आखिरी छह अंक याद थे। बाईट - पंकज घायल कावड़िया। वीओ 3 ZEE मीडिया ने पंकज के लापता होने की खबर को प्रमुखता से दिखाया। खबर और बच्चे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। इसी वायरल जानकारी ने यूपी पुलिस की तलाश को नई दिशा दी। पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर परिवार तक पहुंचने की कोशिश शुरू की और आखिरकार घायल पंकज के परिजनों का पता लगाने में सफलता मिली।करीब दस दिन बाद परिवार मेरठ के अस्पताल पहुंचा और अपने बच्चे को पहचान लिया। इसके बाद परिजन पंकज को दिल्ली के बुराड़ी स्थित कमल विहार लेकर आए। बच्चे के परिवार ने ZEE मीडिया की खबर को धन्यवाद दिया और यूपी पुलिस की कार्यशैली की भी सराहना की। बाईट / मीनाक्षी , माँ - पीड़ित परिवार वीओ 4 परिजनों का आरोप है कि दिल्ली में बच्चे के लापता होने के बाद उन्हें पुलिस से अपेक्षित मदद नहीं मिली। वहीं मेरठ में यूपी पुलिस ने घायल पंकज को अस्पताल पहुंचाने से लेकर उसके परिवार को तलाशने तक सक्रियता दिखाई। परिवार ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा और मदद के मामले में यूपी पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ काम किया।एक तरफ परिवार अपने बच्चे की तस्वीर और पोस्टर लेकर कांवड़ शिविरों में भटक रहा था, तो दूसरी तरफ मेरठ में घायल हालत में भर्ती पंकज अपने परिवार के इंतजार में था। बाईट / पीड़ित परिजन वीओ 5 ZEE मीडिया की खबर और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद दोनों बिछड़े हुए सिरों को जोड़ने में कामयाबी मिली और आखिरकार पंकज अपने परिवार के पास पहुंच गया। फिलहाल पंकज अपने परिवार के साथ है और परिवार ने ZEE मीडिया के साथ-साथ मेरठ पुलिस का भी आभार जताया है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर दिखाया कि समय पर सूचना का प्रसार और पुलिस की सक्रियता किसी परिवार के लिए कितनी बड़ी राहत बन सकती है। रिपोर्ट / नसीम अहमद
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स्कूल स्थानांतरण के विरोध में ग्रामीणों ने खंडार के हाईवे जाम किया

जिला- सवाई माधोपुर खबर लोकेशन-खंडार स्थानीय संवाददाता- हैडलाइन:- स्कूल मर्ज करने के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा,स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ स्टेट हाईवे किया जाम। एंकर: सवाई माधोपुर के खंडार कस्बे के समीप रांवरा गणेश नगर में स्कूल को अन्य विद्यालय में स्थानांतरित करने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने छात्र-छात्राओं और महिला-पुरुषों के साथ हनुमानजी मंदिर के पास अवरोध लगाकर बहारावंडा खुर्द-खंडार-करणपुर स्टेट हाईवे 123 जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। तहसीलदार खंडार पुष्कर सिंह और एसएचओ लक्ष्मण सिंह मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश कर जाम खुलवाया। ग्रामीणों का कहना है कि रांवरा गांव का पुराना स्कूल भवन क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल को हनुमानजी स्थान पर संचालित करवाया। हालांकि वहां बच्चों की सुरक्षा, शौचालय सहित आवश्यक सुविधाओं का अभाव होने के कारण स्कूल को करीब एक किलोमीटर दूर अणतपुरा में स्थानांतरित कर दिया गया। इसी फैसले के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि हनुमानजी स्थान पर स्कूल के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उनका कहना है कि नया भवन बनने तक विद्यालय वहीं संचालित किया जाए। मौके पर सीबीईओ कार्यालय से आरपी मनोहर गोपाल मंगल और शिक्षिका ललिता गुप्ता को भी बुलाया गया। समझाइश के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग पर सहमति जताई उसका बाद मुख्य मार्ग पर आवागमन सुचारू हो सका।
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जलगांव के उमाले महादेव मंदिर में श्रावण सोमवारी भारी भीड़

Jalgaon, Maharashtra: Anch - जळगाव- संभाजीनगर महामार्गावरील उमाळे या गावातील उमा-महेश्वराचे शिवमंदीर आहे. पहिला श्रावण सोमवार निमित्त आज या शिवमंदिरात उमा-महेश्वराचे दर्शन घेण्यासाठी भाविकांची प्रचंड गर्दी असते. जळगाव जिल्ह्यातील हे जागृत ऐतिहासिक पांडवकाडील (महाभारत )मंदिर असल्याने वर्षभर भक्तांची या ठिकाणी गर्दी असते. जळगाव शहरापासून उमाळे हे गाव 13 किमी अंतरावर आहे. उमा-महेश्वराचे शिवमंदीर जागृत स्थान असून खान्देश वासियांचे श्रध्दास्थान आहे. हे देवस्थान महामार्गापासून अर्धा किमी अंतरावर आहे. हजारो वर्षापूर्वी भगवान शंकर यांनी या भागात वास्तव्य केले होते. यावेळी त्यांनी पिंडाला आकार दिला असून आज ही वैशिष्टपुर्ण आकाराची पिंड उमा-महेश्वराची पिंड म्हणून ओळखली जाते. उमा म्हणजेच माता पार्वती आणि महेश्वर म्हणजेच भगवान शंकर असा याचा अर्थ आहे. ही पिंड एका ग्रामस्थाला आढळली. तेव्हापासून त्यांनी पिंडीची पुजा-अर्चना करण्यास प्रारंभ केला. उमा महेश्वर हे जागृत देवस्थान असून या ठिकाणी श्रावण महिन्यात महिनाभर यात्रा असते. मंदिरात असलेली पिंड ही स्वयंभू तयार झालेली आहे. या मंदिरात कळस नसून सूर्य देव,चंद्र देव, वायू देव, वरून देव, देवाचे दर्शन घेता येते. यावर्षी मंदिर परिसरात गर्दी मोठ्या प्रमाणात आहे. या जागृत देवस्थानाच्या इतिहासाबाबत गावात कोणाला फारशी माहिती नाही, तरी देखील एक जागृत देवस्थान म्हणून उमा महेश्वर देवस्थान प्रसिध्द आहे. उमा महेश्वराच्या पिंडीजवळच दोन मोठे वडाचे वृक्ष आहेत. तसेच कडूनिंब व चिंच यांचेही वृक्ष आहेत. वडाचे वृक्ष हजार वर्षापूर्वीचे असल्याचे दिसून येते. हे मंदिर पांडवकालीन असून एकाच ठिकाणी महादेव पार्वती यांचे दर्शन व्हावे या उद्देशाने पांडवांनी हे मंदिर बांधले असावे अशी आख्यायिका आहे. मात्र दरवर्षी श्रावण सोमवार निमित्त मोठी गर्दी या गावाला असते या मंदिराच्या गाभाऱ्यातून आढावा घेतलाय आमचे प्रतिनिधी वाल्मीक जोशी यांनी.
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पंकजा मुंडे का रिटायरमेंट संकेत, ‘दोन-चार लोगों’ के नाम पर राजनीतिक बवाल

Beed, Maharashtra:बीड : पंकजा मुंडेंचा ‘रिटायरमेंट’वरून सूचक इशारा; म्हणाल्या, ‘दोन-चार लोकांना रिटायर्ड केल्यानंतर आपण रिटायर व्हायचं ‘मी रिटायर होणार नाही, मी चांगली खमक्या आहे’; ‘दोन-चार लोक’ नेमके कोण ? मंत्री पंकजा मुंडेंच्या विधानाने राजकीय वर्तुळात चर्चेला उधाण..! बीड-परळी महामार्गावरून प्रवास करताना तोच रस्ता, त्या माणसं पाहून रिटायरमेंट घ्यावीशी वाटते, असं काही दिवसांपूर्वी मंत्री पंकजा मुंडे यांनी म्हटलं होतं. त्यांच्या या विधानाची राजकीय वर्तुळात जोरदार चर्चा झाली. मात्र आता केजमधील एका कार्यक्रमात पंकजा मुंडेंनी आपल्या रिटायरमेंटच्या चर्चेवर थेट भाष्य केलंय. माध्यमांनी ‘ताई रिटायर्ड होणार’ अशा बातम्या केल्या, पर मी रिटायर्ड होणार नाही, मी चांगली खमक्या आहे, असं त्या म्हणाल्या. इतकंच नाही तर, ‘रिटायर्ड कशामुळे व्हायचं? दोन-चार लोकांना रिटायर्ड केल्यानंतर आपण रिटायर्ड व्हायचं,’ असं सूचक विधानही त्यांनी केलं. त्यामुळे पंकजा मुंडेंच्या या ‘दोन-चार लोकां’चा रोख नेमका कुणाकडे? हा सवाल आता राजकीय वर्तुळात चर्चेचा विषय ठरतोय. रिटायरमेंट नहीं, बल्कि ‘दोन-चार’ व्यक्ती कौन?
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