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Shivlesh SinghShivlesh SinghFollow30 Jan 2025, 01:13 pm

हरदोईः सीडीओ ने किया विभिन्न सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण

Sandila, Uttar Pradesh:

मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरूरानी ने टड़ियावां और टोडरपुर में विभिन्न सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां उजागर हुईं, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। सीडीओ ने विकास खंड कार्यालय में सामुदायिक शौचालय, प्रेरणा कैंटीन, ब्लॉक सभागार और प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया। स्टोर रूम में पुरानी और अनुपयोगी सामग्री की वीडिंग न होने पर पटल सहायक अजय कुमार को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह के भीतर वीडिंग कराने का निर्देश दिया गया।

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रूस में नौकरी के बदले युवक को म‍िली ह‍िरासत, भारत सरकार से पर‍िवार ने लगाई गुहार

SShyamFollow1m ago
Ghar Kote,

जम्‍मू-कश्‍मीर के उरी का एक परिवार गहरे सदमे में है। उनका इकलौता बेटा, जो परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, रूस पहुंचने के कुछ ही हफ्तों बाद वहां परिवार के अनुसार हिरासत में ले लिया गया है।

 

परिवार के अनुसार, बारामूला के उरी स्थित शियादपोरा का रहने वाला एजाज अहमद गिलानी, रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकले थे। रूस में उन्हें काम करते हुए अभी लगभग 20 दिन ही हुए थे कि 13 सितंबर को उन्हें कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया। परिवार को उन्हें क्यों हिरासत में लिया गया के बारे कोई जानकारी नहीं दी गई है। उनकी मां, पत्नी, दो बहनें और छोटे बच्चे अब लगातार डर के साये में जी रहे हैं और भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि वे उसे सुरक्षित घर वापस ले आएं।

 

पत्नी ने कहा, "वह 20 सितंबर को नौकरी के लिए यहां से निकले थे। उनका वीजा और टिकट सब ऑनलाइन आ गया था। वह 20 सितंबर को यहां से रवाना हुए और 22 तारीख को रूस पहुंच गए। वहां उनका काम भी शुरू हो गया था। हम सुबह-शाम वीडियो कॉल पर लगातार बात करते थे। दिन में बात नहीं हो पाती थी क्योंकि वह काम पर होते थे। 13 तारीख तक हमारी बातचीत होती रही। 13 तारीख को 10 बजे हमारी बात हुई थी। उसके बाद से उनका फोन स्विच ऑफ आने लगा। 13 तारीख के बाद 14 तारीख को उनसे बस थोड़ी सी बात हुई, जिसमें उन्होंने कहा, 'यहां कुछ दिक्कत हो गई है, इसलिए मेरा फोन ले लिया गया है, मैं आपसे बात नहीं कर सकता।'" उसके बाद हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें यहां से गए हुए पूरा एक महीना हो चुका है। आज 20 तारीख को एक महीना पूरा हो गया है। हमें कुछ भी पता नहीं है। हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। मैं मोदी जी, अमित शाह जी और जम्मू-कश्मीर सरकार से अपील करता हूँ कि कृपया उन्हें ढूँढ़ें, और जल्द से जल्द उन्हें घर वापस ले आएँ। वे फंस गए हैं।”

 

बेटे ने कहा, “मैं चौथी कक्षा में पढ़ता हूँ। मेरी मोदी जी, अमित शाह जी और एस. जयशंकर जी से यही विनती है कि मेरे पिताजी को वापस ले आएं, क्योंकि हम उनके बिना नहीं रह सकते। कृपया मेरे पिताजी को वापस ले आएँ। मेरे पिताजी अभी रूस में हैं। मुझे उनसे बात किए हुए एक हफ़्ता हो गया है। मेरी यही गुज़ारिश है कि मेरे पिताजी को वापस ले आएँ।”

 

बेटी ने कहा, "मेरे पिता को यहाँ से रूस ले जाया गया है, और उन्हें वहाँ से वापस नहीं भेजा गया है। मोदी जी, अमित शाह जी और जयशंकर जी से मेरी बस यही गुज़ारिश है कि मेरे पिता को वापस ले आएँ। हमें और कुछ नहीं चाहिए, बस मेरे पिता को वापस ला दीजिए। एक हफ़्ता हो गया है; आखिरी बार हमारी उनसे 13 तारीख को बात हुई थी, उसके बाद से पापा से कोई बात नहीं हुई है।"

 

एजाज़ अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। उनके हिरासत में होने से पूरा परिवार गहरे संकट में है। रिश्तेदार बता रहे हैं कि वे रातों को सो नहीं पा रहे हैं और उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे रूसी अधिकारियों से बात करके इस मामले में दखल दें।

 

खालिद हुसैन 
जी मीडिया, कश्मीर
 

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बस्तर दशहरा 75 दिन: नक्सलवाद के बाद नया अध्याय, देवी-देवताओं का आमंत्रण

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर का विश्व प्रसिद्ध दशहरा 75 दिनों तक चलता है, बस्तर दशहरा की खासियत यह भी है कि बस्तर दशहरा में शामिल होने बस्तर के दूर दराज के क्षेत्रों से देवी देवता पहुंचते है, रियासतकालीन दौर से चली आ रही बस्तर दशहरा की परंपरा के तहत बस्तर राज परिवार बस्तर की ईष्ट देवी मां दंतेश्वरी को जगदलपुर आने का निमंत्रण देते है जिसके बाद दंतेवाड़ा से माता की डोली जगदलपुर पहुंचती है इसी तरह बस्तर के ग्रामीण इलाकों में स्थित सभी गुड़ी (मंदिरों) में आमंत्रण भेजा जाता है, जिसके बाद माता गुड़ी से देवी देवता ओं का आगमन बस्तर दशहरा में होता है, देवी मां का छत्र लेकर संबंधित पुजारी बस्तर दशहरा में पहुंचते है साथ ही आंगा विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र होते है, बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद इस साल अंदरूनी इलाकों में स्थित गुड़ी (मंदिरों) में भी आमंत्रण भेजे गए है, बस्तर रियासत के प्रमुख सदस्य कमलचंद भंजदेव का कहना है कि बस्तर से नक्सलवाद की समाप्ति के बाद इस वर्ष बस्तर दशहरा में नया अध्याय लिखा जा है, दशहरा के मौके पर मावली परघाव की रस्म पूरी हो चुकी है अब कुटुंब जात्रा रस्म में बस्तर दशहरा में शामिल होने आए देवी देवताओं को राज परिवार के सदस्यों द्वारा विधि विधान से पूजा पाठ कर विदाई दी जाती है। बाइट कमलचंद भंजदेव प्रमुख सदस्य राज परिवार बस्तर
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SDM पातड़ां ने मंडी का निरीक्षण कर धान खरीद सुचारू रहने की पुष्टि की

Patran, Punjab:SDM पातड़ां कलाराम कंसल ने मंडी का दौरा किया। उन्होंने धान की बोली, खरीद, तुलाई और लिफ्टिंग के कार्यों का निरीक्षण किया। मंडी में धान की खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही। मंडी में खरीद कार्यों के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। खरीद एजेंसियों के इंस्पेक्टर अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रहे हैं। मार्केट कमेटी की ओर से भी किसानों की सुविधा के लिए उचित व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से अपील की कि वे मंडी में अपनी सूखी और साफ फसल लेकर आएं, ताकि उन्हें फसल बेचने के लिए अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े। पिछले दिनों मौसम खराब रहने के कारण धान की आवक और खरीद के कार्यों पर कुछ असर पड़ा है। बारिश के कारण कुछ फसलों में नमी की मात्रा अधिक होने से खरीद में दिक्कत आती है। सरकारी निर्धारित मानकों के अनुसार नमी की मात्रा जांचने के बाद ही धान की खरीद की जा रही है। खरीदी गई फसल को बोरियों में भरकर रखने और उसकी लिफ्टिंग का कार्य भी जारी है। मार्केट कमेटी के सैकटरी अमनदीप सिंह ने बताया कि मंडी में खरीद, तुलाई और उठान के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। पातड़ा़ं के मुख्य यार्ड समेत सभी खरीद केंद्रों में 111450 क्विंटल धान की ख़रीद का कार्य मुकम्मल कर लिया गया है। किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि मंडी में धान की खरीद का कार्य बेहतर ढंग से चल रहा है। सभी खरीद इंस्पेक्टरों की ओर से सरकार के निर्धारित नियमों और नमी के मानकों के अनुसार किसानों की फसल खरीदी जा रही है। मंडी में धान की आवक जारी है और खरीद के साथ-साथ तुलाई तथा लिफ्टिंग का कार्य भी सुचारू रूप से किया जा रहा है।
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सरकार ने तय किया: स्कूल बैग वजन कुल वजन का 10% से अधिक नहीं

Chamba, Himachal Pradesh:चंबा। सरकार ने स्कूली बच्चों के बैग (स्कूल बैग) के भार का वजन निर्धारित कर दिया है। यह वजन अगर अधिक हो तो बैग का भार किसी भी सूरत में बच्चों के बैग में नहीं डाला जा सकता। सरकार की ओर से बाकायदा एक अधिसूचना जारी की गई है, जिसे सरकारी और निजी स्कूलों दोनों को अमल में लाना होगा। अमल नहीं करने वालों पर विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम तौर पर स्कूल बैग का वजन अधिक होने के कारण बच्चे उसे उठाने में कठिनाई महसूस करते हैं; कुछ माता-पिता अपने बच्चों का बैग उठाकर उन्हें स्कूल छोड़ते हैं, पर अधिकांश बच्चे खुद भारी बैग लेकर स्कूल जाते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर विपरीत असर पड़ सकता है। पहले सेहत को ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने बैग वजन निर्धारित कर दिया है ताकि बच्चा आसानी से बैग उठा सके और माता-पिता को भी अपने बच्चों के लिए परेशानी नहीं हो। इससे अभिभावकों ने भी सरकार के निर्णय की सराहना की है। शिक्षा उपनिदेशक मनोहर लाल ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब बच्चे के कुल वजन का दस प्रतिशत ही स्कूल बैग के रूप में हो सकता है और यह अधिसूचना प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई है। सभी स्कूल Principals को अनुपालन के बारे में अवगत करा दिया जाएगा तथा पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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गुलाम हसन मीर ने NC सरकार पर रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा में धोखे का आरोप

Aram Pora, Ganderbal, Apni Party Vice President Ghulam Hassan Mir has criticised the National Conference (NC) government over its performance during the past two years, accusing it of making promises beyond the powers of the Union Territory administration while failing to deliver on key issues, including employment, healthcare, education and local governance. Mir questioned the NC's promises regarding the restoration of Article 370 and statehood, arguing that these matters were beyond the legislative powers of the Jammu and Kashmir Assembly. Mir said the National Conference was aware of the limitations of a Union Territory government but continued to make promises about restoring Article 370 and statehood. Mir also questioned the significance of resolutions passed by the Assembly, stating that such resolutions alone could not guarantee the fulfilment of these demands. Criticising the government's performance in the education and healthcare sectors, Mir asked what significant changes had been introduced during the past two years. He also raised concerns over the alleged shortage of machinery and equipment in government hospitals. On employment, Mir questioned the progress made towards fulfilling the government's promise of providing one lakh jobs, claiming that only around 15,000 to 16,000 appointments had been made during the past two years. He said the government should focus on creating employment opportunities rather than making promises that remain unfulfilled. Mir also questioned the delay in holding Panchayat and municipal elections, arguing that the absence of elected local bodies was undermining democratic empowerment at the grassroots level. Accusing the BJP and the National Conference of benefiting politically from their mutual opposition, Mir alleged that both parties were avoiding local body elections for political reasons. He claimed that their political confrontations often strengthened their respective voter bases. Raising concerns over traffic congestion and sanitation in urban and rural areas, Mir questioned the government's initiatives to address these everyday problems. He also criticised the alleged discontinuation of sanitation-related initiatives undertaken during the previous administration, saying the government had failed to establish an effective alternative. Mir further questioned the implementation of the government's promise of providing 200 units of free electricity, seeking clarity on the proposed solar energy mechanism and the concrete steps taken to fulfil the commitment. Mir also criticised the government over the condition of healthcare infrastructure and questioned its claims of credit for projects initiated by previous administrations but completed during its tenure. Mir maintained that the government should focus on delivering measurable results in areas falling within its administrative powers rather than repeatedly blaming the Centre for issues such as the restoration of statehood.
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चोरबागान घटना के बाद लॉटरी टिकट से मण्डप में प्रवेश के आरोपों पर हंगामा

Hooghly, West Bengal:চোরবাগানের ঘটনার পরও হুশ ফেরেনি,লটারির টিকিট বিক্রির নামে আগে মন্ডপে ঢোকার সুযোগ দেওয়ার অভিযোগে পুজো কমিটির দুই সদস্য কে তুলে নিয়ে যায় পুলিশ। প্রতিবাদে আলো নিভিয়ে রাস্তা অবরোধ করে কেওটা নবীন সংঘ ক্লাবের সদস্যরা。 চোরবাগানে ঠাকুর দেখতে গিয়ে পদপৃষ্ঠ হয়ে মৃত্যু হয়েছে ১৯ জনের।এরপরই মুখ্যমন্ত্রী রাজ্য সরকার জানিয়েছে কোনো ভিআইপি পাশ থাকবে না।সবাই লাইন দিয়ে ঠাকুর দেখবে। ব্যান্ডেলের কেওটা নবীন সংঘ কুড়ি টাকা করে লটারির টিকিট বিক্রি করছিল।সেই টিকিট কাটলেই মিলছে দীর্ঘ লাইনে না দাঁড়িয়ে মন্ডপে ঢুকে পরেন কথাটি আলাদা করে কথা বলা হয়েছে। যা ভিআইপি পাশের সমতূল্য বলে মনে করছে প্রশাসন。 পুজো কমিটির দুই সদস্যকে তুলে নিয়ে যেতেই পথ মন্ডপের সামনে জিটি রোড অবরোধ করে সদস্যরা।আলো নিভিয়ে চলে প্রতিবাদ。 অবরোধ তুলতে চুঁচুড়া থানার আইসি উত্তম শর্মা বিশাল পুলিশ বাহিনী নিয়ে চন্দননগর পুলিশের এসিপি ডিডি সুমন চট্টোপাধ্যায় সেখানে পৌঁছান。 ক্লাব সদস্যদের সঙ্গে বাদানুবাদ চলে。 ক্লাব সদস্যদের দাবী অন্য জায়গাতেও চলছে লটারি。 কটারির টিকিট বিক্রি করে পুজো কমিটির বেশ কিছুটা অর্থ আসে।তাই প্রতিবছর এই লটারি হয়।দর্শনার্থী যারা লাইনে দাঁড়াতে চাননা তারা লটারি কেটে মন্ডপে ঢুকে পরেন। তবে এবার চোরবাগানের ঘটনায় সতর্ক পুলিশ প্রশাসন।নিরাপত্তায় কোনো ফাঁকফোঁকর রাখতে চাইছে না。 কিছু সময় পর আটক দুই জনকে পুলিশ ছেড়ে দিলে অবরোধ সরিয়ে নেয় পুজো কমিটি。
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गंगा तट पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा कड़ाई, प्रशासन की तैयारी तेज

Hooghly, West Bengal:সিঁদুর খেলা মন খারাপে উমা বিদায়,গঙ্গার ঘাটে ঘাটে নিরঞ্জনে নজির বিহীন নিরাপত্তা। চোরবাগান বিপর্যয়ের পর প্রতিমা নিরঞ্জনেও বাড়তি সতর্কতা প্রশাসনের। চোরবাগানের দুর্ঘটনা থেকে শিক্ষা নিয়ে প্রতিমা নিরঞ্জনেও বাড়তি সতর্কতা অবলম্বন করছে পুলিশ ও প্রশাসন। বিজয়া দশমীতে চুঁচুড়ার বিভিন্ন গঙ্গার ঘাটে দুপুরের পর থেকেই শুরু হয়েছে প্রতিমা নিরঞ্জন। রাত পর্যন্ত চলবে নিরঞ্জন পর্ব। কোন রকম অপ্রীতিকর ঘটনা এড়াতে ঘাটগুলিতে বিশেষ নিরাপত্তার ব্যবস্থা করা হয়েছে। প্রতিমা নিরঞ্জনের সময় যাতে ভিড়ের কারণে কোনও সমস্যা না হয়, সে জন্য ঘাটগুলিতে পর্যাপ্ত জায়গা এবং প্রয়োজনীয় পরিকাঠামো রয়েছে কি না, তা খতিয়ে দেখছে প্রশাসন। মোতায়েন করা হয়েছে সিভিল ডিফেন্সের কর্মীদের। পাশাপাশি পুরসভার কর্মীরাও প্রস্তুত। সদর মহকুমা ShASk অভিজিত সাহা জানান, অন্নপূর্ণা ঘাট, ময়ূরপঙ্খী ঘাট, চুনুমিয়া ঘাট ও জোড়াঘাট-সহ বিভিন্ন ঘাট পরিদর্শন করা হয়েছে। পুলিশ প্রশাসনের পক্ষ থেকেও আগেই ঘাটগুলি পরিদর্শন করা হয়েছিল। যে ঘাটগুলিতে বেশি সংখ্যায় প্রতিমা নিরঞ্জন হয়, সেখানে সমস্ত ব্যবস্থা ঠিকঠাক রয়েছে কি না, তা খতিয়ে দেখা হচ্ছে।পর্যাপ্ত সংখ্যায় পুরসভার কর্মী রাখা হয়েছে,যাতে প্রতিমা নিরঞ্জনের পর কাঠামো গঙ্গা থেকে তুলে নেওয়া হবে।রাতের জন্য পর্যাপ্ত লাইটের ব্যবস্থা করা হয়েছে।
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पांडुआ में माँ-बेटे की मौत: रहस्य अभी भी गहराता, पुलिस जांच शुरू

Hooghly, West Bengal:ঘর থেকে মা ও ছেলের দেহ উদ্ধার পান্ডুয়ায় চাঞ্চল্য。 নবমীর রাতে বাবার কাছে ঘুগনি-রুটি খাওয়ার আবদার করেছিল ১২ বছরের ছেলে। বাবাও ছেলের আবদার মেনে খাবার কিনে দিয়েছিলেন। মা ও ছেলে রাতে একসঙ্গে সেই খাবার খান। রাতেই বাড়ি থেকে উদ্ধার হল মা ও ছেলের মৃতদেহ। বুধবার গভীর রাতে ঘটনাকে কেন্দ্র করে চাঞ্চল্য ছড়ায় হুগলির পান্ডুয়া থানার অন্তর্গত বৈঁচিগ্রাম পঞ্চায়েতের চৌবাড়া এলাকায়। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, মৃত মহিলার নাম ডলি মুর্মু (৩১)। তাঁর ছেলে রঞ্জিত মুর্মু (১২)। পরিবারের সদস্যরা জানায়, রঞ্জিত শারীরিক ও মানসিক প্রতিবন্ধকতার কারণে দীর্ঘদিন ধরে অসুস্থ ছিল।রঞ্জিতের বাবা সোম্বা মুর্মু দিন মজুরের কাজ করেন। মঙ্গলবার রাতে ছেলে ঘুগনি-রুটি খেতে চাওয়ায় তিনি খাবার কিনে বাড়িতে দিয়ে যান। এরপর বাড়ির কাছেই একটি ক্লাবে আড্ডা দিতে চলে যান। মা ও ছেলে একসঙ্গে রাতে খাবার খান। রাত প্রায় ১১ টা নাগাদ বাড়ি ফিরে সোম্বা স্ত্রীকে ডাকাডাকি করে সারা শব্দ না পেয়ে তার দাদা ও বৌদিকে ডাকেন। খবর দেওয়া হয় পুলিশকে। এরপরই ঘরের মধ্যে ঝুলন্ত অবস্থায় দেখতে পাওয়া যায় দুজনকে। পাশের বিছানায় পড়েছিল ছেলের দেহ। মা ও ছেলের মৃত্যুর ঘটনায় এলাকায় শোকের ছায়া নেমে এসেছে। সোমবার দাদা মঙ্গল মুর্মু জানান, বাড়িতে কোনো অশান্তি হয়নি। তিনি বাইরে ছিলেন। পরে তাঁকে ডেকে এই ঘটনার কথা জানানো হয়। পরিবারের সদস্য শ্যামলী মুর্মু বলেন, দেওর অনেক ডাকাডাকি করেও সাড়া না পেয়ে আমাকে ডাকেন। এরপরই তাঁরা ঘটনাটি জানতে পারেন। তাদের স্বামী-স্ত্রীর মধ্যে কোনো ঝামেলা ছিল না। ছেলেটি প্রতিবন্ধী ছিল。 পুলিশ মা ও ছেলের দেহ উদ্ধার করে বুধবার ময়নাতদন্তের জন্য চুঁচুড়া ইমামবাড়া সদর হাসপাতালে পাঠায়। মা ও ছেলের মৃত্যু কিভাবে, তা ময়নাতদন্তের রিপোর্ট পাওয়ার পরেই স্পষ্ট হবে বলে জানিয়েছে পুলিশ। তবে শিশুটির দেহে কোন আঘাতের চিহ্ন ছিল না। গোটা ঘটনা খতিয়ে দেখছে পান্ডুয়া থানার পুলিশ。
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पंजाब सरकार की समिति के साथ परिवार और इंसाफ कमेटी की बैठक फिर शुरू; झोटा हत्या मामले में पोस्टमार्टम पर चर्चा

Mansa, Punjab:ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਦੂਸਰੀ ਵਾਰ ਫਿਰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਬਣਾਈ ਗਈ ਸਿੱਟ ਦੇ ਨਾਲ ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਇਨਸਾਫ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਮਾਨਸਾਂ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਰਿਸ਼ਦ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮੀਟਿੰਗ ਜਾਰੀ ਮਾਨਸਾ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਸੀਬੀਆਈ ਵੱਲੋਂ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਕਤਲ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਸਰੇ ਪਾਸੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਬਣਾਈ ਗਈ ਤਿੰਨ ਮੈਂਬਰੀ ਆਈਐਸ ਮਹਿਲਾ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਸਿੱਟ ਦੇ ਨਾਲ ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਇਨਸਾਫ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਜਾਰੀ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਪਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਤਾਂ ਪੋਸਟਮਾਰਟਮ ਕਰਵਾ ਕੇ ਉਸਦਾ ਅੰਤਿਮ ਸੰਸਕਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ ਫਿਲਹਾਲ ਅਜੇ ਤੱਕ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਤੇ ਕੋਈ ਵੀ ਸਹਿਮਤੀ ਨਹੀਂ ਬਣੀ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਮੁੜ ਤੋਂ ਮੀਟਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈ ਹੈ。
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NC ने जम्मू-कश्मीर में दो साल पूरे किए; इम्रान दर ने पहलों का ब्योरा दिया

Aram Pora, Ganderbal, As the National Conference (NC) government completes two years in office in Jammu and Kashmir, party spokesperson Imran Nabi Dar presented a series of key points before the media, highlighting the government's initiatives, welfare measures, administrative reforms and efforts to address public grievances. Dar said that despite limited powers, bureaucratic hurdles and administrative challenges, the Omar Abdullah-led government had delivered results across various sectors over the past two years. Highlighting the government's political commitments, he referred to the resolution on the restoration of Jammu and Kashmir's special status, introduced during the first session of the Assembly. He also highlighted the Darbar Move, implementation of the Forest Rights Act and the passage of the Jammu and Kashmir Ease of Doing Business Act. On employee welfare, Dar highlighted the government's decision to provide eligible National Pension System (NPS) employees with an option to switch to the Old Pension Scheme (OPS). He also acknowledged the shift in the academic calendar from the March session back to the October–November schedule. Welfare measures and financial assistance Dar highlighted several measures aimed at providing relief to economically weaker sections and vulnerable groups, including: - An increase in the Constituency Development Fund (CDF) from ₹1.5 crore to ₹4 crore. - Provision for MLAs to release financial assistance to fire victims and patients suffering from cancer, kidney ailments and heart diseases. - An increase in marriage assistance for deserving families from ₹50,000 to ₹75,000. - Free bus services for women, students and persons with disabilities. - Doubling the quantity of free ration for eligible families. - Provision of 200 units of free electricity to Antyodaya Anna Yojana (AAY) consumers and six free LPG cylinders. - A 100 per cent stamp duty exemption on property transfers through gift deeds between blood relatives. Education, employment and governance The NC spokesperson also referred to the passage of the Private Universities Bill and efforts to address disparities in the reservation policy. He said the government had completed the exercise on reservation-related disparities and forwarded the file for approval, while the matter remained pending with the Lieutenant Governor's office. On employment, Dar highlighted recruitment efforts for vacant government posts, increased opportunities for youth and an increase in the upper age limit for appearing in competitive examinations. He also pointed to ongoing efforts to improve basic infrastructure and essential public services, including electricity supply, roads, drinking water, drainage and healthcare. The introduction of smart bus services across all districts was described as a significant step towards modernising public transportation. Pending issues and challenges Dar also acknowledged issues that continue to require attention, particularly the concerns of daily wagers and temporary employees. He noted that a committee constituted to address their demands had failed to submit its report within the stipulated six months, and the report remained awaited even after a year. The spokesperson further highlighted that certain matters, including the final approval of the reservation-related file, were still pending. The key points presented by Dar outlined the government's stated achievements over its first two years while also bringing attention to unresolved employee concerns, administrative delays and the need for continued improvements in public services.
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बिलासपुर में रावण दहन विवाद थाने तक पहुँचा; 15 मिनट पहले आग लगने से हंगामा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर में रावण दहन विवाद थाने तक पहुँचा! चांदनी चौक के कुदुदंड में दशहरे पर रावण दहन को लेकर बवाल मच गया। समिति का आरोप है कि रावण दहन का समय रात 10 बजे तय था, लेकिन उससे 15 मिनट पहले ही रावण को आग के हवाले कर दिया गया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर रावण दहन की जल्दी किसे थी और इस जल्दबाजी के पीछे की कहानी क्या है? दरअसल, 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व के अवसर पर नवयुवक श्रद्धा दुर्गा एवं दशहरा उत्सव समिति ने करीब 35 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार कराया था। पुतले की कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई गई है। योजना थी कि भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की झांकी निकलेगी, विधि-विधान होगा और रात 10 बजे रावण दहन किया जाएगा। यानी तैयारी पूरी थी, कार्यक्रम का समय तय था और लोगों को इंतजार था उस खास पल का।लेकिन शिकायत के मुताबिक, रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर ही रावण का पुतला जला दिया गया। समिति ने मनीष राव चौहान उर्फ अंकित और उसके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कथित तौर पर तय कार्यक्रम से पहले पुतले में आग लगा दी। अब सवाल यह है कि जब घड़ी में 10 बजने में 15 मिनट बाकी थे, तो रावण को इतनी जल्दी विदाई देने की जरूरत क्यों पड़ गई?शिकायत में समिति के भीतर पहले से मतभेद और धार्मिक-सामाजिक टिप्पणियों को लेकर विवाद होने का भी आरोप लगाया गया है। समिति का कहना है कि इस घटना से सदस्य और स्थानीय लोग आहत हुए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और संबंधित पक्ष का बयान भी सामने आना बाकी है। सीमा चंद्रवंशी और अन्य सदस्यों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दी। पुलिस ने BNS की धारा 196, 299, 324(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है। फिलहाल, बिलासपुर में रावण दहन के बाद विवाद की आग जरूर सुलग उठी है。
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बोकारो निवास में त्रिपक्षीय वार्ता से भूख हड़ताल का समाधान आगे बढ़ने की राह दिखी

Bokaro Steel City, Jharkhand:Bokaro, Mrityunjay Mishra 12 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे विस्थापितों के मुद्दे पर आज बोकारो निवास में त्रिपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें जिला प्रशासन, बीएसएल प्रबंधन और बोकारो के कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह के साथ विस्थापित भी मौजूद रहे। करीब 3 घंटों तक बोकारो निवास में चली इस मैराथन त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक बात होने की बात बताई जा रही है। बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि ये सकारात्म और आगे चलने की राह है जिसमें विस्थापितों के पूर्व की तरह डीपीआर के माध्यम से नियोजन की बात कही गई है साथ ही अप्रेंटिस किए हुए विस्थापितों के नियोजन की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि जो वार्ता हुई उसका मिनट्स बनाकर हमलोग जिला प्रशासन के माध्यम से बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन को देंगे। उन्होंने कहा कि ये भूख हड़ताल का निर्णय थोड़ी देर में लिया जाएगा। वही बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि वार्ता सकारात्मक है और अभी मिनट्स तैयार हो रहा है जिसे सात दिनों के अंदर राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्ता सकारात्मक हुई है और वार्ता से ही समाधान का रास्ता है। उन्होंने बंदी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि राज्य सरकार के वित्त मंत्री से वार्ता होनी थी जिसके बाद वार्ता के बाद तुरंत सभी गेट को खाली करा दिया गया था। इसमें किसी की कोई छती नहीं हुई। जिसके बाद विस्थापित भी शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे। बाइट -- श्वेता सिंह, बोकारो कांग्रेस विधायक बाइट -- अजय नाथ झा, बोकारो डीसी
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