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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow3 Feb 2025, 04:05 am

Hardoi - दबंगों ने बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी को पीटा, सीएचसी में भर्ती

Shahabad, Uttar Pradesh:

शाहाबाद कोतवाली के हाथा सुभान खां मोहल्ले में मामूली विवाद के चलते दबंगों ने एक बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी को लात घूसों से पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, घायल महिलाओं को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. जानकारी के अनुसार रविवार की शाम 7:30 बजे 12 वर्ष के अनिकेत से खुशहाल ने बैट छीना, इसी पर विवाद ज्यादा बढ़ने पर सयीदा बानो पत्नी जहीर आ गई तो उन्होंने आपत्ति जताई, जिससे नाराज होकर खुशहाल, असद, ऊवैस और फैज सयीदा को लात घूसों से पीटना लगे. घायलों को सीएचसी प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।

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बार एसोसिएशन ने जर्जर चकबंदी कार्यालय भवन को लेकर जताई चिंता, सुरक्षित भवन की उठाई मांग

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी (बरेली)। तहसील परिसर स्थित चकबंदी कार्यालय भवन की जर्जर स्थिति को लेकर बहेड़ी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है और बरसात के दौरान इसके गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यहां आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कराने अथवा कार्यालय को सुरक्षित भवन में स्थानांतरित करने की मांग की। उनका कहना था कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेंद्र सिंह राठी एडवोकेट, महासचिव चंद्र पांडे एडवोकेट, कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार गंगवार एडवोकेट, पूर्व महासचिव मनोज कुमार जौहरी एडवोकेट, प्रेम शंकर प्रभाकर एडवोकेट, हरीश गंगवार एडवोकेट, विशाल दीप शर्मा एडवोकेट, अरविंद कश्यप एडवोकेट, भुवनेश कुमार मौर्य एडवोकेट, रमेश चंद्र राठौर एडवोकेट, सूरज सागर एडवोकेट, महेश सागर एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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उत्तराखंड की बेटी मुन्नी ने बैंकॉक में गोल्ड जीतकर देश का गर्व बढ़ा दिया

Karnaprayag, Uttarakhand:उत्तराखंड के पहाड़ों की पगडंडियों से निकलकर एक बेटी ने सात समंदर पार बैंकॉक में वो कमाल कर दिखाया है, जिस पर पूरे देश को गर्व है। चमोली जिले के किमोठा गांव की रहने वाली मुन्नी ने बैंकॉक के थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराया है। महिला टीम की ओर से खेलते हुए मुन्नी ने कुल 325 किलोग्राम का भारी-भरकम वजन उठाकर दुनिया को हैरान कर दिया। आपको बता दें कि इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के 22 देशों के दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेने आए थे, जिन्हें पछाड़कर चमोली की इस बेटी ने सोने पर कब्जा किया। कर्णप्रयाग पहुचने पर स्थानीय लोगो ने मुन्नी का जोरदार स्वागत किया और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों, तो पहाड़ों का सीना चीरकर भी रास्ता बनाया जा सकता है। उत्तराखंड के चमोली की बेटी मुन्नी ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। बेहद विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कड़ी मेहनत करते हुए मुन्नी ने बैंकॉक में पावर लिफ्टिंग के मंच पर देश का नाम रोशन किया है। मुन्नी का यह सफर रातों-रात तय नहीं हुआ। इसके पीछे सालों की वो तपस्या है जो उन्होंने नेशनल और स्टेट लेवल पर की है। महिला पावर लिफ्टर मुन्नी अब तक 4 बार नेशनल चैंपियनशिप खेल चुकी हैं। 10 बार स्टेट लेवल पर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुकी हैं। इससे पहले भी मुन्नी दिल्ली में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के खेल गलियारों में मुन्नी के इस प्रदर्शन की गूंज साफ सुनी जा सकती है। स्थानीय निवासी ने कहा कि "हमारे पहाड़ की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है, यह हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। लेकिन दुख इस बात का है कि पावर लिफ्टिंग में गोल्ड हासिल करने वाली मुन्नी को सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। न तो उन्हें जाने के लिए आर्थिक मदद दी गई और न ही जीतने के बाद प्रोत्साहित किया गया। अगर सरकार ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को सही समय पर सपोर्ट करे, तो हमारे पहाड़ों से ऐसी न जाने कितनी प्रतिभाएं निकलकर दुनिया में देश का नाम चमका सकती हैं।" संजय लखेड़ा स्थानीय निवासी की बात खेल सिस्टम पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ी करती है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों से हर साल सैकड़ों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर आगे आते हैं। 13, 14 और 15 जून को बैंकॉक में जब 22 देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे को चुनौती दे रहे थे, तब मुन्नी बिना किसी सरकारी बैकिंग के सिर्फ अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर वहां डटी हुई थीं। सवाल यह है कि आखिर कब तक देश की बेटियां बिना सरकारी मदद के खुद के खर्चे पर खिलाड़ी अब तक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए मेडल लाती रहेंगी। मुन्नी ने 325 किलो का वजन उठाकर मेडल तो जीत लिया, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या सरकार की नींद टूटती है? क्या उत्तराखंड सरकार और खेल मंत्रालय इस प्रतिभावान खिलाड़ी को वो सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन देगा जिसकी वो हकदार हैं? क्योंकि प्रतिभाएं सुविधाओं की मोहताज नहीं होतीं, लेकिन उन्हें संवारना सरकार की जिम्मेदारी जरूर है।
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कन्नौज में चेकिंग के दौरान ट्रक से टक्कर; दो बाइक सवार भाइयों की मौत

Kannauj, Uttar Pradesh:कन्नौज - सड़क किनारे चल रही परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, शादी स्टूडियो का काम करने वाले बाइक सवार 2 युवकों की ट्रक में पीछे से बाइक की टक्कर के कारण मौत हो गई, घटना से परिवारजनों में शोक का माहोल है। शादी समारोह में वीडियो व फोटोग्राफी करने जा रहे बाइक सवार दो चचेरे भाइयों की सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराने पर मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे कस्बा तालग्राम के मोहल्ला गांधीनगर निवासी सौरभ शाक्य पुत्र रामनाथ अपने चचेरे भाई अवनीश शाक्य पुत्र महेश चंद्र के साथ बाइक से तेरा जाकेट क्षेत्र में एक शादी समारोह में वीडियो व फोटोग्राफी करने जा रहे थे। रास्ते में निकवा गांव स्थित बालाजी मंदिर के पास उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालग्राम पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते अस्पताल पहुंच गए। बताया गया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के अंडरपास के पास आरटीओ की चेकिंग चल रही थी। चेकिंग के दौरान कई ट्रक चालक अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर पास के होटलों पर चले गए थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक रंजना पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर दोनों शवों का पंचायतनामा भर पोस्टमार्म के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक रंजना पांडेय ने बताया कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ट्रक चालक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。
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फरीदाबाद में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता के सम्मान समारोह की तैयारी

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद में कल एक मंच पर दिखाई देंगे बीजेपी के मंत्री और बड़े नेता दरअसल कल फरीदाबाद में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता का सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें फरीदाबाद के तमाम बड़े नेता और मंत्री एक मंच पर दिखाई दे सकते हैं। जानकारी देते हुए हरियाणा के राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि कल फरीदाबाद अमृता ऑडिटोरियम में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष का सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें फरीदाबाद भाजपा के तमाम बड़े नेता और मंत्री मौजूद रहेंगे राज्यमंत्री राजेश नागर ने बताया कि करीब 10:00 बजे प्रदेश अध्यक्ष बदरपुर पहुंचेंगे जहां फरीदाबाद पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया जाएगा और उसके बाद अमृथा ऑडिटोरियम में विस्तार पूर्वक सम्मान समारोह कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता पहुंचेगी।
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सीहोर میں खदान पानी में डूबे दो बच्चों की मौत, बारिश से ग्रामीण शोक

Sehore, Madhya Pradesh:खदान में डूबने से दो बच्चों की मौत, नहाने गए थे दोनों बच्चे सीहोर जिले में आष्टा के ग्राम बापचा में बड़ी घटना हुई है जिसमें दो बच्चों की खदान में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई है। जानकारी अनुसार ग्राम बागेर मुरम की खदान मे तैरने गए थे दोनों बच्चे, डूबने से दोनो की हुई मौत सूचना मिलते ही परिजन दोनों बच्चों को सिविल अस्पताल लाए जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों मृत बच्चों के नाम समर पिता संतोष उम्र 12 वर्ष ,समर पिता जितेंद्र 12 वर्ष निवासी बापचा दोनिया है। बताया जा रहा मुरम खदान में नहाते समय गहराई मे जाने से डूबे दोनों बच्चे आपको बता दें कि बीती रात आष्टा के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है जिसके कारण क्षेत्र के सभी नदी नाले उफान पर है और कई गांवों का संपर्क टूट गया है वही तालाब, तलाई पानी से भरा गए हैं
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MSP योजना से किसान संतुष्ट, जल्द भुगतान और पंजीकरण से लाभ बढ़े

Kaithal, Haryana:सरकार की MSP योजना से किसान खुश, जताया आभार सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद को लेकर किसानों में संतोष देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा सभी प्रमुख फसलों की खरीद MSP पर की जा रही है, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने गेहूं और धान की फसल MSP पर बेची है और इस प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। समय पर पूरा भुगतान मिलने से किसानों में विश्वास और मजबूत हुआ है। किसानों ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी फसल का पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर करवा रखा है, जिसके चलते उन्हें सरकार की विविध योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। इसके अलावा, किसानों ने धान की सीधी बिजाई (Direct Seeding) योजना का भी लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्हें इस योजना के तहत ₹8000 प्रति एकड़ का मुआवजा मिला था और इस बार भी इसी योजना के तहत लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हित में सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह किसानों के कल्याण के लिए जनहितकारी योजनाएं जारी रहेंगी।
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उत्तराखंड की बेटी मुन्नी ने बैंकॉक में गोल्ड मेडल जीतकर नाम रोशन किया

Karnaprayag, Uttarakhand:उत्तराखंड के पहाड़ों की पगडंडियों से निकलकर एक बेटी ने सात समंदर पार बैंकॉक में वो कमाल कर दिखाया है, जिस पर पूरे देश को गर्व है। चमोली जिले के किमोठा गांव की रहने वाली मुन्नी ने बैंकॉक के थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराया है। महिला टीम की ओर से खेलते हुए मुन्नी ने कुल 325 किलोग्राम का भारी-भरकम वजन उठाकर दुनिया को हैरान कर दिया। आपको बता दें कि इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के 22 देशों के दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेने आए थे, जिन्हें पछाड़कर चमोली की इस बेटी ने सोने पर कब्जा किया। कर्णप्रयाग पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने मुन्नी का जोरदार स्वागत किया और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों, तो पहाड़ों का सीना चीरकर भी रास्ता बनाया जा सकता है। उत्तराखंड के चमोली की बेटी मुन्नी ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। बेहद विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कड़ी मेहनत करते हुए मुन्नी ने बैंकॉक में पावर लिफ्टिंग के मंच पर देश का नाम रोशन किया है। मुन्नी का यह सफर रातों-रात तय नहीं हुआ। इसके पीछे सालों की तपस्या है जो उन्होंने नेशनल और स्टेट लेवल पर की है। महिला पावर लिफ्टर मुन्नी अब तक चार बार नेशनल चैंपियनशिप खेल चुकी हैं, 10 बार स्टेट लेवल पर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुकी हैं। इससे पहले भी मुन्नी दिल्ली में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के खेल गलियारों में मुन्नी के इस प्रदर्शन की गूंज साफ सुनी जा सकती है। संजय लखेड़ा ने कहा कि हमारे पहाड़ की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है, यह हमारे लिए गर्व की बात है. लेकिन दुख इस बात का है कि पावर लिफ्टिंग में गोल्ड हासिल करने वाली मुन्नी को सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला. न तो उन्हें जाने के लिए आर्थिक मदद दी गई और न ही जीतने के बाद प्रोत्साहित किया गया. अगर सरकार ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को सही समय पर सपोर्ट करे, तो हमारे पहाड़ों से ऐसी न जाने कितनी प्रतिभाएं निकलकर दुनिया में देश का नाम चमका सकती हैं. संजय लखेड़ा की यह बात खेल सिस्टम पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ी करती है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों से हर साल सैकड़ों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर आगे आते हैं। 13, 14 और 15 जून को बैंकॉक में जब 22 देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे को चुनौती दे रहे थे, तब मुन्नी बिना किसी सरकारी बैकिंग के सिर्फ अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर वहां डटी हुई थीं। सवाल यह है कि आखिर कब तक देश की बेटियां बिना सरकारी मदद के खुद के खर्चे पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के लिए मेडल लाती रहेंगी। मुन्नी ने 325 किलो का वजन उठाकर मेडल तो जीत लिया, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या सरकार की नींद टूटती है? क्या उत्तराखंड सरकार और खेल मंत्रालय इस प्रतिभावान खिलाड़ी को वो सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन देगा जिसकी वो हकदार हैं? क्योंकि प्रतिभाएं सुविधाओं की मोहताज नहीं होतीं, लेकिन उन्हें संवारना सरकार की जिम्मेदारी जरूर है। Zee Media की शुभकामनाएं।
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जालौन में IAS रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग पर युवाओं का मार्च

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन तहसील में पूर्व उपजिलाधिकारी रहे आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की दोबारा तैनाती की मांग को लेकर शनिवार को सैकड़ों की संख्या में युवा और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। जालौन नगर सहित आसपास के कई गांवों से पहुंचे लोगों ने मेला ग्राउंड से तहसील परिसर तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रिंकू सिंह राही के समर्थन में नारेबाजी करते हुए उनकी पुनः जालौन में तैनाती की मांग उठाई। बता दें कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने हाथों में ज्ञापन लेकर शांतिपूर्ण तरीके से तहसील तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रिंकू सिंह राही के कार्यकाल में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होता था और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता देखने को मिली थी। इसी कारण क्षेत्र की जनता उन्हें फिर से जालौन में तैनात किए जाने की मांग कर रही है। इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थाना क्षेत्रों से पुलिस बल तैनात किया गया। कई पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी पहले जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। कुछ समय तक इसको लेकर स्थिति बनी रही, लेकिन जालौन 코तवाली प्रभारी हरिश्चंद्र ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें समझाया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी शांत हो गए और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को सौंप दिया। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही की पुनः जालौन में तैनाती की जाए ताकि जिले में विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान की गति पहले की तरह बनी रहे। उपजिलाधिकारी राकेश सोनी ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांग को शासन स्तर तक भेजा जाएगा。
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लोनी में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान 15 साल पुरानी मजार ध्वस्त

Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के लोनी में अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए प्रशासन ने 15 साल पुरानी मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। लोनी क्षेत्र को जाम मुक्त करने के लिए शनिवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। लोनी-भोपुरा मार्ग पर लोनी ब्लॉक के सामने सड़क पर स्थित करीब 15 साल पुरानी मजार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। सड़क पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए यह अभियान चलाया गया, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पूरे इलाके की निगरानी पुलिस द्वारा की गई। वहीं सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा。
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