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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow3 Feb 2025, 04:05 am

Hardoi - दबंगों ने बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी को पीटा, सीएचसी में भर्ती

Shahabad, Uttar Pradesh:

शाहाबाद कोतवाली के हाथा सुभान खां मोहल्ले में मामूली विवाद के चलते दबंगों ने एक बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी को लात घूसों से पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, घायल महिलाओं को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. जानकारी के अनुसार रविवार की शाम 7:30 बजे 12 वर्ष के अनिकेत से खुशहाल ने बैट छीना, इसी पर विवाद ज्यादा बढ़ने पर सयीदा बानो पत्नी जहीर आ गई तो उन्होंने आपत्ति जताई, जिससे नाराज होकर खुशहाल, असद, ऊवैस और फैज सयीदा को लात घूसों से पीटना लगे. घायलों को सीएचसी प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया।

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बांदा में मामूली विवाद के चलते भाई की ईंट से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Banda, Uttar Pradesh:बांदा में मामूली विवाद के चलते सगे भाई की ईंट से मारकर हत्या करने वाले अभियुक्त को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। आपको बता दे कि अतर्रा थाना क्षेत्र कस्बे के रहने वाले आशीष पुत्र राजकुमार ने दिनांक 05.06.2026 को देर रात्रि पैसे को लेकर हुए मामूली विवाद में अपने बड़े भाई विकाश के सिर पर ईंट से वार कर गम्भीर रुप से घायल कर दिया था जिसकी इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। प्रकरण में मृतक की माँ सुनीता देवी की तहरीर पर थाना अतर्रा में अभियोग पंजीकृत किया गया था तथा अभियुक्त की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में थाना अतर्रा पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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उमानाथ हादसे के बाद गंगा में अवैध नाव परिचालन पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई

Barh, Bihar:बाढ़ अनुमंडल में उमानाथ हादसे के बाद प्रशासन ने आज गंगा नदी में नाव के अवैध परिचालन पर एक बड़ी कार्रवाई की है। उमानाथ घाट पर गंगा नदी में चल रहे पांच अवैध नावों को ज़ब्त किया गया है, वहीं दो पुराने जर्जर नावों को प्रशासन ने ध्वस्त भी कर दिया है। इस दौरान प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन कर गंगा नदी में नाव चला रहे दो नाविकों को भी गिरफ्ताr कर लिया गया है। उमानाथ हादसे में सात लोगों की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन ने कई घाट सील कर दिए थे। इसके बावजूद एसडीपीओ रामकृष्ण को गंगा नदी में नावों के अवैध संचालन की जानकारी मिल रही थी। प्रशासन उमानाथ घाट पर गंगा नदी में नाविकों के नाव संचालन पर रोक के लिए लगातार अनाउंसमेंट भी करा रहा है। इसके बावजूद लोग प्रशासन के आदेशों की अवहेलना कर गंगा नदी में नावों का परिचालन कर रहे थे। अब पुलिस दो नाविकों को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई करने में जुटी है।
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मां-बेटी की डिग्गी डूबने का मामला: ससुराल पर हत्या का मुकदमा दर्ज, जांच जारी

Barmer, Rajasthan:मां-बेटी की डिग्गी में डूबने से मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज, जांच शुरू गुड़ामालानी थाना क्षेत्र के सीलू गांव में पानी की डिग्गी में डूबने से मां-बेटी की हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका के पीहर पक्ष की रिपोर्ट पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है。 पुलिस के अनुसार शनिवार शाम करीब 5 बजे सूचना मिली थी कि एक महिला और उसकी पुत्री पानी की डिग्गी में डूब गई हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक दोनों के शव डिग्गी से बाहर निकाले जा चुके थे। मृतकों की पहचान अनिता पत्नी राजूराम और उसकी पुत्री सुमन के रूप में हुई。 मृतका के भाई गणपतलाल ने बताया कि घटना की सूचना उन्हें मृतका के बच्चों के फोन से मिली। बच्चों ने फोन पर कहा कि उनकी मां को मार दिया गया है। इसके बाद वह जोधपुर से गुड़ामालानी पहुंचे। गणपतलाल का आरोप है कि मोर्चरी में शव देखने पर मृतका के शरीर पर चोटों के निशान दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी उनकी बहन के साथ मारपीठ की घटनाएं हुई थीं, जिनमें समाज के गणमान्य लोगों ने समझाइश कर मामला शांत कराया था। थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में आसपास के लोगों ने बताया कि पुत्री ने अपनी मां से मोबाइल फोन मांगा था। मोबाइल नहीं मिलने पर नाराज होकर वह डिग्गी में कूद गई। उसे बचाने के प्रयास में मां भी डिग्गी में उतर गई, जिससे दोनों की डूबने से मौत हो गई। वहीं मृतका के पिता ठाकराराम निवासी कुडकी चितलवाना ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कर आरोप लगाया कि उनकी पुत्री की वर्ष 2007 में राजूराम पुत्र बाबूराम के साथ शादी हुई थी तथा शादी के बाद से पति, देवर, सास सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोग उसे प्रताड़ित करते थे। पीहर पक्ष ने ससुराल पक्ष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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रामनगर ट्रांसपोर्ट नगर में इंडिका कार में भीषण आग, कोई जनहानि नहीं

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में रविवार दोपहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब परिसर के अंदर खड़ी एक इंडिका कार में अचानक आग लग गई, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी कार धू-धू कर जलने लगी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्श्यों के अनुसार, इंडिका कार ट्रांसपोर्ट नगर परिसर में खड़ी थी, दोपहर के समय अचानक कार से धुआं निकलता दिखाई दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में कार पूरी तरह आग के हवाले हो गई, आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण सफलता नहीं मिल सकी. घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन को दी गई, सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक़त के बाद आग पर काबू पाया, हालाँकि तब तक कार लगभग पूरी तरह जल चुकी थी और उसमें रखा सामान भी नष्ट हो गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग समय रहते नियंत्रित नहीं की जाती तो आसपास खड़े अन्य वाहनों और संपत्तियों को भी नुकसान पहुंच सकता था। फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है. इस घटना के बाद ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही, आग बुझने के बाद स्थिति सामान्य हुई, प्रशासन ने लोगों से वाहनों की नियमित जांच कराने और किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी को नजरअंदाज न करने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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गोरखपुर: फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाले गैंग पर गैंगस्टर कानून की बड़ी कार्रवाई

Gorakhpur, Uttar Pradesh:एंकर: गोरखपुर पुलिस ने खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर ठेका दिलाने, जमीन दिलाने और सरकारी पहुंच का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले चार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना बिहार का रहने वाला है और अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी आईडी कार्ड, कूटरचित दस्तावेज और फर्जी पत्राचार के जरिए लोगों को जाल में फंसाता था। वीओ: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ कश्यप के निर्देश पर संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुलरिहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों के खिलाफ यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस के अनुसार गैंग का सरगना बिहार के सीतामढ़ी जनपद का रहने वाला ललित किशोर है। उसके साथ अभिषेक कुमार, परमानंद गुप्ता और रामनयन गुप्ता गिरोह के सदस्य के रूप में सक्रिय थे। यह गिरोह खुद को प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता था और फिर ठेका दिलाने, जमीन उपलब्ध कराने तथा सरकारी काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी आईएएस अधिकारी "गौरव कुमार सिंह" के नाम से फर्जी पहचान पत्र, कूटरचित दस्तावेज, व्हाट्सएप चैट और फर्जी पत्राचार तैयार करते थे। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे लोगों को भरोसे में लेकर उनसे धनराशि ऐंठी जाती थी। ठगी से प्राप्त धन को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से धोखाधड़ी और गबन जैसे अपराधों में संलिप्त था। इनके विरुद्ध पहले से थाना गुलरिहा में मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह की गतिविधियों से आम जनता में भय और आतंक का माहौल था। इसी को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बाद गैंग चार्ट तैयार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। थाना गुलरिहा में चारों आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 456/2026 के तहत धारा 2(b)(i), 2(b)(xi) एवं 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे भी गिरोह की संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की जांच की जाएगी तथा अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी कार्रवाई संभव है。 बाइट:– रवि सिंह, क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ, गोरखपुर。 फर्जी आईएएस बनकर लोगों को ठगने वाले इस गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई को गोरखपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और अपराध से अर्जित संपत्तियों की भी जांच कर रही है。
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खूनी विवाद: पाइप कनेक्शन पर हमला, महिला घायल, आरोपी गिरफ्तार

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी ज़िले में पाइप लाइन के कनेक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक महिला पर तमंचे की बट से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामला कोखराज थाना क्षेत्र के शहजादपुर गांव का है, जहां पाइप के कनेक्शन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। पीड़िता शाजिया बेगम का आरोप है कि विवाद के दौरान कय्यूम ने गाली-गलौज की, जबकि उसका बेटा जुनैद धक्का-मुक्की करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे बेटे उवैद ने कमर में लगा तमंचा निकालकर उसकी बट से महिला के सिर पर हमला कर दिया। हमले में शाजिया बेगम गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में महिलाओं को थाने में बैठाए रखा और आरोपियों को छोड़ दिया। हालांकि घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने हस्तक्षेप किया और मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद कोखराज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी उवैद को शहजादपुर स्थित मजार के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा और 315 बोर का एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पाइप कनेक्शन के मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला अब जानलेवा हमले और अवैध हथियार बरामदगी तक पहुंच गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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कन्नौज में राजभर का सपा और शंकराचार्य पर हमला, विपक्ष पर निशाना

Kannauj, Uttar Pradesh:कन्नौज: ओपी राजभर का सपा और शंकराचार्य पर हमला, कई मुद्दों पर साधा निशाना सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष Om Prakash Rajbhar ने कन्नौज में आयोजित एक जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और Swami Avimukteshwaranand पर तीखा हमला बोला। केके कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि महाराज जी संत की तरह नहीं, बल्कि सपा नेता की तरह काम कर रहे हैं। कोई संत अपनी मुहिम और समाजहित के मुद्दों पर बोलता है, किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के खिलाफ राजनीतिक बयान नहीं देता। सपा पर आतंकियों को संरक्षण देने के अपने पुराने बयान को दोहराते हुए राजभर ने कहा कि आजमगढ़ सपा का गढ़ रहा है और एटीएस हर आतंकी की तलाश में आजमगढ़ पहुंचती रही है। सपा द्वारा लगाए गए 23 राजभरों की हत्या संबंधी पोस्टरों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पोस्टर लगाने वालों ने यह नहीं बताया कि हत्याएं किसने करवाईं। राजभर ने दावा किया कि 95 प्रतिशत हत्याएं सपा से जुड़े लोगों द्वारा करवाई गईं। हनुमान जी को राजभर समाज से जोड़ने वाले अपने पुराने बयान से जुड़े विवाद पर भी उन्होंने सफाई दी। राजभर ने कहा कि अहिल्या और तारा सगी बहनें थीं। अहिल्या का विवाह गौतम ऋषि से और तारा का विवाह बालि से हुआ था। कोई पिता अपनी बेटी की शादी वानर से नहीं करेगा, इसलिए मैं कहता हूं कि बालि वानर नहीं बल्कि नर थे। इसके अलावा सपा शासनकाल में हुई पुलिस भर्ती को लेकर भी राजभर ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय पुलिस भर्ती की सूची पर Akhilesh Yadav और Shivpal Singh Yadav के हस्ताक्षर होते थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में कम पढ़े-लिखे लोगों की भर्ती की जाती थी। जनसभा के दौरान राजभर ने विभिन्न मुद्दों पर सपा सरकार की कार्यप्रणाली और उसके नेताओं पर सवाल उठाते हुए अपनी पार्टी की नीतियों को जनता के सामने रखा।
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