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Sanjay GuptaSanjay GuptaFollow1 Jan 2025, 03:25 pm
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यमुनानगर में मानसून की पहली बारिश ने जलभराव से शहर की पोल खोल दी

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर में मानसून की पहली बारिश ने आखिरकार दस्तक दे दी। बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं धान की रोपाई कर रहे किसानों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी। लेकिन मानसून की पहली ही बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। कई इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। एक कॉलोनी में तो हालात ऐसे हो गए कि सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और लोगों को घरों व दुकानों से निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल यही समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया। मानसून की पहली बारिश जहां लोगों के लिए राहत लेकर आई, वहीं शहर के कई हिस्सों में मुसीबत भी बन गई। सड़कों और गलियों में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई। कई कॉलोनियों में बारिश का पानी घरों के बाहर तक पहुंच गया, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर निगम के जल निकासी व्यवस्था को लेकर किए गए दावे पहली ही बारिश में फेल होते दिखाई दिये। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए। दूसरी ओर, किसानों के लिए यह बारिश राहत भरी रही। इन दिनों धान की रोपाई का काम चल रहा है और बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई का खर्च कम होगा और आने वाले दिनों में मानसून सामान्य बना रहता है तो धान की फसल को अच्छा लाभ मिलेगा। "हर साल पहली बारिश में हमारी कॉलोनी का यही हाल हो जाता है। सड़कें पानी में डूब जाती हैं और घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन और नगर निगम से कई बार शिकायत की, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। पहली ही बारिश ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।"
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हरदोई में यूपी-टीईटी फर्जीवाड़ा: जन्मतिथि और नाम बदले दस्तावेज़ पर पकड़ा गया युवक

Hardoi, Uttar Pradesh:UPTET 2026: हरदोई में फर्जी जन्मतिथि और बदले नाम से परीक्षा देने पहुंचा अभ्यर्थी पकड़ा गया,बायोमैट्रिक जांच में खुला खेल उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के दौरान हरदोई में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। शनिवार को पहली पाली में शहर के आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी की बायोमैट्रिक केवाईसी के दौरान पहचान संदिग्ध मिली। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि युवक ने न सिर्फ अपनी जन्मतिथि बदली, बल्कि नाम और पिता का नाम तक बदलकर नए दस्तावेज तैयार करा लिए थे। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे वह यूपी-टीईटी परीक्षा देने पहुंचा था। मामला सामने आने के बाद केंद्र व्यवस्थापिका की तहरीर पर कोतवाली शहर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। केंद्र व्यवस्थापिका एवं प्रधानाचार्या मंजू तिवारी के मुताबिक, कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बखारी निवासी युवक परीक्षा देने आया था। जांच में सामने आया कि उसका पहला नाम अमित कुमार यादव पुत्र कमलेश यादव था। आरोप है कि उसने पहली बार मेरठ से हाईस्कूल परीक्षा पास की थी, जिसमें उसकी जन्मतिथि 15 जून 1995 दर्ज थी। इसके बाद उसने कथित तौर पर जन्मतिथि बदलकर 4 अप्रैल 2002 करा ली और नाम बदलकर आकाश कुमार यादव पुत्र कैलाश चंद्र यादव कर लिया। फिर दूसरी बार कन्नौज से हाईस्कूल परीक्षा पास की। सबसे अहम बात यह रही कि दोनों अलग-अलग नामों वाले आधार कार्ड में पता एक ही मिला, जिससे अधिकारियों को शक हुआ कि दोनों पहचानें एक ही व्यक्ति की हैं और दस्तावेज सुनियोजित तरीके से बदले गए हैं। परीक्षा केंद्र पर जब सुरक्षा एजेंसी ने बायोमैट्रिक केवाईसी कराई तो उसका सत्यापन नहीं हो सका। बायोमैट्रिक मिसमैच होने के बाद अभ्यर्थी के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिसमें नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। आरोप है कि युवक इन्हीं बदले हुए दस्तावेजों के सहारे शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने पहुंचा था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह पुलिस में भर्ती होना चाहता था, इसलिए उम्र सीमा का फायदा लेने के लिए उसने जन्मतिथि बदलकर दोबारा हाईस्कूल किया। उसने यह भी बताया कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वह पहले पुलिस भर्ती परीक्षा, होमगार्ड भर्ती परीक्षा और अब यूपी-टीईटी में शामिल हुआ था। केंद्र व्यवस्थापिका ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के साथ परीक्षा सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट भी पुलिस को सौंप दी गई है। एडीएम दीपाली भार्गव ने बताया कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि आरोपी ने नाम, जन्मतिथि और पिता के नाम में बदलाव किस प्रक्रिया से कराया, किन दस्तावेजों के सहारे अलग-अलग परीक्षाओं में शामिल हुआ और इस पूरे फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क भी शामिल है या नहीं।
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अररिया के बथनाहा में 6 बिजली तार चोर गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

Forbesganj, Bihar:अररिया के बथनाहा में पुलिस ने अंतरराज्यीय बिजली तार चोर गिरोह के 6 चोरों को गिरफ्तार किया है। बथनाहा थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश की नंबर वाली एक ट्रक में भरकर बिजली के तार को बेचने के लिए ले जाया जा रहा है जिसके बाद पुलिस ने नहर पर घेराबंदी पर ट्रक समेत 6 चोरों को गिरफ्तार किया। अररिया समेत आस पास के जिले के अलग अलग जगहों पर ये सभी चोर बिजली के तार की चोरी करते थे और इस तार को दूसरे राज्यों में ले जाकर बेच देते थे जिससे सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान होता था। इन चोरों के पकड़ा जाने के बाद पुलिस और बिजली विभाग ने राहत की सांस ली है। सभी चोरों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
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दिलीप जायसवाल ने फारूक अब्दुल्ला पर पलटवार, धारा 370 समर्थक पाकिस्तान से बातचीत पर हमला

Kishanganj, Bihar:ANCHOR : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भारत-पाकिस्तान के बीच वार्तालाप की मांग वाले बयान पर पलटवार कर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फारूक अब्दुल्ला जैसे लोग इसी देश का खाते हैं और इसी देश के विरोधी ताकतों की बात करते हैं। मंत्री ने कहा कि धारा 370 के समर्थक आज पाकिस्तान के साथ बातचीत की बात कर रहे हैं।कांग्रेस के शासनकाल में पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में रोजाना पत्थर फिंकवाने और गोला-बारूद बरसाने का काम करवाता था। लेकिन जब से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार आई है, खासकर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की हालात पूरी तरह बदल गया हैं। आज जम्मू कश्मीर से पत्थरबाज भाग गए हैं और गोला-बारूद बरसाने वाले का गोला बारूद भी खत्म हो गया हैं। # अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के अदालत में मुकदमा दायर करने की बात पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर प्रकरण मामले की जांच एसआईटी के माध्यम से चल रही है। उन्होंने कहा कि जिस स्टाफ ने गलती की है, उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। पूरी पारदर्शिता के साथ जांच हो रही है। बाइट : डॉ दिलीप कुमार जायसवाल,मंत्री।
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डायन के नाम पर हत्या: किताहातु गांव में एतवारी देवी की हत्या, दो गिरफ्तार

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले के किताहातु गांव में डायन-बिसाही के नाम पर एक 75 वर्षीय एतवारी देवी की हत्या की घटना घटित हुई। गांव के ही दो युवकदिनाय मुंडा (20) और मंगल मुंडा (19) ने सोयी स्थिति में पत्थर से कूचकर और डंडे से पीटकर हत्या कर दी, यह अंधविश्वास था कि वह डायन है। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उनके निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सने डंडे, पत्थर और कपड़े बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि वृद्ध महिला की हत्या डायन-बिसाही के आरोप में की गई थी। मामले की गहन जांच जारी है।
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ब्लूएडार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड में डिलीवरी स्टाफ पर सात एप्पल आईफोन की धोखाधड़ी का आरोप।

Vishesh Kr GurejaVishesh Kr GurejaFollow4m ago
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में ब्लूएडार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड के क्षेत्र प्रबंधक ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर देकर कंपनी के एक डिलीवरी स्टाफ पर सात एप्पल आईफोन के स्थान पर डमी फोन रखकर 10 लाख 44 हजार 300 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। कंपनी के प्रबंधक ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। तहरीर के अनुसार, ब्लूएडार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड का कार्यालय नवादा रोड स्थित गांधी नगर कॉलोनी में है। 20 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 के बीच कंपनी के पास सात प्रीपेड एप्पल शिपमेंट आए थे, जिनमें आईफोन-17 प्रो भेजे गए थे। इन सभी शिपमेंट की डिलीवरी का प्रयास कंपनी के डिलीवरी स्टाफ रोहतास, निवासी ग्राम सुभरी ने किया था। कंपनी के अनुसार, सभी पार्सल ओटीपी के साथ कैंसिल दिखाए गए और बाद में आरटीओ (रिटर्न टू ओरिजिन) होकर एप्पल के वेयरहाउस भेज दिए गए। वेयरहाउस में जांच के दौरान सभी बॉक्स में असली आईफोन की जगह डमी फोन मिले। शिकायत में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान डिलीवरी स्टाफ ने बताया कि वह संबंधित ग्राहकों के पते पर नहीं गया था और कॉल कर कैंसिलेशन के लिए ओटीपी लिया था। जबकि कंपनी के सिस्टम के अनुसार उसने किसी भी ग्राहक को कॉल नहीं की थी। कंपनी का आरोप है कि डिलीवरी स्टाफ ने किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पार्सलों से आईफोन निकालकर उनकी जगह डमी फोन रख दिए और दोबारा पैक कर कार्यालय में जमा करा दिए। तहरीर में बताया गया है कि सातों आईफोन की कुल कीमत 10 लाख 44 हजार 300 रुपये है। कंपनी ने चोरी हुए सभी मोबाइल फोन के एयरवे बिल नंबर, आईएमईआई नंबर और सीरियल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। क्षेत्र प्रबंधक अतुल शुक्ला ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और कंपनी को न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
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कॉर्बेट जंगल सफारी परमिट विवाद: ऑनलाइन-ऑफलाइन व्यवस्था पर जिप्सी गुटों की भिड़ंत

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए मानसून में लागू की गई नई परमिट व्यवस्था विवादों में घिर गई है, ऑनलाइन और ऑफलाइन परमिट व्यवस्था के साथ-साथ रोटेशन और नॉन-रोटेशन सिस्टम को लेकर जिप्सी कारोबारियों के दो गुट आमने-सामने आ गए हैं, दोनों पक्ष कॉर्बेट कार्यालय पहुंचे और डिप्टी डायरेक्टर राहुल मिश्रा से मुलाकात कर अपनी-अपनी मांगें रखीं, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मॉनसून सीजन के दौरान जंगल सफारी के लिए लागू की गई नई परमिट व्यवस्था विवाद का कारण बन गई है, ऑनलाइन और ऑफलाइन परमिट प्रक्रिया के साथ-साथ रोटेशन और नॉन-रोटेशन सिस्टम को लेकर जिप्सी कारोबारियों के दो गुट खुलकर आमने-सामने आ गए हैं, शनिवार को दोनों पक्ष कॉर्बेट कार्यालय पहुंचे और डिप्टी डायरेक्टर राहुल मिश्रा से मुलाकात कर अपनी-अपनी मांगें रखीं, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। दरअसल कॉर्बेट प्रशासन ने मॉनसून सीजन में व्यवस्था बनाई थी कि यदि ऑनलाइन बुकिंग के बाद कुछ परमिट खाली रह जाते हैं तो सफारी शुरू होने से ढाई घंटे पहले तक पर्यटक रिसेप्शन सेंटर पहुंचकर मैनुअल तरीके से ऑफलाइन परमिट ले सकते हैं, इस व्यवस्था में पर्यटक अपनी पसंद की जिप्सी का चयन भी कर सकते थे, इसी व्यवस्था को लेकर विवाद शुरू हुआ, वर्तमान जिप्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश छिम्वाल ने कहा कि असली विवाद ऑनलाइन और ऑफलाइन का नहीं, बल्कि रोटेशन और नॉन-रोटेशन सिस्टम का है, उनका कहना है कि विभाग को किसी एक पक्ष के हित में नहीं बल्कि सभी जिप्सी स्वामियों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए, उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था से जिप्सी स्वामियों के बीच गुटबाजी बढ़ रही है, उन्होंने सुझाव दिया कि विभाग मतदान कराकर तय करे कि अधिकांश जिप्सी स्वामी किस व्यवस्था के पक्ष में हैं और उसी के अनुसार पारदर्शी नीति लागू की जाए, उनका कहना था कि यदि यह विवाद समाप्त नहीं हुआ तो पर्यटन और आपसी सौहार्द दोनों प्रभावित होंगे। वहीं पूर्व जिप्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम मेहरा ने ऑनलाइन व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से ऑनलाइन परमिट प्रणाली सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और इससे पर्यटकों को सुविधा मिलती है, उन्होंने आरोप लगाया कि ऑफलाइन परमिट व्यवस्था से कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं और इसका दुरुपयोग कर रहे हैं, उनका कहना था कि जब लगभग सभी सरकारी सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं तो कॉर्बेट की सफारी परमिट व्यवस्था भी पूरी तरह ऑनलाइन ही रहनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि रिसेप्शन सेंटर से मैनुअल परमिट जारी करने की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त की जाए. मामला कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर राहुल मिश्रा ने बताया कि मॉनसून सीजन में पहले सफारी शुरू होने से ढाई घंटे पहले तक ऑनलाइन बुकिंग बंद हो जाती थी और उसके बाद बची हुई सीटों के लिए ऑफलाइन व्यवस्था लागू की गई थी, हालाँकि यह व्यवस्था अपेक्षित रूप से सफल नहीं रही, इसलिए अब संशोधन करते हुए सफारी शुरू होने से आधे घंटे पहले तक ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दे दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यही व्यवस्था लागू रहेगी और यदि भविष्य में इसमें किसी सुधार की आवश्यकता महसूस होगी तो उस पर भी विचार किया जाएगा.
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बरेली में नर्सिंग असिस्टेंट कुलदीप गोस्वामी की मौत, परिवार पर जहर-हंगामे के आरोप

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र में बाला जी मंदिर के पास के रहने नर्सिंग असिस्टेंट कुलदीप गोस्वामी की मौत हो गई। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। इस मामले में कुलदीप के परिवार ने उनकी पत्नी, साली और साढू के खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। मरने से पहले कुलदीप ने एक वीडियो भी बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, आरोप लगाया है कि नर्सिंग असिस्टेंट की पत्नी अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर उन्हें परेशान करती रहती थीं। पत्नी ने 30 जून को महिला थाने में पति कुलदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। इसी मामले में समझौता करने या माफी मांगने के लिए कुलदीप अपनी साली के घर गए थे, जहां उनकी पत्नी रह रही थी। वहां पर विवाद हुआ और इसके बाद कुलदीप अचेत अवस्था में मिले। निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर के मुताबिक उन्होंने जहर खा रखा था। कैंट इंस्पेक्टर संजय धीर ने बताया कि नर्सिंग अस्टिटेंट की पत्नी और तीन अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। परिजनों का आरोप है कि पत्नी ने उनको जहर दिया है। थाना पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम को भिजवाकर जांच शुरू कर दी है।
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तेज़ बारिश में गंगा एक्सप्रेसवे की उतरने वाली रोड धंसी, डामर उखड़ने पर गुणवत्ता पर सवाल

Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव : तेज बारिश में गंगा एक्सप्रेसवे की उतरने वाली रोड धंसी। सोनिक के पास 421.2 किलोमीटर पर धंसी सड़क बनी चर्चा का विषय। कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़ने वाली एग्जिट रोड हुई प्रभावित। पहली बारिश मे ही सड़क धंसने से गुणवत्ता पर उठे सवाल। सूचना मिलते ही निर्माण एजेंसी ने मौके पर मरम्मत कार्य शुरू कराया। कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की भराई और डामरीकरण शुरू किया। इससे पहले भी एक्सप्रेसवे पर डामर उखड़ने का मामला सामने आ चुका है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को लेकर फिर शुरू हुई चर्चा
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बलिया में सोनू मोनू गिरफ्तार; पुलिस ने वीडियो भ्रामक बताकर सच दिखाया

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में जी मीडिया खबर का बड़ा असर हुआ है जहां खबर चलने के बाद बलिया थाने की पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस रखकर अपना पक्ष मीडिया के सामने रखा है। दरअसल आज बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में सोनू मोनू नामक दो अपराधी की गिरफ्तारी की गई थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा था कि पुलिस के द्वारा अपराधी की कमर में पिस्टल को डाला जा रहा है। इस स्थानीय लोगों ने भी इस बात का विरोध किया था । लेकिन अब बलिया के डीएसपी सुबोध कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर बताया है कि 20 जून को बच्चों बच्चों के विवाद में गांव के ही दो पक्षों के बीच झड़प हुई थी।जिसमें एक पक्ष के लोग जब दूसरे पक्ष के यहां शिकायत करने पहुंचे तब दूसरे पक्ष की एक महिला ने अपराधी सोनू मोनू को फोन कर दिया था। और सोनू मोनू वहां पर पहुंचे तथा ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। उक्त घटना में पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे भी बरामद किए थे और इसी बात को लेकर बलिया थाने में सोनू मोनू के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था और आज जब पुलिस सोनू मोनू के गिरफ्तारी के लिए उसके घर के समीप पहुंची और घेराबंदी की तब अपराधी सोनू ने पुलिस पर हथियार लहराकर धमकी देने लगा। तब काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने अपराधी सोनू मोनू को गिरफ्तार करने में सफलता पाई । पुलिस के अनुसार पुलिस के द्वारा ना तो किसी को फसाने का काम किया जाता है और ना ही किसी को बचाने का। बलिया डीएसपी सुबोध कुमार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही खबर भ्रामक है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखने के बाद पुलिस के पक्ष एवं दावों की पोल खुल रही है । हालांकि अपराधी सोनू मोनू पर भी बलिया थाने सहित कई थाने में एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज है।
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