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AKAnkit Kumar ShaniyFollow11 Mar 2025, 10:37 am
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बैतूल-खंडवा फोरलेन मुआवजे पर किसानों का तीखा विरोध

Betul, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बन रहे बैतूल-खंडवा फोरलेन हाईवे को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उनकी करोड़ों कीमती जमीन का अधिग्रहण तो कर रहा है, लेकिन बदले में बेहद कम मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उन्हें उचित मुआवजा या जमीन के बदले जमीन नहीं मिली तो वे हाईवे निर्माण नहीं होने देंगे। बैतूल जिले के बक्का, चिखली और माकड़ा गांव के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों का कहना है कि सड़क से लगी उनकी बहुमूल्य जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन किसी को 50 हजार, किसी को 80 हजार और किसी को मात्र 1 लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया है। किसानों का आरोप है कि यह मुआवजा वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है। किसानों का कहना है कि सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा तय नहीं किया गया है। कई किसानों की जमीन पहले से डायवर्ट और व्यावसायिक उपयोग की है, लेकिन उसका भी नियमानुसार मुआवजा नहीं दिया जा रहा। किसानों का दावा है कि पहले उन्हें अधिग्रहण की कोई जानकारी नहीं दी गई और अब नोटिस भेजकर दबाव बनाया जा रहा है। आक्रोशित किसानों की मांग है कि या तो उन्हें बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए या फिर जमीन के बदले दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराई जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपनी जमीन हाईवे निर्माण के लिए नहीं देंगे और निर्माण कार्य का विरोध करेंगे। फिलहाल बैतूल-खंडवा हाईवे परियोजना किसानों के विरोध के कारण विवादों में घिरती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या फैसला लेता है और यह मामला बातचीत से सुलझता है या आंदोलन और तेज होता है।
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करनाल लूट: 19 घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार, अरुण साजिश का मास्टरमाइंड

Karnal, Haryana:करनाल में 30 लाख की लूट का 19 घंटे में खुलासा, दोस्त ही निकला साजिश का मास्टरमाइंड — CIA-3 ने चार आरोपियों को दबोचा, लूट की रकम की जानकारी देकर अरुण ने ही बदमाशों को भेजी थी लाइव लोकेशन। करनाल : बीती रात बसताड़ा टोल के पास हुई करीब 30 लाख रुपये की लूट के मामले में करनाल पुलिस ने महज 19 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट की पूरी साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता नरेंद्र के साथ मौजूद उसके ही दोस्त अरुण ने रची थी। अरुण ने बदमाशों को गाड़ी में रखी 30 लाख रुपये की नकदी की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी लाइव लोकेशन भी भेजी थी। पुलिस कप्तान ने गठित कीं टीमें, रातभर चला ऑपरेशन वारदात की सूचना मिलते ही करनाल पुलिस कप्तान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया। CIA-3 को भी जांच में लगाया गया। पुलिस ने वारदात से जुड़े हर पहलू को खंगालना शुरू किया और संदिग्धों से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का अभियान तेज कर दिया। जिसे दोस्त समझकर साथ ले गए, वही निकला लूट का मुखबिर जांच अधिकारी राजीव कुमार के मुताबिक, शिकायतकर्ता नरेंद्र के साथ कार में तीन अन्य दोस्त मौजूद थे। इनमें अरुण ने ही बदमाशों को नरेंद्र की गाड़ी की लाइव लोकेशन भेजी और यह जानकारी दी कि गाड़ी में करीब 30 लाख रुपये की नकदी मौजूद है। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार बदमाश मौके पर पहुंचे और हथियार के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में खुलती गई साजिश की परतें वारदात के बाद पुलिस ने अरुण को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और इसी आधार पर लूट में शामिल चारों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी करनाल जिले के ही रहने वाले हैं。 चारों आरोपी करनाल के रहने वाले पुलिस ने मुख्य आरोपी और कथित मुखबिर अरुण को गिरफ्तार किया है, जो करनाल के हांसी चौक क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। इसके अलावा विशाल और कर्म सिंह दादूपुर गांव के रहने वाले हैं, जबकि राजेंद्र कालाझोली-नरूखेड़ी गांव का निवासी बताया गया है। मौके से हथियार का सुराग, अब रिमांड में खुलेगा पूरा राज पुलिस ने घटनास्थल से पिस्तौल की मैगजीन बरामद की थी। अब गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल, लूट की रकम और अन्य सामान की बरामदगी के साथ-साथ इस पूरी साजिश में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी। 19 घंटे में चार गिरफ्तारियां, पुलिस की त्वरित कार्रवाई करीब 30 लाख रुपये की लूट के बाद जिस तेजी से करनाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महज 19 घंटे में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उससे साफ है कि पुलिस ने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए रातभर अभियान चलाया। अब पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने में जुटेगी कि लूट की रकम कहां है और वारदात में इस्तेमाल हथियार व अन्य सामान कहां छिपाया गया है।
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SOG ने फर्जी FMG सर्टिफिकेट से डॉक्टर बनने के खेल में 3 गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:SOG का बड़ा खुलासा: फर्जी FMG सर्टिफिकेट से डॉक्टर बनने का खेल! 3 और आरोपी गिरफ्तार स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप SOG ने फर्जी FMG सर्टिफिकेट के जरिए राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन और इंटर्नशिप करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में विदेश से MBBS करने वाले ऐसे लोगों को निशाना बनाया गया, जो FMG स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर पाए थे। फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए इन्हें राजस्थान में मेडिकल प्रैक्टिस का रास्ता दिखाया जा रहा था。 मामले की जांच में पुलिस 100 से ज्यादा संदिग्ध विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को चिन्हित कर चुकी है। इनमें राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार समेत करीब 30 लोगों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। अब इसी केस में आशीष कुमार शर्मा, राजेंद्र कुमार यादव और नरेश रोलानिया को गिरफ्तार किया गया है。 लाखों में बिकता था फर्जी सर्टिफिकेट पुलिस जांच में सामने आया कि फर्जी FMG स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आरोपियों से 25 से 29 लाख रुपये तक लिए गए। आशीष शर्मा ने कजाकिस्तान से MBBS किया था और FMG स्क्रीनिंग परीक्षा तीन बार देने के बावजूद पास नहीं हुआ। इसके बाद कथित तौर पर 25 लाख रुपये देकर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया और करौली के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की。 दूसरे आरोपी राजेंद्र यादव ने चीन से 2006 से 2012 के बीच MBBS किया। FMG परीक्षा आठ बार देने के बाद भी पास नहीं हुआ, इसके बाद 29 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया। पुलिस के मुताबिक वह जयपुर के मुरलीपुरा स्थित अपने डॉक्टर पत्नी के अस्पताल में मैनेजमेंट का काम देख रहा था। तीसरे आरोपी नरेश रोलानिया ने कजाकिस्तान से MBBS किया था। FMG परीक्षा में तीन बार असफल रहने के बाद कथित तौर पर 26 लाख रुपये देकर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। इसके बाद उदयपुर मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की。 पहले भी हो चुकी हैं बड़ी गिरफ्तारियां SOG की जांच में इससे पहले फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन कराने वाले 25 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, UDC अखिलेश माथुर, LDC फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक दलाल समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यानी राजस्थान में डॉक्टर बनने के लिए जरूरी परीक्षा को दरकिनार कर फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे मेडिकल प्रैक्टिस का बड़ा नेटवर्क चलने का आरोप है। SOG की जांच में अब तक 100 से ज्यादा संदिग्ध सामने आ चुके हैं और पुलिस का फोकस इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने पर है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड लिया गया है और पूछताछ जारी है।
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विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने महाकाल मंदिर के दर्शन कर प्रार्थना की

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उज्जैन पहुंचकर ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की。 दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और आस्था का माहौल नजर आया। विधानसभा अध्यक्ष ने बाबा महाकाल के दर्शन कर मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक परंपराओं से भी परिचित हुए。 महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का स्वागत एवं सत्कार किया। मंदिर समिति की ओर से उन्हें बाबा महाकाल का प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
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जयपुर में पुलिस ने पैदल गश्त से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की

Jaipur, Rajasthan:जयपुर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अफसरों ने की पैदल गश्त आने वाले त्योहारों, स्वतंत्रता दिवस, कांवड़ यात्रा एवं कानून-व्यवस्था को ध्यान में रख पुलिस सतर्क पुलिस उपायुक्त नार्थ करण शर्मा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नार्थ -। आलोक सिंघल, ACP माणक चौक , ACP कोतवाली,ACP रामगंज, पुलिस निरीक्षक माणक चौक, कोतवाली, रामगंज व नाहरगढ़ स्टाफ के साथ गश्त पर निकले चारदीवारी के बाजारों एवं प्रमुख मार्गों पर एरिया डोमिनेशन के तहत पैदल गश्त की गई। पुलिस टीमों ने छोटी चौपड़ से रामगंज तक पैदल गश्त कर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया पुलिस ने आमजन में सुरक्षा का विश्वास कायम रखने का संदेश दिया。
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उत्तराखंड में बिरहि नदी की टनल हादसे में 18 मजदूर बचाए; राहत काम जारी

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून1308ZUP_cmdhami_bt: उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'पीपलकोटी के पास बिरही नदी पर बन रही टनल के अंदर काम करने वाले मज़दूर ऊपर से लैंडस्लाइड जैसी घटना के बाद अचानक कीचड़ और मलबे के बहाव में फंस गए। इस वजह से, कुछ लोग अंदर फंस गए; अब तक 18 लोगों को बचाया गया है। बचाए गए कुछ लोग घायल हैं और उन्हें पीपलकोटी के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उनका वहां इलाज चल रहा है, और हमने ऊंचे लेवल के मेडिकल सेंटर से भी बात की है। ऋषिकेश में भी तैयारी है; ज़रूरत पड़ने पर इमरजेंसी हेलीकॉप्टर-लिफ्ट या श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल में ट्रांसफर का इंतज़ाम किया गया है। तीन या चार लोगों को ज़्यादा गंभीर चोटें आई हैं, और उन सभी का इलाज चल रहा है। हमारी प्राथमिकता सभी को जल्द से जल्द बचाना है। NDRF, SDRF, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, लोकल पुलिस, हेल्थ डिपार्टमेंट और डिज़ास्टर मैनेजमेंट की टीमें सभी साइट पर हैं।
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