icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
273306
Tulsi Kumar KashaypTulsi Kumar KashaypFollow5 Feb 2025, 11:18 am

Gorakhpur - तीन दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का समापन

J. Janul Abden Urf Jainp, Uttar Pradesh:

भटहट के जंगल डुमरी नंबर दो खपड़हवा चौराहे के समीप स्थित लीलमती देवी कन्या जूनियर हाई स्कूल के तत्वावधान में हिंदुस्तान स्काउट गाइड का तीन दिवसीय शिविर बुधवार को संपन्न हुआ. शिविर के अंतिम दिन अतिथियों ने शिविर का निरीक्षण किया और गाइड से शिविर के दौरान मिले प्रशिक्षण की जानकारी ली. शिविर समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टोली को पुरस्कृत किया. स्काउट गाइड समापन समारोह को संबोधित करते हुए लीलमती देवी कन्या जूनियर हाई के प्रधानाचार्य मुख्य अतिथि शिवानंद यादव ने कहा कि स्काउट हमें दूसरों के लिए जीने की कला सिखाता है. देश के लिए सुयोग्य नागरिक बनाता है. हम आपातकाल में कैसे रहें, सीमित संसाधनों में कैसे अपने लिए भोजन पानी की व्यवस्था करें आदि की सीख मिलती है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बागेश्वर में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान तेज, डीएम ने जीरो टॉलरेंस का संकेत दिया

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर में लगातार विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अब जिला प्रशासन भी सख्त नजर आ रहा है। चार कर्मचारियों और अधिकारियों के रिश्वतखोरी के मामलों में फंसने के बाद जिलाधिकारी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश दिया है। बागेश्वर में लगातार विजिलेंस की कार्रवाई में चार कर्मचारी और अधिकारी रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्त में आने के बाद जिला प्रशासन ने भी कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को साफ चेतावनी दी है कि वे अपने कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ शिकायत सही पाई गई तो प्रशासन अपने स्तर पर भी सख्त कार्रवाई करेगा। डीएम ने सभी विभागों को जवाबदेही के साथ जनता के हित में कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
0
0
Report

उत्तराखंड में दो दिन मौसम भारी बरसात के आसार, ऑरेंज अलर्ट जारी

Haldwani, Uttarakhand:उत्तराखंड में अगले दो दिन मौसम बेहद खराब रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज और 29 जुलाई के लिए राज्य के कई जनपदों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही कई स्थानों पर अत्यंत तीव्र बारिश के दौर पड़ने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है और SEOC तथा सभी DEOC 24 घंटे सक्रिय कर दिए गए हैं। बारिश को देखते हुए पुलिस विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कुमाऊं के छह जिलों में बारिश का दौर जारी है और संभावित आपदा की आशंका के मद्देनज़र आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। आईजी ने कहा है कि पुलिस बल चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखें। विशेष रूप से थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी सरकारी गाड़ियों में राहत और बचाव कार्य से जुड़ा आवश्यक सामान हमेशा उपलब्ध रखें, ताकि आपदा की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके。
0
0
Report
Advertisement

रीवा में पुलिसकर्मी कमी से कानून-व्यवस्था और यातायात पर असर

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा शहर की कानून व्यवस्था अब पुलिसकर्मियों की भारी कमी से जूझ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों के स्वीकृत पदों का यह ढांचा करीब 10 साल पुराना है। पिछले एक दशक में रीवा शहर की आबादी, वाहन, बाजार, कॉलोनियां और अपराधों का दायरा लगातार बढ़ा है, लेकिन पुलिसकर्मियों की स्वीकृत संख्या में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई। इतना ही नहीं, स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में भी कई थानों में आधे से भी कम पुलिसकर्मी तैनात हैं। सिविल लाइन थाने में 81 स्वीकृत पदों के मुकाबले सिर्फ 44 पुलिसकर्मी, कोतवाली में 76 के बदले 40, चोरहटा में 67 के बदले 36, विश्वविद्यालय थाने में 51 के बदले 25 और अमहिया थाने में 29 के बदले 23 पुलिसकर्मी ही तैनात हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति बस स्टैंड चौकी की है, जहां 11 पुलिसकर्मियों की स्वीकृति होने के बावजूद वर्तमान में एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं है। वहीं नौबस्ता चौकी में 29 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 9 पुलिसकर्मी ही मौजूद हैं। पुलिसकर्मियों की इस कमी का सीधा असर कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम, गश्त में कमी और घटनाओं पर पुलिस की त्वरित मौजूदगी जैसी चुनौतियों का सामना आम जनता को करना पड़ रहा है। हालांकि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी ने माना कि थानों में पुलिसकर्मियों की कमी है, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद पुलिस अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने का लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइन में मौजूद नए पुलिसकर्मियों की जल्द ही थानों और चौकियों में तैनाती की जाएगी, जिससे कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके.
0
0
Report

CEIR पोर्टल से चंदौली पुलिस ने 111 खोए मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग: चंदौली - CEIR पोर्टल का कमाल, चंदौली पुलिस ने 111 खोए मोबाइल बरामद किए बरामद - ए ASP अनंत चंद्रशेखर ने 111 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को किए सुपुर्द - पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब ₹35.20 लाख - मोबाइल पाकर लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, कि पुलिस टीम की जमकर सराहना - स्वाट और सर्विलांस टीम ने तकनीकी मदद से मोबाइल ट्रेस किए - 2026 में अब तक 418 मोबाइल उनके मालिकों को सुपुर्द कर दिए गए - अब तक बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब ₹1.21 करोड़ पहुंची - एएसपी ने कि अपील मोबाइल खोने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत करें - चंदौली पुलिस की सर्विलांस सेल की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता से लोगों का बढ़ा भरोसा
0
0
Report
Advertisement

जिला पंचायत से कराये गये कार्य में अनियमितता का आरोप

Manoj KumarManoj KumarFollow2m ago
Bbrasi, Uttar Pradesh:जिला पंचायत द्वारा मनरेगा का कार्य सिर्फ कागजों पर दौड़ रहे हैं सड़क के दोनों पटरियों पर मिट्टी व सफाई कार्यों में अनियमितता का आरोप प्रधान प्रशासक व ग्रामीणों ने की जांच की मांग। चहनिया। महमदपुर गांव से रइया गांव के सड़क मार्ग के दोनों पटरियों के तरफ सफाई जिला पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे मार्ग के सफाई एवं मिट्टी कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत द्वारा संचालित कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार महमदपुर गांव से रइया बार्डर तक पीच सड़क के दोनों तरफ सफाई एवं मिट्टी भराई का कार्य जिला पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के अंतर्गत कराया जाना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब लाखों रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि कार्यस्थल पर निर्धारित संख्या में मजदूरों को नहीं लगाया जा रहा है, जबकि कागजों में बड़े पैमाने पर मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। प्रधान प्रशासक प्रतिनिधि शुशील शर्मा का कहना है कि योजना के तहत प्रतिदिन 20 से 25 मजदूरों को कार्य पर लगाया जाना चाहिए, लेकिन मौके एक भी मजदूर ही काम करते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों की मिलीभगत से कागजों में कार्य को पूर्ण रूप से दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। यदि अधिकारियों द्वारा कार्य की स्थलीय जांच कराई जाए तो वास्तविकता सामने आ जाएगी और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है।लेकिन यदि इस प्रकार की अनियमितताएं जारी रहीं तो योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके।
0
0
Report
Advertisement

सिरगिट्टी में दो गुटों के खूनी संघर्ष: पुलिस ने 8 बदमाश गिरफ्तार

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। मामूली विवाद देखते ही देखते चाकू और तलवार तक पहुंच गया। घटना के बाद पुलिस ने पूरी रात सर्च अभियान चलाकर 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से हथियार भी जब्त किए हैं। वहीं, प्रशिक्षु डीएसपी आकाश चौधरी के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। सिरगिट्टी क्षेत्र के मैट्रिक चौक स्थित नर्सरी गेट के पास बीती रात शराब पीने के लिए पैसे मांगने को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए, जहां पहले गाली-गलौज और मारपीट के बाद युवकों ने चाकू और तलवार निकाल ली जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग अपराध दर्ज करते हुए रातभर दबिश देकर रोशन मंडावी, सोनू मरावी, सुनील निर्मलकर, नरेंद्र यादव, हर्ष फ्रांसिस, एन. हरिश, निखिल मानिकपुरी और ओमप्रकाश लहरे को गिरफ्तार कर उनके पास से हथियार बरामद करते हुए सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
0
0
Report

नारायणपुर में सुरक्षा बलों ने गोला-बारूद डंप बरामद कर नक्सल समर्थकों पर दबाव बढ़ा

Narayanpur, Jharkhand:नारायणपुर जिले के नक्सल मुक्त क्षेत्रों में चलाए जा रहे सघन सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। डीआरजी नारायणपुर और आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने थाना ओरछा क्षेत्र के कैंप आदींगपार के समीप कसोड़-कुमेरादी के जंगल से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया गोला-बारूद का डंप बरामद किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को संयुक्त सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। अभियान के दौरान जंगल में छिपाकर रखा गया डंप मिला, जिसकी तलाशी लेने पर 7.62 मिमी के 195 जीवित राउंड और 5.56 मिमी के 102 जीवित राउंड बरामद किए गए। इस तरह कुल 297 जीवित कारतूस जब्त किए गए हैं। बरामद सामग्री को नियमानुसार जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल मुक्ति के बाद भी सुरक्षा बल लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रहे हैं। अभियान का उद्देश्य नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य युद्ध सामग्री को बरामद कर उनके संसाधनों को समाप्त करना है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लग रहा है तथा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। नारायणपुर पुलिस ने आम नागरिकों सेअपील की है कि जंगलों या अन्य स्थानों पर कोई संदिग्ध वस्तु, हथियार, गोला-बारूद या नक्सलियों द्वारा छिपाई गई सामग्री दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या सुरक्षा बलों को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नागरिकों के सहयोग से नक्सलमुक्त, सुरक्षित और शांतिपूर्ण नारायणपुर बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
0
0
Report
Advertisement

बगवास तालाब के तलहटी में भूमि पूजन, लोकार्पण से प्रतापगढ़ में विकास की गति

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ शहर के चहुंमुखी विकास को गति देने के उद्देश्य से मंगलवार को बगवास तालाब की तलहटी में विभिन्न विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण करते हुए कहा कि राज्य सरकार शहर और जिले के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री रवि जोशी, आशीष जैन, जिला उपाध्यक्ष रितेश सोमानी, मंडल अध्यक्ष उत्सव जैन, निवर्तमान पार्षদ मनीष गुर्जर सहित भाजपा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने विकास कार्यों को शहर की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए जनभागीदारी के माध्यम से विकास को और गति देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
0
0
Report

झुंझुनूं: निजी स्कूल संचालकों का बड़ा प्रदर्शन, 1000 स्कूल बंद

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं में निजी स्कूल संचालकों का बड़ा प्रदर्शन, करीब 1000 स्कूल बंद रही राज शाला संबलन ऐप से बार-बार जांच का किया कड़ा विरोध बोले— हर दो-छह महीने की जांच से पढ़ाई हो रही प्रभावित मांग— साल में सिर्फ एक बार हो स्कूलों की जांच RTE का भुगतान समय पर देने, लंबित राशि जारी करने की मांग चेतावनी— जायज मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र अहलावत समेत बड़ी संख्या में स्कूल संचालक रहे मौजूद राज शाला संबलन एप के माध्यम से निजी स्कूलों की बार-बार जांच, आरटीई (RTE) की लंबित भुगतान राशि और डीटीओ कार्यालय व फिटनेस सेंटर को एक ही स्थान पर संचालित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को झुंझुनूं जिले के निजी स्कूल संचालकों ने बड़ा प्रदर्शन किया। जिले की करीब 1000 निजी स्कूलें बंद रहीं, विद्यार्थियों का अवकाश रखा गया और संचालक व स्टाफ सदस्य गांधी चौक से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहाँ मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। निजी शिक्षण संस्थान संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र अहलावत ने कहा कि निजी स्कूलों पर ऐसे नियम थोपे जा रहे हैं, जिनसे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल को मान्यता देने से पहले सक्षम समिति द्वारा विस्तृत जांच की जाती है और पूरी प्रक्रिया बीकानेर स्तर तक पूरी होने के बाद ही मान्यता मिलती है। इसके बावजूद हर दो-तीन या छह महीने में बार-बार जांच करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "अगर हर कुछ महीने में जांच होती रहेगी तो स्कूलों का पूरा समय दस्तावेज़ और निरीक्षण में ही निकल जाएगा। हमारा मुख्य कार्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, इसलिए साल में एक बार जांच हो जाए, लेकिन बार-बार की जांच बंद की जाए ताकि अध्यापन कार्य प्रभावित न हो।" आरटीई के भुगतान को लेकर भी स्कूल संचालकों ने सरकार पर नाराजगी जताई। सुरेंद्र अहलावत ने कहा कि निजी स्कूल सरकार से आरटीई के विद्यार्थी नहीं मांगते, बल्कि सरकार और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 25 प्रतिशत बच्चों को निशुल्क शिक्षा देते हैं। इसके बदले सरकार को भुगतान करना होता है, लेकिन वह भी वर्षों तक लंबित रहता है। उन्होंने कहा, "सरकार हमारी फीस का एक-तिहाई भुगतान करती है, लेकिन वह भी दो-दो साल तक नहीं मिलता। ऐसे में कर्मचारियों का वेतन, स्कूल का संचालन और अन्य खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो जाता है। जिस सत्र में बच्चों को पढ़ाया जाए, उसी सत्र के समाप्त होने से पहले आरटीई का भुगतान कर दिया जाए।" उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की कई निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत तक विद्यार्थी आरटीई श्रेणी के हैं। यदि समय पर भुगतान नहीं मिलेगा तो कर्मचारियों को वेतन देना और स्कूलों का संचालन करना कठिन हो जाएगा। प्रदर्शन के दौरान निजी स्कूल संचालकों ने डीटीओ कार्यालय और वाहन फिटनेस सेंटर को एक ही स्थान पर संचालित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण स्कूल बसों की फिटनेस प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी होती है। संघ ने दावा किया कि झुंझुनूं जिले के लगभग सभी निजी शिक्षण संस्थानों ने आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top