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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow7 Jan 2025, 09:57 am

गोरखपुर - यूपी दिवस के लिए लोक कलाकारों का चयन 7 जनवरी से शुरू

Khajani, Uttar Pradesh:

गोरखपुर जिले के खजनी में यूपी दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में ‘हमारी संस्कृति हमारी पहचान’ के लिए सांस्कृतिक उत्सव कार्यक्रम के तहत 7 जनवरी 2025 को खजनी ब्लॉक सभागार में इलाके के लोक कलाकारों का चयन किया जाएगा। चयन कार्यक्रम के प्रभारी भाजपा नेता विंध्याचल आजाद ने बताया कि आगामी 7 जनवरी 2025 को खजनी ब्लाॅक सभागार में एसडीएम, तहसीलदार एवं खण्ड विकास अधिकारी की उपस्थिति और दिशा निर्देशन में विभिन्न विधाओं गायन,वादन एवं नृत्य क्षेत्र से जुड़े लोक कलाकारों का चयन किया जाएगा।चयनित कलाकार जिला तथा मण्डल स्तरीय आयोजनों में प्रतिभाग करेंगे,इस दौरान प्रतिभावान कलाकारों को यूपी दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

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अलवर के अखैपुरा में जेठ के चाकू हमले से पीड़िता गंभीर, अस्पताल में भर्ती

Alwar, Rajasthan:अलवर में जेठ का खूनी हमला: विधवा महिला पर चाकू से वार, हालत गंभीर अलवर के अखैपुरा थाना क्षेत्र में दिल्ली दरवाजा स्थित लालदास मंदिर के पास एक महिला पर उसके ही जेठ द्वारा चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज अलवर के जिला अस्पताल में जारी है। घायल महिला सपना ने बताया कि उसके पति की करीब तीन महीने पहले कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह अपने दो बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही है। महिला का आरोप है कि उसका जेठ नंदलाल शराब का आदी है और लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था तथा पैसों की मांग करता था। उसने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी किसी मामले में जेल जा चुका है। पीड़िता के अनुसार, बुधवार सुबह वह घर में खाना बना रही थी, तभी उसका जेठ वहां आया और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने गुस्से में आकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में महिला के हाथ, चेहरे, गर्दन और पेट पर गंभीर चोटें आई हैं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही अखैपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। बाइट: पीड़िता
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केन्दुझर जिले में अमोनिया गैस लीकेज से 7 महिला मजदूरों की मौत, परिवार गमगीन

Keonjhar, Odisha:ଆଙ୍କର: ଶୋକରେ ବୁଡିଲା ପୁରା ଗାଁ । ଝିଅ ଫୁଲମଣି ଜୁଆଙ୍ଗର ଶବ ଘରକୁ ଫେରିବା ପରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ବାଂଶପାଳ ବ୍ଲକ କୋଡ଼ିପଷା ଗାଁରେ ଘର ପରିବାର ସମସ୍ତେ ଦୁଃଖରେ ଭାଙ୍ଗି ପଡ଼ିଛନ୍ତି । ପ୍ରଥମେ ବାପା ଚାଲିଗଲେ । ଦୁଇ ଭଉଣୀଙ୍କ ବିବାହ ପରେ ଘର ଚଳିବା କଷଟକର ହୋଇ ପଡ଼୍ିଲା । ଶେଷରେ ନିଜେ ରୋଜଗାର କରିବାକୁ ଅଣ୍ଟା ଭିଡ଼ିଲେ ଫୁଲମଣି । କମ୍ପାନୀରେ କାମ କରିବାକୁ ସୁଦୂର ଚେନ୍ନାଇ ଗଲେ । ହେଲେ, ମାତ୍ର ୩ ମାସ ପରେ ଶବ ହୋଇ ଫେରିଲେ । ଆଶା ଥିଲା ରୋଜଗାର କରି ପରିବାରର ଦୁଃଖ ଦୂର କରିବେ । ହେଲେ ସେଦିନ ଥିଲା କାଳ ରବିବାର । କମ୍ପାନୀ ଛୁଟି ଥିଲା । ଘରେ ସମସ୍ତେ ଶୋଇଥିଲେ । ଏହି ସମୟରେ ଏକ ଏକ ବଡ଼ ଦୁର୍ଘଟଣା ଘଟି କମ୍ପାନୀର କୁଲିଂ ପ୍ଲାଣ୍ଟ ରୁ ଆମୋନିଆ ଗ୍ୟାସ୍ ନିର୍ଗତ ହେଲା । ଏଥିରେ ଅଣନିଶ୍ଵାସୀ ହୋଇ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ୭ଜଣ ମହିଳା ଶ୍ରମିକଙ୍କର ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଛି । ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଥିବା ୫ଜଣ ମହିଳା ଶ୍ରମିକଙ୍କର ଶବ ଘରେ ପହଞ୍ଚିବା ପରେ ଶୋକର ଛାୟା ଖେଳି ଯାଇଛି । ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଥିବା ସମସ୍ତ ପରିବାର ଗରିବ ଶ୍ରେଣୀର ହୋଇଥିବା ବେଳେ, ଏମାନଙ୍କୁ ସରକାର ସାହାୟତା ଦାବି ହୋଇଛି ।
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राजगढ़ DSP कार्यालय में आठ फीट लंबा सांप पकड़ा गया, सुरक्षित छोड़ दिया गया

Rajgarh, Rajasthan:राजगढ़ DSP कार्यालय में घुसा 8 फीट लंबा सांप, रेस्क्यू कर सुरक्षित छोड़ा गया अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में स्थित औद्योगिक सड़क मार्ग पर बने डीएसपी कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक विशालकाय सांप परिसर में दिखाई दिया। सांप को कार्यालय के भीतर घूमते देख पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पालिका कर्मियों के साथ सर्प रेस्क्यू विशेषज्ञ जुगनू तंबोली को बुलाया गया। सूचना पर तंबोली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने लगभग आठ फुट लंबे सांप को सावधानीपूर्वक पकड़ लिया。 रेस्क्यू के दौरान पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। बाद में सांप को सुरक्षित रूप से माचाड़ी रोड स्थित लवकुश वाटिका में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। समय पर किए गए रेस्क्यू के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, जिससे पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। बाइट: जुगनू तंबोली, पालिकाकर्मी एवं सर्प रेस्क्यूकर्ता
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रतनगढ़ में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई बाजारों में पानी भरा

Churu, Rajasthan:रतनगढ़ शहर में बुधवार दोपहर तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगभग पौने घंटे चली इस बारिश के दौरान 31 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जिससे उतरादा बाजार, चूरू रोड, सरदारशहर बाईपास मार्ग, देराजसर रोड, बस स्टैंड, जिला अस्पताल के सामने, पोस्ट ऑफिस सड़क मार्ग आदि कई क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। नालों की सफाई नहीं होने से व्यापारियों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ी; भूमिगत नालों की सफाई के टेंडर के बावजूद कार्य धीमी गति से हो रहा है। उत्तरादा बाजार की कुछ दुकानें भी जलमग्न हो गईं। क्षेत्र की ड्रेनेज व्यवस्था की कमी स्पष्ट नजर आई। बरसात के बाद किसानों ने खेतों की ओर कदम बढ़ाए हैं और अभी बुवाई का कार्य जारी है।
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टोंक के जय मूंदड़ा आयरलैंड के खिलाफ टी-20 में दम दिखाएंगे

Tonk, Rajasthan:टोंक के जय मूंदड़ा आयरलैंड टीम में शामिल, भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज में दिखाएंगे दम टोंक के जय मूंदड़ा आयरलैंड की राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। जय 26 और 28 जून को डबलिन में भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज में आयरलैंड की ओर से मैदान में उतरेंगे। उनकी इस उपलब्धि से पूरे टोंक जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। जय वर्ष 2021 में एम.टेक की पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए थे। वहां पढ़ाई के साथ नौकरी भी की और वर्ष 2025 में उन्हें आयरलैंड की नागरिकता प्राप्त हुई। उनकी आक्रामक गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी के दम पर उन्हें आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। पिता का सपना हुआ साकार जय की मां विद्या मूंदड़ा ने बताया कि उनके पति गिरिराज मूंदड़ा का सपना था कि उनका बेटा बड़ा क्रिकेटर बने। आज जय के आयरलैंड की टीम में चयन के साथ उनका यह सपना पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि जय के पिता आज जीवित होते तो बेटे की इस सफलता पर बेहद गर्व महसूस करते. बचपन से था क्रिकेट का जुनून जय की छोटी बहन मानसी ने बताया कि उनके भाई बचपन से ही क्रिकेट के दीवाने थे और खूब शरारत भी करते थे। परिवार के साथ उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं और अब विदेश में रहने के कारण उनकी कमी महसूस होती है। परिवार में दो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर जय के ताऊ कन्हैयालाल मूंदड़ा ने बताया कि परिवार में पहले कोई पेशेवर क्रिकेटर नहीं था, लेकिन जय और उनके बेटे अजय मूंदड़ा दोनों को बचपन से क्रिकेट का जुनून था। अजय भी स्वीडन की क्रिकेट टीम से खेलते हैं। परिवार ने दोनों को आगे बढ़ने के लिए पूरा सहयोग दिया। पढ़ाई के लिए छोड़ा क्रिकेट, फिर लौटे मैदान पर जय मूंदड़ा ने बताया कि एक समय उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए क्रिकेट से दूरी बना ली थी। हालांकि, कॉलेज पूरा होने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि कॉर्पोरेट नौकरी करने से उनका क्रिकेट का सपना अधूरा रह जाएगा। इसके बाद उन्होंने आयरलैंड में इंटेल कंपनी की नौकरी छोड़कर पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने डबलिन के प्रसिद्ध लेनस्टर क्रिकेट क्लब से खेलना शुरू किया और वर्ष 2023 में आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बने। यह उनके करियर का सबसे यादगार अनुभव रहा। 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से करते हैं गेंदबाजी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा टोंक और राजस्थान अंडर-14 टीम का हिस्सा रह चुके हैं। टेनिस बॉल से शुरुआत करने वाले जय आज 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं जय ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना हमेशा मेरा सपना रहा है। आयरलैंड की ओर से भारत जैसी विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिलना मेरे लिए बेहद खास और गर्व की बात है।"
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अण्णा हजारे-राज्य आयुक्त बैठक निष्फल, 5 जुलाई से उपोषण धमकी; अगली बैठक तय?

Ahilyanagar, Maharashtra:राज्याचे मुख्य माहिती आयुक्त राहुल पांडे आणि जेष्ठ समाजसेवक अण्णा हजारे यांच्यातील राळेगणसिद्धी येथील बैठक निष्फळ ठरलीये...माहिती अधिकार कायद्यातील नियमांमध्ये बदल केल्याने अण्णा हजारेंनी 5 जुलैपासून उपोषणाचा इशारा दिलाय... त्याअनुषंगाने ही बैठक झाली, मात्र ही बैठक निष्फळ ठरली असून आणखी एक चर्चेची बैठक होईल, त्यात समाधान न झाल्यास आपण उपोषण आंदोलनावर ठाम असल्याचे अण्णा हजारे यांनी म्हंटले आहे...माहिती अधिकार कायद्याअंर्तगत माहिती मागवण्यासाठी शुल्कवाढ करण्यात आलीये , ओळखपत्राची सक्ती करण्यात आलीये तसेच “एक विषय–एक अर्ज”, माहिती मागवण्याचा हेतू सांगणे असे नियम घालण्यात आलेत...याविरोधात अण्णांनी आक्रमक भूमिका घेतलीये...दरम्यान आजच्या चर्चेतून कोणताही तोडगा निघालेला नाही, तर राज्याचे माहिती आयुक्त राहुल पांडे यांनीही माध्यमांशी संवाद साधत आपण सरकारचा कोणताही निरोप घेऊन आलेलो नाही...अण्णांनी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांना पत्र लिहिले आहे त्यामुळे आंदोलनाबाबत सरकार आणि अण्णांनी निर्णय घ्यायचा आहे असं पांडे म्हणाले.
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कोचिंग सेंटरों में आग सुरक्षा उपायों की पड़ताल, बच्चों की सुरक्षा पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में जांच पड़ताल चल रही है। कोचिंग सेंटर में बच्चों को भेजेंगे के लिए परिजन डर रहे है। ऐसे में आप को ये जानना बेहद जरूरी है कि कोचिंग सेंटर में ऐसे कौन कौन से इंतजाम हो जिससे आप के बच्चों की जान बच सकती है। अलीगंज में आग लगने के बाद सबसे पहले खबर आई कि बेसमेंट में आग लगी और धुवां बिल्डिंग में फैलने लगा। आग अगर आग वही कंट्रोल हो जाती तो बच्चों की जान बच जाती। असल में बेसमेंट में आग से बचाव के लिए कैसे इंतजाम होते है हमने इसकी पड़ताल की। कमर्शियल बिल्डिंग में एग्जिट और एंट्री काले रस्ते की चौड़ाई भी जान बचाने के लिए अहम होती है। मानक के हिसाब से कम से कम सीढ़ियों की चौड़ाई 5 फीट होनी चाहिए। हमने इंची टेप से सीढ़ियों की चौड़ाई नापी। ये चौड़ाई 6 फीट से ज्यादा थी। अगर बिजली के तारों ने आग लग जाए तो उसे carbon dioxide fire एक्टिंग्विशर से आग बुझाई जाती है। ये काम कैसे करता है इसका भी कोचिंग सेंटर के अंदर डेमो है। लकड़ी, दीवार या किसी अन्य सामान में आग लगाने पर होश पाइप से आग बुझाई जाती है। इस पाइप की लम्बाई और ये कैसे काम करता है इसका भी डेमो है बेसमेंट में आग लगने पर स्प्रिंकल मददगार होते है। आग लगने से पहले धुएं से फायर अलार्म एक्टिवेट हो जाता है। जिसके बाद बेसमेंट में लगे स्प्रिंकल एक्टिवेट होता है। धुएं को स्प्रिंकल से निकलने वाला बौछार रूपी पानी कंट्रोल करता है और धुएं को कंट्रोल करता है। लखनऊ अग्नि कांड के बाद अब एक और चर्चा शुरू हो गई है। अब ये जरूरी हो गया है कि बच्चों को भी ट्रेनिंग दी जाए कि आग लगने की हालत में वो कैसे खुद भी बचे और दूसरों को बचाए। इस कोचिंग सेंटर में बच्चों को ये स्किल भी सिखाया जाता है। यहाँ भी बच्चों ने फायर एक्सटुंगिशर का डेमो कर के बताया।
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होटल में कारोबारी की मौत: दोस्त ही हत्या के आरोपी? फेसबुक लाइव से संकेत मिले

Jaipur, Rajasthan:होटल के कमरे में मिला कारोबारी का शव, दोस्तों पर हत्या का शक वारदात के बाद किया फेसबुक लाइव राजधानी के नारायण विहार थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में शेयर मार्केट कारोबारी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गांधी पथ स्थित निर्याणद नगर निवासी 38 वर्षीय गुरु प्रसाद चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस को कारोबारी का शव होटल के कमरे में संदिग्ध हालत में बिस्तर पर पड़ा मिला। शरीर पर चोटों के निशान और कमरे में खून के धब्बे मिलने के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार गुरु प्रसाद पिछले दो दिनों से अपने कुछ दोस्तों के साथ बजरी मंडी के पास स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था। मंगलवार देर रात होटल स्टाफ ने कमरे का दरवाजा खुला देखा। अंदर जाकर जांच की तो गुरु प्रसाद बेसुध हालत में बिस्तर पर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर नारायण विहार थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंचे तथा साक्ष्य जुटाए।गुरु प्रसाद सोमवार दोपहर घर से दोस्तों से मिलने की बात कहकर निकला था। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और वह घर नहीं लौटा। पहले भी कई बार दोस्तों के साथ बाहर रहने के कारण परिवार ने शुरुआत में ज्यादा चिंता नहीं की, लेकिन बाद में पुलिस से सूचना मिलने पर मामला सामने आया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल के कमरे में दोस्तों के बीच शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस को संदेह है कि मारपीट में गंभीर चोट लगने से गुरु प्रसाद की मौत हुई। आरोप है कि साथी उसे कमरे में छोड़कर फरार हो गए।जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि होटल छोड़ने के बाद कुछ संदिग्धों ने वाहन में बैठकर फेसबुक लाइव भी किया था। इस लाइव वीडियो में कई लोग दिखाई दिए। पुलिस अब वीडियो और मोबाइल रिकॉर्ड के आधार पर संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एफएसएल की रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की राय के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या के एंगल से जांच कर रही है और मृतक के साथ होटल में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है。
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1975-77 के इमरजेंसी में हरियाणा की जेलें बन गईं लोकतंत्र के सैनिक

Sirsa, Haryana:एंकर रीड भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 की तारीख एक ऐसे अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे आज भी लोग लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला मानते हैं। 51 साल पहले देश में आपातकाल लागू हुआ था। रातों-रात विपक्षी पार्टियों के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर ताले जड़ दिए गए, अभिव्यक्ति की आवाज को कुचल दिया गया और हजारों लोगों को मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत जेलों में डाल दिया गया। हरियाणा उन राज्यों में शामिल था, जहां आपातकाल का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दिया। लोगों की नसबंदी की जाने लगी। कांग्रेस ने विपक्षी दलों के नेताओं को जेल में डाल दिया। प्रेस की आजादी छीन ली। हरियाणा में इसका सबसे अधिक असर नजर आया। इमरजेंसी 25 जून 1975 को लागू की गई और 2 फरवरी 1977 तक रही। चौ. बंसीलाल उस समय केंद्रीय रक्षा मंत्री थे। इमरजेंसी लगाने का आइडिया की इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी के दिमाग की उपज था। बंसीलाल ने इसे पूरे देश में लागू किया। बंसीलाल ने इस दौरान बहुत सख्ती की। साल 1975 में आपातकाल लागू करने की नीति में उनका अहम योगदान रहा। आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण को हरियाणा के सोहना में ले जाया गया। भाजपा नेता एल.के. आडवाणी, चंद्रशेखर, मोरारजी देसाई, मधु दंडवते, सिकंदर बख्त, बीजू पटनायक, बिल्लू मोदी, सरीखे नेता हरियाणा की जेलों में रहें। इसके अलावा हरियाणा से चौधरी देवीलाल, मंगलसैन, हरद्वारी लाल, अयोध्या प्रसाद, डा. कमला वर्मा, ओमप्रकाश चौटाला, जगदीश चौटाला, जगबीर सिंह, चौधरी जगन्नाथ, उदय सिंह, नारनौंद से विधायक रहे बीरेंद्र सिंह, बलबीर सिंह ग्रेवाल, छछरौली के रोशनलाल आर्य सहित कई विपक्षी नेताओं को चौधरी बंसीलाल ने जेल में डाल दिया। वोल 1 प्रो. गणेशीलाल भी अलग-अलग समय में करीब 9 माह तक सिरसा की जेल में रहे। आपातकाल में कैसा माहौल था, प्रो. गणेशीलाल का क्या अनुभव रहा, इसको लेकर उन्होंने आज मीडिया से बातचीत की। उस दौर को याद करते हुए उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल कहते हैं कि आपातकाल में जन भी गायब था, गण भी गायब था और मन भी गायब था, बस तानाशाही जिंदा थी। यह वाक्य उस दौर की पूरी तस्वीर सामने रख देता है। उस समय 33 वर्षीय प्रो. गणेशी लाल सिरसा के राजकीय कॉलेज में अध्यापन कार्य कर रहे थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े होने के कारण वे भी प्रशासन के निशाने पर थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे पहले अपने विद्यार्थी नरेश गंडा के घर पर छिपे और बाद में सांड शाला में सूरजमल डरौलिया के यहां शरण ली। आपातकाल में समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू थी। सूचना पहुंचाने का हर रास्ता बंद था। ऐसे में लोकतंत्र के सिपाहियों ने संदेश पहुंचाने का अनोखा तरीका निकाला। गत्ते पर संदेश लिखकर गाय के गले में बांध दिया जाता था ताकि सूचना एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सके। संघ के कार्यकर्ताओं की गुप्त बैठकें वीरान स्थानों पर आयोजित होती थीं। बेगू रोड स्थित एस.एन. अनेजा के घर हुई ऐसी ही एक बैठक आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा है। उस दौर में जयप्रकाश नारायण से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, चंद्रशेखर, मोरारजी देसाई और बीजू पटनायक जैसे राष्ट्रीय नेता हरियाणा की जेलों में रहे। हरियाणा में चौधरी देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला, मंगलसैन, हरद्वारी लाल और अनेक विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। वोल 2 आपातकाल की चर्चा करते हुए प्रो. गणेशी लाल की आंखें तब नम हो जाती हैं, जब वे अपनी पत्नी स्वर्गीय सुशीला देवी को याद करते हैं। उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं। एक दिन पुलिस तलाशी के लिए पहुंची। गली में खड़ी सुशीला देवी को देखकर एक पुलिसकर्मी ने दूसरे से कहा कि उसके पेट पर लात मार दो। हालांकि दूसरे पुलिसकर्मी ने उसे रोकते हुए कहा कि इतनी भी इंसानियत मत खोओ। प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि उस दौर में हर परिवार किसी न किसी पीड़ा से गुजर रहा था। गिरफ्तारी, भय, असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल था। इसी दौरान उनके घर पुत्र का जन्म हुआ। परिवार ने उसका नाम मनीष रखा। यह नाम भी उस दौर की परिस्थितियों से प्रेरित था, क्योंकि उस समय पूरा जीवन मीसा कानून की छाया में बीत रहा था। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो पहले सिरसा जेल और बाद में हिसार जेल भेजा गया। उनके घर को सील कर दिया गया। मकान में रहने वाले किरायेदार डब्ल्यू.सी. गर्ग को भी बिना किसी अपराध के गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पुस्तकों को सिरसा के सुभाष चौक पर सार्वजनिक रूप से जलाया गया। वे बताते हैं कि उस समय हथकडिय़ां लगाकर अदालत ले जाया जाता था। एक बार जज बजाज साहब ने प्रशासन से कहा कि ये कोई अपराधी नहीं हैं, ये भागने वाले नहीं हैं, इनकी हथकडिय़ां खोल दो। वह घटना आज भी उन्हें न्याय व्यवस्था में मौजूद संवेदनशील लोगों की याद दिलाती है। वोल 3 प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि जेल की सलाखों के पीछे भी लोकतंत्र का संघर्ष जारी था। सिरसा जेल छोटी थी, इसलिए कई बार उन्हें हिसार जेल भी भेजा गया। जेल में सुबह प्रार्थना होती थी। सभी बंदी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते थे। जेल मैन्युअल के अनुसार मिलने वाले राशन से स्वयं भोजन तैयार किया जाता था। दोपहर के समय वैचारिक चर्चा और व्याख्यान होते थे। संघ के कार्यकर्ता राष्ट्रभक्ति के गीत गाते थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कामरेड शंकर लाल से हुई, जिन्हें बेडिय़ों और हथकडय़िों में रखा गया था। वे बेहद निराश थे। प्रो. गणेशीलाल ने उन्हें कहा कि हिम्मत मत हारो, लोकतंत्र लौटेगा और तुम विधायक बनोगे। समय ने करवट ली। 1977 में आपातकाल समाप्त हुआ, चुनाव हुए और जनता पार्टी की लहर चली। सिरसा से कामरेड शंकर लाल विधायक चुने गए। वे बताते हैं कि जेल में चौधrody ओमप्रकाश चौटाला, वैद्य श्रीनिवास, वैद्य मानस्वरूप, महावीर रातुसरिया सहित अनेक लोकतंत्र सेनानी रहे। सभी का एक ही उद्देश्य था—लोकतंत्र की पुनःस्थापना। आज जब आपातकाल के 51 वर्ष पूरे हो रहे हैं, तब प्रो. गणेशीलाल युवाओं को संदेश देते हैं कि लोकतंत्र केवल संविधान की किताबों से नहीं चलता, बल्कि नागरिकों की सजगता से मजबूत होता है। नसबंदी अभियान और भय के साये में जी रहा था समाज, फिर भी नहीं टूटा विरोध का हौसला आपातकाल के दौरान केवल राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर ही कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि आम नागरिक भी सरकारी सख्ती का शिकार बने। उस समय देशभर में चलाए गए नसबंदी अभियान ने लोगों के मन में भय का वातावरण पैदा कर दिया था। गांवों और कस्बों में यह चर्चा आम थी कि प्रशासन द्वारा जबरन नसबंदी करवाई जा रही थी। हरियाणा में भी इस अभियान का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। लोग घरों से निकलने से डरते थे और कई परिवार अपने युवाओं को रिश्तेदारों के यहां भेज देते थे ताकि वे प्रशासनिक कार्रवाई से बच सकें। वोल 4 प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि उस दौर में विरोध करना लगभग अपराध माना जाता था। अखबारों पर सेंसरशिप लागू थी और जो खबर Government के खिलाफ जाती, उसे प्रकाशित होने की अनुमति नहीं मिलती थी। रेडियो और सरकारी माध्यमों पर केवल वही बातें सुनाई देती थीं, जो सत्ता चाहती थी। लोकतंत्र की आत्मा कही जाने वाली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूरी तरह से सीमित हो चुकी थी। इसके बावजूद समाज का एक वर्ग ऐसा था जिसने हार नहीं मानी। गुप्त बैठकों, व्यक्तिगत संपर्कों और वैचारिक संवाद के माध्यम से लोकतंत्र की अलख जलती रही। लोगों को विश्वास था कि यह अंधेरा स्थायी नहीं है। यही विश्वास बाद में परिवर्तन का आधार बना। प्रो. गणेशीलाल कहते हैं कि आपातकाल ने उन्हें सिखाया कि सत्ता चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, जनता की इच्छा शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों से बड़ी नहीं हो सकती। 1977 के चुनाव परिणामों ने यह साबित भी कर दिया, जब जनता ने मतदान के माध्यम से सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुना। हरियाणा की जेलें बनीं लोकतंत्र सेनानी का केंद्र, सलाखों के पीछे भी चलता रहा संघर्ष आपातकाल के दौरान हरियाणा की जेलें केवल बंदियों को रखने का स्थान नहीं थीं, बल्कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के विचारों और संकल्प का केंद्र बन गई थीं। देश के कई बड़े नेताओं को हरियाणा की विभिन्न जेलों में रखा गया। जयप्रकाश नारायण को सोहना ले जाया गया, जबकि लालकृष्ण आडवाणी, चंद्रशेखर, मोरारजी देसाई, सिकंदर बख्त, मधु दंडवते और बीजू पटनायक जैसे राष्ट्रीय नेता भी हरियाणा की जेलों में रहे। प्रदेश के भीतर चौधरी देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला, मंगलसैन, हरद्वारी लाल, रोशनाल आर्य और अनेक विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया गया। प्रो. गणेशीलाल बताते हैं कि जेल के भीतर भी लोकतंत्र और राष्ट्रहित के विषयों पर निरंतर चर्चा होती थी। विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े लोग एक-दूसरे के अनुभव साझा करते थे। राजनीतिक मतभेद जरूर थे, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के सवाल पर सभी एकजुट दिखाई देते थे। यही कारण था कि जेल की कठिन परिस्थितियां भी उनके मनोबल को तोड़ नहीं सकीं। वे बताते हैं कि उस समय जेलों में रहने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को विश्वास था कि लोकतंत्र की जड़ें इतनी कमजोर नहीं हैं कि किसी एक आदेश से समाप्त हो जाएं। यही विश्वास उन्हें हर कठिनाई के बीच मजबूती देता था। जेल में बिताए गए दिन केवल संघर्ष की कहानी नहीं थे, बल्कि लोकतंत्र के प्रति समर्पण की मिसाल भी थे। 1977 में जब आपातकाल समाप्त हुआ और चुनाव हुए, तब जनता ने अपने मताधिकार के माध्यम से यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की ताकत किसी भी तानाशाही से बड़ी होती है। यही कारण है कि आज भी आपातकाल का दौर भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सीख के रूप में याद किया जाता है। बाइट प्रोफेसर गणेशी लाल , पूर्व राज्यपाल。
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यमुनानगर में एयरटेल सिम धोखाधड़ी: 95 लाख से अधिक की निकासी

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर में इस बार ठगी का और धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है। जिसमें एयरटेल कंपनी का मोबाइल सिम बंद करके उसकी जगह नया सिम लेकर मोबाइल नंबर के खाते से 95 लाख से अधिक की राशि निकलवा ली गई है। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। साइबर अपराध पुलिस थाना जांच अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि 25 मई को शिकायतकर्ता निर्देश जैन का एयरटेल का सिम अचानक ब्लॉक हो गया। और उसके बदले इस नंबर का नया सिम कहीं और बन गया। यह मोबाइल नंबर बैंक खाते से अटैच था। जिस पर आरोपियों ने उसमें से 95 लाख से अधिक की राशि निकलवा ली। मामला साइबर पुलिस तक पहुंचा। जांच की गई और आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच अधिकारी ने बताया कि नया सिम उसके मालिक उत्तर भारत कंपनी के निर्देश जैन की बजाय किसी और को कैसे मिल गया, इसके लिए एयरटेल कंपनी को नोटिस दिया गया है। इसके अलावा अन्य और आरोपी की भी इस मामले में शामिल होने की आशंका है, जांच के बाद उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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रेउसा में तेज रफ्तार कार ने सीएनजी ऑटो को मारी टक्कर, चालक समेत 7 घायल; तीन की हालत गंभीर रेउसा कस

RKRamendr KumarFollow11m ago
Bamhnawa, Uttar Pradesh:रेउसा में तेज रफ्तार कार ने सीएनजी ऑटो को मारी टक्कर, चालक समेत 7 घायल; तीन की हालत गंभीर रेउसा कस्बे में बुधवार रेउसा-बिसवां मार्ग पर नायरा पेट्रोल पंप के पास उस समय हुआ, जब बिसवां से सवारियां लेकर रेउसा आ रहा एक सीएनजी ऑटो सामने से आ रही तेज रफ्तार लाल रंग की कार से टकरा गया। आमने-सामने की जोरदार टक्कर के बाद ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घायलों में भवानीपुर निवासी सुर्ज लाल (50) पुत्र बेचे लाल तथा हथिना निवासी ऑटो चालक राजेश कुमार (50) पुत्र जगन्नाथ गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं रामचंद्र (75) निवासी राजापुर कला, अर्जुन (45) निवासी कोंडरी, महाराजा देवी (75) निवासी भिठना फर्र, अमोलक (70) निवासी जमौली तथा मुनेसर (33) निवासी रतनगंज घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही रेउसा पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेउसा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सुर्ज लाल, राजेश कुमार समेत तीन घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
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रादौर के छोटाबां्स में CIA टीम पर हमला, सुखबीर के घर से नशा बरामद

Yamuna Nagar, Haryana:रादौर के छोटाबांस की डेहा बस्ती में असंध सीआईए टीम पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी सुखबीर के घर से पुलिस ने साढ़े छह ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को रिमांड पर लेकर गांव छोटाबांस में घटनास्थल पर पहुंचकर मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। राजेश राणा थाना प्रभारी रादौर ने बताया कि असंध सीआईए की टीम कुछ दिन पहले राजेंद्र नामक एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने आई थी, जिससे सुखबीर नशा खरीदा करता था। इस दौरान सुखबीर और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया था। उन्होंने बताया कि सुखबीर पर पहले भी करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पुलिस टीम के साथ मारपीट करने की घटना में भी शामिल रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और बाकी आरोपियों का पता लगाने के लिए सुखबीर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उन्होंने समाज को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में नशा बेचने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि नशे के कारण पहले ही कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं।
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