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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow2 Jan 2025, 06:03 pm

गोरखपुरः युवक के अपहरण के मामले में खुलासे के करीब पहुंची पुलिस, आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही पुलिस

Khajani, Uttar Pradesh:

खजनी थाना क्षेत्र में बीते दिनों छपियां गांव से एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अजीजनगर गांव का रहने वाले रामनगीना यादव के अपहरण की सूचना उनकी पत्नी ने दी। पत्नी ने खजनी थाने में तहरीर देकर कार्रवाई के लिए गुहार लगाई थी। अब मामले में पुलिस खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। बैंक खाते से पैसे लेने पहुंचे संदिग्ध युवकों को बिहार राज्य के सीतामढ़ी जिले से हिरासत में लिया गया है। पुलिस के द्वारा घटना के संदर्भ में पूछताछ की जा रही है।

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उधम सिंह नगर में 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध हत्या, पुलिस जांच तेज

Bahara Boj, Uttarakhand:स्लग- मॉडलिंग का झांसा देकर छात्रा का मर्डर स्थान- उधम सिंह नगर एक 18 वर्षीय छात्रा का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मृतका की पहचान 18 वर्षीय कांति के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। एस पी स्वपन किशोर सिंह ने बताया कि एक राहगीर के द्वारा सड़क किनारे एक युवती का शव पड़े होने की सूचना मिली सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुँची ओर घटनास्थल पर पड़े शव की जांच पड़ताल की गई, प्रथमदृष्टया युवती की हत्या की गई है और इस संबंध में सभी पहलुओं पर जाँच की जा रही है, परिजनों द्वारा जो आरोप लगाए गए है उनपर भी जाँच शुरू कर दी गई है।
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हरदोई में सांप के डसने से एंबुलेंस चालक की हालत नाजुक, इलाज के लिए लखनऊ रेफर

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में एंबुलेंस चालक को सांप ने डसा, 400 थपकियां और 30 एंटी-वेनम भी बेअसर, गंभीर हालत में लखनऊ रेफर हरदोई में जहरीले सांप के डसने से 35 वर्षीय एंबुलेंस चालक की हालत गंभीर हो गई। उन्हें बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने 30 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए, जबकि साथी करीब दो घंटे तक उन्हें होश में रखने के लिए लगातार थपकियां देते रहे। बताया गया कि करीब 400 थपकियां देने के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार फर्रुखाबाद जनपद के बीरपुर निवासी 35 वर्षीय ओवेंद्र हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस चालक के पद पर तैनात हैं।बुधवार रात वह सीएचसी परिसर स्थित अपने क्वार्टर में सो रहे थे। इसी दौरान जहरीले सांप ने उनके बाएं हाथ की उंगली में डस लिया।सांप के डसने के बाद ओवेंद्र ने तत्काल अपने सहकर्मी प्रदीप को जगाया।प्रदीप उन्हें सीएचसी की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे,जहां प्राथमिक उपचार किया गया। उपचार के बाद ओवेंद्र वापस अपने क्वार्टर चले गए। गुरुवार सुबह अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। उन्हें चक्कर आने के साथ उल्टियां होने लगीं और सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। हालत गंभीर होने पर सीएचसी के डॉक्टरों ने ओवेंद्र को हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में ईएमओ डॉ. शेर सिंह और डॉ. रूपेंद्र सिंह की निगरानी में उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों ने साथियों को उन्हें लगातार जगाए रखने की सलाह दी।इसके बाद हरिओम और प्रदीप बारी-बारी से ओवेंद्र के गाल, सीने और पीठ पर थपकियां देकर उन्हें होश में रखने का प्रयास करते रहे। बताया गया कि करीब दो घंटे में दोनों ने लगभग 400 थपकियां दीं। इसी दौरान मेडिकल टीम ने 30 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए,लेकिन ओवेंद्र की हालत नाजुक बनी रही। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। बाइट--डॉ. शेर सिंह, ईएमओ, मेडिकल कॉलेज हरदोई बाइट--हरिओम, ओवेंद्र के साथी
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महोबा मंदिर में वृद्ध की संदिग्ध मौत: पुलिस जांच में जुटी

Mahoba, Uttar Pradesh:महोबा के चित्रगुप्त मंदिर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में एक 75 वर्षीय वृद्ध का शव फाँसी के फंदे पर लटकता मिला। मृतक रोजाना मंदिर में पूजा करता था और अज्ञात कारणों के चलते मौत को गले लगा लिया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने मृतक के पास सोसाइट नोट बरामद किया है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाईयों में जुट गई है। शहर कोतवाली क्षेत्र के पस्तौर गली में रहने वाले 75 वर्षीय श्यामसुंदर त्रिपाठी का शव मंदिर में संदिग्ध परिस्थितियों में फाँसी के फंदे पर लटकता मिला। मृतक ने एक सोसाइट नोट लिखा है जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जाता है कि मृतक श्यामसुंदर सहकारी समिति में सचिव के पद से रिटायर्ड होकर महोबा में पस्तौर गली मुहाल में निवास करने लगे थे और पास में ही चित्रगुप्त मंदिर में रोजाना पूजा करते थे। आज भी वह घर से खाना खाकर 12 बजे दिन में मंदिर गए थे और कुछ घंटे बाद उन्होंने अपने गमछे से मंदिर की रेलिंग से लटककर जान दे दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस को मृतक के पास से एक सोसाइट नोट मिला है, हालांकि उसमें क्या लिखा है यह जानकारी नहीं मिल पाई है। मृतक के परिजनों ने बताया कि श्यामसुंदर की किसी से कोई बुराई नहीं थी फिर आत्महत्या क्यों की इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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दानापुर के संस्थान में सेंटर मैनेजमेंट के नाम पर पैसे लेकर 90% छात्र फेल

Danapur, Bihar:छितनामा स्थित अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के बी.फार्म और बी.एस. नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में पास कराने और सेंटर मैनेज करने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे। इसके बावजूद परिणाम जारी होने के बाद लगभग सभी छात्र–छात्राओं के फेल होने से उनका आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों के अनुसार, कहा गया था कि परीक्षा केंद्र को मैनेज किया जाएगा ताकि उन्हें परीक्षा में परेशानी न हो और सभी पास हो जाएं, पर ऐसा नहीं हुआ। खर्च काफी किया गया, फिर भी रिजल्ट में फेल होना सवाल खड़े करता है कि पैसे का क्या हुआ और परीक्षा प्रक्रिया अगर निष्पक्ष थी तो इतनी बड़ी संख्या में छात्र फेल कैसे हुए? रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राओं ने संस्थान के मुख्य कार्यालय का घेराव किया और उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जाँच व परिणाम की निष्पक्ष जाँच की मांग की। छात्रों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था उनके वर्षों की पढ़ाई, मेहनत और भविष्य पर असर डाल रही है। हालात पर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी मौके पर आकर बच्चों को समझाकर शांत कराया। छात्रों ने पैसे लेने की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। अभी तक सेंटर मैनेज करने के नाम पर पैसे लेने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है; संस्थान और विश्वविद्यालय प्रशासन के पक्ष के आने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी। यह मामला केवल रिजल्ट की पुनः जाँच का नहीं है, बल्कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
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चंडीगढ़: कांग्रेस विधायक दल मानसून सत्र के लिए कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर रणनीति बनाएगा

Chandigarh, Chandigarh:वीरवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई जिसमें मानसून सत्र को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बैठक में तय किया गया है कि कांग्रेस सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दा उठाएगी जैसे कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार इत्यादि। इन मुद्दों पर हमारी ओर से काम रोको प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लेकर आएंगे। सत्र से पहले 26 अगस्त को एक बार फिर विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी. भाजपा की एक मंत्री एक यूनिवर्सिटी अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि इस अभियान से कुछ नहीं होगा। उनकी कोई नहीं सुनने वाला।
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20 रुपये के विवाद पर हत्या, प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-यूपी सीमा पर किया जाम

Ghaziabad, Uttar Pradesh:थाना शालीमार गार्डन क्षेत्र में महज 20 रुपये के विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव घर पहुंचते ही लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। मुआवजे और परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और दिल्ली-यूपी सीमा को जाम कर दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। देर तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
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मेघवाल ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:- कुरुक्षेत्र पहुंचे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल। वंदे मातरम् को लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना। बोले कांग्रेस ने 1937 में गलती की थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के माध्यम से सुधारने का किया काम। कुरुक्षेत्र में श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आज पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को लेकर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों और सामाजिक समरसता के संदेश पर जोर दिया। साथ ही वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। वंदे मातरम् को लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1937 में गलती की थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के माध्यम से सुधारने का काम किया। मेघवाल ने कहा कि इसके बाद भी कांग्रेस तुष्टीकरण के चलते वही गलती दोहरा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “वंदे मातरम् गाने में आखिर आपत्ति क्या है?” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरा देश वंदे मातरम् गा रहा है और इसे लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। साथ ही केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती को पूरे देश में ‘प्रकट उत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह आयोजन गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक चलेगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समानता, सद्भावना, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया था और उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मेघवाल ने कहा कि जहां गुरु रविदास जी के मंदिर हैं, वहां पूजा-अर्चना और कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं, जबकि जहां मंदिर नहीं हैं, वहां दूसरे मंदिरों में जाकर विभिन्न समाजों के लोग भी गुरु रविदास जी की आरती और पूजा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और मजबूत होगा तथा संविधान के मूल भाव स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को भी मजबूती मिलेगी। बाइट :- केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
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रतनपुर-लालपुर मार्ग की खराब सड़कों पर कांग्रेस ने विरोध दर्ज किया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले के रतनपुर से सड़क की बदहाली को लेकर अनोखे विरोध प्रदर्शन की तस्वीर सामने आई है। खराब सड़क से परेशान लोगों की आवाज को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर ही रोपा लगाकर विरोध जताया। प्रदर्शन कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। दरअसल, रतनपुर से लालपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों की परेशानी और बढ़ जाती है। लालपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर सड़क की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क की बदहाली के खिलाफ अनोखे अंदाज में सड़क पर रोपा लगाकर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। कांग्रेस का कहना है कि सड़क सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक हालात जस के तस हैं। यह रतनपुर-लालपुर मार्ग मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ऐसे में सड़क की खराब हालत से रोजाना गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाएं भी हो रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क का सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर चक्काजाम किया जाएगा.
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दंतेवाड़ा में लाल पानी से खेती और पीने के पानी पर संकट, ग्रामीण परेशान

Dantewada, Chhattisgarh:दंतेवाड़ा में आयरन हिल के नीचे बसे गांवों के ग्रामीणों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। दशकों से लाल पानी और आयरन ओर डस्ट की समस्या झेल रहे ग्रामीण हाथ में लाल पानी की बोतल लेकर दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट पहुंचे। बीजापुर जिले के गमपुर, डोडी तुमनार, तामोड़ी, पुरंगेल समेत करीब आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि बचेली और किरंदुल क्षेत्र में एनएमडीसी के लौह अयस्क खनन से निकलने वाला डस्ट और लाल पानी उनके खेतों और जलस्रोतों को प्रभावित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दंतेवाड़ा जिलें के एनएमडीसी माइनिंग से निकलने वाली लाल पानी पहाड़ के नीचे बसे बीजापुर जिलें के गांवों के खेतों में बहने से उनकी जमीन बर्बाद हो चुकी है और खेती करना मुश्किल हो गया है। मवेशी भी इस प्रदूषित पानी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं कई गांवों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण नाले के किनारे बनाए गए अस्थायी कुओं के पानी पर निर्भर हैं। अपनी समस्या का नमूना लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन उनकी कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो पाई। जिसके बाद ग्रामीण निराश होकर वापस गांव लौट गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन विकास के नाम पर उन्हें लाल पानी की सौगात दे रहे हैं। गांवों में सड़क और मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है。
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सोहियां कलां के सरकारी गोदाम से करीब 400 बोरियों गेहूं चोरी, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया

Amritsar, Punjab:ਸੋਹੀਆਂ ਕਲਾਂ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਗੋਦਾਮ ’ਚੋਂ 400 ਦੇ ਕਰੀਬ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਚੋਰੀ ਪਨਗਰੇਨ ਦੇ ਗੋਦਾਮ ’ਚ ਚੋਰੀ ਮਾਮਲੇ ’ਚ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇੱਕ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਕਾਬੂ ਦੋ ਦਿਨ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਮੁੜ ਅਦਾਲਤ ’ਚ ਕੀਤਾ ਪੇਸ਼ ਪੁਲਿਸ ਬੋਰੀਆਂ ਦੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਦੀ ਕਰ ਰਹੀ ਜਾਂਚ ਮਜੀਠਾ ਥਾਨਕਾ ਮਜੀਠਾ ਦੇ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਸੋਹੀਆਂ ਕਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸਥਿਤ ਸਰਕਾਰੀ ਗੋਦਾਮ ’ਚੋਂ ਕਰੀਬ 400 ਬੋਰੀਆਂ ਕਣਕ ਚੋਰੀ ਹੋਣ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਇਹ ਗੋਦਾਮ ਪਨਗਰੇਨ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਚੋਰੀ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ் ਅਧਿਕਾਰੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ ਐੱਪੀਆਈ ਦੇ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਐਸੋਸੀਸ਼ ਮਹਾਜਨ ਵੱਲੋਂ ਥਾਪੇ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਬਿਆਨ ਦਰਜ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਿਆਨ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਇਆ ਗਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਮੁਤਾਬਕ ਚੋਰੀ ਹੋਈ ਕਣਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਸਬੰਧੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਕਰੀਬ 400 ਬੋਰੀਆਂ ਚੋਰੀ ਹੋਣ ਦੀ ਗੱਲ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਦੋ ਦਿਨ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ’ਤੇ ਲਿਆ ਸੀ। ਰਿਮਾਂਡ ਦੌਰਾਨ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਚੋਰੀਕੀਤੀ ਕਣਕ ਅਤੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਰ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਦੋ ਦਿਨ ਦਾ ਰਿਮਾਂਡ ਖ਼ਤਮ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਮੁੜ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਇਹ ਜਾਣਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਕਿ ਚੋਰੀ ਕੀਤੀ ਕਣਕ ਕਿੱਥੇ ਰੱਖੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿੱਥੇ ਲਿਜਾਇਆ ਗਿਆ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਫਿਲਹਾਲ ਚੋਰੀ ਹੋਈ ਕਣਕ ਦੀ ਪੂਰੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕੀ ਹੈ。 ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਤਫ਼ਤੀਸ਼ ਜਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਕਿ ਚੋਰੀ ਦੀ ਇਸ ਵਰਦਾਤ ਵਿੱਚ ਹੋਰ ਕਿੰਨੇ ਲੋਕ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਅਧਿਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਤੱਥਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਅਗਲੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਗੋਦਾਮ ਵਿੱਚੋਂ ਚੋਰੀ ਹੋਈ ਸਰਕਾਰੀ ਕਣਕ ਦੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਚ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ’ਤੇ ਜਾਰੀ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਜਾਂਚ ਪੂਰੀ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਚੋਰੀ ਦੀ ਪੂਰੀ ਘਟਨਾ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਬਾਰੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਸਕੇਗੀ。
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हिमाचल में वन संसाधनों से 22,600 करोड़ की अप्रयुक्त क्षमता का MOUs से दोहन

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में वन एवं चरागाह आधारित अर्थव्यवस्था की अप्रयुक्त संभावनाओं को साकार करने के लिए वन विभाग और भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी-बीआईपीपी) के बीच पांच वर्ष के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में हुए समझौते के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्था के माध्यम से वन संसाधनों की आर्थिक क्षमता का दोहन किया जाएगा। वन विभाग की ओर से प्रधान मुख्य अरण्यपाल डॉ. संजय सूद और आईएसबी-बीआईपीपी के कार्यकारी निदेशक प्रो. अश्विनी छत्रे ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हिमाचल विज्ञान, स्थानीय समुदायों और सरकार को एक साथ जोड़कर वन प्रबंधन में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध स्थानीय प्रजातियों की आर्थिक क्षमता का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। इसमें हरड़ और बेल जैसी औषधीय वनस्पतियां शामिल हैं। इसके अलावा थांगी यानी हैजलनट के पोषण संबंधी और व्यावसायिक महत्व का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। एमओयू पर हस्ताक्षर से पहले आईएसबी-बीआईपीपी की टीम ने संयुक्त वन सर्वेक्षण के निष्कर्ष प्रस्तुत किए। सर्वेक्षण में 500 से अधिक वन रक्षकों ने दो लाख से अधिक पेड़ों से संबंधित आंकड़े और प्रजातियों की पहचान वाली तस्वीरें एकत्र कीं। इन आंकड़ों को सैटेलाइट इमेजरी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक के साथ जोड़ा गया और बाद में मौके पर जाकर सत्यापन किया गया। खैर, बांस, चीड़, आंवला, जंगली आम, साल और बुरांश सहित सात प्रजातियों के मानचित्र तैयार किए गए हैं। इस कार्य को संयुक्त रूप से ‘काउंटिंग ग्रीन वेल्थ’ के नाम से प्रकाशित किया गया है। सर्वेक्षण में पांच जैव-संसाधनों में कुल 22,600 करोड़ रुपये की अप्रयुक्त आर्थिक क्षमता का अनुमान लगाया गया है। इसमें आंवला की संभावित कीमत 8,700 करोड़ रुपये, चीड़ की पत्तियों की 5,500 करोड़ रुपये, जंगली आम की 4,800 करोड़ रुपये, साल के बीज की 2,400 करोड़ रुपये और बुरांश के फूलों की 1,200 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन संसाधनों का दोहन प्रत्येक प्रजाति के लिए पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और उचित मात्रा तक ही सीमित रखा जाएगा। पांगी की पीर पंजाल जंगल प्रोड्यूसर कंपनी को इस पहल के सफल उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। महिलाओं के स्वामित्व वाली यह कंपनी थांगी के कारोबार से जुड़ी है। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग पालमपुर वन मंडल की कार्ययोजना में पहले ही किया जा रहा है। यह इस तरह का पहला उदाहरण है। अब एमओयू के माध्यम से इस व्यवस्था को अन्य वन मंडलों और आगे चलकर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। प्रो. अश्विनी छत्रे ने कहा कि वैज्ञानिक शोध को जमीनी अनुभव से जोड़ने पर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 500 से अधिक वन रक्षकों ने कई महीनों तक आंकड़े एकत्र किए, जिससे आर्थिक निर्णय लेने के लिए तैयार किए गए अनुमानों को विश्वसनीय आधार मिला है। आईएसबी-बीआईपीपी की निदेशक डॉ. आरुषि जैन ने कहा कि ये आंकड़े केवल रिपोर्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पालमपुर की कार्ययोजना तैयार करने में इनका उपयोग किया जा रहा है। एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक जानकारी और चरागाह संबंधी डेटाबेस को पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। एमओयू में चार प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें वन अर्थव्यवस्था और सामुदायिक उद्यम के تحت महिला नेतृत्व वाली उत्पादक कंपनियों को बढ़ावा देना और उन्हें बाजार से जोड़ना शामिल है। इसके अलावा फॉरेस्ट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को पहले पालमपुर में शुरू कर बाद में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। चराई पोर्टल और चरागाह आधारित डेटाबेस को हिमाचल प्रदेश ग्रेजिंग पॉलिसी, 2026 के तहत आधार, हिम परिवार, भारत पशुधन और पहल योजना से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही वन विभाग के कर्मचारियों और उत्पादक कंपनियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर भी काम किया जाएगा।
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