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Satish Kumar ShuklaSatish Kumar ShuklaFollow16 Jan 2025, 12:16 pm

गोरखपुरः आईआईआरएफ 2025 की लिस्ट में डीडीयू विश्वविद्यालय के बीबीए, बीसीए और पत्रकारिता को मिला स्थान

Gorakhpur, Uttar Pradesh:

दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर को इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) 2025 की श्रेणी में बीबीए, बीसीए और पत्रकारिता को स्थान मिला है। ऑल इंडिया रैकिंग में बीबीए को 133, बीसीए को 22 और पत्रकारिता को 43वां स्थान मिला है। गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय है जिसे इन तीन श्रेणियों में स्थान मिला है। बीसीए श्रेणी में भारत में 22 वां और प्रदेश में पहला स्थान मिला है। बीबीए में भारत में 133वां और उत्तर प्रदेश में सरकारी संस्थानों में तीसरा स्थान हासिल किया।

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जानकी नवमी पर सीतामढ़ी में भक्तों का उत्साह, डोला शोभा यात्रा संपन्न

Sitamarhi, Bihar:त्रिपुरारी शरण एंकर आज जानकी नवमी के पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी में इस खास दिन को लेकर श्रद्धालुओं में खासа उत्साह नजर आ रहा है।प्रसिद्ध पुनौरा धाम मंदिर से जानकी नवमी के अवसर पर माता जानकी का भव्य डोला शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह डोला यात्रा प्रसिद्ध हालेश्वर स्थान मंदिर की परिक्रमा करते हुए पुनौरा धाम मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।जानकी नवमी को लेकर पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल है।
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मानगो अस्पताल में कैदी ने सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर दी; हड़कंप मचा

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के मानगो स्थित एमजीएम अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां इलाजरत एक विचाराधीन कैदी ने सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अशोक कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया, वहीं पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार लंबे समय से जेल में बंद था और वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर भी उसने आत्महत्या की कोशिश की थी, जिसमें उसने अपना गला काटने का प्रयास किया था। हालांकि उस समय जेल प्रशासन की सतर्कता के कारण उसकी जान बच गई थी। इसके बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कैदी वार्ड में उसका इलाज चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर उसे कैदी वार्ड से डॉक्टर के पास जांच के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक उसने पुलिसकर्मी का हाथ छुड़ा लिया और तेजी से सातवीं मंजिल की ओर भाग गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने ऊंचाई से छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि एक कैदी का इस तरह से सुरक्षा घेरे से निकलकर ऊंचाई से कूद जाना कई लापरवाहियों की ओर इशारा करता है। बताया जा रहा है कि अशोक कुमार डिप्रेशन का शिकार था और उसका मानसिक इलाज भी चल रहा था। उसे पूर्व में रांची भी भेजा गया था, जहां उसकी मानसिक स्थिति का उपचार किया जा रहा था। बावजूद इसके, उसकी निगरानी में चूक होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और यह एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था दोनों की गंभीरता को उजागर करता है.
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बस्तर में लौह अयस्क अवैध कारोबार: चार गाड़ी चिन्हित, तीन फरार

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर में लौह अयस्क के अवैध कारोबार और ओवरलोडिंग का बड़ा मामला सामने आया है, बस्तर परिवहन संघ ने खुद मोर्चा संभालते हुए संदिग्ध गाड़ियों का पीछा किया, जिसमें एक ट्रक पकड़ लिया गया, जबकि तीन गाड़ियां मौके से फरार होने में सफल रहीं, आरोप है कि बिना वैध दस्तावेज लौह अयस्क का परिवहन किया जा रहा था, मामले के खुलासे के बाद खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, ओवरलोड गाड़ियों के चलते नियमित सप्लाई प्रभावित हो रही थी और वैध ट्रांसपोर्टरों को नुकसान उठाना पड़ रहा था, शिकायतों के बाद संघ के सदस्यों ने निगरानी की और चार संदिग्ध गाड़ियों को चिन्हित किया, इधर खनिज विभाग के अधिकारियों ने साफ कहा है कि वाहन के दस्तावेज, मालिकाना हक, माल के स्रोत और भंडारण से जुड़े सभी रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे, यदि वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी, फरार तीन गाड़ियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
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वेदांता हादसे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव एवं डीजीपी को दिया नोटिस,,

Avinash Babu PatelAvinash Babu PatelFollow9m ago
Binouri, Chhattisgarh:राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के सक्‍ती जिले में स्थित एक थर्मल पावर प्लांट में 14 अप्रैल 2026 को बॉयलर ट्यूब विस्फोट के कारण कम से कम 25 श्रमिकों की मृत्यु हो गई और अन्य घायल हो गए। खबरों के अनुसार, विस्फोट से निकली अत्यधिक गर्म भाप ने श्रमिकों को अपनी चपेट में ले लिया। आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है तो इससे पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मामले सामने आते हैं। इसलिए, आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में प्रभावित श्रमिकों को मुआवजे के संवितरण की स्थिति और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी शामिल होनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बॉयलर को बंद करके ठंडा करने के बाद पुलिस ने बचाव अभियान आरंभ किया। घायल श्रमिकों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
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एनसीआर में वायु प्रदूषण घटाने के लिए 23 CAQUMS और एग्रीगेटर नीति घोषित

Chandigarh, Chandigarh:​ चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा सरकार द्वारा एनसीआर में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए 23 नए सीएएक्यूएमएस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, राज्य में संचालित कैब एवं राइड-शेयरिंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए शीघ्र ही एग्रीगेटर पाॅलिसी लाई जाएगी。 मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न पहलों की व्यापक समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदूषण में 30-35 प्रतिशत तक कमी लाने के लक्ष्य के साथ बहु-क्षेत्रीय कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने एनसीआर के नगर निगम आयुक्तों तथा गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे कम से कम पांच प्रमुख सड़कों की पहचान कर उन्हें मॉडल “डस्ट-फ्री” सड़कों के रूप में विकसित करें। इस सम्बन्ध में वर्ष 2026 के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने से लेकर कार्य पूर्ण होने तक की एक समग्र और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन, निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों तथा औद्योगिक उत्सर्जन से होने वाले प्रदूषण को सटीक योजना और समयबद्ध कार्यान्वयन के माध्यम से प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना होगा。 पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल ने क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की सघन जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वाहन प्रदूषण मानकों के अनुपालन को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किया जाए और एनसीआर के व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाकर अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने चलती गाड़ियों के उत्सर्जन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग और उसके आधार पर चालान करने पर बल दिया。 मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि प्रदूषण जांच केंद्रों से डेटा एकत्रित किया जाए कि कितने मामलों में प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार किया गया अथवा कितने मामलों में उत्सर्जन मानक निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया。 परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू ने बताया कि राज्य में संचालित कैब एवं राइड-शेयरिंग सेवाओं को विनियमित करने के लिए शीघ्र ही एग्रीगेटर नीति लाई जाएगी। इससे निजी वाहनों का बड़ा बेड़ा नियामक ढांचे के तहत आएगा और यह सुनिश्चित होगा कि एग्रीगेटर से जुड़े वाहन निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन करें और क्षेत्र में परिवहन से होने वाले प्रदूषण को कम करने के समग्र प्रयासों में योगदान दें। उन्होंने यह भी बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुरूप एनसीआर के प्रमुख जिलों में डीजल ऑटो लगभग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं तथा शेष क्षेत्रों में 31 दिसंबर, 2026 तक इन्हें चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने “नया सफर योजना” के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत लगभग 1.9 लाख पुराने ट्रकों और 16,000 बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाया जाएगा। योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन तथा टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी。 हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री जे. गणेशन ने बताया कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए सीएएक्यूएमएस की संख्या जुलाई 2026 तक 29 से बढ़ाकर 52 की जाएगी। इसके लिए मई माह के पहले सप्ताह में टेंडर जारी किए जाएंगे。 बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने बताया कि 889 औद्योगिक इकाइयों को निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (सीईएमएस) स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे, जिनमें से 871 इकाइयों मे यह प्रणाली स्थापित की जा चुकी है और 735 इकाइयां सक्रिय रूप से डेटा साझा कर रही हैं। सभी बड़े और मध्यम उद्योगों को जुलाई तक तथा लघु उद्योगों को सितंबर 2026 तक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राज नारायण ने बताया कि वर्ष 2016 की तुलना में धान की पराली जलाने की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक कमी आई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगभग 13,000 सीआरएम मशीनों की कमी की पहचान की गई है, जिसे धान कटाई सीजन से पहले पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने एनसीआर के सात नगर निगमों की वर्ष 2026 की सिटी एक्शन प्लान की भी समीक्षा की। नगर निगम आयुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। इन कार्य-योजनाओं में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 360 डिग्री दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें परिवहन, पुलिस, जीएमडीए, एफएमडीए, एसएमडीए, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन, लोक निर्माण, एनएचएआई, ऊर्जा और उद्योग विभागों की समन्वित भूमिका सुनिश्चित की गई है। कार्य-योजना में सड़क धूल नियंत्रण, निर्माण एवं विध्वंस उत्सर्जन में कमी, यातायात जाम के बिंदुओं का समाधान, वायु निगरानी नेटवर्क का विस्तार, अंतिम मील कनेक्टिविटी, सड़कों की शुरू से अन्त तक पेवमेंट, हरित क्षेत्र का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा पार्किंग सुविधाओं का विस्तार शामिल है। साथ ही, पुराने ठोस अपशिष्ट को 31 मार्च, 2027 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है。 नगर निगमों द्वारा निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रोसेसिंग प्लांट और प्रत्येक 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट स्थापित करने की भी योजना है。 बैठक में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों, जल छिड़काव (वॉटर स्प्रिंकलर) तथा एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से धूल नियंत्रण उपायों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
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पखांजूर के अंदरूनी गांवों में लकवा से मरीज खटिया पर 19 किमी अस्पताल पहुंचे

Pakhanjur, Chhattisgarh:पखांजूर के अंदरूनी गांवों से बेंगाडा/बीनाگुंडा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी स्पष्ट हो रही है। एक लकवाग्रस्त युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं मिल सकी और मजबूरन 20 ग्रामीणों ने उसे खटिया में लादकर 19 किलोमीटर पैदल सफर तय किया। यह घटना नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा से लगे बीनाگुंडा गांव की है, जहां तीन दिन तक एंबुलेंस नहीं मिली और सड़क भी नदारद रही। करीब चार घंटे के संघर्ष के बाद छोटेबेठिया BSF कैंप से मदद मिल पाई और फिर मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया। यह मामला बताता है कि पिछले दिनों भी इस इलाके में एंबुलेंस सेवा अक्सर ठप रहती है, और गांव तक पहुंचना मुश्किल है। सवाल उठते हैं—क्या अंदरूनी गांवों में जिंदगी की कीमत सरकार के दावों के बराबर है, और कब तक मरीज खटिया पर स्थिर रहते रहेंगे?
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भिंड में फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट का भंडाफोड़: मौत के परमिट 3 लाख में

Bhind, Madhya Pradesh:2504ZMP_BHIND_FARJI_R हेडर-भिंड में ‘फर्जी लाइसेंस सिंडिकेट’ का भंडाफोड़, 3 लाख में बिक रहा था मौत का परमिट! ये सिर्फ फर्जी कागजों का खेल नहीं था… ये था एक संगठित सिंडिकेट… जो पहचान पत्रों में छेड़छाड़ कर… सिस्टम को हैक कर… अवैध हथियारों को वैध बनाने का खेल खेला जा रहा था। सूत्रों की मानें तो, -एक फर्जी लाइसेंस की कीमत थी करीब 3 लाख रुपये -पेन कार्ड, आधार कार्ड और फोटो से छेड़छाड़ कर तैयार किए जाते थे दस्तावेज -ऑनलाइन पोर्टल तक को गुमराह किया गया जैसे ही पुलिस की साइबर टीम ने रिकॉर्ड खंगाले… पूरा खेल खुलकर सामने आ गया। -सबसे बड़ा खुलासा- इस रैकेट में आर्म्स शाखा के कर्मचारी भी शामिल पाए गए… यानी, जिनके कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी… वही सिस्टम को अंदर से खोखला कर रहे थे। -बरामदगी, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए -10 पिस्टल (32 बोर) -1 राइफल (315 बोर) बरामद की है… और 13 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। -अब सवाल ये है, आखिर इस सिंडिकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं? क्या ये नेटवर्क सिर्फ भिंड तक सीमित है… या पूरे प्रदेश में फैला हुआ है? पुलिस का कहना है — जांच अभी जारी है… और इस फर्जीवाड़े से जुड़े हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा…
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पालीगंज में तेज रफ्तार के कहर: बुलेट सवार पेड़ से टकराकर मौत, 2 घायल

Danapur, Bihar:Headling पालीगंज में तेज रफ्तार का कहर, बुलेट सवार ने सड़क किनारे पेड़ में मारी,एक की मौत दो घायल,परिवार में छाया मातम। पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल क्षेत्र में एक बार फिर तेजरफ्तार का कहर देखने को मिला। जहां एक बुलेट सवार ने सड़क किनारे पेड़ में जबरदस्त टक्कर मार दी। बुलेट पर सवार तीन लोगों में से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि इस घटना में एक महिला और एक पुरुष घायल बताया जा रहा हैं। मृतक व्यक्ति की पहचान अरवल जिला के किंजर गांव निवासी शाहनवाज आलम के रूप में हुई है जबकि घायल की पहचान गुड्डी कुमारी और अरविंद कुमार के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जहां घायलों को इलाज के लिए पालीगंज अनुमंडल अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है जबकि मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सुबह बुलेट सवार तीनों लोग अरवल जिला के किंजर से पालीगंज की ओर आ रहे थे तबही चंदौस गांव के पास बुलेट सवार का संतुलन बिगड़ा और सड़क किनारे पेड़ से भीषण टक्कर हो गई। जिसके बाद तीनों सड़क के गिर गए। जहां स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर एक को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो लोगों को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर घायल और मृतक के परिजनों को सूचना दे दिया है।इधर मौत के बाद मौके पर पहुंचे मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।
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सोनभद्र में लेनदेन विवाद में युवक पर हमला, वीडियो वायरल की धमकी आरोपित

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में एक युवक ने अपने साथ हुई हैवानियत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि लेनदेन के विवाद में उसे बंधक बनाकर घंटों तक पीटा गया, निर्वस्त्र कर जख्मों पर नमक रगड़ा गया, जबरन शराब पिलाई गई और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उससे जबरन कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उसके परिवार से तीन लाख रुपये की मांग की गई। हैरानी की बात ये है कि घटना के बाद पीड़ित कई दिनों तक कोतवाली का चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। मीडिया में मामला सामने आने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है और मुकदमा दर्ज करने की बात कही जा रही है। आखिर इतनी गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई, ये बड़ा सवाल है। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के ऐलाही गांव निवासी अमित पटेल ने मीडिया को दी जानकारी में अपने साथ हुई घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, लेनदेन के विवाद में उसे अगवा कर एक कमरे में ले जایا गया, जहां करीब 8 घंटे तक रस्सी से बांधकर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उसे निर्वस्त्र कर पीटा गया और उसके जख्मों पर नमक रगड़ा गया। उसने यह भी बताया कि मारपीट के दौरान उसे जबरन शराब पिलाई गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसने उल्टी कर दी, इसके बावजूद आरोपियों द्वारा कथित तौर पर उसे प्रताड़ित किया जाता रहा। अमित पटेल के मुताबिक, आरोपियों ने उसका वीडियो भी बनाया और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पीड़ित का कहना है कि यदि आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की जाए तो वीडियो मिलने की संभावना है, और वह घटना स्थल की पहचान भी कर सकता है जहां उसके साथ कथित तौर पर यह सब हुआ। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे जबरन कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए और उसके माता-पिता को फोन कर तीन लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा गया। पीड़ित के अनुसार, घटना के बाद वह लगातार तीन दिनों तक कोतवाली का चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने मीडिया को बताया कि उसे थाने और अस्पताल के बीच दौड़ाया जाता रहा, पर उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मामला जब मीडिया में सामने आया, तब पुलिस हरकत में आई और अब पीड़ित की तहरीर के आधार पर दो नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और क्या बिना मीडिया के हस्तक्षेप के यह मामला दर्ज हो पाता।
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अंबेडकरनगर: आज से होमगार्ड भर्ती परीक्षा, 9 केंद्रों में कड़ी सुरक्षा

Ambad, Maharashtra:अम्बेडकरनगर- होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 आज से,, जिले के 9 परीक्षा केंद्रों ओर आयोजित होगी होमगार्ड एनरोलमेंट 2025 की परीक्षा,, , 25 से 27 अप्रैल तीन दिन में 6 पालियों में आयोजित होगी परीक्षा,, , कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीसीटीवी की निगरानी में होगी परीक्षा,, , हर परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट की है तैनाती,, , पहली पाली 10 बजे से 12 बजे तक और द्वितीय पाली 3 बजे से 5 बजे तक होगी परीक्षा, , जनपद में 30 हजार से अधिक परीक्षार्थी देंगे परीक्षा,, परीक्षा को लेकर पुलिस ने यातायात डायवर्जन किया है,,भारी वाहनों को प्रवेश नगर में नही होगा,,
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संभल में हीट वेब से अस्पतालों में डिहाइड्रेशन मरीज बढ़े, ठंडी वॉर्ड तैयार

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । हीट वेब का टॉर्चर बड़ा 45 डिग्री पहुंचा पारा . हीट वेव से अस्पतालों में डिहाइड्रेशन , उल्टी ,बुखार के मरीजों की संख्या बड़ी .. स्वास्थ्य विभाग हीट वेब को लेकर अलर्ट ... डिस्ट्रिक्ट हीट वेब प्लान तैयार किया गया जिला अस्पताल सहित जनपद की सभी CHC में 5 बेड का कोल्ड वार्ड तैयार किए गए । कोल्ड वार्ड में AC , कूलर ,पंखे लगाये गए .. हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर बनाए गए .. कॉर्नर में ORS , IV फ्लूड,आइस पैक, ऑक्सीजन मीटर की चाक चौबंद व्यवस्था की गई .. हीट वेब पीड़ित मरीजों को हॉस्पिटल तक लाने के लिए 102/108 एम्बुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है । चंदोसी CHC में जनपद के पहले हीट वेब / कोल्ड वार्ड से ग्राउंड रिपोर्ट।
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यूपी ATS ने पाकिस्तान-आधारित व्हाट्सएप से आईएसआई एजेंटों का बड़ा खुलासा किया

Noida, Uttar Pradesh:आतंकी घटनाओं को अंजाम देने और बाकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर इन्हें पाकिस्तान में आईएसआई के जासूस और हैंडलर चला रहे हैं यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है पूर्व में गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने भी इरम ने इसी तरह से कुछ नंबर को व्हाट्सएप पर एक्टिव कराकर पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और सरदार को कोड दिए थे आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले आरोपी समीर खान और तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है समीर ने शहजाद भट्टी और आईएसआई के मेजर के कहने पर दो मोबाइल सिम लिए थे इनहें एक्टिव कराया था। इन मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट ने अपने यहां व्हाट्सएप शुरू किया व्हाट्सएप एक्टिव करने के लिए कोड समीर के पास मौजूद मोबाइल नंबर पर आये, जो पाकिस्तान में बैठे साथियों को दे दिए थे इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल पाकिस्तान में ही किया जा रहा है पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों को कंट्री कोड +92 है ऐसे में पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल का पता चल जाता है भारत में एक्टिव नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाकर वहां से कॉल की जाती है तो पता नहीं चलता कि नंबर पाकिस्तान में चलाया जा रहा है इन नंबरों का इस्तेमाल खुफिया एजेंसी से बचने के लिए भी किया जाता है
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हरियाणा: 18 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित होंगे; ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं का विस्तार

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने महर्षि च्यवन सरकारी मेडिकल कॉलेज कोरियावास, नारनौल और श्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी मेडिकल कॉलेज छायंसा, फरीदराबाद में निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं के विस्तार को मंजूरी प्रदान की है। यह निर्णय बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने छायंसा और कोरियावास के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत आगामी दो सप्ताह के भीतर डायलिसिस सेवाएं प्रारंभ करें। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किडनी रोगियों को आवश्यक उपचार समय पर और सुगमता से उपलब्ध हो सके。 उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर, 2024 से सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सेवा शुरू होने के बाद से अब तक राज्य के 22 संस्थानों में 2.60 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र संचालित किए जा चुके हैं, जिन पर 57 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए है। इस पहल से नियमित डायलिसिस पर निर्भर मरीजों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है, क्योंकि यह उपचार अत्यंत महंगा और दीर्घकालिक होता है。 डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह विस्तार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा 2 मार्च, 2026 को प्रस्तुत बजट में की गई घोषणा के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं उपमंडलीय अस्पतालों में 18 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया था。 उन्होंने बताया कि वर्तमान में पीपीपी मॉडल के तहत पीजीआईएमएस रोहतक, एसएचकेएम सरकारी मेडिकल कॉलेज नल्हर, बीपीएस सरकारी मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां, सोनीपत तथा कल्पना चавला सरकारी मेडिकल कॉलेज, करनाल सहित कई प्रमुख संस्थानों में डायलिसिस सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। ये केंद्र मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय उपचार प्रदान कर रहे हैं। इस विस्तार से विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों के मरीजों को लाभ मिलेगा, क्योंकि उनकी यात्रा दूरी और प्रतीक्षा समय में कमी आएगी। सेवाओं को स्थानीय स्तर तक पहुंचाकर राज्य सरकार का उद्देश्य डायलिसिस पर निर्भर परिवारों के शारीरिक और आर्थिक बोझ को कम करना है।
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