गोरखपुर: उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड इकाई पिपराइच के पेराई सत्र 2024–25 का हुआ शुभारंभ
Patara, Ratnpur, Uttar Pradesh:पिपराइच चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक अरविंद कुमार सुगरकेन प्रबंधक श्रीधर दुबे एवं क्षेत्रीय विधायक महेंद्र पाल सिंह नगर अध्यक्ष संजय मद्धेशिया दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह ने संयुक्त रूप से बटन दबाकर मिलकर शुभारंभ किया।हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
बीजेपी ने सलबोनी पंचायत समिति पर कब्जा किया, नए अध्यक्ष रणजीत महतो निर्वाचित
Mollar Chak, West Bengal:এবার শালবনি পঞ্চায়েত সমিতি দখল করল বিজেপি। পঞ্চায়েত সমিতির নুতুন সভাপতি হলেছেন বিজেপির পঞ্চায়েত সদস্য রনজিত মাহাতো। এদিন সভায় উপস্থিত ১৭জন পঞ্চায়েত সদস্য তাকে সমর্থন করেন। উল্লেখ্য, বেশ কিছুদিন আগে পঞ্চায়েত সমিতির পদ থেকে ইস্তফা দিয়েছিলেন তৃণমূলের পঞ্চায়েত সভাপতি নেপালি সিংহ। তার পর থেকে এই পথ ফাঁকাই ছিল। আজকে পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতি নির্বাচনের জন্য বৈঠক ছিল। সেখানে একমাত্র রঞ্জিত মাহাতোর নামেই উঠে আসে। সেই নাম সবাই সমর্থন করে। এরপর স্থানীয় শালবনির বিজেপি বিধায়ক বিমান মাহাতো এবং মেদিনীপুরের বিজেপি বিধায়ক শঙ্কর গুছাইত সহ বিজেপির অন্যান্য নেতা ও কর্মীরা নবনির্বাচিত পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতিকে সঙ্গে নিয়ে এলাকায় মিছিল করেন।भूकंप से निपटने के लिए हर माह 9 को आपदा प्रबंधन तैयारी की परख
Noida, Uttar Pradesh:भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आज सुबह 11 बजे मोबाइल फोन पर सायरन बजाकर लोगों को जागरूक किया गया। इस पहल के तहत हर महीने की 9 तारीख को अलर्ट जारी कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों, टीमों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए समय रहते सतर्कता और बेहतर तैयारी बेहद जरूरी है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि भूकंप और उससे जुड़ी संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही सरकारी तंत्र की तैयारियों को परखना इस पहल का उद्देश्य है। हर महीने की 9 तारीख को होने वाली इस प्रक्रिया से आपदा प्रबंधन टीमों की सतर्कता और राहत-बचाव कार्यों में प्रतिक्रिया के समय का आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा की दृष्टि से रुद्रप्रयाग संवेदनशील जनपद है। पूर्व में आई आपदाओं से सीख लेते हुए अलर्ट जारी करने और समय रहते सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों, यात्रियों और संबंधित विभागों को संभावित खतरे के प्रति पहले से सतर्क करने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित टीमों को तैयार रहना होगा।रामपुर हत्याकांड: दिनदहाड़े बदमाश की हत्या, तीन हमलावर फरार
Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर में दिनदहाड़े एक बदमाश की हत्या कर दी गई...बाइक सवार तीन हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया...इस हत्याकांड का वीडियो भी सामने आया है...फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी हुई है...अब तक आरोपी फरार हैं...और दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड से एक तरफ इलाके में खौफ है तो दूसरी तरफ कानून व्यवस्था भी कटघरे में है...जंतर-मंतर पर बिना जरूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी -सुप्रीम कोर्ट
New Delhi, Delhi:नई दिल्ली: दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेन और मेट्रो पर रोक लगाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को रखा।
सिब्बल ने कहा 10 अक्टूबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के लगभग 57 स्टेशन बंद किए जा रहे है। दिल्ली आने वाली ट्रेनें को रद्द किया जा रहा हैं। ऐसे में लोग कहीं आ-जा नहीं सकते। मेरे देश में यह क्या हो रहा है? यह तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन है।
वहीं अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सुरक्षा के लिए CAPF की 221 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। 10 detention सेन्टर तैयार किए जा रहे हैं। OYO होटलों से कहा गया है कि वे नई बुकिंग न लें। YouTubers के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मीडिया से कहा गया है कि वे अपना आई कार्ड साथ रखें। दिल्ली पुलिस लोगों को प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दे रही है।
इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
इस बात पर याचिका लगाने वाले वकीलों ने जवाब दिया कि सरकार को समझना होगा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन गैरकानूनी नहीं होता। वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि सरकार प्रदर्शनकारियों को संभाल नहीं पा रही हैं, वे पूरे शहर को बंद नहीं कर सकते। वकील ने बताया कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने इजाजत मांगी थी, उन्हें नहीं मिली। इसलिये वो हाई कोर्ट गए।
इस मामले को सुनते हुए जस्टिस बागची ने कहा कि लोगों को संगठन बनाने और उससे जुड़ने का मौलिक अधिकार है, लेकिन कानून के अनुसार इस अधिकार को नियंत्रित भी किया जा सकता है। अगर अधिकारी प्रदर्शन की अनुमति देने में देरी करते हैं या नहीं करते हैं, तो आप कोर्ट आ सकते हैं। लेकिन बिना ज़रूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा। अगर हमें पता चल जाए कि प्रदर्शन का आयोजन कौन कर रहा है और उसमें कितने लोगों के आने की उम्मीद है, तो हम उसी हिसाब से व्यवस्था का आदेश दे सकते है। अगर हमें यह जानकारी मिल जाए तो हम सरकार से भी कह सकते हैं कि वह उसी के अनुसार कदम उठाए, न कि पूरे शहर पर बड़े पैमाने पर बैन लगा दें।
इस पर सिब्बल ने कहा कि हम याचिकाकर्ताओं से पूरी जानकारी लेकर कोर्ट आएंगे। दो बजे कोर्ट को पूरी जानकारी देंगे।
(दिल्ली से जी न्यूज रिपोर्टर अरविंद सिंह की रिपोर्ट)
