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जमुई: लक्ष्मीपुर में टेम्पू-ट्रैक्टर टक्कर, बच्चों समेत कई घायल

Jamui, Bihar:जमुई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को स्कूली बच्चों से भरे टेम्पू और ट्रैक्टर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसा न्यू पेट्रोल पंप के पास हुआ। दुर्घटना में करीब छह स्कूली बच्चों समेत टेम्पू चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी बच्चे स्कूल से पढ़ाई कर अपने घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, टेम्पू चालक कैलाश साव स्कूली बच्चों को लेकर लक्ष्मीपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान न्यू पेट्रोल पंप के समीप टेम्पू की ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेम्पू में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए लक्ष्मीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल बच्चों और चालक को बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल रेफर किया गया। चालक कैलाश साव को सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन निजी क्लीनिक लेकर चले गए। घायलों में आयुष राज और अंश राज, दोनों पिता मनोज कुमार, निवासी गौरा, थाना लक्ष्मीपुर, अनिशा कुमार, पिता दशरथ भगत, निवासी गौरा, रितिका कुमार, पिता राजेश कुमार साव तथा सत्यम कुमार, पिता राम कुमार शर्मा शामिल हैं। सभी बच्चे होली मिशन स्कूल में पढ़ते हैं। वहीं एक अन्य छात्र की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऑटो में करीब 10 बच्चे सवार थे और हादसे में सभी को किसी न किसी रूप में चोट लगी है। कुछ बच्चों को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल भेजा गया है। चालक को गंभीर चोट लगी है, जबकि एक छात्र की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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मुंगेर के शहरी इलाकों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सफाई व्यवस्था तेज

Munger, Bihar:मुंगेर के शहरी इलाकों में कई दिनों से वार्डों में बाढ़ का घुसे रहने के कारण लोगो का जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त। मुंगेर। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण अब ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ मुंगेर के शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में जलजमाव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वार्ड संख्या 41 और 43 के कई मोहल्लों में पानी फैलने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम क्षेत्र के गंगानगर, लाल दरवाजा, गीता बाबू रोड, मिर्ची तालाब, शेरपुर चौखंडी, लल्लू पोखर, चाय टोला और हेरूदियारा समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई जगहों पर सड़कों और गलियों में पानी जमा होने से लोगों को जरूरी काम के लिए भी आने-जाने में परेशानी हो रही है। जलजमाव के कारण स्थानीय लोगों में बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में सफाई व्यवस्था तेज कर दी है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। वहीं, बाढ़ प्रभावित लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम की ओर से चलंत शौचालय लगाए गए हैं। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी के टैंकर भी भेजे जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों की नियमित सफाई और निगरानी के लिए नगर निगम की ओर से विशेष टीम गठित की गई है। टीम प्रतिदिन विभिन्न इलाकों का जायजा लेकर जलजमाव और सफाई की स्थिति की निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित वार्डों में सफाई, पेयजल और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में वंदे मातरम के पूर्ण वर्शन पर कांग्रेस बनाम BJP-NC विवाद

Chaka, वंदे मातरम के पूरे वर्शन को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस में टकराव; BJP ने NC के रुख की तारीफ़ की, PDP ने संवैधानिक आज़ादी पर ज़ोर दिया। जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बीच एक सरकारी कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूर्ण वर्शन गाने को लेकर तीखा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। इस विवाद पर BJP और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिससे देशभक्ति, धर्मनिरपेक्षता, संवैधानिक दायित्वों और राजनीतिक निरंतरता जैसे मुद्दों पर एक प्रतीकात्मक राष्ट्रीय गीत विवाद का केंद्र बन गया है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने एक कड़े शब्दों वाले पोस्ट के ज़रिये इस बहस की शुरुआत की। उन्होंने तर्क दिया कि वंदे मातरम का पूरा वर्शन "उस मिली-जुली और विविधतापूर्ण सोच के साथ मेल नहीं खाता, जिसकी कल्पना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत के लिए की थी और जिसे उन्होंने आगे बढ़ाया था।" वेणुगोपाल ने स्वतंत्रता सेनानियों की सोच का उल्लेख किया, जिसमें छोटे वर्शन को जान-बूझकर चुना गया था ताकि इसे सांप्रदायिक रंग न दिया जा सके। वेणुगोपाल ने सहयोगियों से केवल उसी वर्शन को अपनाने के लिए कहा जिसे उन्होंने अपनाया था; उन्होंने इसे गणतंत्र के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी स्वरूप को बनाए रखने का तरीका बताया। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने पार्टी के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों, गीतों और परंपराओं का हर भारतीय के दिल में खास स्थान है और उनकी असली ताकत विविधतापूर्ण राष्ट्र को एकजुट रखने में है। कर्रा ने कहा कि कांग्रेस के सहयोगी दलों ने वंदे मातरम का पूरा वर्शन गाने का फैसला किया, जबकि उन्होंने इस गीत के विकासक्रम को नज़रअंदाज़ किया—न केवल स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान, बल्कि गणतंत्र की संवैधानिक यात्रा के दौरान भी। उन्होंने कहा, अपनाया गया वर्शन एक संतुलित निर्णय था: ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्त्व बनाकर रखना, साथ ही विविधतापूर्ण संस्कृति और संविधान के अधिकार को ध्यान में रखना। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इसका कड़ा विरोध किया। पार्टी के प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि NC का रुख स्पष्ट है: जो इसे गाना चाहता है, वह गाए; जो नहीं गाना चाहता, उस पर ज़बरदस्ती नहीं होनी चाहिए। वे बोले कि संसद कानून पारित कर दे तो यह कानूनी बाध्यता बन जाती है और आधिकारिक programmed में पूरा वर्शन गाया जाता है। बीजेपी ने NC के व्यवहार का स्वागत किया। पार्टी प्रवक्ता ने NC नेताओं के पदों के दौरान खड़े रहने को एक मज़बूत संदेश बताया और कहा कि जम्मू-कश्मीर में भारत-विरोधी नीतियां काम नहीं करेंगी। PDP ने संविधान के नज़रिए से संतुलित राय रखी और धर्म और अंतरात्मा की आज़ादी की गारंटी को रेखांकित किया। उसने कहा कि वंदे मातरम का मतलब नागरिक होना है और विभिन्न दृष्टिकोणों को स्वीकार करना चाहिए। कांग्रेस ने चीफ जस्टिस के शपथ ग्रहण के दौरान एक बार फिर वंदे भारत गीत पर सभी छह स्टैंज़ा पर खड़े दिखे। इस विवाद ने INDIA गठबंधन के भीतर गहरी दरारें उजागर कर दी हैं; कांग्रेस स्वतंत्रता-युग की विविधता और धर्मनिरपेक्ष परंपराओं के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है, जबकि NC कानून-व्यवस्था और संवैधानिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। बीजेपी ने NC की भागीदारी को सहयोगी दल के लिए तिरस्कार के तौर पर पेश किया, जबकि PDP संवैधानिक आज़ादी पर जोर दे रहा है। अंततः यह बहस राष्ट्रीय प्रतीकों की व्याख्या और उन्हें प्रस्तुत करने के विभिन्न नज़रियों पर केंद्रित है।
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NH-43 की खस्ताहाल सड़क से अंबिकापुर में लोग परेशान, निर्माण की घोषणा और देरी

Kusu, Chhattisgarh:अंबिकापुर शहर से गुजरने वाली कटनी-गुमला नेशनल हाईवे 43 सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। लोग घंटों जाम में फंसकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। विभाग के अधिकारियों द्वारा मरम्मत के नाम पर बड़े-बड़े बोल्डर गिराकर राहगीरों की जान जोखिम में डाल दी जा रही है। सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर शहर से गुजरने वाली नेशनल हाईवे 43 सड़क शहरवासियों के अलावा बाहर से आने-जाने वाले राहगीरों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। खरसिया नाका से दरिमा चौक और अम्बेडकर चौक से रेल्वे स्टेशन तक जाने में परेशानी है। 3 किलोमीटर सड़क पार करने के लिए पहले 5 मिनट लगते थे, अब सड़क खराब होने से आधा घंटा से एक घंटे तक लगता है। जल भराव और बड़े गड्ढे बन गए हैं, राहगीर जान जोखिम में डालकर चल रहे हैं। यह स्थिति पिछले दो सालों से है। सड़क के निर्माण को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। शहर की खराब सड़कों को लेकर विधायक राजेश अग्रवाल ने कहा कि सड़क की स्थिति बहुत खराब है; गड्ढों को भरने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राहगीरों को कम से कम परेशानी हो सके। नेशनल हाईवे 43 के निर्माण के लिए 44 करोड़ से अधिक की स्वीकृति मिली है; बरसात खत्म होते ही कार्य शुरू हो जाएगा। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि इस सड़क की हालत बहुत खराब है; बड़े गड्ढों से वाहन बचाकर चलना मुश्किल है; शासन-प्रशासन इसे गंभीरता से लें। खऱाब हालात के बीच अधिकारियों की बेरुखी के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है; समाजसेवियों ने भी आंदोलन किया; अब सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर भरे जाने के कारण सड़क और अधिक जानलेवा बन गई है; निर्माण कब शुरू होगा, यह वक्त बताएगा।
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ओरछा रोड के धमोरा गांव में लाखों की चोरी; CCTV से पुलिस जांच जारी

Chhatarpur, Madhya Pradesh:ओरछा रोड के धमोरा गांव में चोरों ने एक घर को निशाना बनाकर लाखों की चोरी को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार-बुधवार की रात विजय यादव किसी काम से बाहर थे और उनकी पत्नी घर के एक कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान चोरों ने बगल वाले कमरे की अलमारी का ताला तोड़कर वारदात की। सुबह जब विजय यादव घर लौटे तो कमरे का सामान बिखरा मिला। अलमारी में रखे 3 लाख 50 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर गायब थे। चोरी गए जेवरों में रानी हार, नेकलेस, 2 हार, 3 अंगूठियां, 4 चूड़ियां, 4 जोड़ी झुमकी, चांदी की पायल और कमरपेटी सहित लाखों के आभूषण शामिल हैं। सूचना पर ओरछा रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है। CSP अरुण सोनी का कहना है जांच के बाद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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भिलाई नगर निगम के वार्ड आरक्षण से चुनावी गणित बदला, दिग्गजों के पत्ते पलटें

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग जिले की सियासत में भिलाई नगर निगम के वार्ड आरक्षण ने चुनावी गणित पूरी तरह बदल दिया है। भिलाई के कला मंदिर में कलेक्टर, निगम आयुक्त और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में 70 वार्डों का आरक्षण लॉटरी पद्धति से तय किया गया खास बात ये रही कि स्कूली छात्र-छात्राओं के हाथों से पर्चियां निकलवाईं गईं और देखते ही देखते कई दिग्गज पार्षदों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं. दरअसल साल के अंत मे भिलाई नगर निगम, चरोदा नगर निगम, और रिसाली नगर निगम में निकाय चुनाव होने है जिसमे भिलाई के 70 वार्ड, चरोदा के 40, रिसाली के 40 वार्ड में आरक्षण शुरू होते ही सबसे बड़ा झटका चर्चित पार्षदों को लगा है आदित्य सिंह, दया सिंह और विनोद सिंह के वार्ड अब ओबीसी के लिए आरक्षित हो गए हैं जोन अध्यक्ष भूपेंद्र यादव के वार्ड को सामान्य महिला और सभापति गिरधर बंटी के वार्ड को भी सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है सेक्टर-6 के पार्षद साकेत चंद्राकर, हुडको के सीजू एंथोनी और सेक्टर-7 के लक्ष्मीपति राजू के वार्ड महिला आरक्षण में चले गए हैं। पूर्व विधायक के पुत्र पार्षद संदीप निरंकारी का वार्ड एससी आरक्षित होने से वे मौजूदा वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे मन्नान गफ्फार खान का वार्ड महिला और विधायक रिकेश सेन का वार्ड ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है अब आंकड़ों का पूरा खेल समझिए 70 वार्डों में 3 एसटी, 9 एससी, 15 ओबीसी, 8 ओबीसी महिला, 24 सामान्य और 11 सामान्य महिला वार्ड निर्धारित किए गए हैं एसटी में वार्ड 52 और 62, जबकि वार्ड 61 एसटी महिला है एससी में 1, 5, 9, 32, 36, 51, जबकि 8, 43 और 69 एससी महिला हैं ओबीसी वार्ड हैं 2, 3, 4, 10, 19, 21, 27, 39, 40, 42, 44, 46, 49, 56 और 68 ओबीसी महिला में 6, 7, 26, 37, 38, 45, 54 और 66 शामिल हैं सामान्य महिला वार्ड हैं 11, 12, 15, 23, 24, 29, 35, 47, 48, 63 और 70 वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने आरक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और बताया कि 2011 के आंकड़े पर एसटी-एससी जनसंख्या के आंकड़ों पर आपत्ति की बात कही. मुकेश चंद्राकर जिला अध्यक्ष छाया विधायक वैशाली नगर वही आरक्षण की प्रक्रिया पर बीजेपी के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन का कहना है पूरी पारदर्शिता के साथ कि गई आने वाले समय मे बीजेपी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है बीजेपी कार्यकर्ता और कैडर बेस पार्टी है आने वाले समय मे हम चुनाव जीतेंगे तो वही कांग्रेस के विरोध करने के मामले पर बीजेपी का कहना है कि आरक्षण का आधार 2011 की जनगणना रखा गया और 9 एससी, 3 एसटी तथा 23 महिला सीटों के प्रावधान के अनुसार प्रक्रिया पूरी हुई, पारदर्शिता रूप से चुनाव लड़ा जाएगा.
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कोंडागांव के हीरापुर स्कूल में परीक्षा-घोटाला: छात्र मोर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग

Kondagaon, Chhattisgarh:कोंडागांव जिले के माकड़ी ब्लॉक स्थित हीरापुर हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्रों ने स्कूल शिक्षकों की कमी के साथ साथ परीक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्रों का आरोप है कि स्कूल में ओपन स्कूल के नाम पर 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थियों से कथित तौर पर राशि लिए जाने की शिकायत है। इसके अलावा परीक्षा के दौरान अनुचित तरीके से नकल कराए जाने के आरोप भी विद्यार्थियों ने लगाए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मामले को लेकर ब्लॉक एजुकेशन अधिकारी सुखराम नेताम ने बताया कि सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान के मुताबिक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जांच की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि किसी भी छात्र का अहित नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही ओपन स्कूल में नियुक्त बीईओ और बीआरसी द्वारा यदि नकल का कोई प्रकरण सामने आता है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्रों के आरोपों पर जिला शिक्षा अधकारी ने जांच की बात कही है
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NIA चार्जशीट: Umar un Nabi कार में था, VBIED से IED सक्रिय; TATP खुलासा

New Delhi, Delhi:लाल किले के सामने ब्लास्ट में NIA ने चार्जशीट में किया बड़ा खुलासा...कार में बैठा था उमर उन नबी, उसी ने दबाया था IED का कमांड सिस्टम... NIA की चार्जशीट में धमाके को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, धमाके में इस्तेमाल हुई Hyundai i20 कार वास्तव में एक Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (VBIED) थी। यानी कार को ही विस्फोटक से लदे बम के तौर पर इस्तेमाल किया गया था| फॉरेंसिक जांच में कार के मलबे और धमाके वाली जगह से मिले सामान में TATP, अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले हैं कार के अंदर कौन था? चार्जशीट के मुताबिक, घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की DNA जांच में अहम सुराग मिला। शरीर के हिस्सों और नाक से लिए गए स्वैब की जांच में TATP और अमोनियम नाइट्रेट के अंश मिले NIA का दावा है कि इन नमूनों की DNA फिंगरप्रिंटिंग से उनकी पहचान उमर उन नबी के तौर पर हुई। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि धमाके के वक्त उमर उन नबी उसी कार के अंदर मौजूद था रेड टेप और मेटल पीस ने खोला राज.. चार्जशीट में एक और अहम सबूत का जिक्र है। जांच के दौरान लाल रंग के टेप वाले एक कमांड मैकेनिज्म को बरामद किया गया। इस पर विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले NIA के मुताबिक, यह डिवाइस IED को दूर से या कमांड के जरिए सक्रिय करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। एजेंसी का दावा है कि यही कमांड सिस्टम धमाके वाली कार के पास से बरामद हुआ यानी जांच का निष्कर्ष यह है कि कार में विस्फोटक लगाया गया था और उसे एक खास कमांड मैकेनिज्म के जरिए सक्रिय किया गया नौगाम थाने में विस्फोट ने भी खोले कई राज चार्जशीट में नौगाम पुलिस स्टेशन केस नंबर 162/2025 का भी जिक्र है। जांच के दौरान आरोपी मुजम्मिल उर्फ A-4 के किराये के ठिकाने से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बरामद की गई थीं इनमें विस्फोटक और उसके लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री, केमिकल, लैब उपकरण, टाइमर, बैटरियां और दूसरे सामान शामिल थे। यह सामान फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के बाहर किराये की जगह से बरामद किए जाने की बात चार्जशीट में कही गई है इन बरामद सामान की जांच के लिए उन्हें नौगाम पुलिस स्टेशन लाया गया था। इसी दौरान 14 नवंबर 2025 को नौगाम थाने के परिसर में अचानक धमाका हो गया इस हादसे में 9 पुलिसकर्मियों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की बात चार्जशीट में दर्ज है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मृतकों के शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा और आसपास की इमारतों को भी काफी नुकसान हुआ पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा... NIA की जांच के मुताबिक इस पूरे मामले में तीन बातें बेहद महत्वपूर्ण हैं Hyundai i20 को VBIED यानी कार बम के तौर पर इस्तेमाल किया गया कार में मौजूद व्यक्ति की पहचान DNA के जरिए Umar un Nabi के रूप में हुई कार के पास से मिला कमांड मैकेनिज्म इस बात का अहम सबूत है कि IED को नियंत्रित तरीके से सक्रिय किया गया था यानी चार्जशीट में जांच एजेंसी ने सिर्फ यह नहीं कहा है कि कार में विस्फोटक था, बल्कि फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर यह दावा किया है कि कार के अंदर उमर उन नबी मौजूद था और उसी के जरिए IED को सक्रिय किया गया चार्जशीट में TATP को लेकर बड़ा खुलासा...जांच एजेंसियों को मिला विस्फोटक के इस्तेमाल का फॉरेंसिक सबूत चार्जशीट के इस हिस्से में NIA ने उस विस्फोटक को लेकर अहम फॉरेंसिक जानकारी दर्ज की है, जिसका इस्तेमाल मामले में किया गया था। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले मलबे और अन्य साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच में Tri-Acetone Tri-Peroxide यानी TATP की मौजूदगी सामने आई है NIA के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद कुल 73 एग्जिट जब्त किए गए थे। इनमें से 64 नमूनों की जांच CFSL चंडीगढ़ में कराई गई, जबकि बाकी 9 नमूने NFSU, गांधीनगर भेजे गए। दोनों प्रयोगशालाओं की जांच में TATP के साथ Ammonium Nitrate और Potassium Nitrate की मौजूदगी की पुष्टि हुई चार्जशीट में NIA ने इसे अहम कड़ी माना है। एजेंसी का कहना है कि बरामद विस्फोटक सामग्री की संरचना उस सामग्री से मेल खाती है, जिसका इस्तेमाल Red Fort के पास हुए VBIED (Vehicle-Borne Improvised Explosive Device) ब्लास्ट में किया गया था TATP को बताया गया मुख्य विस्फोटक... विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर NIA का कहना है कि इस मामले में इस्तेमाल किया गया प्राथमिक विस्फोटक TATP प्रतीत होता है। जांच में Ammonium Nitrate की मौजूदगी भी मिली है। चार्जशीट के मुताबिक, यह TATP की विस्फोटक क्षमता और संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया हो सकता है हालांकि, जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि Potassium Nitrate सामान्य तौर पर TATP का हिस्सा नहीं होता। इसके बावजूद आरोपियों के पास कृषि-ग्रेड Potassium Nitrate की बड़ी मात्रा मिलने को NIA ने गंभीरता से लिया है चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि आरोपियों के कब्जे से Acetone, Hydrogen Peroxide और Hydrochloric Acid जैसी सामग्री तथा मिश्रण और प्रयोग से संबंधित उपकरण बरामद हुए। NIA के अनुसार, इन बरामदगियों से आरोपियों द्वारा विस्फोटक सामग्री तैयार करने और रखने की गतिविधियों की जांच को महत्वपूर्ण आधार मिला 'Mother of Satan' के नाम से भी जाना जाता है TATP... चार्जशीट में TATP की प्रकृति को लेकर भी विशेषज्ञ रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। दस्तावेज के मुताबिक, TATP को Acetone Peroxide भी कहा जाता है और इसे बेहद संवेदनशील homemade explosive के तौर पर जाना जाता है। NIA ने दर्ज किया है कि TATP अपनी संवेदनशीलता के कारण अत्यंत खतरनाक है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गर्मी, घर्षण और दबाव जैसी परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील हो सकता है। इसी वजह से इसकी बरामदगी और हैंडलिंग को भी गंभीर सुरक्षा जोखिम माना जाता है ब्लास्ट के मलबे से लेकर आरोपियों की बरामदगी तक जुड़ती कड़ियां... इस मामले में जांच की दिशा केवल घटनास्थल से मिले मलबे तक सीमित नहीं रही। NIA ने फॉरेंसिक जांच, बरामद सामग्री और आरोपियों से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जोड़कर विस्फोटक की प्रकृति और उसके इस्तेमाल की कड़ी स्थापित करने की कोशिश की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दो अलग-अलग फॉरेंसिक संस्थानों की जांच में TATP की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इससे जांच एजेंसी के उस दावे को वैज्ञानिक आधार मिलता है कि मामले में इस्तेमाल विस्फोटक सामान्य औद्योगिक विस्फोटक नहीं था, बल्कि अत्यधिक संवेदनशील peroxide-based explosive था चार्जशीट के इस हिस्से से साफ है कि NIA की जांच का एक बड़ा फोकस विस्फोटक की सोर्सिंग, उसे तैयार करने की प्रक्रिया, उसे स्टोर करने और अंतत ब्लास्ट में इस्तेमाल किए जाने की पूरी चेन को स्थापित करना है चार्जशीट में NIA ने ‘Lone Mujahid Pocket Book’ को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक यह कोई सामान्य या धार्मिक किताब नहीं थी, बल्कि इसमें ऐसे ऑपरेशनल तरीकों और गतिविधियों का संकलन था, जिनका इस्तेमाल हिंसक और गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा सकता है चार्जशीट के मुताबिक यह सामग्री ‘Inspire Magazine’ में प्रकाशित हुई थी। NIA का दावा है कि यह मैगजीन अल-कायदा इन द अरबियन पेनिनसुला (AQAP) के मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ी थी और इसमें अकेले काम करने वाले आतंकी के लिए प्रशिक्षण जैसी सामग्री दी गई थी जांच एजेंसी का आरोप है कि दस्तावेज में हथियारों के इस्तेमाल, निगरानी से बचने, छिपकर आवाजाही, पीछा करने से बचने, संचार के तरीकों और हमले की रणनीति जैसी चीजों के बारे में जानकारी दी गई थी। NIA के मुताबिक, आरोपी इन दस्तावेजों के संपर्क में थे और उनका इस्तेमाल अपनी गतिविधियों के लिए कर रहे थे चार्जशीट में TATP जैसे अत्यधिक संवेदनशील विस्फोटक का भी उल्लेख है। NIA के मुताबिक बरामद सामग्री और जांच से यह सामने आया कि आरोपियों ने विस्फोटक तैयार करने और IED बनाने से जुड़ी जानकारी हासिल की थी। चार्जशीट में इसे Explosive Substances Act, 1908 के तहत गंभीर अपराध बताया गया है चार्जशीट में जांच का एक अहम हिस्सा SoC यानी घटनास्थल से बरामद किए गए सामान की फोरेंसिक और बायोलॉजिकल जांच को बनाया गया है NIA के मुताबिक रेड फोर्ट के पास हुए विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई, जबकि कई आम नागरिक घायल हुए। विस्फोट से वाहनों के साथ-साथ पुलिस पोस्ट और आसपास की संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में ले जाया गया, जिनमें लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल भी शामिल था चार्जशीट में आगे बताया गया है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और उनकी वैज्ञानिक जांच को आरोपी A-1 की भूमिका से जोड़ने की कोशिश की गई है। NIA का दावा है कि इन फॉरेंसिक रिपोर्टों से यह पता चलता है कि आरोपी का विस्फोट की घटना से सीधा संबंध था NIA ने तीन स्तरों पर अपना केस खड़ा किया है...आरोपियों के पास मौजूद आपत्तिजनक सामग्री, विस्फोटक और IED से जुड़ी गतिविधियों के साक्ष्य तथा घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक सबूत। एजेंसी का कहना है कि इन सभी कड़ियों को जोड़ने पर A-1 की कथित भूमिका सामने आती है जसीर बिलाल वानी की गिरफ्तारी के बाद NIA का बड़ा खुलासा, IED बनाने और टेस्टिंग में शामिल होने का आरोप NIA की चार्जशीट में आरोपी जसीर बिलाल वानी (A-3) को लेकर कई अहम दावे किए गए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ और दूसरे आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर सामने आया कि जसीर का संबंध मामले के मुख्य आरोपी A-1 यानी उमर उन नबी और अन्य आरोपियों से था और वह कथित तौर पर IED तैयार करने और उनकी टेस्टिंग से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था चार्जशीट के मुताबिक, जसीर बिलाल वानी को 17 नवंबर 2025 को इस मामले में गिरफ्तार किया गया। इससे पहले उसे नौगाम थाने में दर्ज एक दूसरे मामले में गिरफ्तार किया जा चुका था। NIA का दावा है कि उस मामले की जांच के दौरान जसीर के संबंध इस साजिश से सामने आए अल फलाह कॉलेज कैंपस में हुई मुलाकातें... NIA के अनुसार, जसीर की मुलाकात A-4, A-5 और A-13 से 2024-25 के दौरान अल फलाह कॉलेज कैंपस में दो से तीन बार हुई थी। एजेंसी का आरोप है कि इन मुलाकातों में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कथित साजिश को तकनीकी मदद देने पर चर्चा हुई चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि A-5 ने जसीर को A-1 से मिलवाया था। इसके बाद जसीर को IED से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई। NIA का दावा है कि जसीर ने इंटरनेट पर रॉकेट आधारित IED तैयार करने से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए YouTube और ChatGPT तक का इस्तेमाल किया रॉकेट IED की टेस्टिंग की भी कोशिश... जांच एजेंसी के मुताबिक, जसीर ने A-1, A-4 और A-13 के साथ मिलकर तैयार किए गए एक रॉकेट IED को काजीगुंड के जंगल में टेस्ट करने की योजना बनाई थी। हालांकि आपसी असहमति के चलते यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी और कथित तौर पर डिवाइस को वहीं नष्ट कर दिया गया चार्जशीट में ड्रोन से जुड़ी गतिविधियों का भी जिक्र है। NIA का कहना है कि A-1 ने जसीर को दो ड्रोन दिए थे, जिनका इस्तेमाल उनकी उड़ान क्षमता और रेंज से जुड़ी टेस्टिंग के लिए किया जाना था। इनमें से एक ड्रोन के काम करने के बाद उसे A-1 को वापस कर दिया गया, जबकि खराब ड्रोन को नष्ट किए जाने का दावा किया गया है जंगल से बरामद हुए IED और ड्रोन के हिस्से... NIA के मुताबिक, जांच के दौरान काजीगुंड इलाके से इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट IED और ड्रोन के टूटे हुए हिस्से बरामद किए गए। एजेंसी ने कहा है कि बरामद सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है चार्जशीट में एक अन्य घटना का भी उल्लेख है, जिसमें जसीर और अन्य आरोपियों द्वारा यौशमर्ग के जंगल, अनंतनाग में एक सिलेंडर आधारित IED की टेस्टिंग किए जाने का दावा किया गया है। इसके अवशेष भी A-5 की निशानदेही पर बरामद किए जाने की बात कही गई है BDDS एक्सपर्ट के सामने IED बनाने की क्षमता का प्रदर्शन... NIA ने अपनी चार्जशीट में जसीर की कथित तकनीकी क्षमता को भी अहम माना है। जांच एजेंसी के अनुसार, एक BDDS (Bomb Detection and Disposal Squad) विशेषज्ञ की मौजूदगी में जसीर से IED तैयार करने की क्षमता का प्रदर्शन कराया गया एजेंसी का दावा है कि जसीर ने इस दौरान वास्तविक विस्फोटक सामग्री के बजाय डमी सामान का इस्तेमाल करते हुए रॉकेट IED की कार्यप्रणाली और उसे तैयार करने की अपनी कथित तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया यानी NIA की चार्जशीट का दावा है कि जसीर बिलाल वानी सिर्फ साजिश से जुड़े संपर्कों तक सीमित नहीं था, बल्कि उसे IED और ड्रोन से जुड़ी तकनीकी गतिविधियों की जानकारी थी और उसने कथित तौर पर इनकी तैयारी व टेस्टिंग में भी भूमिका निभाई
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हhazारीबाग में फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेडिंग जोन से यातायात नियंत्रण योजना

Hazaribagh, Jharkhand:हजारीबाग में फुटपाथ दुकानदारों के लिए राहत की बड़ी पहल होने जा रही है। जिला प्रशासन शहर के अलग-अलग हिस्सों में छोटे-छोटे व्यवस्थित वेडिंग जोन विकसित करने की तैयारी में है। इसी क्रम में उपायुक्त हेमंत सती ने नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता के साथ पुराने समाहरणालय परिसर का निरीक्षण किया और संभावित स्थलों का जायजा लिया। प्रशासन का उद्देश्य है कि दुकानदारों का रोजगार भी सुरक्षित रहे और शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर हो।सड़क किनारे बेतरतीब दुकानें लगने से होने वाले जाम और अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। निर्धारित स्थान मिलने से फुटपाथ दुकानदार भी सम्मानजनक और व्यवस्थित तरीके से कारोबार कर सकेंगे。 यानी प्रशासन का लक्ष्य साफ है सड़कें रहें सुगम और छोटे कारोबारियों के चूल्हे भी जलते रहें。
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अंबिकापुर के सिद्धार्थ अस्पताल फार्मेसी में एक्सपायर्ड इंजेक्शन, लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित

Kusu, Chhattisgarh:एंकर -अंबिकापुर शहर के संजयपार्क स्थित सिद्धार्थ हॉस्पिटल के मेडिकल दुकान पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के बारे में सूचना मिली है। एक्सपायरी इंजेक्शन बेचने की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर हॉस्पिटल के मेडिकल दुकान के लाइसेंस को 15 दिनों के लिए रद्द कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ हॉस्पिटल के मेडिकल दुकान में 3 एक्सपायरी इंजेक्शन Amikacin को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जांच में पाया गया था। जिसमें कलेक्टर के निर्देश पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के फार्मेसी स्टॉक और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच में 3 एक्सपायरी इंजेक्शन मिले जिनमें Amikacin 250 mg की Expiry Date 04-2026 दर्ज थे। जिसको देखते हुए अस्पताल के फार्मेसी दुकान की लाइसेंस को 15 दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है।
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तनवीर सादिक़ के बयान पर BJP का कश्मीर में विरोध, माफी मांगने की मांग

Chaka, NC प्रवक्ता के ख़िलाफ़ BJP का विरोध प्रदर्शन BJP के मुख्य प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने कहा कि जिस तरह नेशनल कॉन्फ्रेंस के MLA और मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक़ ने कल कश्मीरी माताओं और बहनों के बारे में अपमानजनक बातें कहीं, हम उसकी निंदा करते हैं और उसकी आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि शेख़ अब्दुल्ला से पहले, कश्मीर के एक मोहल्ले में सिर्फ़ एक ही सलवार (जिसे कश्मीर में 'याज़ार' और उर्दू में पजामा कहते हैं) पहनी जाती थी। मैं तनवीर सादिक़ और नेशनल कॉन्फ्रेंस से पूछना चाहता हूँ: क्या कश्मीरी लोग नंगे घूमते थे? आपने जिस तरह उनका अपमान किया है—जब आप कहते हैं कि एक मोहल्ले में सिर्फ़ एक ही सलवार थी, तो अगर वहाँ हज़ार लोग थे, तो क्या वे हज़ार लोग नंगे थे? क्या उस समय हमारी माताएँ, बहनें और बेटियाँ नंगे घूमती थीं? ये अपमानजनक बातें, कश्मीरी संस्कृति का यह अपमान—वही कश्मीरी संस्कृति जिसने नेशनल कॉन्फ्रेंस को इतने जनादेश दिए और उन्हें जिताया, और इसी तनवीर सादिक़ को जिताया—हम माँग करते हैं कि तनवीर सादिक़ सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगें और इतिहास पढ़ें, ताकि देख सकें कि सदियों से कश्मीर की विरासत और संस्कृति कितनी समृद्ध रही है। यह सूफी संतों की धरती है, और यहाँ हमेशा से ही शालीनता, शर्म-ओ-हया और शरीर को ढंकने पर ज़ोर दिया गया है, चाहे वह सूफी हों या संत। यहाँ हर धर्म के लोगों ने हमेशा इस बात को प्राथमिकता दी है, और उस दौर में बड़े-बड़े विद्वान, बुज़ुर्ग और सूफी संत गुज़रे हैं; क्या वे सब नंगे थे? क्या उनके पास कपड़े नहीं थे? क्या वे कपड़े नहीं पहनते थे? इन अपमानजनक बातों के ख़िलाफ़ आज भारतीय जनता पार्टी हर ज़िले में विरोध प्रदर्शन कर रही है; आज हमने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि एक डेमो (प्रदर्शन) दिखाया। हमने दिखाया कि तनवीर सादिक़ ख़ुद नंगे हैं, इसीलिए वह क Kashmirियों को नंगा कह रहे हैं—वही कश्मीरी जिन्होंने उन्हें जिताया था। यह एक डेमो था। अगर नेशनल कॉन्फ्रेंस सार्वजनिक रूप से माफ़ी नहीं मांगती है, तो भारतीय जनता पार्टी लाल चौक से भी बड़ा प्रदर्शन करेगी। अल्ताफ़ ने आगे कहा कि सबसे पहले, डॉ. फ़ारूक़ साहब और उमर साहब ने देश की संस्थाओं का सम्मान किया है; उन्होंने पूरे जम्मू-कश्मीर को एक संदेश दिया है और कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। INDI गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद, उन्होंने कांग्रेस को बता दिया कि उसकी भारत-विरोधी नीति जम्मू-कश्मीर में नहीं चलेगी। क्योंकि कांग्रेस की हमेशा से यह परंपरा और नीति रही है कि वे विदेशों में जाकर देश की संस्थाओं, लोकतंत्र और संसद का अपमान करते रहे हैं। आज डॉ. फ़ारूक़ साहब ने इसका जवाब दिया है, क्योंकि 'वंदे मातरम' (राष्ट्रीय गीत) का गला तो इसी कांग्रेस ने अली मोहम्मद जिन्ना के दबाव में घोंटा था, और कांग्रेस अपने किसी भी कार्यक्रम में इसे पूरा नहीं गाती है। और आपने देखा कि 15 अगस्त को सोनिया गांधी, खड़गे और राहुल गांधी ने भी इस राष्ट्रीय गीत का अपमान किया। कश्मीरी पंडितों की मांगों पर उन्होंने कहा, 'यह कश्मीरी पंडितों की एक जायज़ मांग है। एक महीने में कश्मीरी पंडितों को चार धमकियां मिलीं। उससे पहले भी, अगर आप देखें, तो यहां टारगेट किलिंग के ज़रिए कश्मीरी पंडितों की हत्या की गई थी। अब जिस तरह सरकार ने कश्मीरी पंडितों को यहां फिर से बसाने का फ़ैसला किया है और धीरे-धीरे कश्मीरी पंडित वापस आ रहे हैं, यहां बस रहे हैं, मंदिरों और घरों का जीर्णोद्धार हो रहा है और वे अपने खेत वापस ले रहे हैं, ऐसे में सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि जो कश्मीरी पंडित वापस आकर कश्मीर में बसना चाहते हैं, उन्हें समर्थन और सुरक्षा मिले, जो बहुत ज़रूरी है। पाकिस्तान नहीं चाहता कि कश्मीरी पंडित वापस आएं। वह 90 के दशक के हालात दोहराना चाहता है ताकि कश्मीरी पंडित यहां से भाग जाएं, और एक बार फिर उन्हें ज़बरदस्ती यहां से भगाने की साज़िश रची जा रही है। इस साज़िश को नाकाम करते हुए, कश्मीरी पंडितों के रहने की व्यवस्था और उनकी सुरक्षा के लिए सरकार को आगे आना चाहिए और जल्द से जल्द उनकी इस जायज़ मांग को पूरा करना चाहिए।
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राजस्थान भाजपा नेता महाराणा प्रताप के गीत से विरोध, गीत हटाने की मांग

Udaipur, Rajasthan:बॉलीवुड फिल्म मिर्जापुर द मूवी में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप से जुड़े गीत के अनुचित रूप से इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ने लगा है। इसी को लेकर राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी नेता वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अपना कड़ा विरोध जताया है। उनका केंद्रीय सेंसर बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिख तत्काल प्रभार से इस गीत को फ़िल्म से हटाने की मांग की है। राठौड़ ने कहा महाराणा प्रताप राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश में शौर्य, स्वाभिमान और त्याग के प्रतीक है। ऐसे में उन पर गए गीत का उपयोग फ़िल्म के खलनायको के ऊपर फिल्माना महाराणा प्रताप का घोर अपमान है। राठौड़ ने कहा कि ऐतिहासिक महापुरुषों के चरित्र, सम्मान और गौरव से जुड़े प्रतीकों का फिल्मी प्रस्तुतियों में इस्तेमाल पूरी संवेदनशीलता और मर्यादा के साथ होना चाहिए। लेकिन पिछले कुछ समय मे बॉलीवुड में महापुरुषों के अपमान का चलन बढ़ने लगा है जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
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