icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

अलीगढ़ में सावन-कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा सख्ती, मार्ग सुरक्षा दल और ड्रोन निगरानी

Aligarh, Uttar Pradesh:District अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त चिकित्सकीय स्टाफ, पर्याप्त दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी यात्रा मार्ग को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है जहां प्रत्येक सेक्टर में एक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, विद्युत विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी तैनात रहेंगे किसी भी समस्या की स्थिति में यह संयुक्त टीम तत्काल समाधान करेगी बरसात के दौरान जलभराव होने पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाएगी\nवहीं एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि खेरेश्वर और अचलेश्वर मंदिर सहित प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराया जा रहा है और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी यात्रा के दौरान आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन लागू रहेगा डीजे संचालकों को 10 फीट से अधिक ऊंचे डीजे नहीं लगाने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही नए पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है
0
0
Report

20 साल गांव के पूर्व प्रधान दंपती का नाम मतदाता सूची से गायब, चर्चा में

Jaunpur, Uttar Pradesh:पंचायत चुनाव की तैयारी के बीच जलालपुर विकासखंड के महरेंव गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब दो दशक तक गांव की बागडोर संभालने वाले पूर्व प्रधान दंपती का नाम ही मतदाता सूची से गायब होने का दावा किया गया है। पूर्व प्रधान ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है。 महरेंव गांव निवासी पूर्व सैनिक एवं पूर्व प्रधान सूबेदार यादव ने बताया कि वह वर्ष 2005 से 2010 तक ग्राम प्रधान रहे, जबकि उनकी पत्नी हीरावती देवी ने लगातार 15 वर्षों तक ग्राम प्रधान के रूप में गांव का प्रतिनिधित्व किया। दोनों मिलाकर करीब 20 वर्षों तक गांव का नेतृत्व कर चुके हैं。 पूर्व प्रधान का आरोप है कि आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए उनका और उनकी पत्नी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, ताकि वे चुनाव न लड़ सकें। उनका कहना है कि केवल उनके परिवार के ही 23 सदस्यों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं, जबकि उनके लगभग 90 समर्थकों के नाम भी सूची में नहीं हैं। वहीं, गांव से बाहर रहने वाले कई लोगों के नाम कथित रूप से नए मतदाता के रूप में जोड़ दिए गए हैं。 उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दोबारा दर्ज कराने के लिए उन्हें तहसील केराकत से लेकर जिला मुख्यालय तक लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामले को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो न्यायालय की शरण लेंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने बताया कि मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report

बारिश से अमहवा गांव टापू बना; लोग पुल बनाने की मांग कर रहे

Korba, Chhattisgarh:कोरबा जिला खनिज संपदा और विकास कार्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी जिले में एक ऐसा गांव भी है जहां आजादी के दशकों बाद भी विकास की किरण नहीं पहुंच सकी है। लगातार हो रही बारिश ने इस गांव को पूरी तरह टापू में तब्दील कर दिया है। सड़क नहीं, पुल नहीं... और उफनती नदियों के बीच ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चों की पढ़ाई ठप है, मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं और राशन लाना भी किसी चुनौती से कम नहीं। कोरबा जिले में भले ही तेज बारिश न हो रही हो लेकिन लगातार हो रही रिमझिम बारिश के चलते भी नदी-नाले उफान पर हैं। इन हालातों के बीच सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना कर रहे हैं पोंडी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पचरा के आश्रित ग्राम अमहवा के लोग। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर बसा यह गांव कटोरी नाला और तान नदी के बीच स्थित है। बारिश के दिनों में दोनों नदियां उफान पर आ जाती है और गांव का संपर्क पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है। गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर जटगा स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को उफनती नदी पार करनी पड़ती है। तेज बहाव के कारण कई दिनों तक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, और जो जाते हैं, वे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर होते हैं। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब गांव में कोई बीमार पड़ जाता है। किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में गांव से बाहर निकलना नामुमकिन सा हो जाता है। सड़क और पुल के अभाव में न तो मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता है और न ही एम्बुलेंस गांव तक पहुंच पाती है। संपर्क मार्ग टूटने के कारण ग्रामीण राशन दुकान तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, जिससे राशन उठाने और खाद्यान्न व्यवस्था में भारी कठिनाई आ रही है। जरूरतमंद ग्रामीणों को उफनती नदी पार करनी पड़ती है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। पूर्व सांसद, तत्कालीन विधायक और वर्तमान विधायक से भी गुहार लगाई, लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। जिला कलेक्टर को भी कई बार आवेदन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी。
0
0
Report
Advertisement

PWD की लापरवाही से गुदलिया मेन रोड जलभराव, ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी

Tonk, Rajasthan:उनियारा टोंक PWD की लापरवाही से गुदलिया मेन रोड पर जलभराव, ग्रामीणों में भारी रोष गुदलिया गांव में पीडब्ल्यूडी की कथित लापरवाही के चलते मुख्य सड़क पर जलभराव और गहरे गड्ढों की समस्या गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। रात्रि शिविर में भी यह मुद्दा उठाया गया था, लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के जेईएन और एईएन को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, फिर भी जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गया। बारिश के कारण सड़क पर भरे पानी और गड्ढों से स्कूली बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलभराव के कारण कई वाहन भी खराब हो चुके हैं। करीब 3,000 की आबादी वाले गुदलिया गांव का यह मुख्य मार्ग बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बारिश के पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था करने और सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा。
0
0
Report

देवघर के नशा मुक्ति केंद्र में 13 वर्षीय बच्चे की मौत, बाउंसर पर मारपीट के आरोप सामने

Deoghar, Jharkhand:देवघर के जसीडीह से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। 13 वर्ष के एक युवक को उसके अभिभावक ने नशा मुक्ति के लिए नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट किया था। मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह बहुत ज्यादा नशा कर रहा था। नशा करने के बाद वह घर वालों के साथ बदमाशी भी करता था। कुछ दिनों तक तो उसके बदमाशी को बर्दाश्त किया गया लेकिन जब घर वाले परेशान होने लगे तो यह निर्णय लिया गया कि कुछ दिन के लिए इसे नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट कर दिया जाए। जब वह पूरी तरह से नशा मुक्त हो जाएगा तो उसे घर ले आया जाएगा। इसी सोच के साथ 17 जुलाई को अभिभावकों ने जसीडीह स्थित देवघर रुद्र फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में उसे एडमिट किया। नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट करने के बाद अभिभावक केंद्र के संचालक से लगातार बात कर रहे थे और अपने बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी भी ले रहे थे। मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि कल रात में भी नशा मुक्ति केंद्र के संचालक से बात हुई जिस पर उन्होंने बताया कि उनका बच्चा खाना खाकर सो गया है और उसमें सुधार हो रहा था। लेकिन अचानक आज सुबह केंद्र के संचालक ने फोन किया कि बच्चे की तबीयत खराब है आप जल्द से जल्द नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे। सूचना मिलते ही अभिभावक नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे लेकिन उससे पहले उनके बेटे की मौत हो चुकी थी। बेटे के शव को देखने के बाद अभिभावकों का आक्रोश आपे से बाहर हो गया। बच्चों का नाम अक्षत केसरी जो झोंसागढ़ी का रहने वाला है। गुस्साए लोगों का यह आरोप है कि नशा मुक्ति केंद्र में बच्चों के साथ मारपीट की जाती है।
0
0
Report

अमरौहा वॉटर पार्क में युवती के अशोभनीय डांस का वीडियो वायरल, पुलिस जांच जारी

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से अमरोहा वॉटर पार्क में युवती के डांस का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी अमरोहा में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है। वीडियो में एक युवती अमरोहा वॉटर पार्क के अंदर फिल्मी गाने पर डांस करती हुई दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि युवती ने युवकों के सामने अशोभनीय अंदाज में डांस किया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में आसपास बड़ी संख्या में युवक नहाते नजर आ रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो कब का है इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है
0
0
Report
Advertisement

मैनपुरी-करहल में ब्रह्माकुमारी का ध्यान योग शिविर संपन्न,एमएलसी रहे मुख्य अतिथि ।

Ajay KumarAjay KumarFollow10m ago
Kanakpur, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी करहल के ज्ञान सरिता भवन में आयोजित तीन दिवसीय ध्यान योग एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण शिविर का समापन। समापन समारोह में एमएलसी मुकुल यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए । एमएलसी मुकुल यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। "आधुनिक जीवन में तनाव से मुक्ति के लिए जरूरी है ध्यान और योग"- मुकुल यादव । शिविर में राजयोग मेडिटेशन का सामूहिक अभ्यास कराया गया,ब्रह्माकुमारी निधि बहन,तेजस्वी बहन और सुनीता बहन ने आत्मचिंतन और सकारात्मक विचारों पर विचार रखे। समापन पर ब्रह्मभोज का आयोजन हुआ,विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर राममोहन,डॉ. चंद्रशेखर तिवारी,डॉ.श्वेता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
0
0
Report

12 घंटे में ज्वेलरी चोरी का पर्दाफाश, 100% बरामदगी के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी

Kaithal, Haryana:मात्र 12 घंटे में ज्वेलरी चोरी का खुलासा, 100% रिकवरी; एंटी नारकोटिक सैल की टीम का व्यापारियों ने किया सम्मान कैथल पुलिस की एंटी नारकोटिक सैल ने अपनी त्वरित कार्रवाई और पेशेवर जांच का परिचय देते हुए ज्वेलरी चोरी के एक मामले का महज 12 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी की 100 प्रतिशत बरामदगी कर ली। इस शानदार सफलता से प्रभावित होकर शिकायतकर्ता सहित शहर के ज्वेलर्स व्यापारियों ने वीरवार को डीएसपी रमेश चंद्र, एंटी नारकोटिक सैल प्रभारी एसआई प्रदीप कुमार और उनकी पूरी टीम को सम्मानित कर आभार व्यक्त किया। पुलिस ने बताया कि जनकपुरी कॉलोनी निवासी रवि वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 17 जुलाई को वह अपनी करनाल रोड स्थित ज्वेलरी दुकान को शीशे के गेट पर ताला लगाकर कहीं गया था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन् में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने जांच की जिम्मेदारी एंटी नारकोटिक सैल प्रभारी एसआई प्रदीप कुमार को सौंपी। एसआई प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एचसी अनिल तथा सिपाही कैलाश और विकास की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपी सत्यवान उर्फ भोला और उसके पुत्र रोहित उर्फ छोटू, निवासी गांव नरड़, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी हुई पूरी संपत्ति बरामद कर ली। इसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
0
0
Report
Advertisement

नारायणपुर के दिव्यांग विद्यालय में 40 लाख डायनिंग बिल्डिंग में बरसात में छत टपकी

Narayanpur, Jharkhand:नारायणपुर जिले के गरांजी स्थित परियाना दिव्यांग आवासीय विद्यालय में दिव्यांग बच्चों की सुविधा के लिए लगभग 40 लाख रुपये की लागत से बनाए गए किचन-कम-डायनिंग हॉल की गुणवत्ता पहली बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है. जिस भवन का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में भोजन उपलब्ध कराना था, वही भवन अब उनके लिए खतरा बन गया है. पहली बारिश होते ही डायनिंग हॉल की छत से कई जगहों पर पानी टपकने लगा. देखते ही देखते पूरा हॉल पानी से भर गया. सबसे गंभीर बात यह है कि हॉल में लगे बिजली के पंखों में करंट उतरने की आशंका पैदा हो गई, जिससे बड़े हादसे का खतरा मंडराने लगा. बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने तत्काल इस भवन का इस्तेमाल बंद कर दिया. अब प्रतिदिन दिव्यांग बच्चों को भोजन कराने के लिए विद्यालय परिसर से करीब 100 मीटर दूर स्थित दूसरे भवन तक ले जाया जाता है. बारिश के दिनों में बच्चे भीगते हुए भोजन स्थल तक पहुंचते हैं. रात के समय भोजन के लिए आने-जाने के दौरान सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है. जिन बच्चों के लिए यह भवन बनाया गया था, वे आज उसी निर्माण में हुई कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा भुगतने को मजबूर हैं. मामाले में एक और गंभीर आरोप यह भी सामने आया है कि 40 लाख रुपये की निर्माण राशि के भुगतान में भी अनियमितता बरती गई. आरोप है कि निर्माण कार्य जिसका ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुआ, वहां भुगतान दर्ज न कर दूसरे ग्राम पंचायत के माध्यम से राशि निकाली गई. यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल घटिया निर्माण का मामला नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितता की भी गंभीर जांच का विषय बन सकता है. विद्यालय के एक शिक्षक ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बाद करीब 15 दिनों तक बच्चों को नए डायनिंग हॉल में भोजन कराया गया. लेकिन पहली बारिश में छत से पानी टपकने लगा और हॉल में पानी भर गया. साथ ही बिजली के पंखों में करंट फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया. बच्चों की जान जोखिम में न पड़े, इसलिए मजबूरी में उन्हें दूसरे भवन में भोजन कराने ले जाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान बच्चे भीग जाते हैं और रात में सांप-बिच्छू का डर भी बना रहता है. इस पूरे मामले पर नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए बनाए गए किचन-डायनिंग हॉल की छत से पानी टपकने और बच्चों को हो रही परेशानियों की जानकारी मिली है. उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी. यदि जांच में निर्माण में भ्रष्टाचार या गुणवत्ता में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि दिव्यांग बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है. स्थानीय लोगों और अभिभावकों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, भवन की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दिव्यांग बच्चों को सुरक्षित वातावरण में भोजन की सुविधा मिल सके. आखिर जिन बच्चों के लिए सरकार करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रही है, उन्हें घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की सजा क्यों भुगतनी पड़े?
0
0
Report

जयपुर में दिल्ली प्रदर्शन के समर्थन में युवाओं की भीड़, नारेबाजी और हाथपाई

Jaipur, Rajasthan:Jaipur राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल पर गुरुवार को बड़ी संख्या में युवा हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एकत्र हुए और दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्राओं और महिलाओं ने भी भाग लिया जो देर रात तक जारी रहा। रात करीब 10.30 बजे जयपुर पुलिस ने मौके पर पहुँचर युवाओं से घर जाने की अपील भी की लेकिन युवा नहीं माने। वहीं इस दौरान देर रात एक और तस्वीर देखने क़ो मिली ज़ब जानकारी के मुताबिक एक युवक चाक़ू लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के बीच पहुंचा, इसके बाद प्रदर्शन में मौजूद युवाओं ने उसकी जमकर पिटाई कर डाली और दौड़ा दौड़ा कर पीट कर पुलिस के हवाले किया। प्रदर्शनकारी युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। साथ ही राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाने तथा कोचिंग संस्थानों की फीस और व्यवस्थाओं को नियंत्रित करने की भी मांग उठाई।
0
0
Report

जमशेदपुर बागबेड़ा में सड़क हादसे के बाद बवाल, डीएसपी के थप्पड़ से उग्र प्रदर्शन

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह सड़क हादसे को लेकर जमकर हंगामा हुआ. हादसे में घायल युवक प्रेम महतो के इलाज के लिए परिजन और लोगों ने जमकर बवाल काटा. बागबेड़ा स्थित डीबी रोड को जाम कर दिया. सड़क पर लोगों ने टायर भी जलाया. मामला तब और भड़क गया जब डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर सुमित कुमार ने एक युवक को थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद लोग और उग्र हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. दरअसल एक युवक ने घायल का इलाज में मदद करने के लिए डीएसपी का पैर पकड़ लिया. इससे आगबुला होकर डीएसपी ने युवक को थप्पड़ जड़ दिया. जिसके बाद लोग आक्रोशित हो गए. परिजनों का कहना है कि घायल प्रेम को टीएमएच में भर्ती किया गया है. अस्पताल प्रबंधन 8 लाख रुपए मांग रहा है. पैसे नहीं होने के कारण परिजन थाना पहुंचे और कार मालिक को खोजने और घायल का इलाज कराने की मांग की. परिजनों ने आरोप लगाया कि इसपर थाना के बड़ाबाबू द्वारा कहा गया कि आपलोग खुद ऑनर को खोजकर ले आइए. इसके बाद लोग डीबी रोड में जुट और सड़क को जाम कर दिया. जानकारी हो कि गुरुवार सुबह एक बेकाबू कार ने 4 लोगों को रौंद दिया था. इसमें प्रेम जो पेशे से शिक्षक है उसे काफी चोट आई है. करीब 2 घंटे तक बवाल हुआ. मौके पर भारी मात्रा में फोर्स तैनात किया गया. किसी तरह समझा बुझा कर पुलिस ने सड़क को जाम मुक्त कराया
0
0
Report
Advertisement

बस्ती के कप्तानगंज में जमीन विवाद पर दबंगों का हमला, चार घायल

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। भीटा गांव में जमीन की अदला-बदली को लेकर आपत्ति जताने वाले एक मजलूम परिवार पर दबंगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कर सीमांकन कराया था। सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब पीड़ित परिवार अपने खेत पर पहुंचा, तभी पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। हमले में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है。 पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा मामला बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भीटा गांव का है, जहां जमीन विवाद को लेकर हुई इस हिंसक वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है。
0
0
Report

हल्दौर थाना में पुलिसकर्मियों पर ऑनलाइन रिश्वत-धमकी के आरोप

Moradabad, Uttar Pradesh:शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने जनवरी 2026 में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ धमकी देने और जबरन ऑनलाइन 10 हजार रुपये डलवाने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। इसके बाद से दोनों पुलिसकर्मी उससे रंजिश रखने लगे। पीड़ित का कहना है कि 18 जून 2026 को उसके घर पर कब्जे और तोड़फोड़ की घटना हुई थी, जिसकी रिपोर्ट उसने हल्दौर थाने में दर्ज कराई थी। आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उपनिरीक्षक कुलदीप ने उस पर फैसले (समझौते) का दबाव बनाया और मना करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके खिलाफ फर्जी कार्रवाई कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में यह भी कहा है कि संबंधित पुलिसकर्मी एवं अन्य लोगों के खिलाफ पहले से दिए गए प्रार्थना पत्रों पर जांच लंबित है, लेकिन इसके बावजूद उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
0
0
Report

गंगाराम: बावा मोहतरा के मगरमच्छ से NCERT में इंसान-वन्यजीव प्रेम की कहानी

Bemetara, Chhattisgarh:गंगाराम नाम सुनकर लगता है कि बात किसी इंसान की हो रही है, लेकिन यह कहानी है एक ऐसे मगरमच्छ की जिसने इंसानों का दिल जीत लिया। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बावा मोहतरा गांव में रहने वाला गंगाराम आज भी लोगों की यादों में जिंदा है। अब उसकी अनोखी कहानी देशभर के स्कूली बच्चों तक पहुंचेगी। एनसीईआरटी की किताब "My India" में गंगाराम और बावा मोहतरा गांव की मिसाल को जगह दी गई है, ताकि नई पीढ़ी इंसानों और वन्यजीवों के बीच विश्वास और सह-अस्तित्व का महत्व समझ सके。 बेमेतरा जिले का छोटा-सा गांव बावा मोहतरा... गांव के बीचों-बीच एक तालाब... और उसी तालाब में करीब 130 वर्षों तक रहा एक मगरमच्छ, जिसे ग्रामीण प्यार से गंगाराम कहते थे। आमतौर पर मगरमच्छ का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा होता है, लेकिन गंगाराम का स्वभाव बिल्कुल अलग था। ग्रामीण बताते हैं कि महिलाएं तालाब से पानी भरती थीं, किसान मवेशियों को पानी पिलाते थे और बच्चे किनारे खेलते थे, लेकिन गंगाराम ने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। धीरे-धीरे वह गांव की पहचान बन गया और उसे देखने दूर-दूर से लोग आने लगे। अब यही कहानी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। एनसीईआरटी ने अपनी पुस्तक My India में A Bond Between Humans and Animals शीर्षक के तहत बावा मोहतरा और गंगाराम की कहानी को शामिल किया है। इसमें बताया गया है कि किस तरह एक गांव ने एक मगरमच्छ के साथ वर्षों तक सौहार्दपूर्ण जीवन जिया और उसकी मृत्यु पर पूरे गांव ने शोक मनाया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण और सह-अस्तित्व की भावना विकसित करना है। बावा मोहतरा का गंगाराम अब सिर्फ एक गांव की याद नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए इंसान और वन्यजीवों के बीच विश्वास, संवेदनशीलता और सह-अस्तित्व की मिसाल बन चुका है। अब उसकी कहानी देशभर के स्कूली बच्चों को यह संदेश देगी कि प्रकृति के साथ प्रेम और सम्मान का रिश्ता ही सबसे बड़ी सीख है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top