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ASHISHASHISHFollow22 Nov 2024, 02:10 am
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मूल नाम से जाति प्रमाण पत्र को लेकर सैथवार मल्ल समाज लामबंद

ASAmit SinghFollow3m ago
Deoria, Uttar Pradesh:राष्ट्रीय सैथवार मल्ल स्वाभिमान मोर्चा की बैठक रविवार को देवरिया में हुई। इसमें समाज के लोगों को मूल नाम ‘सैथवार मल्ल’ से जाति प्रमाण पत्र जारी करने और आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग जोरदार ढंग से उठाई गई। मोर्चा के संगठन मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने समाज के लोगों से संगठन से जुड़कर इसे मजबूत करने का आह्वान किया। पूर्व प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो समाज भाजपा के समर्थन को लेकर गंभीरता से विचार करेगा।देवरिया जिलाध्यक्ष दुर्गेश सिंह ने कहा कि जिस प्रकार अन्य जातियों को उनके मूल नाम से आरक्षण एवं जाति प्रमाण पत्र का लाभ मिल रहा है, उसी प्रकार सैथवार मल्ल समाज को भी मूल नाम से आरक्षण एवं प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए। बैठक में पूर्वांचल के सैथवार मल्ल समाज को एकजुट कर संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया गया। इस दौरान अरुण प्रताप सिंह,कपिल देव सिंह, रामप्रवेश सिंह, उदय प्रताप सिंह, विजेंद्र सिंह, अरुण सिंह, अजय प्रताप मल्ल, चंद्रभूषण सिंह, यशवंत सिंह, विजय प्रताप मल्ल, अनिरुद्ध सिंह, अनिल सिंह, सोहन मल्ल, अशोक सिंह, ओम मल्ल, पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. धर्मदेव सिंह, सतपाल सिंह, पंकज सिंह, अमित सिंह सहित क्षेत्र के सैकड़ों सैथवार मल्ल समाज के लोग मौजूद रहे।
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हिसुआ में कैंडल मार्च: शहीद प्रणव अमर रहे नारे, दोषियों को फांसी की मांग

Nawada, Bihar:ह हिसुआ में कैंडल मार्च से गूंजा ‘शहीद प्रणव अमर रहे’ का नारा हजारों लोगों ने किया शक्ति प्रदर्शन, दोषियों को फांसी और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग नयाय नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान, राजनीतिक बयानबाजी से पुलिस की बढ़ी बेचैनी नवादा जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र के चंद्रवंशी मोहल्ले में 1 अगस्त को हुई गोलीबारी में प्रणव कुमार उर्फ पीयूष की हत्या के विरोध में रविवार को भारी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर लोगों ने शहीद प्रणव अमर रहे,और ‘दोषियों को फांसी दो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की। लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा。 कैंडल मार्च से पहले पूर्व राज्य मंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया। घटना में अखिलेश कुमार और चंदन कुमार भी जख्मी हुए थे। मृतक के पिता के आवेदन पर 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है, जबकि जख्मी पक्ष की ओर से आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित नीरज उर्फ कारू डॉन ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। घटना को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी से पुलिस की बेचैनी बढ़ती दिख रही है।
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वसेड़ी में वोट-मनुहार कार्यक्रम से शत-प्रतिशत मतदान का संदेश: जागरूकता अभियान

Dholpur, Rajasthan:बसेड़ी में वोट-मनुहार कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों ने भेजी वोट-पाती, शत-प्रतिशत मतदान का दिया संदेश धौलपुर。 ब्लॉक बसेड़ी में मतदाता जागरूकता प्रकोष्ठ बसेड़ी के द्वारा सतरंगी सप्ताह कैलेंडर 2026 के छठवें दिवस के अवसर पर वोट-मनुहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बसेड़ी शहरी क्षेत्र में किया गया, जिसमें नगरीय क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बसेड़ी शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले समस्त अभिभावकों और मतदाताओं को वोट-पाती भेजी। वोट-पाती के माध्यम से उन्हें मतदान के महत्व, मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मतदान के प्रति मतदाताओं के कर्तव्यों के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही आगामी नगर निकाय चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान करने के लिए जागरूक और आश्वस्त किया गया। आयोजकों ने बताया कि मतदाता जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करना है। वोट-पाती के माध्यम से लोगों को भावनात्मक रूप से मतदान से जोड़ा जा रहा है। इस कार्यक्रम में मतदाता जागरूकता प्रकोष्ठ बसेड़ी के प्रभारी सीबीईओ अमर सिंह मीना, व्याख्याता देवानंद, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर अंकी शुक्ला एवं विभिन्न आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया और लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया
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गंगा का रौद्र रूप: दियारा-शहर तक लोग छतों पर रहने को मजबूर

Barh, Bihar:बाढ़ अनुमंडल में गंगा के रौद्र रूप को देख लोग दियारा से लेकर शहर तक घर की छतों पर रहने के लिए मजबूर हैं। बख्तियारपुर के दियारा क्षेत्र में चिरैया दियारा, काला दियारा, रूपस महाजी और हरदासपुर में स्थिति बहुत ही भयावह है। लोगों के घरों के पास गंगा की तेज लहरें बह रही हैं। महिलाएं और बच्चे कई दिनों से छत पर ही डेरा डाले हुए हैं। घर में राशन और जलावन के लिए रखी लकड़ियाँ भी गीली हो जाने से कई दिनों से चूल्हा नहीं जला है। कुछ ऐसी ही स्थिति अब शहरों की भी है। अथमलगोला प्रखंड के उस्मानपुर, बूढ़ेरा और रामनगर करारी कछार में भी लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गंगा के तेज प्रवाह में उस्मानपुर पंचायत वार्ड संख्या - 3, अनुसूचित जाति टोला एवं वार्ड संख्या 4 और 5 जलमग्न है। गंगा का तेज प्रवाह NH 31 को पार कर लोगों के खेत खलिहानों और घरों में बहने लगा है। नेशनल हाईवे पर पानी चढ़ जाने से ग्रामीण अब दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन हाईवे के किनारे रेत की बोरियों को रखकर बाढ़ के पानी को रोकने का प्रयास कर रही है, लेकिन पानी की तेज धार सबकुछ बहाकर ले जा रही है। मोकामा के हाथीदह में गंगा 2021 में अब तक के हाईएस्ट फ्लड लेवल 43.52 मीटर तक पहुंच गई है, जिससे गंगा के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। अभी तक बाढ़ पीड़ित परिवारों तक राहत और भोजन के पैकेट पहुंचाने की भी व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। घर मकान ध्वस्त हो गए हैं। साथ ही घर में रखे सामान भी बर्बाद हो गए हैं। प्रशासनिक पदाधिकारी बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भाग दौड़ में लगे हैं, वहीं गंगा NH 31 पार करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 80 पर भी तेज गति से बहने लगी है। अगर यही हाल रहा तो गंगा अपने उच्चतम रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 2026 में एक नया रिकॉर्ड बना सकती है। इस बीच लोगों का कहना है कि उन्हें सरकार से कोई उम्मीद नहीं हैं। लोगों के बीच सरकार के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक सरकारी सहायता के नाम पर दियारा में मोमबत्ती तक नहीं मिला है। घरों में पानी घुसने के बाद बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई है। लोग रात में भी अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। बाइट - बाढ़ पीड़ित ग्रामीण
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नालंदा के बिहारशरीफ में निजी क्लीनिक विवाद में मारपीट, दो घायल

Pariaunna, Bihar:नालंदा के बिहारशरीफ में मरीज को निजी क्लीनिक ले जाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। मामला सोहसराय थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी पावर ग्रिड के पास का है, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना में दोनों पक्षों से दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। दलित नेता सत्येंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल से मरीजों को बिचौलियों के माध्यम से निजी क्लीनिक में ले जाने का वह लगातार विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि इसी विवाद को लेकर निजी क्लीनिक में उस समय उनके साथ मारपीट की गई, जब वह अपना शुगर जांच कराने पहुंचे थे। सत्येंद्र पासवान के मुताबिक, इसी दौरान करीब 10 से 12 लोग क्लीनिक के अंदर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। दूसरी तरफ विपिन सिंह ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान उन्होंने सत्येंद्र पासवान और उनके सहयोगियों द्वारा एक प्रसूति महिला को जबरन ई-रिक्शा से निजी क्लीनिक ले जाते हुए देखा। विपिन सिंह का दावा है कि मरीज खुद इसका विरोध कर रही थी। जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो सत्येंद्र पासवान और उनके सहयोगियों ने उनके साथ मारपीट की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तविक दोषी कौन है।
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गंगा बाढ़ में बनवासी परिवारों को प्रशासनिक राहत, 40 परिवार सुरक्षित

Gazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर गंगा की बाढ़ के बीच प्रशासन का बड़ा राहत अभियान, खुले आसमान के नीचे रह रहे 40 बनवासी परिवारों को मिला सहारा बाढ़ शरणालय में पहुंचाकर प्रशासन ने की रहने-खाने की व्यवस्था, 40 परिवारों को राहत किट, राशन और जरूरी सामान किया गया वितरित 70 बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराया गया पका हुआ भोजन, पशुपालकों के लिए 100 क्विंटल भूसा भी कराया गया उपलब्ध एसडीएम निधि और तहसीलदार पंकज कुमार ने मौके पर पहुंचकर बांटी राहत मुश्किल वक्त में प्रशासन की पहल से बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत गाजीपुर के रेवतीपुर में गंगा की बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन ने राहत का हाथ बढ़ाया है。 कई दिनों से खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बनवासी बस्ती के 40 बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित बाढ़ शरणालय में पहुंचाया गया, जहां उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। रविवार को एसडीएम जमानिया निधि और तहसीलदार सेवराई पंकज कुमार ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट वितरित की। राहत किट में आटा, दाल, तेल, चीनी, आलू, चना, नमक, मसाले, साबुन, सैनिटरी पैड और त्रिपाल समेत रोजमर्रा की जरूरी सामग्री शामिल रही। वहीं प्रशासन की टीम ने 70 लोगों को पका हुआ भोजन भी वितरित किया। पशुपालकों की परेशानी को देखते हुए 100 क्विंटल भूसा भी उपलब्ध कराया गया, जिससे चारे के संकट से जूझ रहे पशुपालकों को बड़ी राहत मिली। एसडीएम निधि ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर लाकर उनकी रहने और खाने की समुचित व्यवस्था की गई है और सरकार की ओर से मिलने वाली सभी राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राहत सामग्री और भोजन मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों के चेहरों पर संतोष नजर आया। मुश्किल की इस घड़ी में प्रशासन की पहल ने पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत दी है। बाइट- निधि- एसडीएम, जमानियां, गाजीपुर
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दिल्ली सत्य निकेतन इमारत ढहने से भारी दुख; बचाव दल हर छात्र तक पहुँचें

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं। मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए। कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं。 हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
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