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बाबागंज में अवैध लकड़ी कटाई की घटनाएं, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बन रहीं चर्चा का विषय
Bhourha Pure Ganga, Uttar Pradesh:बाबागंज क्षेत्र में प्रशासन की अनदेखी के कारण लकड़कट्टे बेखौफ होकर हरियाली को नष्ट कर रहे हैं। सागौन और साखू की बेशकीमती लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं जिससे यह क्षेत्र चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से यह लकड़ी काटी जा रही है। थानाध्यक्ष सुनील सिंह ने इस मामले पर कहा कि उन्हें बिना परमिट के लकड़ी कटाई की जानकारी नहीं है लेकिन जांच की जा रही है।
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प्रतापगढ़ नगर परिषद: सामान्य महिला के लिए आरक्षित सीट, कौन बनेगा अगला सभापति?
Pratapgarh, Rajasthan:हेडर/हेडलाईन : प्रतापगढ़ नगरपालिका से नगर परिषद तक: अध्यक्षों की कुर्सी का पूरा राजनीतिक इतिहास, विशेष चुनावी विश्लेषण: जल्द बजने वाला है चुनावी बिगुल, 40 वार्डों की लॉटरी के बाद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुई सभापति की कुर्सी एंकर/इंट्रो : प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और जल्द ही चुनावी तारीखों کا औपचारिक ऐलान होने वाला है। हाल ही में शहर के 40 वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाली जा चुकी है, जिसके बाद शहर की सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। इस बार सबसे बड़ा और दिलचस्प मोड़ यह है कि नगर परिषद सभापति का पद ''सामान्य महिला'' के लिए आरक्षित हुआ है। इस आरक्षण के बाद से ही शहर के राजनीतिक गलियारों में संभावित महिला दावेदारों और उनके पीछे रणनीतिक तैयारी में जुटे दिग्गजों की हलचल तेज हो गई है। इस चुनावी माहौल के बीच प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय नगरपालिका से लेकर नगर परिषद तक के 80 से अधिक वर्षों के इतिहास, अध्यक्षों, प्रशासकों और महिला प्रतिनिधित्व पर एक विस्तृत नजर डालना बेहद जरूरी है। आखिर इस कुर्सी पर अब तक कौन-कौन बैठा, किसका कार्यकाल कितना रहा, कितनी बार बोर्ड भंग हुए और किस नेता ने सबसे लंबे समय तक शहर की स्थानीय सरकार की कमान संभाली—इन तमाम सवालों के जवाब इस पूरे राजनीतिक इतिहास में मिलते हैं। नगरपालिका से नगर परिषद का सफर: कब हुआ बदलाव? देखे यह विशेष खबर... प्रतापगढ़ में स्थानीय निकाय प्रशासन का इतिहास रियासतकालीन दौर से जुड़ा हुआ है। नगरपालिका काल: आजादी से पूर्व 1901 ई. दीवान स्टेट और विशेषकर 1947 के बाद से लेकर 2012 तक प्रतापगढ़ में नगर पालिका बोर्ड कार्यरत रहा। नगर परिषद का गठन प्रतापगढ़ जिला बनने के बाद शहर के विस्तार और विकास को गति देने के लिए 1 मई 2012 को औपचारिक रूप से नगर पालिका को क्रमोन्नत कर नगर परिषद, प्रतापगढ़ का गठन किया गया। यानी प्रतापगढ़ की स्थानीय राजनीति में 1 मई 2012 एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जब नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी का स्वरूप बदलकर नगर परिषद सभापति की कुर्सी हो गया। राजनीतिक आंकड़ों का पूरा विश्लेषण: महिला नेतृत्व: नगरपालिका से नगर परिषद तक महिला प्रतिनिधित्व का इतिहास देखे तो प्रतापगढ़ निकाय के पूरे इतिहास में अब तक कुल 3 महिलाओं ने इस सर्वोच्च पद की कमान संभाली है। इनमें दो महिलाओं ने अपेक्षाकृत लंबा कार्यकाल देखा, जबकि एक महिला का कार्यकाल बेहद अल्प रहा। पुष्पा मेहता प्रतापगढ़ की पहली महिला पालिका अध्यक्ष रहीं। उन्होंने करीब पांच वर्ष का पूर्ण कार्यकाल पूरा किया। प्रतापगढ़ की स्थानीय राजनीति में महिला नेतृत्व के लिहाज से उनका कार्यकाल एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। रामकन्या प्रहलाद गुर्जर ने 7 फरवरी 2021 से 4 अप्रैल 2022 तक फिर 26 अप्रैल 2022 से 7 फरवरी 2026 तक रामकन्या प्रहलाद गुर्जर नगर परिषद की सभापति रहीं। उनके कार्यकाल के बीच में कुछ समय के लिए कौशल्या देवी ने सभापति पद संभाला, जिसके बाद 26 अप्रैल 2022 से रामकन्या प्रहलाद गुर्जर ने पुनः पदभार संभाला और 7 फरवरी 2026 तक इस पद पर रहीं。 6 अप्रैल 2022 से 26 अप्रैल 2022 तक कौशल्या देवी का कार्यकाल करीब 20 दिन का रहा। यह प्रतापगढ़ नगर परिषद के इतिहास के सबसे छोटे सभापति कार्यकालों में शामिल है। इस तरह प्रतापगढ़ के निकाय इतिहास में अब तक कुल तीन महिलाओं ने सर्वोच्च निर्वाचित पद की जिम्मेदारी संभाली है। अब सामान्य महिला के लिए सभापति पद आरक्षित होने के बाद यह संख्या बढ़कर चार होने की दिशा में है, लेकिन अगली सभापति कौन होगी, इसका फैसला आगामी चुनाव के बाद ही होगा। पुरुष नेतृत्व: लंबे समय तक रहा दबदबा प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय इतिहास में लंबे समय तक पुरुष नेताओं का दबदबा रहा है। नगरपालिका दौर में दीवान स्टेट सहित 11 से अधिक निर्वाचित/मनोनीत पुरुष अध्यक्षों ने अलग-अलग अवधियों में नगर की बागडोर संभाली। इनमें कई चेहरे ऐसे भी रहे जो दो या तीन अलग-अलग कार्यकाल में अध्यक्ष पद पर लौटे। नगर परिषद बनने के बाद निर्वाचित पुरुष सभापति के रूप में केवल कमलेश डोसी रहे। यही वजह है कि प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय इतिहास में कमलेश डोसी का राजनीतिक कार्यकाल सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में शामिल हो जाता है। प्रशासक काल: जब जनता के हाथ में नहीं, अधिकारियों के हाथ में रही कमान प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय इतिहास में कई ऐसे दौर भी आए, जब निर्वाचित बोर्ड की जगह प्रशासनिक अधिकारियों ने नगर की कमान संभाली। उपलब्ध कार्यकाल विवरण के अनुसार प्रतापगढ़ में कुल 20 बार प्रशासक—आर.ए.एस./आर.टी.एस. अधिकारियों—ने स्थानीय निकाय का संचालन किया। नगरपालिका काल में 16 प्रशासक 1968 से लेकर 1990 के बीच अलग-अलग समय में बोर्ड भंग रहने अथवा प्रशासनिक व्यवस्था के चलते अधिकारियों ने नगरपालिका की कमान संभाली। इनमें— श्यामदास मदान, पदमसिंह माहेचा, दिनेशचन्द्र शर्मा, जे.आर. चौहान, नवरंग राय, कुलदीप शर्मा, राजेन्द्र भाणावत, श्रीनाथ शर्मा, चैतन्य प्रकाश सारस्वत, चन्द्रप्रकाश व्यास, बसन्तीलाल शर्मा, बाबूलाल लोहार, धनेश्वर पाटीदार, सियाराम मीणा, हीरालाल कुमावत, एहसान अहमद छीपा ने अलग-अलग अवधि में प्रशासक के रूप में कार्यभार संभाला। नगर परिषद बनने के बाद भी दो बार ऐसा दौर आया जब निर्वाचित नेतृत्व के बजाय प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में परिषद की कमान रही। रमेश कुमार परिहार: 21 अगस्त 2020 से 31 अगस्त 2020, पिन्टूलाल जाट: 31 अगस्त 2020 से 30 दिसंबर 2020, रमेश कुमार परिहार: 30 दिसंबर 2020 से 7 फरवरी 202, विजयेश कुमार पण्ड्या: 7 फरवरी 2026 से वर्तमान तक इस तरह नगरपालिका और नगर परिषद दोनों काल को मिलाकर 20 प्रशासनिक कार्यकाल प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय इतिहास में दर्ज हैं। सबसे बड़ा रिकॉर्ड: किसने किया सबसे लंबे समय तक राज? प्रतापगढ़ के स्थानीय निकाय इतिहास में कमलेश डोसी के नाम सबसे अनोखा और सबसे लंबे समय तक शीर्ष पद पर रहने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है। एकमात्र नेता जो नगरपालिका अध्यक्ष और नगर परिषद सभापति दोनों रहे कमलेश डोसी प्रतापगढ़ के एकमात्र ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने पहले नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी संभाली और नगरपालिका के नगर परिषद में क्रमोन्नत होने के बाद नगर परिषद के सभापति भी बने। उनका कार्यकाल इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने नगरपालिका से नगर परिषद में हुए बदलाव को स्वयं शीर्ष नेतृत्व के रूप में देखा। कमलेश डोसी का कार्यकाल नगरपालिका अध्यक्ष के रूप में: 21 अगस्त 2010 से 1 मई 2012 तक नगर परिषद सभापति के रूप में प्रथम कार्यकाल: 1 मई 2012 से 20 अगस्त 2015 तक नगर परिषद सभापति के रूप में द्वितीय कार्यकाल: 21 अगस्त 2015 से 21 अगस्त 2020 तक । इस प्रकार 21 अगस्त 2010 से 21 अगस्त 2020 तक लगातार पूरे 10 वर्ष कमलेश डोसी ने शहर की स्थानीय सरकार का नेतृत्व किया। यही वजह है कि प्रतापगढ़ के निकाय इतिहास में उनका कार्यकाल सबसे महत्वपूर्ण और सबसे लंबे व्यक्तिगत लगातार कार्यकाल के रूप में सामने आता है। हालांकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि ओम प्रकाश ओझा भी 1980 से 2010 के बीच तीन अलग-अलग कार्यकालों में लगभग 9 से 10 वर्ष तक पालिका अध्यक्ष रहे हैं। इसलिए कुल अलग-अलग अवधियों को जोड़कर तुलना करने पर राजनीतिक इतिहास का विश्लेषण और भी दिलचस्प हो जाता है। प्रतापगढ़ नगरपालिका का पूरा कालक्रम: अध्यक्ष और प्रशासक 1. दीवाण स्टेट प्रतापगढ़ 1901 ई. से 18-11-1947। 2. पुरुषोत्तमदास मणियार 19-11-1947 से 15-4-1948। 3. अमृतलाल पायक 16-4-1948 से 4-12-1950। 4. बद्रीलाल शर्मा 5-12-1950 से 25-2-1954। 5. अमृतलाल पायक 26-2-1954 से 18-6-1955। 6. बद्रीलाल शर्मा 19-6-1955 से 31-10-1961। 7. पन्नालाल पायक 1-11-1961 से 28-1-1964। 8. कन्हैयालाल शर्मा 29-1-1964 से 20-6-1966। 9. नन्दकिशोर जोशी 21-6-1966 से 20-12-1968। 10. श्यामदास मदान (आर.ए.एस.) 21-6-1968 से 6-11-1968। 11. पदमसिंह माहेचा (आर.टी.एस.) 7-11-1968 से 23-3-1970। 12. दिनेशचन्द्र शर्मा (आर.ए.एस.) 24-3-1970 से 18-11-1970। 13. कन्हैयालाल शर्मा 19-11-1970 से 10-12-1974। 14. जे.आर. चौहान (आर.ए.एस.) 12-12-1974 -6-1974 ।(क्रम त्रुटि बोर्ड अनुसार) 15. नवरंग राय (आर.ए.एस.) 10-6-1974 से 12-11-1974। 16. कुलदीप शर्मा (आर.ए.एस.) 22-11-1974 से 20-8-1976 । 17. बसंतलाल जैन 21-8-1976 से 8-8-1977 । 18. कुलदीप शर्मा (आर.ए.एस.) 8-8-1977 से 21-1-1978 । 19. राजेन्द्र भाणावत (आर.ए.एस.) 22-1-1978 से 27-2-1979 । 20. श्रीनाथ शर्मा (आर.ए.एस.) 28-2-1979 से 4-3-1979 । 21. चैतन्य प्रकाश सारस्वत (आर.ए.एस.) 5-3-1979 से 30-6-1979 । 22. रणजीतसिंह जहाला (आर.ए.एस.) 1-7-1979 से 4-10-1980 । 23. चैतन्य प्रकाश सारस्वत (आर.ए.एस.) 4-10-1980 से 12-6-1981 । 24. चन्द्रप्रकाश व्यास (आर.ए.एस.) 13-6-1981 से 6-7-1981 । 25. चैतन्य प्रकाश सारस्वत (आर.ए.एस.) 7-7-1981 से 3-8-1981 । 26. बसन्तीलाल शर्मा (आर.ए.एस.) 3-8-1981 से 5-11-1981 । 27. बाबूलाल लोहार (आर.ए.एस.) 5-11-1981 से 17-2-1982 । 28. पारसमल जैन 17-2-1982 से 15-2-1986 । 29. धनेश्वर पाटीदार (आर.ए.एस.) 16-2-1986 से 15-6-1988। 30. सियाराम मीणा (आर.ए.एस.) 16-6-1988 से 25-10-1989। 31. हीरालाल कुमावत (आर.ए.एस.) 25-10-1989 से 8-3-1990 । 32. एहसान अहमद छीपा (आर.ए.एस.) 6-3-1990 से 31-8-1990। 33. ओम प्रकाश ओझा 31-8-1990 से 28-8-1995। 34. सुरेन्द्र कुमार बोरदिया 28-8-1995 से 27-8-2000। 35. पुष्पा मेहता से 28-8-2000 से 23-8-2005 । 36. ओम प्रकाश ओझा 23-8-2005 से 20-8-2010 । 37. कमलेश डोसी 21-8-2010 से 20-8-2015 (1.5.2012 से परिषद में परिवर्तित) नगर परिषद प्रतापगढ़ का पूरा कालक्रम नगर परिषद का गठन: 1 मई 2012 1. कमलेश डोसी (सभापति) 01.05.2012 से 20.08.2015। 2. कमलेश डोसी (सभापति 21.08.2015 से 21.08.2020 । 3. रमेश कुमार परिहार (प्रशासक) 21.08.2020 से 31.08.2020। 4. पिन्टूलाल जाट (प्रशासक) 31.08.2020 से 30.12.2020। 5. रमेश कुमार परिहार (प्रशासक) 30.12.2020 से 07.02.2021। 6. रामकन्या प्रहलाद गुर्जर (सभापति) 07.02.2021 से 04.04.2022 । 7. कौशल्या देवी (सभापति) 06.04.2022 से 26.04.2022 । 8. रामकन्या प्रहलाद गुर्जर (सभापति) 26.04.2022 से 07.02.2026 । 9. विजयेश कुमार पण्ड्या (आर.ए.एस./प्रशासक) 07.02.2026। इतिहास के आईने में आगामी चुनाव प्रतापगढ़ नगरपालिका और नगर परिषद का इतिहास केवल अध्यक्षों और सभापतियों की सूची नहीं है, बल्कि यह शहर की बदलती राजनीतिक तस्वीर का भी दस्तावेज है। रियासतकाल से शुरू हुआ स्थानीय निकाय का सफर नगरपालिका से होते हुए 2012 में नगर परिषद तक पहुंचा। इस लंबे सफर में कभी पुरुष नेतृत्व का दबदबा रहा तो कभी प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर की कमान संभाली। वहीं वर्ष 2000 में पुष्पा मेहता के रूप में पहली बार महिला नेतृत्व ने सर्वोच्च पद पर दस्तक दी। इसके बाद रामकन्या प्रहलाद गुर्जर और अल्प अवधि के लिए कौशल्या देवी ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। दूसरी ओर, कमलेश डोसी का लगातार एक दशक तक शीर्ष पद पर बने रहना प्रतापगढ़ की स्थानीय राजनीति का सबसे बड़ा व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनकर सामने आता है। वे नगरपालिका अध्यक्ष से नगर परिषद के सभापति बनने वाले एकमात्र नेता भी हैं। अब सामान्य महिला आरक्षण ने बदला पूरा सियासी गणित अब आगामी चुनाव में सभापति पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद प्रतापगढ़ की स्थानीय राजनीति एक बार फिर नए दौर में प्रवेश कर रही है। 40 वार्डों की आरक्षण लॉटरी के बाद कई संभावित पार्षद प्रत्याशी के समीकरण बदल गए हैं। वहीं सभापति पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से अब राजनीतिक दलों और प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों की नजरें ऐसी महिला दावेदारों पर टिक गई हैं, जिनके पास राजनीतिक पकड़, सामाजिक स्वीकार्यता और चुनाव जीतने की क्षमता हो। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि पिछली बार महिला नेतृत्व के बाद इस बार फिर नगर परिषद की सर्वोच्च कुर्सी पर महिला का पहुंचना तय है। सवाल केवल इतना है कि वह महिला कौन होगी? और उसके पीछे किस राजनीतिक खेमे की ताकत होगी? निष्कर्ष: इतिहास के बाद अब भविष्य की बारी प्रतापगढ़ नगरपालिका से नगर परिषद तक का इतिहास बताता है कि स्थानीय राजनीति में कुर्सी का स्वरूप भले बदला हो, लेकिन इस कुर्सी को लेकर राजनीतिक महत्व लगातार बढ़ता गया है। 1901 के दीवान स्टेट से शुरू हुआ स्थानीय निकाय का सफर, 1947 के बाद नगरपालिका और फिर 1 मई 2012 को नगर परिषद तक पहुंचा। इस दौरान कई अध्यक्ष आए, कई प्रशासक रहे, महिला नेतृत्व ने अपनी जगह बनाई और कमलेश डोसी ने लगातार 10 वर्ष तक शीर्ष पद पर रहने का रिकॉर्ड कायम किया। अब वर्ष 2026 के आगामी चुनाव में 40 वार्डों की आरक्षण लॉटरी के बाद तस्वीर काफी हद तक बदल चुकी है। सबसे बड़ा बदलाव सभापति पद का सामान्य महिला के लिए आरक्षित होना है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रतापगढ़ की सियासत का सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा नगर परिषद की इस ऐतिहासिक कुर्सी पर अगली महिला सभापति कौन होगी? कौन-सा राजनीतिक परिवार अपना दांव खेलेगा? कौन सा चेहरा दलों का भरोसा जीत पाएगा? किस महिला के पीछे संगठन और राजनीतिक रणनीति की ताकत खड़ी होगी? और क्या आने वाली सभापति भी प्रतापगढ़ के निकाय इतिहास में अपना कोई नया रिकॉर्ड कायम पायेंगी? इन सवालों के जवाब आगामी चुनाव के साथ सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि आरक्षण की लॉटरी ने प्रतापगढ़ नगर परिषद की राजनीति में एक नए सियासी अध्याय की शुरुआत कर दी है।0
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तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD का राजभवन मार्च, सीवान AK-47 गोलीकांड विरोध में
Noida, Uttar Pradesh:सीवान में हुई AK-47 फायरिंग की घटना के विरोध में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आज राष्ट्रीय जनता दल की ओर से राजभवन march निकाला जा रहा है। यह march पिछले महीने छात्र आंदोलन के दौरान घटित घटना के विरोध में किया जा रहा है। RJD का आरोप है कि इस मामले में सिर्फ सीवान के SP का तबादला करने से काम नहीं चलेगा। पार्टी लगातार संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रही है। RJD का कहना है कि छात्रों पर लाठीचार्ज और AK-47 से फायरिंग जैसी घटना को सिर्फ तबादले तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसी को लेकर बड़ी संख्या में RJD कार्यकर्ता जेपी गोलंबर reach चुके हैं। यहीं से march शुरू होकर राजभवन तक जाएगा। RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव का कहना है कि छात्र कोई आतंकवादी नहीं थे, ऐसे में उन पर इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई, इसका जवाब सरकार को देना होगा। उन्होंने बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, RJD कार्यकर्ताओं का कहना है कि march पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और उन्हें पुलिस की मौजूदगी से कोई परेशानी नहीं है। पार्टी का दावा है कि इस march को बिहार के युवाओं का भी समर्थन मिल रहा है.0
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आगम जैन ने निजी स्कूलों में मारपीट से खफा होकर बुर्ज पर चढ़ा; पुलिस ने सुरक्षित नीचे उतारा
Jaipur, Rajasthan:जयपुर अजमेरी गेट के बुर्ज पर चढ़ा छात्र निकला सिविल डिफेंस कर्मियों ने सकुशल उतारा इस दौरान बड़ी संख्या में आसपास लोग जमा होंगे बुर्ज पर चढ़ा युवक छात्र आगम जैन निकला सूचना पर मौके पर पहुंची कोतवाली और जालूपुरा थाना पुलिस कर्मियों ने लोगों की भीड़ को कंट्रोल किया सिविल डिफेंस कर्मियों ने बुर्ज की दूसरी दीवार से चढ़कर छात्र को समझा बूझकर नीचे उतरा बेल्ट से बांधकर राशियों के सहारे नीचे उतारा फिलहाल छात्र को पूछताछ के लिए कोतवाली थाने ले जाया गया आगम जैन ने बताया कि एक निजी स्कूलों में उसके साथ मारपीट की गई इससे खफा होकर वह बुर्ज पर चढ़ गया थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने कहा कंट्रोल रूम से सूचना मिली उसके बाद मौके पर पहुंचे समझा बूझकर छात्र को नीचे उतार लिया पूरा मामला क्या है यह पूछताछ के बाद ही पता चल पाएगा BYTE - थाना प्रभारी बृजेश सिंह0
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झारखंड भर्ती घोटाले: 44 परीक्षाएं रद्द, CBI जांच की मांग तेज
Noida, Uttar Pradesh:झारखंड सरकार ने गड़बड़ियों के कारण 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित और डेटा प्रोसेसिंग एजेंसी TRS को आउटसोर्स की गई आठ परीक्षाएं भी शामिल हैं। इन परीक्षाओं के रद्द होने से बड़े पैमाने पर नियुक्ति घोटाले के आरोप लगे हैं और ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे बड़े पैमाने पर धांधली का पता चलता है। CID मामले की जांच कर रही है, लेकिन जांच को लेकर जनता और छात्रों में असंतोष बढ़ गया है, क्योंकि इस घोटाले के तार नेपाल और उत्तर प्रदेश तक जुड़े होने की बात सामने आई है, जो CID के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। छात्र इस घोटाले की पूरी सच्चाई जानने और मुख्य दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए CBI जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार CBI जांच की मांग को नहीं मान रही है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी है। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने "वंदे मातरम" गाने का समर्थन किया है। उन्होंने इसकी तुलना नेहरू, पटेल और गांधी के प्रति सम्मान से की है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इसे गाना अनिवार्य करने और इसका पालन न करने को देशद्रोह मानने वाले नए कानून लाए जा रहे हैं।0
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निकाह विवाद: 20 वर्षीय शिष्या के साथ मौलाना मिनहाज खान पर नया मोड़
Seoni, Madhya Pradesh:सिवनी जिले की कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम खेरी में 45 वर्षीय मौलाना मिनहाज खान द्वारा अपनी 20 वर्षीय शिष्या से निकाह किए जाने का विवाद गहराते चले जा रहा है लड़की के परिजन ने जहां यह कहा है कि वह शादी के विरोध में थे और निकाह से आहत युवती के पिता अहफज़ खान ने 14 अगस्त की देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी ग्रामीणों और लड़की के परिजनों ने थाने में जाकर मौलाना मिनाज खान सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था पर अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है लड़की ने जहां एक बयान जारी कर कहा है कि उसकी शादी उसने अपनी मर्जी से की थी और लड़की के पिता इस शादी से खुश थे उन पर जो आरोप लगाया गया है वह गलत है उसने अपनी मर्जी से ही मौलाना से निकाह की है दूसरी ओर एक और वीडियो आया है जिसमें लड़की के परिजन कह रहे हैं कि लड़की के पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है उसके पीछे मुख्य कारण उनकी लड़की ने मौलाना के साथ निकाह करना है0
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सतना में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूलों में अवकाश घोषित
Satna, Madhya Pradesh:सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार देर शाम से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला रातभर थमा नहीं, जिसके कारण पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही इस भारी बारिश से शहर के कई जगह, चौक-चौराहे और गलियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। निचले इलाकों के दर्जनों घरों और दुकानों में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे लोगों को भारी नुकसान का सामना کرنا पड़ रहा है। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सतना और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो आने वाले घंटों में और अधिक बारिश का संकेत देता है। मौसम की इसी गंभीरता और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आया। कलेक्टर ने एक आपातकालीन आदेश जारी करते हुए जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों में कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए आज तत्काल प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया है।0
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तेज रफ्तार इनोवा ने स्कूटी सवार पिता-पुत्र को मारी जोरदार टक्कर, एक की मौत
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल तेज रफ्तार का कहर, इनोवा ने स्कूटी सवार पिता-पुत्र को मारी जोरदार टक्कर हादसे में शुभ्रांशु की मौत ललिता नगर की गलियों में तेज रफ्तार इनोवा ने स्कूटी को उड़ाया स्कूटी सवार पिता-पुत्र हादसे का शिकार, बेटा गंभीर घायल घायल को इलाज के लिए एम्स अस्पताल में कराया गया भर्ती ड्राइवर नशे में धुत होकर करीब 100 की रफ्तार से चला रहा था इनोवा हादसे के बाद बिजली का पोल 90 डिग्री तक मुड़ा टक्कर के बाद इनोवा पलटी, गाड़ी के सभी एयरबैग खुले हादसे के बाद मौके पर जुटी हजारों की भीड़, जमकर हंगामा आरोपी ड्राइवर को पुलिस ने हिरासत में लिया नशे और रफ्तार ने बुझाया घर का चिराग, दर्दनाक हादसे में एक की मौत तेज रफ्तार इनोवा ने स्कूटी सवार पिता-पुत्र को मारी जोरदार टक्कर हादसे में शुभ्रांशु की मौत, शव एम्स अस्पताल में रखा गया.. हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल . आरोप—डायल 112 करीब 45 मिनट बाद पहुंची स्थानीय थाना पुलिस भी करीब एक घंटे बाद पहुंचने का दावा 108 एम्बुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने पर भी सवाल आरोपी ड्राइवर पुलिस हिरासत में, मामले की जांच जारी घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और हंगामा0
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बदराडीह तिराहा पर तलवार लहराकर लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार
Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा दिनांक 19 अगस्त स्लग-तलवार बदराडीहगाँव के तिराहा में तलवार लहराकर राहगीरों को धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार कबीरधाम जिले के गाँव बदराडीह तिराहा में सार्वजनिक स्थान पर तलवार लहराकर राहगीरों को भयभीत करने वाले आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली कि महराजपुर के बदराडीह तिराहा में एक युवक हाथ में लोहे की तलवार लेकर आने-जाने वाले लोगों से गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी रामसिंह पिता दीनू मारकंडे, उम्र 33 वर्ष, निवासी महराजपुर, थाना कवर्धा के कब्जे से लोहे की तलवार बरामद की। मामले में थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 321/2026 के तहत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर आरोपी के against विधिसम्मत कार्रवाई की गई।0
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वायरल वीडियो के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री ने जल्ला स्कूल की अचानक जांच की
Fatehgarh Sahib, Punjab:ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਬੈਂਸ ਨੇ ਜੱਲা ਸਕੂਲ ਦੀ ਕੀਤੀ ਅਚਨਚੇਤ ਚੈਕਿੰਗ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਾਈ ਸਕੂਲ ਜੱਲਾ ਦੇ ਬਾਥਰੂਮਾਂ ਦੀ ਮਾੜੀ ਹਾਲਤ ਦਿਖਾਉਣ ਵਾਲੀ ਵੀਡੀਓ ਐਕਸ (X) ’ਤੇ ਵਾਇਰਲ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਨੇ ਖੁਦ ਸਕੂਲ ਦਾ ਅਚਨਚੇਤ ਦੌਰਾ ਕਰਕੇ ਜ਼ਮੀਨੀ ਹਕੀਕਤ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ। ਚੈਕਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਉਸੇ ਥਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਵੀ ਲਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਦੀ ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ。 ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ’ਤੇ ਵਾਇਰਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਵੀਡੀਓ ਪੁਰਾਣੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਸਕੂਲ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਨੂੰ ਨਹੀਂ ਦਰਸਾਉਂਦੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਦਿਖਾਏ ਗਏ ਬਾਥਰੂਮ ਕਰੀਬ ਪੰਜ ਸਾਲ ਤੋਂ ਬੰਦ ਪਏ ਹਨ, ਜਦਕਿ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਹੁਣ ਨਵੇਂ ਬਾਥਰੂਮ ਬਣਾਏ ਜਾ ਚੁੱਕੇ ਹਨ。 ਚੈਕਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੌਜੂਦਾ ਬਾਥਰੂਮ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲੇ ਅਤੇ ਉੱਥੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸੀ। ਲੜਕੀਆਂ ਦੇ ਬਾਥਰੂਮ ਵਿੱਚ ਸੈਨੇਟਰੀ ਪੈਡ ਡਿਸਪੋਜ਼ਲ ਮਸ਼ੀਨ ਵੀ ਚਾਲੂ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲੀ。 ਮੰਤਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ 100 ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਅਤੇ 9 ਅਧਿਆਪਕ ਹਨ। ਸਕੂਲ ਦੀ ਚਾਰਦੀਵਾਰੀ ਦਾ ਕੰਮ ਮੁਕੰਮਲ ਹੈ ਅਤੇ ਪਿਛਲੇ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਦੌਰਾਨ ਮੁਰੰਮਤ ਲਈ ਕਰੀਬ 15 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਸਮਾਰਟ ਪੈਨਲ, ਤਿੰਨ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਰ, ਕੰਪਿਊਟਰ ਲੈਬ, ਸਾਇੰਸ ਲੈਬ, ਵਾਈ-ਫਾਈ ਅਤੇ ਪੀਣ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਵੀ ਉਪਲਬਧ ਹੈ。 ਸਕੂਲ ਦੀ ਇਮਾਰਤ ਦੀ ਮੁਰੰਮਤ ਅਤੇ ਹੋਰ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜ ਵੀ ਜਾਰੀ ਹਨ। ਵ੍ਹਾਈਟਵਾਸ਼ ਦਾ ਕੰਮ ਬਾਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਲਈ ਗ੍ਰਾਂਟ ਮਨਜ਼ੂਰ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮਾਹੂਸਾਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。 ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ पंजाब ਸਰਕਾਰ ਸਿੱਖਿਆ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਤਰਜੀਹ ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦੇ ਹਰ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਾਇਰਲ ਵੀਡੀਓ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਸਕੂਲ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਬਾਰੇ ਧਾਰਨਾ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਜ਼ਮੀਨੀ ਹਕੀਕਤ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਨੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ。0
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काऊणी गाँव के पुल पर करोड़ों खर्च पर सवाल, ग्रामीणों ने कराई जांच की मांग
Sri Muktsar Sahib, Punjab:ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਕਾਉਣੀ ਵਿਖੇ ਕਰੋੜਾਂ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਬਣਿਆ ਪੁਲ ਮੁੜ ਚਰਚਾ 'ਚ, ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਉਸਾਰੀ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ 'ਤੇ ਚੁੱਕੇ ਸਵਾਲ ਕਾਉਣੀ ਤੋਂ ਚੰਦਭਾਨ ਡਰੇਨ 'ਤੇ ਬਣੇ ਪੁਲ ਦੇ ਲੈਂਟਰ 'ਚ ਕਥਿਤ ਤਰੇੜਾਂ ਮਗਰੋਂ ਵਿਭਾਗ ਵਲੋਂ ਮੁਰੰਮਤ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਕਾਉਣੀ ਤੋਂ ਸ਼੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਰੋਡ 'ਤੇ ਚੰਦਭਾਨ ਡਰੇਨ ਉੱਪਰ ਕਰੀਬ ਸਵਾ ਚਾਰ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਬਣਿਆ ਪੁਲ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਚਰਚਾ ਵਿੱਚ ਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੁਲ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਕਾਰਜ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਪਿੰਡ ਕਾਉਣੀ ਦੇ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਠੇਕੇਦਾਰ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ 'ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਪੁਲ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਕਾਰਜ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋਏ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਚੰਦਭਾਨ ਡਰੇਨ ਉੱਪਰ ਕਰੀਬ ਸਵਾ ਚਾਰ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਪੁਲ ਦੀ ਉਸਾਰੀ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ’ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦੇ ਪਿੰਡ ਕਾਉਣੀ ਦੇ ਵਾਸੀ ਬਣਿਆ ਇਹ ਪੁਲ ਚਾਲੂ ਹੋਏ ਹਾਲੇ ਕੁਝ ਹੀ ਮਹੀਨੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਹੈ ਕਿ ਪੁਲ ਦੇ ਲੈਂਟਰ ਵਿੱਚ ਕਥਿਤ ਤੌਰ 'ਤੇ ਤਰੇੜਾਂ ਆਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੁਣ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਪੁੱਟ ਕੇ ਮੁਰੰਮਤ ਦਾ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਕਾਰਨ ਪੁਲ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਪੁਲ ਨੂੰ ਕੁਝ ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਆਵਾਜਾਈ ਵਾਸਤੇ ਬੰਦ ਰੱਖਣ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਕਹੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਪੁਲ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ਕਾਰਜ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਜੇਕਰ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵੱਲ ਤੁਰੰਤ ਧਿਆਨ ਨਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀ ਧਰਨਾ ਦੇਣ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹੋਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੁਲ ਦੀ ਅਪਰੋਚ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੁਲ ਦੀ ਅਪਰੋਚ ਕਾਫ਼ੀ ਉੱਚੀ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਹਾਲੇ ਤੱਕ ਕੱਚੀ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਰਾਹਗੀਰਾਂ ਨੂੰ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਪੁਲ ਦੇ ਸਮੁੱਚ ਨਿਰਮਾਣ ਕਾਰਜ ਦੀ ਉੱਚ ਪੱਧਰੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਖਾਮੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰਾਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਬਣਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ。0
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कर्ज के बोझ से परेशान व्यक्ति डीसी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाता है
Amritsar, Punjab:ਕਰਜ਼ੇ ਤੋਂ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਵਿਅਕਤੀ ਨੇ ਡੀਸੀ ਦਫ਼ਤਰ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਮੰਗੀ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਕਿਹਾ—ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਵੀ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ ਜਾਨੋਂ ਮਾਰਨ ਦੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਕਰਜ਼ੇ ਦੇ ਵਿਆਜ ਤੋਂ ਤੰਗ ਵਿਅਕਤੀ ਨੇ ਡੀਸੀ ਦਫ਼ਤਰ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਮੰਗੀ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਕਿਹਾ—ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਜਾਨ ਦਾ ਖਤਰਾ ‘ਮੇਰੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ, ਘਰ ਬਾਹਰ ਲੋਕ ਖੜ੍ਹੇ’—ਪ੍ਰਿੰਸ ਸਿੰਘ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅੱਗੇ ਲਾਈ ਗੁਹਾਰ ਵਿਆਜ ਦੇ ਬੋਝ ਹੇਠ ਦੱਬੇ ਵਿਅਕਤੀ ਦਾ ਦਾਅਵਾ—ਮਕਾਨ ਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਗਹਿਣੇ ਰੱਖ ਕੇ ਵੀ ਨਹੀਂ ਮੁੱਕਿਆ ਕਰਜ਼ਾ ਧਮਕੀਆਂ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਮਿਲਣ ’ਤੇ ਡੀਸੀ ਨੇ ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਦਿੱਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ ਕਰਜ਼ੇ ਅਤੇ ਵਿਆਜ ਦੇ ਬੋਝ ਤੋਂ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੀ ਗੁਹਾਰ ਲੈ ਕੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫਤਰ ਪਹੁੰਚਿਆ। ਪੀੜਤ ਪ੍ਰਿੰਸ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਕਰਜ਼ਾ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਤੇ ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਜਾਨੋਂ ਮਾਰਨ ਦੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਪ੍ਰਿੰਸ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸ ’ਤੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਕਰਜ਼ਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਵਿਆਜ ਭਰਦਾ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਸ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਨੇ ਕਰਜ਼ਾ ਚੁਕਾਉਣ ਲਈ ਆਪਣਾ ਮਕਾਨ ਅਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਤੱਕ ਗਹਿਣੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤੀ, ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਕਰਜ਼ੇ ਦਾ ਬੋਝ ਖਤਮ ਨਹੀਂ ਹੋਇਆ। ਉਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਲਏ ਪੈਸਿਆਂ ’ਤੇ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਵੱਡੀ ਰਕਮ ਵਿਆਜ ਵਜੋਂ ਅਦਾ ਕਰਦਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪੀੜਤ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਹੁਣ ਉਸ ਕੋਲ ਕਰਜ਼ਾ ਵਾਪਸ ਕਰਨ ਲਈ ਕੋਈ ਸਾਧਨ ਨਹੀਂ ਬਚਿਆ। ਉਸ ਮੁਤਾਬਕ, ਪੈਸੇ ਵਾਪਸ ਕਰਨ ਲਈ ਦਬਾਅ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਉਸ ਨੂੰ ਧਮਕੀਆਂ ਵੀ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਉਸ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਕੁਝ ਲੋਕ ਉਸ ਦਾ ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਪਿੱਛਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਘਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਵੀ ਆ ਕੇ ਧਮਕੀਆਂ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਪ੍ਰਿੰਸ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਉਸ ਦੀ ਪਤਨੀ, ਬੱਚੇ ਅਤੇ ਬਜ਼ੁਰਗ ਪਿਤਾ ਹਨ। ਉਸ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਉਸ ਦੀ ਬੱਚੀ ਦਾ ਵੀ ਰਸਤੇ ਵਿੱਚ ਪਿੱਛਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਡਰ ਦਾ ਮਾਹੌਲ ਹੈ। ਉਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਸ ਕੋਲ ਧਮਕੀਆਂ ਸਬੰਧੀ ਕੁਝ ਵੀਡੀਓ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਹਨ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣੀ te ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਜਾਨ ਦਾ ਗੰਭੀਰ ਖਤਰਾ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ。 ਪ੍ਰਿੰਸ ਸਿੰਘ ਨੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਕੋਲ ਇਨਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਉਸ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨਾ ਕੀਤੀ যায় ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਘਰ ਜਾਣ ਤੋਂ ਵੀ ਡਰ ਲੱਗਦਾ ਹੈ। ਉਸ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਸ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ’ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਕੇ ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ। ਉੱਥੇ ਹੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਲਵਿੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ nacal ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੀੜਤ ਦੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਮਿਲੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮਾਮਲੇ ਦੇ ਨਿਪਟਾਰੇ ਲਈ ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਜਾਨ ਅਤੇ ਮਾਲ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਕਰਨਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ। ਡੀਸੀ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਵਿੱਚ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ वੱਲੋਂ ਧਮਕੀਆਂ ਮਿਲਣ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ, ਜਿਸ ਬਾਰੇ ਪੁਲਿਸ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਜੋ ਵੀ ਲੋੜੀਂਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਬਣਦੀ ਹੋਵੇਗੀ, ਉਹ ਜਲਦ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਦੋਵਾਂ ਧਿਰਾਂ ਨੂੰ ਬੁਲਾ ਕੇ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਆਪਸੀ ਤੌਰ ’ਤੇ ਸੁਲਝਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ。0
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श्योपुर में दो गुटों का विवाद, स्टेडियम के पास लाठी-डंडों से अफरा-तफरी
Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर दो गुटों के बीच विवाद, स्टेडियम के पास पाम होटल के सामने जमकर चले लाठी-डंडे, शिवपुरी रोड पर मची अफरा-तफरी बढ़ते क्राइम से शहरवासियों में बढ़ी चिंता, थाने पहुंचा मामला कोतवाली क्षेत्र की घटना0
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सूखा नदी में बहते शिक्षक का ग्रामीणों ने सुरक्षित रेस्क्यू किया
Majarkata, Chhattisgarh:गरियाबन्द ब्रेकिंग...सूखा नदी के बाढ़ में बह रहे शिक्षक का रेस्क्यू...मिडिल स्कूल सिवनी जाने के लिए निकला था शिक्षक नंदकुमार...वापस घर नही लौटा तो परिजनों ने छुरा था गुमसुदगी का रिपोर्ट दर्ज किए..तब ग्रामीणों ने देखा कि सूखा नदी के उफ़ान में एक व्यक्ति बह रहा है..और मुह से झाग निकल रहा है .ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने शिक्षक का सुरक्षित रेस्क्यू किया...पुलिस के अनुसार नदी में बहा शिक्षक अभी ठीक है...छुरा थाना क्षेत्र का मामला घटना की जांच में जुटी पुलिस。0
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Rampur में जुहार यूनिवर्सिटी पर ED Raid, जांच शुरू
Noida, Uttar Pradesh:Rampur (UP): ED raid at Jauhar University in Rampur/Visuals (Source: ED)0
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गाजियाबाद भोजपुर में मुठभेड़, दो बदमाश गिरफ्तार
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। चेकिंग के दौरान पुलिस ने मोदीनगर की तरफ से भोजपुर की ओर आ रही बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में मोटरसाइकिल गिर गई। इसके बाद दोनों बदमाश खेतों की ओर भागने लगे और पीछा कर रही पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षकाठी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सागर खान निवासी दिल्ली और शिवम उर्फ डमरू निवासी नोएडा के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने 28 जुलाई 2026 को परतापुर से नोएडा जाते समय एक व्यक्ति से कार के जरिए लूटपाट करने की बात बताई। आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल, दो 315 बोर के तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस, लूटा गया लैपटॉप और पीड़ित के कुछ अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों और पूर्व की आपराधिक गतिविधियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।0
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