icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

जोधपुर के छह नगरपालिकाओं में शांतिपूर्ण मतदान, तिंवरी में सबसे अधिक मतदान

Jodhpur, Rajasthan:बालेसर सत्ता और तिंवरी में 68 प्रतिशत से अधिक मतदान, मथानिया में भी 67 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने किया मताधिकार का प्रयोग जोधपुर, 09 सितंबर। नगर पालिका आम चुनाव-2026 के तहत जोधपुर जिले की छह नगरपालिकाओं में मतदान प्रक्रिया बुधवार को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से जारी है। प्रातः 7:15 बजे से प्रारम्भ हुए मतदान में मतदादाताओं में खासा उत्साह देखा गया। जिला प्रशासन से प्राप्त अद्यतन आंकड़ों के अनुसार दोपहर 1 बजे तक जिले में कुल 61.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस अवधि तक कुल 1,19,635 पंजीकृत मतदाताओं में से 73,439 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। बालेसर सत्ता और तिंवरी में सर्वाधिक मतदान दोपहर 1 बजे तक तिंवरी नगरपालिका में सर्वाधिक 69.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां 8,744 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बालेसर सत्ता नगरपालिका में 68.80 प्रतिशत मतदान हुआ तथा 10,567 मतदाताओं ने मतदान किया। मथानिया में भी 67 प्रतिशत से अधिक मतदान मथानिया नगरपालिका में दोपहर 1 बजे तक 67.09 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां 9,600 मतदाताओं ने मतदान किया। वहीं भोपालगढ़ नगरपालिका में 59.11 प्रतिशत मतदान हुआ और 11,505 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पीपाड़ शहर एवं बिलाड़ा में भी मतदाताओं में उत्साह पीपाड़ शहर नगरपालिका में दोपहर 1 बजे तक 56.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां 16,794 मतदाताओं ने मतदान किया। बिलाड़ा नगरपालिका में 56.92 प्रतिशत मतदान हुआ तथा 16,229 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वन टू वन आलोक रंजन जिला निर्वाचन अधिकारी
0
0
Report

मैनपुरी-करहल भारतीय किसान यूनियन(टिकैत गुट)ने BDO को सौंपा 4 सूत्रीय मांगें ।

Ajay KumarAjay KumarFollowJust now
Karhal, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के ब्लॉक अध्यक्ष शिवपाल सिंह के नेतृत्व में आज किसानों ने विकास खण्ड करहल के खण्ड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्राम कथूले सहित क्षेत्र के किसानों की 4 प्रमुख समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई है। ज्ञापन में रखी गई मुख्य मांगें हैं-सभी गांवों में मच्छरों का भारी प्रकोप है,अतःसभी गांवों में D.D.T. व कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जाए। ग्राम कथूले में लिंक रोड के किनारे संदीप पुत्र सुभाष ‌चंद के मकान से हाई-वे तक नाले की सफाई । लिंक रोड नं.कथूले पर अनाधिकृत अतिक्रमण हटाने और करहल-भोगांव रोड पर उगी झाड़ियों को कटवाने की मांग शामिल है। इस दौरान दुर्वेश कुमार,राहुल कुमार,वीरेश कुमार,मुकेश कठेरिया,संजीव कुमार,देवेन्द्र प्रताप,अनिल यादव,संजीव कुमार,राम सिंह,कमलेश कठेरिया,आदि किसान मौजूद रहे।
0
0
Report

रांची विश्वविद्यालय का 39वां दीक्षांत समारोह: 58 मेधावी छात्रों को 71 गोल्ड मेडल

Ranchi, Jharkhand:रांची विश्वविद्यालय का 39वां दीक्षांत समारोह आज आयोजित किया जा रहा है। समारोह में झारखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हैं। वहीं, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी समारोह में शामिल हुए हैं। इस दीक्षांत समारोह में आज 58 मेधावी विद्यार्थियों को 71 गोल्ड मेडल प्रदान किए जा रहे हैं। वहीं, पहली बार दो शिक्षाविदों को मानद उपाधि से सम्मानित किया जा रहा है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के हाथों NIEPA की कुलपति प्रोफेसर डॉ. शशिकला बंजारी और लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. आलोक कुमार राय को मानद उपाधि प्रदान की गई। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार समेत विश्वविद्यालय के तमाम शिक्षक और पदाधिकारी मौजूद हैं। हजारों की संख्या में विद्यार्थी भी इस ऐतिहासिक समारोह के गवाह बने हैं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया गया। संबोधन के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके बाद 58 विद्यार्थियों को 71 गोल्ड मेडल और दो शिक्षाविदों को मानद उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा “सर्वप्रथम आज उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को मेरी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आज का दिन आपकी मेहनत और लगन की उपलब्धि का दिन है। इस उपलब्धि के पीछे आपके अभिभावकों और शिक्षकों का विश्वास, मार्गदर्शन और सहयोग भी रहा है। उन सभी को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने आपकी इस यात्रा में अपना अहम योगदान दिया है। प्रिय विद्यार्थियों, दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं होता, बल्कि शिक्षा को जीवन में उतारने की शुरुआत है। विश्वविद्यालय में आपको जो ज्ञान मिला है, उसने आपको तर्क करना सिखाया है और प्रश्नों के उत्तर खोजने की क्षमता विकसित की है। अब जीवन की पाठशाला आपके सामने है, जहां परिस्थितियां प्रश्न बनकर आएंगी और आपके निर्णय उनके उत्तर बनेंगे। यहां से शिक्षा और डिग्री के बीच का अंतर समझ में आता है। डिग्री बताती है कि आपने क्या सीखा है, लेकिन आपका जीवन यह बताएगा कि आपने उस सीख का क्या किया और उसे आगे बढ़ाने का कैसे काम किया। हमारी परंपरा में कहा गया है कि वही विद्या सार्थक है, जो मनुष्य को अज्ञान और संकीर्णता से मुक्त करे। ज्ञान हमें बहुत कुछ जानने की क्षमता देता है, लेकिन विवेक हमें यह समझने की शक्ति देता है कि क्या सही है, क्या आवश्यक है और किस दिशा में हमें आगे बढ़ना है। आज की दुनिया में सूचना की कोई कमी नहीं है। वास्तविक चुनौती अनेक विकल्पों के बीच सही विकल्प चुनने और अपनी क्षमता का उपयोग सही उद्देश्य के लिए करने की है। इसलिए अपने जीवन में ज्ञान के साथ विवेक और सफलता के साथ संवेदनशीलता को भी स्थान देने का काम करें। प्रिय विद्यार्थियों, यह भी सत्य है कि जीवन हमेशा हमारी योजनाओं के अनुसार नहीं चलता। कुछ निर्णय हमें सफलता तक पहुंचाएंगे और कुछ हमें अपनी गलतियों से सीखने का अवसर भी देंगे। इसलिए सफलता में विनम्र रहिए और असफलता में धैर्य रखिए। याद रखिए, असफलता हमेशा यात्रा को रोकने वाली दीवार नहीं होती। कई बार यह हमें बेहतर दिशा दिखाने वाला संकेत होती है। अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का काम करें। रांची विश्वविद्यालय झारखंड की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण संस्थान है। इस विश्वविद्यालय ने वर्षों से विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ राज्य के सामाजिक, बौद्धिक और शैक्षणिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। किसी विश्वविद्यालय का महत्व केवल इस बात से नहीं मापा जाता कि वहां से कितने विद्यार्थी उपाधि लेकर निकले, बल्कि इससे भी मापा जाता है कि वहां से कितने विद्यार्थी अपने विचार, शोध कार्य और कितनी सकारात्मक पहल समाज तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।” बाइट: संतोष कुमार गंगवार, राज्यपाल, झारखंड बाइट: संजय सेठ, रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार
0
0
Report
Advertisement

हल्द्वानी बीजेपी बैठक: धामी बोले 2027 चुनाव में पार्टी को मिलेगी नई ऊर्जा

Haldwani, Uttarakhand:उत्तराखंड के हल्द्वानी में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हो गई है... बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुंचे हैं... इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यसमिति में शामिल होने से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा... मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऊर्जा का सीधा फायदा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिलेगा... मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले पर भी बड़ा बयान दिया है... सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रख चुकी है और अब सभी को कोर्ट के फैसले का इंतजार है...मुख्यमंत्री ने बनभूलपुरा में हुए अतिक्रमण को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा... उन्होंने इसे दोनों दलों की तुष्टीकरण की राजनीति का परिणाम बताया...
0
0
Report

बख्तियारपुर का नाम बदले कर ‘नीतीशपुर’ रखने की मांग, बिहार की राजनीति गरमाई

Patna, Bihar:लोकेशन — पटना * *बिहार के महान जननेता की जन्मभूमि को मिले उनका नाम—बख्तियारपुर बने ‘नीतीशपुर’ : बिहार सरकार के मंत्री और जितनराम मांझी के बेटे ने आज सोशल मीडिया पर बख्तियारपुर का नाम बद changing कर नीतीशपुर रखने की मांग की। कहा बख्तियारपुर केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं है। यह उस महान जननेता की जन्मभूमि है, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन से बिहार की राजनीति, विकास और शासन की दिशा को एक नई पहचान दी। श्री नीतीश कुमार जी की जीवन-यात्रा, संघर्ष और असंख्य स्मृतियां इस धरती से जुड़ी हुई हैं। बिहार को विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन की नई राह देने वाले ऐसे जननेता की जन्मभूमि को उनके नाम से सम्मानित करना केवल एक स्थान का नाम बदलना नहीं होगा, बल्कि उस मिट्टी के गौरव, उसके इतिहास और उससे जुड़ी जनभावनाओं को सम्मान देना होगा。 इसी भावना के साथ मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के समक्ष बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने का प्रस्ताव रखता हूँ। जिस धरती ने बिहार को नीतीश कुमार जैसा जननेता दिया, उसकी पहचान भी उस गौरव के नाम से हो—‘बख्तियारपुर’ बने ‘नीतीशपुर’। — डॉ. संतोष कुमार सुमन राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) लघु जल संसाधन मंत्री, बिहार सरकार
0
0
Report
Advertisement

मधुबनी के बिरौल गांव में जमीन विवाद पर गोलीबारी, पिता-बेते घायल

Madhubani, Bihar:मधुबनी में जमीनी विवाद में हिंसक झड़प कई राउंड हुई फायरिंग। गोली लगने से पिता-पुत्र जख्मी। घटना खजौली थाना के बिरौल गांव की है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खजौली पहुंचाया जहां हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल मधुबनी रेफर कर दिया है। गोली लगने से घायल बाप बेटे की पहचान खजौली थाना के बिरौल गांव निवासी 70 वर्षीय राजेन्द्र सिंह और 25 वर्षीय राजाबाबू सिंह के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है पड़ोसी से जमीन को लेकर पूर्व से विवाद चल रहा था और आज हिंसक रूप ले लिया। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
0
0
Report

गोपालगंज में 9वां राष्ट्रीय पोषण माह शुरू, पोषण जागरूकता रैली

Gopalganj, Bihar:गोपालगंज में 9 वाँ पोषण माह मनाया जा रहा है पोषण जागरूकता को लेकर जिसको लेकर पोषण माह रैली रवाना किया गया आज बुधवार को समाहरणालय परिसर से पोषण रैली को डीएम समीर सौरभ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया कुपोषण मुक्त भारत हम सबका संकल्प के संदेश के साथ आज 9 वा राष्ट्रीय पोषण माह का आरम्भ किया गया जिसमें रैली के माध्यम से जागरूक किया जायेगा वही आंगनवाडी के माध्यम से महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य पर जोर दिया जायेगा गोपालगंज डीएम समीर सौरभ ने बताया कि आज 9 वॉ राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है जिसमें 5 थीम है कैसे आँगनवाड़ी के माध्यम से महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य पर कैसे जोर दिया जायेगा इसकी विस्तृत जानकारी दी गई है वही विभिन्न गतिविधियां हम लोग पूरे महीने भर चलायेंगे आंगनवाडी केंद्रों में उत्सव के तरह मनायेंगे सभी लोगों से आग्रह है इस कार्यक्रम में बढ़चढ़कर भाग लें व सफल बनायें
0
0
Report

साहिबगंज में बाढ़: एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम राहत कार्य में जुटी

Sahibganj, Jharkhand:साहिबगंज जिले में आई बाढ़ ने कहर बरपाया है, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ गई है. राज्य सरकार ने साहिबगंज में 30 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम तैनात कर दी है, जो आज से कार्य शुरू करेगी. टीम कमांडेड हरेंद्र पाल सिंह कंडारी के नेतृत्व में क्षेत्र का आकलन कर रही है, जिसे जिला प्रशासन की ओर से एसडीओ की सहायता मिलेगी. पानी से घिरे लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य जारी है. दियारा व शहरी क्षेत्र के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. राहत सामग्री वितरण और पशुपालकों के बीच चारे का प्रबंध किया जा रहा है. जिलाधिकारी और प्रशासन के अन्य अधिकारी बाढ़ पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं. बाढ़ के कारण नगर के हबीबपुर, हरि नगर, अली नगर, बायसी स्थान, बिजली घाट के सामने नया टोला, भरतिया कॉलोनी, पुरूषोत्तम गली, दहला दुर्गा स्थान रोड, गुल्लीभट्ठा, रसुलपुर दहला आदि मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं और लोगों को अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ रही है.
0
0
Report
Advertisement

सिंहस्थ 2028 के बीच खड़े हनुमान मंदिर पर आस्था बनाम विकास का टकराव

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन खड़े हनुमान के दरबार में उमड़ा भक्तों का सैलाब, अब हिंदू संगठनों ने संभाला मोर्चा, भक्तों ने बांटे हनुमान जी के सोठे सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा मंदिर, देशभर से दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु; सुंदरकांड और महाआरती से गूंजा परिसर सिंहस्थ 2028 के लिए कंठाल से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आया मंदिर, प्रतिमा हटाने के प्रयास लगातार नाकाम उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी चौड़ीकरण की जद में आया उज्जैन का प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर अब सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर मंदिर से जुड़े वीडियो और रील लगातार वायरल हो रहे हैं और दूर-दराज से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं। प्रतिमा को दूसरी जगह स्थापित करने के लिए प्रशासन की ओर से कई प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हट पाई। इसी के बाद श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा और तेज हो गई है कि “शायद बाबा खुद यहां से नहीं जाना चाहते।” यह भक्तों की आस्था से जुड़ी मान्यता है, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब हिंदू संगठन भी मैदान में मंगलवार को मंदिर परिसर में विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों से जुड़े पदाधिकारी पहुंचे। यहाँ सुंदरकांड का पाठ और महाआरती भी की गई। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर धार्मिक स्थलों और उनसे जुड़ी जनभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए。 विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि आगे संतों, समाज के प्रमुख लोगों और हिंदू संगठनों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रशासन से भी बातचीत की जाएगी और आगे की रणनीति तय होगी。 संगठन बोला- विकास चाहिए, लेकिन आस्था की कीमत पर नहीं संगठन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण शहर के लिए जरूरी है और वे विकास का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि विकास कार्य करते समय धार्मिक स्थलों और लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि जो भी फैसला होगा, वह संतों और समाज की राय लेकर किया जाएगा। उनका कहना है कि अगर बाबा की प्रतिमा यहां से नहीं हट पाती है तो प्रशासन को भी इस स्थिति पर पुनर्विचार करना चाहिए。 श्रद्धालुओं का लगातार बढ़ रहा तांता खड़े हनुमान मंदिर के बाहर इन दिनों सुबह से रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। मंदिर समिति और स्थानीय लोगों के मुताबिक उज्जैन के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंच रहे हैं。 कई श्रद्धालु मंदिर के मौजूदा स्थान पर ही बाबा को विराजमान रखने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक खड़े हनुमान जी को लंबे समय से “उज्जैन का एम्स” भी कहा जाता है। यहाँ बच्चों और परिवारों को लेकर आने की भी पुरानी मान्यता है। यही वजह है कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बीच मंदिर को लेकर लोगों की भावनाएं और ज्यादा मजबूत होती दिखाई दे रही हैं。 170 साल पुरानी प्रतिमा होने का दावा मंदिर से जुड़े लोगों के मुताबिक खड़े हनुमान मंदिर और प्रतिमा का इतिहास करीब 170 साल पुराना है और वर्ष 1857 से जुड़े दस्तावेज होने का दावा किया जा रहा है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने इसे इससे भी प्राचीन, यहां तक कि परमारकालीन होने की बात कही है। हालांकि प्रतिमा की वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक काल को लेकर विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच ही अंतिम आधार होगी。 मौजूदा विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्राचीन प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए कैसे स्थानांतरित किया जाए。 प्रशासन का क्या कहना है? वहीं नगर निगम की ओर से पहले स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल प्रतिमा और पूरे मामले का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी और सभी पक्षों की सहमति को ध्यान में रखा जाएगा。 ताजा घटनाक्रम में प्रशासन और विशेषज्ञों की ओर से प्रतिमा की संरचना और जमीन के अंदर उसकी स्थिति को समझने पर जोर दिया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में विशेषज्ञ जांच और स्कैनिंग की तैयारी की भी जानकारी सामने आई है。 अब मामला सिर्फ सड़क चौड़ीकरण का नहीं खड़े हनुमान मंदिर को लेकर अब मामला सिर्फ एक मंदिर को दूसरी जगह ले जाने तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण और शहर के विकास की जरूरत है, तो दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। अब हिंदू संगठन भी सक्रिय हो गए हैं और संतों, समाज के प्रमुख लोगों तथा प्रशासन के साथ बातचीत की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि तकनीकी रिपोर्ट क्या कहती है और प्रशासन श्रद्धालुओं की भावनाओं और विकास की जरूरत के बीच क्या रास्ता निकालता है。 फिलहाल बाबा के दरबार में भक्तों का तांता लगा है और लोगों की एक ही मांग सुनाई दे रही है—“विकास हो, लेकिन बाबा का स्थान भी सुरक्षित रहे。” wkt- मंदिर से लोगों से बातचीत बाइट - चैक शर्ट..शिवेंद्र तिवारी..पार्षद बाइट -महेश तिवारी... प्रांत धर्माचार्य संपर्क अधिकारी व्हाइट शर्ट में बाइट -दर्शन परमार विश्व हिंदू परिषद बाइट -विशाल खटीक भक्त, सोठे बाटने वाला आम भक्त
0
0
Report
Advertisement

बाढ़ ने डुबो दिया ग्रामीणों का घर, बेटी की शादी के सपने पानी में

Danapur, Bihar:बाढ़ पीड़ितों ने तिनका तिनका जोड़कर बेटी की शादी और नए घर का सपना सजाया था, लेकिन गंगा के बढ़ते पानी ने सब कुछ पल में बहा दिया. आंखों के सामने बाढ़ ने मिनटों में सब कुछ बहा दिया. दानापुर दियारा की तस्वीरें बाढ़ की तबाही की नहीं, बल्कि उन सपनों के डूबने की तस्वीरें हैं जिन्हें ग्रामीणों ने सालों की मेहनत से संजोया था. किसी ने बेटी की शादी के लिए तिनका-तिनका जोड़कर सामान जमा किया था, तो किसी ने अपने नए आशियाने का सपना देखा था. अब हालात ऐसे हैं कि लोग अपना घर छोड़कर बाढ़ राहत कैंप में शरण लिए हैं. लोग अपने जीने का सहारा खो चुके हैं, अब गांव से भाग कर दानापुर राहत कैंप में समय गुजार रहे हैं.
0
0
Report

पटवार भवन में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 35वें दिन, महापंचायत का संकेत

Sirsa, Haryana:पटवार भवन में आज विभिन्न कर्मचारी संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज 35वें दिन में प्रवेश कर गई है। इस दौरान सफाई कर्मचारी नेता मनोज अटवाल ने बताया कि सरकार कर्मचारियों को तोड़ने के लिए झूठी अफवाहें फैला रही है, लेकिन कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटा है। उन्होंने कहा कि सरकार लाठी-गोली चलाकर, केस दर्ज करके और कर्मचारियों को निलंबित करके आंदोलन को दबाना चाहती है, जो सफल नहीं होगा। बैठक में जनसंगठनों, राज्य संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, सोशल वर्कर्स और सर्वकर्मचारी संघ ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को अपना पूर्ण समर्थन दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले 2 महीनों से तनख्वाह नहीं मिली है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार लगातार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। नेताओं ने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए मांग की कि पक्के काम के लिए अस्थाई कर्मचारी नहीं रखे जा सकते। सरकार को 2 साल और 5 साल की पक्की पॉलिसी बनाकर मानी गई मांगों का आधिकारिक पत्र जारी करना चाहिए। आंदोलन को तेज करने के लिए 10, 11 और 12 सितंबर को प्रदेशभर में निमंत्रण दिए जाएंगे, जिसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में विशाल 'कर्मचारी महापंचायत' का आयोजन किया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top