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Gonda271123

Gonda: शिक्षिका ने विज्ञान की अनोखी विधि से बच्चों को सिखाया धनात्मक विद्युत आवेश

Jan 31, 2025 13:45:05
Gonda, Uttar Pradesh

गोंडा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऊंचे झंझरी की शिक्षिका मंजू कंचन ने विज्ञान विषयक धनात्मक विद्युत आवेश को प्रयोग के माध्यम से बच्चों को सिखाया। उन्होंने बच्चों को स्वयं प्रयोग करके सीखने के लिए प्रेरित किया। इस प्रयोग में, बच्चों ने तेल लगे सिर के बालों पर प्लास्टिक की पेन या कंघी को रगड़कर जब कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों के पास ले जाया, तो कागज के टुकड़े तेजी से उछलकर पेन या कंघी से चिपक जाते हैं। इस प्रयोग ने सभी बच्चों में रुचि जगाई और वे इसे आनंद के साथ सीखते रहे।

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KYKaniram yadav
Feb 02, 2026 10:25:15
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ANAJAY NATH
Feb 02, 2026 10:23:25
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Feb 02, 2026 10:23:23
Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव। शहर के एबीनगर इलाके में कब्रिस्तान के पास का रास्ता बदहाली का शिकार है। नियमित सफाई न होने से सड़क पर कीचड़ फैला है, नालियां कचरे से भरी हैं और गंदा पानी बीच सड़क से बह रहा है। 3 फरवरी को शब्बे बरात होने के बावजूद हालात नहीं सुधरे, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।इलाके के लोगों का कहना है कि यह कब्रिस्तान जाने का मुख्य मार्ग है, लेकिन सड़क पर गहरे गड्ढे और भरा गंदा पानी हादसों का कारण बन रहा है। कई लोग फिसलकर गिर चुके हैं।स्थानीय निवासी मोहम्मद अहमद, नियाज़ खान और अयाज़ फारुकी ने बताया कि नगर पालिका से कई बार शिकायत के बावजूद न तो नालियों की सफाई हुई और न ही सड़क की मरम्मत। त्योहार के दौरान भारी आवाजाही को देखते हुए लोगों ने जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
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PKPushpender Kumar
Feb 02, 2026 10:23:01
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SKSunny Kumar
Feb 02, 2026 10:22:48
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ASANIMESH SINGH
Feb 02, 2026 10:21:20
Ujjain, Madhya Pradesh:महाकालेश्वर मंदिर में 6 फरवरी से शिव नवरात्रि उत्सव, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। विश्व का एकमात्र मंदिर जहाँ वैदिक परंपरा से शिव नवरात्रि मनाई जाती है। 6 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा 10 दिवसीय शिव नवरात्रि महापर्व। महाशिवरात्रि के अगले दिन दोपहर 12 बजे होगी वर्ष में एकमात्र दिन में होने वाली भस्मारती। उज्जैन। वैदिक परंपराओं के अनुरूप विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ 6 फरवरी से होने जा रहा है, जो 15 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। मान्यताओं के अनुसार यह पर्व शिव के प्रकटोत्सव के रूप में जाना जाता है जबकि लोक परंपराओं में यह उत्सव शिववाहक स्वरूप में प्रचलित है।। महाकालेश्वर मंदिर विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहाँ शिव नवरात्रि का आयोजन परंपरागत वैदिक विधि-विधान के साथ किया जाता है। शिव नवरात्रि के दौरान मंदिर के गर्भगृह में 11 ब्राह्मणों द्वारा प्रतिदिन लघु रुद्र पाठ किया जाएगा। इसके पश्चात भगवान महाकाल का विविध स्वरूपों में श्रृंगार किया जाएगा। यह पर्व नौ दिनों तक मनाया जाता है लेकिन एक तिथि अधिक होने के कारण इस बार यह पर्व 10 दिन का मनाया जाएगा पहले दो दिन भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे तीसरे दिन से शेषनाग धारण किया जाएगा इसके बाद अलग-अलग स्वरूपों में भगवान अपने भक्तों को दर्शन देंगे जिसमें घटाटोप, उमा-महेश, मन-महेश और शिव तांडव जैसे स्वरूपों में भगवान के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। महाशिवरात्रি पर्व पर रात्रि 2:30 बजे से सुबह 4:30 बजे तक विशेष भस्मारती संपन्न होगी। इसके पश्चात भगवान महाकाल पर पूरे दिन और रात्रि तक निरंतर जलाभिषेक किया जाएगा। इसी रात्रि में भगवान का मन्त्रोंपचार पूजन किया जाएगा, जो वर्ष में केवल एक बार होता है। महाशिवरात्रि के अगले दिन भगवान महाकाल को पृथक श्रृंगार अर्पित किया जाएगा तथा seहरा धारण कराया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे वर्ष में एकमात्र दिनकालीन भस्मारती संपन्न होगी, जो शिव नवरात्रि उत्सव की विशेष परंपरा मानी जाती है। भस्मारती के पश्चात 10 दिनों तक पुजारी परिवार द्वारा विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे, जिनका समापन ब्रह्मभोजन के साथ किया जाएगा। वहीं जिन श्रद्धालुओं को शिव नवरात्रि के दौरान श्रृंगार दर्शन नहीं हो पाते, वे दूज के दिन यानी 18 फरवरी को भगवान महाकाल के विशेष पंचमुखुटा दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। वैदिक परंपराओं में इस पर्व को शिव प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जबकि लोक परंपराओं में यह उत्सव शिववाहक स्वरूप में प्रचलित है। शिव नवरात्रि के दौरान महाकाल नगरी पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगी नजर आएगी। मंदिर समिति भी आने वाले उत्सव को लेकर तैयारी में जुट गई है मंदिर में सौंदर्यकरण और साफ सफाई का कार्य लगातार जारी है, इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरीके की कोई भी असुविधा न हो...
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WJWalmik Joshi
Feb 02, 2026 10:21:03
Jalgaon, Maharashtra:जळगाव, धरणगाव शिवसेनेचे मंत्री गुलाबराव पाटील यांनी अजित दादा यांची रात्री झोपलेल्या पासून तर सकाळी उठ्यापर्यंतची दिनचर्या कशी असायची याबद्दलची आठवण सांगितली आहे. उद्या घालायचा ड्रेस त्यानंतर चप्पल हे सर्व दादा रात्रीच तयार करून ठेवायचे.. सकाळी पाच वाजता उठायचे आणि सहा वाजेपासून ते कामाला लागायचे. अजित दादांना कुठल्याही पक्षाचा लेबल लावन मला मान्य नाही कारण ते पक्षाचे नव्हतेच ते माणसांचे होते. त्यांनी पक्षाकडे बघून कधीच काम केलं नाही माणसांमध्ये माणसासाळलेला माणूस म्हणजे अजित दादा होते असं म्हटलं तरी चुकीचं ठरणार नाही. अजित दादांसोबत चे माझा खुप आठवण येत कारण उद्धव साहेबांच्या सरकारमध्ये शिंदे साहेबांच्या सरकारमध्ये आणि फडणवीस साहेबांच्या सरकारमध्ये देखील मी अजित दादांसोबत होतो. आणि तिघही वेळेस अजित दादा अर्थमंत्री होते.. प्रत्येक आमदाराची चावी त्यांच्याकडे होती.. रागवायचा असेल तर रागवणार मात्र लगेच विसरून जाणार कधीही या माणसाने खूनशी राजकारण केलं नाही.. त्यांच्या कुटुंबावर मोठा आघात झालेला आहे.. त्यांच्या कुटुंबामध्ये उपमुख्यमंत्री पद जरी आलेला असल. तरी युद्धामध्ये सेनापती केला तर मागच्याने तलवार हातात घ्यावी.. त्याच पद्धतीचं काम या कुटुंबाने केलेलं आहे आपण कुटुंबाला किती वेळ देतो आपण आपल्या शरीरासाठी किती वेळ देतो याबाबत आपण दादांच्या घटनेतून बोध घेतला पाहिजे.. मी माझ्या बायको सोबत एक किलोमीटर पर्यंत देखील प्रवास केलेला नाही ...कोणी सांगून द्याव..की गुलाबराव पाटलांची बायको गुलाबराव सोबत गाडीत दिसली...मायचा लाल असेल त्याने सांगून द्याव तुम्ही जे सांगेल ते हारून देईल मी.. दादा गेले पण एकटे नाही गेले संपूर्ण महाराष्ट्र कोलमडला आहे.. तुम्हाला याची झळ लक्षात येणार नाही महाराष्ट्रात असा नेता होणे नाही. पक्षीय राजकारण जरूर करा मात्र गरजू माणूस जर समोर आला तर त्याला मदतदेखील नक्की करा.. हेच दादांनी आपल्याला सांगितलं आहे.. या पद्धतीने जर आपण पुढच्या काळात वागलो तर हीच दादांना खरी श्रद्धांजली ठरू शकेल.. जळगावातील धरणगाव येथे सर्वपक्षीय शोक सभा पार पडली यात मंत्री गुलाबराव पाटील यांनी भाषण करताना अजित दादांच्या आठवणींना उजाळा दिला साऊंड बाईट मंत्री गुलाबराव पाटील..
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 02, 2026 10:20:33
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