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RPRam Pratap VermaFollow31 Jan 2025, 01:45 pm
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भिंड यातायात पुलिस ने निःशुल्क हेलमेट वितरण से जागरूकता बढ़ाई

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर- हेलमेट नहीं पहनने वालों को पुलिस ने दिया सुरक्षा का उपहार! भिंड में यातायात जागरूकता अभियान के तहत एसपी सूरज वर्मा ने बांटे निःशुल्क हेलमेट, सड़क हादसों से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक। भिंड यातायात पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से अनूठी पहल की। लहार चुंगी चौराहे पर बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले दोपहिया चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए। पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा ने वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की समझाइश देते हुए संदेश दिया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि अनमोल जिंदगी की सुरक्षा का कवच है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन राजपूत, अटेर एसडीओपी रविंद्र वास्कले, एसबीआई शाखा प्रबंधक मुबारक अली अंसारी सहित पुलिस और बैंक के अधिकारी मौजूद रहे। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय स्वयं हेलमेट पहनें और पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। संदेश साफ़ है,सुरक्षित सफर, सुरक्षित परिवार,हेलमेट पहनें, जीवन बचाएं।
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छतरपुर में अलबिनो अजगर का रेस्क्यू, विशेषज्ञों से पुष्टि जरूरी

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर में एक दुर्लभ सफेद रंग के अजगर का रेस्क्यू किए जाने का मामला सामने आया है। अजगर के असामान्य सफेद रंग के कारण इसे अलबिनो अजगर बताया जा रहा है। सर्प मित्र ने इस अजगर का रेस्क्यू किया जानकारी के अनुसार, अलबिनो जीवों में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य की कमी के कारण त्वचा का रंग सामान्य से काफी हल्का दिखाई देता है। हालांकि, अजगर के अलबिनो होने की आधिकारिक पुष्टि के लिए विशेषज्ञों की जांच आवश्यक है।,वन विभाग के अनुसार वन्यजीवों का संरक्षण और सुरक्षित रेस्क्यू बेहद जरूरी है। ऐसे सांप खतरनाक हो सकते हैं। यदि किसी अन्य वन्यजीव के दिखाई देने पर उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें, बल्कि वन विभाग अथवा प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
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पंजाब के ज़ीरकपुर में नशे के मामले फिर सुर्ख़, पुलिस कार्रवाई पर सवाल

Zirakpur, Punjab:ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ। ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਚੱਲ ਰਹੀ ਮੁਹਿੰਮ ਦਰਮਿਆਨ ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਤੋਂ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਚਿੰਤਾਜਨਕ ਤਸਵੀਰ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਬਲਟਾਣਾ ਦੇ ਹਰਮਿਲਾਪ ਨਗਰ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ CASO ਆਪ੍ਰੇਸ਼ਨ ਚਲਾ ਕੇ ਸ਼ੱਕੀ ਟਿਕਾਣਿਆਂ ਦੀ ਤਲਾਸ਼ੀ ਲਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਹੀ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਿਅਕਤੀ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਨਸ਼ੇ ਦਾ ਸੇਵਨ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੇਸੁਧ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲੇ। ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰ ਦਿੱਤੇ ਹਨ।\n\nਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ, ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਦੁਕਾਨ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਬੇਸੁੱਧ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪਿਆ ਸੀ, ਜਦਕਿ ਦੂਜਾ ਸੜਕ ’ਤੇ ਲੇਟਿਆ ਹੋਇਆ ਮਿਲਿਆ। ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਮੌਜੂਦ ਲੋਕਾਂ ਮੁਤਾਬਕ, ਦੋਵਾਂ ਦੀ ਹਾਲਤ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਸੇਵਨ ਕਾਰਨ ਵਿਗੜੀ ਹੋਈ ਜਾਪ ਰਹੀ ਸੀ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਘਟਨਾ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਵੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਪੁਲਿਸ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਨਹੀਂ ਪਹੁੰਚੀ।\n\nਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਸੋਨੂੰ ਸੇਠੀ ਦੀ ਐਂਬੂਲੈਂਸ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਦੋਵਾਂ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਡੇਰਾਬੱਸੀ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਗਿਆ। ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਅਨੁਸਾਰ, ਮੌਕੇ ਤੋਂ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਟੀਕੇ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਸਮੱਗਰੀ ਅਤੇ ਨਸ਼ੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਵੀ ਮਿਲੀਆਂ ਹਨ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਬਰਾਮਦ ਸਮੱਗਰੀ ਦੀ ਅਧਿਕਾਰਤ ਪੁਸ਼ਟੀ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਸਬੰਧੀ ਵੇਰਵੇ ਅਜੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣੇ ਬਾਕੀ ਹਨ।\n\nਇਹ ਘਟਨਾ ਉਸ ਸਮੇਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ, ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ‘ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ’ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਲਗਾਤਾਰ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਬਲਟਾਣਾ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ੱਕੀ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਅਤੇ ਟਿਕਾਣਿਆਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਪਰ ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦਾ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬੇਸੁੱਧ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲਣਾ ਇਹ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਲਈ ਪੁਲਿਸ ਕਾਰਵਾਈ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਨਿਗਰਾਨੀ ਅਤੇ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਆਦੀ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮੁੜ ਵਸੇਬੇ ਵੱਲ ਕਿੰਨਾ ਧਿਆਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।\n\nਦੂਜੇ ਪਾਸੇ, ਮਾਨਸਾ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਆਵਾਜ਼ ਉਠਾਉਣ ਵਾਲੇ ਐਂਟੀ-ਡਰੱਗ ਕਾਰਕੁਨ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਦੇ ਗੋਲੀ ਮਾਰ ਕੇ ਕੀਤੇ ਗਏ ਕਤਲ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਵੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਚਰਚਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਸ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਅਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਵਿਰੁੱਧ ਕਾਰਵਾਈ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਚਿੰਤਾ ਹੋਰ ਵਧ ਗਈ ਹੈ।\n\nਹੁਣ ਜ਼ੀਰਕਪੁਰ ਵਿੱਚ ਵੀ ਸਥਾਨਕ ਲੋਕ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਆਵਾਜ਼ ਉਠਾਉਣ ਲੱਗੇ ਹਨ। ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਹੈ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਸਿਰਫ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਉਣ ਤੱਕ ਹੀ ਸੀਮਤ ਨਾ ਰਹੇ, ਸਗੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ, ਸ਼ੱਕੀ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ’ਤੇ ਨਿਗਰਾਨੀ ਅਤੇ ਲੋੜਵੰਦ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਡਾਕਟਰੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦਿਵਾਉਣ ਲਈ ਵੀ ਠੋਸ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ।\n\nਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਸਵਾਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਜਦੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਲਗਾਤਾਰ ਮੁਹਿੰਮਾਂ ਚਲਾਈਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ, ਤਾਂ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਸੜਕਾਂ ’ਤੇ ਨਸ਼ੇ ਕਾਰਨ ਬੇਸੁੱਧ ਪਏ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਆਖ਼ਰ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਕਿਸ ਦੀ ਹੈ? ਕੀ ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਇਸ ਸਮੱਸਿਆ ਦੇ ਸਥਾਈ ਹੱਲ ਲਈ ਕਦਮ ਚੁੱਕਣਗੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਅਜਿਹੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਦੀਆਂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ?\n\nਸਮਾਜਸੇਵੀ ਸੰਸਥਾ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਕੜੇ ਕਦਮ ਚੁੱਕਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ।
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अकोला में उबाठा-भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष फिर गरम, कराले ने मसने पर गंभीर आरोप

Akola, Maharashtra:अकोल्यात उबाठा आणि भाजपमधील राजकीय संघर्ष पुन्हा एकदा समोर आला आहे. उबाठाचे शहराध्यक्ष राहुल कराळे यांनी भाजपचे महानगराध्यक्ष तथा नगरसेवक जयंता मसने यांच्यावर गंभीर आरोप केले आहेत. रात्री घरी जात असताना काही युवकांनी आपल्याला अडवून शिवीगाळ केली आणि जीवे मारण्याची धमकी दिली, असा आरोप कराळे यांनी केला आहे. याप्रकरणी त्यांनी सिव्हिल लाईन पोलीस ठाण्यात तक्रार दाखल केली आहे. या चारही आरोपींना जयंना मसने यांचे पाठबळ असल्याचा आरोपही कराळे यांनी केला आहे. यापूर्वीही आपल्यावर जीवघेणा हल्ला झाल्याचा दावा करत, आपल्या जीवाचे काही बरेवाईट झाल्यास जयंता मसनेसह अन्य तिघे जबाबदार असतील, असं कराळे यांनी म्हटलं आहे. राहुल कराळे, शहराध्यक्ष, उबाठा दरम्यान, राहुल कराळे यांनी केलेले आरोप भाजपचे महानगराध्यक्ष जयंता मसने यांनी फेटाळून लावले आहेत.राहुल कराळे हे बळजबरीने घरे आणि प्लॉट रिकामे करण्याचे काम करत असल्याचा प्रत्यारोप मसने यांनी केला आहे. तसेच, कराळे यांना कोणत्याही प्रकारच्या पोलीस संरक्षणाची आवश्यकता नसताना केवळ प्रसिद्धीसाठी ते पोलीस संरक्षणाचा वापर करत असल्याचा आरोपही त्यांनी केला आहे. कराळे यांनी केलेले आरोप खोटे असून, त्यांच्याविरोधात कायदेशीर कारवाई करणार असल्याचं जयंता मसने यांनी स्पष्ट केलं आहे. त्यामुळे अकोल्यातील या प्रकरणावरून उबाठा आणि भाजपमधील राजकीय वाद आणखी चिघळण्याची शक्यता आहे. जयंता मसने, महानगराध्यक्ष, भाजप एकीकडे राहुल कराळे यांनी जीवे मारण्याची धमकी मिळाल्याचा आरोप करत पोलीस ठाण्यात धाव घेतली आहे, तर दुसरीकडे जयंता मसने यांनी हे आरोप फेटाळून लावत कायदेशीर कारवाईचा इशारा दिला आहे. त्यामुळे अकोल्यात उबाठा आणि भाजपमधील आरोप-प्रत्यारोपांना सुरुवात झाली आहे. आता या प्रकरणात पोलीस तपासातून काय समोर येतं, याकडे सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.
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मोबाइल में ऑटोमैटिक डाउनलोड से 57 हजार की ठगी; शिक्षक के खाते खाली

Ranchi, Jharkhand:साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए अब मोबाइल को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला एक ट्यूशन शिक्षक से जुड़ा है, जिनके बैंक खाते से 57 हजार रुपये की निकासी या खर्च होने का मैसेज आया। शिक्षक के अनुसार, उनके मोबाइल में अचानक अपने आप डाउनलोड होने लगा। करीब 45 मिनट तक डाउनलोड की प्रक्रिया चलती रही। इस दौरान मोबाइल का कोई भी बटन काम नहीं कर रहा था। डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पास खाते से 57 हजार रुपये खर्च होने का मैसेज आया। इसके बाद शिक्षक ने तत्काल थाने को सूचना दी और साइबर पुलिस को भी लिखित आवेदन सौंपा। वहीं, संबंधित थाना पुलिस ने बताया कि ऑटोमेटिक डाउनलोड के जरिए इस तरह की ठगी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों के बैंक खाते खाली किए जाने की शिकायत मिली है। फिलहाल पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मोबाइल में डाउनलोड किस तरह हुआ और खाते से पैसे कैसे निकाले गए। मोबाइल में अनजान फाइल या ऐप अपने आप डाउनलोड होने लगे, तो सतर्क हो जाएं। किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल को न खोलें और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत बैंक और साइबर पुलिस को सूचना दें।
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बनासकांठा में बाइक-कार दुर्घटना: दो मौत, एक घायल

Palanpur, Gujarat: બનાસકાંઠા ... ઓગડના તેરવાડા રોડ ઉપર બાઇક અને ગાડી વચ્ચે સર્જાયો ગમખ્વાર અકસ્માત... અકસ્માતમાં બે લોકોના ઘટના સ્થળે નિપજ્યા मौत તો એક ব্যক্তি ગંભીર રીતે ઇજાગ્રસ્ત નશતપુરાના પાટિયા પાસે બાઇક અને ગાડી વચ્ચે અકસ્માત સર્જાતા બાઇક સવાર અને ગાડી ચાલકનું નીપજ્યું મોત બાઈક ઉપર સવારા 22 વર્ષીય ચંદ્રિકાબેન રઘુજી ઠાકોરનું નીપજ્યું મોત ગાડી ચાલક 35 વર્ષીય દિલીપભાઈ પોપટજી સંબોસાનાનું નીપજ્યું મોત બાઈક ચાલક જયદીપભાઈ ધીરાજી ઠાકોરને ગંભીર ઇજાઓ થતા સારવાર અર્થે ધારપુર મેડિકલ કોલેજ ખાતે ખસેડાયો અકસમાતને લઈને થરા પોલીસેઆર વધુ તપાસ હાથ ધરી
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बेगूसराय में दुर्गा पूजा के लिए सुरक्षा मजबूत, फ्लैग मार्च से शांति का संदेश

Begusarai, Bihar:बेगूसराय में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। फ्लैग मार्च के जरिए लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया, वहीं हुड़दंग करने वालों और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश भी दिया गया। आपको बताते चले कि दरअसल, बेगूसराय में दुर्गा पूजा के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर के विभिन्न पूजा पंडालों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसी क्रम में शनिवार को ट्रैफिक चौक से फ्लैग मार्च की शुरुआत हुई, जो कचहरी चौक, पावर हाउस चौक होते हुए सिंघौल की ओर निकाला गया। फ्लैग मार्च में सदर एसडीओ अश्विनी कुमार, सदर डीएसपी, नगर थाना अध्यक्ष, लोहियानगर थाना अध्यक्ष, सिंघौल थाना अध्यक्ष, रतनपुर थाना अध्यक्ष समेत दर्जनों पुलिसकर्मी शामिल हुए।फ्लैग मार्च के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि दुर्गा पूजा के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती के साथ मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।वहीं, सदर एसडीओ अश्विनी कुमार ने लोगों से दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहेगा और हुड़दंगियों के साथ-साथ असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके साथ ही पूजा समितियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की जरूरत है。
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शामली कोर्ट में अंकित बालियान हत्याकांड: दीपक बॉक्सर-योगेश टुंडा की पेशी

Shamli, Uttar Pradesh:शामली में हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान हत्याकांड के आरोपियों की कोर्ट में पेशी कैरोना कोर्ट में दीपक बॉक्सर और योगेश टुंडा को कैराना कोर्ट में पेश किया गया। दोनों आरोपियों को दिल्ली की तिहाड़ जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शामली लाया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के तहत धारा 120बी में कार्रवाई करते हुए कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की है। पुलिस अब उनके से पूछताछ कर हत्याकांड की साजिश और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाना चाहती है。 दरअसल, 26 अगस्त को शामली में अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में कई स्तरों पर कार्रवाई की। दीपक बॉक्सर और योगेश टुंडा को कथित साजिशकर्ता के तौर पर नामजद किया गया है। इन्हें तिहाड़ जेल से लाया गया, जहां शामली पुलिस ने उनकी कस्टडी रिमांड हासिल करने के लिए अर्जी दाखिल की। इनका नाम दिल्ली के चर्चित टिल्लू ताजपुरिया हत्याकांड में भी सामने आ चुका है। इसी मामले में दोनों आरोपी तिहाड़ जेल में बंद हैं। अब अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका की जांच जारी है। पुलिस रिमांड मिलने पर दोनों से कथित साजिश, वारदात में उनकी भूमिका और अन्य संभावित संपर्कों के बारे में पूछताछ की जा सकती है। अदालत के रिमांड के फैसले के बाद आगे की जांच में अनेक खुलासे होने की संभावना है।
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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट ने तीन महीने में कराने की सख्त मांग

Basti, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ऐसे में सबसे बड़ा سؤال है कि क्या प्रदेश में तय समय सीमा के भीतर पंचायत चुनाव संपन्न हो पाएंगे? या फिर पिछड़ा वर्ग की गणना और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था ही जारी रहेगी? इसी सवाल का जवाब जानने के लिए जी मीडिया की टीम पहुंची गांव की चौपाल पर, जहां ग्रामीणों की राय बंटी हुई नजर आई। गांव की सरकार, गांव के विकास और गांव के अधिकारों से जुड़ा पंचायत चुनाव अब चर्चा के केंद्र में है। हाईकोर्ट के रुख के बाद चुनाव को लेकर उम्मीदें भी बढ़ी हैं और सवाल भी खड़े हो रहे हैं। ग्राउंड पर ग्रामीणों से बातचीत की तो किसी ने समय से चुनाव कराने की वकालत की, तो किसी ने पिछड़ा वर्ग की गणना पूरी होने के बाद ही चुनाव कराने को जरूरी बताया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जल्दबाजी में चुनाव कराने के बजाय पिछड़ा वर्ग की गणना और आरक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी होनी चाहिए, ताकि सभी वर्गों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित प्रतिनिधित्व और चुनाव लड़ने का समान अवसर मिल सके। वहीं, कुछ ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत चुनाव अब और टलना नहीं चाहिए। गांवों में निर्वाचित प्रधानों की जगह प्रशासकों के जरिए चल रही व्यवस्था के बजाय जनता को अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार जल्द मिलना चाहिए। फिलहाल, ग्रामीणों की राय ने सरकार के सामने दो बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। एक तरफ हाईकोर्ट की समय सीमा, तो दूसरी तरफ पिछड़ा वर्ग की गणना, आरक्षण और निष्पक्ष चुनाव की तैयारी। अब देखते होंगे कि सरकार तय समय में चुनाव कराकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है या तैयारियों के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ती है क्योंकि पंचायत चुनाव सिर्फ तारीखों का सवाल नहीं, बल्कि गांव की सरकार चुनने और हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व देने का सवाल है।
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बस्ती के पांच दोस्तों की UP पुलिस कांस्टेबल बनने की प्रेरक कहानी

Basti, Uttar Pradesh:लोकेशन, बस्ती कहते हैं कि अगर दोस्ती सच्ची हो, इरादे मजबूत हों और मंजिल पाने का जुनून हो, तो मुश्किल से मुश्किल रास्ते भी आसान हो जाते हैं। बस्ती के पांच दोस्तों ने इस कहावत को हकीकत में बदलकर दिखा दिया है। कभी साथ बैठकर पढ़ाई करने वाले, एक-दूसरे की मुश्किलों में हौसला बढ़ाने वाले और सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को सींचने वाले इन पांच दोस्तों ने अब उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल बनकर अपनी कामयाबी की नई इबारत लिख दी है। कोई स्कूल में पढ़ाकर अपना खर्च निकालता था, तो कोई बच्चों को कोचिंग पढ़ाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। लेकिन इन पांचों का सपना एक था और मंजिल भी एक। आज नांदेकुआं गांव में इनकी सफलता का जश्न है और परिवारों की आंखों में खुशी के आंसू हैं। इन पांच दोस्तों की कहानी सिर्फ नौकरी पाने की नहीं, बल्कि दोस्ती, संघर्ष और मेहनत से सपनों को हकीकत में बदलने की प्रेरणादायक मिसाल है। बस्ती जिले के दुबौलिया ब्लॉक अंतर्गत नांदेकुआं गांव में इन दिनों खुशी का माहौल है। गांव के पांच बचपन के दोस्तों का उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ है। एक ही गांव के पांच युवाओं की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवारों का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे गांव को जश्न मनाने का मौका दे दिया है।पुलिस में चयनित होने वाले युवकों में अंकुश सत्याम दुबे, आदर्श द्विवेदी, दीपक दुबे, आदित्यनाथ दुबे और रोहित प्रजापति शामिल हैं। पांचों दोस्तों ने अलग-अलग विद्यालयों से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की, लेकिन इसके बाद उनके सामने लक्ष्य एक था—सरकारी नौकरी हासिल कर अपने परिवार का सहारा बनना। इन पांच दोस्तों की सफलता के पीछे संघर्ष की अलग-अलग कहानियां हैं। अंकुश सत्याम दुबे गांव के पास एक निजी विद्यालय में शिक्षक के रूप में काम करते थे। दिन में बच्चों को पढ़ाकर मिलने वाले वेतन से वह अपना खर्च चलाते और उसी कमाई से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने सपने को कभी पीछे नहीं छूटने दिया। वहीं, आदर्श द्विवेदी घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए शाम के समय बच्चों को कोचिंग पढ़ाते थे। सीमित संसाधन और चुनौतियां उनके सामने थीं, लेकिन हौसला कमजोर नहीं पड़ा। मेहनत जारी रही और आखिरकार सफलता ने उनके कदम चूम लिए। इस कहानी की सबसे खास बात इन पांचों दोस्तों का आपसी साथ है। रोहित प्रजापति के मुताबिक, सभी दोस्त शाम को एक साथ बैठकर पढ़ाई करते थे। एक-दूसरे के सवाल हल करते, तैयारी में मदद करते और जब कभी हौसला कमजोर पड़ता, तो दोस्त ही ताकत बनकर खड़े हो जाते थे।इनकी दोस्ती सिर्फ साथ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक-दूसरे के सपनों को पूरा करने का जरिया बन गई। किसी एक की परेशानी बाकी दोस्तों की परेशानी थी और किसी एक की सफलता सभी की खुशी। इसी आपसी सहयोग, अनुशासन और लगातार मेहनत ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। इन युवाओं की कामयाबी का सफर यहीं तक सीमित नहीं है। जानकारी के मुताबिक, आदित्यनाथ दुबे का चयन पहले एसएससी जीडी में भी हो चुका है, जबकि कुछ अन्य दोस्तों को दिल्ली पुलिस में चयन का अवसर मिल चुका है। यह दिखाता है कि इन युवाओं ने सरकारी नौकरी की तैयारी को गंभीरता से लिया और लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश की।आज जब पांचों दोस्तों का उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर चयन हुआ है, तो उनके परिवारों की वर्षों की उम्मीदें पूरी होती दिखाई दे रही हैं। गांव में बधाइयों का सिलसिला जारी है और हर कोई इन युवाओं की मेहनत की चर्चा कर रहा है।
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