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Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow27 Nov 2024, 04:09 pm
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दतिया के चुनकर फाटक के मकान से श्याम बाबू पाठक की संगीत विरासत आज भी गूंजती है

Datia, Madhya Pradesh:दतिया के चुनकर फाटक में आज भी मौजूद है संगीतकार श्याम बाबू पाठक की यादें, कृष्ण जन्माष्टमी पर फिर गूंजा उनका अमर गीत 1940-50 के दशक में हिंदी फिल्मों को संगीत देने वाले दतिया के श्याम बाबू पाठक ने ‘जन्माष्टमी’ समेत कई फिल्मों में दिया था संगीत दतिया। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जब देशभर में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में गीत-संगीत गूंज रहा है, वहीं दतिया के चुनकर फाटक स्थित एक पुराना मकान शहर की उस संगीत विरासत की याद दिलाता है, जिसका नाम हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर के चर्चित संगीतकारों में लिया जाता है। यह मकान संगीतकार एवं गायक श्याम बाबू पाठक का बताया जाता है। 1940 और 1950 के दशक में हिंदी फिल्मों में संगीत देने वाले श्याम बाबू पाठक ने कई फिल्मों के गीतों को अपनी धुनों से सजाया था। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार श्याम बाबू पाठक का जन्म वर्ष 1908 में हुआ था और उनका निधन 23 नवंबर 1980 को मुंबई में हुआ। दतिया से मुंबई तक का उनका संगीत का सफर उस दौर की कहानी है, जब हिंदी सिनेमा अपने शुरुआती दौर में था और फिल्मों में संगीत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही थी。 चुनकर फाटक का मकान बना था संगीत साधना का केंद्र दतिया के चुनकर फाटक में स्थित श्याम बाबू पाठक के पुराने मकान से उनकी संगीत साधना की यादें जुड़ी हुई हैं। बताया जाता है कि वे यहां संगीत का अभ्यास किया करते थे। उस समय दतिया के पुराने संगीतकार भी उनका सम्मान करते थे。 श्याम बाबू पाठक केवल संगीतकार ही नहीं बल्कि गायक भी थे। उन्होंने फिल्मों में संगीत देने के साथ अपनी आवाज में भी गीत रिकॉर्ड किए। उनके संगीत से जुड़ी फिल्मों में शमशेरबाज, घर संसार, लाजवंती, डबल फेस, नमक, ब्लैक मार्केट, किस्मतवाली, तकदीरवाले, इम्तिहान, जीत, रेत महल, अच्छा जी, जन्माष्टमी, प्रीत का गीत, हमारी दुनिया, सपना और वनराज जैसी फिल्में शामिल हैं। बाद के दौर में बॉम्बे सेंट्रल और महबूबा जैसी फिल्मों से भी उनका नाम जुड़ता है。 हालांकि उपलब्ध फिल्म-संगीत स्रोतों में उनकी फिल्मोग्राफ़ी को लेकर कुछ अंतर दिखाई देते हैं, इसलिए उनके पूरे फिल्मी सफर का अंतिम निर्धारण आधिकारिक फिल्म रिकॉर्ड से करना अधिक उचित होगा。 ‘जन्माष्टमी’ और कृष्ण भक्ति से जुड़ी यादगार धुन श्याम बाबू पाठक के संगीत सफर में फिल्म ‘जन्माष्टमी’ (1950) विशेष महत्व रखती है। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस फिल्म का जिक्र इसलिए भी खास हो जाता है, क्योंकि फिल्म के गीत-संगीत से श्याम बाबू पाठक का नाम जुड़ा हुआ है। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार फिल्म का गीत ‘मोहन हमारे मधुबन में तुम आया न करो, जादू भरी यह बांसुरी बजाया न करो’ उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ था। बताया जाता है कि कृष्ण जन्माष्टमी और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े आयोजनों में यह गीत प्रमुखता से बजाया जाता था। फिल्म जन्माष्टमी में गीता दत्त के अभिनय का भी उल्लेख मिलता है। उस समय फिल्में श्वेत-श्याम हुआ करती थीं, लेकिन गीत और संगीत के माध्यम से उनका प्रभाव दर्शकों तक गहराई से पहुंचता था。 ‘जीत’ का गीत भी रहा चर्चित श्याम बाबू पाठक के संगीत सफर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव फिल्म ‘जीत’ (1949) रही। इस फिल्म में उनके संगीत और गायन से जुड़ा गीत ‘काम करो भाई काम करो, तुम जग में अपना नाम करो’ सुरैया के साथ रिकॉर्ड हुआ था। उपलब्ध संगीत-स्रोतों में यह गीत श्याम बाबू पाठक के चर्चित गीतों में दर्ज है। फिल्म जीत के संगीत से अनिल बिस्वास का नाम भी जुड़ा हुआ है। इस तरह श्याम बाबू पाठक ने उस दौर के प्रमुख संगीतकारों के साथ भी काम किया। इंदिवर और हरिकृष्ण प्रेमी जैसे रचनाकारों की रचनाओं को दी धुन श्याम बाबू पाठक ने अपने संगीत सफर में उस दौर के गीतकारों और कवियों की रचानाओं को भी संगीतबद्ध किया। उनके साथ इंदिवर और हरिकृष्ण प्रेमी जैसे रचनाकारों के नाम जुड़े मिलते हैं। उनकी संगीत शैली उस दौर के फिल्म संगीत की उस परंपरा का हिस्सा थी, जिसमें शास्त्रीय संगीत, लोकधुन और भक्ति संगीत की छाप दिखाई देती थी। दो बेटियां थीं, छोटी बेटी बनीं फिल्म अभिनेत्री श्याम बाबू पाठक के परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार उनकी दो बेटियां थीं। बड़ी बेटी का नाम मनोरमा पाठक और छोटी बेटी का नाम मधु पाठक था। मधु पाठक ने फिल्म अभिनेत्री के रूप में भी काम किया, लेकिन कम उम्र में ही उनका अचानक निधन हो गया। बड़ी बेटी मनोरमा पाठक वर्तमान में मुंबई में रहती हैं। इस परिवार की कहानी दतिया से मुंबई तक पहुंची उस पीढ़ी की याद दिलाती है, जिसने हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर में अपनी प्रतिभा के जरिए पहचान बनाई। महेश मिश्रा से थी गहरी मित्रता श्याम बाबू पाठक के दतिया से जुड़े संबंधों में संगीतकार स्वर्गीय महेश मिश्रा की मित्रता भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। महेश मिश्रा के पुत्र विनोद मिश्रा, जो संगीतकार और संगीत इतिहास के जानकार हैं, ने श्याम बाबू पाठक के पुराने मकान और उनके परिवार से जुड़ी कई जानकारियां साझा की हैं。 बाइट — श्री विनोद कुमार मिश्रा, संगीतकार एवं संगीत इतिहासविद् विनोद मिश्रा के अनुसार श्याम बाबू पाठक दतिया की संगीत परंपरा से जुड़े महत्वपूर्ण नाम थे और चुनकर फाटक स्थित उनका पुराना मकान आज भी उनके संगीत सफर की स्मृतियों को अपने भीतर समेटे हुए है。 दतिया की संगीत विरासत का अनमोल अध्याय आज हिंदी सिनेमा के संगीत की चर्चा होते ही बड़े और लोकप्रिय संगीतकारों के नाम सामने आते हैं, लेकिन सिनेमा के शुरुआती दौर में ऐसे अनेक संगीतकार रहे जिन्होंने फिल्मों को अपनी धुनें दीं और धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों में कहीं पीछे छूट गए। श्याम बाबू पाठक भी उन्हीं नामों में से एक हैं。 दतिया के लिए यह गौरव की बात है कि हिंदी फिल्म संगीत के उस शुरुआती दौर से जुड़ा एक नाम इसी शहर की गलियों और एक पुराने मकान से जुड़ा हुआ है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन जब श्रीकृष्ण की बांसुरी और भक्ति गीतों की धुन सुनाई देती है, तब श्याम बाबू पाठक की संगीत साधना और फिल्म जन्माष्टमी से जुड़ा उनका योगदान दतिया की सांस्कृतिक विरासत को एक अलग पहचान देता है。 आज जरूरत इस बात की है कि चुनकर फाटक स्थित इस ऐतिहासिक मकान और श्याम बाबू पाठक से जुड़ी स्मृतियों को संरक्षित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां दतिया के इस भूले-बिसरे संगीतकार की कहानी को जान सकें। बाइट- विनोद कुमार मिश्रा संगीतकार
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96 वर्षीय धरतीपकड़ नागरमल बाजोरिया का निधन; चुनावी इतिहास का एक अध्याय समाप्त

Naya Chak, Bihar:भागलपुर के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और देशभर में धर्तीपकड़ के नाम से मशहूर नागरमल बाजोरिया का 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार को पटना में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही भारतीय चुनावी इतिहास का एक ऐसा अनोखा अध्याय समाप्त हो गया, जिसने हार को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।नागरमल बाजोरिया का नाम चुनावी राजनीति में एक अलग पहचान रखता था। पंचायत से लेकर देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति तक, उन्होंने 280 से अधिक बार चुनावी मैदान में उतरकर अपनी दावेदारी पेश की। बताया जाता है कि उन्होंने करीब 252 बार चुनाव के लिए नामांकन किया और हर बार हार का सामना करना पड़ा, लेकिन किसी भी हार ने उनके हौसले को कम नहीं किया। ‘धरतीपकड़’ ने देश के कई बड़े नेताओं के खिलाफ भी चुनाव लड़ा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खिलाफ अमेठा से चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी। वर्ष 2012 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी पेश की थी। उनकी पहचान सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं थी। भागलपुर में जब पेयजल संकट गहराया था, तब उन्होंने अपने निजी खर्च से कई सार्वजनिक स्थानों पर चापाकल लगवाए थे। जमीन से पानी निकालने और आम लोगों की मदद करने की इस पहल के कारण शहरवासियों ने उन्हें प्यार से ‘धरतीपकड़’ कहना शुरू किया। धीरे-धीरे यही नाम उनकी स्थायी पहचान बन गया और देशभर में लोग उन्हें इसी नाम से जानने लगे। नागरमल बाजोरिया की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि चुनाव में लगातार हार मिलने के बावजूद उन्होंने कभी चुनावी मैदान से दूरी नहीं बनाई। जमानत जब्त होने के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। उनके लिए चुनाव लड़ना सिर्फ जीत-हार का मामला नहीं था, बल्कि अपनी बात और समाज की समस्याओं को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम भी था। नागरमल बाजोरिया का पार्थिव शरीर गुरुवार रात भागलपुर स्थित उनके पैतृक आवास एमपी त्रिवेदी निवास लाया जाएगा। शुक्रवार सुबह आठ बजे भागलपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अपने पीछे वे चार पुत्र, एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। 280 से अधिक चुनाव लड़ने वाले ‘धरतीपकड़’ भले ही कभी कोई चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन उनकी पहचान कभी हार न मानने वाले इंसान की रही। जीवनभर चुनावी मैदान में डटे रहने वाले नागरमल बाजोरिया के कदम आखिरकार 96 वर्ष की उम्र में थम गए।
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अस्मिता डे ने ग्लासगो जूडो में इतिहास रचा, पुलिस में डीएसपी बनने की राह

Noida, Uttar Pradesh:ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए महिला वर्ग जूडो में पहली बार गोल्ड मेडल जीतने वाली अस्मिता डे ने जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत की। यूपी पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी बहुत मदद की है मुझे अपनी ट्रेनिंग के लिए बहुत सारे पैसे और इक्विपमेंट्स की जरूरत थी जो मैंने यूपी पुलिस की नौकरी करके जो सैलरी पाई उससे पूरा किया सीएम योगी आदित्यनाथ का भी धन्यवाद देना चाहती हूं जिनकी योजना के चलते अब मैं यूपी पुलिस में डीएसपी बनने जा रही हूं सिपाही से पुलिस में शुरुआत की थी फिर सब इंस्पेक्टर बनी और अब डीएसपी बनूंगी। हाल ही में मेरे पिताजी का देहांत हो गया उन्होंने मेरा बहुत सपोर्ट किया था वह चाहते थे मैं एक दिन देश के लिए मेडल जीतू मेडल मिलते ही मैं भावुक हो गई और इसको अपने पिताजी को डेडिकेट करना चाहती हूं। अभी तो यह शुरुआत है आने वाले टूर्नामेंट में भारत के लिए जूडो में और भी ज्यादा मेडल लाने की तैयारी है। हमारे पास टैलेंट की कमी नहीं है अच्छी ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से भारत ओलंपिक में भी मेडल ला सकता है। टीटी - अस्मिता डे आज लखनऊ में जूडो एसोसिएशन की तरफ से अस्मिता डे को सम्मानित किया गया जिसमें मौजूद सीएम योगी के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि सरकार की योजना के तहत खिलाड़ियों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है और अब अस्मिता डे को डीएसपी का लेटर भी जल्द जारी होने जा रहा है। प्रदेश के तमाम जिलों में नए स्टेडियम बनाने की योजना भी तैयार है बनारस के क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन भी जल्द होने जा रहा है। बाइट - अवनीश अवस्थी।
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ISKCON चांदनी चौक में जन्माष्टमी उत्सव की खास व्यवस्था, श्रद्धालु दर्शन को उमड़े

New Delhi, Delhi:भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है को चांदनी चौक स्थित इस्कॉन मंदिर में भी भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है बारिश के बावजूद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री कृष्णा के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं और आनंद ले रहे हैं जैसा-जैसे भगवान श्री कृष्ण का जन्म का समय अर्थात प्रकट उत्सव का समय नजदीक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जाएगी श्रद्धालु भक्तजन आनंद उठा रहे हैं वहीं मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है मंदिर प्रशासन की तरफ से महा आरती का भी आयोजन किया जाएगा साथ ही जब भगवान श्री कृष्ण का प्रकट उत्सव होगा तब बाकायदा उनके लिए केक भी काटा जाएगा और यह केक पूर्णतया मंदिर में ही बनाया गया है
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जन्माष्टमी पर कुरुक्षेत्र के मंदिरों में भव्य सजावट, भक्तों की उमड़ती भीड़

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र :- देशभर के मंदिरों में आज जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है, ऐसे में जन्माष्टमी के पर्व पर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के मंदिरों को भी खूब सजाया गया है। मंदिरों में दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालु नन्हें कान्हा को झूले झुला रहे है, वहीं कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक बिरला मंदिर में भी भक्तों का ताँता लगा हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाने वाल जन्माष्टमी का पर्व इस बार बेहद ही खास तरीके से मनाया जा रहा है, इसके लिए मंदिर को खूब सजाया गया है। यह त्यौहार भाद्रपद माह के दिन मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। इसी मान्यता के चलते हर साल जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि करीब पांच हजार वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में जन्म लेकर अधर्म के अंत और धर्म की स्थापना का संदेश दिया था।
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बरगी बांध के 13 गेट खुलने से नर्मदा नदी भारी जलस्तर, बरमान घाट जलमग्न

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच नर्मदा नदी रौद्र रूप दिखा रही है। जबलपुर के बरगी बांध के 21 में से 13 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। ​पानी छोड़े जाने के बाद नरसिंहपुर जिले के प्रसिद्ध बरमान घाट पर मां नर्मदा का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। सभी प्रमुख घाट जलमग्न हो चुके हैं। प्रशासन ने नरसिंहपुर सहित सभी तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों से घाटों और नदी किनारे न जाने तथा पूरी सावधानी बरतने की सख्त अपील की गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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रायगढ़ में अवैध खैर-तेंदू लकड़ी गिरोह का खुलासा, तीन गिरफ्तारी

Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ पुलिस और वन विभाग ने जिले में खैर एवं तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, जबकि वाहन मालिक भरत कुमार मेश्राम फरार बताया जा रहा है। जांच के अनुसार यह नेटवर्क रायगढ़ के धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन क्षेत्रों में ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर खैर और तेंदू के पेड़ों की कटाई करवाता था। इसके बाद लकड़ियों को जूटमिल थाना क्षेत्र के गढ़उमरिया स्थित गोदाम में लाकर जमा किया जाता था। यहां से लकड़ियों के छिलाई व अन्य प्रक्रिया के बाद उन्हें वाहनों के जरिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भेजे जाने का आरोप है। मामला मई 2025 में शुरू हुआ था। वन विभाग को सूचना मिली थी कि गढ़उमरिया स्थित गोदाम में अवैध रूप से खैर और तेंदू की लकड़ियां जमा की जा रही हैं। 5 मई 2025 को वन विभाग की टीम ने गोदाम में छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान ट्रक CG-15-DV-7577 में लदे तेंदू प्रजाति के 42 लट्ठे, लगभग 1.731 घन मीटर लकड़ी मिली। इसके अलावा गोदाम से तेंदू व खैर प्रजाति के 146 लट्ठे, लगभग 6.741 घन मीटर, 9 चट्टा जलाऊ लकड़ी, एक कटर मशीन, वजन मशीन, दो कुल्हाड़ी और एक हथौड़ा बरामद हुआ। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा लकड़ियों के परिवहन से संबंधित ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) भी प्रस्तुत किया गया था, पर हस्ताक्षर नहीं पाए जाने से दस्तावेज फर्जी होने की आशंका सामने आई। वन विभाग की जांच के बाद 2 सितंबर 2026 को जूटमिल थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 490/2026 दर्ज कर वन अधिनियम के तहत मामला कायम किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच में पुलिस ने आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की और पाया गया कि रोहित मित्तल ने गोदाम किराए पर लेकर अवैध लकड़ियों का कारोबार संचालित किया, जबकि मनीष अग्रवाल के साथ मिलकर लकड़ियों की प्रोसेसिंग और आगे बिक्री की जाती थी। पुलिस के मुताबिक ट्रांसपोर्टर सलाउद्दीन खान और भरत कुमार मेश्राम के माध्यम से लकड़ियों को दूसरे राज्यों तक भेजा जाता था। पुलिस ने छापेमारी कर रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को हिरासत में लिया। पूछताछ और विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। वहीं भरत कुमार मेश्राम की तलाश जारी है। पुलिस व वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से सामने आए इस मामले में अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों की सप्लाई किन-किन राज्यों और किन लोगों तक की जाती थी।
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नालंदा के मानपुर में चोरी: घर में सो रहे परिवार पर स्प्रे कर छह लाख रुपये चुराए चोर

Pariaunna, Bihar:नालंदा के मानपुर थाना क्षेत्र के गोंगडीपर गांव में अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाकर करीब 6 लाख रुपये की संपत्ति चोरी कर ली। चोरों ने बक्से और पेटियों के ताले तोड़कर 98 हजार रुपये नकद, जेवरात, स्मार्टफोन समेत अन्य सामान पर Hand साफ कर दिया। घटना के वक्त परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। इसी दौरान चोरों ने स्प्रे करके सबको बेहोश कर दिया। परिजनों का आरोप है कि सूचना के बावजूद पुलिस करीब 36 घंटे बाद गांव पहुंची। वहीं, एक दिन पहले सिंगथु गांव में भी चोरी की घटना हुई थी। सकरी नदी का जलस्तर बढ़ने से मुख्यालय का संपर्क प्रभावित है, जिसका फायदा चोर उठा रहे हैं। क्योंकि सकरी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया जिससे सकरी नदी पर बना पुल जर्जर होने के कारण बंद है। जिससे कई गांव का संपर्क टूट गया है और पुलिस को इलाके में गश्त करने में परेशानी हो रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है。
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त्योहारी मौसम में शांति बनाये रखने के लिए खैरागढ़ पुलिस की कड़ी रणनीति

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ जिले में आगामी त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। खैरागढ़ पुलिस ने आदतन अपराधियों, गुंडा और निगराणी बदमाशों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाते हुए उन्हें थाने बुलाकर सख्त समझाईश दी है। पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि त्योहार के दौरान विवाद, मारपीट, उपद्रव या किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में विशेष निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। संवेदनशील इलाकों, बाजारों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक आयोजन स्थलों पर पुलिस पेट्रोलिंग भी बढ़ाई गई है। थाने पहुंचे बदमाशों को कानून का पालन करने और पुरानी आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत दी गई। पुलिस ने चेतावनी दी है कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई होगी। पुलिस ने आम लोगों से भी शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
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सीकर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी; निकाय चुनाव की तैयारी पर चर्चा

Sikar, Rajasthan:सीकर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व निकाय चुनावों में प्रदेश प्रभारी हरीश द्विवेदी आए सीकर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व निकाय चुनाव में प्रदेश प्रभारी हरीश द्विवेदी सीकर आए। उन्होंने भाजपा कार्यालय में निकाय चुनावों को लेकर जिला कोर कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक ली。 बैठक में कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने निकाय चुनावों में जिल\u2019ी की चल रही तैयारियों के बारे में जानकारी दी। बैठक में निकाय चुनाव की चल रही तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति एवं चुनावी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा भी की गई। राष्ट्रीय महामंत्री व निकाय चुनाव के प्रदेश प्रभारी हरीश द्विवेदी ने कोर कमेटी के पदाधिकारियो से कहा कि निकाय चुनाव में जिले की परिषद व पालिकाओं में भाजपा बोर्ड बनाने के लिए सघन जनसंपर्क करते हुए जनता व कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद करें। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने जो योजनाएं आमजन को दी है उनको जनता के बीच रखते हुए प्रचार प्रसार में जुटे रहे。 बैठक में विजेन्द्र पूनिया, मिथिलेश गोतम, वासुदेव चावला, मंत्री झाबर सिंह खर्रा, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर, भाजपा जिलाध्यक्षमनोज बाटड, विधायक गोरधन वर्मा, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, पूर्व विधायक केडी बाबर, सहित काफी संख्या में भाजपाई मौजूद रहे
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खेजरोली नगरपालिका में नामांकन रद्द के बाद वार्ता से मामला शांत, धरना खत्म

Jaipur, Rajasthan:चौमूं -जयपुर खेजरोली नगर पालिका में एक नामांकन पत्र रद्द होंने का मामला मामले की संवेदनशीलता को देखकर कलक्टर सन्देश नायक ने तहसीलदार को भेजा मौका तहसीलदार डॉ विजयपाल विश्नोई ने की समझाइश प्रत्याशी और समर्थकों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता तहसीलदार की समझाइश के मामला हुआ शांत वार्ता में निकला सकारात्मक हल,6 घण्टे से चल रहा धरना हुआ खत्म पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई करने का दिया आश्वासन किसानों के धरने में भी तहसीलदार की कुशल कार्यशैली आई थी नजर एंकर-जयपुर जिले की खेजरोली नगर पालिका में निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद शुरू हुआ विवाद तहसीलदार की समझाइश के बाद शांत हो गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने तहसीलदार डॉ. विजयपाल विश्नोई को मौके पर भेजा। तहसीलदार ने धरने पर बैठे प्रत्याशी और उनके समर्थकों से वार्ता की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई और तहसीलदार ने पूरे मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। समझाइश और आश्वासन के बाद प्रत्याशी व समर्थक धरना समाप्त करने पर सहमत हो गए। करीब 6 घंटे से चल रहा धरना समाप्त होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। वहीं, किसानों के धरने के दौरान भी तहसीलदार डॉ. विजयपाल विश्नोई की कुशल कार्यशैली देखने को मिली थी। उनकी स्पष्टवादिता और मौके पर पहुंचकर संवाद के जरिए समाधान निकालने की कार्यशैली को स्थानीय लोग पसंद कर रहे हैं। बाइट विजयपाल विश्रोई,तहसीलदार
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किच्छा नदी का जलस्तर सामान्य,तहसीलदार भानू प्रताप ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा,

Pachdeora Deoria, Uttar Pradesh:बहेड़ी। पिछले दिनों लगातार बारिश के चलते किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ने से नारायन नगला समेत आसपास के गांवों में बाढ़ की आशंका को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई थी। हालांकि अब नदी का जलस्तर सामान्य स्थिति में पहुंच गया है और क्षेत्र में फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। स्थिति का जायजा लेने के लिए तहसीलदार भानू प्रताप ने नारायन नगला पहुंचकर स्वयं मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने किच्छा नदी के जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति को देखा तथा स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वर्तमान स्थिति सामान्य पाई गई। तहसीलदार ने संबंधित क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के कारण यदि नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ता है तो समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। प्रशासन की ओर से भी नदी के जलस्तर और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल किच्छा नदी का जलस्तर सामान्य होने से नारायन नगला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा टल गया है। प्रशासन की सक्रिय निगरानी के चलते ग्रामीणों में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।
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