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Pradeep Kumar PandeyPradeep Kumar PandeyFollow21 Nov 2024, 01:41 pm
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34 साल बाद फैसला: बुलंदशहर अदालत में अभियुक्त अधिवक्ताओं बाइज्जत बरी

Bulandshahr, Uttar Pradesh:वादी जज, कटघरे में वकील... 34 साल बाद फैसले से सिस्टम पर सवाल 34 साल चली कानूनी लड़ाई, एक आरोपी की मौत के बाद बाकी दो अधिवक्ता बाइज्जत बरी अभियोजन की नाकामी से 34 साल तक कागजों में भटकता रहा दोनों पक्षों का न्याय ​तारीख पर तारीख.. का जुमला तो न्याय व्यवस्था के संदर्भ में अक्सर सुनने को मिलता है, लेकिन बुलंदशहर की अदालत में एक ऐसा मामला सामने आया है जो पूरे सिस्टम की रफ्तार पर सवालिया निशान लगा रहा है। जिस मुकदमे में वादी खुद कानून के रखवाले एक न्यायिक मजिस्ट्रेट थे और कटघरे में कानून के पैरोकार अधिवक्ता खड़े थे, उसका अंतिम फैसला आने में पूरे 34 साल गए। आम आदमी जब इंसाफ की आस में अदालत की सीढ़ियां चढ़ता है, तो पीढ़ियां खप जाती हैं और तारीखों का अंतहीन सिलसिला जिंदगी के साथ ही खत्म होता होता है। अपर सिविल जज अवर खंड/न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय कक्ष संख्या-08, मोनिका कालरा की अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी अधिवक्ता प्रेमशंकर चौहान और वेदपाल राघव को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है। वहीं, मुकदमे के तीसरे आरोपी अधिवक्ता विजय राघव का फैसला आने से पहले ही देहांत हो चुका है। 24 जून 1992 को खुर्जा न्यायालय में तैनात तत्कालीन मुंसिफ/न्यायिक दंडाधिकारी एसीजे-जेडी अशोक कुमार वर्मा ने खुर्जा नगर थाने में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए थे। न्यायिक अधिकारी का आरोप था कि जब वे मोटर वाहन रिलीज प्रार्थना पत्र की सुनवाई कर रहे थे, तभी स्थानीय अधिवक्ता वेदपाल राघव, प्रेमशंकर चौहान और विजय राघव ने अदालत कक्ष में प्रवेश किया और अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए अशोभनीय भाषा व गाली-गलौज का इस्तेमाल किया। ​आरोप था कि अधिवक्ताओं ने न्यायिक पत्रावली की अर्जी फाड़कर अपनी जेब मे रख ली, डायस पर चढ़कर अभद्रता की और बाद में पीठासीन अधिकारी के चैंबर में घुसकर उनके साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी दी। एक पीठासीन जज के साथ ऐसी घटना से उस वक्त पूरे न्यायिक हलके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में आनन-फानन में चार्जशीट तो दाखिल कर दी। ​आरोप इतने संगीन थे कि किसी भी न्यायिक व्यवस्था में त्वरित और कठोर सुनवाई की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस पूरे प्रकरण में सरकारी अभियोजन तंत्र की भूमिका बेहद गैर-जिम्मेदाराना और लचर साबित हुई। सरकारी मशीनरी की सुस्ती का आलम यह रहा कि अभियोजन पक्ष 34 वर्षों की लंबी कानूनी जद्दोजहद में अदालत के समक्ष मात्र एक गवाह ज्ञानसिंह को ही पेश कर सका। ​हद तो तब हो गई जब अभियोजन द्वारा पेश किया गया यह इकलौता गवाह भी कोर्ट में अपने मूल बयानों से पूरी तरह मुकर गया। उसने जज के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी, मारपीट या पत्रावली फाड़ने की घटना से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय की विभिन्न नजीरों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में अभियोजन पर यह कानूनी दायित्व होता है कि वह आरोपों को किसी भी संदेह से परे साबित करे। किसी भी स्वतंत्र गवाह या ठोस साक्ष्य के न होने पर अदालत ने दोनों अधिवक्ताओं को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया और पत्रावली को हमेशा के लिए दाखिल दफ्तर करने का आदेश सुनाया। वहीं आरोपी पक्ष के वकील ने बताया कि वादी पक्ष का बार-बार बुलाने पर भी गवाही के लिए कोर्ट में पेश न होना, साथ ही उसमें घटना के समय पुलिस ने 14 गवाह के नाम दर्ज किए थे, लेकिन 14 गवाहों में से बार-बार नोटिस देने के बाद भी 13 गवाह गवाही देने नहीं पहुंचे, वहीं एकमात्र गवाह के कोर्ट में अपने बयानों से मुकुर जाने पर आरोपी वकीलों को सबूत के आभाव में बाइज्जत बरी कर दिया गया हालांकि, देर से ही सही लेकिन अधिवक्ताओं को न्याय मिला है। - ब्रूनो भूषण, अधिवक्ता
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राज्य में छह महीनों में UCC लागू, लव जिहाद और लैंड जिहाद पर कानून

Jalpaiguri, West Bengal:UCC নিয়ে পশ্চিমবঙ্গের জলপাইগুড়ি জেলার মুসলিম সম্প্রদায় মানুষজনের বক্তব্য। এবিষয়ে নানান মত উঠে আসলো মুসলিম সম্প্রদায়ের মানুষজনের থেকে。 ৬ মাসের মধ্যে বাংলায় UCC, ‘লাভ জিহাদ’-এর বিরুদ্ধে আইন আনার ঘোষণা শুভেন্দু অধিকারীর পশ্চিমবঙ্গে আগামী ছয় মাসের মধ্যে অভিন্ন দেওয়ানি বিধি (UCC) কার্যকর করা হবে বলে জানিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। তিনি জানান, UCC কার্যকরের পর ধর্মান্তর, ‘লাভ জিহাদ’ এবং ‘ল্যান্ড জিহাদ’-এর বিরুদ্ধে কঠোর আইন আনা হবে। কলকাতায় বিশ্ব হিন্দু পরিষদের আয়োজিত এক অনুষ্ঠানে বক্তব্য রাখতে গিয়ে শুভেন্দু অধিকারী বলেন, উত্তরাখণ্ড ও গুজরাটের ধাঁচে বাংলাতেও UCC চালু করা হবে। রিপোর্ট:- प्रद्यুত दास ( জলপাইগুড়ি )
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सिंगापुर में छत्तीसगढ़ का डंका: मिला ₹43,250 करोड़ का FDI, 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्

Raipur, Chhattisgarh:सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित 'सिंग फोरम 2026' में विदेश मंत्रालय के नामांकन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। मंच पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सिंगापुर की राज्य मंत्री गान सिओ हुआंग भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री साय ने वैश्विक निवेशकों को संबोधित करते हुए बताया कि 450 से अधिक सुधारों और प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों के दम पर राज्य ने पिछले 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। इस मंच पर राज्य को ₹43,250 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं, जिसमें 'एनर्जी कैपिटल ग्लोबल' द्वारा ₹41,750 करोड़ की लागत से 100 मेगावाट का हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करने का ऐतिहासिक निवेश आमंत्रण भी शामिल है। यह कदम राज्य को देश के अग्रणी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करेगा।
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सम्भल में अधिवक्ता ने नाजिर सदर पर लगाए गंभीर आरोप डीएम से की कार्रवाई की मांग

बहज़ोई, उत्तर प्रदेश:सम्भल में अधिवक्ता ने नाजिर सदर पर लगाए गंभीर आरोप डीएम से की कार्रवाई की मांग सम्भल में अधिवक्ता ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांचकर, कार्रवाई और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। अधिवक्ता का आरोप है कि 2 अक्टूबर को गाटा संख्या 155 स्थित उनकी पैतृक जमीन पर प्रशस्त गुप्ता कुछ लोगों के साथ पहुंचे और बाउंड्रीवाल लगाने का प्रयास किया। विरोध करने पर हाथापाई और मारपीट का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में भ्रष्टाचार और कथित बेनामी संपत्तियों की जांच की मांग भी की गई है। अधिवक्ता ने पूरे मामले की गोपनीय जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है
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राजस्थान बोर्ड: 10वीं परीक्षा एक सत्र में दो बार आयोजित, EI-ER व्यवस्था लागू

Jaipur, Rajasthan:जयपुर - राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से बड़ी खबर 10वीं बोर्ड परीक्षा पहली बार एक सत्र में दो बार होगी आयोजित फरवरी-मार्च में होगी मुख्य परीक्षा, मई में होगी सुधारात्मक परीक्षा पास विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधार के लिए दे सकेंगे परीक्षा दोनों परीक्षाओं में विषयवार उच्चतम अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे अगले सत्र से पूरक परीक्षा की व्यवस्था होगी समाप्त अधिकतम दो विषयों में 33 से कम अंक वालों को एसेंशियल इम्प्रूवमेंट (EI) का मौका मिलेगा। तीन या अधिक विषयों में फेल/अनुपस्थित विद्यार्थियों का परिणाम एसेंशियल रिपीट (ER) रहेगा स्टेट वन नेशनल स्तर के खिलाड़ियों को मिलेगी परीक्षा में बड़ी राहत खेल के दौरान अनुपस्थित रहने पर दे सकेंगे पुन परीक्षा
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दिल्ली एयरपोर्ट पर भारतीय यात्री से 2.02 करोड़ रुपए के पत्थर जब्त

New Delhi, Delhi:ब्रेकिंग न्यूज़ दिल्ली कस्टम विभाग ने एक भारतीय पुरुष यात्री के खिलाफ कीमती पत्थरों और आभूषणों की तस्करी का मामला मे पकडा है मौके पर की गई जांच के आधार पर, आईजीआई एयरपोर्ट, टर्मिनल-3, नई दिल्ली के एयरपोर्ट कस्टम्स के अधिकारियों ने 3 अक्टूबर, 2026 को एक भारतीय पुरुष यात्री के खिलाफ कीमती पत्थरों और आभूषणों की तस्करी का मामला दर्ज किया, जो 2 अक्टूबर, 2026 को बैंकॉक से उड़ान संख्या AI2303 से आईजीआई एयरपोर्ट, नई दिल्ली के टर्मिनल-3 पर पहुंचा था। सीमा शुल्क के संयुक्त आयुक्त आईजी हवाई अड्डा, दिल्ली ने जानकारी देते हुऐ बताया यात्री के सामान की विस्तृत जांच और व्यक्तिगत तलाशी के परिणामस्वरूप 3,200 कीमती पत्थरों और आभूषणों की बरामदगी हुई, जिनकी कुल कीमत 1,01,54,600/- रुपये (एक करोड़ एक लाख चौवलन हजार छह सौ रुपये मात्र) है। यात्री ने स्वीकार किया कि वह उक्त कीमती पत्थरों और आभूषणों को बैंकॉक से दिल्ली लाया था। इसके अतिरिक्त, दिनांक 04.10.2026 को संबंधित परिसर की तलाशी के लिए सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 105 के तहत संबंधित उप सीमा शुल्क आयुक्त द्वारा एक प्राधिकरण जारी किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप 196.676 किलोग्राम काले-हरे रंग के पत्थर (कच्चे पन्ना), 221 कैरेट कटे और पॉलिश किए हुए माणिक और 45 कैरेट कटे और पॉलिश किए हुए पन्ना, साथ ही कुछ संबंधित दस्तावेज/सामान बरामद किए गए। बरामद किए गए कीमती पत्थरों और आभूषणों, जिनमें तलाशी प्राधिकरण से बरामद वस्तुएं भी शामिल हैं, का मूल्य 2,02,54,400/- रुपये (दो करोड़ दो लाख चौवन हजार चार सौ रुपये मात्र) है। ये सभी वस्तुएं सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत जब्त की गईं। उक्त यात्री को कस्टम विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया
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भिवानी में ईशिका सम्भरवाल का शानदार स्वागत, ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर जोर

Bhiwani, Haryana:भिवानी एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल का भिवानी में स्वागत. भारतीय हॉकी टीम प्लेयर ने परिवार को समर्पित किया मेडल - बोले- पिता ने शुरू करवाया खेलना भारतीय हाकी टीम की खिलाड़ी और एशियाई खेलों में गोल्ड मेडलिस्ट ईशिका सम्भरवाल भिवानी लौटी। जिसका भिवानी में जोरदार स्वागत किया गया। भिवानी पहुंचने पर सबसे पहले भगत सिंह चौक पर फूल-मालाओं से स्वागत किया और खुली गाड़ी में रोड शो निकाला गया। इस दौरान स्कूली छात्र, खेल प्रेमी व अन्य लोग शामिल हुए, जिन्होंने ईशिका सम्भरवाल का हौसला बढ़ाया। भिवानी पहुंचने पर ईशिका सम्भरवाल ने अपने सम्मान को देखकर कहा कि बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि आप सब ऐसे ही सहयोग करते रहे, मैं वायदा करती हूं कि आगे भी ऐसे ही कड़ी मेहनत करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही टीम ने ओलिंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। जिसके कारण उन्हें क्वालीफाई कर लिया है। अब पूरी टीम का फोकस ओलिंपिक पर रहेगा और इंडिया पक्का गोल्ड मेडल लेकर आएगी। ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि यहां तक पहुंचने के सफल को लेकर कहा कि लगातार मेहनत करते रहें। उन्होंने अपने परिजनों को मेडल समर्पित किया। इसके साथ ही जितने भी लोग यहां पर स्पोर्ट करने आए हैं, उनको भी मेडल समर्पित करना चाहूंगी। अब खुद को और बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा। ओलिंपिक के लिए 2 साल बाकी हैं, उसको लेकर हर छोटी-छोटी चीजों पर वर्क किया जाएगा。 ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि उनके पिता विरेंद्र सम्भरवाल होकी के ही कोच रहे हैं। शुरूआत से उनके पिता कोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पापा की वजह से ही हो पाया है कि उन्होंने हॉकी की शुरूआत की। छोटे बच्चे भी हॉकी शुरू करें और उसके लिए अभ्यास करें। अगर लगातार प्रयास व अभ्यास करेंगे तो एक मंजिल पर जरूर पहुंचेंगे। सुबह-शाम को प्रैक्टिस की है। जब वे जूनियर में सिलेक्ट हुई तो बैंगलुरू में भी प्रैक्टिस की है। उसके बाद सीनियर में चयन हुआ तो उसके साथ प्रैक्टिस की। वे फिलहाल सीनियर टीम के साथ प्रैक्टिस कर रही है और ओलंपिक के लिए भी वहां प्रैक्टस करती रहेंगी। ईशिका सम्भरवाल ने कहा कि पूरी टीम का भी काफी सहयोग रहा। हमने पहले ही निश्चित किया हुआ था कि इस बार गोल्ड मेडल हमारा होगा, क्योंकि पिछले 44 साल से इंडिया गोल्ड मेडल नहीं लाया था। उन्होंने कहा उनका यह पहला एशियन गेम था, जो सबसे बड़ा टूर्नामेंट रहा। कोच व टीम का सहयोग रहा, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने हुनर को दिखा पाई। उनके पूरे परिवार का इस उपलब्धि में सहयोग रहा。
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कैथल: CIA कलायत की बड़ी कार्रवाई, अवैध पटाखा फैक्ट्री से 2 गिरफ्तार

Kaithal, Haryana:अवैध पटाखा फैक्ट्री पर CIA कलायत की बड़ी कार्रवाई, 2 आरोपी काबू कैथल। जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत CIA कलायत पुलिस ने गांव बाता में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बिना लाइसेंस और परमिट के पटाखे तैयार करने वाली एक कथित अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर दो आरोपियों को काबू किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से दो गाड़ियों में कुल 134 पेटियां अवैध पटाखे बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और पैकिंग का सामान भी बड़ी मात्रा में बरामद हुआ है。 CIA कलायत प्रभारी ASI मनीष कुमार ने बताया कि CIA टीम को गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि गांव बाता में एक छोटा हाथी गाड़ी में पटाखों की पेटियां लोड कर उन्हें बाहर बेचने की तैयारी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव बाता में नाकाबंदी की。 इसी दौरान HR64B6845 नंबर की छोटा हाथी गाड़ी को रोककर तलाशी ली गई। गाड़ी में सवार गांव बाता निवासी अंकित और सोमपाल को पुलिस ने काबू कर लिया। तलाशी के दौरान गाड़ी से 84 पेटियां पटाखे बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पटाखों के लाइसेंस और परमिट के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने पटाखों की जांच की, जिसमें विस्फोटक पदार्थ होने की पुष्टि हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गांव बाता में उन्होंने एक जगह पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम शुरू कर रखा है। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान एक अन्य गाड़ी से 50 पेटियां अवैध पटाखे बरामद किए गए। साथ ही पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा सामान और पैकिंग सामग्री भी बड़ी मात्रा में मिली。 पुलिस ने इस मामले में थाना कलायत में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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यूपी के सीतापुर में बाढ़ से 10 जनहानि, महमूदाबाद सबसे अधिक प्रभावित

Sitapur, Uttar Pradesh:यूपी के सीतापुर में बाढ़ के पानी में डूब कर अब तक अलग-अलग तहसीलों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है आपको बता दे की सबसे ज्यादा जनहानि महमूदाबाद तहसील में हुई है शारदा और घाघरा का जलस्तर तो स्थिर है लेकिन कटान तेजी से हो रही है। बाढ़ से प्रभावित तहसीलों में सीतापुर सदर महमूदाबाद लहरपुर और बिसवां तहसील शामिल है ADM आयुष चौधरी ने बताया जनपद सीतापुर में लगभग हमारी 4 तहसीलें जो है वह बाढ़ और चक्रवात की अधिक वर्षा से गंभीर रूप से प्रभावित है सदर तहसील हो गई यह हमारी सरायन नदी के कारण जो है प्रभावित है यहां पर लगभग 11 मोहल्ले हैं जो प्रभावित हुए हालांकि अब पानी लगातार घटाओ की स्थिति में है हमारे आश्रय स्थल में 5 हजार लोग लगभग रुके हुए हैं हमारी तरफ से पूरी व्यवस्थाएं स्थलों में भी की गई है पानी के घटाव के कारण तहसील की बाढ़ को पूरी तरीके से हम कंट्रोल कर लिया जाएगा रही बात लहरपुर और महमूदाबाद यह तीन तहसीलें हैं जिसमें अतिविष्ट और चक्रवात के कारण जो लोकल नदियां हैं उनमें जल प्रवाह की अत्यधिक होने के कारण फसल की क्षति काफी भारी मात्रा में हुई है और हम लगभग पौने दो लाख से ज्यादा हेक्टेयर की फसल क्षति का आकलन भी कर चुके हैं उनका सर्वे हो गया है और इन तीनों तहसीलों में मिलाकर लगभग 8 हजार 6 हजार हेक्टेयर प्रति तहसील लगभग हमारा फसल नुकसान आया है हम उनकी फीडिंग भी पोर्टल पर कर रहे हैं और जनहानि को यदि देखा जाए तो लगभग इस पूरे बाढ़ और अतिवृष्ट चक्रवात के दौरान जनपद में 10 जनहानियां हुई है और जिसमें महमूदाबाद में पहले तीन जनहानि हुई थी अभी दो दिवस पूर्व तीन जनहानि हुई। कल 10 लोगों की मौत हुई है।
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जमशेदपूर मानगो पुल पर महिला के इस कदम से हादसा टल गया—बच्चा भी सुरक्षित

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर मानगो पुल पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भालूबासा निवासी एक महिला ने अपने बच्चे के साथ स्वर्णरेखा नदी में कूदने का प्रयास किया। महिला की गतिविधियों पर पुल से गुजर रहे राहगीरों की नजर पड़ गई। स्थिति को भांपते हुए लोगों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और महिला व उसके बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला बच्चे को लेकर पुल के किनारे पहुंची थी और नदी में छलांग लगाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया। राहगीरों की सतर्कता और समय पर किए गए प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जुट गई और पुल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और महिला को अपने साथ ले गई। महिला की पहचान भालूबासा निवासी रिंकी मुखी के रूप में बताई गई है। पुलिस महिला से पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला पिछले कुछ दिनों से पारिवारिक विवाद को लेकर मानसिक तनाव में थी। हालांकि, उसने आखिर किस वजह से यह कदम उठाने का प्रयास किया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला के परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है। राहगीरों की तत्परता के कारण महिला और बच्चे दोनों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
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