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Sanjeev Kumar YadavSanjeev Kumar YadavFollow27 Dec 2024, 05:29 pm

गोंडाः कंपोजिट विद्यालय के बच्चों ने इको क्लब केे मंच से पर्यावरण संरक्षण की दी जानकारी

Vishunpur Bairia, Uttar Pradesh:

गोंडा के ग्राम सोनी हरलाल के कंपोजिट विद्यालय के छात्र-छात्राओंं ने इको क्लब के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए कई कार्यक्रम कर लोगों को संदेश दिया। इको क्लब पर्यावरण संरक्षण के लिए स्कूलों और कॉलेजों में बनाए जाने वाला एक मंच है जिससे पर्यावरण के बारे में जानकारी मिलती है। पर्यावरण की स्थिति को बेहतर बनाने में योगदान देने के साथ प्रदूषण को कम करने हेतु पेड़ लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्यक्रम विद्यालय के छात्राओं द्वारा किया जाता है।

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी फर्रुखाबाद लेखपाल ने दुकान तोड़ी, कानून पर सवाल

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सिर्फ प्रशासनिक कार्यशैली ही नहीं, बल्कि कानून के राज पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक राजस्व लेखपाल ने न केवल हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश को दरकिनार किया, बल्कि अपनी रिपोर्ट के जरिए पूरे प्रशासन को ऐसी दिशा में मोड़ दिया, जिसके बाद एक महिला की दुकान तोड़ दी गई। सीसीटीवी फुटेज में वही लेखपाल खुद कथित तौर पर दुकान का काउंटर फेंकते और निजी लोगों के साथ तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहा है। सवाल उठता है—जब कानून लागू कराने वाला अधिकारी ही खुद कार्रवाई का हिस्सा बन जाए, तो फिर आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे? महेंद्र दुबे की पत्नी को बेरहमी से पीटा—एक सीनियर सिटीजन की पिटाई अधिकारियों के सामने यह है एक लेखपाल की ताकत। लोक निर्माण विभाग ने जो नोटिस दिया उसमें उन्होंने खुद लिखा कि यह दुकान सड़क से 44 मीटर दूर है यानी मात्र 6 मीटर के लिए पूरी दुकान पर तांडव करना और बिना कोर्ट के आदेश को मन अधिकारियों की तानाशाही का जीता जागता उदाहरण। ये तस्वीरें फर्रुखाबाद सदर तहसील के चर्चित लेखपाल संजीव दुबे से जुड़ी बताई जा रही हैं। आरोप है कि जिनका काम सरकारी अभिलेख संभालना और निष्पक्ष रिपोर्ट देना था, वही खुद मौके पर निजी लोगों के साथ ध्वस्तीकरण में सक्रिय दिखाई दिए। सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर लेखपाल महिला का काउंटर उठाकर फेंकते नजर आते हैं, जबकि पुलिस, पीडब्ल्यूडी और नायब तहसीलदार मौके पर मौजूद बताए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि प्रशासनिक कार्रवाई हो रही थी, तो फिर सरकारी कर्मचारियों की मौजूदगी में निजी लोगों से तोड़फोड़ क्यों कराई गई? पूरा मामला फर्रुखाबाद के खसरा संख्या-3639, मौजा खरबंदी अंदर का है। याचिकाकर्ता महेंद्र दुबे उर्फ पप्पू दुबे के अनुसार भूमि विवाद पहले से न्यायालय में विचाराधीन था। 1 दिसंबर 2025 को पीडब्ल्यूडी ने रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट-1945 के तहत नोटिस जारी किया, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। 17 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि याचिकाकर्ता आपत्ति दाखिल करे, सक्षम अधिकारी पहले उस पर निर्णय ले और तब तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखें। यानी अदालत ने साफ शब्दों में कहा था—पहले कानून की प्रक्रिया, फिर कोई कार्रवाई। लेकिन आरोप है कि अदालत के आदेश के बावजूद नया नोटिस जारी हुआ, आपत्तियों का निस्तारण किए बिना कार्रवाई आगे बढ़ा दी गई और आखिरकार दुकान ध्वस्त कर दी गई। अब सबसे बड़ा सवाल उस लेखपाल की भूमिका पर उठ रहा है—क्या उसने अपनी रिपोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश का उल्लेख किया? क्या उसने सक्षम अधिकारियों को बताया कि मामला न्यायालय के निर्देशों के अधीन है? या फिर तथ्यों को छिपाकर ऐसा प्रतिवेदन भेजा गया, जिसने पूरी कार्रवाई को विवादों में डाल दिया? क्योंकि राजस्व विभाग में लेखपाल की रिपोर्ट केवल कागज का एक टुकड़ा नहीं होती... उसी रिपोर्ट पर प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं। यदि वही रिपोर्ट अधूरी, भ्रामक या तथ्यों के विपरीत हो, तो उसका असर सीधे नागरिक के संवैधानिक अधिकारों पर पड़ता है। पीड़ित परिवार अब जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगा चुका है। परिवार का आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जबकि निजी लोग दुकान तोड़ते रहे। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक दुकान का मामला नहीं रहेगा... यह सवाल होगा कि क्या सरकारी शक्ति का इस्तेमाल व्यक्तिगत हितों के लिए किया गया? क्या एक राजस्व कर्मचारी ने अपने पद का दुरुपयोग किया? और क्या कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था ही कानून तोड़ने वालों की ढाल बन गई? अब पूरे मामले में कई सवाल प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं—क्या हाईकोर्ट के आदेश का पालन हुआ? क्या लेखपाल की भूमिका की निष्पक्ष जांच होगी? क्या सीसीटीवी फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी? क्या सरकारी कार्रवाई की आड़ में निजी लोगों से तोड़फोड़ कराना नियमों के अनुरूप है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या फर्रुखाबाद में एक लेखपाल खुद को हाईकोर्ट के आदेश से भी ऊपर समझ बैठा है, या फिर यह पूरा मामला प्रशासनिक लापरवाही और तथ्यों को छिपाने का परिणाम है? इन सभी सवालों का जवाब अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई ही दे सकती है। मामला उच्च न्यायालय में है जिसके स्टे आर्डर खत्म करने के कोई साक्ष Sgt नहीं मिले हैं
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बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ ने पढ़ाई पर असर डाला

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट -नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश के चलते बाराबंकी में सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है, जिससे जिले की तीनों प्रमुख तटीय तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वहीं रामनगर क्षेत्र में पिछले वर्ष बाढ़ में स्कूल बह जाने के कारण करीब 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी संकट गहरा गया है। -जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि परसों रात और गुरुवार सुबह से सरयू नदी खतरे के निशान से थोड़ा ऊपर बह रही है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और जिले की सभी बाढ़ चौकियों एवं राहत केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने रामसनेहीघाट क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात स्थिति में सरकार और प्रशासन पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा रहेगा। राहत सामग्री वितरण के लिए सभी संबंधित विभागों और टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासनिक तैयारियों के बीच तराई क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। संभावित बाढ़ को देखते हुए लोग पुरानी नावों की मरम्मत कराने, जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। -उधर रामनगर तहसील के बबुरी सरसंडा गांव में पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के दौरान प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय कटकर सरयू नदी में समा गए थे। घटना के एक वर्ष बाद भी नए विद्यालय का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में करन मिश्रा और बीरू सहित करीब 200 बच्चे नियमित शिक्षा से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे गांव का विद्यालय काफी दूर होने के कारण छोटे बच्चों का प्रतिदिन वहां तक पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में बाढ़ की मार झेल रहे इस गांव के बच्चों का भविष्य भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। एक ओर सरयू का बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है, तो दूसरी ओर बाढ़ से उजड़े स्कूल का अब तक पुनर्निर्माण न होने से सैकड़ों बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा के साथ-साथ विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। बाइट- पीड़ित छात्र व ग्रामीण। बाइट- ईशान प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, बाराबंकी。
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संभल की मस्जिद में दलित मुस्लिम परिवारों पर नमाज अदा रोक, मुतवल्नी के खिलाफ FIR

Sambhal, Uttar Pradesh:लोकेशन संभल संभल । मस्जिद के मुतवल्ली और तुर्क बिरादरी के दबंग मुसलमानों के दलित मुस्लिम परिवारों को मस्जिद में नमाज अदा न करने देने का चौंकाने वाला मामला ... पीड़ित दलित मुस्लिम का आरोप ...पिछले डेढ़ साल से दलित मुस्लिम परिवारों को मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने दे रहे मस्जिद के मुतवल्ली और गांव के तुर्क मुसलमान .. मस्जिद में नमाज जकात पर पाबंदी ..बिरादरी से बहिष्कार से पीड़ित दलित मुस्लिम ने एसपी कृष्ण विश्नोई से मस्जिद में नमाज अदा कराए जाने की गुहार लगाई .. एसपी कृष्ण विश्नोई के निर्देश पर मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज । मस्जिद के तुर्क मौलवी और गांव के तुर्क बिरादरी के मुसलमानों पर मस्जिद में डेढ़ साल से नमाज अदा न करने , जकात न लेने ..बिरादरी से बहिष्कार का आरोप .. दलित धुना जाति के 5 परिवारों को डेढ़ साल से मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने देने का आरोप 。 पीड़ित दलित मुस्लिम मोहम्मद वसीम का आरोप ... तुर्क शरीयत के अनुसार नमाज अदा न करने पर मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने देते तुर्क दबंग. एसपी कृष्ण विश्नोई ने पीड़ित से मामले की जानकारी के बाद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मस्जिद के मुतवल्ली समेत सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के आदेश दिए । मांडली समसपुर की बड़ी मस्जिद का मामला।
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लखनऊ में छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ में भी छात्रों का प्रदर्शन देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को लखनऊ के परिवर्तन चौक पर छात्र और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया और पैदल मार्च निकाला AISA, SFI, NSUI,छात्र सभा समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए प्रदर्शनकारियों ने परिवर्तन चौराहे से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकालकर देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की राजधानी लखनऊ के परिवर्तन चौक पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों का प्रदर्शन हुआ। AISA, SFI, NSUI, छात्र सभा सहित कई छात्र और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकाला प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए
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असम में बाढ़ भयावह, मरने वालों के साथ लाखों लोग प्रभावित

Guwahati, Assam:असम में बाढ़ की स्थिति बेहद भयावह है, जिसमें सिवासागर (Sivasagar) जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। राज्य में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 के करीब पहुंच गई है, और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और सरकार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी है, गुवाहाटी में भी आर्टिफिशियल flood से लोग परेशान है वहीं एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर ₹2 करोड़ तक की सहायता और राहत कार्यों की घोषणा की है। बाढ़ और प्रशासनिक स्थिति ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे ऊपरी असम के कई जिले जलमग्न हैं。 मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल राहत शिविरों में भोजन, पानी और आवश्यक सामग्री पहुँचा रहे हैं।केंद्र सरकार ने असम के लिए सहायता का प्रावधान किया है。 बदरुद्दीन अजमल का दौरा और सहायताAIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने सिवासागर, चराइदेव और जोरहाट जैसे बाढ़-प्रभावित जिलों का दौरा किया।अजमल फाउंडेशन के जरिए तत्काल ₹50 लाख का आपातकालीन फंड जारी किया गया, जिसे कुल बढ़ाकर ₹2 करोड़ तक करने का ऐलान किया गया है。 बदरुद्दीन अजमल ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अपील की है कि असम के लिए हज़ारों करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राहत सामग्री बाँटते समय किसी भी प्रकार का धार्मिक या राजनीतिक भेदभाव नहीं किया जा रहा है।बदरुद्दीन अजमल द्वारा घोषित राहत पैकेज ।
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प्रतापगढ़ में राहुल गांधी के देशद्रोही पोस्ट पर सियासी जंग तेज

Pratapgarh, Rajasthan:राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर देशद्रोही बताए जाने वाली पोस्ट से शुरू हुआ विवाद अब प्रतापगढ़ की राजनीति में खुली जुबानी जंग में बदल गया है। एक ओर पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं पर राहुल गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट वायरल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की और आमने-सामने होने की बात कही, तो दूसरी ओर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के मंच से रामलाल मीणा को चुनौती देते हुए कहा, शाम को तेरे घर आ जाता हूं, वहीं बात करेंगे। इसके बाद दोनों नेताओं ने मीडिया के सामने भी एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए, जिससे जिले का सियासी माहौल और गर्मा गया। कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों से भाजपा कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की तस्वीर के साथ उन्हें देशद्रोही बताते हुए पोस्ट वायरल कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कांग्रेस कमेटी ने मानहानि का मुकदमा दायर करने की भी बात कही, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की टिप्पणी किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ न कर सके। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ता इस तरह की टिप्पणियां करेंगे तो कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनका लोकतांत्रिक तरीके से मुंहतोड़ जवाब देंगे। बाइट- कमलसिंह गुर्जर, कांग्रेस पदाधिकारी। वहीं पूर्व विधायक रामलाल मीणा की ओर से सोशल मीडिया पर डाली गई एक पोस्ट के बाद उसे पर जवाब देते हुए एक कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हेमंत मीणा ने पूर्व विधायक रामलाल मीणा का नाम लेते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि सामने आने की बात है तो मैं शाम को तेरे घर आ जाता हूं, वहीं बात करेंगे। मंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की जरूरत नहीं है। भाजपा के कार्यकर्ता मर्यादा में रहते हैं, लेकिन यदि सामने वाला मर्यादा छोड़ेगा तो जवाब देने में भी देर नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी विचारधारा और अपने दल की बात करनी चाहिए तथा अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। स्पीच- हेमंत मीणा, कार्यक्रम में दी गई हुई। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने फेसबुक के माध्यम से भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास किया है, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति वैचारिक मतभेद का माध्यम होनी चाहिए। यदि किसी को आपत्ति है तो वह कानूनी प्रक्रिया अपनाए, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यकर्ताओं को धमकाना गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा और युवा मोर्चा इस तरह की राजनीति से डरने वालों नहीं हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि यदि कांग्रेस इस प्रकार की परंपरा शुरू करेगी तो इसका असर जिले की राजनीतिक संस्कृति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और दोनों पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखें, लेकिन धमकाने वाली राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। बाइट- हेमंत मीणा, राजस्व मंत्री। वहीं पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने मीडिया से बातचीत में मंत्री हेमंत मीणा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंत्री ने सार्वजनिक मंच से उन्हें जूते मारने, घर आने और अन्य आपत्तिजनक बातें कही हैं। रामलाल मीणा ने राज्य सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि मंत्री के पास सत्ता और शक्ति है, इसलिए उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके खिलाफ कोई साजिश भी रची जा सकती है। पूर्व विधायक ने दावा किया कि जब हेमंत मीणा पहले एक विवाद में फंसे थे, तब उन्होंने स्वयं पुलिस प्रशासन से बात कर उन्हें कानूनी कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि आज मंत्री बनने के बाद उसी व्यक्ति की ओर से उन्हें धमकाया जा रहा है। रामलाल मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि विपक्षी नेताओं को धमकाने पर। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ की जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है और जनप्रतिनिधियों का ध्यान विकास और कानून-व्यवस्था पर होना चाहिए। बाइट- रामलाल मीणा, पूर्व विधायक। राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर देशद्रोही बताए जाने वाली पोस्ट से शुरू हुआ यह विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के बीच खुली राजनीतिक बयानबाजी में बदल गया है। एक बार फिर कांग्रेस संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा कांग्रेस पर कार्यकर्ताओं को डराने और राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद पुलिस क्या कार्रवाई करती है और यह सियासी टकराव आगे किस दिशा में बढ़ता है।
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नीमकाथाना में 80 फीट चौड़ी सड़क के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज

Sikar, Rajasthan:जिला: सीकर विधानसभा: नीमकाथाना लोकेशन: नीमकाथाना, सीकर सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। जल्द हटाया जाएगा अतिक्रमण। तहसीलदार वीपी सिंह नरूका ने राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी और नगर पालिका की संयुक्त टीम के साथ शाहपुरा रोड का निरीक्षण किया। शाहपुरा रोड से खेतड़ी रोड तक 80 फीट तक हटाया जाएगा अतिक्रमण। अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस दौरान नगर पालिका ईओ रणजीत सिंह, नायब तहसीलदार देवीलाल चौधरी, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन खेताराम रहे मौजूद। बाइट तहसीलदार वीपी सिंह नरूका
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हिसार में आर्य समाज भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना, मनीषा सांगवान ने निष्पक्ष जाँच मांग

Gurugram, Haryana:हिसार - कांग्रेस प्रवक्ता व जरनल सेकरटरी महिला कांग्रेस मनीषा सांगवान ने धरने का किया समर्थन आर्य समाज संस्था में भ्र्ष्टाचार की जांच हो निष्पक्ष हिसार की जनता के साथ कुछ लोग आर्य समाज संस्था में कर रहे है धोखा - मनीषा सरकार और प्रशासन को भी उचित संज्ञान लेना चाहिए जनता के साथ हो रहे धोखे को सहन नहीं किया जायेगा एंकर आर्य समाज संस्था में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्य समाज संस्था नागोरी गेट हिसार संघर्ष समिति द्वारा हिसार लघु सचिवालय के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरने का समर्थन करने कांग्रेस महिला की जरनल सेकरटरी व प्रवक्ता मनीषा सांगवान धरने स्थल पर पहुंची और उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस संस्था में बड़ा घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ है इसके खिलाफ सख्त और निष्पक्ष जांच सरकार और प्रशासन को करनी चाहिए जनता के साथ ho रहे धोखे को बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा आज भले ही यह धरना एक दिवसीय हो लेकिन यदि प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया तो आने वाले दिनों में यह जन आंदोलन का रूप ले लेगा क्योंकि जिस तरह से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ और उसमें पढ़ने वाले अध्यापकों के साथ जो धोखा किया गया है वह बिल्कुल गलत है... इसके अलावा आर्य समाज संस्था की बेस्ट टीम की जमीन को भी कमेटी के कुछ सदस्य चोरी छुपे बेचना चाहते हैं लेकिन अब जनता जागरुक है और हिसार की जनता इसका जवाब मांगेगी.... बाइट, मनीषा सांगवान, कांग्रेस प्रवक्ता व महिला कांग्रेस जरनल सेकटरी
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उन्नाव भाजपा विधायक ब्रजभूषण शरण सिंह पर हमला: याददाश्त कमजोर कहे जाने से बवाल

Unnao, Uttar Pradesh:उन्नाव भाजपा विधायक ने बृजभूषण शरण सिंह पर बोला हमला। भाजपा विधायक ने कहा कि उनका कोई सीरियस नहीं लेता। भाजपा विधायक अनिल सिंह ने कहा बृजभूषण शरण सिंह की याददाश्त कमजोर हो गई। बृजभूषण शरण सिंह ने दिया था बयान कि अयोध्या के हनुमानगढी में कभी नहीं पढ़ी गई नवाज। अब विधायक अनिल सिंह ने दिया जवाब। बृजभूषण दादा की उम्र हो गई वह भूल जाते हैं, 72 साल के हो गए,72 साल की उम्र का आदमी भूल जाता है- अनिल सिंह। वो अपने आपको मुख्यमंत्री से बड़ा नेता मानते हों वो अलग बात है - अनिल सिंह। अपना बडबोले हो सकता है - अनिल सिंह। हर मामले में बोलने की आदत है उनकी, उनकी बात को कोई सीरियस नहीं लेता- अनिल सिंह। पुरवा से भाजपा विधायक है अनिल सिंह।
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NEET UG पेपर लीक: NIA जाँच की मांग पर दिल्ली HC में सुनवाई

Noida, Uttar Pradesh:नीट यूजी पेपर लीक मामला | दिल्ली | दिल्ली हाई कोर्ट में जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट की NIA जांच की मांग वाली पिटीशन पर सुनवाई के बाद सतीश कुमार अग्रवाल के वकील बरुण सिन्हा ने कहा, "हमने दिल्ली हाई कोर्ट में एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन फाइल की थी। पिटीशनर मिस्टर सतीश कुमार अग्रवाल थे, जो पहले अखिल भारत हिंदू महासभा के वाइस प्रेसिडेंट थे। इस रिट पिटीशन में, हमने नई दिल्ली में सो-कॉल्ड स्टूडेंट आंदोलन को चैलेंज किया था, जहां अपराधियों ने पब्लिक जगहों पर तोड़-फोड़ की है। उन्होंने मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के लिए मजबूर किया है... इन हालात में, दिल्ली को दो-तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इन सो-कॉल्ड गुंडों, नई दिल्ली इलाके में बेकाबू भीड़ के सदस्यों ने कोई एक्टिविटी नहीं होने दी। हमने सुप्रीम कोर्ट में यह पिटीशन फाइल की, यह सोचकर कि इस आंदोलन का कोई इंटरनेशनल कनेक्शन है और वे केंद्र सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं और भारत के प्रधानमंत्री पर इस्तीफा देने का दबाव डालना चाहते हैं। हमने पूरे मामले की NIA जांच की मांग की थी... आज दिल्ली हाई कोर्ट ने पिटीशनर को सक्षम अधिकारी के सामने रिप्रेजेंटेशन देने और कानून के अनुसार कोई और कदम उठाने की इजाजत दे दी है। अथॉरिटी, जिसमें NIA द्वारा जांच के लिए केंद्र सरकार या सक्षम अथAUTHORITY से अनुरोध करना शामिल है...
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