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Anil KumarAnil KumarFollow13 Nov 2024, 01:44 pm
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योगी कैबिनेट में गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार; 147 किमी परियोजना पर मुहर की उम्मीद

Noida, Uttar Pradesh:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ के लोकभवन में होने वाली इस कैबिनेट बैठक के एजेंडे में बुनियादी ढांचे, रोजगार, पुलिस भर्ती और जनहित से जुड़े करीब 15 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। अगर महत्वपूर्ण प्रस्तावों की बात करें तो गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से आगे हरिद्वार तक विस्तारण करने का प्रस्ताव आज 25 अगस्त 2026 योगी कैबिनेट की बैठक के एजेंडे में शामिल है और इसे मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। इस परियोजना से जुड़े मुख्य विवरण इस प्रकार हैं। यह विस्तार उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के ग्राम रिखालू से शुरू होकर बिजनौर होते हुए उत्तराखंड के हरिद्वार में बन रहे हरिद्वार बाईपास ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 147 किलोमीटर होगी, जिसमें से करीब 117 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और लगभग 30 किमी का हिस्सा उत्तराखंड की सीमा में पड़ेगा। वही दरोगा और सिपाही भर्ती नियमों में संशोधन झांसी लिंक एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को झांसी से जोड़ने के लिए इस नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण और उसके रूट अलाइनमेंट को हरी झंडी मिल सकती है। प्रदेश के प्रमुख महानगरों में प्रदूषण कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए भारी संख्या में नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। हाल ही में संपन्न हुए भारत-जापान निवेश शिखर सम्मेलन और विदेशी दौरों के बाद राज्य में बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए कुछ विशेष रियायतों और नीतियों को मंजूरी दी जा सकती है। ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में हर घर जल योजना के तहत बुनियादी ढांचे के विस्तार और बजट आवंटन से जुड़ा प्रस्ताव भी इस बैठक का हिस्सा है।
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पटना में TRE 4 अभ्यर्थी धरना, गांधी मैदान से राजभवन तक सुरक्षा मजबूत

Patna, Bihar:पटना में बीते कई दिनों से TRE 4 के अभ्यर्थी गर्दनीबाग थाना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं और आज कल 15 छात्र संगठन एकत्रित होकर गांधी मैदान से राजभवन और मुख्यमंत्री आवास का खिलाफ करने निकलेंगे जिसको लेकर प्रशासन पूरी तरीके से अलर्ट मोड पर है जेपी गोलंबर के पास रोड में ड्रिलिंग करके बस लगाया गया है और उसके बाद पटना मेट्रो की बैरिकेडिंग और उसके बाद प्रशासन के द्वारा बैरिकेडिंग लगाया गया ताकि कोई भी अभ्यर्थी या प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर पर ना कर सके और उसी तरह जीप गोलंबर से राजभवन तक अलग-अलग चौक चौराहों पर बैरिकेडिंग्स लगाए गए हैं और प्रशासन तैनात है । गांधी मैदान से राजभवन तक 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी को तैनात किया गया है इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे से अलग-अलग चौक चौराहों पर मॉनिटरिंग की जा रही है, सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग जारी है ताकि किसी भी तरीके का भड़काऊ पोस्ट क्या अभ्यर्थियों को भड़काया ना जा सके , साथ ही जेपी गोलंबर, डाक बंगला चौराहा, इनकम टैक्स चौराहे पर 200 से ढाई सौ अतिरिक्त पुलिसकर्मी और सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं ।
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वरुड-डोलखेडा नदी पर पुल नहीं, जालना पुलिस नाव से नदी पार

Jalna, Maharashtra:जालना : वरुड बुद्रुक ते डोलखेडा नदीवर पूल नसल्यामुळे पोलीस प्रशासन आणि ग्रामस्थांना मोठ्या अडचणींचा सामना करावा लागत आहे. गुन्ह्याचा पंचनामा करण्यासाठी किंवा आरोपींना ताब्यात घेण्यासाठी टेंभुर्णी पोलिसांना आपली चारचाकी गाडी चक्क ड्रम आणि पत्र्याच्या साहाय्याने तयार केलेल्या बोटीवरून नदीपार न्यावी लागत आहे. जिवावर बेतणारा हा धोकादायक प्रवास पोलिसांसाठी मोठा कसरतीचा ठरत आहे. अनेक दिवसांपासून प्रलंबित असलेल्या या समस्येमुळे पोलिसांसोबतच सामान्य नागरिकांनाही दैनंदिन दळणवळणासाठी नाहक त्रास सहन करावा लागत आहे. प्रशासनाने याकडे तात्काळ लक्ष देऊन नदीवर पूल उभारावा, अशी जोरदार मागणी परिसरातून होत आहे.
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बलिया घाघरा की बाढ़ राहत: 100 परिवार सुरक्षित निकाले गए

Ballia, Uttar Pradesh:बलिया में घाघरा नदी का कहर जारी है। बाढ़ में घिरे 100 परिवारों का रेस्क्यू एनडीआरएफ की मदद से किया गया। भोजपुरवा गांव पूरी तरह पानी में डूब गया। जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम के साथ एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन कर बाढ़ पीड़ित 100 परिवारों को सुरक्षित निकालकर पर्वतपुर स्थित माध्यमिक विद्यालय में बाढ़ राहत कैंप पहुंचाया। प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। भोजपुरवा में घाघरा की धार से पानी की एक टंकी नदी में समा गई। बलिया के डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने गांवों का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कैंपों के साथ चिकित्सा शिविरों का भी इंतजाम किया गया। नौ नावें और एनडीआरएफ की टीम तैनात है।
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गौतमबुद्ध नगर से BSP का मिशन 2027 का आगाज़, आकाश आनंद की जनसभा अहम

Greater Noida, Uttar Pradesh:गौतमबुद्ध नगर-- BSP आज गौतमबुद्ध नगर से करेगी मिशन 2027 का आगाज BSP के राष्ट्रीय कॉर्डिनेट आकाश आनंद आज दनकौर में जनसभा को करेंगे संबोधित दनकौर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज में आज जनसभा को आकाश आनंद करेंगे संबोधित सपा और भाजपा के बाद 2027 विधानसभा चुनाव के लिए BSP भी गौतमबुद्ध नगर से चुनावी जनसभा की कर रही है शुरुवात BSP सुप्रीमो मायावती का गृहजनपद है गौतमबुद्ध नगर आज के जनसभा में आकाश आनंद जेवर विधानसभा पर प्रत्याशी की कर सकते है घोषणा कभी BSP का गड़ हुआ करता था जेवर सीट ऐसे में एक बार फिर अपनी पारंपरिक गढ़ में खिसके जानदार बढ़ाने की कोशिश में जुटी BSP
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भिंड के स्कूल बसों में सुरक्षा कमियां, 4 अनफिट बसें जब्त

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर- बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, भिंड में स्कूल बसों की जांच में बड़ा खुलासा, 26 बसों की पड़ताल में 4 बसें मिलीं पूरी तरह अनफिट, इमरजेंसी गेट थे लॉक,अग्निशमन यंत्र चलाना भी नहीं जानते थे कुछ चालक-परिचालक। एंकर-भिंड में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को स्कूल बसों के खिलाफ बड़ा जांच अभियान चलाया। माउंट लिटेरा और मॉडल स्कूल की कुल 26 बसों की जांच की गई। जांच में सुरक्षा मानकों की ऐसी कमियां सामने आईं, जो किसी भी आपात स्थिति में बच्चों की जान पर भारी पड़ सकती हैं। मॉडल स्कूल की 11 बसों में से चार बसें पूरी तरह अनफिट मिलीं, जिनके इमरजेंसी गेट तक लॉक थे। अधिकारियों ने चारों बसों को जब्त कर लिया। बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाली बसों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता है, इसकी हकीकत जानने परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम सोमवार को मैदान में उतरी। टीम सबसे पहले माउंट लिटेरा स्कूल पहुंची, जहां 15 बसों की जांच की गई। यहां अग्निशमन यंत्र, बसों की फिटनिस, बीमा,पॉल्यूशन प्रमाणपत्र,ड्राइविंग लाइसेंस, चरित्र सत्यापन,फर्स्ट एड किट, इमरजेंसी गेट, खिड़कियों की रैलिंग, सीसीटीवी और पैनिक बटन समेत कई सुरक्षा मानकों को परखा गया। जांच सिर्फ कागजों और उपकरणों तक सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने चालक-परिचालकों से पूछा कि अगर बस में अचानक आग लग जाए या कोई आपात स्थिति पैदा हो जाए तो वे क्या करेंगे, जब कुछ चालक-परिचालकों से अग्निशमन यंत्र चलाकर दिखाने को कहा गया तो वे उसकी पिन तक नहीं निकाल सके। यानी बस में सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल कैसे करना है, इसकी जानकारी तक नहीं थी। मौके पर ही अधिकारियों ने एक चालक को अग्निशमन यंत्र चलाने की प्रक्रिया समझाई और उससे अभ्यास कराया। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि चालक-परिचालकों को सिर्फ बस चलाने का प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति से निपटने और सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल का नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाए। इसके बाद टीम मॉडल स्कूल पहुंची। यहां 11 बसों की जांच में चार बसें पूरी तरह अनफिट पाई गईं। सबसे गंभीर बात यह रही कि इन बसों के इमरजेंसी गेट लॉक थे और आपात स्थिति में खुल नहीं रहे थे। ऐसे में अगर बस में आग लग जाए या कोई बड़ा हादसा हो जाए तो बच्चों के बाहर निकलने का रास्ता तक बंद हो सकता है। गंभीर खामियों को देखते हुए अधिकारियों ने चारों बसों को अनफिट घोषित कर जब्त कर लिया। वहीं, जिन बसों में छोटी कमियां मिलीं, उन्हें दूर करने के लिए स्कूल प्रबंधन को समय दिया गया है। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी मानक में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई ने एक अहम सवाल भी खड़ा किया है—क्या स्कूल बसों में सुरक्षा उपकरण रखना ही पर्याप्त है? जब चालक-परिचालकों को उन्हीं उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी नहीं होगी तो आपात स्थिति में ये इंतजाम कितने कारगर साबित होंगे, बच्चों की सुरक्षा के लिए बसों की नियमित जांच के साथ चालक-परिचालकों का नियमित प्रशिक्षण भी उतना ही जरूरी है। भिण्ड में फिलहाल चार अनफिट स्कूल बसें जब्त की गई हैं और अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब देखना होगा कि स्कूल प्रबंधन सुरक्षा मानकों को कितनी गंभीरता से लागू करता है,क्योंकि बच्चों की सुरक्षा में छोटी सी चूक भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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