icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
201204
AKAjay KumaFollow21 Aug 2024, 06:26 am

अराजक तत्वों ने तोड़ी मंदिर में रखी माता शेरावाली की मूर्ति, जांच में जुटी पुलिस

Nagla Akkhu, Uttar Pradesh:

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद के गांव अमरपुर कुंडला में सोमवार सुबह ग्रामीणों में हड़कंप मच गया जब वर्षों पुराने प्राचीन पथवारी मंदिर में अराजक तत्वों ने माता शेरावाली की मूर्ति को तोड़ दिया। मूर्ति की खंडित अवस्था की खबर गांव में तेजी से फैली, जिससे गुस्साए ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को सूचित किया। दो थानों की पुलिस और क्षेत्राधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि खंडित मूर्ति की जगह नई मूर्ति लगाई जाएगी। मामले की जांच जारी है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

0
0
Report

बाढ़ से बिहार में राहत-तैयारी पर मंत्री शैलेंद्र का बयान: गेट खोलने से स्थिति बदली

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने सरकार की तैयारियों और राहत-बचाव कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया है, मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयास से बंगाल में 97 गेट खोले जाने के बाद बिहार में बाढ़ की भयावहता को काफी हद तक कम करने में मदद मिली,उन्होंने कहा कि अगर समय रहते गेट नहीं खोले जाते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। मंत्री के मुताबिक, भागलपुर में गंगा के करीब 90 डिग्री के मोड़ के कारण रेलवे बांध पर बड़ा खतरा पैदा हो गया था,सरकार और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जियो बैग, मेगा जियो बैग और ड्रेजिंग समेत कई तकनीकों का इस्तेमाल किया इन प्रयासों के जरिए बांध को सुरक्षित रखने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने की कोशिश की गई। बाढ़ के बीच सरकार के कामकाज को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से उठाए गए सवालों पर भी इंजीनियर शैलेंद्र ने पलटवार किया उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव इन फैक्ट नेता नहीं हैं, बल्कि उनके पिता लालू यादव नेता हैं और तेजस्वी को नेतृत्व विरासत में मिला है। पथ निर्माण मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा कर रहे हैं,अधिकारियों के साथ हर जिले की स्थिति की जानकारी ली गई है और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अधिकारियों को काम करने की पूरी छूट दी गई है,सरकार का फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों को कम से कम परेशानी हो और जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों, इस पर है। मंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ का कोई ऐसा स्थायी समाधान नहीं है जिससे भविष्य में पूरी तरह बाढ़ को रोका जा सके,हालांकि, नदी में जमा गाद को हटाकर पानी के प्रवाह को व्यवस्थित करने की दिशा में सरकार योजना बना रही है,गंगा, गंडक और सोन नदियों से गाद हटाने के साथ-साथ उससे निकलने वाली सामग्री के इस्तेमाल से दोनों तरफ फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव भी सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। इंजीनियर शैलेंद्र के मुताबिक, योजना का उद्देश्य नदी के बीच पर्याप्त करंट बनाए रखना और पानी के प्रवाह को व्यवस्थित करना है, ताकि भविष्य में बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके। सरकार बाढ़ प्रबंधन के साथ-साथ सड़क और नदी से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगी। वहीं, बाढ़ के कारण बिहार में कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर भी मंत्री ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जैसे ही जलस्तर कम होगा और पानी निकल जाएगा, सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि पानी निकलने के 10 दिनों के अंदर बिहार की टूटी और क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement

गंगा के कटाव से अररा में बड़े नुकसान, 50 से अधिक घर खाली कराए गए

Patna, Bihar:गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब बिहार के कई जिलों में साफ दिखाई दे रहा है... आरा भी इससे अछूता नहीं है। अर्रा के बरहरा विधानसभा क्षेत्र के पीपारपाती गांव में गंगा का भीषण कटाव शुरू हो गया है। कटाव इतना तेज है कि देखते ही देखते नदी लगातार अपना दायरा बढ़ा रही है और रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। अब तक एक दर्जन से अधिक घर गंगा में समा चुके हैं, जबकि कटाव की रफ्तार को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से 50 से ज्यादा घरों को खाली करा दिया गया है। इससे पहले आरा का जवनिया गांव भीषण कटाव की मार झेल चुका है और अब पीपारपाती गांव में गंगा का कहर देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है... लोगों को अपना घर और सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि 2013 की त्रासदी के बाद एक बार फिर गंगा उफान पर है और लगातार हो रहे कटाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती कटाव को रोकने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की है.
0
0
Report
Advertisement

पटना की सुल्तान पैलेस: जर्जर भवन में सड़क हादसों के मुआवजा मामलों की सुनवाई

Patna, Bihar:यह पटना में एक ऐसी इमारत है जो खुद तो बेहद जर्जर स्थिति में है लेकिन यहां सड़क दुर्घटना से जुड़े मुआवजे के दावों की सुनवाई होती है। इसका नाम है सुल्तान पैलेस, यह 104 साल पुरानी है जो बाहर से तो जर्जर है लेकिन अंदर कमरों में काम होता है। पहले यहां राज्य पथ परिवहन निगम का ऑफिस था इसीलिए इसको परिवहन भवन कहा जाता है। यहां काम करने आने वाले लोग मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि जो बिल्डिंग खुद ही हादसे का शिकार लगती है, उसी में सड़क हादसों से जुड़े मुआवजा मामलों की सुनवाई होती है। यह बिहार में ही संभव है। सुल्तान पैलेस का 1922 में जस्टिस सुलतान अहमद ने कराया था। आज इस बिल्डिंग के ऊंचे गुंबद, नक्काशीदार खिड़कियां, झरोखे जर्जर है और इनमें पेड़ उग आए हैं। यह काम करने आने वाले लोग कहते है डर तो लगता है लेकिन सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए।
0
0
Report

जम्मू-कश्मीर के MBBS इंटर्न भूख हड़ताल: लिखित आदेश नहीं मिला तो विरोध जारी

Chaka, बातचीत नाकाम होने पर हड़ताल कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने भूख हड़ताल शुरू की; ज़ुबानी भरोसे पर यकीन नहीं, लिखित आश्वासन चाहिए जम्मू-कश्मीर में MBBS बैच 2021 के इंटर्न डॉक्टर, जो पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर हैं, उन्होंने आज से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह फ़ैसला तब लिया गया जब प्रशासन के साथ बातचीत के बाद भी इंटर्नशिप स्टाइपेंड (भत्ते) में बढ़ोतरी का कोई लिखित और औपचारिक आदेश नहीं मिला। जिन अस्पतालों में पिछले आठ दिनों से हड़ताल चल रही है, वहां से दो-दो, तीन-तीन डॉक्टरों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि बार-बार बातचीत और ज़ुबानी भरोसे के बावजूद उनकी जायज़ मांगों को पूरा करने वाला कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। उनका रुख़ साफ़ है: "अगर लिखित आदेश नहीं मिला, तो विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।" भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगों को पूरी तरह से मानने वाला औपचारिक आदेश जारी नहीं हो जाता और इस प्रक्रिया में तेज़ी नहीं लाई जाती। अगर विरोध प्रदर्शन जारी रहा, तो अस्पतालों के कामकाज पर असर और बढ़ेगा। जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में MBBS और BDS इंटर्न ने 31 अगस्त 2026 को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। उनकी मुख्य मांग मासिक इंटर्नशिप स्टाइपेंड में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की है, जो अभी लगभग ₹12,300 (लगभग ₹400 रोज़ाना) है। यह राशि पिछले सात सालों से नहीं बदली है (पिछली बार 2019 में बदली गई थी)। इंटर्न का तर्क है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनके लंबे काम के घंटों, नाइट ड्यूटी, इमरजेंसी ज़िम्मेदारियों, ग्रामीण इलाकों में पोस्टिंग और अस्पतालों में देखभाल की पहली पंक्ति के तौर पर निभाए जाने वाले क्लिनिकल काम के बोझ के हिसाब से बहुत कम है। वे ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और कर्नाटक जैसे राज्यों में ₹25,000 से ₹44,000 से ज़्यादा स्टाइपेंड का ज़िक्र करते हैं, साथ ही सरकार की बनाई कमेटी की सिफ़ारिशों का भी हवाला देते हैं, जिसमें स्टाइपेंड में अच्छी-खासी बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया था। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने सार्वजनिक रूप से इस मांग को सही माना है और कहा है कि मामला वित्त विभाग के पास प्रक्रिया में है। हालांकि, एक हफ़्ते से ज़्यादा समय तक हड़ताल के बाद भी कोई औपचारिक, लिखित और भविष्य में लागू होने वाला आदेश न मिलने के कारण, SKIMS JVC बेमिना समेत सभी इंटर्न ने भूख हड़ताल शुरू करके अपना विरोध और तेज़ कर दिया है।
0
0
Report

मुंबई-दरभंगा SG-115 उड़ान में बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ी, विमान में प्राथमिक चिकित्सा

Darbhanga, Bihar:मुंबई से दरभंगा आ रही फ्लाइट SG-115 में उड़ान भरने से ठीक पहले एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। महिला की शुगर लो होने की जानकारी सामने आने के बाद विमान के अंदर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई एयरपোর্ট पर डॉक्टरों की टीम को विमान के अंदर बुलाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान दरभंगा के लिए टेक ऑफ करने की तैयारी में था। इसी दौरान बुजुर्ग महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई। महिला की हालत को देखते हुए विमान को रोक दिया गया और चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर उनकी प्रारंभिक जांच की। जांच के बाद चिकित्सकों की सलाह पर महिला को विमान से उतार लिया गया, ताकि उनका समुचित उपचार और निगरानी की जा सके। इस दौरान विमान में सवार अन्य यात्रियों को करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बुजुर्ग महिला को मुंबई एयरपोर्ट पर उतारने और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद SG-115 फ्लाइट ने दरभंगा के लिए उड़ान भरी और यात्रियों को लेकर दरभंगा पहुंची। घटना के कारण यात्राओं को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
0
0
Report
Advertisement

नकासिपाड़ा पुलिस ने तेलंगाना से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, केस दर्ज आज

Krishnanagar, West Bengal:নদীয়ার নাকाशিপাড়ার কংগ্রেস নেতা সপুত্রক খুনে আরো দুই অভিযুক্তকে তেলেঙ্গানা থেকে গ্রেফতার করে স্যাঃ নাকাশিপাড়া থানায় নিয়ে আসার পর , নাকাশিপাড়া পুলিশ কৃষ্ণনগর আদালতে পাঠালো আজই পিসি চেয়ে, ধৃতদের নাম লোবী শেখ ও আলীহিম শেখ। প্রসঙ্গত গত ১৫ই আগস্ট রাতে বাড়ি ফেরার পথে খুন হন নাকাশীপাড়া কংগ্রেস নেতা আনিসুর রহমান ও তার পুত্র আইনজীবী আবু সুফিয়ান। ইতিমধ্যেই ১৬ জনকে গ্রেফতার করেন নাকাশী পাড়া পুলিশ। আরো দুজন গ্রেপ্তার হয় এই নিয়ে মোট ১৮ জনকে গ্রেফতার করলো, নাকাশিপাড়া থানার পুলিশ।নাকাশিপাড়া পুলিশের এটি একটি বড় সাফল্য। অল্প সময়ের মধ্যে অভিযুক্তদের গ্রেফতার করলো নাকাশীপাড়া পুলিশ। কোন অপরাধী নাকাশিপাড়া পুলিশের হাত থেকে ছাড়া পাবে না দাবি সরকারের ছিল।
0
0
Report

बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए गाद हटाकर दो तरफ फोर-लेन बनाने की योजना

Patna, Bihar:बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र ने बाढ़ को लेकर कहा कि पानी अभी बढ़ रहा है। सोन नदी और गंडक में भी वृद्धि हो रही है। मगर सूचना है कि जलस्तर घटेगा और 10 दिनों के भीतर पानी निकल जाएगा। इसके बाद अगले 10 दिनों में बिहार के सभी टूटे या बहे रास्तों की मरम्मत की जाएगी। सम्राट चौधरी जी के साथ बंगाल सरकार के सहयोग से 97 गेट खोलने के कारण बाढ़ की त्रासदी कम हुई। भागलपुर के राघवपुर बांध पर असर पड़ा, गंगा नदी के मुड़ने से ड्रेजिंग और जियो बैग के जरिये बांध रोक लिया गया। WRD के अधिकारी सहयोग दे रहे हैं। तेजस्वी यादव पर मंत्री ने कटाक्ष किया कि वे इनफैक्ट नेता नहीं हैं; वह अपने पिता लालू यादव की नेतागिरी का हवाला देते हैं। मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी ने गाद हटाकर दोनों तरफ फोर-लेन बनाने का प्रस्ताव किया ताकि नदी बीच में बहे और बाढ़ का स्थायी समाधान हो।
0
0
Report

कैथल लघु सचिवालय में आढ़तियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, कई मांगें लंबित

Kaithal, Haryana:कैथल लघु सचिवालय में आढ़तियों का मूक प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन कैथल के लघु सचिवालय में जिला कैथल की सभी आढ़ती एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कैथल के लघु सचिवालय में मूक प्रदर्शन किया। आढ़तियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गेहूं की आढ़त का लंबित भुगतान जल्द करने, आढ़त दर बढ़ाने, मार्केट फीस और एचआरडीएफ की दरें तर्कसंगत करने समेत कई मांगें उठाईं। आढ़तियों ने सरकार से जल्द बैठक कर समस्याओं के समाधान की मांग की। मांग पत्र इस प्रकार है... आढ़तियों ने गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 की आढ़त का भुगतान जल्द करवाने की मांग उठाई। एसोसिएशन का कहना है कि गेहूं खरीद बंद होने के 90 दिन बाद भी आढ़तियों को आढ़त का पूर्ण भुगतान नहीं हुआ है। आढ़तियों ने गेहूं और धान की आढ़त दरों में बढ़ोतरी करने तथा अन्य राज्यों की तर्ज पर हरियाणा में मार्केट फीस और एचआरडीएफ की दरों को तर्कसंगत करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि अधिक शुल्क के कारण कृषि आधारित उद्योगों पर असर पड़ रहा है और पलायन की स्थिति बन रही है। आढ़तियों को जारी लाइसेंस को जीएसटी विभाग की तर्ज पर वैध किए जाने, किसानों की फसल मशीन से सफाई की मजदूरी को फसल की सफाई से जोड़ने तथा वास्तविक मजदूरी के आधार पर निर्धारित करने की मांग की गई। इसके अलावा मंडियों में फसल खरीद के दौरान केवल अधिकृत अधिकारियों को तौल व्यवस्था जांचने का अधिकार देने, बाहरी व्यक्तियों या संस्थानों को ऐसी कार्रवाई से रोकने की मांग की गई। आढ़तियों द्वारा बोली पर खरीदी गयी दुकानों की रजिस्ट्री सभी मंडियों में लागू करने और ई-नेम 2 प्रणाली में किसानों को अनावश्यक रजिस्ट्रेशन से मुक्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। एसोसिएशन ने सरकार से सभी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने तथा हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की। बाइट :मंडी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की
0
0
Report
Advertisement

धामी ने देहरादून से भविष्य निर्माण योजना की शुरुआत, युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

Dehradun, Uttarakhand:ब्रेकिंग देहरादून सीएम धामी ने देहरादून से 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' का शुभारंभ युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग एवं गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री UPSC, UKSSC, CDS, बैंकिंग, रेलवे और SSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की मिलेगी सुविधा AT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET परीक्षा के लिए भी मिलेगा मार्गदर्शन धामी सरकार ने युवाओं को दी सौगात युवाओं के सपनों को मिलेगी उड़ान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होगी आसान निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से घर बैठे मिलेगी गुणवत्तापूर्ण तैयारी की सुविधा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए धामी सरकार की बड़ी पहल उत्तराखंड के युवाओं को बेहतर अवसर और मजबूत भविष्य की दिशा में एक और कदम
0
0
Report

नेहरू विहार की तिरछी इमारत बन सकती है बड़ी आपदा, प्रशासन कब करेगा कार्रवाई

New Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली के नेहरू विहार में एक तिरछी और जर्जर इमारत लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। करीब तीन साल पहले नगर निगम ने इसे डेंजर घोषित कर नोटिस चस्पा किया था, लेकिन अब तक इसे गिराने की कार्रवाई नहीं हुई। इमारत के ठीक सामने कोचिंग सेंटर है, जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में सवाल है—क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? तस्वीरें नेहरू विहार की उस इमारत की हैं, जो अपनी हालत के चलते कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। इमारत एक तरफ झुकी हुई नजर आ रही है और इसके आसपास घनी आबादी है। यहां हर रोज बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि ठीक इस इमारत के सामने एक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है, जहां सैकड़ों छात्र पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। अगर अचानक इमारत का कोई हिस्सा गिरता है, तो इसकी चपेट में आसपास मौजूद लोगों के साथ छात्र भी आ सकते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब तीन साल पहले नगर निगम की ओर से इस इमारत पर नोटिस चस्पा किया गया था और इसे खतरनाक इमारत के तौर पर चिन्हित किया गया था। लेकिन सवाल ये है कि नोटिस लगाने के बाद आगे की कार्रवाई कहां अटक गई? स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत और पत्राचार के बावजूद इमारत को हटाने या ध्वस्त करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि इमारत की हालत लगातार खराब होती जा रही है और अब इसका झुकाव भी चिंता बढ़ा रहा है। दिल्ली में जर्जर इमारतों को लेकर पहले भी बड़े हादसे सामने आते रहे हैं। सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। हादसों के बाद प्रशासन हरकत में आता है, लेकिन सवाल ये है कि क्या किसी हादसे का इंतजार किए बिना खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? नेहरू विहार के लोग भी इसी सवाल का जवाब मांग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में सिर्फ यही एक इमरात नहीं, बल्कि कई पुरानी और जर्जर इमारतें मौजूद हैं। कुछ इमारतों के अंदर कोचिंग सेंटर भी चल रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम ने किसी इमारत को खतरनाक घोषित किया है तो उसके बाद सुरक्षा के लिए जरूरी कदम भी उठाने चाहिए। सिर्फ नोटिस चस्पा कर जिम्मेदारी खत्म कर देना काफी नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर है। क्या अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है? क्या शिकायतों और पत्राचार के बावजूद कार्रवाई के लिए किसी हादसे का होना जरूरी है? और सबसे अहम सवाल- जब इमारत को करीब तीन साल पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था, तो अब तक इसे सुरक्षित करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई? नेहरू विहार के लोगों को डर है कि कहीं ये तिरछी इमारत किसी दिन बड़ी तबाही की वजह न बन जाए। अब देखना ہوگا कि प्रशासन इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए कब कार्रवाई करता है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top