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Ghaziabad - पुलिस ने अवैध रूप से होटल चलाए जाने वाले मालिकों पर की कड़ी कार्रवाई

Dec 31, 2024 12:42:29
Ghaziabad, Uttar Pradesh

 नए साल के मौके पर हुड़दंग से बचाने के उद्देश्य से देहात पुलिस द्वारा ओयो होटलो को अवैध रूप से संचालित करने के मामले में सील किया गया है। अवैध रूप से होटल को चलाकर अपने धंधे को चला रहे थे। हालांकि पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी , कि ओयो होटल के नाम पर वेश्यावृत्ति का धंधा भी बड़े जोर-शोर से चल रहा है । इसी को ध्यान में रखते हुए देहात पुलिस कप्तान के आदेश पर ओयो होटल को सील करने का कार्य किया गया है।

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PGPARAS GOYAL
Jan 21, 2026 09:22:24
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DGDeepak Goyal
Jan 21, 2026 09:22:12
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के करीब 900 राजकीय मंदिरों की व्यवस्था आज गंभीर संकट से गुजर रही है। देवस्थान विभाग, जो इन मंदिरों के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालता है, खुद संसाधनों की भारी कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि विभाग के आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हैं और एक-एक अधिकारी के जिम्मे सात से आठ जिलों का काम है। नतीजा पूजा व्यवस्था से लेकर दान राशि के ऑडिट और विकास योजनाओं तक, सब कुछ प्रभावित हो रहा है। जिस विभाग पर प्रदेश के करीब 900 राजकीय मंदिरों, हजारों सार्वजनिक प्रन्यासों और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को संभालने की जिम्मेदारी है, वही देवस्थान विभाग आज खुद सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। विडंबना यह है कि भगवान के घरों की सेवा-व्यवस्था संभालने वाला विभाग अपने ही अस्तित्व और संसाधनों की लड़ाई लड़ रहा है। मंदिरों की पूजा, दान, सुरक्षा, सफाई और विकास योजनाओं की निगरानी करने वाला सिस्टम आधे से ज्यादा खाली कुर्सियों पर टिका हुआ है। विभाग के 469 स्वीकृत पदों में से 251 पद आज भी रिक्त हैं। यानी भगवान की सेवा का जिम्मा लगभग आधे से कम स्टाफ पर चल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में हालात ऐसे हैं कि एक ही अधिकारी सात से आठ जिलों के मंदिरों की जिम्मेदारी संभाल रहा है। कई किलोमीटर के दायरे में फैले मंदिरों का निरीक्षण, शिकायतों का निस्तारण और प्रशासनिक फैसले कुछ गिने-चुने अधिकारियों के भरोसे हैं। नतीजा यह है कि कहीं शिकायतें महीनों तक पड़ी रहती हैं, तो कहीं मंदिरों का निरीक्षण सालों से नहीं हुआ। दान-पेटियों की राशि, जमीनों के रिकॉर्ड, संपत्तियों का सत्यापन और लेखा परीक्षण जैसे काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। कई जगह वर्षों से मंदिरों का ऑडिट नहीं हुआ है। देवस्थान विभाग की हाल में हुई बैठक में मंत्री जोराराम कुमावत ने पुजारियों और अन्य पदों पर भर्ती को प्रस्ताव तैयार करवाने के निर्देश दिए है। बाइट-जोराराम कुमावत, देवस्थान विभाग पद का नाम::::::::::::::::::::::::स्वीकृत पद:::::::::::रिक्त पद मुख्य लेखाधिकारी:::::::::::::::::1::::::::::::::::::::::::::::::::1 लेखाधिकारी:::::::::::::::::2::::::::::::::::::::::::::::::::2 सहायर्क लेखाधिकारी (प्रथम):::::1:::::::::::::::::::::::::::::::1 सहायक लेखाधिकारी (द्वितीय):::::::14:::::::::::::::::::::::::::::::7 निरीक्षक प्रथम श्रेणी:::::::::::15:::::::::::::::::::::::::::::::6 निरीक्षक द्वितीय श्रेणी:::::::::::21:::::::::::::::::::::::::::::::13 कनिष्ठ सहायक::::::::29:::::::::::::::::::::::::::::::16 कनिष्ठ लेखाकार::::::::4:::::::::::::::::::::::::::::::3 सूचना सहायक:::::::1:::::::::::::::::::::::::::::::1 मैनेजर प्रथम श्रेणी::::::::11::::::::::::::::::::::::::::::9 पुजारी::::::::94:::::::::::::::::::::::::::::::24 सेवागिर::::::144:::::::::::::::::::::::::::::::133 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी::::::48:::::::::::::::::::::::::::::24 नए जिले बन गए, लेकिन देवस्थान विभाग के कार्यालय आज भी संभाग स्तर पर ही हैं। जिला स्तर पर कोई भी देवस्थान विभाग का दफ्तर नही हैं....पिछले 16 साल से देवस्थान विभाग का कैडर रिव्यू नहीं हुआ। अंतिम बार 2009 में विभाग की संरचना बदली गई थी। उसके बाद से विभाग की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ गईं, लेकिन ढांचा वही पुराना रह गया। 2008 में जहां सार्वजनिक प्रन्यासों की संख्या करीब 6100 थी, आज यह आंकड़ा 13 हजार के करीब पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सोसायटी एक्ट से जुड़े संस्थानों का बोझ भी इसी विभाग पर आ गया है। यानी भगवान के नाम से चलने वाली संस्थाएं दोगुनी हो गईं, लेकिन उन्हें संभालने वाले हाथ आधे रह गए। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना भी इसी विडंबना की मिसाल है। पहले हर साल करीब 10 हजार लोग जाते थे, अब यह संख्या 56 हजार तक पहुंच गई है। लेकिन इतने बड़े धार्मिक कार्यक्रम के लिए आज तक विभाग में एक भी नया पद नहीं बना। राज्य सरकार की बजट घोषणाओं से देवस्थान विभाग पर जिम्मेदारी और बढ़ गई है। 100 से ज्यादा मंदिरों के जीर्णोद्धार और नवनिर्माण का काम पर्यटन विभाग से हटाकर देवस्थान विभाग को सौंप दिया गया। धार्मिक उत्सवों और आयोजनों का बजट भी इसी विभाग के पास है। लेकिन इंजीनियर, तकनीकी स्टाफ और निगरानी तंत्र के बिना कई योजनाएं फाइलों में ही भगवान भरोसे पड़ी हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी संवेदनशील है। वहां के अराजकीय श्रेणी के मंदिरों का नियंत्रण, विवाद, कब्जे और कोर्ट केस सब कुछ देवस्थान अधिकारियों को देखना पड़ता है। तय मानक से कई गुना ज्यादा केस लंबित चल रहे हैं। नतीजा यह है कि अधिकारी दिन का आधा समय अदालतों में और आधा फाइलों में निकाल देते हैं... बहरहाल, कुल मिलाकर स्थिति यह है कि राजस्थान में भगवान के घर तो रोज़ खुले हैं, आरती होती है, शंख बजते हैं, लेकिन उन घरों की देखरेख करने वाला विभाग खुद संसाधनों के अभाव में भगवान भरोसे चल रहा है। आस्था कायम है, पर व्यवस्था थक चुकी है। और सवाल यही है कि जब भगवान का विभाग ही लाचार हो जाए, तो आस्था की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा.......
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RMRAJESH MISHRA
Jan 21, 2026 09:21:38
:मिरजापुर में देहात कोतवाली समेत पुलिस की 4 टीमों ने जिम में चल रहे धर्म परिवर्तन का फंडाफोड़ किया। जिम संचालक व ट्रेनर को गिरफ्तार किया गया जबकि 2 अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इनके द्वारा संचालित 4 जिम को सीज किया गया है। यह मामला दो पीड़िता की तहरीर और जांच में सामने आया। देहात कोतवाली में बहलाकर धर्म परिवर्तन कराने, शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई में जुटी है। पीड़िता का आरोप है कि जिम ट्रेनर ने उसे प्रेम जाल में फंसाया और धीरे-धीरे उस पर दबाव बनाना शुरू किया। आरोप है कि आरोपी युवक ने युवती के अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए, जिनके जरिए उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा। पीड़िता के अनुसार आरोपी द्वारा बुर्का पहनाकर उसकी तस्वीरें भी खींची गईं, जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने युवती से अलग-अलग मौकों पर पैसे ऐंठे और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पीड़िता ने जब इसका विरोध किया तो उसे बदनाम करने और नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता ने अंततः पुलिस की शरण ली। पुलिस ने धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपियों मोह. शेख अली आलम पुत्र मुमताज आलम नटवां मिल्लत नगर, कोतवाली कटरा तथा फैजल खान पुत्र अनवार अहमद खान गोसाई तालाब कोतवाली शहर को गिरफ्तार किया हैं। इसके अलावा 2 अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्त जहीर केजीएन-01 जिम का मालिक है तथा केजीएन-02, केजीएन-03 और आयरन फायर जिम से भी उसका लगातार जुड़ाव रहा है। जिसे सीज कर दिया गया है ताकि साक्ष्य सुरक्षित रहे। एसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की हर पहलू से गहन विवेचना की जा रही है। मामले में जो भी व्यक्ति संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोरतम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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AKAjay Kumar Rai
Jan 21, 2026 09:20:45
Buxar, Bihar:बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चौसा–मोहनिया मुख्य मार्ग पर दो बाइक की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद दोनों बाइक के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार में आ रही दोनों बाइक आमने-सामने टकरा गईं। दुर्घटना में बाइक सवार सभी लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां तीनों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनारपुर गांव निवासी के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को भी जब्त कर लिया है।
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NMNitesh Mishra
Jan 21, 2026 09:20:20
Dhanbad, Jharkhand:धनबाद बरोरा में दुकानदारों ने सड़क पर पानी पर प्रदर्शन; नाली बनवाने का आश्वासन। सीओ दुकानदारों से समस्या से अवगत हुए। वही जिन घरों के लोगो द्वारा सड़क में पानी बहाया जा रहा उसे चेतावनी देते हुए पानी को सड़क में नहीं बहाने की हिदायत दिया। स्थानीय दुकानदार ने कहा कि कई वर्षों से सड़क में घरों के गंदे पानी को बहाया जा रहा है जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है। परेशान होकर सड़क जाम करना पडा। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क में पानी नहीं बहाने के लिये कई बार कहा गया था लेकिन बात अनसुनी कर दी गई। मार्केट के दर्जनों दुकानदार ने मेन मार्केट सड़क को जाम कर प्रदर्शन किया। जाम की सूचना पाकर बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू, बाघमारा थाना प्रभारी अजित कुमार, बरोरा थाना की गश्ती दल मौके पर पहुँची। सीओ ने आश्वासन दिया कि स्थायी समाधान के लिए नाली निर्माण सड़क के दोनों ओर कराया जाएगा। सड़क में पानी बहाया जा रहा था, दुकानदार के साथ स्थानीय लोग भी परेशान थे। दोनों ओर नाली निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल जिन लोगों द्वारा सड़क में पानी बहाया जा रहा था उन्हें चेतावनी दिया गया है कि वे सड़क में पानी निकासी नहीं करें।
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MDMahendra Dubey
Jan 21, 2026 09:19:35
Sagar, Madhya Pradesh:राइट टू रिकॉल के तहत देवरी नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के परिणाम आ गए हैं। मौजूदा अध्यक्ष नेहा अकलेश जैन फिर से निर्वाचित होकर पद पर बनी रहेंगी। देवरी नगर पालिका में लगभग 69.29 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया और नेहा जैन को 1197 मतों के अंतर से जीत मिली। नेहा को 7282 मत मिले, जबकि विरोधी के रूप में खाली कुर्सी के पक्ष में 6085 मत पड़े। पहले पार्षदों के विश्वास के कारण अध्यक्ष बनी नेहा जैन के खिलाफ पार्षद खड़े थे, लेकिन अब जनता ने उन पर विश्वास जताया है और बाकी बचे अपने कार्यकाल में वह अध्यक्ष पद पर बैठी रहेंगी। जीत का प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद नेहा और उनके पति अकलेश जैन ने इसे जनता की जीत कहा है।
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NJNEENA JAIN
Jan 21, 2026 09:18:46
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर गंगोह पुलिस की बड़ी कार्रवाई! थाना गंगोह पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चोरी की गई 10 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार जनवरी में दर्ज दो वाहन चोरी मामलों की जांच के दौरान 20 जनवरी को बुड्ढाखेड़ा तिराहे के पास से आकाश, कय्यूम और हसनैन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से वाहन चोरी कर सस्ते दामों पर बेचने की बात कबूली। बरामद मोटरसाइकिलें विभिन्न राज्यों की हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बाइट... अशोक सिसोदिया क्षेत्राधिकारी
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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMA
Jan 21, 2026 09:18:33
Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा।जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन द्वारा जनपद में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए जाने के उद्देश्य से दिए गए निर्देशों के क्रम में संबंधित विभागों द्वारा सघन अभियान एवं निरीक्षण की कार्यवाही लगातार की जा रही है। इसी क्रम में शहर क्षेत्र में नाबालिक एवं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के ई-रिक्शा संचालन पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार एआरटीओ गोंडा, यातायात निरीक्षक (टी.आई.) गोंडा तथा ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों एवं चौराहों पर ई-रिक्शा चालकों की गहन जांच की गई। जांच में कई ई-रिक्शा चालक नाबालिक पाए गए तथा कई के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे ई-रिक्शा चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 29 ई-रिक्शा जब्त किए गए, जिन्हें गोण्डा स्थित ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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NSNITIN SRIVASTAVA
Jan 21, 2026 09:17:06
Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- बाराबंकी में टेंट कारोबारी ने लाइसेंसी पिस्टल से खुद को मारी गोली, मौत बाराबंकी शहर कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ला निवासी टेंट व किराना व्यवसायी राजेंद्र जायसवाल के पुत्र नवीन जायसवाल (50) ने आज सुबह अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, घटना आज सुबह की है। उस समय परिवार के अन्य सदस्य अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त थे। इसी दौरान नवीन के कमरे से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर परिजन दौड़कर कमरे में पहुंचे तो देखा कि नवीन लहूलुहान अवस्था में पड़े थे और उनके सिर में गोली लगी थी। परिजन तत्काल उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ रोड स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने लाइसेंसी पिस्टल को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है。
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NJNEENA JAIN
Jan 21, 2026 09:16:54
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में सरसावा के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से मृतको के पैतृक गांव खारीबांस में मातम पसर गया है सरसावा में हुई इस घटना के बाद पांचो शव देर रात खारीबांस गांव पहुंचे जहां शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया इस हादसे ने सभी का दिल दहला दिया देर रात लगभग 11:30 बजे शमशान घाट पर एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव पहुंचने पर भारी भीड़ उमड़ी एक साथ पांच चितई देखकर हर किसी की आंखें नम थी मृतको में अमीन अशोक राठी उसकी मां विद्यावती पत्नी अंशिता दो बेटे कार्तिक और देव शामिल थे अशोक राठी ने अपने पत्नी दोनों बच्चों और मां को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी परिजनों के रिश्तेदारों के आंसू थम नहीं रहे थे बस सभी के मन में एक सवाल था कि कोई इतना बड़ा आत्मघाती कदम कैसे उठा सकता है कोई कैसे अपने परिवार को मौत की आगोश में सुला सकता है इस दौरान पूर्व सांसद विधायक और कई पार्टियों के नेता मौजूद रहे
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BSBHUPENDAR SINGH SOLANKI
Jan 21, 2026 09:16:36
Tonk, Rajasthan:मालपुरा में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आदित्य लोक कल्याण शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित बालिका शिक्षा के निजी महाविद्यालय सदरपुरा रोड स्थित लक्ष्मीबाई महिला महाविद्यालय व संतोष देवी गर्ल्स कॉलेज हैं। जहां प्राकृतिक व स्वच्छ वातावरण में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की बालिकाओं को अध्ययन करवाया जाता है। महाविद्यालय में बीए बीएड, बीएससी बीएड सहित बीए व बीएससी का कोर्स संचालित है। महाविद्यालय 2014 से संचालित है। महाविद्यालय में निदेशक पूर्व उप जिला प्रमुख अवधेश शर्मा व निवर्तमान जिला परिषद सदस्य रूपकला शर्मा लगातार महाविद्यालय की सभी प्रकार की शैक्षणिक व सह शैक्षणिक गतिविधियों का सफलताप्रवास संचालन करते हैं।
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DGDeepak Goyal
Jan 21, 2026 09:15:57
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के करीब 900 राजकीय मंदिरों की व्यवस्था आज गंभीर संकट से गुजर रही है। देवस्थान विभाग, जो इन मंदिरों के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी संभालता है, खुद संसाधनों की भारी कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि विभाग के आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हैं और एक-एक अधिकारी के जिम्मे सात से आठ जिलों का काम है। नतीजा पूजा व्यवस्था से लेकर दान राशि के ऑडिट और विकास योजनाओं तक, सब कुछ प्रभावित हो रहा है। जिस विभाग पर प्रदेश के करीब 900 राजकीय मंदिरों, हजारों सार्वजनिक प्रन्यासों और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को संभालने की जिम्मेदारी है, वही देवस्थान विभाग आज खुद सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। विडंबना यह है कि भगवान के घरों की सेवा-व्यवस्था संभालने वाला विभाग अपने ही अस्तित्व और संसाधनों की लड़ाई लड़ रहा है। मंदिरों की पूजा, दान, सुरक्षा, सफाई और विकास योजनाओं की निगरानी करने वाला सिस्टम आधे से ज्यादा खाली कुर्सियों पर टिके हैं। विभाग के 469 स्वीकृत पदों में से 251 पद आज भी रिक्त हैं। यानी भगवान की सेवा का जिम्मा लगभग आधे से कम स्टाफ पर चल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में हालात ऐसे हैं कि एक ही अधिकारी सात से आठ जिलों के मंदिरों की जिम्मेदारी संभाल रहा है। कई किलोमीटर के दायरे में फैले मंदिरों का निरीक्षण, शिकायतों का निस्तारण और प्रशासनिक फैसले कुछ गिने-चुने अधिकारियों के भरोसे हैं। नतीजा यह है कि कहीं शिकायतیں महीनों तक पड़ी रहती हैं, तो कहीं मंदिरों का निरीक्षण सालों से नहीं हुआ। दान-पेटियों की राशि, जमीनों के रिकॉर्ड, संपत्तियों का सत्यापन और लेखा परीक्षण जैसे काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। कई जगह वर्षों से मंदिरों का ऑडिट नहीं हुआ है। देवस्थान विभाग की हाल में हुई बैठक में मंत्री जोराराम कुमावत ने पुजारियों और अन्य पदों पर भर्ती को प्रस्ताव तैयार करवाने के निर्देश दिए हैं...बाइट-जोराराम कुमावत, देवस्थान विभाग नए जिले बन गए, लेकिन देवस्थान विभाग के कार्यालय आज भी संभाग स्तर पर ही हैं। जिला स्तर पर कोई भी देवस्थान विभाग का दफ्तर नहीं हैं...पिछले 16 साल से देवस्थान विभाग का कैडर रिव्यू नहीं हुआ। अंतिम बार 2009 में विभाग की संरचना बदली गई थी। उसके बाद से विभाग की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ गईं, लेकिन ढांचा वही पुराना रह गया। 2008 में जहां सार्वजनिक प्रन्यासों की संख्या करीब 6100 थी, आज यह आंकड़ा 13 हजार के करीब पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सोसायटी एक्ट से जुड़े संस्थानों का बोझ भी इसी विभाग पर आ गया है। यानी भगवान के नाम से चलने वाली संस्थाएं दोगुनी हो गईं, लेकिन उन्हें संभालने वाले हाथ आधे रह गए। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना भी इसी विडंबना की मिसाल है। पहले हर साल करीब 10 हजार लोग जाते थे, अब यह संख्या 56 हजार तक पहुंच गई है। लेकिन इतने बड़े धार्मिक कार्यक्रम के लिए आज तक विभाग में एक भी नया पद नहीं बना। राज्य सरकार की बजट घोषणाओं से देवस्थान विभाग पर जिम्मेदारी और बढ़ गई है। 100 से ज्यादा मंदिरों के जीर्णोद्धार और नवनिर्माण का काम पर्यटन विभाग से हटाकर देवस्थान विभाग को सौंप दिया गया। धार्मिक उत्सवों और आयोजनों का बजट भी इसी विभाग के पास है। लेकिन इंजीनियर, तकनीकी स्टाफ और निगरानी तंत्र के बिना कई योजनाएं फाइलों में ही भगवान भरोसे पड़ी हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी संवेदनशील है। वहां के अराजकीय श्रेणी के मंदिरों का नियंत्रण, विवाद, कब्जे और कोर्ट केस सब कुछ देवस्थान अधिकारियों को देखना पड़ता है। तय मानक से कई गुना ज्यादा केस लंबित चल रहे हैं। नतीजा यह है कि अधिकारी दिन का आधा समय अदालतों में और आधा फाइलों में निकाल देते हैं... कुल मिलाकर स्थिति यह है कि राजस्थान में भगवान के घर तो रोज़ खुले हैं, आरती होती है, शंख बजते हैं, लेकिन उन घरों की देखरेख करने वाला विभाग खुद संसाधनों के अभाव में भगवान भरोसे चल रहा है। आस्था कायम है, पर व्यवस्था थक चुकी है। और सवाल यही है कि जब भगवान का विभाग ही लाचार हो जाए, तो आस्था की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा...
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