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हसायन में जुआ खेल रहे 5 लोग गिरफ्तार, ₹1100 नकद व ताश की गड्डी बरामद

Mohammad RajaMohammad RajaFollow10m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ/हसायन-09 सितंबर जनपद हाथरस के थाना हसायन पुलिस ने जुआ और सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1100 नकद और 52 पत्तों की एक ताश की गड्डी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी सिकंद्राराऊ के पर्यवेक्षण में थाना हसायन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम मथुरापुर के पास छापेमारी की। मौके पर पांच लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेलते मिले, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में बांकेलाल, मानपाल, नावेद, मुन्नेश तथा भूप्रकाश उर्फ पप्पू निवासी ग्राम मथुरापुर थाना हसायन शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना हसायन में मु0अ0सं0 168/2026, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को उपनिरीक्षक यदुनाथ एवं थाना हसायन पुलिस टीम ने अंजाम दिया।
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60 घंटे के अनशन के बाद 8 फीट सड़क बनवाने पर सहमति बनी

Jamui, Bihar:जमुई जिले के खैरा प्रखंड की खड़ाईच पंचायत के गरगोर गांव निवासी 60 वर्षीय प्रदीप साव का करीब 60 घंटे से चल रहा आमरण अनशन बुधवार की शाम समाप्त हो गया। खैरा थाना परिसर में अंचलाधिकारी आशीष कुमार ने प्रदीप साव को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इससे पहले प्रशासनिक टीम ने संबंधित स्थल का निरीक्षण किया और दोनों पक्षों की मौजूदगी में रास्ते के विवाद को लेकर लिखित सहमति बनी। प्रदीप साव सोमवार से खैरा अंचल सह प्रखंड कार्यालय के गेट के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी मांग करीब 65 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने और वहां रास्ता उपलब्ध कराने की थी। प्रशासन की ओर से राजस्व पदाधिकारी शिव शंकर राय सहित अन्य कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर डटे रहे। बुधवार को अंचलाधिकारी आशीष कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम संबंधित स्थल पर पहुंची। मीडिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मुख्य सड़क से प्रदीप साव के घर होते हुए पैन तक 8 फीट चौड़ी सड़क बनाने पर सहमति बनी। सहमति के अनुसार सड़क निर्माण में आने वाली आठ फीट भूमि को लेकर भविष्य में संबंधित रैयत कोई दावा नहीं करेगा। साथ ही किसी व्यक्ति को इस रास्ते से आवागमन करने से नहीं रोका जाएगा। यह भी तय हुआ कि सड़क निर्माण दोनों छोर से एक साथ शुरू किया जाएगा, ताकि किसी पक्ष को परेशानी नहीं हो। निर्माण पूरा होने के बाद उक्त रास्ते को सार्वजनिक माना जाएगा। फिलहाल जमीन पर धान की फसल लगी हुई है, लिहाजा फसल कटने के बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। दोनों पक्षों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए। अनशन समाप्त कराने के बाद अंचलाधिकारी आशीष कुमार ने कहा कि मुख्य विवाद रास्ते को लेकर था, जिस पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। वहीं, एक घर के गैरमजरूआ जमीन पर बने होने की बात भी सामने आई है। इसकी स्थल जांच कर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले को लेकर नेता बाबू साहब ने कहा, “धरना टूटा है, लड़ाई अभी जारी है।” उन्होंने 65 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन के मामले को अभी भी लंबित बताते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी। 21वीं सदी में भी मांग मनवाने को अनशन का सहारा सरकार और प्रशासन लगातार खुद को पब्लिक फ्रेंडली होने का दावा करते हैं। आम लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में 21वीं सदी में भी किसी ग्रामीण को अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने और अपनी मांग पर ध्यान आकर्षित कराने के लिए करीब 60 घंटे तक आमरण अनशन करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। लिहाजा, करीब 60 घंटे तक चले अनशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और अंचलाधिकारी आशीष कुमार के नेतृत्व में राजस्व अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद प्रदीप साव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया और उनके घर से मुख्य सड़क तक 8 फीट रास्ता बनाने पर सहमति बनी। प्रदीप साव का आरोप है कि उनके घर के सामने सरकारी जमीन पर दबंगों द्वारा कथित तौर पर अवैध निर्माण कर घर बना लिया गया है, जिसके कारण उन्हें आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर वह लगातार आमरण अनशन पर बैठे थे। फिलहाल रास्ते को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन 65 डिसमिल गैरमजरूआ जमीन के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है。
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सिकंदरा राव में नगला विजन कट पर दो कारों की टक्कर, बड़ा हादसा टला

Mohammad RajaMohammad RajaFollow11m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ हाथरस-सिकंदराराऊ रोड पर बुधवार शाम करीब 6 बजे नगला विजन के पास दो कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन चालक बाल-बाल बच गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथरस की ओर से आ रही एक कार अपनी सही दिशा में चल रही थी। इसी दौरान सिकंदराराऊ की ओर से आ रही एक अज्ञात स्विफ्ट कार ने नगला विजन के पास स्थित मोड़ पर अचानक दूसरे रोड की तरफ मुड़ने का प्रयास किया। अचानक मोड़ लेने के कारण सामने से आ रही कार से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद स्विफ्ट कार चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया। हादसे में दूसरी कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया तथा स्टेयरिंग भी दब गया, लेकिन चालक का एयरबैग खुल जाने से उसका बचाव हो गया और कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का कहना है कि नगला विजन के पास स्थित इस कट पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उनका आरोप है कि यहां मोड़ या कट संबंधी कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे वाहन चालकों को समय रहते जानकारी नहीं मिल पाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त स्थान पर चेतावनी बोर्ड एवं आवश्यक यातायात संकेतक लगाए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाले हादसों को रोका जा सके।
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बरेली में अलीगंज थाना क्षेत्र में खुले नाले में डूबा दो साल का मासूम, दर्दनाक मौत

SHUBHAM KUMAR SINGHSHUBHAM KUMAR SINGHFollow11m ago
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली में अलीगंज थाना क्षेत्र के इंचौर गांव में घर के बाहर खेल रहे दो साल के मासूम की खुले नाले में गिरकर डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।इंचौर गांव निवासी तेजपाल का दो साल का बेटा सुनील घर के बाहर खेल रहा था। उसकी मां घर के अंदर खाना बना रही थीं। इसी दौरान सुनील अचानक दिखाई नहीं दिया। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला। तलाश के दौरान घर के सामने बने खुले नाले में मासूम का शव पड़ा मिला। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।परिजनों का आरोप है कि ग्राम प्रधान की ओर से करीब पांच फीट गहरे नाले का निर्माण कराया गया है, जिसमें पानी भरा रहता है। उनका कहना है कि खेलते समय सुनील नाले में गिर गया और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने खुले नाले को हादसे की वजह बताया है।घटना की सूचना मिलते ही अलीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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HSGMC प्रमुख झींडा के इस्तीफे की मांग पर गुरतेज सिंह का धरना तीसरे दिन

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में HSGMC के सदस्य गुरतेज सिंह का हेड ऑफिस के बाहर तीसरे दिन भी धरना रहा जारी, कल मौजूदा 7 सात सदस्यों ने दिया था समर्थन,आज पूर्व सदस्य भी समर्थन देने के लिए पहुंचे,प्रधान जगदीश सिंह झींडा के इस्तीफा की की मांग कुरुक्षेत्र:- हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य गुरतेज सिंह का कमेटी के हेड ऑफिस के बाहर आज तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। प्रधान जगदीश सिंह झींडा के खिलाफ लगातार गुरतेज सिंह को मौजूदा सदस्य और पूर्व सदस्यों का समर्थन मिल रहा है। कल धरने पर स्थल पर मौजूदा कमेटी के 7 सदस्य पहुंचे थे और आज मौजूदा सदस्य सहित कई पूर्व सदस्यों ने भी गुरतेज सिंह को समर्थन दिया और प्रधान के इस्तीफा की मांग की। गुरतेज सिंह ने HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है。 धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व सदस्यों ने कहा कि कमेटी से जुड़े मुद्दों को लेकर संगत के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं और इन मामलों पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने गुरतेज सिंह की मांगों को जायज बताते हुए उनका समर्थन किया। गुरतेज सिंह और उनके समर्थकों का कहना है कि HSGMC के प्रधान जगदीश सिंह झींडा द्वारा किए गए कई वादे और घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। इसी को लेकर वे प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले को लेकर HSGMC के भीतर भी विरोध के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं। पहले मौजूदा सदस्यों का समर्थन और अब पूर्व सदस्यों के धरने में पहुंचने से मामला और गरमा गया है। गुरतेज सिंह ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। अब देखना होगा कि HSGMC प्रबंधन और प्रधान जगदीश सिंह झींडा की ओर से इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और क्या दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकल पाता है। बाईट:- सदस्य गुरतेज सिंह बाईट:- पूर्व सदस्य परमजीत सिंह (डबवाली) बाईट:- सिख संगत
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ACB ने के/वेस्ट विभाग में रिश्वतखोरी पकड़ी, स्वप्नील म्हात्रे रंगे हाथ पकड़े गए

Mumbai, Maharashtra:के/पश्चिम विभागात पुन्हा लाचखोरीवर ACBचा छापा मुंबई महापालिकेच्या के/पश्चिम विभागात पुन्हा एकदा लाचखोरीचा प्रकार समोर आला असून, अँटी करप्शन ब्युरो अर्थात ACBने कारवाई केल्याची माहिती आहे. मॅरेज सर्टिफिकेट बनवून देण्यासाठी तीन हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना महापालिकेचा अधिकारी स्वप्नील म्हात्रे याला ACBच्या पथकाने रंगेहाथ पकडल्याची माहिती समोर आली आहे. मिळालेल्या माहितीनुसार, मॅरेज सर्टिफिकेटच्या कामासाठी तक्रारदाराकडून संबंधित अधिकाऱ्याने तीन हजार रुपयांची लाच मागितल्याचा आरोप आहे. याबाबत तक्रार मिळाल्यानंतर ACBने सापळा रचला. तक्रारदाराकडून तीन हजार रुपये स्वीकारत असतानाच ACBच्या पथकाने स्वप्नील म्हात्रे याला रंगेहाथ पकडल्याची माहिती आहे. या कारवाईमुळे मुंबई महापालिकेच्या के/पश्चिम विभागातील कारभारावर पुन्हा एकदा प्रश्नचिन्ह उपस्थित झालं आहे. विशेष म्हणजे, याच विभागात यापूर्वीही लाचखोरीच्या प्रकरणांमध्ये ACBने कारवाई केली आहे. त्यामुळे महापालिका प्रशासनातील भ्रष्टाचाराचा मुद्दा पुन्हा ऐरणीवर आला आहे. सामान्य नागरिकांना आपल्या हक्काच्या शासकीय कामासाठी लाच देण्याची वेळ येऊ नये, अशी अपेक्षा व्यक्त होत आहे. तसेच लाचखोरीला आळा घालण्यासाठी प्रशासनाने कठोर कारवाई करण्याची गरज आहे. दरम्यान, या प्रकरणाचा पुढील तपास ACBकडून सुरू असून, तपासानंतर आणखी माहिती समोर येण्याची शक्यता आहे.
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राजस्थान HC की नई व्यवस्था: जमानत याचिका 3-7 दिनों में फैक्चुअल रिपोर्ट से निस्तारण

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जेलों में बंद विचाराधीन बंदियों को राहत देने और जमानत याचिकाओं पर होने वाली देरी को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। जस्टिस रवि चिरानिया की एकल पीठ ने आदेश दिया है कि जमानत अर्जी दाखिल होते ही सरकारी वकील कार्यालय 3 से 7 दिनों के भीतर संबंधित पुलिस स्टेशन से फैक्चुअल रिपोर्ट मंगाएगा, ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके। एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि याचिका दायर होने के बाद केस डायरी मंगाने की पारंपारिक प्रक्रिया में 15 से 20 दिनों का समय बर्बाद हो जाता है। इस कारण छोटे अपराधों में बंद आरोपियों की याचिकाओं पर भी समय पर सुनवाई नहीं हो पाती। अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी और वरिष्ठ अधिवक्ता रवि भंसाली के सुझावों पर विचार करते हुए कोर्ट ने माना कि केस डायरी کا इंतजार करने के बजाय फैक्चुअल रिपोर्ट के आधार पर सुनवाई शुरू की जा सकती है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के फैसले (सनी चौहान बनाम हरियाणा राज्य) का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े जमानत के मामलों को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। त्वरित रिपोर्ट: राजकीय अधिवक्ता कार्यालय अर्जी मिलते ही 3 से 7 दिनों में थानाधिकारी या जांच अधिकारी से फैक्चुअल रिपोर्ट प्राप्त करेगा। छोटे मामलों का फैसला फैक्चुअल रिपोर्ट से ही होगा। केस डायरी केवल उन्हीं मामलों में मंगाई जाएगी जहाँ कोर्ट को गंभीर आरोपों के कारण इसकी आवश्यकता लगेगी। पुलिस थानों को भेजे जाने वाले नोटिस और संचार का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
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28 बच्चों की मौत वाले आदिवासी गांव में जिला सदस्य ने जन्मदिन मनाया

Raebareli, Uttar Pradesh:बालाघाट– जिन आदिवासी गांवों में 28 बच्चों की मौत हुई वहां जिला पंचायत सदस्य ने मनाया जन्मदिन.... जिला पंचायत सदस्य अनुपमा नेताम ने कोरका और धर्मशाला गांव में जाकर मनाया जन्मदिन... अनुपमा नेताम वर्तमान में अनुसूचित जनजाति आयोग सदस्य की पत्नी भी है.... जन्मदिन के अवसर पर लोगों को मिठाई खिलाते और लोगों से गुलदस्ता लेकर स्वागत करते भी आ रही नजर... लोगो को मिठाई खिलाते और गुलदस्ते से स्वागत करते तस्वीर सोशल मीडिया में की शेयर... सोशल मीडिया वायरल तस्वीरें लोगों में चर्चा का विषय बनी... लोगो को एक साथ बैठकर खाद्य सामग्री का भी किया वितरण... इस तरह से संक्रमण फैले क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगो को इकट्ठा करने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ने का खतरा है...
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गोरखपुर से 9 वर्षीय छात्र लापता, कुशीनगर में मिला सुराग; पुलिस तलाश तेज

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के सिविल लाइंस स्थित एचपी डिफेंस एकेडमी से छुट्टी के बाद निकला कक्षा 4 का 9 वर्षीय छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। छात्र स्कूल से निकलने के बाद ऑटो में बैठा था, लेकिन ऑटो चालक जब करीब डेढ़ सौ गज दूर दूसरे स्कूल से दो बच्चियों को लेने गया और वापस लौटा तो यह छात्र ऑटो से गायब था। हैरानी की बात ये है कि छात्र का स्कूल बैग उसमें रखा गया टिफिन व पानी का बोतल ऑटो में ही पड़ा मिला। लापता छात्र की पहचान राप्तीनगर निवासी मनोज गिरी के 9 वर्षीय बेटे पद्मनाभ गिरी के रूप में हुई है। छात्र के पिता रोजगार के लिए विदेश में रहते हैं, जबकि मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना बुधवार दोपहर करीब 1:45 बजे की बताई जा रही है। मामले की सूचना मिलते ही कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र की तलाश शुरू कर दी। क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम भी सक्रिय हो गई और आसपास के रास्तों में लगी हुई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाने लगी। पुलिस छात्र के स्कूल से निकलने के बाद के संभावित रास्तों और ठिकानों की जानकारी जुटा ही रही थी। इसी बीच शाम करीब 7 बजे छात्र की मां के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन पर मां की बच्चे से बात भी कराई गई। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया। वहीं पुलिस और क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, बच्चे का सुराग कुशीनगर के तमकुही रोड में मिला है। सूत्रों का दावा है कि छात्र को एक युवक और महिला के साथ ट्रेन में ट्रेस किया गया है। बच्चे को बरामद करने के लिए पुलिस टीम उसकी माँ को साथ लेकर तमकुही रोड के लिए रवाना हो गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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फंदे से लटकता मिला विवाहिता का शव! मायके वालों का आरोप—पति और ससुर करते थे मारपीट, पुलिस जांच में

ATAlok TripathiFollow18m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र से एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घरीहां गांव में बुधवार को विवाहिता का शव उसके कमरे में फंदे से लटकता मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पिचरी गांव निवासी चंद्रकला कनौजिया के रूप में हुई है। चंद्रकला की शादी करीब तीन साल पहले घरीहां गांव के रहने वाले पवन कनौजिया से हुई थी। मायके वालों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक था, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि पति पवन कनौजिया आए दिन चंद्रकला के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। वहीं, ससुर पर भी प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। मृतका के भाई का आरोप है कि जब वह अपनी बहन को मायके ले जाने के लिए विदा कराने की बात करता था, तो ससुराल पक्ष के लोग उसे भेजने से मना कर देते थे। बुधवार को चंद्रकला के कमरे में फंदे से लटकने की खबर जैसे ही मायके वालों को मिली, वे आनन-फानन में घरीहां गांव पहुंचे। विवाहिता की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। कासिमाबाद क्षेत्राधिकारी के मुताबिक, घरीहां गांव में बंद कमरे में एक महिला के फंदा लगाने की सूचना मिली थी। तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विवाहिता की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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गाजीपुर की मेधावी बेटी प्रियंका यादव शहीद, ड्यूटी के दौरान इंसास राइफल से चली गोली, पैतृक गांव में

ATAlok TripathiFollow19m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर की होनहार बेटी और उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला सिपाही प्रियंका यादव का महज 27 साल की उम्र में असमय निधन हो गया। कौशांबी के महिला थाने में ड्यूटी के दौरान इंसास राइफल से अचानक गोली चलने से प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गईं और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। प्रियंका 2025 बैच की महिला सिपाही थीं और महज तीन महीने पहले जून में उनकी पहली पोस्टिंग कौशांबी में हुई थी। घटना 8 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे पहरेदारी के दौरान हुई। पुलिस के मुताबिक, कुर्सी पर बैठते समय राइफल का ट्रिगर और लॉक दबने से गोली चल गई, जिससे जबड़े और गले में गंभीर चोट आई। घटना की वजह की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। CO सदर सौरभ सामंत के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। बुधवार सुबह प्रियंका का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सिखड़ी (खिलवा) पहुंचा तो पूरा गांव गम में डूब गया। पूर्व सैनिक पिता रविंद्र नाथ यादव, मां, भाई और बहन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों ने राजकीय सम्मान के साथ प्रियंका को अंतिम विदाई दी। बीएड और डीएलएड क्वालीफाई कर चुकी प्रियंका के असमय निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पहुंचे और शहीद बेटी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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हथियाराम मठ में BJP का शक्ति-संकल्प! नवनियुक्त पदाधिकारियों ने लिया महामंडलेश्वर का आशीर्वाद

ATAlok TripathiFollow20m ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में भाजपा के नवनियुक्त क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने आज जखनिया स्थित सुप्रसिद्ध हथियाराम मठ पहुंचकर बुढ़िया माता के दरबार में दर्शन-पूजन किया। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, क्षेत्रीय मंत्री राजेश राजभर और क्षेत्रीय मंत्री विजय यादव ने महामंडलेश्वर हथियाराम मठ भवानी नंदन यति से आशीर्वाद लिया। महामंडलेश्वर ने नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत करने, राष्ट्र धर्म को सर्वोपरि रखने और सनातन का सम्मान करने का संदेश दिया। उन्होंने नौजवानों को सही मार्गदर्शन देकर राष्ट्रपथ पर लाने की भी अपील की। भानु प्रताप सिंह को अनुसूचित जाति मोर्चा और राजेश राजभर को युवा मोर्चा का क्षेत्रीय प्रभार सौंपा गया है। इस दौरान भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रमोद वर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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झीरम कांड में फंसे जोगा मरकम, परिवार ने निष्पक्ष पुनर्जांच और रिहाई की मांग की

Dantewada, Chhattisgarh:झीरम घाटी कांड… छत्तीसगढ़ के इतिहास की वो दर्दनाक घटना, जिसे आज भी याद कर बस्तर सिहर उठता है। लेकिन अब इसी मामले में जेल में बंद एक पूर्व सरपंच के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। दंतेवाड़ा के चिकपाल गांव के पूर्व सरपंच जोगा मरकाम के परिजनों का दावा है कि उन्हें झीरम घाटी कांड में गलत तरीके से फंसाया गया है। परिजनों का कहना है कि जिस वक्त झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ था, उस समय जोगा मरकाम अपने घर में पारिवारिक शादी की तैयारियों में मौजूद थे। जोगा के बेटे हेमलाल मरकाम के मुताबिक, उनके पिता को पहले कंवरगांव के ठेकेदार तोमर की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनका दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान जोगा के पास से कोई हथियार या नक्सली सामग्री बरामद नहीं हुई थी। परिवार का कहना है कि बाद में ठेकेदार हत्याकांड में जोगा मरकाम को अदालत से बरी कर दिया गया, लेकिन जेल में रहते हुए ही उन्हें झीरम घाटी मामले में भी आरोपी बना दिया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि पिता की कानूनी लड़ाई लड़ते-लड़ते उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। खेत, गाय और बकरियां तक बेचनी पड़ीं। बेटे का दावा है कि मुकदमे में अब तक करीब दो से तीन लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और आर्थिक मजबूरी के चलते उसे अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी। परिवार ने NIA जांच पर उठाए सवाल - परिजन और ग्रामीणों ने एनआईए (NIA) की जांच गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले असली दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, न कि निर्दोष ग्रामीणों को फर्जी मामलों में फंसाकर जेल में रखा जाए। परिवार अब शासन-प्रशासन और अदालत से मामले की निष्पक्ष पुनर्जाँच और जोगा मरकाम की रिहाई की गुहार लगा रहा है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी जोगा मरकाम के समर्थन में सामने आए हैं। उनका कहना है कि जांच में वास्तविक दोषियों तक पहुंचना जरूरी है और किसी निर्दोष ग्रामीण को लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। तो वही NIA ने पहले से जेल में बंद 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है उसको लेकर शहीद महेंद्र कर्मा की पुत्री तूलिका कर्मा ने कहा कि वाकई में झीरम कांड के मास्टरमाइंड आज बाहर घूम रहे हैं और सरकार के साथ नजर आ रहे हैं। कोर्ट ने जिन 10 लोगों को सजा सुनाई है, वे पिछले 10-13 साल से जेल में हैं और अपनी सजा काट रहे हैं। आधिकारिक जांच में असली दोषियों तक पहुँचने की मांग भी जारी है।
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