Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Ghaziabad201204

जीजा ने धारदार हथियार से किया पत्नी की बहन पर हमला, घटना का वीडियो वायरल

Aug 29, 2024 06:16:30
Modinagar, Uttar Pradesh

अलीगढ़ के थाना गांधीपार्क क्षेत्र में एक जीजा ने घर के अंदर घुसकर अपनी पत्नी की बहन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर घायल महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। आरोपी जीजा घर से फरार हो गया और जहां घटना की तस्वीर इलाके में लगे CCTV में कैद हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की बात की है।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
ASAshok Singh Shekhawat
Mar 12, 2026 06:30:53
Sikar, Rajasthan:सीकर 1 करोड़ का मायरा बहन के मायरा भरने की परंपरा तो देशभर में और खास तौर पर राजस्थान में हर जगह निभाई जाती है। माना जाता है कि अपनी बहन के भाई जरूर मायरा भरने जाता है और आदिकाल से यह परंपरा चली आ रही है। इस बहन के बच्चों की शादी में भाई की ओर से सहयोग और बहन के प्यार के तौर पर देखा जाता है। सीकर जिले के कुंडल की ढाणी में एक अनोखी मायरे की रस्म निभाई गई। रानोली की भरतावाली ढाणी निवासी दुबई प्रवासी कैलाश यादव ने अपनी बहन के बेटे के विवाह में दिल खोलकर मायरा भरते हुए करीब 1 करोड़ रुपए के नकद, जेवर और उपहार भेंट किए। इतना बड़ा मायरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। कैलाश की दुबई में बिल्डिंग की कंपनी है। कैलाश यादव बड़े भाई नारायण यादव और छोटे भाई छोटेलाल यादव के साथ बहन के घर कुंडल की ढाणी सीकर में मायरा लेकर पहुंचे। फिर मायरे की रस्म निभाई गई। मायरे में उन्होंने 51 लाख रुपए नकद, करीब 21 लाख की ज्वैलरी के साथ कपड़े व उपहार भेंट किए। मायरे की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ बताई जा रही है। यह मायरा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है。
0
comment0
Report
PKPRASHANT KUMAR1
Mar 12, 2026 06:18:05
Madhepura, Bihar:यहां कागजों पर मिलती है न्याय ! जमीन पर उतारने को भटकते रहते लोग! 16 साल बाद जमीन पर नहीं उतरा न्यायालय का आदेश! अधिकारी, एसडीएम से बन गए विभाग के सचिव! लेकिन तब भी देबू को नहीं मिला न्याय! अब बस सरकार के नए दावों पर है भरोसा! अब बने जिले के प्रभारी सचिव से है आश ! क्या 16 साल बाद जमीन पर उतरेगा इंसाफ ? बदले अधिकारी और सचिव के रूप में दिला पाएंगे न्याय? देखे यह खास रिपोर्ट। मेडhepura वार्ड नंबर 14 निवासी देवनारायण यादव 16 सालों से जमीन पर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। छोटे से पान की दुकान से परिवार का जीवन यापन करने वाले देबू और उसका परिवार साल दर साल अपने जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिये अधिकारीयों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अब 16 साल बाद उप-मुख्यमंत्री के नए दावों और गोपाल मीणा के जिला प्रभारी सचिव बनाने से देव नारायण यादव को न्याय की एक बार फिर आस जगी है। पूजा, उपाय, फिर से आवेदन और निर्देश—पर कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने समय-समय पर प्रशासन से मदद मांगी, पर प्रक्रियाओं के चक्कर में जमीन पर असल न्याय नहीं मिला। अब देखने वाला विषय है कि जिले के वर्तमान अधिकारी कौन सा कदम उठाते हैं और कब तक न्याय मिलता है।
0
comment0
Report
Advertisement
Back to top