icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
201310
Narendra Kr. BhatiNarendra Kr. BhatiFollow21 Aug 2024, 11:46 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

जगरोआं पुलिस ने डेढ़ क्विंटल भुक्की के साथ ट्रक सहित तस्कर को गिरफ्तार किया

Jagraon, Punjab:जगरोआं थाना सिधवां पुलिस ने इलाके में भुक्की की तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को स्पेशल नाके पर पकड़कर डेढ़ क्विंटल भुक्की और उस ट्रक को भी कब्जे में ले लिया गया जिसमें भुक्की भरी हुई थी। इस बारे में DSP Jasvinder Singh Dhindsa और SHO Amarjit Singh ने बताया कि पकड़ा गया व्यक्ति Sukhminder Singh Machhiwara इलाके का रहने वाला है और यह अपने ही ट्रक में भुक्की सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल नाके के दौरान उसे पकड़ लिया और यह भी बताया कि इस व्यक्ति पर NDPS के दो मामले दर्ज हैं। अब उससे पूछताछ की जाएगी कि यह भुक्की लाया था और कहाँ सप्लाई देने जा रहा था।
0
0
Report

हनुमानगढ़ में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: 168 बालिकाओं और 30 शिक्षिकाओं को सम्मान

Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। शिक्षा विभाग ने शनिवार को जाट भवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में शिक्षा और खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाली 168 बालिकाओं को सम्मानित किया गया। बालिका शिक्षा में बेहतरीन काम करने वाली 30 महिला अध्यापिकाओं को भी सम्मान मिला। कार्यक्रम स्थल पर किशोरी उत्सव में जिले के सातों ब्लॉक से प्रथम स्थान पाने वाली बालिकाओं के मॉडल की प्रदर्शनी लगी थी। कलक्टर डॉ. खुशाल यादव और अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनी देखी। उन्होंने बालिकाओं की रचनात्मकता और प्रतिभा की तारीफ की। वक्ताओं ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ खेल और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। सरकार गार्गी पुरस्कार, बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार, साइकिल वितरण और कालीबाई भील स्कूटी योजना जैसी कई योजनाएं चला रही है। इनका लाभ ज्यादा से ज्यादा बालिकाओं तक पहुंचना चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
0
0
Report
Advertisement

धामी ने सेवा संकल्प अभियान से हरिद्वार में कैबिनेट बैठक की तैयारी पर बल

Noida, Uttar Pradesh:Dehradun (Uttarakhand): Pushkar Singh Dhami (Chief Minister) on Sewa Sankalp Programme/ CJP Protest/ PM Modi’s Uttarakhand Visit/ Cabinet Meeting in Haridwar on Sewa Sankalp Programme पेंशन इत्यादि के प्रकार स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं कृषि से संबंधित सभी विभाग एक जगह पर उन समस्याओं के समाधान के लिए शिविरों का आयोजन कर रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। बहुत लोगों में उत्साह है हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी के पूरे इस जन्म जन्मदिवस से लेकर एक माह तक चलने वाला जो सेवा संकल्प का अभियान है। उसमें हम सब ने एक ही मंत्र के साथ काम कर रहे हैं कि जैसे उनका जीवन रहा है, सेवा को समर्पित रहा है, अनवरत रूप से उन्होंने गरीबों के लिए काम किया है, जरूरतमंद लोगों के लिए काम किया है। देश के एक-एक जन-जन को आगे बढ़ाने के लिए काम किया है। उसी भाव को आत्मसात करते हुए इस मंत्र को सेवा के रूप में हम लोग आत्मसात करते हुए सेवा के काम को आगे बढ़ा रहे हैं। CJP Protest उत्तराखंड के मुख्मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "जिस तरह से एलन मस्क के संबंध में राहुल गांधी ने टिप्पणी की है, इसमें अब कुछ छिपा नहीं है। प्रत्यक्ष को प्रमाण की कोई आवश्यकता नहीं होती है। विदेशी कंपनियों और विदेशी लोगों के साथ सांठगांठ है, वो दिखता है। किसी को यहां का लाइसेंस चाहिए तो यहां की प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। यहां के जो सुरक्षा नियम हैं, उनका पालन करना होगा। देश की सुरक्षा पहले होती है, उसके बाद अन्य व्यवस्थाएं होती हैं... और ये जिस प्रकार से SIR को लेकर जो प्रदर्शन सामने आ रहा है... कल राष्ट्रपति महोदया ने भी कहा है कि अगर आपके पास कोई तथ्य हो तो आपको तथ्य उपलब्ध कराने चाहिए। कोई प्रमाण हो तो प्रमाण देने चाहिए... एक सामान्य प्रक्रिया के तहत ये काम हो रहा है और आप हर बार केवल व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं। देश के अंदर एक अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं। ये हों या फिर CJP के लोग हों, ये सब मिलकर कहीं ना कहीं विदेशी शक्तियों के हाथ में खेल रहे हैं... PM Modi’s Uttarakhand Visit आएंगे, जल्दी आएंगे और हम लोग उनका स्वागत हमेशा करते हैं और हमेशा उत्तराखंड वासियों का उनका उनकी प्रतीक्षा रहती है क्योंकि वो जब-जब आते हैं तो हमारे राज्य को कुछ ना कुछ सौगात देकर जाते हैं। आएंगे तो इस बार भी जो है Cabinet Meeting in Haridwar सारी तैयारियां चल रही हैं, जल्दी आप लोग आइए, आपका स्वागत है।
0
0
Report

कैनेंग के भट्टाचार्य परिवार की दुर्गा प्रतिमा का मुख काला, 444 साल से चलती आस्था

Baruipur, West Bengal:উমা মায়ের মুখের রং কালো, গায়ের রং তামাটে। রীতিনীতি মেনে মহালয় দিনে হলো মায়ের চক্ষু স্থাপন। ৪৪৪ বছর ধরে চলছে এমন ব্যতিক্রম মায়ের পুজো ক্যানিং —শরৎ কাল পড়তেই আপমর বাঙালী মেতে ওঠেন দুর্গাপুজোয়। শারদ উৎসবে মাতৃ আরাধনায়, দক্ষিণ ২৪ পরগণা জেলার সুন্দরবনের সিংহ দূয়ার নামে খ্যাত বিট্রিশ আমলের ঐতিহ্যবাহী ক্যানING মহকুমা শহরের ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা। তবে তাঁদের দেবী প্রতিমা রাজ্য ও দেশের মধ্যে এক বিরল এবং ব্যতিক্রমী বলেই পরিচিত। অন্যান্য দূর্গা প্রতিমার মুর্তি সাধারণত মানবীয় রঙ দিয়ে গড়া হয়, কিন্তু ভট্টাচার্য্য বাড়ীর শতাব্দী প্রাচীন দুর্গামূর্তির মুখের রঙ কালো। এই মুর্তিকে বংশ পরম্পরায় পুজো করে আসছেন ভট্টাচার্য্য পরিবারের বংশধররা। ৪৪৪ বছর আগে বাংলাদেশে ঢাকার বিক্রমপুরের পাইনখাড়া গ্রামে দুর্গা পুজো শুরু হয়—এমন কথা থেকে শুরু হয় এই প্রবন্ধ, এরপর দেশভাগের পর ১৯৩৮ সালে ক্যানিংয়ে স্থানান্তর হয়। পুজোর ইতিহাসে দুর্গামুর্তির মুখ কালো হওয়ার কারণ ও বিশদ বিবরণ রয়েছে, এবং ৭০ বছর আগে বলি প্রথা বন্ধ থাকলে আজও সপ্তমী, অষ্টমী, সন্ধি পুজোয় চালকুমড়ো, শশা, Shত্রু বলি চালু রয়েছে। বর্তমানে ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যগণ মূর্তি গড়ে থাকেন এবং দশমীতে বিসর্জন, তারপর জলতলে তিন দিন উপরে উঠতে না দেওয়া প্রথা অনুসরণ করেন। ভবিষ্যতে পুজো পরিচালনার জন্য ট্রাস্টি বোর্ড গঠন করা হয়েছে এবং জড়িত পরিবারের সদস্যরা আনন্দে মেতে থাকেন।
0
0
Report
Advertisement

कैनेिंग में 444 साल से चली दुर्गा पूजा, मुख काला बनी परंपरा

Baruipur, West Bengal:উমা মায়ের মুখের রং কালো, গায়ের রং তামাটে। রীতিনীতি মেনে মহালয় দিনে হলো মায়ের চক্ষু স্থাপন। ৪৪৪ বছর ধরে চলছে এমন ব্যতিক্রম মায়ের পুজো ক্যানিং —শরৎ কাল পড়তেই আপমর বাঙালী মেতে ওঠেন দুর্গাপুজোয়। শারদ উৎসবে যখন আপামর রাজ্য তথা দেশবাসী মেতে উঠবে মাতৃ আরাধনায় ,ঠিক তখনই অন্যদের মতো দেবী পুজোয় মাতোয়ারা হবেন দক্ষিণ ২৪ পরগণা জেলার সুন্দরবনের সিংহ দূয়ার নামে খ্যাত বিট্রিশ আমলের ঐতিহ্যবাহী ক্যানিং মহকুমা শহরের ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা। তবে তাঁদের দেবী প্রতিমা রাজ্য তথা দেশের মধ্যে এক বিরল এবং ব্যতিক্রমী বলেই পরিচিত। অন্যান্য দূর্গা প্রতিমার মুর্তি যেখানে মানবীয় রঙ দিয়ে গড়া হয়ে থাকে, সেখানে এই ভট্টাচার্য্য বাড়ীর শতাব্দী প্রাচীন দুর্গামূর্তির মুখের রঙ কালো। স্বাভাবিক ভাবেই এই কালো মুখের দুর্গা প্রতিমাকেই বংশ পরম্পরায় পুজো করে আসছেন এই ভট্টাচার্য্য পরিবারের বংশধররা। কেন ভট্টাচার্য্য পরিবারের দেবী দুর্গার মুখ কালো হয়? তা জানতে পিছিয়ে যেতে হয় প্রায় দুশো বছর আগে। এই ভট্টাচার্য্যরা এক সময় বাংলাদেশের ঢাকা জেলার বিক্রমপুরের পাইনখাড়া গ্রামে বসবাস করতেন।সেই বংশের কালীপ্রসন্ন,কাশীকান্ত,রামকান্ত,রামরাজা ভট্টাচার্য্যরা মিলিত ভাবেই সর্বপ্রথম বাংলাদেশের ঢাকা বিক্রমপুরের পাইনখাড়া গ্রামেই দুর্গা পুজো শুরু করেন।তা আজ থেকে hampir ৪৪৪ বছর আগে অর্থাৎ ১৫৮২ সালে।তৎকালীন সময়ে জাঁকজমক ভাবে সেই পুজো করা হতো।আবার দেশভাগের পর এই ক্যানিং শহরে ভট্টাচার্য্য পরিবার চলে আসেন ১৯৩৮ সালে নদী পেরিয়ে । ক্যানিংয়ে চলে আসলেও পুজোর সময় ক্যানিং থেকে স্বপরিবারে বাংলাদেশের বিক্রমপুরের পাইনখাড়া গ্রামে গিয়ে পুজো করে আসতেন ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা। এখানে অবশ্য ৭৯ তম বর্ষে পড়লো এই পুজো।আবার এই ক্যানিংয়ে সর্বপ্রথম দুর্গা পুজো শুরু করেন ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্য ইন্দ্র কুমার ভট্টাচার্য্য। প্রতিমার রঙ কালো হয় কেন সেই প্রসঙ্গে বর্তমান পরিবারের সদস্য পীযুষ কান্তি ভট্টাচার্য্য বলেন, প্রায় ২০০ বছর আগে বাংলাদেশেই দুর্গা পুজোর সপ্তমীর দিন পাশের মনসা মন্দিরের জলন্ত প্রদীপের শিখা থেকে কোন প্রকারে একটি কাক জলন্ত সলতে নিয়ে মন্ডপের উপর বসে। সেই সলতের আগুনে আগুন লেগে যায় সোন দিয়ে তৈরি দুর্গা মণ্ডপের চালা ঘরে।আর মুহূর্তের মধ্যেই সেই বিধ্বংসী অগ্নিশিখার লেলিহান আগুন গ্রাস করে নেয় সমগ্র পুজো মণ্ডপকে।আগুনের লেলিহান শিখা থেকে রক্ষা পায়নি স্বয়ং দেবী দুর্গাপ্রতিমার মুর্তিও।এই আকষ্মিক দুর্ঘটনায় ভেঙে পড়ে সমগ্র ভট্টাচার্য্য পরিবার।অনেক সাধারণ মানুষজন সেই সময় তাঁদের ওপর দেবী মা রুষ্ট হওয়ার কথাও জানায়।পাশাপাশি প্রতিবেশী পড়শীরা বলেন “মা তোদের হাতে আর পুজো চাইছেন না। যার জন্য আগুনে মায়ের মূর্তি পুড়েছে”। এই কথা শোনার পর ভট্ট্যাচার্য্য পরিবারের এক সদস্য মায়ের পোড়া মূর্তির সামনে ধ্যানে বসে জানতে পারে পুজো হবে। তবে পুড়ে গিয়ে মুখ যেমন কালো শরীর,বাদামী রং হয়েছে ঠিক তেমন ভাবে মূর্তি গড়ে পুজো করা যাবে। সেই থেকেই প্রতিমার মুখ কালো এবং শরীর বাদামী বা তামাটে রঙের হয়ে আসছে। পুজোর শুরুতেই মহিষ বলির প্রচলন ছিল।কিন্তু মহিষ বলি দেওয়ার জন্য সেই সময় কেউ মায়ের প্রসাদ খেতেন না। পরবর্তী কালে পাঁঠা বলি দেওয়া শুরু হয়। আবার পাঁঠা বলি দেওয়ার জন্য মা স্বপ্নাদেশ দিয়ে জানায় “শান্তির জন্য পুজো করে বলি?এটা বন্ধ করতে হবে।বন্ধ না হলে ভট্টাচার্য্য পরিবারের বংশ একেবারেই ধ্বংস করে দেবো।” সেই স্বপ্নাদেশ পাওয়ার পর প্রায় ৭০ বছর আগে পাঁঠা বলি দিতে গিয়ে,বলি দেওয়ার খড়গ্ আটকে যায়।ফলে সেই সময়ে বলি দেওয়া একপ্রকার ব্যাঘাত ঘটে।তারপর সেই থেকেই বলি দেওয়া প্রথা বন্ধ হয়ে যায়। অবশ্য মায়ের আদেশ অনুযায়ী সপ্তমী,অষ্টমী ও সন্ধী পুজোয় চালকুমড়ো বলি এবং নবমীতে চালকুমড়ো,শশা,ও শত্রু বলি দেওয়ার প্রচলন শুরু হয় সেই থেকেই। এই শত্রু বলি হল আতপ চালের তৈরি মানুষের মূর্তি গড়ে মানকচু পাতার উপরে বলি দেওয়াকে শত্রু বলি বলা হয়।আরো জানা গেছে ৪৪৪ বছর একই পরিবার বংশ পরস্পরায় ঠাকুরের মূর্তি গড়ে চলেছেন।বর্তমানে সেই পাল বংশের বাংলাদেশ থেকে আসা সুন্দরবনের বাসন্তী থানা এলাকারWest বাসন্তী গ্রামের বাসিন্দা গৌতম পাল মূর্তি গড়ার কাজ করেন।আশ্চর্যের বিষয় ৪৪৪ বছর বয়সে একবারের জন্য কোনদিন ঠাকুরের কাটমো পরিবর্তন করা হয়নি বলে জানান ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা।যথারীতি নিয়ম নিষ্ঠা মেনেই দশমীতে প্রতিমা বিসর্জন করে থাকেন।বিসর্জনের পর প্রতিমা জলের তলায় তিনদিন পুঁতে রাখা হয়,যাতে প্রতিমা গভীর জল থেকে উপর ভেসে না ওঠে।এরপর সেই কাঠামো তোলা হয় লক্ষ্মী পুজোর পরের দিন।আবার আগামী বছরের জন্য প্রতিমা গড়ার কাজ শুরু হয় জন্মাষ্টমী থেকেই। অষ্টমীর দিন সকল দর্শনার্থীদের পুজোর প্রসাদ বিতরণ করা হয়।পুজো করেন পরিবারের সদস্য রাণা মুখার্জী।ভট্টাচার্য্য পরিবারে বর্তমানে আর্থিক অবস্থা সংকট হওয়ার ছড়িয়ে-ছিটিয়ে থাকা পরিবারের সকলকে নিয়ে একটি ট্রাস্টি বোর্ড গঠন করা হয়।ভবিষ্যতে এই বোর্ডই আগামী দিনে পুজো পরিচালনা করবে。 পুজো কটাদিন একান্নবর্তী ভট্টাচার্য্য পরিবারের সদস্যরা মেতে ওঠেন আনন্দে。
0
0
Report
Advertisement

नवरात्रि से पहले तिमारपुर बाजारों में रौनक, खरीदारी के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

New Delhi, Delhi:स्लग: नवरात्रि से पहले तिमारपुर बाजार में रौनक, खरीदारी के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। एंकर राजधानी दिल्ली में नवरात्रि को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रविवार से नवरात्रि के पावन दिन शुरू होने जा रहे हैं, उससे पहले मंदिरों से लेकर बाजारों तक भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। तिमारपुर के बाजार में भी नवरात्रि की खरीदारी को लेकर जबरदस्त रौनक है। पूजा सामग्री से लेकर व्रत में इस्तेमाल होने वाले सामान तक, दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है। वीओ-1 तस्वीरें तिमारपुर बाजार की हैं, जहां नवरात्रि से ठीक पहले बाजार पूरी तरह सज चुका है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर पूजा-पाठ से जुड़ी तमाम सामग्री सजा रखी है। बाजार में माता की चुनरी, नारियल, कलावा, रोली, मौली, पूजा की थाली, दीपक, अगरबत्ती और अन्य धार्मिक सामग्री श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले लोगों के लिए भी बाजार में खास इंतजाम दिखाई दे रहे हैं। फलाहार और व्रत में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजें दुकानों पर उपलब्ध हैं। श्रद्धालु अपनी जरूरत के मुताबिक सामान खरीदते नजर आ रहे हैं। बाईट / श्रद्धालु बाईट / खरीदारी करने वाले लोग.. वीओ-2 नवरात्रि शुरू होने से पहले बाजार में बढ़ी चहल-पहल ने दुकानदारों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है। सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहे हैं। कोई पूजा की सामग्री खरीद रहा है तो कोई माता की चुनरी और श्रृंगार का सामान ले रहा है।दुकानदारों का कहना है कि नवरात्रि को लेकर इस बार भी लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है और जैसे-जैसे पर्व नजदीक आ रहा है, बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। वाकथरु / नसीम अहमद वीओ 3 नवरात्रि को लेकर हम हर साल काफी उत्साह से तैयारी करते हैं। माता की पूजा के लिए जरूरी सामान खरीदने आए हैं। बाजार में इस बार काफी रौनक है और लगभग सभी जरूरी पूजा सामग्री आसानी से मिल रही हैवहीं, बाजार में खरीदारी करने पहुंचे श्रद्धालुओं में भी नवरात्रि को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि नवरात्रि उनके लिए आस्था और भक्ति का पर्व है और वे पूरे परिवार के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे हैं। बाईट / श्रद्धालु बाईट / श्रद्धालु वीओ 4 फिलहाल, रविवार से शुरू होने वाले नवरात्रि पर्व को लेकर तिमारपुर के बाजार में रौनक बढ़ गई है। मंदिरों में पूजा की तैयारियां हैं तो बाजारों में खरीदारी का सिलसिला तेज हो गया है। श्रद्धालुओं को अब इंतजार है नवरात्रि के पावन दिनों के आगाज का। रिपोर्ट :- नसीम अहमद
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Back to top