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PKpawan kumar mishraFollow17 Oct 2026, 02:36 pm

जांच के दौरान बवाल, ग्राम प्रधान का हाथ टूटा

Padrauna, Uttar Pradesh:

जांच के दौरान बवाल, ग्राम प्रधान का हाथ टूटा बलियवा में प्रधान और शिकायतकर्ता पक्ष आमने-सामने, एसपी से लगाई गिरफ्तारी की गुहार 🔴 विकास कार्यों में कथित अनियमितता की जांच के दौरान मारपीट, अधूरी रह गई पड़ताल 🔴 मिनी स्टेडियम को क्षति पहुंचाने और सरकारी संपत्ति जलाने का आरोप, अधिकारियों को सौंपी तहरीर 🔴 प्रधान की तहरीर पर आठ नामजद समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें कुशीनगर। चौरा खास थाना क्षेत्र के बलियवा गांव में विकास कार्यों में कथित अनियमितता की जांच उस समय विवादों में घिर गई, जब जांच टीम की मौजूदगी में ग्राम प्रधान संजय यादव और शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों के बीच मारपीट हो गई। घटना में ग्राम प्रधान का एक हाथ टूटने की बात सामने आई है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद शुक्रवार को प्रधान ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार से मुलाकात कर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, प्रधान ने मिनी स्टेडियम को क्षति पहुंचाने और सरकारी संपत्ति जलाने का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को अलग से तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की जांच के दौरान भड़का विवाद जानकारी के अनुसार, बलियवा गांव के कुछ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्रामसभा में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की शिकायत की थी। इसी शिकायत की जांच के लिए बुधवार को संबंधित टीम गांव पहुंची थी। जांच की प्रक्रिया चल रही थी, तभी ग्राम प्रधान संजय यादव और शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। हंगामे के बाद अधूरी रह गई जांच मारपीट की घटना के बाद जांच टीम के अधूरी पड़ताल छोड़कर लौटने की जानकारी सामने आई है। इससे विकास कार्यों में कथित अनियमितता से जुड़ी शिकायत की जांच पूरी नहीं हो सकी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग दोबारा जांच कब कराता है और शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर क्या निष्कर्ष सामने आते हैं। विकास कार्यों में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि अभिलेखों की जांच और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर ही हो सकेगी। मिनी स्टेडियम को नुकसान और सरकारी संपत्ति जलाने का आरोप ग्राम प्रधान संजय यादव ने आरोप लगाया है कि विकास कार्यों से संबंधित शिकायत को लेकर विपक्षी पक्ष उनसे नाराज था। प्रधान का दावा है कि इसी रंजिश में मिनी स्टेडियम को क्षति पहुंचाई गई और लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति जला दी गई। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आग लगाने से जुड़े आरोपों की गंभीरता को देखते हुए घटना की स्वतंत्र जांच जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर नुकसान की वास्तविक स्थिति, आग लगने की परिस्थितियों और इसमें कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। एसपी से मिले प्रधान, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग ग्राम प्रधान संजय यादव की तहरीर पर पुलिस ने आठ नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शुक्रवार को मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधान ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार से मुलाकात कर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रधान ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी कार्रवाई की मांग उठाई है। अब इस पूरे प्रकरण में पुलिस विवेचना के साथ विकास कार्यों में कथित अनियमितता की शिकायत की जांच भी अहम है। 

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PKpawan kumar mishraFollow8 Oct 2026, 11:24 am

टीबी हारेगा, कुशीनगर जीतेगा: गांव-गांव पहुंचेगी ‘जोश टीम’

Padrauna, Uttar Pradesh:टीबी हारेगा, कुशीनगर जीतेगा: गांव-गांव पहुंचेगी ‘जोश टीम’ घर-घर दस्तक देकर टीबी के संभावित मरीजों की होगी पहचान, जांच और उपचार के लिए किया जाएगा प्रेरित कुशीनगर। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद कुशीनगर में टीबी के खिलाफ जनजागरूकता और सक्रिय खोज अभियान को नई रफ्तार देने के लिए ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, जांच एवं निःशुल्क उपचार के प्रति जागरूक करना तथा संभावित मरीजों की समय से पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना है। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का जनपद स्तर पर कलेक्ट्रेट सभागार में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा किया गया। जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी संजय चौहान ने की। इस अवसर पर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, मनीष जायसवाल एवं विनय प्रकाश गोंड की गरिमामयी उपस्थिति रही। अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं, स्वयंसेवकों एवं अन्य प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय कार्यक्रम को देखा और टीबी उन्मूलन के संकल्प को दोहराया। घर-घर पहुंचेगी ‘जोश टीम’ ‘जोश टीम’ के सदस्य गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों को टीबी के लक्षणों, बचाव, जांच तथा निःशुल्क उपचार की जानकारी देंगे। अभियान के दौरान संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग किया जाएगा। अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य टीबी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करना भी है। टीम के सदस्य टीबी मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने तथा निर्धारित अवधि तक उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगे। समय पर जांच और पूरा उपचार बनेगा हथियार कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि टीबी की समय से पहचान, नियमित उपचार और जनभागीदारी के जरिए बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। आमजन से अपील की गई कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने में देरी न करें और उपचार शुरू होने के बाद दवाओं का कोर्स बीच में न छोड़ें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एस.एन. त्रिपाठी, डॉ. आर.डी. कुशवाहा, डॉ. सुशांत भौमिक, डॉ. मुकेश यादव, अनुपम मिश्र, नितेश राय, अरमान अहमद, तारकेश्वर शाही सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एनसीसी ऑफिसर डॉ. प्रहलाद, माय भारत वॉलंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में “टीबी हारेगा-कुशीनगर जीतेगा” के संकल्प के साथ जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया गया।
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PKpawan kumar mishraFollow29 Sept 2026, 02:01 pm

नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा

Padrauna, Uttar Pradesh:नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश 🔴 जनहानि पर ₹4 लाख तत्काल सहायता, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ 🔴 फसल क्षति का 15 दिन में पारदर्शी सर्वे, किसानों को शीघ्र मुआवजे के निर्देश 🔴 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट राहत-बचाव में तैनात नारायणी नदी के बढ़े जलप्रवाह और तटबंधों पर बने दबाव के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पहले तटबंध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद सड़क मार्ग से प्रभावित ग्राम जवही दयाल स्थित पंचायत भवन/राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर प्रभावित नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती और संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सहायता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अचानक बढ़ा नदी का जलप्रवाह मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पिछले चार दिनों में नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। बढ़े जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। राहत-बचाव के लिए टीमें मैदान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने जलमग्न और बेघर हुए लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा वहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और जनरेटर से 24 घंटे प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक किट का वजन करीब 50 किलोग्राम बताया गया है, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना, बाल्टी समेत दैनिक उपयोग की करीब 35 प्रकार की सामग्री शामिल है। जनहानि पर चार लाख, मकान क्षति पर सहायता मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए। किसानों की फसल का 15 दिन में सर्वे बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का 15 दिन के भीतर पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बीमारी और सांप के खतरे से निपटने की तैयारी बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अगले 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम
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PKpawan kumar mishraFollow28 Sept 2026, 12:21 pm

‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा पडरौना, एसआईआर पर कांग्रेस का आक्रोश मार्च

Padrauna, Uttar Pradesh:‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा पडरौना, एसआईआर पर कांग्रेस का आक्रोश मार्च 🔴 अजय लल्लू बोले—मतदाता का अधिकार सत्ता की कृपा नहीं, बलिदानों की विरासत 🔵 दमवतिया पंचायत भवन से जिला मुख्यालय तक निकला मार्च, रविंद्र नगर थाने पर धरने के बाद उठाई मांगें युगान्धर टाइम्स / आईएनए कुशीनगर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस का विरोध सोमवार को सड़कों पर उतर आया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अभियान ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दमवतिया पंचायत भवन, रविंद्र नगर से आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और तिरंगा लिए कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रशासनिक घेरे के सामने प्रदर्शन के बाद कार्यक्रम जनसभा में तब्दील हो गया। जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मतदाता का वोट देने का अधिकार किसी सत्ता की कृपा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदानों से मिली लोकतांत्रिक विरासत है। उन्होंने कहा कि संविधान ने निर्वाचन व्यवस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की व्यवस्था की है। कांग्रेस नेता ने एसआईआर और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर पार्टी की आपत्तियां रखते हुए कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटने की स्थिति में उसके लोकतांत्रिक अधिकार पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। लल्लू ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के नाम पर वंचित, दलित, पिछड़े तथा सरकार की नीतियों का विरोध करने वाले मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष जारी रखेगी। 🔴 प्रशासनिक मशीनरी के इस्तेमाल का आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविंद्र विश्वकर्मा ‘राधे’ ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर बूथ स्तर तक प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता जहिरूद्दीन ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान गरीब और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। जिला मीडिया प्रभारी देशदीपक मिश्रा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। लोकतंत्र में कानून और संविधान से ऊपर कोई व्यक्ति या पद नहीं हो सकता। 🔴 रविंद्र नगर थाने पहुंचे कांग्रेसी, धरने पर बैठे प्रदर्शन के अगले चरण में अजय लल्लू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल रविंद्र नगर थाने पहुंचा और धरने पर बैठ गया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पदमुक्त किए जाने तथा एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े विवादित निर्णयों को निरस्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान तारकेश्वर सिंह, स्वामीनाथ यादव, अब्दुल हमीद, पलटन यादव, अब्दुल रहीम, हुसैनी, सरोज गौतम, दीपक मल्हार, जय सिंह, आर्यन, प्रवीण सिंह, मुस्लिम अंसारी, राजू कुशवाहा, सम्राट सिंह, प्रमोद तिवारी, अख्तर अली, कमलेश कुशवाहा, आदित्य तिवारी, धनंजय सिंह, एसएन त्रिपाठी, भुआली प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, आनंद मणि त्रिपाठ
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PKpawan kumar mishraFollow27 Sept 2026, 09:58 am

पट्टा से कोटे तक... भिसवा लाला में ‘परिवार’ के इर्द-गिर्द घूमती सरकारी सुविधाओं पर सवाल!

Padrauna, Uttar Pradesh:पट्टा से कोटे तक... भिसवा लाला में ‘परिवार’ के इर्द-गिर्द घूमती सरकारी सुविधाओं पर सवाल! प्रधान के पिता-भाई के नाम पट्टे और भाई की पत्नी के नाम सरकारी कोटे की दुकान होने का ग्रामीणों का दावा, दूसरे गांव में प्रधान के नाम पट्टे की भी जांच की मांग कुशीनगर। ग्राम पंचायत का प्रधान गांव की जनता का प्रतिनिधि होता है, लेकिन पडरौना विकास खंड के भिसवा लाला में सरकारी भूमि के पट्टे और सरकारी उचित दर की दुकान के आवंटन को लेकर सामने आए ग्रामीणों के आरोपों ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम प्रधान रफीक के पिता और भाई के नाम सरकारी भूमि के पट्टे आवंटित हुए हैं। आरोप है कि कुछ अन्य ग्रामीणों को आवंटित भूमि पर कब्जा लेने में भी कथित रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगी। पट्टा आवंटन में पात्रता और प्रक्रिया पर उठे सवाल ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी भूमि के पट्टे प्रधान के निकट संबंधियों के नाम हुए हैं तो यह जांच का विषय है कि संबंधित भूमि किस श्रेणी की थी, लाभार्थियों की पात्रता क्या थी और पट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया किन नियमों के तहत पूरी की गई। मामले में पट्टा प्रस्ताव से लेकर स्वीकृति आदेश, लाभार्थी चयन, खतौनी में दर्ज विवरण और वास्तविक कब्जे तक की जांच की मांग उठ रही है। कोटे की दुकान भी परिवार के सदस्य के नाम होने का दावा ग्रामीणों के आरोपों में सरकारी उचित दर की दुकान का मामला भी शामिल है। उनका दावा है कि प्रधान के भाई की पत्नी के नाम सरकारी कोटे की दुकान का आवंटन हुआ है। यहां भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि दुकान के चयन की प्रक्रिया क्या थी, पात्रता के मानक क्या थे और चयन के समय संबंधित नियमों का किस प्रकार अनुपालन किया गया। सोहरौना में प्रधान के नाम पट्टे के दावे ने बढ़ाया सवालों का दायरा मामला यहीं तक सीमित नहीं बताया जा रहा। ग्रामीणों की ओर से यह दावा भी सामने आया है कि ग्राम प्रधान रफीक के नाम सोहरौना गांव में भी पट्टा आवंटित हुआ है। इस दावे की भी राजस्व अभिलेखों से पुष्टि आवश्यक है। यदि ऐसा पट्टा मौजूद है तो उसके आवंटन की श्रेणी, पात्रता और प्रक्रिया की जांच से तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। ग्रामीणों की मांग—मौके की औपचारिक जांच नहीं, अभिलेखों की पड़ताल हो ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच केवल स्थलीय निरीक्षण तक सीमित न रखी जाए। संबंधित विभागों के अभिलेखों को सामने रखकर पट्टा प्रस्ताव, पात्रता सूची, स्वीकृति, खतौनी, कब्जा और कोटे की दुकान के चयन से जुड़े दस्तावेजों की क्रमवार जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि दस्तावेज सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी सुविधाओं के आवंटन में नियमों का पालन हुआ या नहीं। अब निगाह प्रशासनिक जांच पर भिसवा लाला के ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई दस्तावेजी जांच से ही सामने आएगी। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संबंधित पट्टों और कोटे की दुकान की पूरी पत्रावली की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाएगी? युगान्धर टाइम्स यह स्पष्ट करता है कि प्रस्तुत आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित अभिलेखों और सक्षम प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बिना किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। ग्राम प्रधान रफीक अथवा संबंधित लाभार्थियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्र
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