201310
ग्रेटर नोएडा में कलेक्शन एजेंट से 10 लाख की लूट, बदमाशों ने कार से मारी बाइक को टक्कर
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा में एडिशनल DCP अशोक कुमार ने बताया कि कलेक्शन एजेंट से कार सवार बदमाशों ने 10 लाख रुपये की लूट की। यह घटना रबूपुरा थाना क्षेत्र के भुनातांगा गांव निवासी संजय कुमार के साथ हुई जो वेनिस मॉल से पैसे लेकर जा रहा था। पी 3 गोल चक्कर के पास i10 कार में सवार बदमाशों ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी जिससे वह सड़क पर गिर गया। बदमाशों ने संजय कुमार से रुपयों से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बैतूल में जगन्नाथ यात्रा ने आस्था-भक्ति का अद्भुत संगम दिखाया
Betul, Madhya Pradesh:एंकर - भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का उल्लास अब बैतूल में भी देखने को मिल रहा है। इस्कॉन द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ,उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गई। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए रथ पहले ही बैतूल पहुंच चुका था और इस्कॉन इंदौर की वरिष्ठ टीम ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया। शहर में रथयात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हजारों श्रद्धालु भगवान के रथ को खींचने और उनके दर्शन करने के लिए उमड़ पड़े। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होना और रथ खींचना बेहद पुण्यदायक होता है। यही वजह रही कि बैतूलवासियों ने पूरे श्रद्धा भाव से इस आयोजन में भाग लिया। रथयात्रा माता मंदिर,बैतूल गंज से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रामकृष्ण बगिया पहुंची। जहां समापन स्थल पर इस्कॉन इंदौर से आए संतजनों ने प्रवचन दिए,आरती-पूजन किया और महाप्रसाद का वितरण हुआ。 इस भव्य आयोजन में शहर के समाजसेवियों,श्रद्धालुओं और इस्कॉन रथ यात्रा समिति बैतूल ने अहम भूमिका निभाई और पूरे आयोजन की बागडोर संभालते हुए इसे ऐतिहासिक बना दिया। कुल मिलाकर बैतूल में निकली यह रथयात्रा आस्था,भक्ति और एकता का अद्भुत संगम बनकर सामने आई।0
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वंदे मातरम् अपमान पर सजा: क्या बीजेपी राष्ट्रवाद से विपक्ष पर भारी पड़ेगी
Noida, Uttar Pradesh:मुद्दा- बीजेपी संशोधन बिल लाई है जिसमें प्रावधान है की वंदे मातरम् के अपमान पर सजा मिलेगी, सवाल क्या बीजेपी राष्ट्रवाद के मुद्दे पर लड़कर विपक्ष को हरा पाएगी0
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रोहतास में उपद्रव: डीएम-एसपी ने मोर्चा संभालकर 10+ बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई का संकेत
Sasaram, Bihar:खबर सासाराम से है। सासाराम में आज हुए उपद्रव में 10 से अधिक उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जो छात्र के भीड़ में घुसकर हंगामा कर रहे थे। पकड़े गए कोई उपद्रवी छात्र नहीं है। यह लोग छात्र के भीड़ में घुसकर पोस्ट ऑफिस चौराहा पर बवाल हंगामा करने लगे। इसके बाद रोहतास के डीएम दीपक कुमार मिश्रा तथा एसपी रौशन कुमार खुद मोर्चा संभाला। इस दौरान माइक से बार-बार अनुरोध किया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कुछ उपद्रवी भी घुस गए हैं। ऐसे में जो रियल छात्र हैं, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।रोहतास के डीएम तथा एसपी ने बताया कि पूरे प्रदर्शन और उपद्रव की वीडियोग्राफी कराई गई है। ड्रोन कैमरा से भी फोटो लिया गया है। साथ ही कई उपद्रवी को चिन्हित किया गया है। इन सब पर कार्रवाई होगी। प्रदर्शन के दौरान बेरीकेटिंग तोड़ने, सड़क का डिवाइड तोड़ने, ट्रैफिक पोस्ट को क्षतिग्रस्त करने जैसे काम किए गए हैं। वहीं पुलिस पर पथराव करने की कोशिश करने वालों को भी दबोचा गया है। डीएम तथा एसपी बाइक पर सवार होकर विभिन्न चौक चौराहा पर गस्त भी किया। बाइट -- रौशन कुमार (एसपी) रोहतास। बाइट -- दीपक कुमार मिश्रा (जिलाधिकारी) रोहतास।0
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नारायणपुर में नक्सलियों के छुपाए हथियार बरामद, सर्च अभियान जारी
Narayanpur, Jharkhand:नारायणपुर जिले में नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा की स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने तथा नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक एवं अन्य सामग्री की बरामदगी के उद्देश्य से संयुक्त सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्च अभियान संचालित किए जा रहे हैं। थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत कैंप पदमेटा से पदगुंडा–करसेनार की ओर 44वीं वाहिनी आईटीबीपी एवं जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कैंप पदमेटा से उत्तर दिशा स्थित ग्राम पदगुंडा - करसेनार में जंगल पहाड़ क्षेत्र से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक डंप बरामद किया गया। बरामद सामग्री में शामिल है— * 01 नग 12 बोर रायफल * 55 नग 12 बोर कारतूस * 04 नग 51 मिमी स्थानीय निर्मित मोर्टार शेल * 25 नग लोहे के भाले * 01 नग बैटरी * 01 नग स्टील कंटेनर * 01 नग भाकपा (माओवादी) का झंडा बरामद समस्त सामग्री को नियमानुसार जप्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि नारायणपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से नक्सל गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इसके उपरांत भी संयुक्त सुरक्षा बल किसी भी प्रकार की नक्सली गतिविधि की पुनरावृत्ति को रोकने, छिपाकर रखे गए हथियारों तथा विस्फोटक सामग्री की बरामदगी तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सघन सर्च अभियान निरंतर संचालित कर रहे हैं। नारायणपुर पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु, गतिविधि अथवा नक्सल संबंधी सूचना की जानकारी तत्काल निकटतम थाना अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को दें। आपकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।0
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डिंडोरी- मंडला मार्ग पर कचनारी के पास भीषण हादसा: तीन युवकों की मौत
Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी–मंडला मार्ग पर कचनारी गांव के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। दो बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर में तीन युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और घायल बाइक सवारों को अस्पताल पहुंचने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों की पहचान की कार्रवाई जारी है। प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।0
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राष्ट्रीय राजमार्ग जाम के आरोपियों के लाइसेंस भी रद्द होंगे: भिंड पुलिस का सख्त कदम
Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-हाईवे जाम अब पड़ेगा भारी,भिंड पुलिस का बड़ा एक्शन, सड़क रोकने वालों पर FIR के साथ आर्म्स लाइसेंस भी होंगे रद्द。 एंकर-वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर आए दिन मांगों को लेकर घंटों तक जाम लगाने की बढ़ती घटनाओं पर अब भिंड पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर कानून हाथ में लेकर आवागमन बाधित करने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज होंगे, बल्कि यदि उनके पास शस्त्र लाइसेंस हैं तो उन्हें निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जाएगी。 ताजा मामला मालनपुर थाना क्षेत्र के हरिराम की कुइया गांव का है, जहां 37 वर्षीय देवेंद्र जाटव द्वारा अपने घर के अंदर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या करने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को नेशनल हाईवे-719 पर रखकर करीब चार घंटे तक चक्काजाम किया। इस दौरान हाईवे पर सैकड़ों वाहन फंस गए और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा。 परिजनों का आरोप था कि गांव के दो युवकों की प्रताड़ना से परेशान होकर देवेंद्र ने आत्महत्या की। इसी आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम समाप्त कराया गया。 घटना के बाद पुलिस ने प्रदर्शन और हाईवे बाधित करने के मामले में राहुल वर्मा, प्रशांत जाटव, अजय जाटव, नवाब जाटव सहित पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 341 और 8-बी के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही आरोपियों के शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। यदि उनके नाम पर लाइसेंस पाए जाते हैं तो उन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी。 पुलिस का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन सभी का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग को घंटों तक जाम कर आमजन की आवाजाही बाधित करना कानूनन अपराध है और भविष्य में ऐसे मामलों में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।0
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तीन दिवसीय श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा बिलासपुर से अयोध्या के लिए: भक्तों का संदेश
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।तीन दिवसीय श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा, अयोध्या में दान चोरी के बाद बिलासपुर में रामभक्तों से गुंजा बिलासपुर। घर-घर अक्षत और सुपारी देकर दिया जाएगा निमंत्रण, श्रद्धा का नारियल अर्पित कर अयोध्या तक पहुंचेगा समर्पण का संदेश। बिलासपुर।छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा और भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण को समर्पित तीन दिवसीय श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा देवकीनंदन चौक स्थित श्री हनुमान मंदिर, तिलक नगर सेकिया गया यात्रा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना और श्रीराम वंदना के साथ किया। इस अवसर पर मंगला क्षेत्र से आने वाला श्रद्धालुओं का विशेष जत्था भी यात्रा में शामिल हुआ यात्रा प्रारंभ होने से पहले श्रद्धालु घर-घर जाकर पीले चावल (अक्षत) और सुपारी भेंट कर लोगों को इस पुण्य यात्रा में शामिल होने का आत्मीय निमंत्रण दीया गया। यात्रा की जानकारी देते हुए बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी ने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह श्रद्धामयी, शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक होगी। इसका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध या प्रदर्शन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप अपने भांचा श्रीराम के प्रति श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का संदेश पूरे गौरव और गरिमा के साथ अयोध्या धाम तक पहुंचाना है। उन्होंने समस्त रामभक्तों, मातृशक्ति, युवाओं और सर्वसमाज से इस ऐतिहासिक एवं पावन यात्रा में सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि श्रद्धा का एक नारियल अर्पित कर छत्तीसगढ़ के ननिहाल की ओर से अपने भांचा श्रीराम के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण का संदेश रामलला के श्रीचरणों तक पहुंचाने के इस पुण्य संकल्प में सहभागी बनें। तीन दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन श्री हनुमान मंदिर, तिलक नगर से प्रारंभ होकर राम सेतु पुल, हुंडई चौक, मुक्ति धाम, चंटीडीह किसान पारा, चिंगराज पारा, लिंगियाडीह, राजकिशोर नगर होते हुए मोपका पहुंचेगी। दूसरे दिन यात्रा मोपका, बिजौर, बहतराई, खमतराई से होते हुए अशोक नगर स्थित बगदाई मंदिर पहुंचेगी। तीसरे एवं अंतिम दिन यात्रा कोनी, बिरकोना, बैमा, महामाया मंदिर होते हुए नगोई स्थित वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धापूर्वक संपन्न होगी।0
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लखीमपुर खीरी: बेरहमी से पीटे युवक के परिवार ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग
Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली इलाके के अर्जुनपुरवा मोहल्ले के रहने वाले एक युवक को दो युवकों द्वारा बेहरहमी से पीट दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले में बीच-बराव करने आए लोगों को भी चोटें आई हैं। बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो इससे नाराज परिजन घायल को ठेलिए से लेकर डीएम ऑफिस पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की। बताए गए अनुसार आए दिन पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए जाते हैं। डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।0
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दतिया उपचुनाव में भाजपा- कांग्रेस भिड़ंत तेज, CM के प्रचार ने तेज किया रफ्तार
Datia, Madhya Pradesh:दतिया दतिया विधानसभा उपचुनाव में प्रचार अब तेज हो गया है। तीन दिवसीय चुनावी दौरे पर दतिया पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्रामीण क्षेत्र में सभा को संबोधित करते हुए विकास के लिए भाजपा को जिताने की अपील की। मुख्यमंत्री की सभा के बाद ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। दतिया उपचुनाव में फिलहाल भाजपा पूरी ताकत झोंकती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेता लगातार मैदान में हैं। ऐसे में राजनीतिक तस्वीर यह संकेत दे रही है कि भाजपा संगठन के साथ सरकार भी इस चुनाव में पूरी ताकत लगा रही है। दतिया में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है और मतदान की तारीख नजदीक आते ही दोनों दलों का प्रचार लगातार तेज होता जा रहा है。0
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हनुमानगढ़ के भुरानपुरा में स्वास्थ्य विभाग मिलावट रोकथाम के लिए 7 दूध सैंपल लिए
Hanumangarh, Rajasthan:Hanumangarh जिले में शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने एवं मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार अलसुबह गांव भुरानपुरा में विभिन्न डेयरियों एवं दुग्ध संग्रह केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने किया। सुबह-सवेरे पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव की विभिन्न डेयरियों एवं दूध विक्रय केंद्रों की जांच की एवं दूध की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लिए। विभाग ने कुल 7 दूध के सैंपल जांच के लिए एकत्रित किए गए, जो जांच के लिए बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भिजवाए गए। डॉ. शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान भुरानपुरा गोपालन दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का कलेक्शन सेंटर तथा घर पर संचालित बालाजी डेयरी बिना खाद्य पंजीकरण के संचालित होती पाई गई। दोनों संस्थानों को नोटिस जारी कर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संग्रहित किए गए सभी दूध के सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।0
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बांसवाड़ा के परतापुर में पैंथर मूवमेंट, वन विभाग ने पिंजरा लगाकर पकड़ने की कोशिश
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा गढ़ी वन नाक क्षेत्र के परतापुर कस्बे के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पैंथर का मुवमेंट दिखने से क्षेत्र में दहशत का माहौल देखने को मिला, कॉलोनी वासियो ने इस मामले की वनविभाग की टीम को सूचना दी जिसे क्षेत्र में पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया। क्षेत्र में सुबह शाम टहलने जाने के दौरान कॉलोनी के अलग-अलग लोकेशन पर पैंथर देखने की जानकारी मिली थी, इस पर कॉलोनी वासियों की सूचना पर विभाग ने मौका मुआयना किया जिसके बाद पिंजरा लगाया गया। इस दौरान कॉलोनी के अध्यक्ष श्याम प्रताप सिंह झाला, जोधसिंह राव, नरेंद्र सिंह, नटवर सिंह राव, जयप्रकाश पाठक, मोहन सिंह चुंडावत, विभुराज सिंह चौहान, रोहित चौबीसा आदि कॉलोनीवासी मौजूद रहे।0
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करगिल विजय दिवस की दास्तान: बाड़मेर के किशोर सिंह बाना ने 85 दिन तक दी फौज की आपूर्ति
Barmer, Rajasthan:मैगी, दूषित पानी और सड़क किनारे छुपकर बिताई रातें: करगिल के 85 दिनों की वो दास्तान जिसे बाड़मेर के योद्धा आज भी नहीं भूले करगिल विजय दिवस विशेष | सुबेदार मेजर (सेवानिवृत्त) किशोर सिंह बाना की जुबानी बाड़मेर, 26 जुलाई 2026。 युद्ध में यह सोचने का समय नहीं होता कि खाना क्या मिलेगा या पानी कितना साफ है। उस वक्त बस एक ही धुन होती है देश पहले, बाकी सब बाद में。 यह शब्द हैं बाड़मेर के करगिल योद्धा एवं भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सुबेदार मेजर किशोर सिंह बाना के, जिन्होंने 1999 के करगिल युद्ध के दौरान लगातार 85 दिनों तक बिना थके और बिना रुके भारतीय सेना के अग्रिम मोर्चों तक हथियार, गोला-बारूद और जरूरी सैन्य सामग्री पहुंचाने का दायित्व निभाया। उन्होंने दुश्मन की गोलाबारी के बीच वाहन चलाए, सड़क किनारे छुपकर रातें बिताईं, मैगी खाकर दिन निकाले और कई बार रास्ते के दूषित पानी से प्यास बुझाई। यह कहानी केवल एक सैनिक की नहीं, बल्कि उन हजारों सैनिकों की है जिनके त्याग और समर्पण ने भारत को करगिल विजय दिलाई。 करगिल युद्ध की पृष्टभूमि सन् 1998 में भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किए। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव तो बढ़ा, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शांति की पहल करते हुए फरवरी 1999 में दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की। लाहौर घोषणा के जरिए भारत ने पड़ोसी देश के साथ विश्वास कायम करने का प्रयास किया。 लेकिन इसी दौरान पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक गुप्त सैन्य योजना तैयार कर ली थी। सर्दियों के दौरान भारतीय सेना जिन ऊंची चौकियों को मौसम की कठिनाइयों के कारण अस्थायी रूप से खाली करती थी, उन पर पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने कब्जा कर लिया。 मई 1999 में स्थानीय चरवाहों और भारतीय सेना को इसकी जानकारी मिली। जांच में स्पष्ट हुआ कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिक भारतीय सीमा में घुसकर ऊंची पहाड़ियों पर बैठ चुके हैं। इन चोटियों से वे राष्ट्रीय राजमार्ग-1ए (अब एनएच-1) पर नजर रख सकते थे, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ने वाली जीवनरेखा थी。 स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना ने 3 मई 1999 से अभियान शुरू किया, जिसे बाद में ऑपरेशन विजय नाम दिया गया। भारतीय वायुसेना ने भी ऑपरेशन सफेद सागर के तहत सेना का साथ दिया। करीब 85 दिनों तक चले इस कठिन युद्ध में भारतीय सेना ने टोलोलिंग, टाइगर हिल, पॉइंट 4875 सहित एक-एक चोटी पर तिरंगा फहराया। 26 जुलाई 1999 को भारत ने विजय की घोषणा की। इस युद्ध में 527 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि 1300 से अधिक जवान घायल हुए। तभी से हर वर्ष 26 जुलाई को पूरे देश में करगिल विजय दिवस मनाया जाता है। बाड़मेर के रणबांकुरे की भूमिका करगिल युद्ध के समय बाड़मेर निवासी किशोर सिंह बाना भारतीय सेना की 402 लाइट एयर डिफेंस रेजीमेंट (कम्पोजिट) की शेरा बैटरी में एम.टी. हवलदार के पद पर तैनात थे। उनकी तैनाती करगिल क्षेत्र के बौद्ध खर्बु ट्रांजिट कैंप में थी। उनके अधीन लगभग 250 सैन्य वाहन और उनके चालक कार्यरत थे。 युद्ध शुरू होते ही पाकिस्तान की गोलाबारी में करगिल के पास स्थित एक महत्वपूर्ण एम्यूनिशन डंप नष्ट हो गया। इसके बाद सेना ने लेह स्थित एम्यूनिशन डिपो से अग्रिम मोर्चों तक हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने की जिम्मेदारी किशोर सिंह बाना और उनकी टीम को सौंपी。 उस समय कई सैनिक छुट्टी पर थे। संसाधन सीमित थे, लेकिन जिम्मेदारी बहुत बड़ी थी। ऐसे में बाना ने स्वयं भी वाहन की कमान संभाली और अपने साथियों के साथ लगातार मोर्चों पर आपूर्ति सुनिश्चित की。 300 किलोमीटर का मौत से मुकाबला लेह से मूल बेग, टोलोलिंग और गुमरी जैसे अग्रिम मोर्चों तक पहुंचना आसान नहीं था। लगभग 300 किलोमीटर लंबे पहाड़ी और खतरनाक रास्तों पर हर पल दुश्मन की नजर रहती थी। कई स्थान पाकिस्तानी गोलाबारी की सीधी जद में थे。 दिन में वाहन चलाना और रात होते ही सड़क किनारे सुरक्षित स्थान खोजकर बिना रोशनी किए छुप जाना उनकी दिनचर्या बन गई थी। रात में हेडलाइट जलाना भी मौत को बुलावा देने जैसा था। कई बार वे अपने वाहन से दूर चट्टानों की ओट में पूरी रात बिताते और सुबह होते ही फिर सफर शुरू कर देते。 जब मैगी बनी जीवन का सहारा युद्ध के दिनों की याद करते हुए किशोर सिंह बाना बताते हैं कि उन्हें यह तक याद नहीं रहता था कि आखिरी बार ठीक से खाना कब खाया था। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में पहली बार उन्होंने मैगी उन्हीं दिनों देखी थी। शुरू में उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि दो मिनट में बनने वाली यह चीज भूख मिटा सकती है, लेकिन अगले 85 दिनों तक अधिकांश समय वही उनका भोजन बनी रही。 दिन में वाहन रोककर स्टोव पर मैगी बनाते, कभी चलते वाहन में ही उसे तैयार करते और फिर तुरंत आगे बढ़ जाते। भोजन का उद्देश्य स्वाद नहीं, बल्कि शरीर को इतना सक्षम रखना था कि अगला सफर पूरा किया जा सके。 दूषित पानी भी पीना पड़ा ऊंचे पहाड़ों में हर जगह पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं होता था। कई बार उन्हें रास्ते में मिलने वाले नालों, झरनों या बहते पानी से ही प्यास बुझानी पड़ती थी。 आज के समय में दूषित पानी पीने की कल्पना भी मुश्किल लगती है, लेकिन युद्ध के मैदान में विकल्प नहीं होते। वहां जीवन और मृत्यु के बीच केवल कर्तव्य खड़ा होता है。 आंखों के सामने हुई दुर्घटना युद्ध के दौरान एक घटना आज भी उनके जेहन में ताजा है。 वे बौद्ध खर्बु से करगिल की ओर जा रहे थे। उनके वाहन से लगभग 100 मीटर आगे सेना का एक अन्य ट्रक चल रहा था। अचानक पाकिस्तानी सेना की शेलिंग शुरू हुई। एक गोला सीधे आगे चल रहे वाहन के पास गिरा और वाहन नियंत्रण खोकर लगभग तीन किलोमीटर गहरी खाई में नूब्रा नदी की ओर जा गिरा。 शाम ढल रही थी। दुश्मन की गोलाबारी जारी थी। ऐसे हालात में तत्काल बचाव अभियान चलाना संभव नहीं था। बाना ने लगभग एक किलोमीटर दूर अपना वाहन रोका और पूरी रात चुपचाप छुपकर अपने वाहन और आसपास की स्थिति पर नजर बनाए रखी。 सुबह होते ही वे करगिल स्थित सेना की बटालियन पहुंचे और घटना की जानकारी दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम घटनास्थल पहुंची। राहत कार्य शुरू होने के बाद किशोर सिंह बाना बिना समय गंवाए फिर अपने मिशन पर निकल पड़े और निर्धारित मोर्चे तक गोला-बारूद पहुंचाया。 युद्ध केवल बंदूक से नहीं जीते जाते करगिल युद्ध ने यह साबित किया कि केवल मोर्चे पर लड़ने वाले सैनिक ही युद्ध नहीं जीतते। सेना की लॉजिस्टिक व्यवस्था, वाहन चालक, इंजीनियर, संचार विशेषज्ञ, मेडिकल टीमें और आपूर्ति व्यवस्था भी विजय के उतने ही महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं。 यदि अग्रिम मोर्चे तक समय पर हथियार, गोला-बारूद, भोजन और अन्य सामग्री नहीं पहुंचती, तो सबसे बहादुर सैनिक भी लंबे समय तक लड़ाई जारी नहीं रख सकता。 किशोर सिंह बाना जैसे सैनिकों ने दुश्मन की गोलाबारी के बीच यह सुनिश्चित किया कि मोर्चे पर लड़ रहे जवानों के हाथ कभी खाली न रहें。 करगिल ने बदल दिया भारतीय सैन्य दृष्टिकोण करगिल युद्ध के बाद भारत ने अपनी सीमा सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए। ऊंची चौकियों पर वर्षभर सैनिकों की तैनाती सुनिश्चित की गई। निगरानी तंत्र मजबूत हुआ, आधुनिक हथियार और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा मिला तथा खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाया गया。 आज भारतीय सेना की पर्वतीय युद्ध क्षमता दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य क्षमताओं में गिनी जाती है। करगिल के अनुभवों ने सेना की रणनीति, रसद व्यवस्था और प्रशिक्षण प्रणाली को नई दिशा दी。 आज भी वही जज्बा सेवानिवृत्त होने के बाद भी किशोर सिंह बाना की आवाज में वही दृढ़ता सुनाई देती है。 वे कहते हैं, "उन 85 दिनों में हमने यह नहीं सोचा कि जिंदा लौटेंगे या नहीं। बस इतना तय था कि दुश्मन को हराना है। अगर आज भी देश मुझे बुलाए, तो मैं बिना एक पल सोचे फिर वर्दी पहनने को तैयार हूं।" उनकी आंखों में आज भी करगिल की पहाड़ियां, साथियों की यादें और तिरंगे के लिए लड़ने का वही जुनून दिखाई देता है。 नई पीढ़ी के लिए संदेश करगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उन सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और बलिदान को याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने वर्तमान को देश के भविष्य के लिए समर्पित कर दिया。 बाड़मेर के किशोर सिंह बाना की कहानी हमें यह सिखाती है कि देशभक्ति केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को निभाने से सिद्ध होती है。 मैगी का एक पैकेट, दूषित पानी की कुछ घूंट, सड़क किनारे अंधेरे में गुजारी रातें और मौत के साये में तय किए गए सैकड़ों किलोमीटर , यही वे अनकहे अध्याय हैं, जिनकी बदौलत 26 जुलाई 1999 को भारत ने विजय का तिरंगा फहराया。 करगिल के रणबांकुरों का यह साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा。0
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यूपी 2027 के चुनाव के लिए भाजपा सरकार बनाने का संकल्प—चौहान
Noida, Uttar Pradesh:एंकर - उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान अपने जन्मदिन को संकल्प दिवस के रूप में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मनाया... दारा सिंह चौहान के संकल्प दिवस के दिन 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा की तीसरी बार यूपी में सरकार बनाने का संकल्प लिया.. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य,केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर मौजूद रहे... VO - कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा चौहान समाज को दिल की गहराई से बधाई देना चाहता हूं... जिस तरीके से मैंने जन्मदिन को संकल्प दिवस मनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है और आने वाले दिन में योगी जी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार को सत्ता से पुनः भारतीय जनता पार्टी की सरकार बना के संकल्प को पूरा करेगा... इसलिए आज जितना आप देख रहे हैं इस हाल में इसका चार गुना लोग बाहर घूम रहे हैं... आधे लोग रास्ते में आ रहे हैं क्योंकि दूर-दूर से प्रदेश के कोनेकोने से आ रहे हैं... मैं दिल से जन्मदिन के अवसर पर सारे चौहान समाज के और भी समाज के जो शुभचिंतक लोग हैं जो यहां मेरे इस जन्मदिन में आकर के बधाई दे रहे हैं...मैं सबको दिल से दुआ देता हूं। बाइट - दारा सिंह चौहान, कारागार मंत्री, यूपी बाइट - ओमप्रकाश राजभर, कैबिनेट मंत्री, यूपी0
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आदिनाथ मंदिर बनाम आदिना मस्जिद: 650 साल पुरानी संरचना में शिवलिंग की पूजा
Malda, West Bengal:আদিনা মসজিদ না আদিনাথ পুরাতন শিব মন্দির এই বির্তকের মাঝে আদিনাতে আয়োজন করা হয়েছে শিব পূজার। সোমবার ৬৫০ বছরের পুরোনো এই আদিন মসজিদের ৫০মিটার মধ্যে স্থাপিত হতে চলেছে শিবলিঙ্গ। করা হবে শিবের পুজো। আদিনাথের রুদ্রাভিষেক করার ব্যবস্থা করা হয়েছে। প্রত্নতত্ত্ব বিভাগের তথ্য হিসাবে ১৩৭৩ খ্রীষ্টপূর্বে সিকেন্দর শাহ এই মসজিদ তৈরী করেন। তবে রাজ্যে সরকার পরিবর্তনের পূর্ব থেকেই এই স্থাপত্য ঘিরে শুরু হয় বির্তক। মূলতঃ স্থাপত্যের বিভিন্ন কারুকার্যে রয়েছে শিব বা আদিনাথের অস্তিত্ব। হিন্দু দেব দেবীর কারুকার্য। আর তারপর থেকেই এই স্থাপত্য ঘিরে শুরু হয় বির্তক। হিন্দু বা সনাতনীরা মূলতঃ দাবী করেন এই স্থাপত্য্য আदिनাথে পুরাতন শিব মন্দির। বিষয়টি নিয়েয় হাইকোর্টে মামলাও চলছে। এমন অবস্থায় সোমবার ২৭জুলাই এই স্থাপত্যের ৫০ মিটারের মধ্যে আদিনাথে রুদ্রাভিষেক গুরুত্বপূর্ণ হয়ে উঠেছে। স্থাপত্যে চত্তর সুসজ্জিত করা হয়েছে। এই আয়োজনের উদ্যোক্তা কাজল গোস্বামী জানান এই স্থাপত্যে আদিনাথ বা শিব মূর্তি অস্তিত্ব রয়েছে। স্থাপত্যের বিভিন্ন কারুকার্যে প্রমান রয়েছে হিন্দু দেবদেবী। অর্থাৎ এই স্থাপত্য আদিনাথ পুরোন শিব মন্দির। স্থানীয় বাসিন্দা জানান এই স্থাপত্য আদিনাথ বা শিবের মন্দির। প্রত্নতাত্ত্বিক বিভাগ খননকার্য্যে সময় শিব মূর্তি পেয়েছেন। পাওয়া গেছে দূর্গামূর্তিও। তাই এই স্থাপত্যকে মন্দির রূপে পরিবর্তন করার দাবি তুলেছেন।0
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पूर्व विधायक राजीव रंजन की पुण्यतिथि पर इस्लामपुर में श्रद्धांजलि, बिहार बंद असफल
Pariaunna, Bihar:इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सह जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव रहे स्वर्गीय राजीव रंजन की दूसरी पुण्यतिथि के मौके पर इस्लामपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर कई मंत्री, विधायक और सांसद पहुंचे और उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने भी स्वर्गीय राजी रंजन को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान बिहार बंद को लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार बंद पूरी तरह से असफल रहा। वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान की कोई गलती नहीं थी, इसके बावजूद उन्होंने इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की पीड़ा को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने स्वत इस्तीफा दिया है। देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर उन्हें पीड़ा थी, इसलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया। अशोक चौधरी ने कहा कि अगर विपक्ष इसे अपनी जीत मान रहा है तो यह विपक्ष का खुद अपनी खुद मियाँ मिट्ठू बनने जैसा है। वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा कि इस्लामपुर के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजीव रंजन उनके लिए अभिभावक तुल्य थे और उनकी पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।0
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