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सहरसा के गोदराम गांव में जमीन विवाद के कारण दो पक्षों में मारपीट, घायल

Saharsa, Bihar:खबर सहरसा से है जहाँ बसनही थाना क्षेत्र के गोंदराम गांव के पश्चमी टोला में आपसी जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई इस मारपीट की घटना में करीब आधे दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. इधर एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष से मारपीट करने आए आधे दर्जन लोगों को बंधक बना कर जमकर पिटाई कर दी जिसका विडियो भी वायरल हो रहा है, वायरल वीडियो में एक चार पहिया वाहन भी नजर आ रहा है जिसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया. वहीं दूसरी तस्वीर में बंधक बनाए गए लोगों को देखा जा सकता है, लोगों ने मारपीट करने आए लोगों को बंधक बना रखा है, आरोप है कि एक पक्ष ने मारपीट करने के लिए इनलोगों को बाहर से बुलाया था, इधर घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बंधक बनाए गए लोगों को अपने साथ ले गई. वहीं इस मामले एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने कहा है कि जमीन विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना मिली है, मामले की छानबीन की जा रही है, दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
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बेगूसराय के रतलहपुर शिबूटोल स्कूल में 300 छात्र दो कमरों में पढ़ाई को मजबूर

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एक एंकर बेगूसराय में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो शिक्षा के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यहां करीब 300 बच्चों का भविष्य महज दो कमरों में सिमट गया है। अतिरिक्त कक्ष नहीं होने के कारण बच्चे करकट की छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बरसात में क्लासरूम में पानी भर जाता है, जबकि गर्मी में भीषण उमस के बीच पढ़ाई होती है। चुनाव के दौरान विद्यालय भवन का शिलान्यास तो हुआ, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। यह तस्वीर बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड की रानी-02 पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय रतलहपुर शिबूटोल की है, जहां सरकारी शिक्षा व्यवस्था के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। करीब 300 छात्र-छात्राएं महज दो कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। अतिरिक्त कक्ष नहीं होने के कारण विद्यालय के बरामदे को बांस की फट्ठियों से घेरकर और ऊपर करकट डालकर अस्थायी क्लासरूम बना दिया गया है। इसी अस्थायी कमरे में बच्चों की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करकट वाले कक्ष में बारिश के समय पानी भर जाता है, जिससे बच्चों को पानी के बीच बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। वहीं गर्मी के मौसम में करकट की छत के नीचे उमस और गर्मी के कारण बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है। मध्याह्न भोजन सोख्ता टंकी के ऊपर तैयार किया जाता है, जबकि रसोई का सामान सीढ़ियों के नीचे रखा रहता है। इतना ही नहीं, एक ही कमरे में कक्षा, प्रधानाध्यापक का कार्यालय और भंडार गृह संचालित किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन खेल मंत्री एवं वर्तमान बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता ने विद्यालय भवन निर्माण का शिलान्यास किया था। लोगों को उम्मीद थी कि चुनाव के बाद भवन का निर्माण शुरू होगा, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। हालांकि, इस संबंध में जब जी मीडिया ने विधायक सुरेंद्र मेहता से बात की तो उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने दावा किया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय के शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी निष्ठा से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भवन और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय भवन का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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नवादा में खंडरनुमा घर से 352 विदेशी शराब बरामद, पुलिस ने छापा

Nawada, Bihar:वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के महारानी मंदिर के पास खंडरनुमा घर से शराब माफिया शराब की बिक्री कर रहा था. पुलिस ने मारा छापा, भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद. नवादा: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार जारी है. वारिसलीगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माफी गांव स्थित महारानी मंदिर के पास से 352 बोतल विदेशी शराब जब्त की है. मौके से शराब तस्करी में इस्तेमाल एक एक्टिवा स्कूटी भी बरामद हुई है. थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी को गुप्त सूचना मिली थी कि माफी गांव में महारानी मंदिर के पास खंडरनुमा बने घर के पास कुछ लोग विदेशी शराब की खरीद-बिक्री कर रहे हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक नवादा के निर्देश पर छापेमारी की योजना बनी. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पकरीबरावां के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. 팀 में वारिसलीगंज थाना के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे. टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर छापा मारा. छापेमारी में कुल 352 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई. साथ ही एक एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की गई. इस संबंध में वारिसलीगंज थाना में FIR दर्ज की गई है. और आगे की कार्रवाई में जुट गई है
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सुजानगढ़ डेयरी चोरी: चोर ने चढ़कर 60 हजार नकद और सिगरेट चुरा लिए

Churu, Rajasthan:सुजानगढ़ के केंद्रीय बस स्टैंड के पास स्थित डेयरी में चोरी का मामला सामने आया है. संदीप जनरल स्टोर से चोर 60 हजार नगद, सिगरेट बंडल व अन्य सामान चुरा ले गए. कोतवाली पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर पप्पूराम ने मौके का मुआयना किया. दुकान के पास लगे विद्युत पोल से चोर चढ़े दुकान पर, छत पर लगे गेट से दाखिल हुए. सालासर रोड स्थित केंद्रीय बस स्टैंड के पास एक डेयरी में चोरी हो जाने का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार संदीप जनरल स्टोर की छत पर रात को चोर विद्युत पोल के सहारे चढ़े और छत के गेट से अंदर दाखिल होकर 60 हजार नगद, सिगरेट के बंडल, पान पुड़िया, कोल्ड ड्रिंक आदि चोरी कर ले गए. मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाली थाने के सब इंस्पेक्टर पप्पूराम ने मौका मुआयना किया और घटना की जानकारी ली.
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चिंतन शिविर 3.0 आज से शुरू, विकसित छत्तीसगढ़ की योजना पर चर्चा

Begun, Rajasthan:रायपुर में आज से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 शुरू हो गया है। आईआईएम रायपुर में आयोजित इस शिविर में मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हो रहे हैं। शिविर में 'विकसित छत्तीसगढ़', सुशासन और भविष्य की विकास रणनीति पर व्यापक मंथन किया जाएगा। कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन, तकनीक और जनसेवा जैसे अहम विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे। वहीं, प्रख्यात आध्यात्मिक वक्ता गौर गोपाल दास, ओलंपियन गगन नारंग सहित कई राष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। सरकार का फोकस नवाचार, बेहतर समन्वय और परिणामोन्मुखी शासन व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा。
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सिंगरौली पुलिस ने 14 लाख मूल्य के 70 गुम मोबाइल मालिकों को वापस किए

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली ब्रेकिंग... - सिंगरौली पुलिस ने लौटाई लोगों की मुस्कान। - 14 लाख कीमत के 70 गुम मोबाइल उनके मालिकों को किए सुपुर्द। - CEIR पोर्टल और साइबर सेल की मदद से हुई रिकवरी। - मध्य प्रदेश समेत 8 राज्यों से बरामद हुए मोबाइल। - वर्ष 2026 में अब तक 671 गुम मोबाइल किए जा चुके हैं वापस। - बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 89 लाख। - पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम. ने रुस्तमजी सभागार में किया वितरण। - सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत साइबर जागरूकता का भी दिया संदेश। यह कार्रवाई CEIR (संचार साथी) पोर्टल और सिंगरौली साइबर सेल की तकनीकी मदद से संभव हो सकी। खास बात यह रही कि बरामद मोबाइल मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से ट्रेस किए गए। सिंगरौली पुलिस के अनुसार सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत साइबर सेल और थाना पुलिस ने पिछले तीन महीनों में बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2026 में अब तक कुल 671 गुम मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत करीब 89 लाख रुपये है, उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। बरामद मोबाइलों में वन प्लस, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रेडमी, रियलमी, पोको, मोटोरोला, टेक्नो, नथिंग और अन्य नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि CEIR पोर्टल के जरिए दर्ज शिकायतों पर तकनीकी ट्रैकिंग कर मोबाइल बरामद किए गए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर घबराने की बजाय CEIR पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज करें। इससे मोबाइल को ब्लॉक करने और उसकी लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिलती है। पुलिस ने कहा कि सिंगरौली पुलिस लगातार साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है और आमजन की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सिंगरौली पुलिस—आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प" इस उद्देश्य के साथ पुलिस लोगों को तकनीक का सही उपयोग करने और साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश भी दे रही है。
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बेमेतरा संयुक्त जिला कार्यालय में फायर सेफ्टी टांका हटाने से सुरक्षा पर सवाल

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा के संयुक्त जिला कार्यालय में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर कार्यालय परिसर में लगा फायर सेफ्टी टांका पिछले करीब पांच महीनों से हटाकर रखा गया है, लेकिन अब तक दोबारा स्थापित नहीं किया गया है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की आगजनी की घटना होती है, तो उससे निपटने की तैयारियों पर सवाल उठना लाजिमी है। जिला कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में फायर सुरक्षा व्यवस्था का अभाव कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला कार्यालय में फायर सेफ्टी व्यवस्था लंबे समय से अधूरी पड़ी है। बताया जा रहा है कि कलेक्टर कार्यालय के पास लगा फायर सेफ्टी टांका करीब पांच महीने पहले रिफिलिंग के नाम से हटाया गया था, लेकिन अब तक उसे दोबारा नहीं लगाया गया। इस कारण आग लगने जैसी आपात स्थिति में शुरुआती बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है। जिला कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में फायर सेफ्टी व्यवस्था का समय पर दुरुस्त नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक आवश्यक कदम उठाता है।
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बस्सी अभयारण्य में ड्रोन से बीज बॉल, बारिश में हरियाली बढ़ेगी

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी वन्यजीव अभयारण्य में पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। अभयारण्य के बिचौर नाका क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी हिस्सों में, जहां वन घनत्व कम है और पहुंचना बेहद कठिन है, वहां ड्रोन की मदद से सीड बॉल शेडिंग कराई गई। इस अभियान के तहत खैर, बेर सहित स्थानीय प्रजातियों के बीजों से तैयार सीड बॉल ड्रोन के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर गिराए गए, ताकि बारिश के मौसम में इन बीजों का प्राकृतिक अंकुरण हो सके और हरियाली बढ़े। यह अभियान डीएफओ राहुल झाझड़िया एवं एसीएफ यशवंत कंवर के निर्देशन में संपन्न हुआ। वन विभाग ने इसे भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण और वन विस्तार की महत्वपूर्ण पहल बताया।
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खजराना अस्पताल मामला: 6 साल में जमीन नहीं मिली, 87 पद फिर भी स्वीकृत

Indore, Madhya Pradesh:अजब MP में ग़ज़ब का कारनामा, 6 साल से कागजो पर अस्पताल इंदौर के खजराना में एक अदृश्य अस्पताल खोलकर ... अदृश्य इसलिए क्योकि छह साल पहले घोषित 100 बिस्तरों वाला सिविल अस्पताल आज भी सिर्फ सरकारी फाइलों में मौजूद है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस अस्पताल का भवन तक नहीं बना, उसके नाम पर 87 पद स्वीकृत हुए और लगातार ट्रांसफर-पोस्टिंग भी होती रही... क्या है पूरा मामला? 23 जून 2020 को मध्य प्रदेश सरकार ने खजराना में 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल को मंजूरी दी। अस्पताल के लिए 87 पद स्वीकृत किए गए, जिनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। लेकिन छह साल बाद भी अस्पताल के लिए जमीन आवंटित नहीं हो सकी, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ। अस्पताल नहीं, फिर भी ट्रांसफर-पोस्टिंग जारी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल का भवन नहीं होने के बावजूद उसके नाम पर कर्मचारियों की पोस्टिंग और तबादले लगातार होते रहे। 15 जून 2026 को भी एक लैब टेक्नीशियन का पदस्थापन सिविल अस्पताल खजराना के नाम पर किया गया। इसी से कागजो के अस्पताल का खुलाशा हुआ... इंदौर की तीन लाख से अधिक आबादी प्रभावित खजराना, मुसाखेड़ी, तेजाजी नगर, बिचौली हप्सी और आसपास के क्षेत्रों की तीन लाख से अधिक आबादी आज भी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एमवाय अस्पताल, एमटीएच और जिला अस्पताल पर निर्भर है। यदि अस्पताल समय पर बन जाता तो इन अस्पतालों पर मरीजों का दबाव काफी कम हो सकता था। इंदौर कलेक्टर का साल 2019 का पत्र जिसमे हो चुकी अस्पताल को जमीन आवंटित अब देखिये इस पत्र को ये पत्र कलेक्टर इंदौर के साल 2019 का जिसमे खजराना सिविल अस्पताल के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है... (जमीन आवंटन आदेश कलेक्टर का) छह साल से जमीन का इंतजार स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया, लेकिन अब तक जमीन का आवंटन नहीं हो पाया। नतीजतन अस्पताल का निर्माण शुरू नहीं हो सका और पूरी परियोजना सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित रह गई। इंपार्टेंट फैक्ट: मंजूरी: 23 जून 2020; क्षमता: 100 बिस्तर; स्वीकृत पद: 87; लाभार्थी आबादी: 3 लाख से अधिक; जमीन: कलेक्टर का आदेश जमीन आवंटित का परर स्वास्थ्य विभाग झूट बोल रहा है जमीन आवंटित नही; निर्माण: शुरू नहीं; ताजा आदेश: 15 जून 2026 को भी पदस्थापन। 50 बेड वाले अस्पताल के लिए जमीन ढूंढ रहे है - राजेंद्र शुक्ला , उप मुख्यमंत्री का बयान ... 3 साल से जमीन ढूंढ रहे हैं, भूमि का कब्जा नहीं मिल पा रहा : CMHO, इंदौर ... कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कहा कि ये एक और अजूबा है, स्वास्थ्य विभाग का खेल है, भष्टाचार की पराकाष्ठा है लोगों की जान जा रही है इलाज न मिलने से लेकिन कागजों में अस्पताल बना है
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उन्हेल में दूध वाहन की पीछे ली जाने से 2 वर्षीय बच्चे की मौत, चालक फरार

Jhalawar, Rajasthan:गंगधार (झालावाड़) उन्हेल थाना क्षेत्र के बामन देवरिया गांव में आज सुबह एक दर्दनाक हादसे में 2 वर्षीय बालक की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब दुग्ध वाहन गांव में पहुंचा था। चालक ने पीछे लिया, तो वहां खेल रहा 2 वर्षीय बालक भविष्य पुत्र धीरप सिंह टायर की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीण विनोद शर्मा ने बताया कि आज सुबह दुग्ध वाहन गांव में आया था। बालक भविष्य वही खेल रहा था। जाते समय वाहन ने पीछे रिवर्स लिया। बालक टायर के चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद लोग और बालक के परिजन उसे चौमहला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। अचानक हुए हादसे से बालक के परिजन सदमे में आ गए और घर में मातम पसर गया है। उधर उन्हेल थाना पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और बालक को चौमहला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुग्ध वाहन को जब्त कर लिया है, हालांकि चालक फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और परिजनों के बयान दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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पैंथर तारबंदी में फंसा, वन विभाग ने रेस्क्यू कर जान बचाई

Begun, Rajasthan:कपासन, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले की कपासन रेंज के जासमा की ढाणी क्षेत्र में तारबंदी में फंसे एक पैंथर का वन विभाग ने सफल रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई। सूचना मिलते ही रेंजर सुरेश चंद्र चौधरी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उप वन संरक्षक राहुल जाजड़िया के निर्देशन में शूटर मनोहर सिंह जाट और टीम ने पूरी सावधानी के साथ पैंथर को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित बाहर निकाला। चिकित्सकीय परीक्षण में पैंथर पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे बस्सी वन्यजीव अभयारण्य के मेकपुरा रिलोकेशन सेंटर में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अभियान के दौरान वन विभाग, वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों ने लगातार बारिश के बीच सराहनीय सहयोग किया।
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