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SSANDEEPFollow9 May 2025, 08:30 am

DEORIA-राज्य मंत्री समाज कल्याण असीम अरुण पहुंचे देवरिया

Chhapra Prayag, Uttar Pradesh:

समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरूण ने शहीद स्मारक स्थल पर स्वराज 1857 की क्रांति के पावन स्मरण में की शिरकत की।       उन्होंने कहा कि पाककिस्तान जो हमला कर रहा है भारत उसका मुंह तोड़ जवाब दे रहा है बलिदानी पूर्वजों को याद करना जरूरी है भारत आर्थिक और सैन्य से काफी मजबूत है पहलगाम के हमले का हम मुह तोड़ जवाब दे रहे हैं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की राफेल टिप्पणी के सवाल पर कहां कि यह उनकी छोटी सोच है जो मजाक बनाने की कोशिश की, राष्ट्र की सुरक्षा के मुद्दे मजाक के मुद्दे नहीं होते, हम लोग राजनीतिक मुद्दे में अलग-अलग जरूर हैं व्यक्तिगत आलोचना कर सकते हैं।

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रोहतास में हत्या मामले की CID ने आज जांच शुरू की, इलाके में तनाव

Sasaram, Bihar:खबर रोहतास जिला से है। 5 अगस्त को दिनारा थाना के जोगिया में मजदूर की हत्या के मामले में बिहार सरकार के CID की टीम आज जांच करने पहुंची है। CID के DIG जयंत कांत के नेतृत्व में टीम जोगिया और मिल्की मनिहारी गांव का दौरा करेगी और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जानकारी इकट्ठा करेगी। बताया गया कि 5 अगस्त को किसान अजीत तिवारी ने अपने ही मजदूर चंदेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद इलाके में उपद्रव हुआ था जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने आरोपी अजीत तिवारी को उत्तर प्रदेश के गैजीपुर से गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव है। CID की टीम दिनारा पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। CID के DIG जयंत कांत ने कहा कि मामले की जाँच CID अपने स्तर से कर रही है और घटनाक्रम का अवलोकन किया जा रहा है।
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राज्य के स्कूलों में बाल वाटिका केयरटेकर नियुक्ति में देरी से संचालन प्रभावित

Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाल वाटिकाओं के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा सत्र शुरू हुए कई महीने बीतने के बावजूद बाल वाटिकाओं में केयरटेकर और सहयोगी सफाईकर्मियों की नियुक्ति के आदेश अब तक जारी नहीं हो पाए हैं। इसके चलते बाल वाटिकाओं का संचालन करने वाले स्कूलों को रोजमर्रा की व्यवस्थाओं में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाल वाटिकाओं में छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा के साथ उनकी देखभाल और सुरक्षा की भी जरूरत होती है। ऐसे में केयरटेकर की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग की ओर से केयरटेकर और सहयोगी सफाईकर्मी लगाए जाने की योजना तो बनाई गई, लेकिन आदेश जारी नहीं होने से इसका लाभ स्कूलों को नहीं मिल पा रहा है। छोटे बच्चों की देखभाल के साथ कक्षा की व्यवस्थाएं संभालना शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा है। खासकर ऐसे विद्यालय, जहां बाल वाटिका में बच्चों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त कर्मचारी की जरूरत महसूस की जा रही है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी स्कूलों को स्वयं इंतजाम करने पड़ रहे हैं शिक्षा विभाग की योजनाओं को समय पर लागू करने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अब बाल वाटिकाओं में केयरटेकर और सहयोगी सफाईकर्मियों की नियुक्ति के आदेश में हो रही देरी से योजना के उद्देश्य पर ही असर पड़ रहा है।
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खाद्य सुरक्षा ने घी मिलावट के संदेह पर 696 किलोग्राम घी जब्त किया

Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- आगामी त्योहारों को देखते हुए दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की आशंका के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सोहागपुर स्थित हितैष स्टोर का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध पाए गए संगठ घी के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारी बी.एस. धाकड़ एवं कमलेश एस. दियावार ने निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर करीब 696 किलोग्राम घी जनहित में जब्त किया। जब्त घी की अनुमानित कीमत 2 लाख 64 हजार 176 रुपये बताई गई है। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। पिछले सात दिनों में खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अनुसार लगभग 1406 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया जा चुका है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 17 हजार रुपये बताई जा रही है। इस दौरान 25 संदिग्ध घी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। आगामी त्योहारों को देखते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूध, दूध से बने उत्पाद और खासकर घी की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई से मिलावटखोरों और संदिग्ध खाद्य सामग्री की सप्लाई करने वालों में हड़कंप की स्थिति बनी है।
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बारिश से उफान पर जलालिया और उज्ज दरिया, बामियाल सेक्टर में सड़क बाधित

Pathankot, Punjab:भारत पाक सीमा से सटे बामियाल सेक्टर में एक बार फिर बनी बाड़ जैसी स्थिति, जलालिया दरिया और उज्ज दरिया उफान पर हैं. जलालिया दरिया का पानी बह रहा है सड़क के ऊपर से. जम्मू कश्मीर के पहाड़ों में बारिश के चलते ये दोनों दरिया ऊफान पर हैं. पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण मैदानी इलाकों में तबाही की आशंका. बीती रात से इनके उफान के कारण बामियाल सेक्टर की सड़क पर पानी आ गया है, जिससे आने-जाने वालों को दिक्कत हो रही है. ये दोनों दरिया रावी दरिया के मोकड़ा पत्तन में आकर रावी दरिया में मिल जाते हैं, जो पंजाब के निचले इलाकों में नुकसान पहुंचा सकते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार उज्ज दरिया और जलालिया दरिया दोनों उफान पर हैं; जलालिया दरिया का पानी सड़क के ऊपर से गुजरने के कारण आवाजाही में खासी दिक्कत और किसानों की फसलों के नुकसान की चिंता है.
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सीकर के नवलगढ़ रोड पर जलभराव, व्यापारी आंदोलन की चेतावनी: सात दिन में समाधान

Sikar, Rajasthan:सीकर शहर के नवलगढ़ रोड पुलिया निर्माण के बाद जल निकासी की व्यवस्था बिगड़ने और सड़क के लेवल में असमानता को लेकर नवलगढ़ रोड जल निकासी संघर्ष समिति ने नगर परिषद आयुक्त को द्वितीय अनुस्मारक ज्ञापन सौंपकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। समिति का आरोप है कि पुलिया निर्माण के दौरान तोड़े गए बरसाती नाले, चंवर और सड़क को सही तरीके से पुनर्निर्मित नहीं किया गया, जिसके चलते हल्की सी बारिश होते ही नवलगढ़ रोड के आसपास जलभराव की स्थिति बन रही है। समिति के अनुसार हालिया बारिश के बाद पुलिया के पश्चिमी हिस्से में भारी मात्रा में पानी और करीब दो फीट तक कीचड़ जमा हो गया। इससे आमजन और वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ तथा कई व्यापारी अपनी दुकानें तक नहीं खोल सके। कीचड़ से उठने वाली दुर्गंध के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। वहीं ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पुलिया के दोनों ओर सड़क के लेवल में करीब दो से तीन फीट का अंतर रखा जा रहा है। पश्चिम दिशा की सड़क नीची होने के कारण बारिश का पानी इसी तरफ जमा हो रहा है। वहीं, तोड़े गए नाले को भी पूरी तरह आपस में नहीं जोड़ा गया है और नए बनाए जा रहे चंवर छोटे होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारी महेंद्र काजला ने कहा कि नवलगढ़ रोड पर जल निकासी की समस्या करीब 20 साल पुरानी है, लेकिन पुलिया निर्माण के बाद सड़क का लेवल असमान होने से परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरफ व्यापारी और आमजन रहते हैं, उसी तरफ सड़क को नीचा रखा गया है, जिससे मामूली बारिश में भी दुकानों में पानी घुस रहा है। काजला ने चेतावनी दी कि नगर परिषद और संबंधित विभाग ने 7 दिन में सड़क का लेवल बराबर करने सहित जल निकासी की समस्या का समाधान नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर धरना और सड़क जाम करने की भी चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था के लिए पहले भी करीब 85 दिनों तक धरना दिया गया था, जिसके बाद कार्य के लिए बजट स्वीकृत हुआ था। संघर्ष समिति ने नाले के चंवरों का आकार बढ़ाने, लोहे के चंवरों को स्थायी रूप से फिक्स नहीं करने, ताकि भविष्य में सफाई के दौरान उन्हें आसानी से हटाया जा सके, तथा पिपराली रोड की कॉलोनियों के बरसाती पानी की स्थायी निकासी के लिए बड़े नाले बनाकर पानी को किसी उपयुक्त सरकारी स्थान तक ले जाने की मांग की है। समिति ने कहा कि यदि समय रहते तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया तो आगामी बारिश में दुकानों और घरों में पानी घुसने से बड़ी आर्थिक क्षति का खतरा है। समस्या का समाधान नहीं होने पर क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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ITBP जवानों के लिए पहाड़ी मांस की स्थानीय खरीद-आपूर्ति से नए अवसर

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में स्थानीय पशुपालकों को बाजार उपलब्ध करवाने और आईटीबीपी जवानों को गुणवत्तापूर्ण मांस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में आज भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और किन्नौर जिला सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता संघ लिमिटेड (किनफेड) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत आईटीबीपी के जवानों के लिए पहाड़ी भेड़ और बकरी के मांस की स्थानीय स्तर पर खरीद और आपूर्ति की जाएगी। शुरुआती चरण में सहकारी क्षेत्र के माध्यम से आईटीबीपी की कुल मांस आवश्यकता का करीब 10 प्रतिशत पूरा होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय सहकारी क्षेत्र को हर साल करीब 90 लाख रुपये का आर्थिक अवसर मिलेगा। भविष्य में आईटीबीपी की मांस आवश्यकता को सहकारी क्षेत्र के माध्यम से पूरा करने पर इसका वार्षिक आर्थिक मूल्य बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह पहल आईटीबीपी जवानों के कल्याण के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के साथ स्थायी आर्थिक संबंध मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एमओयू से दूर-दराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ तरीके से प्रसंस्कृत भेड़-बकरी का मांस नियमित रूप से उपलब्ध हो सकेगा। वहीं, स्थानीय पशुपालाकों को सहकारी क्षेत्र के माध्यम से एक भरोसेमंद संस्थागत बाजार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सीमावर्ती गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत होगी। साथ ही, सीमावर्ती समुदायों और आईटीबीपी के बीच संबंध भी और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि इस एमओयू को आगे चलकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए एक व्यापक मंच बनाया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से इसमें स्थानीय स्तर पर उत्पादित अंडे, पोल्ट्री, ताजी सब्जियां, ट्राउट मछली और अन्य उपयुक्त स्थानीय उत्पादों को भी शामिल किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादकों और सहकारी समितियों को सुनिश्चित संस्थागत बाजार के साथ रोजगार और आजीविका के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। आईटीबीपी उत्तरी सीमांत के महानिरीक्षक मनु महाराज ने कहा कि आईटीबीपी अपने जवानों के कल्याण के साथ-साथ उन समुदायों के साथ मजबूत और स्थायी साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश की उत्तरी सीमा के सामाजिक और भौगोलिक परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा हैं।
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माधोपुर और रावी दरिया में नाजायज मीMining पर दबिश, 6 लोग गिरफ्तार

Pathankot, Punjab:विधानसभा हलका सुजानपुर के माधोपुर इलाके में रात के समय नाजायज मीMining हो रही थी. मीMining विभाग की ओर से दबिश दी गई, मौके पर एक पोकलेन मशीन और दो टिप्पर कब़जे किए गए; पोकलेन ऑपरेटर, हेल्पर, ड्राइवर, क्रेशर मालिक सहित कुल 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पठानकोट में रावी दरिया के किनारे रात के अंधेरे में नाजायज मीMining की घटनाएं जारी रहीं. दबिश के दौरान एक पोकलेन मशीन और दो टिप्पर कब़जे किए गए; तीनों वाहन पुलिस के कब्जे में लेकर 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. अधिकारी ने बताया कि विभाग नाजायज मीMining रोकने के लिए टीमें बनाकर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रहा है. बाइट— गुरसिमरन सिंह– मMining अधिकारी एसडीओ
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नूरपुर के दरड़ सरकारी स्कूल: जमीन धंसने से सुरक्षा पर बड़ा सवाल

Nurpur, Himachal Pradesh:खतरे में नूरपुर का दरड़ सरकारी स्कूल, धंस रही जमीन; मासूम बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल स्कूल भवन के सामने-पीछे जमीन धंसी, डंगा खिसकने से हादसे का खतरा; छुट्टियां खत्म होने से पहले सुरक्षा इंतजाम की मांग स्कूल दरड़ नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल दरड़ की तस्वीरें सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्कूल भवन के आगे और पीछे जमीन धंस चुकी है और किनारे लगा डंगा भी खिसक रहा है। ऐसे में पूरी स्कूल बिल्डिंग पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। छुट्टियां खत्म होने वाली हैं और जल्द ही नन्हे बच्चे इसी भवन में पढ़ने पहुंचेंगे। स्थानीय लोगों और एसएमसी कमेटी ने प्रशासन से स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय निवासी गोरखा राम का कहना है कि स्कूल में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं और भवन की मौजूदा स्थिति के कारण हर समय किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। नेक राम, सेवानिवृत्त सैनिक, ने सरकार और प्रशासन से सवाल उठाते हुए कहा कि छुट्टियां खत्म होने के बाद अगर स्कूल में कोई दुर्घटना होती है तो बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने बिना देरी स्कूल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। स्थानीय निवासी कुशल सिंह ने डंगा निर्माण के लिए स्वीकृत राशि को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि डंगा लगाने के लिए डीसी फंड से करीब 70 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे और मनरेगा के तहत भी काम किया जाना था। उनका कहना है कि मौके पर फिलहाल सिर्फ एक छोटा टिपर क्रशर की बजरी दिखाई दे रही है। उन्होंने स्वीकृत राशि के उपयोग की जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसएमसी कमेटी और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते डंगा नहीं लगाया गया और स्कूल भवन को सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। स्थानीय निवासी और समाजसेवी करनैल सिंह ने स्कूल को पांच वर्षों के लिए गोद लिया है। उन्होंने अपने खर्च पर स्कूल की चारदीवारी का निर्माण शुरू करवाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी ओर से दो अध्यापिकाएं भी नियुक्त की हैं और उनका मासिक वेतन भी स्वयं वहन कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दरड़ स्कूल की तस्वीरें सामने आने के बाद क्या शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन समय रहते जागेगा? क्या स्कूल भवन की सुरक्षा के लिए तत्काल डंगा और अन्य आवश्यक सुरक्षा कार्य करवाए जाएंगे? या फिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा? क्योंकि हादसा होने के बाद मुआवजा और कार्रवाई के आश्वासन से ज्यादा जरूरी है कि हादसा होने से पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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आदिवासी को लेकर सियासत गरम, वनवासी बनाम मूल निवासी के बीच छत्तीसगढ़ में घमासान

Kusu, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में आदिवासी और वनवासी को लेकर सियासत गरमाया हुआ है। जहां आदिवासी को भारतीय जनता पार्टी वनवासी बता रही है, तो कांग्रेस जो मूल निवासी है वही आदिवासी बता रही हैं। दअरसल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस आदिवासियों द्वारा मनाया गया। छत्तीसगढ़ में हुए विश्व आदिवासी दिवस को सरकार ने बड़े आयोजन के तौर पर नहीं मनाया गया। लेकिन विश्व आदिवासी दिवस के दिन आदिवासी समाज के अध्यक्ष, सदस्य सहित आदिवासी लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन सरकार के कोई भी मंत्री विधायक आदिवासी कार्यक्रमों में शामिल होते हुए नजर नहीं आए। जिसको लेकर अंबिकापुर के राजीव भवन में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहां कि आदिवासियों को लेकर मौजूदा सरकार राजनीति कर रही है। जहां एक ओर चुनाव में आदिवासियों का वोट बैंक इस्तेमाल कर सत्ता के शिखर पर बैठी है, तो वहीं दूसरी ओर आदिवासी को वनवासी बताने की कवायद की जा रही है। जिसका विरोध पूर्व कैबिनेट मंत्री ने किया है। वहीं खुद भी आदिवासी समाज से आते हैं । ऐसे में आदिवासी समाज आने वाले समय में क्या कुछ निर्णय लेता है या तो आने वाला वक्त बताएगा।
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सांचौर में नकबजनी गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार और 30 लाख के आभूषण बरामद

Jaipur, Rajasthan:सांचौर(जालोर)-चितलवाना पुलिस का बड़ा खुलासा, नकबजनी गिरोह का पर्दाफाश; 3 आरोपी गिरफ्तार, लगभग 30 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात बरामद. रात में रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम. चितलवाना पुलिस ने नकबजनी की वारदातों का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने अज्ञात चोरों की तलाश में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से नकबजनी की घटनाओं में चोरी किए गए करीब 30 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को रतोड़ा निवासी महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात के समय अज्ञात चोर घर में घुसकर तिजोरी का लॉक तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। थानाधिकारी भंवरलाल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सहायता और आसूचना संकलन के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने गोतम कुमार मेघवाल निवासी किलुपिया तलछाराम मेघवाल निवासी किलुपिया और डूंगरपुरी गौस्वामी निवासी वोढा को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने दिन के समय घरों की रेकी करने और रात में सुनियोजित तरीके से बंद मकानों को निशाना बनाने की बात स्वीकार की। आरोपी खिड़कियों की ग्रिल हटाकर या एयर विंडो के रास्ते घर में प्रवेश कर जेवरात और नकदी पर हाथ साफ करते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सांचौर थाना क्षेत्र के हारेटर गांव में रहवासी घर में चोरी, नागोलड़ी में रहवासी घर में चोरी तथा पुर में ग्रामीण बैंक में चोरी सहित अन्य वारदातों में संलिप्तता स्वीकार की है पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
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12 अगस्त तक मांग पूरी नहीं, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अनिश्चितकालीन?

Hansi, Haryana:हांसी बाइट : हांसी एसपी विनोद कुमार मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी, 12 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी मांगों को लेकर नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के कर्मचारियों की हड़ताल 6 अगस्त से जारी है। एक सप्ताह पहले चंडीगढ़ में सरकार और सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के बीच मांगों को लेकर हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की थी। कर्मचारियों ने सरकार को 12 अगस्त तक का समय दिया है। यदि इस अवधि में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है। जिला प्रधान बलजीत सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे सफाई कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय सभी लाभ देना और सफाई कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस देना शामिल है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की 17 मांगों पर पहले सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक उन्हें लागू नहीं किया गया है। बलजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि यदि 12 अगस्त तक सरकार ने मांगों को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।
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