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Chandauli232104

चंदौली की नहर में मिला युवक का शव, पिता ने लगाया जान लिए जाने का आरोप

Sept 19, 2024 05:55:55
Chandauli, Uttar Pradesh

चंदौली कोतवाली क्षेत्र की कटसिला नहर में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने शव की पहचान इलियां थाना क्षेत्र के खेखड़ा (रोहाखी) निवासी के रूप में की। मृतक के पिता ने कुछ लोगों के नाम लेते हुए जान लिए जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही जान जाने के कारणों का पता चलेगा।

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Dec 30, 2025 05:05:13
Kolkata, West Bengal:

ABID Interiors 2026 hosts its 35th edition in Kolkata, showcasing interior design innovation, materials, and technology to over 80,000 visitors…Kolkata is all set to witness a landmark moment in India’s interior design journey as ABID announced the 35th edition of ABID Interiors 2026. The event is all set to take place from 9th to 12th January, 2026, at Biswa Bangla Mela Prangan in Kolkata…ABID Interiors was established by the interior design fraternity. Now the event stands as one of the oldest, most respected interior exhibitions in the country. For over three and a half decades, the exhibition has grown in scale and credibility. The two qualities that define ABID Interiors are professional depth and cultural relevance. The event is planned and organized by professionals and reflects a combination of intent and innovation along with market reality. The company claims its practitioner-led ethics has attracted manufacturers, designers, and architects year after year…The 35th edition of ABID Interiors is celebrating leadership. This marks a milestone in their journey. ABID Interiors 2026 is aimed as an organized meeting of ideas, craftsmanship and technology. It is offering participants and visitors an experience that goes beyond display…ABID’s landmark 35th edition exhibition serves as a powerful meeting ground for those who influence how spaces are imagined, designed, built, and ultimately lived in. Hosted by the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals, this is more than a showcase—it’s a participative platform where ideas take shape and collaborations begin. Professionals travel from across India and around the globe, creating a dynamic exchange of insights, innovation, and global perspectives. With over 80,000 visitors expected, the scale and impact are impossible to ignore. Attendees gain direct access to 10,000+ trade designers sharing creative inspiration, 15,000+ builders and contractors exploring practical, site-ready solutions, 5,000+ architects discovering new materials and technologies, and 50,000+ homeowners seeking informed, confident choices for quality living spaces.

ABID Interiors claims it offers something unique and valuable for manufacturers and brands, which is engagement, with an informed, committed and professional interior designing community. The exhibition helps in creating meaningful, long-term relationships and genuine feedback. These are crucial elements for evolving the interior designing economy…As ABID steps into its 35th year, the exhibition stays rooted in a core belief, that true design excellence flourishes when it is shaped, supported, and advanced by the fraternity itself…ABID Interiors 2026 is not merely another date on the industry calendar. It stands as a benchmark for evolving practices and a unified declaration of purpose from the interior design community…Over the years, the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals exhibition has earned its reputation as a premier national platform, uniting design professionals, leading brands, and forward-thinking innovators from across India. The 35th edition is backed by a strong roster of industry leaders, with Kerovit by Kajaria Bathware and Birla Opus coming on board as Platinum Sponsors, reflecting their commitment to innovation and design excellence. Adding further strength to the event’s industry support are Omacme, Greenply, and Havells as Gold Sponsors, reinforcing ABID Interiors’ position as a cornerstone of the design ecosystem.

 

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ASAkhilesh Sharma
Jan 08, 2026 08:40:23
Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में शिक्षा विभाग की ओर से पंचायत समिति दोवडा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल हामीतेड को राजकीय प्राथमिक स्कूल बंदडा में शिफ्ट करने के आदेश पर ग्रामीणों ने विरोध जताया है. जिला परिषद सदस्य सुरमाल रोत के नेतृत्व में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं और उक्त आदेश को निरस्त करवाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल जर्जर होने के कारण शिफ्ट का आदेश दिया गया है, जबकि वर्तमान भवन निजी भूमि पर संचालित है और नया भवन के लिए बजट स्वीकृत है. नदी क्रॉस के कारण बच्चों को खतरा है और 10–12 किमी पैदल यात्रा करनी पड़ेगी, जिससे आना-जाना मुश्किल होगा. ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर आदेश निरस्त करने की मांग की.
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DGDeepak Goyal
Jan 08, 2026 08:39:55
Jaipur, Rajasthan:एंकर-भले ही पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा सरल और डिजिटल बना दिया हो, लेकिन अब एक नई चुनौती सामने आ रही है। पासपोर्ट बनने में लगने वाला बढ़ता समय। ऑनलाइन आवेदन, अपॉइंटमेंट और ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं के बावजूद आम नागरिक को पासपोर्ट हाथ में आने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। 7 दिन में बनने वाला सामान्य पासपोर्ट 17 दिन में भी नहीं मिल रहा, और जो इमरजेंसी पासपोर्ट कभी 24 घंटे में हाथ में होता था, वह अब पूरे 7 दिन का इंतज़ार करा रहा है। देश में यदि किसी सरकारी सेवा को वर्षों तक रोल मॉडल माना गया तो वह पासपोर्ट सेवा रही है। ऑनलाइन आवेदन, स्लॉट बुकिंग, बायोमेट्रिक, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और तय समय में पासपोर्ट डिलीवरी इन सबके चलते यह सेवा आम आदमी के लिए भरोसे की पहचान बन चुकी थी। लेकिन अब यही पासपोर्ट सेवा सिस्टम की सुस्ती और प्रशासनिक देरी का शिकार होती नजर आ रही है। हालात ऐसे हैं कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में पासपोर्ट बनवाना फिर से आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2023 में सामान्य श्रेणी का पासपोर्ट औसतन 9 दिन में जारी हो रहा था। लेकिन यह रफ्तार ज्यादा दिन कायम नहीं रह सकी। 2024 में यह अवधि बढ़कर 14 दिन हो गई और अब सामान्य श्रेणी में पासपोर्ट जारी होने में औसतन 17 दिन लग रहे हैं। यानी जिस सेवा को समयबद्ध और तेज़ माना जाता था, वही सेवा अब सुस्त सिस्टम का उदाहरण बनती जा रही है। सबसे ज्यादा चिंता का विषय इमरजेंसी पासपोर्ट सेवा है। जिस सेवा का मकसद ही आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत देना था, वह अब नाम मात्र की इमरजेंसी बनकर रह गई है। पहले जहां इमरजेंसी श्रेणी में 24 से 48 घंटे के भीतर पासपोर्ट की प्रिंटेड कॉपी आवेदक को मिल जाया करती थी, वहीं अब इस श्रेणी में भी पासपोर्ट मिलने में औसतन 7 दिन लग रहे हैं। विदेश में इलाज, पढ़ाई, नौकरी या आकस्मिक यात्रा जैसे मामलों में यह देरी कई बार भारी नुकसान का कारण बन रही है। एक तरफ डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस को लेकर लगातार बड़े दावे हो रहे हैं। पासपोर्ट सेवा को भी पूरी तरह ऑनलाइन और ट्रैकिंग आधारित बताया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है। आवेदन ऑनलाइन है, अपॉइंटमेंट ऑनलाइन है, दस्तावेज़ भी डिजिटल हैं—फिर भी फाइलें हफ्तों तक अटकी क्यों रहती हैं, यह सवाल अब आम नागरिक पूछने लगे हैं। पासपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक इस देरी की सबसे बड़ी वजह लोकल स्तर पर पुलिस वेरिफिकेशन है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में पुलिस द्वारा समय पर रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही, जिसके कारण फाइलें अटक जाती हैं। हालांकि सवाल यह भी है कि जब पूरा सिस्टम तकनीक आधारित है, तो पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अब भी पुराने ढर्रे पर क्यों चल रही है। क्या इसके लिए कोई जवाबदेही तय नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में 2 हजार 370 पासपोर्ट के आवेदन तीस दिनों से अधिक के लिए पुलिस सत्यपान के लिए लंबित चल रहे हैं। इस देरी का सीधा असर आम नागरिक पर पड़ रहा है। नौकरी, शिक्षा, व्यापार और इलाज जैसे जरूरी मामलों में लोग बार-बार पासपोर्ट कार्यालयों और पुलिस थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि आवेदन करने के बाद पोर्टल पर केवल “पुलिस वेरिफिकेशन पेंडिंग” लिखा दिखाई देता है, लेकिन यह पेंडिंग कब खत्म होगी, इसकी कोई तय समयसीमा नहीं होती। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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SRSANDEEP RATHORE
Jan 08, 2026 08:38:10
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Jan 08, 2026 08:38:06
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KSKuldeep Singh
Jan 08, 2026 08:36:56
Banur, Punjab:ਰਾਜਪੁਰਾ ਦੀਆਂ ਸੜਕਾਂ 'ਤੇ ਉਤਰੇ ਮਾਨਯੋਗ ਜੱਜ: ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਛੇੜੀ ਵੱਡੀ ਜੰਗ! ਨੌਜਵਾਨੀ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਅਦਾਲਤਾਂ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਆਏ 'ਕਾਨੂੰਨ ਦੇ ਰਖਵਾਲੇ' SDJM ਮਨਮੋਹਨ ਭੱਟੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਕੱਢੀ ਗਈ ਵਿਸ਼ਾਲ ਰੈਲੀ। ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਪਿੰਡਾਂ, ਸਕੂਲਾਂ ਅਤੇ ਕਾਲਜਾਂ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਹੀ ਸੀ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਮੁਹਿੰਮ। ਰਾਜਪੁਰਾ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਸਾਰੇ ਜੁਡੀਸ਼ੀਅਲ ਅਫ਼ਸਰ ਅਤੇ ਬਾਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਨੇ ਦਿੱਤਾ ਸਾਥ। ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ - ਰਾਜਪੁਰਾ ਦੀਆਂ ਸੜਕਾਂ 'ਤੇ ਇੱਕ ਵੱਖਰਾ ਹੀ ਨਜ਼ਾਰਾ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਅਕਸਰ ਅਸੀਂ ਜੱਜਾਂ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਦੇ ਕਮਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇਨਸਾਫ ਕਰਦੇ ਵੇਖਦੇ ਹਾਂ, ਪਰ ਅੱਜ ਰਾਜਪੂਰਾ ਦੇ ਮਾਨਯੋਗ ਜੱਜ ਖੁਦ ਸੜਕਾਂ 'ਤੇ ਉਤਰ ਆਏ। ਮਕਸਦ ਸੀ—ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜਵਾਨੀ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਕੋਹੜ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣਾ। "ਰਾਜਪੁਰਾ ਦੀ 'ਲੀਗਲ ਸਰਵਿਸਿਜ਼ ਕਮੇਟੀ' ਵੱਲੋਂ ਚਲਾਈ ਗਈ 'ਨੌਜਵਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ' PULSA ਮੁਹਿੰਮ ਅੱਜ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਰੈਲੀ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਸੜਕਾਂ 'ਤੇ ਦਿਖਾਈ ਦਿੱਤੀ। SDJM ਅਤੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਮਨਮੋਹਨ ਭੱਟੀ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ, ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸਾਰੇ ਜੁਡੀਸ਼ੀਅਲ ਅਫਸਰਾਂ ਨੇ ਇਸ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਜੱਜ ਕੰਵਲਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਜੱਜ ਮਯੰਕ ਮਰਵਾਹਾ, ਜੱਜ ਅਨੁਭਾ ਜਿੰਦਲ, ਜੱਜ ਖੁਸ਼ਦੀਪ ਕੌਰ ਅਤੇ ਜੱਜ ਸਿਮਰਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਸਮੇਤ ਬਾਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਿਮਰਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਰਹੇ। ਦੱਸ ਦਈਏ ਕਿ ਇਹ ਮੁਹਿੰਮ ਪਿਛਲੇ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਚੱਲ ਰਹੀ ਸੀ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਪਿੰਡਾਂ, ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਅਤੇ SOS ਹੋਮਜ਼ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮਾਰੂ ਪ੍ਰਭਾਵਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕੀਤਾ ਗਿਆ。
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BSBhushan Sharma
Jan 08, 2026 08:35:34
akhra, Himachal Pradesh:किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य- उप कृषि निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान एग्रीस्टैक आईडी के बिना नहीं मिलेगा कृषि योजनाओं का लाभ एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण करने से किसानों को एक विशेष पहचान नंबर मिलेगा। आने वाले समय में कृषि विभाग से जुड़े सभी विभागों की सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके पास यह विशेष पहचान नंबर होगा। किसान यह पंजीकरण संबंधित लोक मित्र केंद्रों में जाकर करवा सकते हैं। डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 6000 रुपये प्राप्त करने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। किसान यह पंजीकरण किसी भी नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर करवा सकते हैं। एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क है। सभी लोक मित्र केंद्रों में यह सेवा उपलब्ध है क्योंकि सरकार द्वारा प्रत्येक सफल पंजीकरण पर लोक मित्र केंद्र को 12 रुपये दिए जाएंगे। इसलिए किसानों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा और वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। पंजीकरण के लिए किसान को अपना आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और किसी भी एक भूमि का खसरा नंबर साथ लेकर लोक मित्र केंद्र जाना होगा। लोक मित्र केंद्र में किसान के किसी एक खसरा नंबर को दर्ज करते ही उसी किसान के नाम से जुड़ी अन्य सभी जमीनों का विवरण पोर्टल में स्वतः लिंक हो जाएगा। डॉ. धीमान ने इस संदेश के माध्यम से जिला कांगड़ा के साथ-साथ प्रदेश के राजस्व विभाग के ग्रामीण स्तर के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जिन किसानों के पास उनकी जमीन का खाता-खतौनी नंबर उपलब्ध नहीं है, उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान करें। साथ ही लोक मित्र केंद्र संचालकों से भी अपील की गयी है कि वे किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकरण कार्य शीघ्र पूरा करें। यदि किसानों को इस संबंध में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। किसान यह पंजीकरण संबंधित लोक मित्र केंद्रों में जाकर करवा सकते हैं। किसान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करें। साथ ही अपील की कि किसान जल्द से जल्द पोर्टल पर पंजीकरण कराएं, ताकि उनकी जमीन और योजनाएं डिजिटल रूप से सुरक्षित और लिंक हो सकें।
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CRCHANDAN RAI
Jan 08, 2026 08:34:50
Barh, Bihar:दानापुर रेलमंडल के फतुहा खुसरूपुर रेलखंड में हरदासबीघा स्टेशन के समीप गुरुवार की सुबह साढ़े चार बजे 15623 डाउन कामाख्या एक्सप्रेस में अज्ञात बदमाशों के लूटपाट की खबर से हड़कंप मच गया। बदमाशों ने अलग अलग कोच में यात्रा कर रहे यात्रियों से हथियार के दम पर पर्स एवं सामान छीन लिया। घटना में आधा दर्जन से अधिक बदमाश शामिल थे। बदमाशों ने ट्रेन की हरदासबीघा में चेन पुलिंग कर फरार हो गए। भगत की कोठी से चलने वाली यह ट्रेन पटना के बाद सीधे न्यू बरौनी में रुकती है। इस ट्रेन में जोधपुर से कामाख्या जा रहे यात्री कमलेश कुमार ने रेल मदद ऐप से आरपीएफ को घटना की सूचना दी।ऑन लाइन आवेदन के आधार पर आरपीएफ छानबीन में जुटी है। ट्रेन के कोच बी 1, बी 6, ए 1और ए 2में चार यात्रियों के पर्स एवं सामान गायब होने की सूचना है।
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KJKunal Jamdade
Jan 08, 2026 08:34:21
Shirdi, Maharashtra:नियम धाब्यावर बसवणाऱ्या कृषी सेवा केंद्रांवर कृषी विभागाने मोठी कारवाई केली आहे. रब्बी हंगामाच्या पार्श्वभूमीवर शेतकऱ्यांची लूट थांबवण्यासाठी जिल्हाभरात राबवलेल्या तपासणी मोहिमेत तब्बल ११ कृषी सेवा केंद्रांचे परवाने निलंबित करण्यात आले असून यामध्ये पाथर्डी तालुक्यातील ३ तर कोपरगाव तालुक्यातील ८ कृषी सेवा केंद्रांचा समावेश आहे. या कारवाईने अहिल्यानगर जिल्ह्यात खळबळ उडाली आहे.. रब्बी हंगाम २०२५-२६ मध्ये शेतकऱ्यांना गुणवत्तापूर्ण कृषी निविष्ठा योग्य दरात मिळाव्यात, यासाठी कृषी विभागाने तालुकास्तरीय गुण नियंत्रण निरीक्षक व भरारी पथकाच्या माध्यमातून तपासणी मोहीम हाती घेण्यात आली होती. या तपासणीत कृषी निविष्ठा विक्रीमध्ये अनियमितता, लिंकिंग तसेच नियमबाह्य प्रकार आढळून आले. विशेषतः युरिया खताच्या वाढत्या मागणीदरम्यान विक्रीतील गैरप्रकार, ई-पॉसवरील साठा आणि गोदामातील प्रत्यक्ष साठ्यातील तफावत याबत तक्रारी प्राप्त झाल्या होत्या. या पार्श्वभूमीवर जिल्हाभरातील कृषी सेवा केंद्रांची व्यापक तपासणी करण्यात आली. कृषी विभागाच्या या कारवाईमुळे नियमबाह्य प्रकार करणाऱ्या सेवा केंद्रांचे धाबे दणाणले असून शेतकऱ्यांना दिलासा मिळण्याची अपेक्षा व्यक्त केली जात आहे.
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