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VIKESH KUMARVIKESH KUMARFollow12 Oct 2024, 06:33 pm
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बांदा में चंद्रावल नदी का जलस्तर उफान, लाखों लोग बाढ़ से परेशान

Banda, Uttar Pradesh:यूपी के बाँदा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर टूटी है, केन की सहायक चंद्रावल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से इलाके में हड़कंप मच गया है, पैलानी तहसील क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांवों और मजरों की लाखों की आबादी बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित हुई है, आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर जुगाड़ू नावों के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं। बता दें कि चंद्रावल नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है, नदी में आए उफान के कारण अमारा संपर्क मार्ग और नादादेव संपर्क मार्ग के रपटे जलमग्न हो चुके हैं, खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, हर साल बरसात के तीन महीनों तक दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है, और आवागमन के लिए सिर्फ बचती है जुगाड़ू नावे, दशकों से चली आ रही इस भयानक समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से चंद्रावल नदी पर एक बड़े पक्के पुल के निर्माण की पुरजोर मांग की है, अब देखना यह होगा कि दशकों पुराना यह इंतजार कब खत्म होता है और ग्रामीणों को इस आफत से कब राहत मिलती है। उप जिलाधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन ने यमुना और केन की संभावित बाढ़ को लेकर पूरी तैयारी कर रखी है, वहीं चंद्रावल नदी की जद में आए अवांरा संपर्क मार्ग के रपटे और पड़ोहरा नांदादेव संपर्क मार्ग के रपटे की स्वयं जलशक्ति मंत्री रामकेश निषाद और जिलाधिकारी बांदा सहित उन्होंने मौके पर जाकर जांच की है और शासन को रिपोर्ट भेज दी है, बड़ा पुल बनाने को लेकर प्रयास किया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में अवैध कब्जे पर बुल्डोजर चला, सरकारी जमीन कब्जामुक्त

Shravasti, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बुल्डोजर एक्शन किया है। चकमार्ग और खलिहान की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को प्रशासन ने बुल्डोजर चलाकर हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। मामला सिरसिया थाना क्षेत्र के मदरहवा गांव का है, जहां चकमार्ग और खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि कब्जा हटाने के लिए संबंधित लोगों को पहले नोटिस भी दिया गया था। नोटिस के बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। बुल्डोजर की मदद से सरकारी जमीन पर फूस का मकान बनाकर किए गए निर्माण और कब्जे को हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। अवैध कब्जे के खिलाफ हुई कार्रवाई से मौके पर हड़कंप की स्थिति बनी रही।
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सूरत में बदमाशों के हौसले बुलंद, पुलिस की कार्रवाइयों पर सवाल

Surat, Gujarat:સુરત : બ્રેકિંગ ભાવનગર લઠ્ઠાકાંડ למרות સુરત જિલ્લા માં બુટલેગરો બેફામ પોલિસ ચોપડે વોન્ટેડ આરોપીઓએ છરો લઈ યુવકો પર હુમલાનો પ્રયત્ન ઓલપાડ ના કઠોદરા ગામના ઇમરાન પટેલ ઉર્ફે મારઘીએ હુમલાનો પ્રયત્ન કર્યો ગામના યુવકો પર કસાઈ નો છરો લઈ હુમલાનો પ્રયત્ન કર્યો મહત્ત્વ નું છે કે ઇમરાન મરઘી કીમ ગામે બે મહિના પહેલા થયેલ SMC રેડમાં વોન્ટેડ છે વોન્ટેડ આરોપી ખુલ્લેઆમ ફરतो હોવા છતાં પોલીસ કામગીરી પર સવાલો આજ SMC રેડ માં કીમ પોલીસ ના PI અને ASI સસ્પેન્ડ થઈ ચૂક્યા છે બુટલેગરો સામે ઢીલી નીતિ ના કારણે બુટલેગરો બેવફામ બની કાયદાઓ ગજવે ઘાલી ફરી છે.
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BSRTC की 149 डीलक्स बसों में से 78 पटना पहुंची, त्योहारों में सुविधा

Noida, Uttar Pradesh:बिहार में बस से लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी BSRTC की 149 नई एसी और नॉन-एसी डीलक्स बसों में से 78 बसें पटना पहुंच चुकी हैं। ये बसें फुलवारीशरीफ डिपो में पहुंची हैं और बाकी बसें भी इस महीने के अंत तक आने की उम्मीद है। इन बसों का संचालन मुख्य रूप से आने वाले त्योहारी सीजन में शुरू किया जाएगा। हालांकि, कुछ बसें अभी से पटना-देवघर रूट पर चल रही हैं। BSRTC के मुताबिक, बिहार से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के लिए इन बसों का संचालन किया जाएगा। इससे खासकर बिहार के प्रवासी मजदूरों, छात्रों, व्यापारियों और दूसरे यात्रियों को फायदा होगा। त्योहारों के समय जो लोग दूसरे राज्यों से अपने घर बिहार आते हैं, उनके लिए भी सफर आसान और किफायती हो सकता है। इन डीलक्स बसों में आरामदायक सीटें, बेहतर सस्पेंशन और एसी की सुविधा दी गई है। साथ ही सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। निgम का मानना है कि इन बसों के चलने से यात्रियों की निजी बसों पर निर्भरता कम होगी और उन्हें बेहतर सुविधाओं के साथ किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा।
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बक्करवाला मुठभेड़: हिमांशु भाऊ गैंग के शूटर घायल, दो गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:बक्करवाला में पुलिस और हिमांशु भाऊ गैंग के शूटरों के साथ मुठभेड़, दो आरोपी घायल हालत में गिरफ्तार दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और हरियाणा की सीआईए यूनिट को विशिष्ट सूचना प्राप्त हुई कि हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े शूटर बक्करवाला आने वाले हैं और आरआरएम अस्पताल के मालिक डॉ नरेंद्र शर्मा पर हमला करने वाले हैं. सूचना में यह भी बताया गया कि गैंग लीडर हिमांशु भाऊ ने आरआरएम अस्पताल के मालिक डॉ नरेंद्र शर्मा को कथित रूप से धमकी दी थी और आज ही उस क्षेत्र में शूटर भेजने की योजना थी。 सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीआईए के एएसआई जसबीर अपनी टीम के साथ क्राइम ब्रांच टीम में शामिल हुए। खुफिया जानकारी साझा की गई और संयुक्त रूप से विकसित की गई。 ऑपरेशन के दौरान एक संदिग्ध महिंद्रा थार को देखा गया और उसे रुकने का संकेत दिया गया। लेकिन पुलिस पार्टी को देखकर चालक ने वाहन तेज कर दिया और फ्लाईओवर के पास यूईआर/सर्विस रोड की ओर भागने का प्रयास किया。 भागते समय थार एक महिंद्रा यूटिलिटी/पिक-अप वाहन से टकरा गई। इसके तुरंत बाद दोनों सवारों ने थार छोड़ दी और बक्करवाला नाला रोड की ओर भागने लगे। पुलिस टीमों द्वारा उन्हें चुनौती देने और आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिए जाने पर दोनों संदिग्धों ने कथित रूप से परिष्कृत 9 मिमी पिस्तोलों से पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी。 संदिग्धों ने पुलिस पार्टी की ओर लगभग 8 राउंड दागे। अपनी सुरक्षा करने और सशस्त्र संदिग्धों को भागने से रोकने के लिए पुलिस पार्टी ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की。 कुल छह राउंड हवा में चेतावनी के रूप में दागे गए, उसके बाद आरोपियों की ओर नियंत्रित फायरिंग की गई। दोनों संदिग्धों को गोली लगने से चोटें आईं और उन्हें काबू में ले लिया गया。 घायल संदिग्धों की पहचान इस प्रकार है: 1. --- (सीसीएल xxx anonymized) 2. समीर, पुत्र परवीन कुमार, आयु 19 वर्ष, निवासी रीथल फोगाट, रोहतक, हरियाणा。 तुरंत पीसीआर कॉल की गई और दोनों घायल आरोपियों को तत्काल चिकित्सा उपचार एवं उनके जीवन की रक्षा हेतु निजी वाहन से आरटीआर अस्पताल पहुंचाया गया。 आरोपियों के पास दो ग्लॉक पिस्तोलें पाई गईं。 घटना स्थल को सुरक्षित कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू की गई.
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कौमी इनसाफ़ मोर्चा पंजाब बंद का एलान: सुबह 7 से दोपहर 2 बजे बंद

Kot Kapura, Punjab:ਕੌਮੀ ਇਨਸਾਫ਼ ਮੋਰਚਾ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਪੰਜਾਬ ਬੰਦ ਸੱਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਚ ਸਤ ਵਜੇ ਤੋਂ ਦੁਪਹਿਰ ਦੋ ਵਜੇ ਤੱਕ ਪੰਜਾਬ ਬੰਦ ਰੱਖਣ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈਂ।ਕੌਮੀ ਇਨਸਾਫ਼ ਮੋਰਚਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਜੌ ਸਿੰਘ ਪਿਛਲੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਜੇਲ੍ਹਾਂ ਚ ਬੰਦ ਅਤੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਖਤਮ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਜਾਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਨਹੀਂ ਹੋ ਰਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦ ਰਿਹਾ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਭਾਈ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਹਵਾਰਾ ਜੌ ਸਾਬਕਾ ਕਾਂਗਰਸੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ ਦੀ ਹੱਤਿਆ ਮਾਮਲੇ ਚ ਸਜਾ ਭੁਗਤ ਰਹੇ ਹਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੈਰੋਲ ਦੇਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੌ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਿਮਾਰ ਮਾ ਨਾਲ ਕੁਝ ਸਮਾਂ ਬਿਤਾ ਸਕਣ ।ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਅੱਜ ਇਨਸਾਫ਼ ਮੋਰਚਾ ਵੱਲੋ ਕੀਤੇ ਐਲਾਨ ਮੁਤਾਬਿਕ ਸਾਰੇ ਬਜ਼ਾਰ ਸਕੂਲ ਬੰਦ ਰੱਖਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਦਰਮਿਆਨ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਛੋਟ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ।ਮੋਰਚੇ ਵੱਲੋਂ ਹਾਈਵੇ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਰੇਲਵੇ ਟਰੈਕ ਵੀ ਜਾਮ ਰੱਖਣ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ。
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सिरोही के महेश: अकेली बेटी ही बचा परिवार, मदद की आस

Sirohi, Rajasthan:सिरोही के महेश की दर्द भरी कहानी, पत्नी और दो बच्चों को खो चुका महेश, अब 20 वर्षीय विमंदित बेटी ही जिंदगी का आखिरी सहारा, सब कुछ खत्म महेश की जिंदगी की कहानी किसी का भी दिल छू लेती है। घर की दीवार पर टंगी एक पुरानी तस्वीर में पूरा परिवार आज भी मुस्कुराता दिखाई देता है, लेकिन सामने बैठा महेश बीती खुशियों को याद कर आंसुओं में डूब जाता है। करीब दस वर्ष पहले बीमारी ने उसकी पत्नी को उससे छीन लिया। इसके बाद उसके दो बच्चों की भी मौत हो गई। वक्त ने एक-एक कर उसके परिवार के सभी सहारे छीन लिए। आज महेश की दुनिया में उसकी विमंदित बेटी ही बची है। महेश की विमंदित बेटी की स्थिति ऐसी है कि महेश उसे अकेला छोड़कर दूर जाकर मजदूरी भी नहीं कर सकता। कभी एक-दो घंटे का काम मिल जाता है तो उससे मिलने वाली थोड़ी-सी मजदूरी से दोनों के भोजन का इंतजाम होता है। कई बार इंदिरा रसोई से खाना लाकर पिता-पुत्री अपना पेट भरते हैं। जिस पिता ने कभी अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने देखे थे, आज वही महेश अपनी बेटी के भविष्य को लेकर बेबस नजर आता है। रहने के लिए महज एक कमरा है और वह भी जर्जर हालत में है। सरकारी सहायता के नाम पर परिवार को पांच किलो राशन मिल रहा है। घर की दीवार पर लगी तस्वीर और उसके सामने बैठा महेश मानो समय के दो अलग-अलग चेहरे दिखाता है—एक तरफ बीते दिनों की खुशियां और दूसरी तरफ वर्तमान की बेबसी। बेटी की जिम्मेदारी और सीमित आमदनी के बीच महेश हर दिन जिंदगी से संघर्ष कर रहा है। ऐसे में इस परिवार को सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने के साथ समाज के सक्षम लोगों और भामाशाहों के सहयोग की जरूरत है। एक सुरक्षित छत, नियमित सहायता और बेटी के भविष्य की व्यवस्था महेश के जीवन में उम्मीद की नई किरण ला सकती है। जी मीडिया सरकार और भामाशाहों से अपील करता है कि इस पिता और बेटी की मदद के लिए आगे आएं और इनके जीवन में सहारे की एक नई उम्मीद जगाएं। महेश की कहानी सिर्फ एक परिवार की बेबसी नहीं, बल्कि उस पिता की पीड़ा है जिसने अपनों को खोने के बाद भी अपनी बेटी का हाथ नहीं छोड़ा। आज जरूरत है कि समाज भी महेश का हाथ थामे।
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Hanumangarh में पार्क सौंदर्यकरण: 120 पौधे, जनता का सहयोग

Hanumangarh, Rajasthan:जनसहयोग से बदलेगा पार्क का स्वरूप,12 साल से कचरा डाले जाने से बदहाल पार्क के सौंदर्यकरण का संकल्प, अब हरियाली से निखरेगा परिसर. डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क के सौंदर्यकरण की दिशा में डॉ. भीमराव अंबेडकर नवयुवक संघ ने सराहनीय पहल की है. संघ की ओर से जनसहयोग से पार्क में पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत करीब 120 विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए. पौधारोपण अभियान के दौरान पोस्टल पाम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए. पौधों को व्यवस्थित तरीके से रोपकर पार्क को हरा-भरा और आकर्षक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है. डॉ. भीमराव अंबेडकर नवयुवक संघ के अध्यक्ष अनिल सुथार ने बताया कि पार्क में पिछले करीब 12 वर्षों से प्लास्टिक और अन्य कचरा डाले जाने के कारण इसकी स्थिति खराब हो गई थी. पार्क की बदहाली को देखते हुए संघ ने इसके सौंदर्यकरण का संकल्प लिया. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत सबसे पहले पार्क की बाउंड्री के लिए तारबंदी और सीमेंट के पोल लगाए गए. इसके बाद मिट्टी भराई करवाकर भूमि को व्यवस्थित किया गया और अब पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है.
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बड़वानी के खेत के कुएं से महिला का शव मिलने से सनसनी, जांच जारी

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी--सजवानी और धमनई फाटे के बीच खेत के कुएं में मिली महिला की लाश, पुलिस जुटी जांच में सजवानी और धमनई फाटा के बीच खेत स्थित एक कुएं से महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई मृतिका की पहचान निरमा पति लूलिया, निवासी सिंधी टांगड़ा, गंधावल के पास की बताई जा रही है घटना की सूचना मिलते ही बड़वानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद मौत के कारणों का खुलासा होने की संभावना है पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है
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बरनाला-मानसा हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ंत, 22 वर्षीय युवक की मौत

Barnala, Bathinda, Punjab:बरनाला-मानसा नेशनल हाईवे पर देर रात भीषण सड़क हादसा, 22 वर्षीय युवक की मौत, हंडियाया के पास पराली से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ऑल्टो कार को मारी जोरदार टक्कर, दो युवक घायल Барнала-मानса नेशनल हाईवे पर हंडियाया के पास बीती देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में 22 वर्षीय युवक हरमल सिंह की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त मनप्रीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। कार में सवार तीसरा युवक हरप्रीत सिंह बाल-बाल बच गया, हंडियाया पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई तरसेम सिंह ने बताया कि हादसे में हरमल सिंह पुत्र केवल सिंह निवासी रूड़ेके कलां की मौत हुई है, जबकि मनप्रीत सिंह पुत्र जगसीर सिंह गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज डीएमसी लुधियाना में चल रहा है। तीसरा युवक हरप्रीत सिंह पुत्र जगतार सिंह सुरक्षित बच गया है। पुलिस ने हरप्रीत सिंह के बयानों के आधार पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जानकारी के मुताबिक, तीनों दोस्त शॉपिंग करने के बाद ऑल्टो कार में सवार होकर अपने गांव रूड़ेके कलां लौट रहे थे। इसी दौरान मानसा की तरफ से बरनाला की ओर आ रही पराली से भरी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलाई ने सामने से आ रही ऑल्टो कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद हाईवे से गुजर रहे राहगीरों और आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर कार में फंसे तीनों युवकों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सड़क सुरक्षा फोर्स और एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन करीब 25 मिनट तक कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची, इसके बाद लोगों ने घायलों को निजी एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। हादसे में गंभीर रूप से घायल कार चालक हरमल सिंह की इलाज से पहले ही मौत हो गई। वहीं मनप्रीत सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बरनाला से लुधियाना के डीएमसी अस्पताल रेफर किया गया है। तीसरा युवक हरप्रीत सिंह सुरक्षित बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में सड़क सुरक्षा फोर्स और एंबुलेंस के देरी से पहुंचने को लेकर काफी रोष देखने को मिला।
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कवर्धा के सरैहा बांध के फूटने से किसानों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा ब्रेकिंग पंडरिया के ग्राम सरैहा में वर्षों पुराना बांध फूटा बांध में पहले हुआ था छोटा सा होल, धीरे-धीरे बढ़ता गया लगातार बारिश के बीच बांध का मिट्टी वाला हिस्सा बहा बांध फूटने से भारी मात्रा में पानी बहकर हुआ बर्बाद सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित होने की आशंका बांध का पानी निकलने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका बांध फूटने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण जाल लेकर बांध के पानी में मछली पकड़ते नजर आए ग्रामीण पुराने बांध की मरम्मत और रखरखाव पर उठे सवाल किसानों ने प्रशासन से नुकसान के आकलन और मुआवजे की मांग की
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जमीन विवाद में पति-पत्नी पर बेरहमी, वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-जमीन विवाद में दम्पत्तिबके साथ की बेरहमी से मारपीट घटना का विडियो सामने आया है; पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोइडिया में रास्ते को लेकर हुए विवाद में पीड़ित मुकेश और उसकी पत्नी व बेटे की पिटाई का मामला सामने आया है. मुकेश ने बताया रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के बाद उसकी शिकायत की गई थी, जिसके बाद गांव के 3 लोगों ने उसके घर आकर उसकी पत्नी, बेटे और उसे बेरहमी से पीटा; विडियो में साफ दिख रहा है. आरोपी कभी पत्थर से तो कभी बैल्ट से पीड़ित परिवार को पीट रहे हैं. इतना ही नहीं महिला से बेरहमी से मारपीट कर उसे घसीटा जा रहा है; उसने थाने में शिकायत की है पर सुनवाई नहीं हो रही है. जिसके बाद पीड़ित एसपी कार्यालय पहुँचा. मामले में राजपुर थाना के अनुसार घटना का विडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 3 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है; आरोपियों की तलाश जारी है.
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वीरा माइनर पटरी टूटी, बांदा में बाढ़ से किसानों के धान जलमग्न

Banda, Uttar Pradesh:बांदा में कमासिन क्षेत्र की वीरा माइनर की कटी पटरी ने ग्रामीणों और किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। नहर का पानी तेज रफ्तार से खेतों और बस्ती में घुस गया है। दर्जनों कच्चे घरों में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि सैकड़ों बीघे धान की फसल जलमग्न हो गई। घरों में रखा राशन, गृहस्थी का सामान और पशुओं का भूसा तक पानी में डूब गया। हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों के सामने खाने और रहने का संकट खड़ा हो गया है। कमासिन-राजापुर मुख्य मार्ग पर चंदेल फिलिंग स्टेशन के समीप वीरा माइनर की पटरी कई जगह से कटी हुई है। बुधवार रात हुई बारिश के बाद माइनर का पानी ओवरफ्लो होकर तेजी से खेतों की ओर बहने लगा। देखते ही देखते पानी ने कमासिन कस्बे की आबादी का रुख कर लिया। जल संस्थान के पीछे, पुराने स्वास्थ्य केंद्र परिसर और बीपैक्स सहकारी समिति के पीछे बसे दर्जनों कच्चे मकानों में घुटनों तक पानी भर गया। ग्रामीणों के मुताबिक सुबह करीब चार बजे जब उनकी आंख खुली तो तेज रफ्तार से पानी घरों में घुस रहा था। घर में रखा अनाज, खाने-पीने का सामान, कपड़े और गृहस्थी का अन्य सामान पानी में डूब गया। पशुओं के लिए रखा भूसा भी खराब हो गया। पानी भरने से कई परिवारों के सामने खाना बनाने तक की जगह नहीं बची। छोटे-छोटे बच्चों के साथ परिवारों को रात और सुबह बेहद मुश्किल हालात में गुजारनी पड़ी। वहीं दूसरी ओर वीरा माइनर का पानी खेतों में भरने से सैकड़ों एकड़ धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। लहलहाती धान की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसानों का आरोप है कि वीरा माइनर की तलहटी की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई गई। नहर में झाड़-झंखाड़ जमा है और पटरी भी कमजोर हो चुकी है। पानी की निकासी का रास्ता नहीं होने से खेतों में जलभराव लगातार बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि एक बीघा धान की फसल तैयार करने में करीब दस हजार रुपये तक खर्च हो जाता है। ऐसे में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने, पानी की निकासी कराने, कटी पटरी की मरम्मत कराने और फसल व मकानों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। बाइट: पीड़ित ग्रामीण / किसान
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कूनो: तेंदुओं के शिकार से चीतों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर तेंदुओं के शिकार के मामले ने कूनो नेशनल पार्क और आसपास के जंगलों में सुरक्षा और कूनो प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। STSF की जांच में अब तक 10 तेंदुओं के शिकार की पुष्टि की बात सामने आने के बाद विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा ने पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विधायक ने आरोप लगाया कि कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों से वन्यजीवों की सुरक्षा नहीं संभल रही है। उनका कहना है कि बाहर की जांच एजेंसियां शिकारियों को पकड़ रही हैं और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर रही हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक ने चीतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब कूनो में तेंदुओं का शिकार करने के लिए शिकारी जंगल के अंदर तक पहुंच रहे थे, तब ऐसे में चीतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कूनो प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों का ध्यान वन्यजीव संरक्षण के बजाय कथित भ्रष्टाचार पर अधिक है। मल्होत्रा ने कूनो में पहले हुई एक चीते की मौत का जिक्र करते हुए भी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि चीतों को संभालने में भी प्रबंधन विफल रहा है। तेंदुओं के शिकार से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल STSF की जांच के मुताबिक कूनो वन्यजीव वनमंडल, श्योपुर सामान्य वनमंडल और मुरैना के चंबल अभयारण्य क्षेत्र में कुल 10 तेंदुओं के शिकार की पुष्टि हुई है। जांच में शिकारियों द्वारा जंगल में फंदे लगाने और तेंदुओं का शिकार करने की बात सामने आई है। इस मामले ने कूनो के मैदानी अमले की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सवाल यह है कि यदि शिकारी जंगल में फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार कर रहे थे, तो नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी के दौरान इसकी जानकारी सुरक्षा अमले को क्यों नहीं मिली? मामले का खुलासा स्थानीय स्तर की कार्रवाई से पहले आगरा में वन्यजीव अंगों की बरामदगी और उसके बाद हुई जांच से सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद जांच की कड़ियां कूनो और चंबल क्षेत्र तक पहुंचीं。 चीतों पर भी मंडरा सकता है खतरा? जांच से जुड़े इनपुट में शिकारियों की बातचीत में 'चीता' शब्द का उल्लेख होने की बात भी सामने आई है। इससे कूनो में मौजूद चीतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, चीतों को निशाना बनाए जाने की बात अभी आशंका और जांच के दायरे में है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं कूनो प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों की किसी आपराधिक संलिप्तता या जानबूझकर लापरवाही का आरोप जांच में सिद्ध होना अभी बाकी है। ऐसे में विधायक के आरोपों और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़े सवालों पर जांच के निष्कर्ष का इंतजार रहेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि जब कूनो में करोड़ों रुपये खर्च कर प्रोजेक्ट चीता और वन्यजीव संरक्षण की व्यवस्था संचालित की जा रही है, तो शिकारी जंगल के भीतर तक कैसे पहुंचे और लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहे?
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