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SSSaurabh SharmaFollow11 Jul 2024, 07:12 am
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MCडी मार्केट की जर्जर इमारत: बड़े हादसे की आशंका बढ़ी

New Delhi, Delhi:सत्य निकेतन की घटना के बाद लगता है कि प्रशाशन अभी भी नींद में है और फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है करोल बाग स्थित एमसीडी मार्केट जिसको मोबाइल मार्केट भी कहा जाता है इस मार्किट में काफी दुकानें है और हजारों की संख्या में लोग इस मार्किट में आते है मार्केट की पार्किंग से लेकर पूरी एमसीडी मार्केट की हालत देखकर आप खुद अंदाजा लगा सकते है की बिल्डिंग की हालत कितनी जर्जर है अभी 2 महीने पहले भी यहां पर इमारत का एक हिस्सा गिर गया था हालांकि राहत की बात यह रही कि उसमें किसी की जान नहीं गई उसके हादसे के बाद मार्केट के व्यापारियों के चारों तरफ लोहे के जाल लगाए ताकि इमारत का अगर कोई हिस्सा गिरता है तो उसे जान माल का नुकसान ना हो पूरी इमारत जर्जर हो चुकी है जगह-जगह दीवारों में दरारें आ चुकी हैं कई हिस्से गिर चुके हैं तस्वीर अपने आप में खुद बयां कर रही है व्यापारियों का यहां पर कहना है की दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों को हमने कई बार लिखित में जानकारी दी है और कहां है कि अगर दिल्ली नगर निगम इसकी रिपेयरिंग नहीं कर सकती तो इसके लिए हम खुद रिपेयरिंग के लिए तैयार है दिल्ली नगर निगम इसके लिए हमें इजाजत दें लेकिन काफी समय से यह मामला अटका हुआ है ऐसे में दिल्ली नगर निगम पर भी कई सवाल लगातार लोग उठाते हुए नजर आ रहे हैं कि किस तरह से दिल्ली नगर निगम के हर डिपार्टमेंट में किस कदर भ्रष्टाचार है और शायद दिल्ली नगर निगम एक और बड़े हादसे का इंतजार कर रही है क्योंकि जो हालात इस एमसीडी मार्केट की है उसको देखते हुए उसको यह लगता है कि जल्द या तो उसको रिपेयर नहीं किया गया तो बड़ा हादसा यहां पर हो सकता है
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झुंझुनूं: वार्ड-31 में शारदा देवी के नाम से पूर्व वोट डालने का मामला सामने

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं नगर परिषद के वार्ड-31 में फर्जी मतदान की शिकायत. व्हीलचेयर पर वोट डालने पहुंची शारदा देवी नहीं डाल पाईं अपना वोट. शारदा देवी का वोट पहले ही डाले जाने का सामने आया मामला. वोट डालने पहुंची महिला को मतदान केंद्र से बिना वोट दिए लौटना पड़ा. शारदा देवी के परिजनों BLO से फर्जी मतदान को लेकर की शिकायत. नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 31 के मतदान केंद्र पर उस समय स्थिति चर्चा का विषय बन गई, जब व्हीलचेयर पर वोट डालने पहुंची शारदा देवी अपना मतदान नहीं कर सकीं. मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम से पहले ही वोट डाला जा चुका है. इसके बाद शारदा देवी ने मामले को लेकर मतदान केंद्र पर मौजूद बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से शिकायत की.बताया जा रहा है कि शारदा देवी मतदान के लिए व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंची थीं. निर्धारित प्रक्रिया के तहत जब उनके नाम और मतदाता विवरण की जांच की गई तो उनका वोट पहले ही डाले जाने की बात सामने आई। इसके चलते वह अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकीं और उन्हें बिना मतदान किए ही वापस लौटना पड़ा।शारदा देवी को लेकर आये परिजनों ने इसे लेकर बीएलओ के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई और उनके नाम से पहले मतदान किए जाने की शिकायत की।
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डूंगरपुर नगरपरिषद चुनाव: विदेश से वोट डालकर मतदाताओं ने विकसित शहर का संकल्प दोहराया

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर नगरपरिषद चुनाव में मतदान के प्रति मतदाताओं का उत्साह नजर आ रहा है। इसी कड़ी में शहर निवासी विनोद कुमार पंचाल, जो कुवैत में कार्यरत हैं, अपना वोट डालने के लिए कुवैत से डूंगरपुर पहुंचे। उन्होंने सुबह मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विनोद कुमार पंचाल ने कहा कि डूंगरपुर के विकास और प्रगति के लिए हर नागरिक का एक-एक वोट बेहद कीमती है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने वोट की कीमत को समझते हुए विदेश से वापस आकर मतदान किया। विनोद कुमार ने अन्य मतदाताओं سے भी अपील की कि वे मतदान को केवल अधिकार नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी समझें और शहर के बेहतर भविष्य के लिए जरूर वोट करें। इधर, प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं के भी इंतजाम किए गए हैं। सुबह से ही विभिन्न आयु वर्ग के मतदाता मतदान केंद्रों पर कतार में खड़े होकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते नजर आए। शांतिपूर्ण माहौल के बीच क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया जारी है।
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झुंझुनूं नगर निकाय चुनाव: 9 निकायों में शांतिपूर्ण मतदान, EVM में खराबी के बावजूद मशीनें बदलीं

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के 9 स्थानीय निकायों में मतदान जारी है. जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ अरुण गर्ग ने झुंझुनूं नगर परिषद के वार्ड नंबर 49 के मतदान केंद्र का निरीक्षण कर मतदान व्यवस्था का जायजा लिया. मतदान केंद्रों पर मॉक पोल पूरी कर सुबह 7 बजे मतदान शुरू कराया गया. चुनाव के दौरान विभिन्न तरह की शिकायतें सामने आईं, जिन्हें निर्वाचन विभाग की टीमों की ओर से तत्काल कार्रवाई की जा रही है. कुछ मतदान केंद्रों पर EVM में तकनीकी समस्या आई थी, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिप्लेस किया गया. सुलताना में लगभग 37 प्रतिशत मतदान के बाद एक मशीन में समस्या आई जिसे बदला गया. अन्य निकायों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है. फर्जी मतदान की शिकायतें मिलीं, जिनकी जांच की जा रही है; अधिकांश शिकायतें निराधार पाई गईं. 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक आवाजाही रोकने के लिए टीमें अलर्ट रहीं. मतदान केंद्रों पर पर्याप्त रोशनी और पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए. सेक्टर मजिस्ट्रेट, एरिया मजिस्ट्रेट, RO और ARO भ्रमण कर मतदान निगरानी कर रहे हैं. पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात है और आवश्यकता पर रिजर्व बल भी भेजा जा रहा है. सभी 9 निकायों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है.
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11 हजार वोल्ट तार घरों के ऊपर: ग्रामीणों का आक्रोश, बिजली विभाग से तुरंत समाधान

Forbesganj, Bihar:करंट की चपेट में आकर दो लोग घायल, ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन; सहयोग पोर्टल की रिपोर्ट पर भी उठे सवाल फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र के पिपरा पंचायत के वार्ड संख्या-04 में घरों के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन विद्युत तार अब ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। आधा दर्जन से अधिक घरों के ठीक ऊपर से गुजर रहे इस तार को लेकर ग्रामीणों में लगातार दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पूर्व मस्जिद के इमाम मौलाना एवं मुफ्ती इसराफिल हाईटेंशन तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं, बीती रात भी एक व्यक्ति विद्युत तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। घायल को तत्काल फारबिसगंज अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। लगातार हो रही घटनाओं से आक्रोशित सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण बुधवार को सड़क पर उतर आए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, हाईटेंशन तार को घरों से दूर करने और मस्जिद परिसर से ट्रांसफॉर्मर हटाने को लेकर सहयोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत का पंजीकृत नंबर REF721827 है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि शिकायत के बाद संबंधित पदाधिकारियों द्वारा बिना स्थल निरीक्षण किए ही रिपोर्ट भेज दी गई, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि हाईटेंशन तार आज भी लोगों के घरों के ऊपर से गुजर रहा है और लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। अब सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे या जान-माल के नुकसान के बाद ही बिजली विभाग और प्रशासन की नींद खुलेगी? ग्रामीणों ने जल्द से जल्द हाईटेंशन तार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और मस्जिद परिसर से ट्रांसफॉर्मर हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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धनबाद एसीबी ने रिश्वत लेते पकड़ा इंस्पेक्टर पुनीत गौतम; हड़कंप मचा

Giridih, Jharkhand:एभीबी : धनबाद एसीबी की टीम ने गिरिडीह साइबर थाने में पदस्थापित इंस्पेक्टर पुनीत गौतम को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार बरवाडीह पुराने पुलिस लाइन में स्थित साइबर थाना के बाहर धनबाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई की. आरोप है कि एक कांड में आरोपियों को मदद करने के एवज में इंस्पेक्टर पुनीत गौतम ने 30 हजार रुपये की मांग की थी. शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया. फिलहाल एसीबी की टीम इंस्पेक्टर पुनीत गौतम को अपने साथ लेकर धनबाद चली गई है. गिरिडीह, झारखण्ड
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धनबाद के भूधसान से लोग फिर से उजड़ रहे, पुनर्वास मुद्दा बना सवाल

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद कोयलांचल दशको से भूधसान, जहरीली गैस और गोफ की घटना का दंश झेल रहा है।अनगिनत हुए घटनाओं में कई लोगो की मौत हो चुकी है।लोगो के आशियाने जमींदोज हो गया है।हजारो लोग बेघर हो चुके है।पुनर्वास विस्थापन नीति का डेंजर जोन में रहने वाले लोगो को सही से हो नही पा रहा है।बीसीसीएल जिला प्रशासन विस्थापन पुनर्वास कराने में विफल दिख रही।हाल के दिनों में बाघमारा कतरास क्षेत्र में कई भूधसान की घटना हुई है।सभी घटनाओं में लोगो का आरोप है कि अवैध माइनिंग के कारण भूधसान की घटनाएं हुई है।भाजपा के लोग राज्य सरकार पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार बता रहे तो वही राज्य सरकार को समर्थन देने वाले विधायक बीसीसीएल को कोयला चोरी करवाने का आरोप लगा रहे।इन सब के बीच डेंजर जोन, अग्निप्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगो की जिंदगी हर पल खतरे में गुजर रही।लोगो के घर जमीन में समा जा रहा।कई लोग हताहत हो जा रहे।8 सिंतबर को जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नम्बर में बड़ी भूधसान की घटना हुई।कई घर जमींदोज हो गया।5 लोग मलबे में दबने से घायल हुए।12 साल के विक्रम की घटना में मौत हो गई। राहत बचाव के नाम पर बीसीसीएल प्रबंधन ने रस्सी बांध कर ब्रेकेटिंग कर दिया है।एक अस्थाई नोटिज रस्सी में बांध दिया जिसमें भूधसान क्षेत्र है है जाना प्रतिबंधित है।सिजुआ 10 नम्बर में लगभग 3 हजार की आबादी रहती है।जो डरे सहमे है।सभी अपने सामान को बाहर निकाल रख दिये है।बीसीसीएल से सुरक्षित स्थान पर बसाने, मुवाबजा और रोजगार की व्यवस्था की मांग कर रहे। वही स्थानीय लोगो ने कहा कि बीसीसीएल की साजिस है कि भूधसान की घटना हो।डर से लोग अपने घर को छोड़ भाग जाए।उंसके बाद बीसीसीएल कोयला निकालने का काम आराम से कर सके।बीसीसीएल को सुरक्षित स्थान पर बसाना होगा नही तो आर पार की लड़ाई लड़ेंगे। वही स्थानीय भाजपा नेता ने कहा कि घटना के लिये बीसीसीएल जिम्मेदार है।अवैध माइनिंग सभी के मिलीभगत से हो रही।बीसीसीएल लोगो के जिंदगी को लेकर गम्भीर नही है।भूधसान क्षेत्र होने के बाउजूद कोई व्यवस्था पहले से नही करती है।घटना होने के बाद ब्रेकेटिंग करना,नोटिस देन का काम करती है।लोगो को पुनर्वास करना होगा। सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि घटना के पहले बीसीसीएल को डेंजर जोन के लोगो को बसाने का काम करना चाहिए।हाल के दिनों में कई घटना हो चुकी है।कोयला चोरी हो रही है तो बीसीसीएल जिम्मेदार है।बीसीसीएल के क्षेत्र में कोयला का अवैध माइनिंग हो रहा है तो बीसीसीएल को कार्रवाई करनी चाहिए।लेकिन बीसीसीएल की मिलीभगत के कारण कार्रवाई नही की जाती है।राज्य सरकार इसके लिये जिम्मेदार नही है। 22 जुलाई को सोनारडीह रेल केबिन डीसी रेललाइन समीप गोफ बना सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टन्डाबारी 5 बार भूधसान की घटना 4 जून को टन्डाबारी में भूधसान, दर्जनों घर जमींदोज,3 की मौत 27 जून को पांडेडीह में कई घर टूटे 5 अगस्त को सलेक्टेड गोविंदपुर में 6 घर जमींदोज हुआ था। कतरास छाताबाद में 7 जुलाई और 7 अगस्त को भूधसान की घटना 28 घर जमींदोज कई घायल हुए थे। 31 अगस्त को आकाशकिनारी में 5 घर जमींदोज 31 अगस्त को लकड़का में मवेशी गोफ में समा गया था। इसके अलावे हाल के दिनों में गोधर, केंदुआडीह झरिया क्षेत्र में गोफ भूधसान और जहरीली गैस की घटनाएं हुई थी। 27 सितंबर 1995 को केंदुवा झरिया जाने वाले सड़क किनारे न्यू धौड़ा में भूधसान में एक घर पूरा धरती में समा गया था।कमरे में सो रही दम्पति सुरेश प्रसाद और नीलम देवी घर के साथ धरती में समा गई थी।रेस्क्यू चला लेकिन दोनों के शव नही निकाला जा सका। 24 मई 2017 को झरिया इंदिरा चौक स्थित सड़क किनारे धरती फटी,पिता बबलू खान,बेटा 8 वर्षीय रहीम खान धरती में समा गया था।दोनों को निकालने के लिये रेस्क्यू चला,लेकिन शव नही निकाला जा सका। जोगता 22/12 में 15 अगस्त 2023 को भूधसान की घटना हुई थी।पिता श्याम सुंदर,बेटा अरुण और तरुण जमीन के अंदर चला गया।स्थानीय लोगो ने किसी तरह से तीनों को बाहर निकाला था। जोगता थाना क्षेत्र श्यामबाजार 7 नम्बर भुइयां पट्टी में 18 अगस्त 2025 को भूधसान की घटना हुई थी।दर्जनों घर जमींदोज हो गया था।
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गंगा जलस्तर बढ़ने से समस्तीपुर में बाढ़ का संकट बना रहा

Samastipur, Bihar:एंकर:समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर भले ही करीब 10 सेंटीमीटर नीचे आया हो, लेकिन बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में पानी अब भी घरों में घुसा हुआ है। कहीं परिवार सड़क और बांध पर शरण लिए हुए हैं तो कहीं लोग घर की छत पर मवेशियों के साथ रात गुजारने को मजबूर हैं। सबसे बड़ी परेशानी भोजन, पशुओं के चारे, पीने के पानी और रात में रोशनी की है। कई इलाकों में बाढ़ पीड़ित अंधेरे में रात काट रहे हैं। गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर में मामूली कमी के बाद लोगों ने जरूर थोड़ी राहत महसूस की है, लेकिन पानी का फैलाव कम नहीं हुआ है। मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर के कई गांवों में अब भी सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। मोहनपुर प्रखंड की डुमरी दक्षिणी पंचायत में हालात बेहद खराब हैं। पंचायत के अधिकांश लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले छह दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। आवागमन के लिए एक ही नाव का सहारा है। गंगा का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने तक का मौका नहीं मिला। बाढ़ प्रभावित परिवारों का कहना है कि घर के अंदर पानी भरा है और मजबूरी में छत पर ही परिवार और मवेशियों के साथ रात काटनी पड़ रही है। खाना भी छत पर ही बनाया जा रहा है। बारिश शुरू होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। बाढ़ पीड़ित रागिनी कुमारी बताती हैं कि घर में करीब डेढ़ से दो फीट पानी है। संयुक्त परिवार होने के कारण घर में करीब 15 बच्चे थे, जिन्हें सुरक्षित रखने के लिए रिश्तेदारों के यहां भेज दिया गया है। अब परिवार के लोग मवेशियों के साथ घर की छत पर रात गुजार रहे हैं। उनका आरोप है कि छह दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से कोई हालचाल लेने नहीं पहुंचा। पशुपालक रामचंद्र राय बताते हैं कि बाढ़ में सबसे बड़ी परेशानी मवेशियों के चारे की है। उनका कहना है कि पानी अचानक इतनी तेजी से बढ़ा कि पशुओं को ऊंचे स्थान पर ले जाने का मौका ही नहीं मिला। मजबूरी में दो मवेशियों को घर की छत पर रखा गया है और परिवार के लोग भी वहीं रह रहे हैं। इधर, प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज करने का दावा किया जा रहा है। मोहिउद्दीननगर प्रखंड में करीब 25 स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू किए गए हैं, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन तैयार कराया जा रहा है। सामुदायिक किचन और राहत सामग्री को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के लिए करीब 95 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से पशुओं के लिए चारा और प्लास्टिक शीट भी वितरित किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक दावे कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर राहत का असर बहुत कम दिखाई दे रहा है। खासकर घरों की छत और बांधों पर रह रहे परिवारों को भोजन, चारा, पेयजल और रोशनी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वही रात के अंधेरे में कैसे गुजरती है बाढ़ पीड़ितों की रात और उसकी स्थिति का जायजा लिया जी मीडिया संवाददाता मंटून कुमार रॉय ने.
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बड़वानी-सेंधवा में स्ट्रीट डॉग ने बनाया राहगीरों को शिकार, अस्पताल में इलाज शुरू

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-सेंधवा मे स्ट्रीट डॉग का आतंक, करीब आधा दर्जन लोगों को बनाया शिकार,पीड़ित पहुंचे सिविल अस्पताल शहर में एक बार फिर कुत्तों का आतंक देखने को मिला है क्षेत्र के नालेपार में कुत्तों ने करीब पांच से छः राहगीरों को अपना शिकार बनाया है जिसके बाद पीड़ित लोग सिविल अस्पताल पहुंचे जहाँ घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया सिविल अस्पताल के डॉ संजय धाकड़ ने बताया कि कुत्तों के काटने के करीब पांच से छः मामले सामने आए हैं जिनमें से कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है वही कुछ लोगों की हालात को देखते हुए उनका अस्पताल में ही उपचार जारी है डॉ धाकड़ के अनुसार अस्पताल में रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं सभी मरीजों का रेबीज इंजेक्शन दे कर उपचार किया जा रहा है नाले पर क्षेत्र में भी नगर पालिका की टीम के द्वारा स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है
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जम्मू में सुरक्षा रणनीति बदली: CRPF को 21 स्थान, CoBRA के 9 दल तैनात

Jammu, जम्मू संभाग में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया है। कठुआ-उधमपुर रेंज के 21 संवेदनशील और प्रमुख स्थानों की जिम्मेदारी अब सेना की जगह CRPF संभालेगी। इसके साथ ही घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन के लिए CoBRA की 9 विशेष टीमें भी तैनात की जाएंगी। दरअसल, जम्मू के पहाड़ी और जंगलों से घिरे इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी सुरक्षा बलों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या CRPF और CoBRA की तैनाती से आतंकवाद विरोधी अभियानों को और मजबूती मिलेगी? इसी मुद्दे को लेकर हमने बात की जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद से। उनसे हमने जानना चाहा कि सेना से CRPF को जिम्मेदारी सौंपने का यह फैसला सुरक्षा रणनीति के लिहाज से कितना महत्वपूर्ण है और क्या इससे सेना को LoC और सीमा सुरक्षा पर ज्यादा फोकस करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही हमने उनसे यह भी पूछा कि जंगलों में ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित CoBRA कमांडो इन इलाकों में आतंकियों के खिलाफ कितने प्रभावी साबित हो सकते हैं और सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच बेहतर तालमेल इस नई रणनीति की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाएगा। अब देखना होगा कि सुरक्षा व्यवस्था में यह बदलाव जम्मू संभाग में आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशनल क्षमता को कितना मजबूत करता है।
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बाढ़ की भयावहता: शेखपुरा के कई गांव जलमग्न, पुल पर पानी चढ़ा

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा- गंगा नदी के रौद्र रूप से बिहार के कई जिलो में बाढ़ की विभीषिका झेल रहा है। शेखपुरा के टाल क्षेत्र के घाटकुसम्भा में बहने वाली गंगा की सहायक हरुहर नदी पूरे उफान पर है और उलटी धार से घाटकुसुंभा प्रखंड के दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। तेज गति से बढ़ रहे गंगा के पानी से घाटकुसम्भा प्रखंड से पानापुर पंचायत को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पानी के नीचे गई है। बौघाट से पानापुर को जोड़ने वाले मुख्य सड़क मार्ग पर बाउघाट के पास बना पुल पानी से ढका है। पुल पर करीब दो फूट पानी बह रहा है जिससे पानापुर पंचायत के 8 से ज्यादा गांव का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से टूट गया है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार पानी का दबाव बढ़ रहा है और पुल पर पानी बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई है। अगर पानी की गति तेज रही तो स्थिति और बिगड़ने की बात कही है। डीएम ने कहा कि पुल नीचा रहने के कारण पानी चढ़ गया है और बरसात के बाद पुल को ऊँचा करने को लेकर कार्रवाई करने की बात कही है।
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HC seeks clarity on RTI admissions data and SOP under RTI Act

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सरकार को तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा पेश करने कहा है। कोर्ट ने खास तौर पर आरटीई अधिनियम की धारा 12(1)(c) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की व्यवस्था और उसके पालन की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी। सीवी भगवंत राव की ओर से आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। इसके साथ ही 13 अन्य याचिकाओं पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(c) को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए वर्तमान में कौन सी SOP यानी मानक संचालन प्रक्रिया लागू है। कोर्ट ने सरकार से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक स्कूल का विस्तृत डेटा भी मांगा है। इसमें चार्ट के जरिए हर स्कूल में आरक्षित सीटों की संख्या, प्रवेश पाने वाले बच्चों की संख्या और खाली सीटों की जानकारी देनी होगी।राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता ने मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को रखने का अनुरोध किया और तब तक कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई से कम से कम सात दिन पहले सरकार को अपना हलफनामा दाखिल करना होगा और उसकी एक प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को भी उपलब्ध करानी होगी। अब सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले हलफनामे और स्कूलवार आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश में आरटीई के तहत आरक्षित सीटों पर कितने बच्चों को प्रवेश मिला है और कितनी सीटें अब भी खाली हैं। तीन साल पहले लगभग 83,000 सीटें गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित थीं। दो साल पहले सीटों की संख्या घटकर करीब 53,000 रह गई—यानी एक ही साल में 30 हजार सीटों की कमी। पिछले वर्ष यह आंकड़ा सिमटकर महज 21,000 सीटों पर आ गया। लगातार घटती सीटों पर हाईकोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि RTE पोर्टल और U-DISE के आंकड़ों का मिलान कर जिलेवार स्कूलों और विद्यार्थियों की पूरी जानकारी कोर्ट के समक्ष रखी जाए। बाइट — देवर्षि ठाकुर, अधिवक्ता, हाईकोर्ट
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अल्मोड़ा में खराब सड़कों पर कांग्रेस का प्रदर्शन, गड्ढे भरने की मांग

Almora, Uttarakhand:अल्मोड़ा नगर में बदहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सड़क के गड्ढों में पेंट कर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूपेंद्र भोज ने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण आम जनता, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है, लेकिन शासन-प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत कर गड्ढों को नहीं भरा गया तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। कांग्रेस ने शासन-प्रशासन से जल्द सड़कों को दुरुस्त करने की मांग की है।
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